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कर्नाटक विस में सीएम ने पेश किया विश्वास मत प्रस्ताव, थोड़ी देर में शुरू होगी वोटिंग

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने विश्वास मत प्रस्ताव पेश कर दिया है। प्रस्ताव पर थोड़ी देर में वोटिंग शुरू होने वाली है। इससे पहले सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनादेश भाजपा के लिए नहीं था। कर्नाटक में बहुमत परीक्षण से पहले कांग्रेस और जेडीएस के लिए विधानसभा अध्यक्ष पद का चुनाव अच्छी खबर लेकर आया है।

रमेश कुमार बने विधान सभा अध्यक्ष :

भाजपा के अध्यक्ष पद की रेस से हट जाने से कांग्रेस के रमेश कुमार निर्विरोध विधानसभा के नये अध्यक्ष चुन लिए गए। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बीएस येद्दयुरप्पा ने हाथ मिलाकर उन्हें बधाई दी।

2 बजे बेंगलुरुपहुंचेंगे राहुल और सोनिया गांधी

कर्नाटक। कांग्रेस-जेडीएस सरकार के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के लिए विपक्ष के नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी दोपहर 2 बजे बेंगलुरु पहुंचेंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू बेंगलुरु पहुंच गए हैं, जबकि तेजस्वी यादव, मायावती, ममता बनर्जी भी पहुंचे हैं।  राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ट्वीट कर कुमारस्वामी और जी. परमेश्वर को शुभकामनाएं दी हैं।

फ्रीडम पार्क में भाजपा की रैली :

दूसरी ओर बीजेपी कर्नाटक विधानसभा के बाहर फ्रीडम पार्क में कांग्रेस और जेडीएस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है। इसकी अगुवाई बीजेपी नेता येदियुरप्पा कर रहे हैं। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इस दौरान ब्लैक रिबन बांध रखा है।  बीजेपी ने जेडीएस-कांग्रेस के साथ आने को अपवित्र गठबंधन बताया है।

परमेश्वर ने कहा मेरा नाम ही काफी :

कुमारस्वामी के साथ डिप्टी सीएम की शपथ लेने जा रहे कांग्रेस नेता परमेश्वर ने दावा किया कि उनका काम ही उनकी योग्यता है।  उनका कहना है कि उन्होंने पार्टी को कई विजय दिलाई है और उपमुख्यमंत्री होने के लिए उनका दलित होना बहुत कम मायने रखता है।

घोषणा पत्र में किए वादे करेंगे पूरे :

उधर, बुधवार की सुबह जेडीएस नेता कुमारस्वामी चामुंडी हिल्स स्थित मां चामुंडी के दर्शन के लिए निकले।  उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र में जनता से किए गए सभी वादे पूरे किए जाएंगे।  खेती और किसानी उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।

तैयारियों में आई तेजी :

बेंगलुरु में कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण की तैयारियां तेजी से चल रही हैं।  समारोह के चलते 2.30 से 5.30 बजे के बीच विधानसभा जाने वाली सड़कों पर ट्रैफिक जाम हो सकता है।  इसके चलते विधानसभा के आसपास के कार्यालयों में आज आधे दिन ही कार्य होंगे।  दोपहर के 1.30 बजे विधानसभा के पास स्थित दफ्तर बंद हो जाएंगे।

फ्लोर टेस्ट कल, कैबिनेट में होंगे 34 मंत्री :

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कुमारस्वामी 24 मई को विधानसभा में बहुमत साबित करेंगे। विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के बाद कैबिनेट विस्तार किया जाएगा।  सूत्रों के मुताबिक दोनों पार्टियों में कैबिनेट में जगह को लेकर भी बातचीत फाइनल हो गई है।  कांग्रेस के 22 और जेडीएस के 12 विधायकों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

ये नेता होंगे शामिल

समारोह में शामिल होने वाले विपक्ष के दिग्गजों नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी के अलावा बीएसपी प्रमुख मायावती, सपा नेता अखिलेश यादव, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, डीएमके नेता कनिमोझी समेत अन्य दिग्गज नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

सीटों को लेकर समस्याएं :

जेडीएस के तौर तरीकों से वाकिफ हैं कांग्रेस नेता

कर्नाटक की सत्ता में भागीदारी ही नहीं, कांग्रेस के शपथ ग्रहण समारोह को देखने के लिए लगने वाली करीब 6000 वीआईपी सीटों को लेकर भी चिंता है कि उसके खाते में कितनी सीटें आएंगी। कांग्रेस के राज्यस्तरीय नेता जेडीएस के तौर तरीकों का अच्छी तरह वाकिफ हैं।

सूत्रों के मुताबिक इन कांग्रेस नेताओं को लगता है कि कहीं जेडीएस अपने नेताओं के लिए अधिक सीटों पर कब्जा न कर ले। ऐसे में पर्याप्त संख्या में पार्टी नेताओं के लिए वीआईपी सीटें सुरक्षित कर पाने को लेकर भी कांग्रेस चिंतित है।

कर्नाटक विधान सभा परिसर में जेडीएस की ओर से ऐसे कई पोस्टर लगाए गए हैं, जिसमें उसके गठबंधन में बड़े पार्टनर होने का आभास होता है।  मालूम हो कि कर्नाटक में येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद अब जेडीएस के कुमारस्वामी कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने जा रहे हैं। 

सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी बीजेपी:

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 12 मई को मतदान हुए थे, जबकि 15 मई को नतीजे आए थे। इसमें 104 सीटें जीतकर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि कांग्रेस को 78 सीटों और जेडीएस को 37 सीटों पर जीत मिली थी।

कैसे होगा आज कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट

नई दिल्ली। शनिवार की शाम को 4बजे कर्नाटक विधान सभा में फ्लोर टेस्ट होगा। इसी के जरिए ये बात साफ हो जाएगी कि येदियुरप्पा की सरकार रहेगी या फिर राज्यपाल को किसी दूसरे दल को मौका देना होगा। इसकी तैयारियां पूरी हो गई हैं। विधान सभा की सुरक्षा में 2 सौ मार्शल तैनात किए गए हैं। ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर ये फ्लोर टेस्ट क्या है? और इसकी प्रक्रिया क्या-क्या होती है?

क्या होता है फ्लोर टेस्ट : 

राज्य में सत्तारुढ़ बीजेपी की सरकार को अब बहुमत साबित करना होगा।  अमूमन राज्यपाल राज्य में सरकार बनाने वाली पार्टी को बहुमत साबित करने की बात तब कहते हैं जब उन्हें पता हो कि सरकार बनाने वाली पार्टी के पास पर्याप्त बहुमत नहीं हो। फ्लोर टेस्ट के जरिए यह फैसला लिया जाता है कि वर्तमान सरकार या मुख्यमंत्री के पास पर्याप्त बहुमत है या नहीं।  चुने हुए विधायक अपने मत के जरिए सरकार के भविष्य का फैसला करते हैं। 

फ्लोर टेस्ट सदन में चलने वाली एक पारदर्शी प्रक्रिया है और इसमें राज्यपाल का किसी भी तरह से कोई हस्तक्षेप नहीं होता।  सत्ता पर काबिज पार्टी के लिए यह बेहद जरुरी होता है कि वह फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित करे। 

प्रोटेम स्पीकर लेंगे फैसला :

 सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि यह पूरी प्रक्रिया प्रोटेम स्पीकर की निगरानी में आयोजित की जाए।  साथ ही वह फ्लोर टेस्ट से संबंधित सभी फैसले भी लेंगे।  हालांकि कांग्रेस और जेडीएस विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। 

नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ लेने के बाद प्रोटेम स्पीकर के पास दो विकल्प होंगे।  पहला यह कि फ्लोर टेस्ट कराने का फैसला लें और बहुमत के लिए वोटिंग कराने का निर्देश दे।  या फिर वो पहले सदन के स्पीकर को निर्वाचित करें।वोटिंग होने की सूरत में पहले विधायकों की ओर से ध्वनि मत लिया जाएगा।  इसके बाद कोरम बेल बजेगी।  फिर सदन में मौजूद सभी विधायकों को पक्ष और विपक्ष में बंटने को कहा जाएगा। विधायक सदन में बने हां या नहीं वाले लॉबी की ओर रुख करते हैं।  इसके बाद पक्ष-विपक्ष में बंटे विधायकों की गिनती की जाएगी।  फिर स्पीकर परिणाम की घोषणा करेंगे। 

क्या है वर्तमान स्थिति :

कर्नाटक विधानसभा चुनाव की 222 सीटों पर आए नतीजों में बीजेपी को 104 सीटें मिली, और यह संख्या बहुमत से 8 कम है।  दूसरी ओर, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37, बसपा को 1 और अन्य को 2 सीटें मिली हैं।  कुमारस्वामी ने 2 सीटों पर जीत हासिल की है, इसलिए सभी विधायकों के उपस्थित रहने पर बहुमत के लिए 111 विधायक चाहिए। 

येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता, राज्यपाल ने बहुमत साबित करने 15 दिन का दिया समय

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद पैदा हुए राजनीतिक संकट पर राज्यपाल वजूभाई वाला ने निर्णय ले लिया है। राज्यपाल ने बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिया है। कर्नाटक से बीजेपी विधायक सुरेश कुमार के मुताबिक गुरुवार सुबह 09.30 बजे येदियुरप्पा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। हालांकि राजभवन ने शपथ ग्रहण को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। राज्यपाल ने येदियुरप्पा को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया है। बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिए जाने की खबर मिलने के बाद से कांग्रेस खेमे में हड़कंप मच गया। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम और कपिल सिब्बल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राज्यपाल द्वारा उठाए गए इस कदम को गलत बताया और कहा कि बीजेपी लोकतंत्र की हत्या कर रही है। 

ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस अब इस मामले में कानून के जानकारों की राय लेकर अगल कदम उठाने की तैयारी में है। बता दें कि कर्नाटक विधानसभा में बहुमत के लिए 112 सीटों की आवश्यकता है. लेकिन बीजेपी को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीटें मिली है. सबसे बड़ा दल होने के नाते बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। वहीं कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देते हुए बहुमत का दावा किया है। कांग्रेस जेडीएस के कुमारस्वामी को सीएम बनाने पर सहमत है और आज कुमारस्वामी ने जेडीएस और कांग्रेस विधायकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात की थी।

कांग्रेस और जेडीएस अपने विधायकों के साथ पहुंचे राजभवन, सरकार बनाने का दावा

बंगलुरू। कर्नाटक विधानसभा चुनावों में त्रिशंकु विधानसभा के नतीजे के बाद अब सभी की निगाहें कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला पर टिक गई हैं। कांग्रेस-जेडीएस लगातार बहुमत का दावा कर रही है, वहीं बीजेपी कह रही है कि वह सबसे बड़ी पार्टी है। सभी की नज़रें अब राजभवन पर टिकी हैं। कांग्रेस और जेडीएस राज्यपाल वजुभाई वाला के सामने अपने विधायकों की परेड करवाएगी। कांग्रेस और जेडीएस अपने विधायकों के साथ राजभवन पहुंच गए हैं। आपको बता दें कि कर्नाटक में 222 सीटों पर मतदान हुआ था, इस हिसाब से बहुमत के लिए 112 विधायकों का समर्थन ही चाहिए।

जेडीएस विधायकों को 100 करोड़ का आॅफर, प्रकाश जावड़ेकर ने कहा ख्याली पुलाव 

बेंगलुरु। जेडीएस के नेता एच डी कुमारास्वामी ने भारतीय जनता पार्टी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके दल के विधायकों को 100 करोड़ रुपए और कैबिनेट पद की पेशकश की गई है।  इस पर पलटवार करते हुए मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कुमार स्वामी व कांग्रेस नेता ख्याली पुलाव पका रहे हैं। भाजपा तोड़फोड़ की राजनीति पर विश्वास नहीं करती है। 

बता दें कि जद (एस) के नवनिर्वाचित विधायकों की आज यहां बैठक हुई जिसमें कुमारास्वामी को पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया। नेता चुने जाने के बाद कुमारास्वामी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा से गठबंधन का कोई प्रश्न ही नहीं है और उसने हमेशा जद(एस) के वोटों को बांटने का प्रयास किया है। 

कर्नाटक विधानसभा के कल आए नतीजों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद 78 सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देने की घोषणा की है। उधर 104 विधायकों के साथ सबसे बड़े दल के रुप में उभरी भाजपा भी राज्य में सरकार बनाने के लिए प्रयासरत है। 

104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी भाजपा,  सत्ता की चाबी जेएसडी के हाथों में 

बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा 104 सीटें हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है। चुनाव में किसी को बहुमत नहीं  मिला। यानी साफ है कर्नाटक में गठबंधन की सरकार बनेगी। अब कर्नाटक के सत्ता की चाबी जेएसडी के हाथों में आ गई है।  कांग्रेस ने जेएसडी को मुख्यमंत्री पद देने के साथ ही समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। वहीं भाजपा ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने बहुमत साबित करने के लिए दो दिन का समय मांगा है। 

भाजपा की सरकार अब दो ही शर्ताें में बनते दिख रही है। पहला गठबंधन और दूसरा विपक्षी दलों के विधायकों में तोड़फोड़ कर ही भाजपा हारी बाजी को जीत सकती है। बता दें कि चुनावी परिणाम के अनुसार भाजपा को 104, कांग्रेस को 78, जेएसडी को 38 सीटें मिली है। कांग्रेस और जेएसडी को मिलाकर 116 सीटें हो रही हैं जिसके साथ आसानी से सरकार बनाई जा सकती है। 

बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता 

कर्नाटक के ही पूर्व मुख्यमंत्री एसआर बोम्मई बनाम केंद्र सरकार का एक अहम मामला कर्नाटक के संदर्भ में एक नजीर बन सकता है। आमतौर पर राज्यपाल इस निर्देश का पालन करते हुए सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का न्योता देते आए हैं। 

कांग्रेस-जेडीएस को भी मिल सकता है अवसर 

 सिद्धारमैया इस्तीफा दे चुके हैं और कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देते हुए सीएम पद का आॅफर दे दिया है। जेडीएस के कुमारस्वामी ने इस आॅफर को स्वीकार राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा कर चुके हैं।  हाल में गोवा, मेघालय और मणिपुर विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस की बजाय चुनाव के बाद बने गठबंधन को सरकार बनाने के न्योता मिला था। अब यह फैसला राज्यपाल के विवेकाधिकार में है कि वे किसे सरकार बनाने का न्यौता देते हैं।  

भाजपा के विजय रथ को छत्तीसगढ़ में रोकेंगे- भूपेश

रायपुर। कर्नाटक चुनाव के आ रहे चुनावी रुझान में भाजपा की बढ़त पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के रथ को हम छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में  रोकेंगे और यहीं से कांग्रेस की जीत की शुरूआत होगी। बता दें कि कर्नाटक में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली है। स्वयं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया चामुडेश्वरी से चुनाव हार गए हैं।

बता दें कि कर्नाटक बिता दें कि कर्नाटक विधानसभा में 224 सीटों में से 222 सीटों पर चुनाव हुआ। दो सीटों पर चुनाव स्थगित किया गया है। आज मतगणना में भाजपा बड़ी पार्टी बनकर उभर चुकी है। चुनावी रुझानों के साथ ही पूरे देश में भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी लहर है। वहीं कांग्रेसी खेमे में निराश है। 

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