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03-07-2020
स्वामी विवेकानन्द ने पूरे विश्व को ज्ञान का प्रकाश दिखाया : राज्यपाल

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। राज्यपाल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद  ने पूरे विश्व को ज्ञान का प्रकाश दिखाया। वे युवाओं को नेतृत्व करने की प्रेरणा देते थे। उन्होंने अल्प आयु में ऐसा कार्य किया, जिसके बल पर हमारा देश आध्यात्मिक नेतृत्व के रूप में विश्व में स्थापित हुआ। उन्होंने पूरे विश्व को एकात्मकता का संदेश दिया। उनका छत्तीसगढ़ से बहुत करीब का नाता रहा है। उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय छत्तीसगढ़ में बिताया। उन्हें मैं पुनः नमन करते हुए श्रद्धांजलि देती हूं।

 

02-07-2020
राज्यपाल ने कहा, युवा स्वरोजगार से जुड़े ताकि वे अपने पैरों पर खड़े होने के साथ दूसरों को भी रोजगार दे

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा कि आज जरूरत है युवा स्वरोजगार से जुड़े,इससे वे अपने पैरों पर खड़े होंगे और दूसरो को भी रोजगार देंगे। राज्यपाल ने ये बात उनसे मिलने आये राज्य कार्यालय के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसएस त्रिभुवन से कही। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर अभियान की शुरुआत की है। इसके लिए जरूरी है युवा स्वरोजगार से जुड़े। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में महिलाएं भी स्वयंसहायता समहू बनाकर स्वयं का उद्यम शुरू कर सकते हैं। इससे महिलाएं जागरूक और सशक्त होंगी। इस कोरोना काल में बड़ी संख्या में श्रमिक प्रदेश में आए हैं। उन्हें खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग से संचालित योजना सहित अन्य योजनाओं से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि वे अपना जीवनयापन कर सके। श्रमिकों और किसी भी व्यक्ति को स्वरोजगार का ऋण देने से पहले उन्हें संबंधित रोजगार का प्रशिक्षण देना चाहिए,जिससे तकनीकी रूप से दक्ष होने पर वह व्यक्ति योजना के तहत दिये जाने वाले सहयोग का सदुपयोग कर सकेगा।

राज्यपाल उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु और  मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की एक अति महत्वपूर्ण योजना है, प्रदेश के बेरोजगार युवक-युवती इसका लाभ उठाएं। त्रिभुवन ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत इस योजना के तहत स्वयं के उद्यम शुरू करने के लिए 25 लाख तक का ऋण बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें 35 प्रतिशत तक सब्सिडी हितग्राही को प्राप्त होता है। एसटी—एससी एवं महिला वर्ग को ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत तक छूट दी जाती है तथा 5 प्रतिशत तक स्वयं का अंशदान होता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 1 लाख पर एक व्यक्ति को रोजगार देना अनिवार्य होता है। इच्छुक युवक-युवतियां खादी ग्रामोद्योग के कार्यालय के संपर्क कर सकते हैं और इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे कार्यालय का दूरभाष क्रमांक 07712886428 है और वेबसाइट www.pmegpeportal.gov.in है। इस अवसर पर राज्यपाल ने खादी और ग्रामोद्योग आयोग के निर्देशिका का विमोचन किया। आयोग की तरफ से राज्यपाल को कोसे की बनी शाल और साड़ी भेंट की गई।

 

02-07-2020
राज्यपाल से लघु वनोपज के संचालक ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाली  सुविधा दिलाने का किया आग्रह

बालोद। राज्यपाल अनुसुईया उइके से गुरूवार को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के संचालक यज्ञदत्त शर्मा ने मुलाकात की। संचालक शर्मा ने प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चलाई जा रही बीमा योजना बंद होने, प्रोत्साहन बोनस वितरण नहीं होने और प्राथमिक समितियों को लाभांश नहीं दिए जाने की जानकारी राज्यपाल को दी। उन्होंने राज्यपाल को छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाली बीमा और अन्य सुविधाओं के समाप्त होने की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूरे देश में सबसे ज्यादा तेंदूपत्ता उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। इसके बावजूद तेंदूपत्ता संग्राहक एक अनूठी और व्यापक बीमा योजना से वंचित है। राज्य के लाखों तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को इस बीमा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाली बीमा और अन्य सुविधा दिलाने का आग्रह किया।

29-06-2020
आनंदीबेन पटेल को सौंपा मध्यप्रदेश का अतिरिक्त प्रभार,राज्यपाल लालजी टंडन अवकाश पर

भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के अवकाश पर होने के कारण उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को राज्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। टंडन पिछले कुछ दिनों से बीमार है और उनका लखनऊ में इलाज चल रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को संविधान के अनुच्छेद 185 और 160 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को राज्यपाल लालजी टंडन के अवकाश पर होने के कारण उनकी अनुपस्थिति में मध्यप्रदेश के राज्यपाल के पद के दायित्वों का निर्वहन करने की जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य में सियासी गतिविधियों के बीच उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को मध्यप्रदेश का प्रभार सौंपे जाने को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि आगामी एक-दो दिन में राज्य के मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली में हैं।

23-06-2020
राज्यपाल ने सफल विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं,असफल को निराश न होने की सलाह

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से जारी कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड के नतीजों में सफलता हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने कहा है कि विद्यार्थियों ने जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया है, जो उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है। उन्होंने समस्त छात्र-छात्राओं की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा है कि वे भविष्य में इसी तरह निरन्तर आगे बढ़ते रहे और अपने परिवार, राज्य और देश का नाम रोशन करें। राज्यपाल ने कहा है कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनके गुरूजनों और माता-पिता का भी महत्वपूर्ण योगदान रहता है, मैं इसके लिए उन्हें भी बधाई देती हूं। उन्होंने परीक्षा में असफल विद्यार्थियों को निराश नहीं होने की सलाह दी और कहा कि इसे ही चुनौती मानकर आगे बढ़ें, उन्हें निश्चित ही सफलता प्राप्त होगी।

 

17-06-2020
इंडियन पोडियाट्री एसोसिएशन का कार्य वास्तव में एक मानवीय कार्य : राज्यपाल

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने राजभवन में वीडियो कांफ्रेसिंग से इंडियन पोडियाट्री एसोसिएशन के छत्तीसगढ़ चेप्टर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में डायबिटिक फुट से ग्रसित मरीजों को इलाज में विशेष सुविधा मिलेगी। साथ ही इस बीमारी के प्रति आम लोगों में जागरूकता भी आएगी। इससे इस बीमारी के मरीज पैर खोने से बच जाएंगे। यह वास्तव में मानवीय कार्य है। इसके लिए राज्यपाल ने संस्था के अध्यक्ष डॉ. सुरी और छत्तीसगढ़ चेप्टर के चेयरमेन डॉ. सुनील कालड़ा को बधाई दी। यह कार्य इलाज करने के साथ-साथ लोगों को नया जीवन प्रदान करने जैसा है। राज्यपाल ने कहा कि इंडियन पोडियाट्री एसोसिएशन विशेष रूप से डायबिटिक फुट पर केन्द्रित होकर कार्य करता है, मधुमेह के रोगियों को इसके प्रति जागरूक करता है और उनका इलाज भी करता है। आज की भागमभाग की जीवन शैली तथा आनुवांशिक कारणों के कारण डायबिटिज की बीमारी आम होती जा रही है। एक अध्ययन के अनुसार भारत देश में करीब 5 से 6 करोड़ लोग मधुमेह रोग से पीड़ित हैं।

बताया जाता है कि इसके कारण ही हर साल करीब एक लाख मधुमेह रोगी अपना पैर खो देते हैं। एक सर्वेक्षण के अनुसार अधिकतम मधुमेह के रोगियों को इस स्थिति की जानकारी नहीं होती और वे अपने पैरों की नियमित जांच भी नहीं कराते।राज्यपाल ने कहा कि डॉ. कालड़ा छत्तीसगढ़ में कई वर्षों से डायबिटिक फुट के बारे में आम लोगों को जागरूक कर रहे हैं और उनका इलाज कर रहे हैं। आज मेडिकल साइंस निरंतर उन्नति कर रहा है। चिकित्सा से जुड़े समस्या की हर पहलु की माइक्रो स्टडी की जा रही है और उनमें शोध किये जा रहे हैं। इसके परिणाम स्वरूप गंभीर से गंभीर बीमारी का इलाज संभव हो पा रहा है। आवश्यकता है लोगों को जागरूकता की।इंडियन पोडियाट्री एसोसिएशन राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. ए.पी.एस. सूरी ने कहा कि हमारे देश में कई नई तकनीक ईजाद हो गई है जिससे डायबिटिक फुट का इलाज किया जा रहा है।

इस चेप्टर के यहां शुभारंभ से छत्तीसगढ़ के गांव-गांव तक इसकी इलाज की सुविधा उपलब्ध हो पाएगी। डॉ. सुनील कालड़ा ने कहा कि अब तक इस चेप्टर का 11 राज्यों में शुभारंभ हो चुका है और यह छत्तीसगढ़ में शुरू हो रहा है। यह चेप्टर निश्चित ही यहां पर मील का पत्थर साबित होगा। इससे डायबिटिक फुट के मरीज अपनी नियमित जांच करा पाएंगे और दवाईयां उपलब्ध हो पाएंगी। डॉ. राका शिवहरे के अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस चेप्टर का प्रारंभ करने का उद्देश्य मानव सेवा करना है। कार्यक्रम में डॉ. आनंद कुमार सुरी, डॉ. अनिल कुमार वर्मा, डॉ. उदय कुमार, डॉ. केतन शाह और देश-विदेश के चिकित्सक शामिल हुए।

11-06-2020
राज्यपाल ने प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारियों से कहा, आदिवासी वनों के संरक्षक है

रायपुर।  अखिल भारतीय वन सेवा (2018 बैच) के प्रशिक्षु अधिकारियों ने राज्यपाल अनुसुईया उइके से राजभवन में भेंट की। राज्यपाल ने कहा कि आदिवासियों की आजीविका वनों से जुड़ी हुई है और वे वनों के संरक्षक भी हैं। अतः उनके साथ अत्यंत संवेदशीलता और सकारात्मक सोच के साथ व्यवहार किया जाना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के साथ ही अत्यधिक वनाच्छादित प्रदेश भी है। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में वन अधिकार मान्यता पत्र देने में अच्छा कार्य हुआ है। साथ ही सामुदायिक वन अधिकार मान्यता पत्र दिये जाने के संबंध में भी और ठोस कार्य किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अनेकानेक वनौषधियां पाई जाती हैं। इनका संरक्षण किया जाना चाहिए। इसे आदिवासियों के आय का जरिया भी बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुछ क्षेत्र पांचवी अनुसूची के तहत भी आते हैं। अतः अधिकारियों के समक्ष वनवासियों का जीवन बेहतर करने और वनों को संरक्षित करने की चुनौतियां भी रहेंगी। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदेश में संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के जरिए वनों के संरक्षण और संवर्धन अच्छे प्रयास किये जा रहे हैं। राज्यपाल को प्रशिक्षु अधिकारियों ने बागवानी संबंधी पुस्तकें भेंट की। अधिकारियों को राजभवन की काफी टेबल बुक ‘नई सोच-नई पहल’ की प्रति भेंट की गई। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, राज्यपाल के सचिव सोनमणि बोरा उपस्थित थे।

10-06-2020
किसान संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर ज़िलाधीश को सौंपा ज्ञापन

राजनांदगांव। जिला किसान संघ के बैनर तले बुधवार को राज्यपाल के नाम अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज़िलाधीश को ज्ञापन सौंपा। इसमें धान खरीदी के अंतर की राशि का एक मुश्त भुगतान, बिजली का निजीकरण, 2017 का सहकारी बैंक का कर्ज माफ,सहित अन्य अनेक मांगें शामिल थी।प्रदर्शन में जिले भर से किसान संघ के पदाधिकारी व किसान प्रतिनिधि शामिल हुए।

05-06-2020
पर्यावरण सृष्टि का अमूल्य उपहार, संरक्षण का प्रयास करें : राज्यपाल

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नागरिकों से इसके संरक्षण का आह्वान किया है। राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए समर्पण भाव से एकजुट होकर प्रयास करें। पर्यावरण सृष्टि का अमूल्य उपहार है। इसे हमें सहेज कर रखना होगा। प्राचीनकाल में हम पर्यावरण के महत्व को समझते थे और प्रकृति के साथ एक संतुलन की स्थिति थी, लेकिन आज आधुनिक विकास की दौड़ में मानव और प्रकृति के बीच असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, बाढ़, सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। यह समय आ गया है कि हम सजग रहकर पर्यावरण को बचाने का प्रयास करें। राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए अपने आसपास के स्थान में स्वच्छता बनाएं रखें, नदी, तालाब, पोखर को दूषित न करें। प्रदूषण रोकने और पर्यावरण को बचाने के लिए कम से कम एक पौधा लगाएं और उनका संरक्षण भी करें। घर में बच्चों को पर्यावरण का महत्व समझाएं और उन्हें पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाएं।

27-05-2020
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के वेबसाइट का किया लोकार्पण

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने  बुधवार को राजभवन में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को समाज की पत्रिका ‘छत्तीसगढ़ी संगठन युग’ भेंट की। राज्यपाल ने पत्रिका का वार्षिक विशेषांक ’मंगल माधुरी’ का विमोचन भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज अपनी दानशीलता के कारण जाना जाता रहा है। वे सदैव आगे आकर दीन दुखियों की सेवा करते हैं। छत्तीसगढ़ में चिकित्सालय, शिक्षण संस्थाओं के लिए समाज ने आगे बढ़कर दान दिया है, इन संस्थानों के माध्यम से कई लोगों की सेवा हो रही है। इस वेबसाइट का निर्माण सराहनीय कार्य है। इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोग छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के कार्यों के बारे में जान सकेंगे।

छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज रायपुर के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान समाज द्वारा 73 टन सब्जी और सूखा राशन, मास्क का वितरण किया गया। साथ ही छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज को एक दहेजमुक्त समाज का गौरव प्राप्त है ।छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के द्वारा दान की गई भूमि पर दाउ कल्याण सिंह सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, एम्स और तेलीबांधा तालाब जैसे संस्थाओं का निर्माण हुआ है। समाज सदैव कल्याणकारी कार्यों के लिए अग्रसर रहता है। इस अवसर पर अजय दानी, जेपी अग्रवाल, अरविन्द अग्रवाल उपस्थित थे।

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