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16-09-2020
विश्वकर्मा जयंती पर राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने शिल्प और सृजन के देवता भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने इस अवसर पर निर्माण व सृजन से जुड़े सभी लोगों के सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की है।

 

 

15-09-2020
तीन सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीण उतरे सड़क पर,राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

बीजापुर। जिले के गंगालूर और दर्जनों गांवों हज़ारों ग्रामीणों अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर रैली के माध्यम से जिला मुख्यालय पहुंचे और अपनी मांगों का ज्ञापन राज्यपाल के नाम एसडीएम हेमेंद्र भुआर्य को सौपा। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले गंगालूर में हज़ारों ग्रामीण एक जुट हुए थे और कोरोना संक्रमण के संबंध में ग्रामीणों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा था।डिप्टी कलेक्टर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को समझया और हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया था,उसके बाद ग्रामीण अपना धरना खत्म कर वापस अपने गांव लौट गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि ज्ञापन देने के बाद भी हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसलिए मंगलवार को दोबारा रैली निकाल जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप रहे हैं। राज्यपाल को ग्रामीणों के द्वारा दिए गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से वर्तमान समय में जिला चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्र के ग्रामीणों को कोरोना संक्रमण नहीं होने के बावजूद भी उन्हें उठाकर जबरदस्ती हॉस्पिटल में भर्ती कराया जा रहा है। खाने-पीने व इलाज सही तरीके से नहीं हो रहा है। शासकीय अस्पताल एवं प्राइवेट अस्पताल में कोरोना का अफवाह फैला कर कोरोना के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को हटाकर नए प्रभारी नियुक्त करने की बात भी आवेदन में लिखी गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बीजापुर बीआर पुजारी ने कहा कि क्षेत्र में काफी समय से अपनी सेवा दे रहा हूं। अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रों में पैदल जाकर सेवा देता हूं,पर आज रैली निकाल कर राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने नाम ज्ञापन में मेरे नाम का उल्लेख कर आवेदन दिया गया। इससे में बहुत आहत हुआ हूं। ग्रामीणों का मेरे खिलाफ आना यह किसी की साजिश भी हो सकती है और मेरे जान को भी खतरा हो सकता है। कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने कहा कुछ महीना पूर्व माओवादियों ने संगठन की एक अपनी महिला साथी को कोरोना होने पर संगठन से दूर करने वाले आज कोरोना के नाम पर भ्रामक जानकारी फैला कर ग्रामीणों को गुमराह कर रही है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा,सड़क,शिक्षा की सुविधा जिले के ग्रामीण क्षेत्रो में चल रहा है। इस भयानक महामारी के दौर में भी स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर व कर्मचारी नदी,नाला,पहाड़,पैदल चलकर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर मलेरिया,कोरोना के अलावा बच्चों के टीकाकरण जैसे कई कार्य करते हैं। उसके बाद भी आरोप लगाना समझ से परे है। जिला प्रशासन ग्रामीणों से अपील करती है की भ्रामक जानकारी फैलाने वाले माओवादियों के झांसे में ना आकर रैली निकाल कर समूह में खड़े होकर अपनी जान खतरे में ना डालें ग्रामीण। कोरोना एक महामारी वायरस का नाम है। कोरोना होने के बाद भी डॉक्टरों के द्वारा इलाज़ करने पर जिले में अभी काफी लोग ठीक हो चुके हैं। जिले मैं अब तक कई लोग इस महामारी के चपेट में आ चुके हैं और कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके है। इस समय गंगालूर ,चेरपाल से रैली ज्यादा होने की वजह से अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रो के बच्चे,बूढ़े भी इस महामारी की चपेट में आ सकते हैं। भ्रामक जानकारी से खुद भी बचे और दूसरों को भी बचाएं।

 

14-09-2020
राज्यपाल अनुसुईया उइके ने पूर्व मंत्री चनेशराम राठिया के निधन पर दुख व्यक्त किया

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने पूर्व मंत्री चनेशराम राठिया के निधन पर दुख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। उनके शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। विदित हो कि सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लालजीत राठिया के पिता स्व.चनेशराम राठिया मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन में मंत्री रहे। खाद्य सहित अनेक महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली।

 

13-09-2020
कंगना रनौत ने की राज्यपाल से मुलाकात, कहा- मेरे साथ जो अन्याय हुआ,वो सब गवर्नर को बताया  

मुंबई। अभिनेत्री कंगना रनौत ने रविवार को महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। कंगना रनौत ने राज्यपाल से मिलकर अपने साथ हुए अन्याय के बारे में बताया। राजभवन में कंगना ने राज्यपाल से मिलकर  पिछले कुछ दिनों में मुंबई में उनको लेकर घटे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद कंगना रनौत ने कहा, 'मेरे साथ जो अन्याय हुआ, उसपर बात की। वो हमारे गार्जियन हैं। मुझे उम्मीद है कि मुझे न्याय मिलेगा। मैं राजनेता नहीं हूं और राजनीति से कोई लेनादेना नहीं है। आज अचानक से मेरे साथ अभद्र व्यवहार हुआ है। राज्यपाल ने मुझसे बेटी की तरह मुलाकात की। बता दें कि इससे पहले भगत सिंह कोश्यारी ने भी बीएमसी की कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने इसे लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के प्रमुख अडवाइजर अजॉय मेहता को तलब कर सीएम के इस 'बेतुके सलूक' पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। वहीं, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने महाराष्ट्र के गवर्नर से मुलाकात कर कंगना रनौत के दफ्तर पर बीएमसी की कार्रवाई को गलत ठहराते हुए मुआवजे की मांग की थी। मुंबई के पाली हिल में स्थित कंगना रनौत के ऑफिस को अवैध तरीके से बना हुआ बताकर बीएमसी ने बीते बुधवार को वहां तोड़फोड़ की थी। हालांकि कंगना ने तोड़फोड़ रोकने के लिए मुंबई हाईकोर्ट से स्टे ले लिया लेकिन बीएमसी इससे पहले ही उनका काफी नुकसान कर चुकी थी।

 

13-09-2020
राज्यपाल को रक्त से हस्ताक्षरित ज्ञापन सौपेंगे निवेशक 

रायपुर। फर्जी चिटफंड कंपनियों से पीड़ित निवेशकों के हित में संघर्षरत से संस्था छत्तसीगढ़ नागरिक अधिकार समिति ने आंदोलन के अगले चरण में सोमवार 14 सितंबर को सैकड़ों निवेशकों के खून से हस्ताक्षरित ज्ञापन राज्यपाल के नाम सौंपने का ऐलान किया है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष शुभम साहू ने कहा है कि फर्जी कंपनियों की धोखाधड़ी से अपना सब कुछ गवा बैठे निवेशकों को कोरोना काल मे तत्काल राहत की जरूरत है। इस कठिन समय में सरकार को अपना चुनावी वायदा पूरा करते हुए निवेशकों के लिए एक आकर्षक पैकेज लेकर सामने आना चाहिए।कोरोना के दौर में राज्य सरकार की मुश्किल नहीं बढ़ाकर लाखों निवेशक धैर्य के साथ अपने भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लेकिन सरकार की टाल मटोल की नीति से धैर्य चूक रहा है। अतः इस मुद्दे को हल न किये जाने पर एक बड़ा आंदोलन पुनः छिड़ सकता है। 14 सितंबर को चेतावनी दिवस के माध्यम से महामहिम राज्यपाल से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप का अनुरोध किया जायेगा।

11-09-2020
जिले के हजारों ग्रामीण उतरे सड़क पर,राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

बीजापुर। जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक में कई गांव के ग्रामीण भारी संख्या में पातरपारा में अपनी 20 सूत्री मांगों को लेकर इकट्ठा हुए। ग्रामीणों ने राज्यपाल के नाम एसडीएम भोपालपटनम एआर राणा को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने ग्रामीणों से कहा कि उनकी मांगों को यथाशीघ्र सरकार के समक्ष रखी जाएगी और जल्द इसके निराकरण का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कोरोना महामारी के संकट में इस तरह सामूहिक रूप से इकट्ठा होना खतरनाक है। उन्होंने कहा कि सभी से निवेदन है अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार सामूहिक रूप में जमा न हो। 

 

05-09-2020
नई शिक्षा नीति पर राष्ट्रपति सभी राज्यपालों से 7 को वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे

रायपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद “नई शिक्षा नीति 2020” विषय पर सभी राज्य के राज्यपालों के साथ 7 सितंबर को वीडियो कॉफ्रेंसिंग करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे से 5 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश ओखरियाल निशंक भी उपस्थित रहेंगे। इसमें छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके और सभी राज्यों के राज्यपाल, उपराज्यपाल व कुलपति शामिल होंगे।

 

05-09-2020
मन्दिरहसौद बस हादसे पर दुःख व्यक्त किया अनुसुईया उइके ने घायलों की शीघ्र स्वस्थ होने की कामना

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने रायपुर के मंदिर हसौद के पास हुए सड़क हादसे में श्रमिकों के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने उनकी आत्मा की शान्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। राज्यपाल ने घायलों की शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।

02-09-2020
बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा दिलाने राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम जनता कांग्रेस  ने सौंपा ज्ञापन

बीजापुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़(जे) के जिला अध्यक्ष सकनी चन्द्रैया व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं जेसीसीजे नेत्री जमुना सकनी व चारों ब्लॉक के पार्टी कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने जिले के बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा किया था।  पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के लिए राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़(जे) ने ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि जिस परिवार का मकान बाढ़ की चपेट में आने से ढह गया उन्हें कम से कम दो कमरे का पक्का मकान की स्वीकृति प्रदाय कर निर्माण करने की कार्यवाही की जावे।पशुहानि मे पर्याप्त मुआवजा राशि प्रदाय की जावे। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के अध्यनरत छात्र-छात्राओं को शासन की ओर से पुस्तक, गणवेश सहित निशुल्क शिक्षा प्रदाय की जावे। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध की जावे।

बाढ़ के चपेट में आये परिवार का किसान किताब(पट्टा),राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र आदि का गुम या क्षति हुई है उसे गांव में ही शिविर लगवा कर वितरण की जाय। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में फसल हानि पर किसान को प्रति एकड़ दस हजार रूपये का मुआवजा राशि एवं किसान द्वारा ली गई सभी प्रकार के कर्जा माफ किया जाय। इस दौरान जिला अध्यक्ष सकनी चन्द्रैया, जेसीसीजे नेत्री एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जमुना सकनी, सरपंच गुड्डू कोरसा, अंजली अरोला, सुनीता तिवारी, दीपक मरकाम,चल्मैया अंगनपल्ली, मुकेश हेमला, रोशन झाड़ी, बालकिशन बजाज, रामचन्द्रम एरोला, दिनेश मिच्चा, लालू मोड़ियाम व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

01-09-2020
छत्तीसगढ़ के कण-कण में बसे हैं राम, यहां लोगों की जीवन शैली राममय : राज्यपाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कण-कण में राम बसे हैं। यहां के लोगों की जीवन शैली पूरी तरह से राममय हैं। जन्म से लेकर मृत्यु तक की यात्रा में भगवान राम का प्रभाव है। छत्तीसगढ़ को दक्षिण कोसल के नाम से जाना जाता है। यह वह पुण्य भूमि है, जिसे भगवान श्रीराम का सान्निध्य मिला और अनेक पुण्य आत्माओं का भी जन्म हुआ है। अनेक ऋषि-मुनियों का आशीर्वाद प्राप्त है। ये विचार सोमवार को राज्यपाल अनुसुईया उइके ने व्यक्त किए। राज्यपाल ‘‘दक्षिण कोसल में राम कथा की व्याप्ति और प्रभाव’’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय वेबशोध संगोष्ठी में शामिल हुईं। संगोष्ठी गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर, अयोध्या शोध संस्थान, अयोध्या, उत्तर प्रदेश शासन तथा सेंटर फॉर स्टडीज ऑन होलिस्टिक डेवलपमेन्ट रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। 

राज्यपाल ने कहा कि, मुझे बताया गया है कि यह संगोष्ठी ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया ऑफ रामायण तैयार करने की दृष्टि से आयोजित की जा रही है। यह विषय संपूर्ण भारतवासियों ही नहीं पूरे विश्व में हमारी भारतीय संस्कृति के जो उपासक हैं, उन सभी के लिए महत्वपूर्ण हैं।राज्यपाल ने कहा कि, यहां की भूमि और यहां के लोगों में भगवान श्रीराम का इतना प्रभाव है कि उनकी सुबह राम नाम के अभिवादन से होती है। जब वे किसी से मिलते हैं तो वे एक दूसरे से राम-राम कहकर अभिवादन करते हैं। उनके नाम में भगवान राम का उल्लेख मिलता है। हम यदि गांव में जाएं तो वहां के लोग रामचरित मानस का पाठ करते मिलते हैं और पुण्य लाभ लेते हैं। छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में कई रामायण मंडली होती है, जिसके बीच प्रतियोगिता भी होती है। अभी भी कई स्थानों पर रामलीला का मंचन होता है। दशहरे के समय तो यहां की रौनक देखते ही बनती है।

उन्होंने कहा कि, भगवान राम का संपूर्ण जीवन प्रेरणादायी है। उनके जीवन से हमें समन्वयवादी जीवन शैली अपनाने की प्रेरणा मिलती है। हम छत्तीसगढ़ को देखें तो यहां भी समन्वयवादी संस्कृति मिलती है। यह सब भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से ही संभव हो पाया है। छत्तीसगढ़वासियों के मन में भगवान राम के प्रति अथाह प्रेम है। यहां एक समुदाय ऐसा भी है, जिसके सदस्य अपने पूरे शरीर में भगवान राम के नाम का गोदना गोदवा लेते हैं। भगवान राम के प्रति ऐसा समर्पण शायद ही कहीं देखने को मिले। इसे रामनामी सम्प्रदाय के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि, हम छत्तीसगढ़ में भगवान राम के प्रति प्रेम भाव की बात करें तो कवर्धा जिले में एक पंचमूखी बुढ़ा महादेव मंदिर का उल्लेख किया जाना चाहिए। जहां पर अनवरत रामधुन गाई जाती है। यही नहीं इस प्रदेश में भगवान श्रीराम इतने गहराई तक समाए हुए हैं कि एक मुसलमान कथा वाचक दाउद खान रामायणी जैसे महापुरूष हुए, जिनमें राम के प्रति इतनी आस्था थी कि आजीवन रामकथा का वाचन करते रहे और उन्हें पूरी रामकथा कंठस्थ थी।

राज्यपाल ने कहा कि, छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल माना जाता है। यह माना जाता है कि रायपुर जिले के चन्द्रखुरी नामक गांव में माता कौशल्या का जन्म हुआ था, इसका प्रमाण है कि वहां माता कौशल्या का एकमात्र मंदिर स्थापित है। इस नाते भगवान राम को पूरे छत्तीसगढ़ का भांजा माना जाता है। इसलिए भांजे को श्रेष्ठ स्थान देने की परम्परा है और उनके पैर भी छुए जाते हैं। छत्तीसगढ़ को दण्डकारण्य भी कहा जाता है, जहां वनवास के दौरान भगवान राम अधिकतम समय व्यतीत किया था, जिस दक्षिण पथ मार्ग से वे लंका विजय के लिए गये उसे हम राम वन गमन पथ के नाम से जानते हैं। राज्य शासन ने इसे विकसित करने की योजना बनाई गई है।

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