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16-09-2020
पिता और बड़े पिता का इलाज करने वाले बैगा की नृशंस हत्या करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर/सुकमा। जिले के कूकानार थाना क्षेत्र के ग्राम पालेम में दो युवकों ने सिरहा मुचाकी कोशा की नृशंस हत्या कर शव को गांव के तालाब में फेंका दिया था। कूकानार पुलिस ने हत्या के आरोपी माड़वी लच्छुराम व माड़वी हूंगा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल दाखिल कर दिया है। हत्या के आरोपी लच्छुराम व हूंगा ने बताया कि चार पांच वर्ष पहले मृतक मुचाकी कोशा ने मेरे पिता माड़वी बामन व मेरे बड़े पिता माड़वी जोगा जो कि गांव में पुजारी का काम करते थे। उनकी जादू टोने के द्वारा इलाज किया था। उसके बाद दोनों की अलग-अलग समय में मृत्यु हो गई थी। उसके बाद भी हमारे परिवार में आये दिन कुछ न कुछ परेशानी आती रही जिसे लेकर सिरहा गुनियां कराने पर सभी मुचाकी कोशा किया गया है कहते थे, जिसके कारण सिरहा मुचाकी कोशा की हत्या करना बताया।

12-09-2020
खनिज विभाग ने की छापामार कार्रवाई, पकड़ी गई अवैध रूप से भंडारित रेत

सुकमा। कलेक्टर चन्दन कुमार के निर्देश के बाद जिले में अवैध रेत के मामलों में तेज़ी से कार्रवाई की जा रही है। अवैध रेत खनन और भंडारण के विरुद्ध प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की गई। खनिज विभाग ने कोन्टा के ग्राम फंडीगुड़ा में दबिश देकर अवैध रेत भंडारण पर जब्ती और जुर्माने की कार्यवाही की। शबरी नदी से खोदकर लगभग 1500 घन मीटर अवैध रूप से भंडारित रेत जब्त की है। खनिज अधिकारी ने बताया कि 2 लाख 25 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया है। खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 में अवैध परिवहन के 12 प्रकरणों में अब तक 92 हजार रुपये का अर्थदण्ड वसूली गई है। वहीं अवैध भंडारण की इसके पहले दो प्रकरणों में 1 लाख 65 हजार राशि का अर्थदंड लगाया गया था।
कलेक्टर चन्दन कुमार ने जिले में रेत के अवैध कारोबार के मामले में अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। अवैध रेत के भंडारण, अनुमति और उत्खनन, परिवहन के साथ-साथ रॉयल्टी पर्ची आदि सभी दस्तावेजों के परीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी। अवैध रेत खनन व धंधा करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर है और ऐसे अवैध धंधे करते पकड़े जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

09-09-2020
सुकमा जिला पंचायत की बैठक में पहुंचविहीन गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए मुरुम मिट्टी की सड़क बनाने का प्रस्ताव

रायपुर /सुकमा। जिला पंचायत के सभाकक्ष में सामान्य प्रशासन की बैठक हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी ने समिति के सदस्यों से डीआरडीए कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए मांग और 20 व्याख्याता पंचायत के परिवीक्षा अवधि पूर्ण करने पर परिवीक्षा अवधि समाप्ति के प्रस्ताव पर चर्चा की। उन्होंने अंदरुनी क्षेत्रों के पहुंचविहीन गांव,जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से नहीं जुड़ पा रहे,वहां मिट्टी मुरम का सड़क बनाने के लिए प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे शौचालयों की जानकारी भी ली। समिति ने अन्य आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा की। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नूतन कुमार कंवर, जिला पंचायत सदस्य एवं संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

27-08-2020
नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा में पेड़ के नीचे पढ़ रहें बच्चों को देखकर गदगद हुए कमिश्नर और आईजी

रायपुर। बस्तर कमिश्नर अमृत खलखो और आईजी सुंदरराज पी. गुरूवार को सुकमा जिला मुख्यालय के बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा करने पहुंचे। उन्होंने झापरा, कुम्हाररास, एनएच 30 बाईपास व वार्ड क्रमांक 13 शबरी नगर में बाढ़ प्रभावित इलाके का जायजा लिया और प्रभावितों से चर्चा करके उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान कलेक्टर चंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित अन्य अधिकारी भी उनके साथ थे। शबरी तट पर बसे शबरी नगर में बाढ़ प्रभावितों से मिलने पहुँचे कमिश्नर और आईजी के सामने सुकमा नगर पालिका अध्यक्ष  राजू साहू और उपाध्यक्ष आयशा हुसैन ने वार्ड क्रमांक 3, 6, 11, 12 व 13 में रिटेनिंग वाल बनाने के लिए मांग पत्र कमिश्नर को सौंपा, जिस पर उन्होंने जल्द स्वीकृति देने की बात कही। इस दौरान शबरी नगर के बाढ़ प्रभावितों ने जिला व नगरीय प्रशासन के कार्य की तारीफ की। प्रभावितों ने कहा कि बाढ़ के दौरान कलेक्टर चंदन कुमार व उनकी टीम द्वारा हर संभव मदद उपलब्ध कराया गया, राहत शिविर में भी बेहतर इंतजाम किए गए थे। इसके उपरांत कमिश्नर व आईजी ने सुकमा के कुम्हाररास क्षेत्र में कोविड सेंटर (नवा अभियान) पहुँचकर सेंटर प्रभारियों से चर्चा किए।

सेंटर में कोविड संक्रमण को रोकने के लिए किए जा रहें प्रयासों के बारें जानकारी ली गई । कमिश्नर और आईजी जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ राम वन गमन पथ के प्रमुख स्थलों में से एक सुकमा के रामाराम मंदिर के विकास कार्यों का अवलोकन करने रामाराम पहुंचे थे। तभी गांव में नेटवर्क नहीं होने के कारण पेड़ के नीचे पढ़ रहें बच्चों पर उनकी नजर पड़ी, उन्होंने बच्चों के पास जाकर उनसे चर्चा की जिस पर बच्चों ने बताया कि पढ़ाई तुंहर द्वार के तहत उनकी ऑनलाइन क्लासेज चल रही हैं वो रोज इसी तरह यहां आकर पढ़ते हैं। नक्सल क्षेत्र में शिक्षा के लिए बच्चों में इस प्रकार की ललक देखकर कमिश्नर और आईजी सहित अन्य अधिकारी अभिभूत हुए। सुकमा प्रवास में  कमिश्नर खलखो और आईजी सुन्दरराज ने सुकमा के प्रमुख पर्यटन केन्द्र तुंगल डेम में बाढ़ के समय उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला बल और नगर सेना के 51 अधिकारी-कर्मचारी को सम्मानित किए।

 

17-08-2020
प्रदेश के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति, सुकमा के कई इलाकों को कराया गया खाली...

रायपुर। पिछले 48 घंटों से हो रही बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसी प्रकार राजधानी के जलविहार कॉलोनी, गुढ़ियारी, न्यू राजेंद्र नगर, कालीबड़ी, टिकरापारा, भनपुरी के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। रिमझिम बारिश के बाद शहर की प्रमुख सड़कों पर जल भरा रहा। 

मौसम विज्ञान विभाग ने अभी भी प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है। बिलासपुर, सुकमा, जगदलपुर, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद कई जिलों में ताबड़तोड़ बारिश के कारण जलभराव की स्थिति निर्मित रही। फिलहाल बारिश की फुहारें अभी भी जारी है। वहीं सुकमा क्षेत्र में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पुरानी बस्ती को खाली करा दिया गया है।

14-08-2020
सुकमा जिले में शबरी नदी उफान पर कई क्षेत्र टापू में तब्दील...

रायपुर/सुकमा। सुकमा जिले में शबरी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्र टापू में तब्दील हो गए हैं। जिले की सारे नदी-नाले उफान पर है, जिसके कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं नदी से सटे शहरी व ग्रामीण इलाकों में मुनादी कर ग्रामीण सुरक्षित रहने की अपील कर रहे हैं। फिलहाल पूरी स्थिति पर कलेक्टर ने नजर बनाई रखी है।

11-08-2020
Video: नक्सलियों ने कलागजग का वीडियो किया जारी, 21 हजार ग्रामीणों के जुटने का दावा

सुकमा। नक्सलियों ने कलागजग का वीडियो जारी किया है। 17 से 19 जून तक सुकमा बीजापुर जिले की सीमा पर यह कार्यक्रम हुआ है। नक्सलियों के कार्यक्रम मे 21 हजार ग्रामीणों के जुटने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में बड़ी संख्या में ग्रामीण दिखाई दे रहे हैं। सुकमा बीजापुर के हजारों ग्रामीण एकत्रित हुए थे। नक्सलियों की दक्षिण सब जोनल ब्यूरो ने वीडियो जारी किया है।

07-08-2020
BREAKING: नक्सलियों ने दी सफाई, कहा-किया जा रहा झूठा प्रचार, पढ़े पूरी खबर..

सुकमा। दंतेवाड़ा के एक पत्रकार की नक्सलियों द्वारा हत्या करने संबंधी फरमान जारी करने की अफवाह पिछले कई दिनों से चल रही है। अब इस मसले पर नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी कर अपना पक्ष रखा है। नक्सलियों की दरभा डिवीजन कमेटी द्वारा शुक्रवार को जारी हस्तलिखित पर्चे में कहा गया है कि, ‘पत्रकार मंगल कुंजाम की हत्या करने का कोई लक्ष्य नहीं है। पत्रकार की हत्या कर संगठन को क्या फायदा होगा। इस बारे में झूठा प्रचार किया जा रहा है।’
बता दें कि कई दिनों से यह चर्चा चल रही है कि किरन्दुल के एक पत्रकार की नक्सलियों द्वारा हत्या करने की प्लानिंग की जा रही है। हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस ने पत्रकार को अलर्ट भी किया था। इस कथित फरमान के बाद से पत्रकार बिरादरी में भी असमंजस की स्थिति बन गई थी। इधर अब इस पूरे मामले में माओवादियों ने अपनी सफाई देते हुए ऐसे किसी फरमान को सिरे से खारिज किया है और इसे सरकार की साजिश करार दिया है। 

 पवन कुमार की रिपोर्ट

 

 

05-08-2020
प्रवेश द्वार से लेकर लैंप पोस्ट तक सब कुछ होगा राममय,मुख्यमंत्री के समक्ष हुआ कार्य योजना का प्रस्तुतीकरण

रायपुर। कोरिया से सुकमा तक निर्मित होने वाला राम वन गमन पथ कदम-कदम पर राममय होगा। छत्तीसगढ़ शासन ने जो कार्ययोजना तैयार की है, उसमें तीर्थ एवं पर्यटनों स्थलों के द्वार से लेकर लैंप-पोस्ट और बैंच तक के सौंदर्यीकरण का विशेष ध्यान रखा गया है। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को राम वन गमन पथ की यात्रा के दौरान पग-पग पर भगवान श्रीराम के दर्शन होंगे। राम वन गमन पथ के मुख्य मार्ग सहित उप मार्गाें की कुल लम्बाई लगभग 2260 किलोमीटर है। इस मार्ग के किनारे जगह-जगह संकेतक तीर्थ स्थलों एवं पर्यटनों की जानकारी सहित भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ी कथाएं देखने और सुनने को मिलेंगी। वन गमन पथ के दोनों ओर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण भी किया जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के दिलों दिमाग में प्रभु श्रीराम के वनवास का अहसास बना रहे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता वाली राम वन गमन परियोजना का कान्सेप्ट प्लान तैयार हो चुका है। मुख्यमंत्री बघेल की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पर्यटन सचिव पी.अनबलगन ने इस संबंध में योजना की विस्तृत जानकारी पावरप्वांईट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी। 137 करोड़ 75 लाख रुपये की कुल लागत वाली इस परियोजना पर इसी अगस्त महीने के अंतिम सप्ताह से काम शुरु हो जाएगा। इसकी शुरुआत रायपुर के निकट स्थित चंदखुरी से होगी। चंदखुरी भगवान राम का ननिहाल है। यहां माता कौशल्या का प्राचीन मंदिर है, जो सातवीं शताब्दी का है। माता कौशल्या मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण तथा विकास के लिए 15 करोड़ 45 लाख रुपये की योजना तैयार की गई है।

अंबलगन ने बताया कि इस परियजोना के तहत लगभग 2260 किलोमीटर सड़कों का विकास किया जाएगा। लगभग 1400 किलोमीटर सड़कों के दोनों ओर वृक्षारोपण कार्य किया जाएगा। राम वन गमन पथ पर पहले चरण में जिन 9 स्थानों का चयन किया गया हैं, उन सभी में आकर्षक लैंडस्केप तैयार किया जाएगा। इन सभी स्थानों पर पर्यटकों के लिए नागरिक सुविधाओं का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। विश्वस्तरीय अधोसंरचनाओं के निर्माण के दौरान उच्च कोटि का प्री-कास्ट और फेब्रीकेशन वर्क सुनिश्चित किया जाएगा। सभी स्थानों पर भव्य द्वार बनाए जाएंगे, जिनके शीर्ष पर भगवान राम का धनुष और उसकी प्रत्यंचा पर रखा हुआ तीर होगा। द्वार पर जय श्रीराम के घोष के साथ राम-पताका लहरा रही होगी। तीर्थ-पर्यटनों पर स्थापित किये जाने वाले लैंपोस्ट भी प्राचीन काल की याद दिलाएंगे। इनके शीर्ष पर भी भगवान श्रीराम की आकृति होगी। एक अन्य डिजाइन में लैंपपोस्ट के शीर्ष पर भी तीर-धनुष स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राम वन गमन परिपथ में कोरिया से लेकर सुकमा तक सूचनात्मक स्वागत द्वार स्थापित किये जाएंगे। यात्रियों को इससे पता चल सकेगा कि वे परिपथ पर सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। किसी पडाव में पहुंचने पर एक खास डिजाइन का साइन बोर्ड उनका स्वागत करेगा। परिपथ में सड़क के किनारे विभिन्न स्थानों की दूरी और दिशा बताने वाले डायरेक्शन-पोस्ट भी स्थापित किए जाएंगे। इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि पर्यटन-तीर्थों में धार्मिक-स्थलों के आसपास सजने वाले पूजन-सामग्रियों के परंपरागत बाजार को भी व्यवस्थित कर नये तरह से डिजाइन किया जाए। इन बाजारों में आधुनिक तरीके से निर्मित, किंतु प्राचीनता की याद दिलाते स्टाल स्थापित किये जाएंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग स्थलों को भी अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित किया जाएगा।

सभी पर्यटन-तीर्थों में विशेष साज सज्जा वाले पर्यटक सूचना केंद्र स्थापित किये जाएंगे। राम वन गमन पथ का रूट मैप तैयार कर संबंधित विभागों को भेज दिया गया है। चंदखुरी, शिवरीनारायण, तुरतुरिया और राजिम के लिए परियोजना-रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। शिविरीनरायण ब्रिज के ऊपर लेजर लाइट शो का इंतजाम भी होगा। धमतरी जिले में सप्तऋषि आश्रम का सौंदर्यीकरण तथा विकास किया जाना है। नगरी को पर्यटन हब के रूप में विकसित किए जाने की योजना है। विभिन्न स्थानों पर बायोडायवर्सिटी पार्क का भी निर्माण किया जाएगा। पर्यटन विभाग द्वारा इतिहासकारों से चर्चा कर विभिन्न शोध पत्रों और प्राचीन मान्यताओं के आधार पर छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ के 75 स्थलों को चिन्हित किया गया है। प्रथम चरण में जिन 9 स्थलों का विकास किया जा रहा है, उनमें सीतामढ़ी हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (सरगुजा), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर) और रामाराम (सुकमा) शामिल हैं। फिलहाल प्रथम चरण में 5 स्थलों के विकास एवं सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी जा चुकी है। एक वर्ष की अवधि में निर्माण एजेंसियों द्वारा कार्ययोजना के अनुसार कार्यों को पूरा कराया जाएगा। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने राम वन गमन पथ के प्रमुख स्थलों के बारे में जनसामान्य को जानकारी देने के लिए सड़क के किनारे उपयुक्त स्थलों पर साइनबोर्ड लगाए जाने का सुझाव दिया। चंदखुरी स्थिति माता कौशल्या मंदिर परिसर सहित अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास एवं सौंदर्यीकरण के संबंध में मंत्री मोहम्मद अकबर, टी एस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, डॉ. ओमप्रकाश डहरिया, अमरजीत भगत ने कई उपयोगी सुझाव भी दिए। इस दौरान मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम,  कवासी लखमा, गुरु रुद्रकुमार, मंत्री अनिला भेंडिया, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, चंद्रदेव राय, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, प्रदीप शर्मा,रूचिर गर्ग, मुख्य सचिव आर.पी. मंडल, अपर मुख्यसचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव वन मनोज कुमार पिंगुवा, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ.एम.गीता, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

28-07-2020
सुकमा जिले के केरलापाल को किया गया कंटेंमेंट ज़ोन घोषित

सुकमा। जिले के केरलापाल में दो व्यक्तियों को कोरोना पाजिटिव मिलने के बाद प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस हुए मुस्तैद हो गया है। केरलापाल को कंटेंमेंट ज़ोन घोषित किया गया। स्वयं कलेक्टर चंदन कुमार, एसपी शलभ सिंहा, एएसपी सुनील शर्मा, एसडीओपी प्रतीक चतुर्वेदी मुआयना करने पहुँचे। क्षेत्र में सोमवार से स्वास्थ अमले सहित एसडीएम, एसडीओपी और पुलिस जवान सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

 

22-07-2020
44 आत्मसमर्पित नक्सलियों को दी गई 4.40 लाख की प्रोत्साहन राशि

रायपुर/सुकमा। सुकमा जिला कलेक्टर चन्दन कुमार ने छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से 44 आत्मसमर्पित नक्सलियों को 10 हजार रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से 4 लाख 40 हजार की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। उल्लेखनीय है की छत्तीसगढ़ में नक्सलियोें को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान का सफल प्रभाव देखने को मिल रहा है और वे शांति और विकास की चाह में हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

29-06-2020
मुख्यमंत्री ने बस्तर के तीन जिलों में तेंदूपत्ता संग्राहकों को नगद भुगतान करने दी अनुमति

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र के सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर वनमंडल के तेंदूपत्ता संग्राहकों को, तेंदूपत्ता संग्रहण के पारिश्रमिक की राशि का नगद भुगतान करने की स्वीकृति प्रदान की है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने सोमवार को  मुख्यमंत्री को तेन्दूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक की राशि के नगद भुगतान के लिए पत्र लिखकर अनुरोध किया था। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में मंत्री लखमा ने लिखा है कि वनमंडल सुकमा, वनमंडल दंतेवाड़ा और वनमंडल बीजापुर तीनों घोर संवेदनशील और नक्सल प्रभावित जिलों में हैं। इन जिलों के तेंदूपत्ता संग्राहकों और जनप्रतिनिधियों ने तेंदूपत्ता पारिश्रमिक का नगद भुगतान कराने का आग्रह किया है। इन तीनों जिलों में भी तेंदूपत्ता का भुगतान बैंक के माध्यम से करने का प्रावधान है। परंतु संग्राहकों के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता नहीं होने के कारण बैंक के माध्यम से भुगतान में काफी दिक्कत होती है। एक तो यह क्षेत्र संवेदनशील है और अंदरूनी गांवों से बैंक की दूरी 70 से 80 किलोमीटर तक है। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों और इन जिलों के जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर तेंदूपत्ता संग्राहकों को बैंक से पारिश्रमिक से भुगतान के आदेश को निरस्त करते हुए सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर तीनों वनमंडलों में तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारिश्रमिक की राशि का नगद भुगतान कराने के निर्देश दिए हैं।

 

 

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