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27-05-2020
Video : राहत देने की मांग पर किसानों ने किया आंदोलन, प्रदर्शन आगे भी होगा

 कोरबा। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति से जुड़े 300 से अधिक संगठनों के आह्वान पर कोरबा जिले में किसानों और आदिवासियों के बीच खेती-किसानी और जल, जंगल, जमीन से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाले  छत्तीसगढ़ किसान सभा के आह्वान पर  कई गांवों में किसानों, आदिवासियों और प्रवासी मजदूरों ने अपने-अपने घरों से, खेतों से, मनरेगा कार्यस्थलों से और गांवों में एकत्रित होकर मोदी सरकार द्वारा कोरोना संकट से निपटने के तौर-तरीकों पर अपना विरोध जाहिर किया और ग्रामीणों को वास्तविक राहत और सामाजिक सुरक्षा देने की मांग करते हुए पूर्व में अधिग्रहित जमीन मूल किसानों को वापस करने की मांग की है। छत्तीसगढ़ किसान सभा के संयोजक नंदलाल कंवर ने बताया कि जिलों में किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी है, जो कल भी जारी रहेगा इन विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से जवाहर सिंह कंवर,दिलहरण बिंझवार, राम दास सोनकुंवर, देवकुंवारी की अगुवाई में जिले के विभिन्न गांव में प्रदर्शन हुआ। माकपा ने भी किसानों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया और माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने किसानों की जमीन वापसी की मांग का विरोध किया।


मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए जिले में किसानों ने राज्य में कांग्रेस की भूपेश सरकार से पूर्व में अधिग्रहित जमीन मूल किसानों को वापस करने ,किसान न्याय योजना की राशि एकमुश्त देने, मक्का की सरकारी खरीद किये जाने, प्रवासी मजदूरों के साथ मानवीय व्यवहार करने और उनका कोरोना टेस्ट किये जाने की भी मांग की है। किसान नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार को आत्मप्रचार छोड़कर राहत के वास्तविक कदमों पर ध्यान देना चाहिए और बिना पर्याप्त बजट के मनरेगा में काम देने का ढिंढोरा भी नहीं पीटना चाहिए। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में मात्र 38 प्रतिशत परिवारों को ही औसतन 12 दिनों का काम दिया गया है। उन्होंने सभी प्रवासी मजदूरों को एक अलग परिवार मानकर काम और राशन देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के चार लाख गैर-पंजीकृत छत्तीसगढ़ी मजदूर आज भी बाहर फंसे हुए हैं और उन्हें वापस लाने की कोई योजना सरकार के पास नहीं है।


पूर्व में अधिग्रहित जमीन वापसी की मांग के साथ "कर्ज़ नहीं, कैश दो" की मांग पर जोर देते हुए इन  सभी संगठनों ने ग्रामीण परिवारों को अगले छह माह तक 10000 रुपये की मासिक नगद मदद देने, हर जरूरतमंद व्यक्ति को अगले छह माह तक 10 किलो खाद्यान्न हर माह मुफ्त देने, खेती-किसानी और आजीविका को हुए नुकसान की भरपाई 10000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से करने, किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सी-2 लागत मूल्य का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में देने, किसानों को बैंकिंग और साहूकारी कर्ज़ के जंजाल से मुक्त करने और प्रवासी मजदूरों को बिना यात्रा व्यय वसूले उनके घरों तक सुरक्षित ढंग से पहुंचाने और पहुंच चुके मजदूरों को 5000 रुपये प्रवास भत्ता देने की मांग केंद्र सरकार से की है।

27-05-2020
राजीव गांधी किसान न्याय योजना में दुखुत राम को मिली पहली किश्त एक लाख रुपए 

रायपुर। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत दुर्ग जिले के ग्राम मतवारी निवासी 93 वर्षीय किसान दुखुत राम साहू को पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपए मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया। दुखुत राम साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के दर्द को समझा और किसानों को मजबूत बनाने के लिए किसानों के लिए योजना बनाकर अपना वादा पूरा किया। ज्ञात हो कि किसान दुखुत राम साहू 26 मई शाम को मुख्यमंत्री निवास में बघेल से मिलकर उन्हें आशीर्वाद देते हुए प्रदेश के किसानों के हित में राजीव गांधी किसान न्याय योजना लाने के लिए धन्यवाद दिया। किसान दुखुत राम साहू दुर्ग जिले के किसानों के साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत मिले पहली किश्त की राशि में से प्रति क्विंटल 50-50 रुपए के हिसाब से नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम और लाॅक डाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण जरूरतमंदों और श्रमिकों की व्यवस्था के लिए ‘मुख्यमंत्री राहत कोष‘ में चेक भेट करने मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे।

27-05-2020
भूपेश बघेल को महासमुंद के किसानों ने सौंपा 1.77 लाख रुपए का चेक, जताया आभार

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मंगलवार को उनके निवास कार्यालय में महासमुंद जिले के किसानों ने सौजन्य मुलाकात की। किसानों ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू करने के लिए आभार व्यक्त किया। आलोक चन्द्राकर के नेतृत्व में आए किसानों ने कोरोना संक्रमण से बचाव और जरुरतमंदों की सहायता के लिए 1 लाख 77 हजार रुपए का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा। मुख्यमंत्री बघेल ने  योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में सरकार किसानों के साथ है। खेती किसानी के लिए उन्हें हर संभव मदद की जाएगी।

मुख्यमंत्री सहायता कोष में महासमुंद जिले के जिन 25 किसानों ने सहायता राशि दी है। उनमें श्रीचन्द गोलछा, संतकुमार पटेल और प्रकाशचंद्र पटेल ने 21-21 हजार रुपए, राजेन्द्र चन्द्राकर, शिवप्रसाद, प्यारेलाल, केशव और डंकाधर चौधरी ने 11-11 हजार रुपए, शरद पटेल ने 7100 रुपए, लीलाकांत पटेल, तिलक पटेल, श्रवण पटेल, प्रतीक देवांगन, लक्ष्मीशंकर दीवान और किसन पटेल ने 51-51 सौ रुपए, अधिकारी नायक ने 5000 रुपए, संतोष पटेल, चन्द्रशेखर बाघ ने 31-31 सौ रुपए, नंदलाल पटेल ने 2500 रुपए,  विश्वजीत बेहरा ने 21 सौ रुपए, ऋषभ, तुकाराम साहू, चरणजीत छाबड़ा, रमेश रात्रे और देवेश साहू ने 11-11 सौ रुपए का योगदान दिया है।

25-05-2020
भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ में लाख की खेती से सहमत, कैबिनेट की बैठक में होगी चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लाख की खेती को अब कृषि का दर्जा मिलेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वन विभाग के इस संबंध में प्रस्ताव को उपयुक्त और किसानों के लिए लाभकारी मानते हुए अपनी सहमति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने कृषि, वन और सहकारिता विभाग को समन्वय कर लाख और इसके जैसी अन्य लाभकारी उपज को कृषि में शामिल करने का प्रस्ताव कैबिनेट की अगली बैठक में रखने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में लाख की खेती को कृषि का दर्जा मिलने से लाख उत्पादन से जुड़े कृषकों को भी सहकारी समितियों से अन्य कृषकों की भांति सहजता से ऋण उपलब्ध हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लाख की खेती की अपार संभावनाएं है।

यहां के कृषक कुसुम, पलाश और बेर के वृक्षों में परंपरागत रूप से लाख की खेती करते हैं। व्यवस्थित और आधुनिक तरीके से लाख की खेती न होने की वजह से कृषकों को लागत के एवज में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता है। वन विभाग ने लाख की खेती को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से इसे कृषि का दर्जा देने और कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से अन्य कृषकों की तरह लाख की खेती करने वाले किसानों को भी ऋण उपलब्ध कराने का सुझाव मुख्यमंत्री को प्रेषित कर, प्रस्ताव को मान्य करने का आग्रह किया था।

24-05-2020
किसानों को अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान करें सरकार : मुदलियार

बीजापुर। भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने कहा कि कांग्रेस सरकार किसानों को धान मूल्य की अंतर राशि किस्तों में भुगतान कर रही है। कोरोना के इस भीषण विभीषिका काल में किसानों को कोई आर्थिक सहयोग सरकार की ओर से नहीं दिया गया। ऐसे वक्त में प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों के हक़ की अंतर राशि का भुगतान किस्तों में करने का फैसला लेकर किसानों के साथ अन्याय किया है। मुदलियार ने कहा कि पहली बार ऐसा देखने को मिला कि किसानों के धान को सरकार ने उधार में खरीदा और उधार राशि का भुगतान भी किस्तों में देने का निर्णय लेकर किसानों के आत्मसम्मान के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि किसानों का अंतर राशि का भुगतान एकमुश्त करें और पिछला 2 वर्ष का बकाया बोनस राशि भी अविलम्ब प्रदान करें। तभी प्रदेश व इस जिले के किसानों के साथ न्याय योजना सार्थक साबित होगी।

 

22-05-2020
किसान न्याय योजना के 34 हजार रुपए खाते में आने का मैसेज मिला, किसानों में खुशी की लहर

दुर्ग। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शहादत दिवस के अवसर पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी की विशेष उपस्थिति में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने धमधा के किसानों के साथ विशेष रूप से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की। मुख्यमंत्री से चर्चा में किसान संतोष राणा ने बताया कि अभी आपसे बात करने के थोड़े देर पहले ही मेरे मोबाइल में मैसेज आया कि मेरे खाते में 34 हजार रुपए आए हैं। ऐसे समय में जब देश भर में सभी लोग कोरोना संकट से परेशान है। मुख्यमंत्री की इस पहल से किसानों को खेती किसानी में बड़ी मदद मिलेगी। राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने किसान हितैषी इस योजना को आरंभ कर किसानों के हितों को बढ़ावा देने का बड़ा कार्य किया है।

किसानों के लिए खेती इतनी महंगी होती जा रही थी और फायदा नहीं हो पा रहा था। अब अन्नदाता को अपने कार्य का संतोष मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी लोगों के चेहरे पर सुख और संतोष का भाव देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। यहीं के किसान शिव कुमार ने बताया कि किसानों के फसल का उचित मूल्य दिलाने की सरकार ने जो पहल की और कठिन वक्त में भी इस पहल पर कायम रहे, वह संकल्प बहुत प्रभावित करता है। पूरे छत्तीसगढ़ में किसानों में इससे खुशी का माहौल बना है। किसान नई ऊर्जा के साथ अपने खेतों में कार्य करने जुटा है। सुनीता गुप्ता ने मुख्यमंत्री से चर्चा में बताया कि किसानों के बीच बहुत खुशी का माहौल बना है।

उल्लेखनीय है कि आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रशंसा की। सोनिया गांधी ने कहा कि किसानों को मजबूत करने वाली यह बड़ी योजना है। छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियां लगातार मेहनतकश लोगों को बढ़ावा देने की रही है। इस योजना के माध्यम से किसानों को बड़ी ताकत मिलेगी और खेती को और बेहतर करने की दिशा में वे जुटेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि इस वक्त लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत है। छत्तीसगढ़ की सरकार ने इतनी अच्छा योजना बनाई है। इस योजना के निर्माण में केवल हम सबका योगदान नहीं है। इसमें आम जनता की बड़ी भूमिका है जिन्होंने अपने विचार रखे और आज इस योजना को मूर्त रूप दिया जा सका है। देश बहुत कठिन समय से गुजर रहा है। ऐसे में  राजीव किसान न्याय योजना जैसी योजनाओं से उम्मीद जगती है। 

जिले के 80 हजार किसानों के खाते में लगभग 65 करोड़ रुपए : 

दुर्ग जिले के लगभग 80 हजार किसानों के खाते में आज 65 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। कोरोना से के इस दौर में इस प्रथम किश्त से किसानों को निश्चित ही खरीफ फसल के लिए काफी सहयोग मिल सकेगा। वे खेती की बेहतरी की दिशा में अच्छा कार्य कर सकेंगे। धमधा में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर अंकित आनंद, जिला पंचायत सीईओ कुंदन कुमार, एसडीेएम दिव्या वैष्णव, संयुक्त संचालक कृषि राठौर, उप संचालक कृषि अश्विनी बंजारा, लीड बैंक मैनेजर अशोक सिंह, तहसीलदार सोनकर सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का प्रसारण कलेक्ट्रेट में भी :

कार्यक्रम का प्रसारण कलेक्ट्रेट परिसर में भी किया गया। यहां इस अवसर पर विधायक अरुण वोरा, विधायक देवेंद्र यादव, महापौर धीरज बाकलीवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष शालिनी रिवेंद्र यादव, उपाध्यक्ष अशोक साहू सहित अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

21-05-2020
राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लागू होना किसानों नहीं भाजपा के साथ अन्याय : कांग्रेस

रायपुर। राजीव गांधी किसान न्याय योजना को भाजपा नेताओं की ओर से किसानों के साथ अन्याय बताने पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि योजना का लागू होना भाजपा के साथ अन्याय है। अब भाजपा को किसानों के नाम से राजनीति करने का मौका नहीं मिलेगा। भाजपा नेताओं को न्याय और अन्याय में फर्क ही नहीं मालूम है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार किसानों से किए वादों को पूरा करने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना जो शुरू की है ये न्याय है। किसानों का कर्ज माफ किए ये न्याय है। किसानों की जमीन लौटाए ये न्याय है और 15 साल तक मुख्यमंत्री  रहे रमन सिंह और बीते 6 साल से प्रधानमंत्री पद पर विराजमान नरेंद्र मोदी ने किसानों के साथ जो वादाखिलाफी की ये अन्याय है।

रमन सिंह के 15 साल के सत्ता के दौरान हुए किसानों की आत्महत्या का महापाप और किसानों से किए गए वादाखिलाफी के अपराध के बोझ तले दबे भाजपा राजनीतिक दिवालियापन के दौर से गुजर रही है।धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा छत्तीसगढ़ में सरकार बनने पर किसानों के धान की कीमत 2100 रुपया प्रति क्विंटल और 300 रुपया बोनस देने का वादा किया था ठीक उसी तरह 2014 लोकसभा चुनाव में किसानों से केंद्र में भाजपा की सरकार बनने पर स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने,महंगाई कम करने,किसानों की आय दुगुनी करने का वादा किया था।

2013 में बनी रमन सिंह की सरकार और 2014 में बनी मोदी की सरकार ने किसानों से वादाखिलाफी कर किसानों के साथ अन्याय किया। किसान सम्मान निधि के नाम से निरंतर किसानों का अपमान मोदी भाजपा की सरकार कर रही है।धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा नेताओं से कहा है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तरह ही मोदी सरकार से देशभर के किसानों के लिए स्वामीनाथन  कमेटी की सिफारिश के अनुसार उपज का लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य तत्काल लागू कराए।

21-05-2020
किसान न्याय योजना में रायगढ़ ज़ोन के किसानों को मिलेगी 369 करोड़ रुपए की राशि :  प्रकाश नायक

रायगढ़। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ की आज शुरूआत की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि 21 मई के दिन वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए राज्य में इस योजना का विधिवत शुभारंभ किया। दिल्ली से सोनिया गांधी और राहुल गांधी वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए इस योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक ने बताया कि इस योजना के तहत रायगढ़ ज़ोन के किसानों को 369 करोड़ रुपए की राशि चार किश्तों में सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी। रायगढ़ जिले के सभी किसानों को राजीव गांधी न्याय योजना के तहत लाभ मिलेगा। प्रथम क़िस्त में 87 करोड़ 55 लाख की राशि आज किसानों के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की गई।

यह राशि चार किस्तों में किसानों को दी जाएगी जो प्रदेश के सभी किसान भाइयों के लिए वरदान साबित होगी।उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए इस नई योजना के तहत प्रति एकड़ 10 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों को खेती-किसानी के लिए प्रोत्साहित करने की  देश में अपने तरह की एक बड़ी योजना है। इस योजना का शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री सहित राज्य के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और किसान वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए शामिल हुए,उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस योजना के तहत 2019 से धान तथा मक्का लगाने वाले किसानों को सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित मात्रा के आधार पर अधिकतम 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि देगी।

20-05-2020
भाजपा किसानों के विषय पर बोलने का अधिकार खो चुकी है : कांग्रेस

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के बयान कि प्रदेश सरकार 20 मई से तीन दिन धान खरीदी पर किसानों के आगे झुकी भूपेश सराकर पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता घनध्याम राजू तिवारी ने कहा कि किसानों के साथ 15 साल तक विश्वासघात करने वाली भाजपा किसानों के विषय पर बोलने का अधिकार खो चुकी है।घनश्याम तिवारी ने कहा कि भूपेश सरकार किसानों से किए गए घोषणापत्र के वादों को क्रमश: पूरा कर रही है मगर भाजपा और उनके नेताओं को किसानों की आर्थिक उन्नति देखी नहीं जा रही है। बेबुनियाद आरोपों के आधार पर अपने विपक्ष के होने का दिखावा करने में लगी है। भूपेश सरकार के किसान हितैषी फैसले से घबरायी भाजपा को अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता सताने लगी है जिसका परिणाम है कि वह घड़ियाली आंसू बहा कर किसान हितैषी होने का ढोंग रचने लगे हैं।

19-05-2020
कृषि वैज्ञानिकों ने दी सलाह,किसान कोरोना सक्रमण से बचाओ के लिए रहे सतर्क और सावधान  

रायपुर। कृषि संचालनालय और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी। उन्होंने कहा किसान कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सर्तक सजग और सावधान रहे। खेतों में पर्याप्त मात्रा में साबुन, डिटर्जेंट और पानी रखें। बर्तनों को साबुन और डिटर्जेंट वाले पानी से अच्छी तरह से साफ करें। अनाजों को धूप में अच्छी तरह से सुखाकर भण्डारण करें। खेत की गहरी जुताई करें, जिससे मृदा जनित खरपतवार, बीमारी और कीड़ों के अंडे नष्ट हो जाए। हायब्रिड नेपियर बहुवर्षीय चारे वाली फसल की 50-60 दिनों के अंतराल पर जमीन की सतह से 15 सेमी ऊपर कटाई करें। कटाई पश्चात हल्की सिचाई कर 25-30 किलोग्राम यूरिया प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। ग्रीष्मकालीन मूंग अभी पकने की अवस्था में हैं, फसल के पकते ही काटने की सलाह दी जाती है,जिससे झड़ने से बचाया जा सके। गन्ने की नई फसल में आवश्यकतानुसार निंदाई-गुडाई व सिचाई  करें। इसी तरह सब्जी और फलों की फसलों में टमाटर, बैंगन, मिर्च, भिन्डी व दूसरी सब्जी वाली फसल में निंदाई गुडाई करे और आवश्कतानुसार सिंचाई कर नत्रजन उर्वरक की मात्रा दे। वातावरण में तापमान को देखते हुए सिंचाई की दर बढा दे। धूप के कारण केला और पपीते के फलों व पत्तियों के झुलसने की संभावना रहती है, इसके बचाव के लिए किसानो को सलाह है कि फलों को पट्टियाँ या बोरों से ढंक दे। इसके अलावा पौधों को गर्म हवा से बचाने के लिए वायु अवरोधक का उपयोग करें। आम, नीबूं वर्गीय व अन्य फसलों में सिचाई प्रबंधन करें।
किसान अपने पशुओं में होने वाली बीमारियों के लिए तुरंत पशुचिकित्सक से संपर्क कर अपने मवेशियों को गलघोटू एवं लंगड़ी रोग का टीकाकरण करवाये। पशुओ को लू लगने पर छायादार जगह ले जाकर गीले कपड़े से पूरे शरीर को बार-बार पोछे। पशुओं को निर्जलीकरण से बचाने के लिए एक लीटर पानी में चार-पांच चम्मच शक्कर और एक चौथाई चम्मच नमक का घोल बनाकर हर आधा एक घंटे में पिलाएं।  

 

18-05-2020
धरमलाल कौशिक बताएं कब के बकाया बोनस के भुगतान की मांग कर रहे : सुशील आनंद शुक्ला

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के धान के अंतर की राशि और बोनस पर दिए बयान का कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार किसानों को अंतर राशि देने जा रही है इस खीझ और पीड़ा में भाजपाई बयान दे रहे है। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार 2500 रुपए प्रति क्विंटल में की जाने वाली धान की खरीदी को केंद्र सरकार द्वारा जबरिया रोक लगाने वाले किस मुंह से बयान बाजी कर रहे हैं। प्रदेश की जनता ने देखा है कैसे केंद्र सरकार धान की कीमत 2500 रुपए देने पर राज्य सरकार को सेंट्रल पूल के चावल नहीं लेने की धमकी दे रही थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बार बार कहते रहे कि घोषित समर्थन मूल्य से अधिक राशि का भुगतान राज्य सरकार अपने वित्तीय संसाधनों से करेगी लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार मानने को तैयार नहीं हुई। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब केंद्र सरकार धान की कीमत 2500 रुपए नहीं देने का दबाव बना रही थी तब धरमलाल कौशिक,रमन सिंह सहित भाजपा के किसी नेता ने राज्य के किसानों के हित में कोई आवाज नहीं उठाई। किसानों के हित में एक भी भाजपा नेता का कोई बयान नहीं आया था।

 

18-05-2020
2000 रुपए को सम्मान निधि बोलने वाले 2500 पर किस मुंह से उंगली उठा सकते हैं ? : चन्द्रशेखर शुक्ला

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री और किसान कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रशेखर शुक्ला ने नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के किसानों के लिए दिए गए बयान पर पलटवार किया है। शुक्ला ने कहा कि धरमलाल कौशिक या तो सामान्य गणित का भी ज्ञान नहीं रखते हैं। धरमलाल कौशिक को नरेन्द्र मोदी का 20 लाख करोड़ का तिलिस्म समझ में आ रहा है और किसान हित की बात में उनके गणित समझ के परे हैं। चंद्रशेखर शुक्ला ने कहा कि यदि एक किसान के पास मात्र 1 एकड़ भूमि हो और उसने 15 क्विंटल धान भी बेचा हो तो उसे 4 किस्तों में हर बार 2500 रुपए से अधिक मिलेगा,जो कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि 2000 रुपए से पूरे 500 ज्यादा होगा। चंद्रशेखर शुक्ला ने कौशिक से पूछा कि स्पष्ट करें कि केंद्र के आर्थिक पैकेज में छत्तीसगढ़ को क्या मिला और यहां के किसानों को क्या-क्या लाभ होगा? सिर्फ बोल बच्चन और आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा, जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने का निवेदन किया।

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