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02-02-2020
महाराष्ट्र में नहीं लागू होने देंगे एनआरसी : उद्धव ठाकरे

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का कहना है कि वह महाराष्ट्र में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लागू नहीं होने देंगे। ठाकरे ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) नागरिकता छीनने को लेकर नहीं है। यह देने के लिए है। हिंदुओं और मुसलमानों दोनों के लिए नागरिकता साबित करना मुश्किल होगा। मैं ऐसा होने नहीं दूंगा। सीएए को लेकर शिवसेना ने लोकसभा में पहले भाजपा का समर्थन किया था। हालांकि जब यह राज्यसभा पहुंचा तो उसने सदन से वाक आउट कर दिया था। उद्धव ठाकरे का यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब सीएए और एनआरसी को लेकर दिल्ली के शाहीन बाग सहित देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सीएए मुसलमानों और संविधान के खिलाफ है। इसके अलावा यह धर्म के आधार पर भेदभाव करता है।

मुस्लिम घुसपैठियों को भारत से बाहर निकालना चाहिए

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे के बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों को बाहर निकालने को लेकर मोदी सरकार को अपना समर्थन देने के दो दिन बाद शिवसेना ने 25 जनवरी को कहा था कि इन देशों के मुस्लिम घुसपैठियों को भारत से बाहर निकाला जाना चाहिए। शिवसेना ने हिंदुत्व की ओर अपनी विचारधारा बदलने के लिए राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा था कि वीडी सावरकर और दिवंगत पार्टी संस्थापक बालासाहेब ठाकरे द्वारा प्रसारित विचारधारा के तौर पर हिंदुत्व का मुद्दा लेकर चलना बच्चों का खेल नहीं है। उसने यह कहते हुए उन्हें ताना मारा कि दो झंडे होना दिखाता है कि दिमाग में भ्रम है। शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा, पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुस्लिम घुसपैठियों को भारत से बाहर करना चाहिए। इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए। लेकिन यह देखना दिलचस्प है कि एक पार्टी इसके लिए अपना झंडा बदल रही है। दो झंडे होना दिमाग में भ्रम की स्थिति दिखाता है।

25-01-2020
सात मार्च को अयोध्या जाएंगे उद्धव ठाकरे, भगवान राम का लेने आशीर्वाद

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे सात मार्च को भगवान राम के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे। शिवसेना सांसद संजय राउत ने शनिवार को इसकी घोषणा की। संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे भगवान राम का आशीर्वाद लेने के लिए सात मार्च को अयोध्या जाएंगे। इससे पहले राउत ने सीएम उद्धव ठाकरे के अयोध्या दौरे को लेकर कहा था कि गठबंधन नेताओं को भी साथ आना चाहिए। राहुल गांधी कई मंदिरों में भी जाते हैं, उन्हें भी साथ चलना चाहिए। वहीं, शिवसेना के पूर्व सहयोगी भाजपा ने उद्धव के फैसले का किया स्वागत किया था। भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने ट्वीट कर कहा था कि वह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इस फैसले का स्वागत करती हैं। मीनाक्षी ने कहा अच्छा है कि अपने इतिहास पर गर्व कर रहे हैं और अयोध्या जा रहे हैं, लेकिन जब वापस महाराष्ट्र जाएंगे तो उन्हें अपनी शक्ल कैसे दिखाएंगे जो श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं?

नवंबर में उद्धव ने टाल दिया था अयोध्या दौरा

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम की पिछले साल अक्टूबर में घोषणा के बाद सत्ता साझा करने को लेकर मतभेद के कारण शिवसेना और भाजपा का गठबंधन टूट गया था। इसके बाद ठाकरे का उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या का यह पहला दौरा होगा। नौ नवंबर 2019 को अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उद्धव ठाकरे ने एलान किया था कि वह 24 नवंबर, 2019 को अयोध्या जाएंगे।लेकिन राज्य में तेजी से बदले राजनीतिक हालात के चलते उन्होंने अयोध्या दौरा टाल दिया था। शिवसेना ने महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए अंत में राकांपा एवं कांग्रेस से हाथ मिला लिया था। ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और हाल ही में उन्होंने कार्यालय में 50 दिन पूरे किए।

जून 2019 में 18 सांसदों के साथ गए थे अयोध्या

ठाकरे आखिरी बार जून 2019 में पार्टी के नवनिर्वाचित 18 सांसदों के साथ अयोध्या गए थे और रामलला मंदिर में पूजा अर्चना की थी। उस वक्त शिवसेना भाजपा की सहयोगी पार्टी थी, लेकिन अब दोनों के रास्ते अलग हो चुके हैं।

23-01-2020
शिवसेना ने धूमधाम से मनाया बाला साहब ठाकरे का जन्मदिन

गुना। बाला साहेब ठाकरे का 94 जन्मदिवस गुना शिवसेना ने वृद्ध आश्रम जाकर मनाया। यहां पर वृद्धों को फल एवं मिठाई वितरित की गई। इस मौके पर जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र विश्वकर्मा, आईटी सेल जिला अध्यक्ष राकेश किरार,मध्यप्रदेश कोर कमेटी के सदस्य अमित प्रधान सहित बड़ी संख्या शिव सैनिक उपस्थित थेे। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष विश्वकर्मा ने जिला उपाध्यक्ष पद पर सुनील शर्मा को नियुक्त किया। नगर अध्यक्ष पद पर पंकज अग्रवाल को मनोनीत किया।

राकेश किरार की रिपोर्ट 

 

16-01-2020
'डॉन करीम लाला से मिलती थीं इंदिरा गांधी' के बयान पर संजय राउत की सफाई

नई दिल्ली। शिवसेना प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान और करीम लाला से मिलने का आरोप लगाया था। जिस पर राजनीति गरमा गई है। फिलहाल अपने बयान पर विवाद बढ़ने के बाद राउत ने सफाई दी है। उनका कहना है कि करीम लाला पठानों के नेता थे और कई राजनेता उनसे मिलने के लिए आते थे। वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने शिवसेना नेता से अपना बयान वापस लेने की मांग की है। संजय राउत ने कहा है कि मुंबई में एक कार्यक्रम में अपनी पत्रकारिता के अनुभव साझा करते हुए राउत ने कहा कि साठ से अस्सी के दशक की शुरुआत तक मुंबई के अंडरवर्ल्ड में करीम लाला, मस्तान मिर्जा उर्फ हाजी मस्तान और वर्दराजन मुदालायर तीन डॉन हुआ करते थे। वे तय करते थे कि मुंबई पुलिस का कमिश्नर कौन होगा और कौन राज्य सचिवालय में बैठेगा। जब हाजी मस्तान मंत्रालय आता तो पूरा सचिवालय उसे देखने के लिए काम छोड़कर नीचे चला आता था।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी करीम लाला से दक्षिणी मुंबई के पायधोनी में मुलाकात करती थीं। पर सियासी बवाल के बाद राउत ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का हमेशा सम्मान रहा है। जहां तक करीम लाला की बात है तो वो पठानों के नेता के तौर पर जाना जाता था। इसलिए उससे अन्य नेता मिला करते थे। उन्होंने कहा कि मैंने इंदिरा गांधी, पंडित नेहरू, राजीव गांधी और गांधी परिवार के प्रति हमेशा सम्मान दिखाया है। विपक्ष में होने के बावजूद किसी ने ऐसा नहीं किया। जब भी लोगों ने इंदिरा गांधी को निशाना बनाया मैं उनके लिए खड़ा रहा। बहुत से राजनीतिक लोग करीम लाला से मिलने जाते थे। उस समय वक्त अलग था। वह पठान समुदाय का नेता था, वह अफगानिस्तान से आया था। इसलिए लोग पठान समुदाय की समस्याओं को लेकर उनसे मिलते थे।

11-01-2020
कोंडागांव शिवसेना का हुआ विस्तार, पंकज बने जिला प्रभारी

रायपुर। बस्तर संभाग में शिवसेना का विस्तार करते हुए कोंडागांव जिला से वरिष्ठ शिवसैनिक अरुण पाण्डेय की अनुशंसा पर पंकज कुर्रे को शिवसेना के प्रदेश अध्यक्ष धनन्जय परिहार ने कोंडागांव जिला प्रभारी नियुक्त किया गया है। पंकज कुर्रे को जारी नियुक्ति आदेश में निर्देशित किया गया है कि जल्द से जल्द कोंडागांव जिला की बॉडी गठित करके पार्टी मुख्यालय को सूचित करेंगे। पंकज कुर्रे की नियुक्ति पर संगठन के अन्य सदस्यों के उन्हें बधाई प्रेषित करते हुए शुभकामनाएं दिया है।

 

08-01-2020
महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा, ठाकरे और फडणवीस के बीच हुई गुपचुप तरीके से मुलाक़ात  

मुंबई। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मनसे प्रमुख राज ठाकरे की गुपचुप मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार फडणवीस और राज ठाकरे की मुलाकात मुंबई के लोअर परेल की इंडिया बुल्स इमारत में हुई। इस बीच एक घंटे तक उनके बीच बातचीत चली। इस मुलाकात में राज्य की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई। 23 जनवरी को मुंबई में मनसे का सम्मलेन है और उससे पहले यह भेंट अहम मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो शिवसेना के कांग्रेस-एनसीपी से हाथ मिलाने के बाद भाजपा राज्य में अपने हिंदुत्व के मुद्दे को धारदार बनाए रखने के लिए मनसे को अपने साथ लेने की तैयारी में है। खबर है कि मनसे अपने सम्मलेन में झंडे को बदलने की घोषणा भी करेगी, जो पूरी तरह केसरिया होगा और उस पर छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर बनी होगी। जानकारों के अनुसार अगर भाजपा-मनसे साथ आते हैं तो यह देखना रोचक होगा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले राज ठाकरे द्वारा पीएम मोदी पर किए हमलों पर भाजपा क्या कहेगी और राज ठाकरे भी मोदी को लेकर क्या नया रुख अपनाएंगे।

 

05-01-2020
संजय नाग और विजय नाग को शिवसेना ने निकाला

रायपुर। शिवसेना प्रधान कार्यालय में आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें नगरीय निकाय शिवसेना द्वारा प्रत्याशी खड़े किए गए थे। उनकी समीक्षा की गई और कार्यकर्ताओं को तेज गति से कार्य करने के लिए संकल्पित करवाया गया। अनुशासनहीनता और पार्टी विरुद्ध गतिविधियों में लिप्त प्रदेश सचिव संजय नाग और विजय नाग को शिवसेना ने पार्टी की प्राथमिकता से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है।

04-01-2020
मंत्रिमंडल बना नही और नाराज़गी का खेल शुरू, सावरकर पर भी विवाद जारी

रायपुर। मंत्रिमंडल बना नहीं विभाग बटे नहीं और नाराजगी भी शुरू हो गई है। शिवसेना कांग्रेस और एनसीपी की मिली जुली सरकार में पोर्टफोलियो को लेकर एक मंत्री अब्दुल सत्तार की नाराजगी सामने आ गई है। हालांकि उनके इस्तीफे की भी खबरें सामने आई लेकिन खुद अब्दुल सत्तार ने उससे इनकार कर दिया मगर वे नाराजगी में छुपा नहीं पाए। और उनकी नाराजगी संभवत कल शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे से मिलने के बाद खत्म हो पाए। नाराजगी अगर खत्म होती भी है तो भी यह गठबंधन की सरकार के लिए शुभ संकेत तो नहीं कहा जा सकता। इतनी जल्दी नाराजगी सामने आना कोई बहुत अच्छी बात नहीं माना जा सकता हैं। फिर सावरकर को लेकर भी पार्टियों के बीच खींचतान जारी है। इधर अजित पवार फिर से उपमुख्यमंत्री पद पा गए हैं और साथ ही वित्त विभाग जैसा महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो भी। फडणवीस के साथ भी उपमुख्यमंत्री और उद्धव ठाकरे के साथ भी उपमुख्यमंत्री याने कुल मिलाकर उपमुख्यमंत्री रहना बनना ज्यादा जरूरी। सिद्धांत की बात बहुत पीछे हो जाती है। ऐसे में 3 चक्के वाला ऑटो कितनी रफ्तार से और कितनी दूर तक चलेगा इस पर इसलिए भी शक किया जा रहा है क्योंकि तीनों चक्के अलग-अलग दिशा मैं भागने वाले हैं। बहरहाल सत्तार की नाराजगी ने पहले ही कदम पर छींक मार कर अपशकुन कर दिया है।

04-01-2020
महाराष्ट्र: उद्धव ठाकरे सरकार के मंत्री अब्दुल सत्तार ने दिया इस्तीफा

मुंबई। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार को झटका लगा है। शनिवार को शिवसेना कोटे से मंत्री बने अब्दुल सत्तार ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उद्धव ठाकरे सरकार में राज्य मंत्री के तौर पर शामिल किए गए अब्दुल सत्तार की मांग थी कि उन्हें कैबिनेट मिनिस्टर का रैंक दिया जाए। अभी सीएम उद्धव ठाकरे ने सत्तार का इस्तीफा मंजूर नहीं किया है। माना जा रहा है कि उन्हें उनकी पसंद का मंत्रालय देकर मनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक सत्तार महाराष्ट्र कैबिनेट विस्तार के बाद से ही नाराज चल रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उन्हें राज्य मंत्री की शपथ दिलवा दी गई। इससे नाराज सत्तार ने मंत्री पद ही छोड़ दिया, हालांकि वह अब भी शिवसेना के विधायक हैं।

02-01-2020
महाराष्ट्र की झांकी को परेड के लिए नहीं मिली अनुमति, शिवसेना-राकांपा ने केंद्र सरकार को घेरा

मुंबई। गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार महाराष्ट्र की झांकी नहीं दिखाई देगी। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने इसे परेड के लिए अस्वीकार कर दिया है। मराठी रंगमंच के 175 साल पूरे होने के अवसर की थीम पर ही झांकी बनाई गई थी। इसे लेकर शिवसेना और राकांपा ने केंद्र सरकार पर निशाने पर लेते हुए पक्षपात का आरोप लगाया है। बता दें कि पश्चिम बंगाल की झांकी को भी परेड में शामिल नहीं किया गया है, जिसे लेकर तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और केंद्र सरकार पर हमलावर है। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए हमला बोला है। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की झांकी हमेशा से देश का आकर्षण रही है। अगर कांग्रेस के कार्यकाल में ऐसा हुआ होता तो महाराष्ट्र भाजपा हमलावर हो जाती। राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने भी इसे लेकर केंद्र को घेरा है। सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया कि केंद्र ने गणतंत्र दिवस परेड के लिए गैर-भाजपा शासित महाराष्ट्र और प.बंगाल की झांकियों को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनकी झांकियों को अनुमति नहीं देना लोगों का अपमान जैसा है। सुले ने ट्वीट किया- केंद्र ने गणतंत्र दिवस पर परेड के लिए महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की झांकियों को अनुमति नहीं दी है। यह देश का त्योहार है और केंद्र से सभी राज्यों को प्रतिनिधित्व देने की उम्मीद है। लेकिन सरकार पक्षपातपूर्ण तरीके से व्यवहार कर रही है और विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों से सौतेला व्यवहार कर रही है। 

 

02-01-2020
मुंबई नहीं दिल्ली की 'मातोश्री' से मिलते है उद्धव सरकार को आदेश : देवेंद्र फडणवीस

मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाविकास आघाड़ी की सरकार के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर बुधवार को जोरदार हमला किया। मुंबई से लगे पालघर में भाजपा कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, 'उद्धव ठाकरे ने अपने पिता बाला साहब ठाकरे को वचन दिया था कि वह राज्य में शिवसेना का मुख्यमंत्री कुर्सी पर बैठाएंगे। मगर, क्या उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस-एनसीपी की मदद से अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री बनाएंगे?' फडणवीस ने नाम लिए बिना इशारों में कहा कि अब महाराष्ट्र में सरकार को मातोश्री (ठाकरे निवास) से निर्देश नहीं मिलते बल्कि दिल्ली की 'मातोश्री' से आदेश आते हैं। उन्होंने कहा कि आज बाला साहब की आत्मा को दुख होता होगा।

शिवसेना पर लगाया विश्वासघात का आरोप

देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना पर विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की जनता ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को सरकार बनाने का बहुमत दिया था। मगर शिवसेना ने उसे ठुकरा कर, दूसरों के साथ सरकार बना ली। फडणवीस ने कहा कि राज्य की सरकार में आने के बाद शिवसेना ने किसानों से भी धोखा किया। सभी किसानों को पूर्ण कर्ज माफी का वादा किया गया था। मगर कुछ किसानों को ही एक तय रकम की माफी दी गई।

महाराष्ट्र सरकार में पवार के दखल से शिवसैनिक नाराज

महाराष्ट्र सरकार में एनसीपी प्रमुख शरद पवार के दखल से शिवसैनिक नाराज हैं। उन्होंने नाराजगी खुलकर व्यक्त करनी शुरू कर दी है। सरकार बनने के एक महीने बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंत्रिमंडल विस्तार किया था, जिसके बाद हर तरफ नाराजगी के स्वर उठने लगे। खासतौर पर शिवसेना के नाराज विधायकों को समझाना उद्धव के लिए समस्या है। खबर है कि इन विधायकों ने उद्धव से मिलने का समय मांगा है। सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में शरद पवार के हस्तक्षेप ने शिव सैनिकों को खास तौर पर नाराज किया। उनमें इस बात की भी नाराजगी है कि पवार ने अपनी जोड़ तोड़ की ताकत से अहम मंत्रालय एनसीपी नेताओं को दिला दिए। शिवसेना सांसद संजय राउत की नाराजी पहले ही सामने आ चुकी है। अब प्रताप सरनाईक, भास्कर जाधव और भावना गवली भी खुल कर बोल रहे हैं।   

 

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