GLIBS
17-09-2020
राज्यों का बकाया जीएसटी देने की मांग पर संसद परिसर में विपक्ष ने किया प्रदर्शन

नई दिल्ली। विपक्षी दलों ने गुरुवार को संसद परिसर स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया और राज्यों के बकाया जीएसटी के भुगतान की मांग की। विपक्षी दलों मेंटीआरएस, टीएमसी, डीएमके, आरजेडी, आप, एनसीपी, समाजवादी पार्टी और शिवसेना के सांसदों ने प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि केंद्र ने राज्यों को दो विकल्प दिए थे। केंद्र दृढ़ता से इस बात पर कायम है कि राज्यों को उत्तरोत्तर प्रक्रिया के माध्यम से ऋण लेना चाहिए।दूसरी ओर बड़ी संख्या में राज्य इस बात पर अड़े हैं कि केंद्र को उधार लेना चाहिए और उन्हें जीएसटी एक्ट में किए गए वादे के मुताबिक बकाया का भुगतान करना चाहिए।

दोनों के अपनी-अपनी बात पर अवर्ती से जीएसटी से जुड़ा विवाद गहरा गया है। देश के तकरीबन 10 राज्य ऐसे हैं जो केंद्र की दलील से इत्तेफाक नहीं रखते और वे खुलकर विरोध कर रहे हैं। इन राज्यों का कहना है कि वे केंद्र के प्रस्ताव को ठुकरा देंगे। इन राज्यों की मांग है कि प्रधानमंत्री खुद इस मामले में हस्तक्षेप कर इसे सुलझाएं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, दिल्ली, पुडुचेरी, पंजाब और झारखंड ने खुले तौर पर केंद्र सरकार के प्रस्तावों को खारिज किया है। साथ ही इन राज्यों ने मांग की है कि केंद्र सरकार को उधार लेना चाहिए और राज्यों के बकाया का भुगतान करना चाहिए। 

14-09-2020
मीनाक्षी लेखी, अनंत कुमार हेगड़े सहित 17 सांसद पाए गए कोरोना संक्रमित

नई दिल्ली। सभी सांसदों की सदन चलने से पहले कोरोना जांच की गई थी। अब तक हुई जांचों में भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी, अनंत कुमार हेगड़े और प्रवेश साहिब सिंह वर्मा समेत 17 सांसद पॉजिटिव मिले हैं। संसद चलने से पहले सभी सांसदों का कोविड-19 टेस्‍ट हुआ था। उनमें से अबतक 17 की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। संसद में कोरोना के लिए किए गए हैं इंतजाम लोकसभा सदस्‍यों का टेस्‍ट संसद परिसर में ही किया गया था। जानकारी के अनुसार भाजपा के सबसे ज्यादा 12 सांसद, वाईआरएस कांग्रेस के 2 सांसद, शिवसेना, डीएमके और आरएलपी के एक-एक सांसद महामारी की चपेट में आए है। फिलहाल सभी संसद उपचाराधीन है।

अपनी सीटों पर बैठकर बोलेंगे सांसद

लोकसभा के इतिहास में पहली बार सांसदों को अपनी सीटों पर बैठकर बोलने की अनुमति दी गई। सांसदों को अपनी सीट पर बैठकर बोलने की अनुमति देते हुए, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा, 'इस मानसून सत्र में सभी सासंद पहले अपनी सीटों पर बिना खड़े हुए बोलेंगे। ऐसा कोविड -19 महामारी को देखते हुए किया जा रहा है।' इससे पहले, सभी सांसद संसद में बोलने से पहले खड़े होते थे। यह आसन के प्रति सम्मान दर्शाने का प्रतीक है।स्पीकर ओम बिड़ला ने बताया कि यह इतिहास में पहली बार है जब निचले सदन की कार्यवाही के दौरान कई लोकसभा सदस्य राज्यसभा में बैठेंगे। उच्च सदन की कार्यवाही के दौरान राज्यसभा सदस्यों को लोकसभा में बैठने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित किए गए हैं और अधिकतम डिजिटलाइजेशन किया गया है।

सदन की कार्यवाही हर दिन केवल चार घंटे के लिए होगी।उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के समय में संसद का यह पहला सत्र है। इसलिए, संसद सत्र के दौरान कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के तहत सुरक्षा के सभी प्रबंध किए गए हैं। संसद के हर सदन में प्रतिदिन चार घंटे के सत्र होंगे। राज्यसभा का सत्र सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक और लोकसभा का सत्र अपरान्ह तीन बजे से शाम सात बजे तक होगा। लेकिन सत्र के पहले दिन लोकसभा की बैठक सुबह के सत्र में हुई।

10-09-2020
कंगना रनौत के ऑफिस पर बीएमसी की कार्रवाई का शिवसेना से कोई संबंध नहीं : संजय राउत

मुंबई। शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि कंगना रनौत के ऑफिस पर जो कार्रवाई हुई है वो बीएमसी ने की है। शिवसेना से इसका कोई संबंध नहीं है। संजय राउत ने मीडिया से कहा, “कंगना रनौत के ऑफिस पर बीएमसी की तरफ से कार्रवाई की गई है। इसका शिवसेना से कोई संबंध नहीं है। आप इस पर मेयर या बीएमसी आयुक्त से बात कर सकते हैं।बता दें कि संजय राउत का ये बयान महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे और एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार के बीच हुई बैठक के अगले दिन आया है। कंगना के ऑफिस के बाद बीएमसी ने उनके खार स्थित फ्लैट में भी अवैध निर्माण की बात कही है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिनेत्री ने शरद पवार को निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा कि जिस बिल्डिंग की फ्लैट में वह रहती हैं, उसे एनसीपी नेता शरद पवार से खरीदा गया है। बिल्डिंग से जुड़े विवादों के लिए वे जिम्मेदार नहीं है। कंगना रनौत का कहना है कि मामला सिर्फ उनके फ्लैट का नहीं है, बल्कि पूरी बिल्डिंग का है। इसके लिए जवाबदेह वे नहीं, बल्कि शरद पवार हैं।

27-08-2020
परभणी की एपीएमसी में गैर प्रशासक की नियुक्ति को लेकर एनसीपी के साथ मची खींचतान से क्षुब्ध होकर दिया इस्तीफा

रायपुर/मुंबई। महाराष्ट्र के परभणी से शिवसेना सांसद संजय जाधव उर्फ बंडू जाधव ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। दरअसल जाधव के इस्तीफे को महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी तथा कांग्रेस की मिली जुली सरकार बनने के बाद से जमीनी स्तर पर आपसी सामंजस्य की जगह चलने वाली सियासी खींचतान का ही परिणाम माना जा रहा है। जाधव परभणी में जिंतूर कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) के अहम पद पर शिवसेना कार्यकर्ताओं की नियुक्ति चाहते थे। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और इस नियुक्ति में एनसीपी ने बाजी मार ली। इससे क्षुब्ध शिवसेना सांसद बंडू जाधव ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र भेजकर अपनी व्यथा बताने के साथ-साथ इस्तीफा भी सौंप दिया है। जाधव ने कहा है कि परभणी की कृषि समिति के गैर प्रशासक पद पर हुई नियुक्ति मेरे लिए बहुत तकलीफदेह होने के साथ ही शिवसेना कार्यकर्ताओं के लिए अपमानजनक है। ऐसी स्थिति में शिवसेना कार्यकर्ताओं के साथ मैं न्याय नहीं कर पा रहा हूं और इसलिए अपना इस्तीफा आपको भेज रहा हूं।

26-08-2020
निविदा मामले की जांच की मांग को लेकर शिवसेना ने सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

कांकेर। लोक निर्माण विभाग के निविदा मामले की जांच की मांग को लेकर शिवसेना ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और जांच की मांग की है। शिवसेना ने कहा कि लोक निर्माण विभाग कांकेर संभाग से निकलने वाली निविदाओं में अपने चहेते ठेकेदारों को ही निविदा फार्म दिया जाता है और अन्य ठेकेदारों को किनारा कर दिया जाता है। शिवसेना ने कार्यपालन अभियंता के दो पदों पर कार्य करने भी आपत्ति जताई है। शिवसेना ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की जांच कराई जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से शिवसेना जिला संगठक सुभाष विश्वकर्मा,तोषण श्रीवास्तव, अभिराम मातलाम, विक्रांत सोनवानी, संजय तलवार, कृष्णा रात्रे, रोशन श्रीवास्तव एवं शिवसेना कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

27-07-2020
उद्धव ठाकरे के जन्मदिवस पर किया गया पौधरोपण

जांजगीर चाम्पा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के जन्मदिवस पर शिवसेना जांजगीर चाम्पा जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह गहलौत के नेतृत्व में शिवसैनिकों ने ग्राम पंचायत पिसौद में पौधरोपण किया। इस अवसर पर शुभम सिंह राजपूत  लासचिव, रमेश साहू अध्यक्ष पिसौद, दिलीप साहू उपाध्यक्ष पिसौद, दिनेश साहू सचिव पिसौद, नीरज कुम्भकार, राजेन्द्र साहू, दीपक साहू, प्रदीप दुबे, शिव केंवट, हेमंत साहू सहित अन्य शिवसैनिक उपस्थित थे।

 

11-07-2020
शरद पवार ने कहा, शिवसेना के बगैर भाजपा नहीं जीत पाती 105 सीटें, 40-50 सीटों पर जाती सिमट

मुंबई। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा किए गए कार्यों की तारीफ की है। शिवसेना के मुखपत्र सामना को दिए गए एक साक्षात्कार के दौरान एनसीपी प्रमुख ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने कोरोना वायरस महामारी की वजह से जारी लॉकडाउन के दौरान सही समय पर और अपनी "सतर्क" कार्यशैली के दौरान लोगों की परेशानियों को कम किया।

भाजपा पर निशाना साधते हुए शरद पवार ने कहा कि नेताओं को मतदाताओं का महत्व न समझने की भूल नहीं करनी चाहिए क्योंकि इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे शक्तिशाली नेताओं को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पिछले साल के विधानसभा चुनाव के दौरान ‘मी पुन: येन’ (मैं दोबारा आऊंगा) के राग की आलोचना करते हुए पवार ने कहा कि मतदाताओं ने सोचा कि इस रुख में अहंकार की बू आ रही है और महसूस किया कि इन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए।पवार ने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे नीत सत्तारूढ़ महा विकास आघाड़ी के सहयोगियों- शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस में मतभेदों की खबरों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।

बीजेपी को खरी-खरी सुनाते हुए शरद पवार ने कहा कि अगर विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ शिवसेना ना होती तो उसे 105 सीटें भी नहीं मिलती। पवार ने कहा, 'मेरा स्पष्ट मत है कि विधानसभा में उनके विधायकों का जो 105 फिगर हुआ, उसमें शिवसेना का योगदान बहुत बड़ा था। उसमें से तुमने शिवसेना को मायनस कर दिया होता, उसमें शामिल नहीं होती तो इस बार 105 का आंकड़ा तुम्हें कहीं तो 40-50 के करीब दिखा होता। भाजपा के लोग जो कहते हैं कि हमारे 105 होने के बावजूद हमें हमारी सहयोगी यानी शिवसेना ने नजरअंदाज किया अथवा सत्ता से दूर रखा।'शिवसेना की तारीफ करते हुए पवार ने कहा कि शिवसेना के काम करने की विशिष्ट शैली है और वह कि कोई काम हाथ में लेने के बाद उसे दृढ़तापूर्वक पूरा करना। 

09-07-2020
सड़क और सफाई व्यवस्था को लेकर शिवसेना ने निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

रायगढ़। सड़कों की जर्जर हालत को लेकर शिवसेना ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि शहर की लगभग सभी सड़कें काफी जर्जर हो गई है। विशेष कर आरओबी के पास कैदीमुड़ा की ओर की एप्रोच सड़क, जेल काम्प्लेक्स मार्ग, बेलादुला मरीन ड्राइव सहित अन्य मुख्य मार्ग पैदल व दोपहिया वाहनों के चलने लायक नहीं है। सभी सड़कों की अतिशीघ्र मरम्मत कराए जाने की मांग शिवसेना ने की। ज्ञापन में कहा गया कि शहर के सभी नालों की सफाई नहीं हो पाई है और नालों की सफाई हुई भी है तो आधी अधूरी। सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की शिव सेना ने मांग की है। आयुक्त ने शीघ्र कार्रवाई करने शिव सैनिकों को आश्वस्त किया है। ज्ञापन देने वालों में विमल महंत,अशोक मेश्राम,विजय लकड़ा, सुरेश मानिकपुरी, विजय महंत, अजित विश्वास, अजय जैन, अंकित सराफ सहित अन्य शिव सैनिक उपस्थित थे।

25-05-2020
समिति में अनियमितता को लेकर शिवसेना ने की कलेक्टर और एसपी से शिकायत

बसना। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (मर्या) आरंगी में अनियमितता के खिलाफ शिवसेना के नेताओं ने महासमुंद कलेक्टर और एसपी को लिखित में शिकायत पत्र देकर अविलंब जाँच कराकर कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की। शिवसेना नेता अशोक प्रधान ग्राम जाड़ामुड़ा ने जिला खाद्य अधिकारी को लिखित पत्र के माध्यम से शिकायत की।उक्त शिकायत में प्रभारी द्वारा धान अनियमितता किए जाने का आरोप लगाया गया।शिवसैनिकों ने धान खरीदी केंद्र आरंगी धान के बचत स्टॉक की जांच कराने के संबंध में जिला खाद्य अधिकारी जिला महासमुंद को लिखित शिकायत प्रस्तुत किया गया था। शिवसैनिकों के द्वारा की गई शिकायत के संबंध में 22 मई को धान उपार्जन केंद्र आरंगी में शेष धान का भौतिक सत्यापन कर निरीक्षण करने अधिकारी पहुँचे थे। यहाँ अधिकारियों के द्वारा धान खरीदी में की गई अनियमितताओं की तथा स्टाक की जाँच किया जाना था। किन्तु केन्द्र प्रभारी अनुपस्थित होने के कारण जाँच कार्य नहीं हुआ।इस संबंध में आरंगी केंद्र प्रभारी को धान की व्यवस्थित स्टैकिंग कर स्वयं उपस्थित रहने के लिए निर्देश दिया। यहां मौके पर उपार्जन केंद्र में बिखरे हुए धान को बोरे में भरकर व्यवस्थित स्टैकिंग नहीं किया जाना पाया गया। निरीक्षण समय पर केंद्र प्रभारी की अनुपस्थिति निर्देश की अवहेलना है। साथ ही पत्र में लिखा गया था कि उक्त अनुपस्थिति के संबंध में तीन दिवस के भीतर अपना लिखित जवाब अधो हस्ताक्षर करता के समक्ष स्वयं प्रस्तुत करें। समय पर संतोष पूर्ण जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर आप पर कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी।प्रभारी की अनुपस्थिति के कारण जांच की कार्यवाही नहीं की जा रही है। पुनः जांच 27 मई बुधवार को सुबह 10 बजे उपार्जन केंद्र आ रही में जांच दल के समक्ष उपस्थित होना सुनिश्चित करें उक्त तिथि को अनुपस्थित रहने पर हमारे द्वार उपार्जन केंद्र आरंगी की यथा स्थिति में जांच की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी। इसकी जवाबदारी आपकी होगी।

संजय अग्रवाल की रिपोर्ट  

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804