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20-09-2020
हंगामे के बीच राज्‍यसभा से पारित हुआ कृषि विधेयक,विपक्ष ने बताया काला दिन

नई दिल्ली। संसद में रविवार को मानसून सत्र का सांतवा दिन है। विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच राज्‍यसभा से कृषि विधेयकों को पारित कर दिया है। कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020 तथा कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी मिली है। ध्‍वनिमत से पारित होने से पहले इन विधेयकों पर सदन में खूब हंगामा हुआ। नारेबाजी करते हुए सांसद वेल तक पहुंच गए। कोविड-19 के खतरे को भुलाते हुए धक्‍का-मुक्‍की भी हुई। विपक्ष ने इसे 'काला दिन' बताया है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि यह 'लोकतंत्र की हत्‍या' है। जब उपसभापति हरिवंश ने विधेयकों पर ध्‍वन‍िमत से वोटिंग के लिए कहा तो विपक्षी सांसद हंगामा करने लगे। वे इन विधेयकों को प्रवर समिति (सिलेक्‍ट कमिटी) में भेजे जाने के प्रस्‍ताव पर मत विभाजन की मांग कर रहे थे। तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्य आसन के बिल्कुल पास पहुंच गए। हंगामा इतना ज्‍यादा हुआ कि मार्शल को हस्‍तक्षेप करना पड़ा। विपक्षी सदस्‍यों ने विधेयक के टुकड़े हवा में उछाल दिए। यहां तक कि उपसभापति के सामने लगा माइक भी तोड़ दिया गया।

कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही को रोकना पड़ा। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा। राज्‍यसभा में हंगामे के बीच बिल पास होने को लेकर विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि "बाहुबली मोदी सरकार ने जबरन किसान बिल को पास कराया है। इससे ज्यादा काला दिन कुछ हो नहीं सकता। देश का किसान मोदी सरकार को कभी माफ नहीं करेगा।" वहीं डेरेक ओ' ब्रायन ने कहा क‍ि "उन्‍होंने (सरकार) धोखेबाजी की। उन्‍होंने संसद में हर नियम तोड़ा। यह ऐतिहासिक दिन था, सबसे बुरे लिहाज से। उन्‍होंने राज्‍यसभा टीवी की फीड काट दी ताकि देश देख न सके। कृषि विधेयक पास होने पर बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि 'नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में सरकार ने किसानों को पिछले 70 सालों के अन्‍याय से मुक्‍त करा दिया है।' उन्‍होंने राज्‍यसभा में हंगामे पर कहा, "विपक्षी दल किसान-विरोधी हैं। प्रक्रिया का हिस्‍सा बनने के बजाय, उन्‍होंने किसानों की मुक्ति को रोकने की कोशिश की। भाजपा उनकी हरकतों की निंदा करती है।

 

 

18-09-2020
नरेंद्र मोदी ने कहा, हमारी सरकार किसानों को एमएसपी के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध

नई दिल्ली। लोकसभा में पेश हुए कृषि बिलों पर संसद से लेकर सड़क तक बवाल मचा है। इस हंगामे के बीच शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी बात देश के सामने रखी। पीएम मोदी ने कहा, किसानों को मनगढ़ंत बातें बताकर विरोध में उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन बदलावों को किया जा रहा है उनको दूसरी पार्टी ने खुद अपने घोषणापत्र में जगह दी थी। बिहार में कोसी रेल महासेतु का उद्घाटन करते वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेती से जुड़े तीन विधेयकों पर अपनी बात रखी।पीएम मोदी ने कहा, "मैं देश के किसानों को इन विधेयकों के लिए बधाई देता हूं। किसान और ग्राहक के बीच जो बिचौलिए होते हैं, जो किसानों की कमाई का बड़ा हिस्सा खुद ले लेते हैं, उनसे बचाने के लिए ये विधेयक लाए जाने बहुत आवश्यक थे। ये विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच बनकर आए हैं, लेकिन कुछ लोग जो दशकों तक सत्ता में रहे हैं, देश पर राज किया है, वो लोग किसानों को इस विषय पर भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं, किसानों से झूठ बोल रहे हैं।पीएम ने कहा, चुनाव के समय किसानों को लुभाने के लिए ये बड़ी-बड़ी बातें करते थे, लिखित में करते थे, अपने घोषणापत्र में डालते थे और चुनाव के बाद भूल जाते थे। आज जब वही चीजें भाजपा-एनडीए सरकार कर रही है, तो ये भांति-भांति के भ्रम फैला रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, जिन एग्रीकल्चर मार्केट के प्रावधानों में बदलाव का वो विरोध कर रहे हैं, उसी बदलाव की बात इन लोगों ने अपने घोषणापत्र में भी लिखी थी।

लेकिन अब जब एनडीए सरकार ने ये बदलाव कर दिया है, तो ये लोग इसका विरोध करने पर, झूठ फैलाने पर उतर आए हैं।पीएम मोदी ने आगे कहा, ये लोग भूल रहे हैं कि देश का किसान कितना जागृत है। वो ये देख रहा है कि कुछ लोगों को किसानों को मिल रहे नए अवसर पसंद नहीं आ रहे। देश का किसान ये देख रहा है कि वो कौन से लोग हैं, जो बिचौलियों के साथ खड़े हैं।पीएम मोदी ने कहा, अब ये दुष्प्रचार किया जा रहा है कि सरकार के द्वारा किसानों को एमएसपी का लाभ नहीं दिया जाएगा। ये भी मनगढ़ंत बातें कही जा रही हैं कि किसानों से धान-गेहूं इत्यादि की खरीद सरकार द्वारा नहीं की जाएगी। ये सरासर झूठ है, गलत है, किसानों को धोखा है।पीएम मोदी ने कहा, हमारी सरकार किसानों को एमएसपी के माध्यम से उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले भी थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे। सरकारी खरीद भी पहले की तरह जारी रहेगी। कोई भी व्यक्ति अपना उत्पाद, दुनिया में कहीं भी बेच सकता है, जहां चाहे वहां बेच सकता है, लेकिन केवल किसान भाई-बहनों को इस अधिकार से वंचित रखा गया था। अब नए प्रावधान लागू होने के कारण, किसान अपनी फसल को देश के किसी भी बाजार में, अपनी मनचाही कीमत पर बेच सकेगा।

पीएम मोदी ने कहा, किसानों के लिए जितना एनडीए शासन में पिछले 6 वर्षों में किया गया है, उतना पहले कभी नहीं किया गया। किसानों को होने वाली एक-एक परेशानी को समझते हुए, एक-एक दिक्कत को दूर करने के लिए हमारी सरकार ने निरंतर प्रयास किया है। पीएम मोदी ने कहा, मैं आज देश के किसानों को नम्रता पूर्वक स्पष्ट संदेश देना चाहता हूं। आप किसी भी तरह के भ्रम में मत पड़िए। इन लोगों से देश के किसानों को सतर्क रहना है। ऐसे लोगों से सावधान रहें, जिन्होंने दशकों तक देश पर राज किया और जो आज किसानों से झूठ बोल रहे हैं। पीएम ने कहा, वो लोग किसानों की रक्षा का ढिंढोरा पीट रहे हैं लेकिन दरअसल वे किसानों को अनेक बंधनों में जकड़कर रखना चाहते हैं। वो लोग बिचौलियों का साथ दे रहे हैं, वो लोग किसानों की कमाई को बीच में लूटने वालों का साथ दे रहे हैं। ये देश की जरूरत है और समय की मांग भी है। किसान, महिलाएं, नौजवान, राष्ट्र के निर्माण में सभी को सशक्त करना हमारा दायित्व है। आज जितनी भी परियोजनाओं को शुरु किया गया है, वो इसी दायित्व का हिस्सा है।

 

17-09-2020
चीन ने की एलएसी की यथास्थिति बदलने की कोशिश : राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन राज्यसभा में भारत-चीन सीमा विवाद पर बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन ने एलएसी की यथास्थिति बदलने की कोशिश की है। रक्षा मंत्री ने कहा कि चीन पर भारत बड़ा और कड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “सदन इस बात से अवगत है कि भारत और चीन सीमा का प्रश्न अभी तक अनसुलझा है। भारत और चीन की बाउंड्री का कस्टमरी और ट्रेडिशनल अलाइनमेंट चीन नहीं मानता है। यह सीमा रेखा अच्छे से स्थापित भौगोलिक सिद्धांतों पर आधारित है।” रक्षा मंत्री ने कहा,“चीन मानता है कि बाउंड्री अभी भी औपचारिक तरीके से निर्धारित नहीं है। उसका मानना है कि हिस्टोरिक्ल जुरिस्डिक्शन के आधार पर जो ट्रेडिश्नल कस्टमरी लाइन है उसके बारे में दोनों देशों की अलग व्याख्या है। 1950-60 के दशक में इस पर बातचीत हो रही थी पर कोई समाधान नहीं निकला।

” राजनाथ सिंह ने आगे कहा, “सदन को जानकारी है कि पिछले कई दशकों में चीन ने बड़े पैमाने पर इन्फ्रास्ट्रक्चर एक्टिविटी शुरू की है, जिससे बॉर्डर एरिया में उनकी तैनाती की क्षमता बढ़ी है। इसके जबाव में हमारी सरकार ने भी बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास का बजट बढ़ाया है, जो पहले से लगभग दोगुना हुआ है।” राजनाथ सिंह ने कहा, “यह सच है कि हम लद्दाख में एक चुनौती के दौर से गुजर रहे हैं लेकिन साथ ही मुझे भरोसा है कि हमारा देश और हमारे वीर जवान इस चुनौती पर खरे उतरेंगे। मैं इस सदन से अनुरोध करता हूं कि हम एक ध्वनि से अपनी सेनाओं की बहादुरी और उनके अदम्य साहस के प्रति सम्मान प्रदर्शित करें। इस सदन से दिया गया, एकता और पूर्ण विश्वास का संदेश, पूरे देश और पूरे विश्व में गूंजेगा, और हमारे जवान, जो कि चीनी सेनाओं से आंख से आंख मिलाकर अडिग खड़े हैं, उनमें एक नए मनोबल, ऊर्जा व उत्साह का संचार होगा।”

 

15-09-2020
संसद में एयरक्राफ्ट संशोधन बिल 2020 पास, यात्रियों की सुरक्षा में कोताही बरतने पर लगेगा 1 करोड़ का जुर्माना

नई दिल्ली। राज्यसभा से एयरक्राफ्ट संशोधन बिल 2020 पास हो गया है। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस बिल से भारत में नागरिक उड्डयन क्षेत्र में तीन विनियामक निकायों, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय, नागरिक उड्डयन सुरक्षा कार्यालय और विमान दुर्घटना जांच कार्यालय को और ज्यादा असरदार बनाया जा सकेगा। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इस बिल से देश में विमान संचालन की सुरक्षा का स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह विधेयक विमान अधिनियम 1934 में संशोधन करेगा और इससे जुर्माने की राशि की अधिकतम सीमा को बढ़ाया जाएगा। अभी अधिकमत जुर्माना सीमा 10 लाख रुपये है, जिसे विधेयक में बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया गया है।

इसके अलावा हथियार, गोला बारूद या खतरनाक वस्तुएं ले जाने या विमान की सुरक्षा को किसी भी तरह से खतरे में डालने का दोषी पाए जाने पर सजा के अलावा विधेयक में जुर्माने की राशि दस लाख रुपये थी। एयरक्राफ्ट बिल में संशोधन करके जुर्माने की राशि को दस लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया गया है। एयरक्राफ्ट संशोधन बिल का कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने विरोध किया, उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पीपीपी मॉडल से हवाई अड्डे को विकसित करने के नाम पर कई तरह के घोटाले किए जा सकते हैं। वहीं बीजेपी सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव बिल का बचाव किया। जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि इस बिल में भारत के विमानन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है, क्योंकि इससे यात्रियों के आवागमन में भारी वृद्धि हुई है।

 

 

15-09-2020
जया बच्चन के समर्थन में बोले संजय राउत, कहा-आरोप लगाने वालों का हो डोप टेस्ट

नई दिल्ली। संसद में दूसरे दिन समाजवादी पार्टी की सांसद और अभिनेत्री जया बच्चन ने अपने बयानों से माहौल गरम कर दिया। जया ने संसद में बिना नाम लिए कंगना रनौत पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने फिल्‍म इंडस्‍ट्री से नाम कमाया, वे इसे गटर बता रहे हैं। अब जया के इस बयान के समर्थन में शिवसेना सासंद संजय राउत उतरे हैं। जया बच्चन के बयान का शिवसेना सांसद संजय राउत ने सीधे तौर पर समर्थन किया है। इसके साथ ही ड्रग्स मुद्दे पर बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि जो लोग भी सवाल खड़े कर रहे हैं, पहले उनका ही डोप टेस्ट होना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर अंतरराष्ट्रीय रास्तों से ड्रग्स आ रहा है तो ये केंद्र और केंद्रीय एजेंसियों की जिम्मेदारी है। अगर किसी इंडस्ट्री में कुछ बुरे लोग हैं, तो इसका मतलब ये नहीं कि पूरी इंडस्ट्री को ही बदनाम कर दो। राउत ने आगे अपने बयान में यह भी कहा कि कंगना रनौत ने जो बयान दिया है, उस पर बच्चन परिवार जवाब दे सकता है। इसके अलावा कंगना शिवसेना के आदित्य ठाकरे के बारे में जो भी आरोप लगा रही हैं, उन्हें गृह मंत्रालय, गृह सचिव और एजेंसियों को सबूत देने चाहिए।

 

15-09-2020
संसद में दूसरे दिन उठा फिल्म इंडस्ट्री का मुद्दा, जया बच्चन ने सरकार से लगाई गुहार

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि फिल्म इंडस्ट्री एक बुरे दौर से गुजर रही है। लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। सांसद जया बच्चन ने कहा कि बॉलीवुड को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। कोरोना संकट के दौर में हो रहे संसद के सत्र में आज पहले राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई। सांसद जया बच्चन ने 'फिल्म इंडस्ट्री को बदनाम करने की कथित साजिश' को लेकर राज्यसभा में शून्यकाल नोटिस दिया। उन्होंने बॉलीवुड इंडस्ट्री का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस जगत को बदनाम करने की साजिश हो रही है और को सरकार हमारे समर्थन में आना चाहिए।

जिन लोगों ने फिल्म इंडस्ट्री में अपना नाम बनाया है उन्होंने इसे गटर बुलाया, मैं पूरी तरह इससे असहमत हूं। मैं उम्मीद करती हूं कि सरकार इन लोगों को बताए जिन्होंने इससे अपना नाम और प्रसिद्धि कमाई कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना बंद करें। जया बच्चन ने कहा कि मैं बहुत शर्मिंदा थी कि कल हमारे एक सांसद ने लोकसभा में फिल्म इंडस्ट्री के खिलाफ बोला, जो खुद इंडस्ट्री से हैं। ये शर्म की बात है, 'जिस थाली में खाते हैं उसमें छेद करते हैं।' गलत बात है, इंडस्ट्री को सरकार का समर्थन चाहिए।

16-08-2020
संसद में दिखेगा कोरोना वायरस का असर,बैठक व्यवस्था में होगा बदलाव,की गईं खास तैयारियां

नई दिल्ली। कोविड-19 के मद्देनजर पहली बार कई तरह की कवायदों के साथ संसद के मॉनसून सत्र के लिए तैयारियां की जा रही हैं। संक्रमण से बचाव के लिए लोकसभा और राज्यसभा में बैठने की व्यवस्था में भी बदलाव किया जा रहा है। उचित दूरी का पालन करते हुए सदस्यों के बैठने के लिए दोनों चैंबरों और दीर्घाओं का इस्तेमाल होगा। अधिकारियों ने इस बारे में बताया। अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के आरंभ में मॉनसून सत्र की शुरुआत होने की संभावना है।
राज्यसभा सचिवालय के मुताबिक सत्र के दौरान ऊपरी सदन के सदस्यों को दोनों चैंबर और दीर्घाओं में बैठाया जाएगा। भारतीय संसद के इतिहास में पहली बार इस तरह की व्यवस्था होगी जहां 60 सदस्य चैंबर में बैठेंगे और 51 सदस्य राज्यसभा की दीर्घाओं में बैठेंगे। इसके अलावा बाकी 132 सदस्य लोकसभा के चैंबर में बैठेंगे। लोकसभा सचिवालय भी सदस्यों के बैठने के लिए इसी तरह की व्यवस्था कर रहा है।

दीर्घाओं से भागीदारी के लिए पहली बार बड़े डिस्प्ले वाली स्क्रीन और कंसोल लगाए जाएंगे। दोनों सदनों के बीच विशेष तार बिछाए जाएंगे और कुर्सियों के बीच पॉलीकार्बोनेट शीट की व्यवस्था होगी। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने 17 जुलाई को बैठक कर सत्र चलाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार-विमर्श करने के बाद दोनों सदनों के चैंबरों और दीर्घाओं का इस्तेमाल करने का फैसला किया।
नायडू ने अधिकारियों को अगस्त के तीसरे सप्ताह तक सत्र के लिए तैयारियां पूरी कर लेने का निर्देश दिया था, ताकि इस व्यवस्था का मुआयना हो जाए और इसे अंतिम रूप दिया जा सके। राज्यसभा सचिवालय भी इस काम के लिए पिछले दो सप्ताह से लगातार काम कर रहा है।

सूत्रों ने बताया कि आम तौर पर दोनों सदनों में एक साथ बैठकें होती हैं लेकिन इस बार असाधारण परिस्थिति के कारण एक सदन सुबह के समय बैठेगा और दूसरे की कार्यवाही शाम में होगी। कोरोना वायरस महामारी के कारण संसद के बजट सत्र की अवधि में कटौती कर दी गयी थी और 23 मार्च को दोनों सदनों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था। परिपाटी के तहत अंतिम सत्र से छह महीने के अंत के पहले संसद का सत्र आहूत होता है।
अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 का प्रसार रोकने के लिए सामाजिक दूरी के नियमों के पालन के साथ पहली बार सदन में बैठने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न दलों को संख्या के आधार पर राज्यसभा के चैंबर और दीर्घाओं में सीट आवंटित किए जाएंगे और बाकी सदस्यों को सत्तारूढ़ दलों और अन्य के लिए दो खंड में लोकसभा के चैंबर में बैठाया जाएगा। राज्यसभा चैंबर के भीतर प्रधानमंत्री, सदन के नेता, विपक्ष के नेता और अन्य दलों के नेताओं के लिए सीटें चिन्हित की जाएंगी। पूर्व प्रधानमंत्री-मनमोहन सिंह और एचडी देवेगौड़ा के साथ ही केंद्रीय मंत्रियों और राज्यसभा सदस्य-रामविलास पासवान और रामदास आठवले के लिए भी सदन के चैंबर में चिन्हित सीटें होंगी। अन्य मंत्रियों को सत्तारूढ़ सदस्यों के लिए तय सीटों पर बैठाया जाएगा।

 

28-04-2020
राहुल ने कर्ज माफी पर केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा- इसीलिए भाजपा ने संसद में सच को छुपाया

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने एक आरटीआई में स्वीकार किया है कि उसने शीर्ष 50 विलफुल डिफॉल्टर्स के 68,607 करोड़ की बड़ी रकम बट्टा खाते में डाल दी है। अब कांग्रेस ने देश के कई बड़े पूंजीपतियों के 68,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज बट्टे खाते में डाले जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि कुछ सप्ताह पहले संसद में उनके प्रश्न का उत्तर नहीं देकर, इसी सच को छिपाया गया था।राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि, संसद में मैंने एक सीधा सा प्रश्न पूछा था- मुझे देश के 50 सबसे बड़े बैंक चोरों के नाम बताइए। वित्तमंत्री ने जवाब देने से मना कर दिया। अब आरबीआई ने नीरव मोदी, मेहुल चोकसी सहित भाजपा के 'मित्रों' के नाम बैंक चोरों की लिस्ट में डाले हैं। इसीलिए संसद में इस सच को छुपाया गया। राहुल गांधी ने अपने इस ट्वीट में अपना वो वीडियो भी शेयर किया है,जिसमें उन्होंने सरकार से देश के पचास डिफॉल्टरों के नाम पूछे थे। कांग्रेस का दावा है कि 24 अप्रैल को आरटीआई के जवाब में रिजर्व बैंक ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए 50 सबसे बड़े बैंक घोटालेबाजों का 68,607 करोड़ रुपए माफ करने की बात स्वीकार की है। इनमें भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी और नीरव मोदी के नाम भी शामिल हैं। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले पर देश को जवाब देना चाहिए। 

 

14-03-2020
रेल मंत्रालय का बड़ा कदम : तत्काल टिकट की कालाबाजारी पर रोक, एजेंट और वेंडर सिस्टम होगा खत्म

नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने ट्रेनों में तत्काल टिकट के खेल पर ब्रेक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। टिकटों की कालाबाजारी की लगातार मिल रही शिकायतों के कारण रेलवे यह व्यवस्था करने जा रहा है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने संसद को यह जानकारी दी कि जल्द ही एजेंट और वेंडर सिस्टम खत्म होगा। लोग या तो रेलवे स्टेशन पर जाकर टिकट बुक करा सकेंगे या फिर खुद मोबाइल ऐप या निजी कंप्यूटर से ऑनलाइन खरीद सकेंगे। गोयल ने लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए कहा कि टिकट का अवैध सॉफ्टवेयर बेचने वाले 104 लोगों और 5,300 दलालों को अब तक गिरफ्तार किया गया है, इसमें 884 वेंडरों को काली सूची में डाला जा चुका है। बता दें कि, तत्काल टिकट बुक करने के लिए अवैध तरीकों का इस्तेमाल करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम ने कई तरह के कदम उठाए हैं।

दरअसल, रेल मंत्रालय को मंत्रियों और सांसदों से टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग की तमाम शिकायते मिल रही थी। कई बार जांच के दौरान पता चला कि कुछ सॉफ्टवेयर के जरिए दलाल पहले से ही टिकट बुक कराकर बाद में महंगे रेट पर बेचते हैं, जिससे आम यात्री परेशान होते है। आरपीएफ के हाल ही में कार्रवाई में ऐसे तीन सौ से अधिक दलाल गिरफ्तार हुए थे, जो टिकट के काले धंधे में शामिल थे।

06-03-2020
कांग्रेस सांसदों के निलंबन मामले पर, लोकसभा स्पीकर की अध्यक्षता में बनी जांच कमेटी

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का शुक्रवार को पांचवां दिन है। दिल्ली हिंसा के मुद्दे को लेकर संसद में हर दिन हंगामा हो रहा है। बता दें कि गुरुवार को लोकसभा में कांग्रेस के 7 सांसदों को स्पीकर ओम बिरला ने खराब आचरण के आरोप में सस्पेंड कर दिया था। इसी कड़ी में शुक्रवार को सांसदों के निलंबन के मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि इसको लेकर एक जांच कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी में सभी दलों के सदस्य होंगे। जांच के दौरान देखा जाएगा कि सदन में 2 से 5 मार्च के दौरान क्या कुछ हुआ। लोकसभा के अपने सात सदस्यों के निलंबन के खिलाफ और दिल्ली हिंसा पर जल्द चर्चा की मांग को लेकर कांग्रेस के सांसदों ने पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में शुक्रवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने हुए इस विरोध प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांध रखी थी। राहुल गांधी और कई अन्य सदस्य बाद में काली पट्टी बांधकर ही लोकसभा की कार्यवाही में शामिल हुए।

 

06-03-2020
राज्यसभा की कार्यवाही 11 मार्च तक के लिए स्थगित

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का शुक्रवार को पांचवां दिन है। दिल्ली हिंसा के मुद्दे को लेकर संसद में हर दिन हंगामा हो रहा है। दिल्ली हिंसा के मुद्दे को विपक्ष किसी भी हाल में छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। इसके कारण लगातार सोमवार से संसद की कार्यवाही ठीक तरह से चल नहीं पा रही है। शुक्रवार को हंगामें के बाद राज्यसभा की कार्यवाही 11 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है। लोकसभा में कांग्रेस के 7 सांसदों को स्पीकर ओम बिरला ने खराब आचरण के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। कांग्रेस सांसदों के निलंबन को लेकर लोकसभा में काफी हंगामा हुआ। 

 

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