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20-11-2020
गंगरेल मड़ई में 45 गांवों के देवी-देवता पहुंचे, श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में किया परण...

धमतरी। दिवाली के बाद प्रथम शुक्रवार को गंगरेल मड़ई का आयोजन होता है। गंगरेल मड़ई देखने शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों लोग पहुंचे। मांं अंगारमोती देवी के दर्शन कर उन्होंने अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना भी की। संतान प्राप्ति के लिए महिलाओं ने मां अंगारमोती के दरबार में परण भी किया। मड़ई में करीब 45 गांवों के देवी-देवता शामिल हुए। इस दौरान आंगादेव पारंपरिक बाजे की थाप पर जमकर थिरकते रहे। जिला मुख्यालय से 14 किमी दूर गंगरेल बांध के किनारे मां अंगारमोती विराजित हैं, जिनकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। मान्यता के अनुसार दिवाली के बाद आने वाले पहले शुक्रवार को यहां मड़ई आयोजित होती है। इसके बाद ही अंचल के अन्य गांवों में मड़ई मेले के आयोजन का सिलसिला शुरु होता है। साल की पहली मड़ई होने के कारण यहां शहर समेत गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। मड़ई का मुख्य आकर्षण 45 गांवों से पहुंचने वाले देवी-देवता रहते हैं, जिन्हें विधि-विधान के साथ मां अंगारमोती के दरबार में आमंत्रित किया जाता है। इन देवी-देवताओं के साथ आंगा देवता भी आते हैं। मड़ई में सुबह से देवी दर्शन के लिए भक्तों की भी भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर में शहर से होकर आंगा देवता मड़ई स्थल पर पहुंचे। विभिन्न गांवों से 45 देवी-देवता मड़ई देखने पहुंचे थे। इनके साथ आए श्रद्धालु बाजे की धुन पर जमकर थिरकते रहे और युवक डांग लेकर उनकी अगुवाई करते रहे। उनकी जगह-जगह पूजा-अर्चना भी की गई।

परण में जबर्दस्त आस्था दिखी

परण में करीब 50-60 से अधिक महिलाएं शामिल हुईं। मंदिर के पुजारी उनसे नारियल, नीबू मंगाते रहे। माता के दरबार के सामने लंबी लाइन लगाकर इन महिलाओं को बिठाया गया। मड़ई-मेला में पहुंचे बैगाओं ने डांग, मड़ई, त्रिशूल, संकल, कासड़ आदि के साथ परंपरागत संस्कृति का प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने मेला स्थल के तीन चक्कर लगाए और मां अंगार मोती की ओर आने लगे। इस दौरान नीबू, नारियल आदि लेकर बैठी महिलाएं बाल खोलकर पेट के बल लेट गईं और करीब आधा दर्जन बैगा अपने डांग-डोरी के साथ महिलाओं के उपर से चलते हुए माता के पास पहुंचे। बैगाओं ने कहा कि पूरा विश्वास है कि आने वाले मेले तक इनकी गोद भर जाएगी।

 

 

20-11-2020
अब अमित जोगी पहुंचे केन्द्री,कहा-ऐसी घटनाओं को रोकने हेल्पलाइन नंबर करेंगे शुरू

रायपुर। राजधानी के समीप अभनपुर के केन्द्री गांव में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत का मामला सियासी तुल पकड़ चुका है। मामले में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। गुरुवार को पीड़ित परिवार के परिजनों से मिलने भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल केन्द्री पहुंचा था। मामले के सभी पहलुओं को खंगाला गया। प्रदेश सरकार से न्यायिक जांच की मांग की। आज जेसीसीजे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के साथ पार्टी के अन्य नेता केन्द्री पहुंचे। अमित जोगी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के इतिहास की ऐसी पहली घटना है जब किसी ने न केवल अपनी जान बल्कि अपनी मां, पत्नी और दो नन्हें बच्चों की भी जान ले ली। कोई व्यक्ति ऐसा तभी करता है जब उसका स्वयं,समाज और सरकार,तीनों से विश्वास उठ जाता है। महामारी में आर्थिक तंगी और मानसिक डिप्रेशन वैश्विक समस्या बन चुकी है। अमित जोगी ने दोनों राष्ट्रीय पार्टियों से अनुरोध किया है कि ये समय राजनीति करने का नहीं है। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से बाहर निकलकर जेसीसीजे समाज के प्रति अपनी जवाबदेही का निर्वहन करेगी। कोरोना महामारी की वजह से आर्थिक और मानसिक रूप से डिप्रेशन का शिकार हो रहे लोगों के लिए हेल्पलाइन 9425203333 की शुरुआत करेगी। इसमें लोग अपनी समस्याओं पर खुलकर बात कर सकें, ताकि केन्द्री जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

19-11-2020
विभिन्न समस्याओं को लेकर 68 गांव के आदिवासियों ने निकाली रैली, सौंपा ज्ञापन

कांकेर। जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोयलीबेड़ा में गुरुवार को आदिवासियों ने किसानों से सम्बन्धित मूलभूत सुविधाएं व धान खरीदी के संबंध में रैली निकाल अपने पारम्परिक गीतों में नाच गाना गाकर कोयलीबेड़ा ब्लॉक मुख्यालय में सभा व रैली प्रदर्शन किया। इसमें क्षेत्र के 68 गाँव के करीब 1000 की संख्या में ग्रामीण किसान शामिल हुए और अपनी समस्याओं को लेकर तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों की मुख्य मांग है कि कोयलीबेड़ा में सहकारी बैंक खोल जाए,जिससे किसानों को दूरी तय कर अन्तागढ़ जाना न पड़े एवं पिछले बार धान बेचने से वंचित लगभग 350 किसानों का कर्ज माफ किया जाये।

 

17-11-2020
नहरों के जीर्णोद्धार से किसान हुए लाभान्वित, अंतिम छोर के गांव तक पहुंचा सिंचाई का पानी

कांकेर। जिले में नहरों के जीर्णोद्धार से सिंचाई रकबा में वृद्धि हुई है, जिससे क्षेत्र के किसान लाभान्वित हुए हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा चारामा विकासखण्ड के अंतर्गत सेन्दारनाला व्यपवर्तन का जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य किया गया है, जिससे अंतिम छोर के गांव तक सिंचाई पानी पहुंचने से किसानों में खुशी है।बता देें कि चारामा विकासखण्ड के अंतर्गत सेन्दारनाला व्यपवर्तन का निर्माण लगभग 30 वर्ष पहले कराया गया था। इसके अंतर्गत एक मुख्य नहर जिसकी लंबाई 23 किलोमीटर तथा 5 माइनर नहरों का निर्माण किया गया है। इस व्यपवर्तन के पूर्ण होने के बाद शुरू में किसानों को इसका लाभ मिल रहा था, लेकिन कालांतर में अनुरक्षण के अभाव में नहरों की सिंचाई क्षमता में गिरावट आती गई, जिसके कारण रूपांकित क्षमता के अनुरूप सिंचाई नहीं हो पा रही थी।

उक्त व्यपवर्तन से अंतिम छोर के किसानों को भी लाभान्वित करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस योजना की जीर्णोंद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य के लिए 809 लाख रूपये की स्वीकृति की गई। इसे निविदा के माध्यम से 741.79 लाख रूपये व्यय कर इस व्यपवर्तन को जुलाई 2020 में पूर्ण किया गया है। सेन्दारनाला व्यपवर्तन का रूपांकित सिंचाई क्षमता 1215 हेक्टेयर है, लेकिन पूर्व में इससे मात्र 203 हेक्टेयर क्षेत्र में ही खरीफ फसल की सिंचाई हो पा रही थी। नहरों का जीर्णोंद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के बाद इस वर्ष 680 हेक्टेयर में खरीफ सिंचाई की गई है, जो पिछले वर्षों के तुलना में 477 हेक्टेयर अधिक है।

 

07-11-2020
गांवों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, कोरोना काल में भी नहीं थमी विकास की गति : भूपेश बघेल

दुर्ग। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पाटन ब्लाक के ग्राम सेलूद पहुंचे। यहां पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों का संतोष ही राज्य की ठोस अर्थव्यवस्था का आधार होता है और किसानों की समृद्धि का अंततः नतीजा समाज के सभी वर्गों के आर्थिक हितों को बढ़ावा देने के रूप में होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के चलते ग्रामीण विकास के तेजी से पिछड़ने की आशंका थी लेकिन सरकार ने ऐसे निर्णय लिये जिससे इसका नकारात्मक परिणाम घट गया। हमने मनरेगा के काम देश में सबसे पहले शुरू कराए। इससे ग्रामीण आर्थिक विकास की धुरी तो निरंतर चली ही। 26 लाख लोगों को काम मिला। जनजातीय क्षेत्रों में लघु वनोपज की खरीदी शानदार रही। गोधन न्याय योजना के माध्यम से पशुपालकों को काफी लाभ मिलना शुरू हुआ। इससे पशुधन का रखरखाव भी बढ़ा। अब गोबर कीमती वस्तु है। इससे लोग पशुओं को अधिकाधिक समय कोठा में ही रखना पसंद करते हैं। पहाटिया भी इसके प्रति काफी जागरूक हैं क्योंकि गोधन न्याय योजना के माध्यम से गोबर का महत्व काफी बढ़ गया है। इसकी परिणीति होगी, फसलों की सुरक्षा के रूप में और जैविक खेती को बढ़ावा देने के रूप में। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरवा योजना के माध्यम से वाटर रिचार्ज के कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। बिलासपुर और सूरजपुर को केंद्र सरकार की ओर से इस कार्य के लिए पुरस्कृत भी किया गया है।

उन्होंने कहा कि गौठान को आजीविकामूलक केंद्र के रूप में विकसित करना है। महिलाओं को यहां काम करने में आसानी हो, इसके लिए शेड स्वीकृत किये गए हैं। इस बार दीवाली के मार्केट में महिलाओं की अहम भागीदारी है। इन्हें अन्य उत्पादों के निर्माण के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। कोरोना काल में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, यह हमने सुनिश्चित किया। 3 महीने का राशन मुफ्त में दिया। मध्याह्न भोजन बच्चों के घरों में भेजा गया। इसके साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों के घरों में भी सप्लाई जाती रही। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र की समस्याएं भी सुनी एवं जनप्रतिनिधियों ने उनसे नवीन निर्माण कार्यों और अन्य सुविधाओं की माँग भी की। इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को उक्त संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिये।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सेलूद में 8 करोड़ रुपए के लागत से मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा भी की। साथ ही सेलूद में इंग्लिश मीडियम स्कूल के निर्माण की घोषणा भी की। पाटन में चार इंग्लिश मीडियम स्कूल आरंभ होंगे। महिलाओं के लिए गौठान में शेड हेतु 5 करोड़ रुपए की घोषणा की। 25 जगहों के लिए ओपन जिम स्वीकृत किये। पंचायतों के विकास के लिए 9 करोड़ 88 लाख रुपए स्वीकृत किये।

 

23-10-2020
दंतैल हाथी ने युवक को कुचल कर मार डाला

 गरियाबंद। साकरा गांव में शुक्रवार को हाथी ने एक युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार एक दंतैल हाथी पांडुका पहुंचा। यहां एक ग्रामीण हाथी की जद में आ गया। हाथी को देख कर युवक भागा पर कीचड़ में गिर गया। इस दौरान हाथी ने उस पर हमला कर दिया और कुचल कर मार डाला। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण भयभीत है और अपने घरों में दुबक गए हैं।

 

23-10-2020
कोरोना जाँच के लिए गई टीम के ऊपर हुआ हमला, गाँव जाने से डर रही हैं टीम

बीजापुर। जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर तोयनार थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पापनपाल एवं बोरजे में कोरोना वायरस के कई केस निकलने के बाद जिला अस्पताल से टीम जाकर ग्रामीणों का टेस्ट कर उचित इलाज व अन्य जानकारी दे रही है। शुक्रवार को कोरोना जांच करने बोरजे गांव की ओर जा रहे गाड़ी पर गांव से पथराव हुआ। ग्रामीणों ने टीम के साथ झगड़ा भी किया और बिना कोरोना जांच किये टीम को वापस लौटना पड़ा। वही टीम के सदस्यों का कहना है दूसरी घटना जिला मुख्यालय के नयापारा स्थित बटालियन की है। यहां जवानों ने भी टीम के साथ बदतमीजी की। कोरोना जांच टीम ने अपने उच्च अधिकारी डॉ.बीआर पुजारी से इसकी शिकायत की। मिली जानकारी के अनुसार टीम के सदस्य अब किसी भी गांव जाने से डर रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.बीआर पुजारी ने कहा कि टीम ने शिकायत की है। बोरजे के ग्रामीण एवं सीआरपीएफ के जवान ने भी बदतमिजी की गई है। उनकी शिकायत पर आगे की कार्रवाई हो रही है। जवान के द्वारा जो कुछ भी कहा गया डीआईजी सीआरपीएफ को इसकी जानकारी दी गई है।

 

22-10-2020
मतदाता जागरूकता रथ गांव-गांव जाकर करेगा जागरूक, जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिखाई हरी झंडी

रायपुर। मरवाही विधानसभा उपनिर्वाचन के मतदाताओं की जागरूकता के लिए मतदाता जागरूकता रथ को गुरुवार को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। निर्वाचन प्रेक्षक जय सिंह एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डोमन सिंह ने जागरूकता रथ को कलेक्ट्रेट परिसर से रवाना किया। निर्वाचन प्रेक्षक जयसिंह ने स्वीप कार्यक्रम अन्तर्गत मतदाता जागरूकता कार्यक्रम को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करने की बात कही। उन्होंने प्रजातंत्र की रक्षा और मजबूती के लिए मतदान को आवश्यक बताया। इस अवसर पर जिला निर्वाचन अधिकारी डोमन सिंह ने प्रजातंत्र की मजबूती के लिये मतदान को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि जागरूक मतदाता अच्छे जनप्रतिनिधि चुन सकते हैं।  सिंह ने कहा कि मतदाता जागरूकता रथ गांव-गांव जाकर मतदाताओं को जागरूक करेगा। इसके माध्यम से उन्हें निष्पक्ष होकर तथा प्रलोभन से दूर रहकर मतदान करने जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को उनके वोट का महत्व समझना होगा।


 

 

22-10-2020
ग्रामीण वाहनों का लाइसेंस बनाने दे रहे अतिरिक्त पैसा, क्षेत्र में एजेंट सक्रिय 

कवर्धा। ग्रामीण वाहनों के लाइसेंस बनाना एजेंटों के चक्कर में आ रहे हैं और अधिक पैसे दे रहे हैं। दरअसल वाहनों के लाइसेंस अब ऑनलाइन बनाए जाते हैं और फीस भी अब ऑनलाइन जमा होती है। लेकिन आज भी परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में एजेंट सक्रिय है। पर गांव से आने वाले युवा जानकारी के अभाव में एजेंट के चक्कर में आकर लाइसेंस बनवाने अधिक पैसा दे रहे हैं। बता दें कि दो पहिया वाहन लर्निंग के लिए 250 रुपए व परमानेंट के लिए 700 रुपए इसी प्रकार चार पहिया वाहन के लिए 350 रुपए में लर्निंग व 1000 रुपए में परमानेंट बना जाता है। लेकिन आरटीओ एजेंट बाइक के लाइसेंस के लिए 400 रुपए में लर्निंग व परमानेंट के लिए 1000 हजार रुपए तक लेते हैं। इसी प्रकार चार पहिया वाहन के लर्निंग लाइसेंस के लिए 500 रुपए तक व परमानेंट लाइसेंस 1000 हजार पर 2200 रुपए तक ले रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। 
वर्जन
हमारे यहां कोई भी एजेंट पंजीकृत नहीं है। यदि कोई एजेंट कार्यालय में आकर काम कर रहे हैं तो मैं उनका कार्यालय में प्रवेश करने से मना करवाऊंगा। पोस्ट ऑफिस भी एक ही परिसर में होने के कारण थोड़ी दिक्कत होती है।
सीआई देवांगन, आरटीओ अधिकारी कबीरधाम

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