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14-11-2019
भूपेश बघेल ने केन्द्रीय कृषि और खाद्य मंत्री से की मुलाकात 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और केन्द्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान से मुलाकात की। इस दौरान भूपेश बघेल ने राज्य के किसानों के हित में सेन्ट्रल पूल में चावल उपार्जन की अनुमति दिए जाने का आग्रह किया। वहीं छत्तीसगढ़ में बायो एथेनॉल के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए केंद्र से सहयोग की बात कही है। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ राज्य के कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत भी मौजूद थे। केन्द्रीय मंत्रियों ने आग्रह पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में सेंट्रल पूल में 32 लाख मीट्रिक टन चावल की खरीदी की मांग की है। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2014 में निर्णय लिया गया है, जिसके अनुसार जो राज्य सरकार किसानों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पर बोनस देगी उनसे सेन्ट्रल पूल में चावल नहीं लिया जाएगा। लेकिन इसके बावजूद छत्तीसगढ़ में पूर्व में दो वर्षों में इस प्रावधान को शिथिल कर सेन्ट्रल पूल में छत्तीसगढ़ से चावल लिया गया। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्ष 2019-20 में सेन्ट्रल पूल में प्रधानमंत्री से प्रावधान को शिथिल कर सेन्ट्रल पूल में छत्तीसगढ़ से 32 लाख मीट्रिक टन चावल लेने का आग्रह किया गया है। वहीं, भूपेश बघेल ने वर्ष 2019-20 में उपार्जित अतिरिक्त धान का वैकल्पिक उपयोग कर बायो एथेनॉल उत्पादन के लिए केंद्र से सहमति का आग्रह किया है, जिससे बायो फ्यूल के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिल सके। केंद्रीय मंत्रियों ने छत्तीसगढ़ की मांगों को गंभीरता से लेते हुए राज्य शासन की बायो फ्यूल के क्षेत्र में निवेश के प्रोत्साहन नीति को आगे बढ़ाने के लिए उचित पहल किए जाने का भरोसा दिया है।

14-11-2019
भाजपा का किसान हित में आंदोलन अच्छी बात, हमारे साथ दिल्ली भी चले : कांग्रेस

रायपुर। भाजपा द्वारा किसान हित में आंदोलन की घोषणा पर कांग्रेस ने कहा है कि राज्य सरकार तो 2500 रुपए में धान खरीदी कर ही रही है। भाजपा को आंदोलन करना है तो केन्द्र सरकार से मांग करें कि छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चावल सेन्ट्रल पूल में खरीदा जाये। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने भाजपा नेताओं से आह्वान किया है कि किसानों की समस्याओं के लिए आंदोलन राज्य में भी करें और हमारे साथ दिल्ली भी चलें। समस्या तो दिल्ली सरकार ने पैदा की है।त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा किसान हित में आंदोलन करे यह अच्छी बात है। छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना 32 लाख टन चावल सेन्ट्रल पूल में खरीदने की मांग भाजपा केन्द्र सरकार से भी करे। छत्तीसगढ़ की धरती पर बने एफसीआई के गोदामों में छत्तीसगढ़ की माटी से उपजे धान से बना चावल नहीं रखा जाएगा तो और क्या रखा जाएगा? पूरे देश में चावल केंद्र सरकार 32.50 रुपए प्रति किलो की दर पर लेती है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 1815 रुपए की जगह 2500 रुपए देने के कारण न तो किसी भी प्रकार की अतिरिक्त राशि की मांग केंद्र सरकार से की गई है और न ही की जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस वर्ष 32 लाख टन चावल की खरीदी हेतु केंद्र सरकार से आग्रह किया गया। त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के किसान प्रधानमंत्री मोदी के 1815 रुपए और भूपेश बघेल के 2500 रुपए का अंतर समझते हंै। भाजपा नेताओं को याद दिलाते है कि भूपेश बघेल की सरकार में इन पंजीकृत किसानों की संख्या 16.5 लाख से बढ़कर 19 लाख होने के बावजूद किसानों के पंजीकरण की तिथि को मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लेकर 7 दिनों के लिए और बढ़ाया गया है। यह भूपेश बघेल सरकार के किसानों के प्रति समर्पण का जीता-जागता सबूत है।

 

08-11-2019
सुपेबेड़ा के किडनी रोग से पीड़ित ग्रामीणों का राज्य सरकार करा रही मुफ्त में इलाज

रायपुर। गरियाबंद जिलांतर्गत ग्राम सुपेबेड़ा के किडनी बीमारी से ग्रसित 10 ग्रामीणों का रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पीडि़तों के इलाज के खर्च के अलावा संग में  देखरेख के लिए आए उनके परिजनों के भोजन व ठहरने  का पूरा खर्च भूपेश बघेल सरकार उठा रही है। राजधानी के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती मरीजों ने बताया कि पिछले 3 दिनों से उनका इलाज जारी है। आज तक उनका एक रुपए भी  खर्च नहीं हुआ।  आने-जाने, खाने-पीने और इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है।  मरीजों ने यह भी बताया कि अस्पताल में उनका अच्छा इलाज हो रहा है, हॉस्पिटल स्टाफ का व्यवहार भी ठीक है। उन्होंने गांव के अन्य पीडि़तों से भी रायपुर में आकर इलाज कराने की अपील की। बता दें कि किडनी रोगों के चलते चर्चा में आए ग्राम सुपेबेड़ा में ग्रामीणों का हाल-चाल जानने के लिए प्रदेश की राज्यपाल अनुसुइया उइके, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव दौरा कर चुके हैं। 

 

07-11-2019
1815 और 2500 रुपए का अंतर समझते हैं छत्तीसगढ़ के किसान : कांग्रेस

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के आंदोलन की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा जब सरकार में थी तब तो भाजपा ने वायदा कर के किसानों को धोखाधड़ी के अलावा और कुछ भी नहीं दिया। कांग्रेस भाजपा की तरह किसान विरोधी और धोखेबाज नहीं है। रमन सिंह  जिस तरीके से लगातार किसानों के साथ धोखाधड़ी करते रहे हैं, कांग्रेस और भूपेश बघेल का ऐसा चरित्र ही नहीं है। रमन सिंह ने कहा था कि 5 हॉर्सपावर पंपों की मुफ्त बिजली दी जाएगी। रमन सिंह ने कहा था कि किसानों का एक-एक दाना धान खरीदा जाएगा।  रमन सिंह ने कहा था कि 2100 रुपए  धान का समर्थन मूल्य देंगे और 300 रुपए बोनस 5 साल तक देंगे। एक भी वादा न पूरा करने वाले रमन सिंह और भाजपा को एक-एक वादा पूरा करने वाली कांग्रेस सरकार के मुखिया भूपेश बघेल पर झूठे और निराधार आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। त्रिवेदी ने छत्तीसगढ़ शासन के 1815 रुपए के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के आदेश पर सोशल मीडिया में भाजपाइयों की टीका-टिप्पणी पर कहा है कि यह मोदी सरकार द्वारा घोषित धान के समर्थन मूल्य की जानकारी देने वाला परिपत्र है। सोशल मीडिया में झूठ फैलाने में लगे लोग इस आदेश की उस पंक्ति को भी पढ़ लें जिसमें लिखा है कि प्रदेश के पंजीकृत किसानों से धान खरीदी की दर के संबंध में पृथक से दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा। शैलेश नितिन त्रिवेदी ने भाजपा नेताओं को याद दिलाया है कि भूपेश बघेल की सरकार में इन पंजीकृत किसानों की संख्या 16.5 लाख से बढ़कर 19 लाख होने के बावजूद किसानों के पंजीकरण की तिथि को मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लेकर 7 दिनों के लिए और बढ़ाया गया है। यह भूपेश बघेल सरकार के किसानों के प्रति समर्पण का जीता-जागता सबूत है। 

 

07-11-2019
सुकमा जिले के विकास में कोई कमी नहीं होगी: भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को जिला मुख्यालय सुकमा में आयोजित पंच-सरपंच, किसान सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुकमा जिले के विकास के कार्यो में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि छिंदगढ़ में जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक की शाखा खोली जाएगी। तोंगपाल में अगले शिक्षा सत्र से शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ होगा। उन्होंने एक हजार किसानों के सिंचाई पंप ऊर्जीकरण के लिए 13 करोड़ रूपए और छिंदगढ़-गंजेनार की पेयजल व्यवस्था के लिए 8 करोड़ रूपए की घोषणा की। बघेल ने शिक्षा सत्र 2020-21 से अतिसंवेदशील क्षेत्र गोलापल्ली में 50 सीटर छात्रावास एवं 100 सीटर आश्रम प्रारंभ करने, तालनार स्कूल का उन्नयन हायर सेकेण्डरी स्कूल में करने, तोंगपाल और दोरनापाल में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास तथा सुकमा में पोस्ट मैट्रिक पिछड़ा वर्ग छात्रावास की मंजूरी दी। भूपेश बघेल ने कहा कि छोटे अपराधों में जेल में बंद आदिवासियों को छोड़ा जाएगा। प्रथम चरण में 313 लोगों को रिहा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आदिवासी बहुल जिले में स्वास्थ्य सुविधा बेहतर सुनिश्चित करने एएनएम और एमपीडब्ल्यू स्वास्थ्य कार्यकताओं को 50 स्कूटी दी जाएगी। इस अवसर पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, लोकसभा सांसद दीपक बैज और विधायक मोहन मरकाम, लखेश्वर बघेल और विक्रम मण्डावी, जिला पंचायत सुकमा अध्यक्ष हरीश कवासी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। ’अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार’ गीत छत्तीसगढ़ का राज्यगीत घोषित होने के बाद पहली बार सुकमा के मिनी स्टेडियम में गूंजा। उपस्थित अतिथियों सहित सभी लोगों ने खड़े होकर राज्यगीत को सम्मान दिया।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार 2500 रूपए प्रति क्विंटल में किसानों से धान खरीदेगी। केन्द्र सरकार कहती है कि यदि 2500 रूपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी की जाती है, तो सेन्ट्रल पूल में छत्तीसगढ़ का चावल नहीं लिया जाएगा। उन्होेंने सभी किसानों और व्यापारियों से प्रधानमंत्री को इस संबंध मंे चिठ्ठी लिखने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री से मिलने और उन्हें इस संबंध में किसानों, व्यापारियों के पत्र सौंपने के लिए सड़क मार्ग से 13 नवम्बर को रायपुर से नई दिल्ली के लिए यात्रा प्रारंभ होगी, जो दो दिन बाद दिल्ली पहुंचेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान और व्यापारी पत्र में यह उल्लेख भी करें कि 2500 रूपए प्रति क्विंटल धान खरीदी और कर्ज माफी से छत्तीसगढ़ के किसानों की क्रय शक्ति बढ़ी है और यहां मंदी का प्रभाव नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाएं को कुपोषण और एनिमिया से मुक्ति दिलाने के लिए पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की गई है, जिसका लोगों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि गांवों में बनने वाले गौठानों में आजीविका सेन्टर भी बनाए जाएंगे। जहां मछली पालन, मुर्गी पालन, दोना निर्माण जैसी अनेक आर्थिक गतिविधियां संचालित की जाएगी, जिससे कोई भी हाथ खाली न रहे। उन्होंने छत्तीसगढ़ के संदर्भ में पुरखों के सपनों को साकार करने के लिए सभी लोगों से सहयोग का आव्हान किया। 
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में बताया कि आज सुकमा में जिले के विकास के लिए लगभग 168 करोड़ रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यो का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। जिले के 8 हजार किसानों का 21 करोड़ रूपए का कृषि ऋण माफ किया गया। इस वर्ष सुकमा जिले में 4 लाख क्विंटल धान की खरीदी का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 5 हजार किसानों ने क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 17 करोड़ रूपए का ऋण लिया है, यहां के किसान उत्तम खेती की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नरवा, गरवा, घुरूवा और बाड़ी योजना के अंतर्गत जिले में 23 गौठानों का कार्य पूर्ण हो गया है, 1600 बाड़ियों में निःशुल्क खाद बीज वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के लिए 4 करोड़ रूपए की मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना के अंतर्गत 21 हाट बाजारों में 10 हजार मरीजों ने इलाज कराया। जगरगुंड़ा, भेज्जी में बंद आश्रम स्कूल पुनः चालू हुए हैं। 123 शिक्षण संस्थानों में से 90 प्राथमिक स्कूल पुनः चालू हो गए हैं। जिले के 51 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों से चार हजार रूपए प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता संग्रहण का काम कराया गया और उन्हें 35 करोड़ रूपए पारिश्रमिक भुगतान किया गया। 

06-11-2019
कृषि और लघु वनोपज आधारित उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा : भूपेश बघेल

रायपुर। राजधानी में नई औद्योगिक नीति पर उद्योगपतियों के साथ चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए हमें व्यवसायिक दृष्टिकोण अपनाना होगा। सिंगल विंडो प्रणाली को वास्तविक रूप में लागू करना होगा। एक बार आवेदन करने के बाद सारी प्रक्रिया पूर्ण करानी होगी। तभी हम दूसरे राज्यों के उद्योगपतियों को उद्योग लगाने के लिए आकर्षित कर पाएंगे। राज्य में इससे उद्योग के लिए नया वातावरण बनेगा और अधिक से अधिक निवेश होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लोहा, कोयला, बाक्साइट आदि की उपलब्धता के कारण उद्योग लगे, लेकिन कई ऐसे क्षेत्र जैसे-लघु वनोपज और कृषि आदि क्षेत्र उद्योग से अछूते रहे हैं, इन क्षेत्रों में हमें आगे औद्योगिकीकरण की दिशा में बेहतर ढंग से काम करना हैं। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर में उद्योग विभाग द्वारा आयोजित नई उद्योग नीति पर परिचर्चा संबंधी कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यशाला में कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ’गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ के नारे को सार्थक रूप देने के लिए प्रदेश के नए क्षेत्रों में उद्योगों को ले जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 10 आकांक्षी जिलों में जो देश के अति पिछड़े 110 जिलों में शामिल है। इन क्षेत्रों में विकास के लिए कृषि और उद्यानिकी तथा लघु वनोपज पर आधारित बस्तर से लेकर सरगुजा क्षेत्र में नए उद्योग लगाने के लिए पहल की जाएगी। कम प्रदूषण फैलाने वाले छोटे और मझोले उद्योग उन क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नई उद्योग नीति यद्यपि पांच साल के लिए बनाई गई है। जरूरत पड़ने पर संशोधन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हम समावेशी विकास पर बल दे रहें है। यहां रहने वाले लोगों को यह लगना चाहिए कि यदि सड़क बनती है या उद्योग लगते है तो यह उनके विकास के लिए लगाए जा रहे हैं। 
 

  

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरा अमूल्य प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है। यहां एक तरफ लोहा, कोयला तथा बॉक्साइट आदि महत्वपूर्ण खनिज संसाधन भरे पड़े हैं, वहीं दूसरी ओर वन तथा विविध फसल उत्पादों से भी छत्तीसगढ़ समृद्ध है। इस तरह राज्य में उद्योग के लिए एक उपयुक्त और बेहतर वातावरण है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में उद्योगों को भी बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा आवश्यक पहल कर नई औद्योगिक नीति 2019-24 तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में समावेशी विकास, आत्मनिर्भर तथा परिपक्व अर्थव्यवस्था के निर्माण को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया है। उन्होंने उद्योगपतियों की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य को राजस्व देते है वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासियों को उद्योग के जरिए रोजगार भी देते है। उनसे बढ़कर छत्तीसगढ़िया और कोई नहीं हो सकता। उद्योगपति एक-दूसरे से जुड़े उद्योग लगाए इससे व्यापार और राजस्व में वृद्धि होगी और हमारे पुरखों ने जो छत्तीसगढ़ को खुशहाल और समृद्ध बनाने का सपना देखा था वह पूरा हो सकेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में बहुत ही कम समय में नई औद्योगिक नीति बनायी गई है। इनमें अब तक के उद्योग विहीन वाले क्षेत्रों में वहां उपलब्ध संसाधनों के आधार पर प्राथमिकता से उद्योग लगाए जाएंगे। कार्यक्रम को प्रमुख सचिव उद्योग मनोज पिंगुआ, सीआईआई के अध्यक्ष अमित अग्रवाल, फिक्की के अध्यक्ष प्रदीप टंडन, उरला इंडस्ट्रियल एसोसिऐशन के उपाध्यक्ष अश्विन गर्ग ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विभिन्न औद्योगिक संगठानों के पदाधिकारी और उद्योगपति उपस्थित थे। 

02-11-2019
आस्था और श्रद्धा से मनाया जा रहा है महापर्व छठ

डोगरगढ़। भगवान सूर्य की आराधना का महापर्व छठ देश भर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। मुख्य तौर पर बिहार और उत्तर प्रदेश का यह पर्व अब पूरे देश के साथ साथ विदेशों में भी बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। इसमें व्रत को रखने वाली महिलाएं नदी या तालाब के पानी में खड़े होकर पहले दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देतीं हैं तो वहीं दूसरे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देतीं है। इस पर्व में विशेष रूप से बांस से निर्मित टोकरी और सूप के साथ साथ गुड़ चावल और गेहूं से निर्मित प्रसाद, जिसे ठेकवा कहा जाता है का वितरण किया जाता है। इस पर्व के लिए गन्ने से घाट पर मंडप बनाया जाता है,जिसके चारों ओर बैठकर व्रती महिलाएं पारंपरिक मधुर लोकगीत गाती है। व्रत के पूर्ण होने पर सभी व्रती महिलाएं घाट पर मौजूद सभी उपासकों को प्रसाद बांट कर आशीर्वाद देती है। ऐसी मान्यता है कि इस प्रसाद के प्रभाव से उपासकों की हर मनोकामना सूर्य भगवान अवश्य पूर्ण करते हैं।

 

22-10-2019
कांग्रेस ने कहा-पहले 4601 करोड़ के ई-टेण्डर घोटाले का हिसाब दें रमन

रायपुर। ई-टेण्डर मामले में प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। रमन सिंह के कार्यकाल में 4601 करोड़ का टेण्डर घोटाला हुआ था। अच्छा काम करने वाली कांग्रेस सरकार पर रमन सिंह झूठा आरोप लगा रहे है। ई-टेंडर को लेकर भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की बयानों पर कांग्रेस कड़ी निंदा करती है। यह भुलाया नहीं जा सकता है कि रमन सिंह के शासनकाल में ई-टेण्डर में ही चिप्स में बड़ा घोटाला हुआ था। नंवबर 2015 से लेकर मार्च 2017 तक 1459 टेंडर डालने के लिए एक ही ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया गया था। 17 विभागों के अधिकारियों ने 4601 करोड़ के टेण्डर में 74 एकसेस कम्प्यूटरों का इस्तेमाल निविदा अपलोड करने में किया गया और उन्हीं कम्प्यूटरों का इस्तेमाल निविदा भरने के लिये भी किया गया, यह स्पष्ट रूप से बड़ा घोटाला था। त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह सरकार ने ई-टेण्डर से बाहर की फर्मों और ठेकेदारों को पिछले दरवाजे से फायदा पहुंचाया। ई-टेण्डर का नाम तो लिया गया भ्रष्टाचार कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, लेकिन रमन राज में ई-टेण्डर की पूरी प्रक्रिया दूषित और पक्षपातपूर्ण रही। इसका इस्तेमाल सिर्फ  अपने चहेते ठेकेदारों को बढ़ावा देने के लिये और उनके आर्थिक हितलाभ के लिये किया गया। बड़े-बड़े टेण्डर जानबूझकर ई-टेण्डर प्रक्रिया से ही किए गए। ई-टेण्डर प्रक्रिया का दुरूपयोग अपने चहेतों ठेकेदारों को काम देने भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को बढ़ावा देने के लिए किया गया। ई-टेण्डर से प्रदेश के बाहर के भाजपा समर्पित ठेकेदारों को काम दिया गया।

आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों को ठेकेदारी में लाभ पहुंचाने के लिए ई-टेण्डर प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के लिए जिम्मेदार रमन सिंह और भाजपा नेता आज इस प्रक्रिया की वकालत कर रहे हैं। शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में भी और विधानसभा चुनाव में भी वादा किया था कि हम स्वामीनाथन कमेटी के सिफारिश लागू करेंगे। लागत मूल्य पर किसानों को 50 प्रतिशत लाभ दिया जाएगा। वादा तो किया भाजपा ने लेकिन भाजपा की सरकारों ने इस वादे को पूरा नहीं किया। इसके कारण किसान लगातार कर्ज के बोझ में दबते चले गए। किसान कर्ज के बोझ के चलते आत्महत्या करने को मजबूर हो गए। रमन सिंह सरकार में तो रोज किसी न किसी किसान की आत्महत्या की घटना सामने आती थी जिसके मूल कारण में किसानों के कर्ज के बोझ में दबा होना और फसल का सही दाम नहीं मिलना था। भूपेश बघेल की सरकार ने छत्तीसगढ़ में सत्ता सम्हालते ही सबसे पहले किसानों का कर्ज माफ  किया और इसके बाद किसानों को 2500 रुपए धान का दाम देना चालू किया। भूपेश बघेल सरकार द्वारा धान का मूल्य 2500 रुपए प्रति क्विंटल देने से अब खेती घाटे का सौदा नहीं रह गयी है। किसान खेती की ओर वापस लौट रहे हंै। यही कांग्रेस और भाजपा सरकार के बीच का अंतर है

21-10-2019
  मुख्यमंत्री ने किया पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को नमन  

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों का नमन करते पुलिस सेवा के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा उनके परिवारजनों का अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि देश की एकता और अखण्डता, प्रदेश एवं देशवासियों की सुरक्षा के कर्तव्य पालन में अपने जीवन का बलिदान करने की मिसालें दुर्लभ ही होती है। पुलिस की नौकरी सिर्फ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि एक जज्बा है। पुलिस बल में शामिल लोग असाधारण तथा असामान्य जीवन जीते हुए 24 घण्टे जनता की सुरक्षा में डटे रहते हैं। पुलिस सेवा के लोग जब अपनी जान-जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं, तभी हम अपने घरों में सुरक्षित रह पाते हैं। छत्तीसगढ़ जैसे नक्सल प्रभावित राज्य में यह जोखिम और भी बढ़ जाता है। सशक्त बलों के कंधे से कंधा मिलाकर छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों और जवानों ने नक्सली गतिविधियों का मुकाबला किया है और शहादत दी है। उनकी शहादत खाली न जाये, यह सुनिश्चित करना हम प्रदेशवासियों की जिम्मेदारी है।   इस अवसर पर मैं शहीदों को नमन करता हूं तथा पुलिस सेवा के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा उनके परिवारजनों का भी सादर अभिनंदन करता हूं, जो अपना जीवन दांव पर लगाकर कर्तव्य निर्वहन कर रहे हैं।

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