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03-03-2021
वन विभाग के दो अधिकारियों को शो काज नोटिस जारी, जवाब नहीं देने पर होगी कार्रवाई 

रायपुर। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी ने कटघोरा वनमंडल के अंतर्गत उप वनमंडलाधिकारी एके तिवारी और वनक्षेत्रपाल मोहर सिंह मरकाम को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण शो काज नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब निर्धारित समय-सीमा देने के निर्देश दिए गए हैं। अन्यथा संबंधित के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जाएगी। बताया गया कि दोनों अधिकारियों ने कटघोरा वनमंडल के अंतर्गत कैम्पा योजना में स्वीकृत राशि से जटगा परिक्षेत्र के स्टापडेम क्रमांक-1 टेटी नाला, स्टापडेम क्रमांक-3 सोढ़ीनाला व स्टापडेम क्रमांक-5 के निर्माण कार्य में लापरवाही बरती है।

17-10-2020
तालाब में डूबने से हाथी की मौत, गया था पानी पीने

कोरबा। कटघोरा वनमंडल के केंदई वन परिक्षेत्र में घूम रहे हाथियों के झुंड में से एक हाथी की तालाब में डूबकर मौत हो गई। इसकी सूचना वन विभाग को मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। बताया जाता है कि लमना बीट में यह घटना हुई है। हाथी पानी पीने तालाब गया था। इसी दौरान झुंड में शामिल बच्चा दलदल में फंस गया। पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। हाथी के शव का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कराया जाएगा। बता दें कि केंदई वन परिक्षेत्र में एक साल के भीतर 3 हाथियों की मौत हो चुकी है। एक हाथी पहाड़ से गिरकर तो दूसरे हाथी की मौत दलदल में फंसने से हुई थी।

20-07-2020
गागड़ा ने कहा - प्रदेश सरकार पता लगाए, प्रतिबंधित वन क्षेत्र में अधिकारी किसके इशारों पर अवैध कटाई कराने पहुँचे थे?

रायपुर। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने कटघोरा वनमंडल के बांकीमोंगरा हल्दीबाड़ी के रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में अवैध बाँस कटाई को लेकर वनरक्षक (बीटगार्ड) द्वारा अपने अधिकारियों रेंजर, डिप्टी रेंजर समेत 11 लोगों  के खिलाफ बनाए गए मामले को साहसपूर्ण कार्य बताकर वनरक्षक को उसके इस कार्य के लिए पुरस्कृत करने की मांग प्रदेश सरकार से की है। गागड़ा ने आरक्षित वन क्षेत्र में इस तरह की अवैध कटाई को चिंताजनक बताते हुए अवैध कटाई के इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जाँच की मांग भी की है।
महेश गागड़ा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश में वनों की सुरक्षा के लिए बनाए गए नियम-कानूनों की धज्जियाँ खुद वे अफसर सरेआम उड़ा रहे हैं, जिन पर इन कानूनों का पालन करने और कराने की जिम्मेदारी है। यह काफी गंभीर मामला है कि रेंजर ने इसमें डीएफओ को भी शामिल बताया है। इस मामले से जुड़े वायरल हुए एक वीडियो क्लिप के हवाले से बताया गया है कि जिस क्षेत्र में बाँस की अवैध कटाई का यह मामला सामने आया है, वहाँ बिना अनुमति कटाई-सफाई का काम प्रतिबंधित है, बावजूद इसके रेंजर व डिप्टी रेंजर के कहने पर यह कटाई होने की बात सामने आई है। कुछ श्रमिकों को इस काम में लगा देखकर बीटगार्ड ने यह गडबड़ी पकड़ ली।

गागड़ा ने कहा कि वनों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही प्रदेश सरकार अपनी नाक के नीचे विभागीय अधिकारियों की शह पर हो रही अवैध कटाई को रोक पाने में विफल साबित हो रही है, यह स्थिति शर्मनाक है। प्रदेश सरकार अब पता लगाए कि प्रतिबंधित वन क्षेत्र में अधिकारी किसके इशारों पर यह अवैध कटाई कराने पहुँचे थे? डीएफओ समेत संलिप्तता के आरोपियों पर कारगर कार्रवाई की मांग करते हुए गागड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार साहसिक कार्य करने वाले वनरक्षक को पुरस्कृत कर उसके और उस जैसे अन्य युवा कर्मचारियों के जज्बे व हौसले का सम्मान करे, ताकि प्रदेश की वन-संपदा को सुरक्षित रखकर छत्तीसगढ़ को पर्यावरण के संकट से मुक्त रखा जा सके।

18-07-2020
Video: अवैध रूप से बांस कटाई कर रहे थे मजदूर,वनरक्षक ने रोका, रेंजर से मांग जवाब

कोरबा। जिले के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत बांकीमोंगरा के हल्दीबाड़ी क्षेत्र में बांस कटाई का मामला सामने आया है। यहां बिना अनुमति के 11 मजदूर बांस की अवैध रूप से कटाई कर रहे थे। मौके पर पहुंचे वनरक्षक शेखर सिंह रात्रे ने मजदूरों से पूछताछ की तो मजदूरों ने रेंजर और डिप्टी रेंजर की परमिशन से बांस काटने की बात कहीं। इस बारे में जब वनरक्षक शेखर रात्रे ने रेंजर से अवैध कटाई के संबंध आदेश की कॉपी दिखाने की बात कहीं तो रेंजर किसी तरह के आदेश का पेपर नहीं दिखा पाया। इसके बाद वनरक्षक ने अवैध कटाई के आरोप में पंचनामा तैयार किया। पंचनामा के आधार पर मजदूरों सहित परिसर रक्षक और वनपरिक्षेत्राधिकारी पर वन्य अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी। वन रक्षक शेखर रात्रे ने मौके से 11 टंगिया और बांस जब्त किया है।

 

09-06-2020
कटघोरा वनमंडल में नहीं थम रहा है हाथियों का आतंक, महिला को उतारा मौत के घाट

कोरबा। कटघोरा वन मंडल के वन परिक्षेत्र केन्दई के ग्राम ठिहाईपारा लमना में लोनर हाथी ने घर में सो रही महिला को रात्रि लगभग 12.30 बजे घायल कर दिया। उसके बाद ग्रामीणों द्वारा डायल 112 को घटना की सूचना दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंच 112 की टीम ने महिला को इलाज के लिए पोड़ी उपरोड़ा हॉस्पिटल ले जा रही थी। उसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। 

कटघोरा मंडल में हाथियों का आतंक जारी है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग द्वारा हाथी को भगाने के लिए प्रयास किया जा रहा है लेकिन 10 महीनों से हाथी कटघोरा वन मंडल में जमे हुुऐ हैं। इससे ग्रामीणों को दहशत में जीना पड़ रहा है। लोनार हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पसान वन परिक्षेत्र में अगले हफ्ते भी हाथी ने एक ग्रामीण की जान ली थी।

03-06-2020
हाथी के हमले से वृद्ध की मौत, मौके पर दी गई सहायता राशि

कोरबा। कटघोरा वनमंडल में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पनगवा मे बीती रात हाथी के हमले से एक वृद्ध की मौत हो गई,जिससे गांव मे दहशत की स्थिति निर्मित हो गई थी। बताया जा रहा है की कल रात मोहर सिंग उम्र लगभग 55 वर्ष, जो कि शराब के नशे में हाथी को खदड़ने का प्रयास कर रहा था,जिसकी वजह से मृतक मोहर सिंग के साथ यह घटना घटी ।इस बात की जानकारी जैसे ही वन विभाग को हुई तो तत्काल वन परिक्षेत्र अधिकारी एनसी शुक्ला अपने पूरे दल बल के साथ मौके पर पहुंचे।

हाथी के हमले से मृतक के परिवार वालों को सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपए सरपंच और जनपद सदस्य के समक्ष प्रदान की गई।वन विभाग द्वारा लगातार यह समझाइस दी जा रही है की ग्रामीण अपने घरों से बाहर ना निकले और मादक पदार्थो को अपने घर से बाहर दूर रखें। फिर भी ग्रामीण अपनी इस हरकतों से बाज नहीं आ रहे है। इसकी वजह से ऐसी अप्रिय घटना सामने आ रही है। ज्ञात रहे पिछले दो दिनों से कटघोरा वन मंडल में 12 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। वन विभाग ने क्षेत्र के लोगों को सजग और सावधान रहने की अपील की है।

06-02-2020
दंतैल हाथी ने मचाया उत्पात, तीन घरों को ढहाया, फसलों को पहुंचाया नुकसान

कोरबा। कटघोरा वनमंडल में एक सप्ताह के भीतर दो लोगों को मौत के घाट उतारने वाला लोनर दंतैल हाथी ने एक बार फिर बौरा गया है। हाथी ने बीती रात पसान रेंज के पनगंवा में भारी उत्पात मचाया। इस दौरान तीन ग्रामीणों के मकान ढहाया।हाथी ने फसल को भी रौंद डाला,जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ। हाथी के अचानक पनगंवा आ पहुंचने और उत्पात मचाये जाने की सूचना पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। वन विभाग ने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के साथ ही हाथी मित्र दल के सदस्यों के साथ लोनर को खदेडऩे की कार्रवाई की। फिर भी उसने यहां तीन ग्रामीणों के घर तोड़ दिए। लोनर दंतैल हाथी के पनगंवा पहुंचने तथा उत्पात मचाने से आसपास के गांवों में भय का वातावरण व्याप्त है।
बताया जा रहा है कि लोनर हाथी ने तीन ग्रामीणों के मकान ढहाये, उस समय मकान मालिक व उसका परिवार मौजूद नहीं था। हाथी के आने की सूचना पर पहले से ही सुरक्षित स्थान पर चले गए थे। 

 

04-02-2020
दंतैल हाथी ने ली युवक की जान, मृतक ने बचाई थी कई लोगों की जान

कोरबा। लंबे समय से हाथियों से ग्रामीणों को बचाने में लगे एक युवक को दंतैल हाथी ने कुचल दिया। घटना कटघोरा वनमंडल के अंतर्गत कन्दई वन परिक्षेत्र के गांव पोडीखुर्द की है। यहां बीती रात सबस्टेशन के पास हाथियों का झुंड आ पहुंचा और ग्रामीणों में हड़कंप मच गई। कोरबी के खरफडी पारा में रहने वाला हाथी मित्र दल का सदस्य नाथूराम साहू 28 वर्ष गांव के आसपास दंतैल के मंडराने की सूचना पर बीती रात वह गांव वालों को सतर्क करने जा रहा था। इसी बीच अंधेरा होने की वजह से दर्रीपारा के पास दंतैल को नहीं देख पाया और उसके नजदीक पहुँच गया। बौराए हाथी ने उसे अपनी चपेट में ले लिया और पैरों तले कुचल दिए जाने से उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। हाथियों से कई ग्रामीणों की जान बचाने वाला नाथू की मौत हाथी की चपेट में आने से हो जाएगी इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। 

इस घटना से शोक की लहर दौड़ गई और ग्रामीण सदमे में है। केंदई रेंज, एतमानगर रेंज, जड़गा रेंज में काफी समय से हाथियों का दल विचरण कर रहा है। दंतैल हाथी दल से अलग है और उत्पात मचा रहा। एक सप्ताह के अंदर दंतैल ने दो लोगों की जान ले ली हैं। वही एक महिला को बुरी तरह जख्मी कर दिया है। हाथियों से ग्रामीणों की जान बचाने में लगे नाथू के पास कोई संसाधन नही था ।एक बड़ा टार्च रहता तो शायद दूर से ही उसे हाथी नजर आ जाता और उसकी जान बच जाती । कुछ दिन पहले सीएसएफ बिलासपुर और डीएफओ ने नाथू के काम की तारीफ तो की पर संसाधन उपलब्ध नही कराए। नाथू की चार साल पहले शादी हुई थी । दो छोटे छोटे बच्चे हैं ।

29-01-2020
हाथी के भय से ग्रामीण छत के ऊपर तंबू तानकर गुजार रहे हैं रात

कोरबा। कटघोरा वनमंडल में हाथियों के आतंक से ग्रामीण इस कदर भयभीत है कि प्रधानमंत्री आवास के ऊपर छत पर तंबू लगाकर ग्रामीण रात गुजारने को मजबूर है। ऐतमा नगर वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत मडई के आश्रित ग्राम भूडूपानी गोदवारी, मातिन, पचरा बाला, करगामार घुमानीडाड,घोघरापारा,लोडीबहरा के ग्रामीण इन दिनों प्रधानमंत्री आवास के ऊपर छतों में तंबू तानकर रात गुजारने को मजबूर हैं। ग्राम कोदवारी के ग्रामीण बीरन सिंह बिझवार ने बताया कि शाम होते ही मोहल्ले के लोग अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री आवास के छतों में समूह बनाकर छोटे-छोटे बच्चों के साथ इस कड़ाके की ठंड में हाथियों के भय से छत में रात गुजारा करते हैं। हाथियों के उत्पात से वनांचल क्षेत्र के स्कूल व आंगनबाड़ी मे ताला लटका हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक स्कूल आते तो हैं किंतु समय से पहले हाथियों के डर के कारण स्कूल की छुट्टी कर दी जाती है। इसके कारण बच्चों का पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। वन अधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा प.बंगाल से हाथी भगाने एवं ग्रामीणों के प्रशिक्षण के लिए 5 सदस्य टीम आए हुए हैं। इनको मड़ई सर्किल में ठहराया गया है। उनके द्वारा ग्रामीणों के बीच जाकर हाथी भगाने के तरीके बताए जा रहे हैं। साथ ही विभाग के हाथी मित्र एवं गजराज वाहन प्रभावित क्षेत्रों में सूचना मिलते ही उपस्थित हो जाते हैं। 

 

20-12-2019
पहाड़ से गिरकर दंतैल हाथी की मौत, जंगल मे मिला शव

कोरबा। कटघोरा वनमंडल के केंदई वन परिक्षेत्र अंतर्गत जुनापारा के समीप एक हाथी का शव मिला है। हाथी की मौत की खबर से वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि केंदई रेंज में विचरण कर रहे 30 हाथियों में से एक हाथी की मौत हो गई है। हाथी की मौत का कारण पहाड़ से गिरना बताया जा रहा है। कटघोरा वनविभाग के एसडीओ अरविंद तिवारी ने बताया कि हाथी के मरने की वजह ऊँचाई से गिरना प्रथम दृष्टिया लग रहा है। हाथी के शरीर मे गंभीर चोट लगने की वजह से उसकी मौत हुई होगी। हालांकि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। बताया जा रहा है कि हाथी वयस्क था। शनिवार को कटघोरा और पोड़ीउपरोडा के पशु चिकित्सक के द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा। इसके बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा। वन विभाग के अफसरों ने विवेचना प्रारंभ कर दी है। हाथी की मौत की खबर पाते ही डीएफओ संत, एसडीओ अरविंद तिवारी व रेंजर अश्वनी चौबे मौके पर पहुंचे।

 

08-12-2019
हाथी का कहर, मनगांव के बाद पनगवां को बनाया निशाना, ढहाए दो मकान

कोरबा। हाथियों के दल ने शनिवार की रात पसान रेंज के पनगंवा में उत्पात मचाते हुए दो ग्रामीणों के मकान को  ढहा दिया हैं। वहीं किसानों की फसल को भी तहस-नहस कर दी। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इससे पहले मनगांव मेंं हाथियों ने चार लोगों के मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया था। हाथियों के उत्पात से कोरबा और कटघोरा वनमंडल के अंतर्गत कई ग्रामों के लोग भयभीत है। बताया जा रहा है कि पनगवां में जिस समय हाथियों ने यहां घरों को ढहाया, उस समय घर में कोई भी उपस्थित नहीं था। हाथियों के पहुंचने की संभावना को देखते ही पहले से ही घरों को खाली करा लिया गया था और सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया था। कोरबा वनमंडल के करतला व कुदमुरा रेंज में 9 हाथियों का अलग दल विचरण कर रहा है। इस दल ने रामपुर में एक व नोनदरहा में दो किसान के खेत को रौंदने के बाद चचिया के रास्ते कुदमुरा पहुंच गया है। हाथियों ने उत्पात मचाते हुए किसानों की फसल को नुकसान किया है। हाथियों के कुदमुरा पहुंचने व फसल रौंदे जाने की सूचना पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुंच गया है। नुकसानी का सर्वे करने के साथ ही हाथियों की निगरानी में जुट गया है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रविवार रात हुल्ला पार्टी के सहयोग से हाथियों को खदेडऩे की कार्रवाई की जाएगी। हाथियों के पहुंचने से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

 

06-10-2019
हाथियों को भा गया कटघोरा वनमंडल,  60 सदस्यीय दल कर रहा लगातार विचरण

कोरबा। लगता है कोरबा के बाद अब हाथियों को कटघोरा वनमंडल रास आ गया है। यहां कुछ महीनों से हाथियों का दल विचरण कर जानमाल की क्षति पहुंचा रहा है। इन दिनों लगभग 60 हाथियों का दल ग्रामीण इलाकों के आसपास जंगलों में विचरण करते देखे जा रहे हैं जो किसानों के खेतों में लगी धान फसलों को रौंदकर बुरी तरह नष्ट कर रहे हैं। वर्तमान में अलग-अलग झुंड में 40 हाथियों का समूह केंदई रेंज में मंडरा रहा है। वे पोड़ीखुर्द एवं कोरबी इलाके के समीप जंगल में डेरा जमाए हुए है तथा खेतों में लगी फसल को नुकसान पहुंचा चुके हैं। इन हाथियों की आमद से प्रभावित ग्रामीण काफी भयभीत हैं। वनअमला भी हाथियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं तथा ग्रामीणों को सावधानी बरतने सतर्क किया जा रहा है। केंदई परिक्षेत्राधिकारी अश्वनी चौबे ने बताया कि मौजूदा समय में जिन हाथियों का दल विचरण कर रहा है वह दिन में जंगल तथा सांझ ढलते ही जंगल के आसपास बसे रहवासी इलाके की ओर रुख कर रहे हैं। खेतों में धान फसल को भी नुकसान पहुंचाया गया है। प्रभावित किसानों की क्षति का आंकलन किया जा रहा है। साथ ही उन्हें जंगल की ओर न जाने की हिदायत दी जा रही है एवं सावधानी बरतने लगातार सतर्क किया जा रहा है। दूसरी ओर इन हाथियों के जटगा रेंज के सीमा में दस्तक को लेकर रेंजर मोहरसिंह मरकाम ने वनअमला के माध्यम से हाथी प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान रहने कहा है। फिलहाल हाथियों का दल अभी केंदई रेंज में विचरण करने के साथ जटगा रेंज की सीमा में भी पहुंच चुका है। वे कभी भी जटगा रेंज की सीमा लांघ सकते हैं।  

 

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