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27-01-2020
महाराष्ट्र के बाद अब इन दो राज्यों में कोरोना वायरस ने दी दस्तक, अस्पताल में भर्ती चीन से लौटे छात्र

नई दिल्ली। चीन में कोरोनावायरस ने हड़कंप मचा रखा है। वहां अभी तक इसके कारण 80 लोगों की जान जा चुकी है। चीन के अलावा यह वायरस दुनिया के अन्य देशों में भी दस्तक दे रहा है। भारत में भी कुछ संदिग्ध मामले सामने आए हैं। महाराष्ट्र के बाद रविवार को जयपुर में कोरोनावायरस का एक संदिग्ध मामला सामने आया है। वहीं रिपोर्ट्स के अनुसार बिहार में भी एक लड़की के इसकी चपेट में होने की आशंका है।

कोरोनोवायरस को लेकर बिहार में अलर्ट
रिपोर्ट्स के अनुसार बिहार के छपरा में एक लड़की के कोरोनावायरस की चपेट में होने की आशंका के चलते सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां से आज उसे पीएमसीएच लाया जाएगा। लड़की चीन से पढ़ाई करके लौटी है। पटना के सिविल सर्जन डॉक्टर विनय कुमार यादव ने बताया कि चीन में न्यूरो साइंस में पीएचडी करने वाली छात्रा 22 जनवरी को छपरा लौटी थी। तबीयत खराब होने पर उसे आइसोलेटिड वार्ड में भर्ती कराया गया। छपरा में इस वायरस की जांच की व्यवस्था नहीं है इसलिए अब उसे पटना लाया जा रहा है।

राजस्थान में चीन से लौटा छात्र भर्ती
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने रविवार बताया कि एक छात्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि चीन में एमबीबीएस कोर्स पूरा करने के बाद भारत लौटे एक डॉक्टर को कोरोनोवायरस से प्रभावित होने के संदेह में यहां एसएमएस अस्पताल में रखा गया था। मंत्री ने कहा कि सभी परिजनों की स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। मरीज के रक्त का सैंपल पुणे स्थित नेशनल वायरोलॉजी लैब में भेजा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के चार जिलों के कुल 18 लोग चीन से भारत वापस लौटे हैं। संबंधित जिला प्रमुखों और स्वास्थ्य अधिकारियों को उनकी 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

कोरोनावायरस के चलते 29,707 यात्रियों की हुई जांच: स्वास्थ्य मंत्रालय
देश के सात हवाईअड्डों पर कोरोवायरस संक्रमण के संबंध में रविवार तक 137 उड़ानों से आए 29,000 से अधिक यात्रियों की जांच की गई है लेकिन अब तक एक भी मामला सकारात्मक नहीं पाया गया। मंत्रालय ने ट्वीट किया, '137 उड़ानों के 29,707 यात्रियों की जांच की गई। आज 22 उड़ानों के 4,359 यात्रियों की जांच की गई। कोरोनावायरस संक्रमण का अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया।' मंत्रालय ने एक अन्य ट्वीट में कहा, 'नेपाल में कोरोनावायरस के एक मामले की पुष्टि होने के मद्देनजर भारत ने नेपाल की सीमा से सटे जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है। उत्तराखंड में पिथौरागढ़ जिले के झूलाघाट और जौलजीबी में नेपाल के साथ लगती सीमा पर स्वास्थ्य दल तैनात किए गए हैं।'

 

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02-01-2020
यूनिसेफ ने जारी किए साल के पहले दिन जन्म लेने वाले बच्चों के आकड़े, भारत ने छोड़ा सबको पीछे  

नई दिल्ली। एक जनवरी को दुनियाभर में जितने बच्चे पैदा हुए उनमें से 17 फीसदी बच्चे भारत में पैदा हुए। यूनिसेफ से साल के पहले दिन जन्म लेने वाले बच्चों के आंकड़े जारी किए। संभावित आंकडों के मुताबिक 01 जनवरी 2020 को 3,92,078 बच्चे पैदा हुए। इनमें से सबसे ज्यादा 67385 बच्चे भारत में पैदा हुए। इसके बाद चीन, नाइजीरिया, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, अमेरिका, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और इथियोपिया है। बता दें कि दुनियाभर में पैदा होने वाले कुल बच्चों का 50 फीसदी इन्हीं आठ देशों में है।

एक जनवरी को दुनियाभर में पैदा होने वाले बच्चों की संख्या :

1.   भारत – 67,385

2.   चीन – 46,299

3.   नाजीरिया – 26,039

4.   पाकिस्तान – 16,787

5.   इंनडोनेशिया – 13,020

6.   अमेरिका – 10,452

7.   कॉंगो लोकतांत्रिक गणराज्य – 10,247

8.   इथियोपिया – 8,493
(आंकड़े : यूनिसेफ )

एक अनुमान के मुताबिक वर्ष 2020 में पहले बच्चे ने पैसिफिक क्षेत्र में फिजी में जन्म लिया। पहले दिन पैदा होने वाला आखिरी बच्चा अमेरिका में होगा। यूनीसेफ दुनियाभर में पैदा होने वाले बच्चों को लेकर तथ्य सामने रखे है। बता दें कि वर्ष 2018 में  25 लाख नवजात शिशुओं ने जन्म के पहले महीने में ही अपनी जान गवां दी थी। इनमें से करीब एक तिहाई शिशुओं की मौत पैदा होने वाले दिन ही हो गई थी। इन बच्चों में अधिकतर की मौत समय से पूर्व जन्म होना, प्रसव के दौरान जटिलताएं और सेप्सिर जैसे संक्रमण से होता है। यूनीसेफ इन कारणों  के रोकथाम की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा हर साल 25 लाख से अधिक बच्चे मृत पैदा होते हैं। हालांकि पिछले तीन सालों में इन आंकड़ों के काफी सुधार आया है। ऐसे बच्चों की संख्या घट कर आधी रह गई है, जिनकी मौत अपने पांच साल की आयु से पहले ही हो जाती है। लेकिन नवजात शिशुओं के लिए प्रगति धीमी रही है।

वर्ष 2018 में पांच साल से कम उम्र के 47 प्रतिशत शिशुओं की मृत्यु जन्म वाले दिन ही हो गई थी। वर्ष 1990 में यह आंकड़ा 40 प्रतिशत था। यूनीसेफ़ ने अपनी “Every Child Alive”  मुहिम के जरिए सही प्रशिक्षण के साथ स्वास्थ्यकर्मियों में तत्काल निवेश के लिए आग्रह किया है जो हर मां और नवजात शिशु की देखभाल करने के लिए सही दवाओं से लैस हो और गर्भावस्था, प्रसव और जन्म के दौरान जटिलताओं का इलाज कर सकें। यूएन एजेंसी की कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा फोर ने कहा कि बहुत से माताओं और नवजात शिशुओं की देखभाल एक प्रशिक्षित दाई या नर्स द्वारा नहीं की जा रही है और परिणाम विनाशकारी रहा है। उनका कहना है कि हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि लाखों बच्चे अपने पहले दिन जीवित रहें और फिर इस दशक को भी जी पाएं। 

28-12-2019
ओलम्पिक क्वालीफायर ट्रायल्स: मैरी कॉम ने दी निकहत जरीन को मात, 9-1 से हराया

नई दिल्ली। छह बार की विश्व विजेता मैरी कॉम ने शनिवार को ओलम्पिक क्वालीफायर के ट्रायल्स के फाइनल में महिलाओं के 51 किलोग्राम भारवर्ग में निकहत जरीन को 9-1 से हरा दिया। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित की गई ट्रायल्स में मैरी कॉम ने दमदार खेल दिखाते हुए निकहत को पटखनी दी। इस तरह मैरीकाम ने चीन में अगले साल होने वाले ओलंपिक क्वालीफायर के लिए भारतीय टीम में जगह बना ली है। इस भार वर्ग में दो दिन तक चली ट्रायल्स में चार मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया था। निकहत ने शुक्रवार को ज्योति गुलिया को 10-0 और मैरी कॉम ने रितू ग्रेवाल को 10-0 से मात दे एक दूसरे से भिड़ंत तय की थी। वहीं 57 किलोग्राम भारवर्ग में साक्षी ने सोनिया लाथेर को 9-1 से हराया। 60 किलोग्राम भारवर्ग में अनुभवी मुक्केबाज सरिता को हार झेलनी पड़ी। सिमरन ने सरिता को 8-2 से मात दी। 69 किलोग्राम भारवर्ग में लवलिना बोरगेहेन ने ललिता को 10-0 से शिकस्त दी और 75 किलोग्राम भारवर्ग में पूजा ने नुपूर को भी 10-0 से हराया।

17-12-2019
यूएनएससी में कश्मीर का मुद्दा उठाएगा चीन, जवाब देने के लिए भारत ने तैयार की रणनीति

नई दल्ली। चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (यूएनएससी) में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश की है। चीन मंगलवार को यूएनएससी में यह मुद्दा ऐसे समय पर उठाने वाला है जब भारत उसके साथ सीमा को लेकर नए सिरे से बातचीत करने वाला है। इससे पहले चीन ने 16 अगस्त को यूएनएससी में जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाया था लेकिन भारत के सहयोगियों ने इसपर सार्वजनिक बहस या बयान जारी करने से मना कर दिया था। इस हफ्ते चीन के विदेश मंत्री और सलाहकार वांग यी भारत दौरे पर आएंगे। वह राष्ट्रीय सलाहकार अजीत डोभाल के साथ सीमा वार्ता करेंगे। चर्चा एक ऐसे प्रावधान के तहत आयोजित की जाएगी जिसमें मतदान की आवश्यकता नहीं होगी लेकिन मुद्दे को चिह्नित करना शामिल होगा। संभावना है कि यूएनएससी में भारत अन्य सदस्यों को अपनी स्थिति के बारे में बताएगा जो इसपर चर्चा की आवश्यकता होने या न होने पर फैसला लेंगे। सूत्रों के अनुसार, भारत पहले ही साझेदारों और सहयोगियों के साथ एक गहन कूटनीतिक बातचीत कर चुका है। 

चीन के यूएनएससी में कश्मीर मुद्दा उठाने का अनुरोध पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी द्वारा इसकी अध्यक्ष अमेरिका की राजदूत कैली क्राफ्ट को पत्र लिखने के बाद किया गया है। कुरैशी ने पत्र में आरोप लगाया है कि भारत पाकिस्तान को विभाजित करने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि भारत ने नियंत्रण रेखा के पांच सेक्टरों से आंशिक तौर पर फेंस को हटा दिया है। कुरैशी का कहना है कि भारत एक झूठा ऑपरेशन चला सकता है। उन्होंने यूएनएससी को भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह को मजबूत करने का सुझाव दिया है जो नियंत्रण रेखा की निगरानी करता है। भारत अमेरिका की राजदूत जो यूएनएससी की अध्यक्ष भी हैं, उससे बात करेगा। माना जा रहा है कि फ्रांस भारत की तरफ है। 16 अगस्त को हुई चर्चा के दौरान ब्रिटेन ने भारत का साथ देने में आनाकानी की थी लेकिन अब बोरिस जॉनसन को अच्छा खासा बहुमत मिला है तो भारत को उम्मीद है कि वह उसका समर्थन करेगा। गैर-स्थायी सदस्य के रूप में जर्मनी और पोलैंड भी भारत का समर्थन करेंगे। हालांकि सरकार के नागरिकता कानून में संशोधन करने और इसे लेकर देशभर में जारी हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय तौर पर भारत की छवि को खराब किया है। चीन ने भारत के कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के फैसले का विरोध किया था। चीन ने दोबारा यूएनएससी में कश्मीर के मुद्दे को उठाया है जो दोनों देशों के बीच तनाव पैदा कर सकता है। 

 

18-11-2019
भारत चीन के बीच बढ़ सकता है तनाव, जाने क्या है वजह.....

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच दो सफल अनौपचारिक वार्ता हुई हैं। इसके जरिए दोनों देशों ने कई मुद्दों पर बात की है और उन्हें सुलझाने पर सहमति बनाई है लेकिन फिर भी कुछ मुद्दों को लेकर दोनों में विवाद हो सकता है। दोकलाम के बाद उपजा यह विवाद दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित कर सकता है। जहां एक तरफ चीन भारत सरकार के जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने का विरोध कर रहा है वहीं अब दलाई लामा और तिब्बत मामला दोनों देशों के संबंधों को और प्रभावित कर सकता है। इस महीने चीन ने भारत से आधिकारिक तौर पर कहा है कि कोई भी वरिष्ठ भारतीय नेता या सरकारी अधिकारी का दलाई लामा से मिलना दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को प्रभावित कर सकता है। यह बात चीन ने भारतीय अधिकारियों को हाल ही में धर्मशाला में हुई राइजिंग हिमाचल ग्लोबल इंनवेस्टर्स समिट से पहले कही। बता दें कि धर्मशाला को शरणार्थी तिब्बत सरकार का स्थान भी माना जाता है। इस समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। चीन कई बार इस बात की संभावना जता चुका है कि केंद्र और राज्य सरकारों के भारतीय नेता और अधिकारी धार्मिक नेता से मुलाकात करते रहते हैं।

चीन को जवाब देते हुए भारत ने कहा कि दलाई लामा को कोई भी राजनीतिक गतिविधि करने की इजाजत नहीं है और यह समिट भी एक गैर-राजनीतिक कार्यक्रम है। धार्मिक स्वंत्रता मामले में अमेरिकी राजदूत सैम ब्राउनबैक ने धर्मशाला में कुछ हफ्ते पहले दलाई लामा से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि यह बात चीन के दिमाग में है। पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई जिसके बाद मामले को सुलझा लिया गया। यह काफी संवेदनशील समय है क्योंकि कुछ हफ्तों से दलाई लामा के पुनर्जन्म की सुर्खिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाई हुई हैं। 84 साल के 14वें दलाई लामा और अमेरिका इस बात को सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि चीन को उनका उत्तराधिकारी चुनने की इजाजत न दी जाए। यहां तक कि अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

12-11-2019
लंगूर के हाथ लगा मोबाइल तो लाखों की कर डाली ऑनलाइन खरीदी

बीजिंग। एक चिड़ियाघर में लंगूर के हाथ मोबाइल फोन लग गया। इसका फायदा उठाते हुए लंगूर ने उससे ऑनलाइन शॉपिंग कर डाली। ये हैरान कर देने वाला वाकया चीन के एक चिड़ियाघर का है जो 6 नवंबर को सामने आया। चिड़ियाघर  में एलवी मेंगमेंग के मोबाइल से चीन की मशहूर ऑनलाइन शॉपिंग साइट ताओबाओ से कई सारी चीजों की शॉपिंग की गई। जानकारी के मुताबिक मेंगमेंग पूर्वी चीन के जिंगसू प्रांत में येनचेंग में एक चिड़ियाघर में जूकीपर हैं। वह यहां पर इन लंगूरों की देखभाल करती हैं। उनके अनुसार पिछले बुधवार को उन्होंने देखा कि लंगूर काफी भूखा है, इसलिए वह पास से उसके लिए खाना लाने चली गईं। इस दौरान वह अपना फोन उस लंगूर के पास भूल गईं। फोन हाथ लगते ही उस लंगूर ने ये कारनामा कर दिया। मेंगमेंग जब वापस आईं तो उन्होंने देखा कि उनके फोन में कई सारे नोटिफिकेशन आए हुए हैं। ये सभी ऑनलाइन शॉपिंग साइट की ओर से आए हुए थे। इसमें कहा था कि उनके सभी ऑर्डर प्लेस कर दिए गए हैं। ऐसे में मेंगमेंग ने सोचा कि उनके साथ किसी ने मजाक किया है। लेकिन उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि हुआ क्या है। इसके बाद उन्होंने सीसीटीवी फुटेज चेक किया। इसमें लंगूर उनका फोन इस्तेमाल करता हुए दिखा। इतना ही नहीं वह बार बार स्क्रीन को टच कर रहा था। इसके बाद उन्हें पूरा मामला समझ आ गया। मेंगमेंग ने बताया कि इस लंगूर ने घर की कई महंगी चीजों का ऑर्डर दे दिया है। लेकिन उन्हें इस बात का अफसोस है कि उन्हें ये शॉपिंग सिंगल्स डे प्राइस से पहले ही करनी पड़ रही है। अगर ऑफर वाले दिन वह ये शॉपिंग करती तो उन्हें ढेर सारा डिस्काउंट मिलता। इस लंगूर को संभालने वाले कहते हैं कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मेंगमेंग के फोन में पासवर्ड नहीं है। ऐसे में जब इसने शॉपिंग की तो इसके लिए किसी अथॉन्टिकेशन की जरूरत नहीं पड़ी। मेंगमेंग कहती हैं कि उन्होंने इस शॉपिंग को कैंसल नहीं किया। बता दें कि चीन में ताओबाओ शॉपिंग साइट काफी पापुलर है। 

12-11-2019
चीन में आयोजित गोल्फ चैम्पियनशिप में सरगुजा की बेटियों का रहा दबदबा

अंबिकापुर। चीन के झाउझैंग में आयोजित वर्ल्ड मिनी गोल्फ चैम्पियनशिप में नगर के युवा खिलाडिय़ों ने भारतीय टीम की ओर से खेलते हुए अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी। टूर्नामेंट में शिवानी सोनी, प्रेरणा सिंह एवं साकेत केडिया ने शानदार खेल दिखाया। चीन में 23 से 27 अक्टूबर तक आयोजित प्रतियोगिता में इन तीनों खिलाडिय़ों ने मिनी गोल्फ में सरगुजा का परचम लहराया। खेल के बाद नगर पहुंचने पर तीनों खिलाडिय़ों का स्वागत किया गया। सोमवार को जिला बास्केटबाल संघ की ओर से गांधी स्टेडियम के बास्केटबाल ग्राउंड में स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बास्केटबाल संघ के अध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने तीनों खिलाडिय़ों को सम्मानित किया।

 

12-10-2019
पीएम मोदी और चिनफिंग ने माना दुनिया में आतंकवाद की चुनौतियों से निपटना महत्वपूर्ण

चेन्नई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच बैठक समाप्त हो गई है। विदेश सचिव विजय गोखले ने शनिवार को बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पीएम मोदी और चिनफिंग ने इस बात पर सहमति जताई कि दुनिया में आतंकवाद और कट्टरता की चुनौतियों से निपटना महत्वपूर्ण है। गोखले ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा,'दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई है कि दुनिया में आतंकवाद और कट्टरता की चुनौतियों से निपटना जरुरी है। दोनों ऐसे देशों के नेता हैं, जो न केवल क्षेत्रों और आबादी के मामले में बड़े हैं, बल्कि विविधता के मामले में भी बड़े हैं।'
उन्होंने कहा, 'चर्चाएं बहुत खुली और सौहार्दपूर्ण थीं। कट्टरता दोनों के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है और दोनों इस चुनौती का मिलकर सामना करेंगे। गोखले ने कहा,'दोनों नेताओं ने व्यापार पर भी चर्चा की। यह मुद्दा भी बेहद जरुरी था। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने पीएम मोदी की बात सुनने के बाद आश्वासन दिया कि चीन इस संबंध में ईमानदारी से कदम उठाने और व्यापार में नुकसान को कम करने को लेकर गंभीरता से चर्चा करने के लिए तैयार है।' इसके अलावा दोनों नेताओं ने अर्थव्यवस्था से संबंधित मामलों पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने एक साथ पांच घंटे बिताए। गोखले ने बताया कि भारत और चीन ने बड़े स्तर पर व्यापार, निवेश और सेवाओं पर चर्चा करने के लिए एक नया मैकेनिजम स्थापित करने का निर्णय लिया है। बता दें कि दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बैठक हुई।
दो दिवसीय भारत-चीन अनौपचारिक शिखर सम्मेलन को समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चेन्नई हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं, कुछ देर पहले चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी अपने नेपाल दौरे के लिए चेनई से रवाना हो गए हैं। गोखले ने बताया कि प्रधानमंत्री ने चीन में तीसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति शी के निमंत्रण को भी स्वीकार किया है।

08-10-2019
तेज हुई व्यापारिक जंग, अमेरिका ने किया चीन की 28 संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट

 नई दिल्ली। अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने चीन के अशांत शिनजियांग क्षेत्र में उइगर मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने तथा उनके साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में चीन की 28 संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट में डाला दिया। अमेरिका के वाणिज्य मंत्री विल्बर रोस ने इस फैसले की घोषणा की। इससे ये संस्थाएं अब अमेरिकी सामान नहीं खरीद पाएंगी। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक जंग और तेज होने जा रही है। रॉस ने कहा कि अमेरिका ‘चीन के भीतर जातीय अल्पसंख्यकों के क्रूर दमन को बर्दाश्त नहीं करता है और ना ही करेगा।’ अमेरिकी फेडरल रजिस्टर में अद्यतन की गई जानकारी के अनुसार काली सूची में डाली कई संस्थाओं में वीडियो निगरानी कम्पनी ‘हिकविजन’, कृत्रिम मेधा कम्पनियां ‘मेग्वी टेक्नोलॉजी’ और ‘सेंस टाइम’ शामिल हैं।
एशियन इकॉनोमिक सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के वरिष्ठ सलाहकार मैथ्यू गुडमैन ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इस सप्ताह यह चर्चाओं को जटिल बनाने वाला है। समय चीनियों के लिए चिंताजनक होने वाला है। द वॉल स्ट्रीट जनरल में छपी एक खबर के मुताबिक ब्लैक लिस्ट में जिन संस्थानों को शामिल किया गया है उनमें हिकविजन के अलावा मेगवी टेक्नोलॉजी, सेंस टाइम ग्रुप लिमिटेड शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक अमेरिका चीनी कंपनी डाहुआ टेक्नोलॉजी कंपनी, जियामी मिया पिको सूचना कंपनी, यितु टेक्नोलॉजीज एंड यिक्सिन साइंस एंड टेक्नोलॉजी कंपनी, कॉमर्स डिपार्टमेंट के साथ-साथ झिंजियांग पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो और 19 मातहत संस्थाओं इस सूची में शामिल करेगा। एक दस्तावेज में कहा गया कि नई नीतियों को इस सप्ताह के आखिर तक प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।।

 

30-09-2019
ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण, मारक क्षमता अचूक

नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सोमवार को ओडिशा तट से जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया। खास बात ये है कि यह ऐसी क्रूज मिसाइल है, जिसे थल, जल और हवा से दागा जा सकता है। इसकी मारक क्षमता अचूक है। आपको बता दें कि 8.4 मीटर लंबी और 0.6 मीटर चौड़ी यह मिसाइल 300 किलोग्राम वजन तक विस्फोटक ले जाने में सक्षम है। मिसाइल का वजन तीन हजार किलोग्राम है और 350 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है। यह आवाज की गति से भी 2.8 गुना तेज गति से मार करती है। वर्तमान में चीन और पाकिस्तान के पास अभी तक ऐसी मिसाइल नहीं है जिसे जमीन, समुद्र और आसमान तीनों जगहों से दागा जा सके। वर्तमान में भारत और रूस इस मिसाइल की मारक दूरी बढ़ाने के साथ इसे हाइपरसोनिक गति पर उड़ाने पर भी काम कर रहे हैं।

आने वाले दिनों में भारत और रूस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की रेंज को 290 किलोमीटर से बढ़ाकर 600 किलोमीटर करने की दिशा में काम करेंगे। इससे न केवल पूरा पाकिस्तान इस मिसाइल की जद में होगा बल्कि कोई भी टारगेट पलभर में इस मिसाइल से तबाह किया जा सकेगा। ब्रह्मोस कम दूरी की रैमजेट इंजन युक्त, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इसे पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, लड़ाकू विमान से या जमीन से दागा जा सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल को दिन अथवा रात तथा हर मौसम में दागा जा सकता है। इस मिसाइल की मारक क्षमता अचूक होती है।

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