GLIBS
03-07-2020
राहुल गांधी ने कहा, लद्दाखवासी कहते हैं चीन ने हमारी जमीन ली और पीएम इंकार करते हैं, कोई तो झूठ बोल रहा है

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ तनाव को लेकर शुक्रवार को दावा किया कि लद्दाखवासियों का कहना है कि चीनी सैनिकों ने भारतीय जमीन ले ली है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे इनकार करते हैं और ऐसे में कोई तो झूठ बोल रहा है। उन्होंने लेह के एक निवासी का वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘लद्दाखवासी कहते हैं कि चीन ने हमारी जमीन ले ली है। प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसी ने हमारी जमीन नहीं ली है। निश्चित तौर पर कोई तो झूठ बोल रहा है।’ कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर उस दिन निशाना साधा है जब मोदी लद्दाख दौरे पर पहुंचे हैं। पूर्वी लद्दाख में भारतीय एवं चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के कुछ ही दिनों बाद प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को अचानक लेह पहुंचे। यहां उन्होंने थलसेना, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों से बातचीत की।

 

03-07-2020
लेह में गरजे मोदी, कहा-भारतीय जवानों ने दुनिया को दिखाई अपनी बहादुरी

दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को लद्दाख पहुंचकर जवानों से मुलाकात की। उन्होंने जवानों को संबोधित करके उनका हौसला बढ़ाया और चीन पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान लेह में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जवानों ने दुनिया को अपनी बहादुरी का नमूना दिखा दिया है। लद्दाख में चीनी हरकतों पर तंज सकते हुए मोदी ने कहा कि अब विस्तारवाद का जमाना चला गया है, विकासवाद का वक्त है। मोदी ने चीन को चेताया कि ऐसी ताकतें मिट जाया करती हैं। मोदी चीन को सुनाते हुए बोले कि विस्तारवाद का युग समाप्त हो चुका है और अब विकासवाद का है। तेजी से बदलते समय में विकासवाद ही प्रासंगिक है। विकासवाद के लिए असवर हैं यह ही विकास का आधार हैं। बीती शताब्दी में विस्तारवाद ने ही मानव जाति का विनाश किया। किसी पर विस्तारवाद की जिद सवार हो तो हमेशा वह विश्व शांति के सामने खतरा है। मोदी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि ऐसी ताकतें मिट जाती हैं।  


पीएम मोदी ने कहा कि जब-जब वह राष्ट्र रक्षा से जुड़े फैसले के बारे में सोचते हैं तो सबसे पहले दो माताओँ को याद करते हैं। पहली हमारी भारत माता, दूसरी वे वीर माताएं जिन्होंने सैनिकों को जन्म दिया। इसके बाद पीएम ने कहा कि जवानों के सुरक्षा उपकरणों और हथियारों की हरसंभव मदद की कोशिश सरकार कर रही है। मोदी बोले हम सशस्त्र बलों की जरूरतों पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उनकी भुजाएं चट्टान जैसी हैं। इसके बाद पीएम मोदी बोले कि दुश्मनों ने जवानों का जोश और गुस्सा देख लिया है। जवानों की तारीफ में मोदी ने कहा कि आपने जो वीरता हाल ही में दिखाई उससे विश्व में भारत की ताकत को लेकर एक संदेश गया है। मोदी ने आगे कहा कि आपके (जवानों) और आपके मजबूत संकल्प की वजह से ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनने का हमारा (देश) संकल्प और मजबूत हुआ है। मोदी बोले, 'आपकी इच्छाशक्ति हिमालय की तरह मजबूत और अटल है, देश को आप पर गर्व है।

 

03-07-2020
पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया, देश की बागडोर सही हाथों में है : डॉ. रमन सिंह

रायपुर। भारत-चीन तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जवानों का हौसला बढ़ाने लेह पहुंचे। उनके साथ सीडीएस जनरल बिपिन रावत सहित अन्य सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री के इस दौरे पर भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री की तारीफ की है। रमन सिंह ने ट्वीट कर कहा कि वर्षों तक माँ भारती प्रतीक्षा करती है तब कहीं जाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसा नेतृत्वकर्ता पाती है। इस तनाव के समय में लद्दाख पहुँच मोदी जी ने एडीजीपीआई के जवानों का हौंसला बढ़ाकर देश को विश्वास दिलाया है कि भारत की बागडोर सही हाथों में है।बता दें कि प्रधानमंत्री ने सीमा पर अग्रिम मोर्चे निमू का जायजा लिया। यहां पहुंचकर पीएम मोदी ने थलसेना, वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात की। निमू करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है जो सबसे कठिन परिस्थिति वाली जगह मानी जाती है। ये जगह जांस्कर रेंज से घिरी हुई है।

01-07-2020
चीन से तनाव के बीच रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख करेंगे लेह का दौरा

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी आक्रामकता को देखते हुए शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए लेह का दौरा करेंगे।
बता दें कि वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच मंगलवार को चुशुल सेक्टर में कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी।  सैन्य अधिकारियों के बीच इस बैठक का तीसरा दौर 12 घंटे तक चला और रात 11 बजे खत्म हुआ। सैन्य सूत्रों ने बताया कि चीन के अड़ियल रवैये के चलते एलएसी पर गतिरोध को खत्म करना एक जटिल प्रक्रिया हो गई है।  शीर्ष सरकारी सूत्रों ने बताया कि चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर में एलएसी के पास लगभग दो डिवीजनों (लगभग 20,000) की तैनाती की है। इसके अलावा चीन ने एक और टुकड़ी (10,000 सै क) को उत्तरी शिनजियांग प्रांत में तैनात किया है, जो लगभग 1,000 किलोमीटर की दूरी पर है और समतल इलाका होने के कारण उसे हमारे मोर्चे तक पहुंचने में अधिकतम 48 घंटे का समय लगेगा।

01-07-2020
चीन की कायरना हरकत, सीमा पर तैनात किए 10 हजार सैनिक

नई दिल्ली। भारत और चीन की सेनाओं के बीच मंगलवार को करीब 10 घंटे तक कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई,जिसके केंद्र में पूर्वी लद्दाख के टकराव वाले क्षेत्रों से सैनिकों को पीछे करने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देना था। लेकिन इसी बीच खबर मिली है कि चीन ने सीमा पर अपने सैनिकों की तैनाती को बढ़ाकर 10 हजार कर दिया है। यह तैनाती चीन लम्बी योजना के तहत कर रहा है,जिससे इस वार्ता पर पानी फिरते दिख रहा है। इसके जवाब में भारत ने भी सीमा पर 2 नई डिविजन की तैनाती की है। बताया जा रहा है कि इसी के साथ भारत ने भी चीन के बराबर सैनिकों की तैनाती कर रखी है। इससे पहले बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने इलाके में चीन के नये दावे पर चिंता जताई है और पुरानी स्थिति बहाल करने और तत्काल चीनी सैनिकों को गलवान घाटी, पेंगोंग सो और अन्य इलाकों से वापस बुलाने की मांग की। सरकारी सूत्रों ने बताया कि वार्ता पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास चुशूल सेक्टर में भारत की तरफ हुई।

वार्ता में भारतीय  तिनिधिमंडल का नेतृत्व 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व तिब्बत सैन्य जिले के मेजर जनरल लियु लिन ने किया। सूत्रों ने बताया कि भारतीय पक्ष ने सीमा से जुड़े मुद्दों के समाधान के दोनों देशों के बीच हुए समझौतों के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि बातचीत के केंद्र में तनाव को कम करने के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देना था। सूत्रों ने बताया कि विश्वास बहाली के उपायों पर भी चर्चा हुई।

30-06-2020
ऐप्स पर प्रतिबंध से बढ़ी चीन की घबराहट, चीनी प्रवक्ता ने दिया यह बयान..

नई दिल्ली। चीन विरोधी लहर के बीच भारत सरकार ने सोमवार को 59 चीनी मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने का कठोर निर्णय लिया। भारत के इस कदम से चीन परेशान नजर आ रहा है। भारतीयों का डेटा चुराने वाले ऐप पर बैन के बाद चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि चीन दृढ़ता से चिंतित है, और स्थिति की जांच कर रहा है। दरअसल केंद्र सरकार ने टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, शेयरइट, क्‍लब फैक्‍टरी, कैम स्‍कैनर, ईएस फाइल एक्‍सप्‍लोलर, हेलो जैसे कई पॉपुलर चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिस वजह से चीन की घबराहट बढ़ गई है। झाओ लिजियन ने आगे कहा, "हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि चीनी सरकार हमेशा चीनी व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय कानूनों-विनियमों का पालन करने के लिए कहती है। भारत सरकार की जिम्मेदारी है कि वह चीनी सहित अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के कानूनी अधिकारों को कायम रखें केंद्र सरकार ने उन 59 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाया जो भारत की संप्रभुता एवं अखंडता, भारत की रक्षा, राज्‍य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्‍यवस्‍था के लिए नुकसानदेह हैं। यह यूजर के डेटा को चुराकर, उन्हें गुपचुक तरीके से भारत के बाहर स्थित सर्वर को भेजते हैं। इसमें  टिकटॉक भी शामिल है, जिस वजह से लोगों की प्राइवेसी खतरे में पड़ गई थी।

30-06-2020
भारत ने गलवां घाटी में तैनात किए टी-90 भीष्म टैंक

नई दिल्ली। लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। चीन की चाल को तोड़ने के लिए भारत ने पूरी तैयारियां कर ली है। इसके मद्देनजर गलवां घाटी में भारतीय सेना ने छह टी-90 भीष्म मिसाइल फायरिंग टैंक और टॉप-ऑफ-द-लाइन शोल्डर फायर टैंक-विरोधी मिसाइल सिस्टम को तैनात किया है। वहीं, सीमा पर चल रहे तनाव के बीच, भारत और चीन के शीर्ष सैन्य अधिकारी मंगलवार को तीसरी बार मुलाकात करेंगे। सीमा विवाद का हल ढूंढ़ने और सैन्य तनाव को कम करने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ रहा है। सूत्रों ने बताया है कि 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और दक्षिण जिनजियांग मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के प्रमुख मेजर जनरल लियू लिन के बीच मंगलवार को चुशुल-मोल्डो में 'बॉर्डर पर्सनल मीटिंग' (बीपीएम) बिंदु पर बैठक होगी।

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए नदी के किनारों पर बख्तरबंद कर्मियों की तैनाती और टेंट लगाने के बाद सेना द्वारा टी-90 भीष्म टैंक को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। भारतीय सेना एलएसी के अपने हिस्से के भीतर इस क्षेत्र में प्रमुख ऊंचाइयों पर कब्जा कर रही है। 155 एमएम हॉवित्जर के साथ पैदल सेना के वाहनों को पूर्वी लद्दाख में 1597 किलोमीटर लंबी एलएसी के साथ तैनात किया गया है। चीन की किसी भी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए चुशुल सेक्टर में दो टैंक रेजिमेंटों को भी तैनात किया गया है। इस क्षेत्र में वापसी करने के लिए चीनी सेना सौदे पर उतर आई है, हालांकि भारतीय सेना एक इंच जमीन छोड़ने के लिए भी तैयार नहीं है। बता दें कि, यह क्षेत्र बेहद ठंडा माना जाता है और यहां तापमान शून्य डिग्री से नीचे रहता है।

29-06-2020
वर्चुअल रैली की सफलता से बौखलाए भूपेश बघेल, क्या कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व पर भरोसा नहीं? : राजेश मूणत

रायपुर। पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने चीन के संबंध में दिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान को थोथा चना बाजे घना कहा है। मूणत ने कहा कि सीएम बघेल के पास कितना अतिरिक्त समय है,जो जनता द्वारा दी गई राज्य की जिम्मेदारी को छोड़ दिन-रात दिल्ली के पीछे लगे रहते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या भूपेश बघेल को भी कांग्रेस के अपने राष्ट्रीय नेतृत्व पर भरोसा नहीं है, जो अपना सारा कामकाज छोड़ कर चंद सलाहकारों के ड्राफ्ट किये प्रेस विज्ञप्तियों पर राष्ट्रीय विषयों पर अपना समय बर्बाद करते रहते हैं? मूणत ने कहा कि प्रदेश भाजपा अनेक बार यह कह चुकी है कि छत्तीसगढ़ में सत्ता में होने के कारण मुख्यमंत्री यहां की जनता और विपक्ष के सवालों के प्रति जवाबदेह हैं। उन्हें जवाबदेह बनना है न कि सवाल उठाने हैं। मूणत ने कहा कि भाजपा की ऐतिहासिक रूप से सफल अनूठे वर्चुअल रैली और जनसंवादों की सफलता से भूपेश बघेल बौखला गए हैं। उन्हें कुछ जवाब नहीं सूझ रहा तो जो काम राहुल गांधी को करना चाहिये उसे करने की कोशिश में अपना समय काट रहे हैं, उन्हें प्रदेश के सवालों और सरोकारों के साथ आना चाहिए। जवाबदेह होने के बदले गैर-जिम्मेदाराना बयान उन्हें शोभा नहीं देता। मूणत ने कहा कि एक ऐसा प्रदेश जहां कोविड-19 की महामारी रोज चिंताजनक होती जा रही है। ऐसा पहला प्रदेश जहां कोरोना से कई गुना ज्यादा कोरेंटाइन सेंटर्स में जानें जा रही हैं, उसकी व्यवस्था छोड़ कर प्रदेश से इतर के मुद्दे उठाने में लगे रहना वास्तव में बघेल द्वारा अपनी विफलता से ध्यान भटकाने की कवायद के अलावा और कुछ नहीं है। कांग्रेस के भीतर लाल बत्ती को लेकर सिर फुटव्वल है।

 

28-06-2020
छग की जनसंवाद रैली में बोले सीएम शिवराज, चीन से 90 लाख के डोनेशन पर देश को जवाब दें सोनिया-राहुल

रायपुर। छत्तीसगढ़ की जनसंवाद रैली को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबोधित किया। इस वर्चुअल रैली में शिवराज सिंह ने भारत और चीन के बीच जारी विवाद पर कांग्रेस को जमकर निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने देश की सेना का मनोबल गिराने का काम किया है। देश कभी इन्हें माफ नहीं करेगा। शिवराज सिंह ने कहा कि कांग्रेसियों भूल गए क्या हिन्दी चीनी भाई-भाई का नारा लगाते कौन घूम रहा था? पंडित नेहरू नारे लगाते रहे और चीन देश में घुस गया था। चीन ने गलवान में समझ लिया कि यह 1962 का नहीं 2020 का भारत है। मोदी ने कहा हम किसी को छेड़ेंगे नहीं लेकिन कोई छेड़ेगा तो उसे छोड़ेंगे नहीं। भारत के वीर सैनिकों ने चीन को जवाब दिया है। भारत माता के जवान बिना हथियार चीनी सैनिकों से भिड़ गए। कांग्रेस के नेता चीन के मामले में मिमियाने लगते थे। चीन के सामान की नहीं भारत के सम्मान की जरूरत है। भारत का सम्मान भाजपा और नरेन्द्र मोदी सरकार ने बढ़ाया। पंडित जवाहरल लाल ने चीन को यूएन में स्थाई सदस्य बनाने की पैरवी की थी।

कांग्रेसियों ने क्या शरम और लाज बैठकर खा ली :

शिवराज ने कहा कि 90 लाख रुपए डोनेशन के मामले में सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, राहुल गांधी को जवाब देना होगा। कांग्रेस और चीन का कनेक्शन क्या है इसका सच सोनिया गांधी को देश के सामने रखना चाहिए। कांग्रेस को देश की सुरक्षा पर बोलने का अधिकार नहीं है। कमलनाथ पर निशाना साधते हुए शिवराज ने उन्हें चीन का दोस्त बताया। आज कमलनाथ चेहरा दिखाने की स्थिति में नहीं है। कोरोना से निपटने के लिए कमलनाथ ने एक बैठक नहीं की। शिवराज ने कहा कि कांग्रेस सरकार आम आदमी के लिए काम नहीं करती। उसे गरीबों की चिंता नहीं है। तीन तलाक का कलंक मुस्लिम बहनों को शाहबानों प्रकरण में राजीव गांधी ने दिया। नरेन्द्र मोदी की सरकार ने तीन तलाक को हटाने का काम किया। कांग्रेस से पूछना चाहते हैं कितना तुष्टिकरण करोगे। रैली में शिवराज ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार और मध्यप्रदेश कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, सांसद सरोज पांडेय मौजूद रही।

28-06-2020
दुनिया भर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 करोड़ के पार, ब्राजील में हालात बेकाबू, चीन में 24 घंटे में 21 मामले आए

नई दिल्ली। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर जारी है। विश्व भर में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। चीन से पूरी दुनिया में फैल चुके कोरोना से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही हैं। वर्ल्डोमीटर के मुताबिक विश्व में संक्रमितों की संख्या एक करोड़ के पार चली गई है। उधर, मृतकों का आंकड़ा भी पांच लाख के करीब पहुंचकर 4.99 लाख के पार हो गया है। इधर, अमेरिका में जहां मृतकों की संख्या 1.27 लाख के पार हो गई है, वहीं ब्राजील में हालात बेकाबू हैं। यहां 56 हजार से ज्यादा मौतों के साथ संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 12.80 लाख के पार चली गई है। अमेरिका अब भी पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का एपिसेंटर बना हुआ है। अमेरिका में 25 लाख से ज्यादा लोग अब तक कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। जबकि देश में अर्थव्यवस्था बहाली के लिए खोले गए बाजार भी टेक्सास समेत कुछ प्रांतों में दोबारा बंद करने की सिफारिश की गई है।

अमेरिका में एक दिन में संक्रमण के सर्वाधिक 45,242 मामले सामने आए हैं। जबकि ब्राजील में हर दिन अमेरिका से ज्यादा मामले और मौतें दर्ज हो रही हैं। देश में पिछले 24 घंटों में 46 हजार से ज्यादा नए मामले आए, जबकि 1,055 लोगों की मौत हुई। देश में बेकाबू हो रहे हालातों के कारण राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो पर लॉक डाउन का दबाव है, लेकिन वे अर्थव्यवस्था ठप्प करने के पक्ष में दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन पर डब्ल्यूएचओ का भी दबाव बढ़ गया है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि ब्राजील की सरकार ने मास्क तो जरूरी कर दिया, लेकिन सामूहिक संक्रमण रोकने के उपाय नहीं किए।

अमेरिका में 16 राज्य ज्यादा प्रभावित :

अमेरिका के 50 में से 16 राज्यों में हालात अब भी काफी खराब हैं। अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों को इसके लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। फ्लोरिडा और टेनेसी में संक्रमण की रफ्तार अन्य राज्यों से ज्यादा है। कोरोना टास्क फोर्स के सदस्य डॉक्टर एंथोनी फौसी के मुताबिक, कुछ राज्यों में संक्रमण पर काबू पाने में ज्यादा कामयाबी नहीं मिल सकी।

सऊदी अरब में दोबारा तेजी से बढ़ा संक्रमण :

तमाम उपायों के बावजूद सऊदी अरब में संक्रमण फिर से फैल रहा है। पिछले महीने दी गई ढील के बाद राजधानी रियाद और उसके पास के इलाकों में फिर पाबंदियां लगाई गईं लेकिन, तब तक नुकसान हो चुका था। पिछले 24 घंटों में 3,938 नए मामले सामने आए। यहां कुल संख्या 1,74,577 हो गई है। मरने वालों का कुल आंकड़ा 1,474 हो गया है।

चीन में फिर सामने आए 24 घंटे में 21 मामले :

चीन में शनिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 24 घंटे के भीतर 21 नए मामले सामने आए हैं। ये सभी मामले स्थानीय हैं, जो इशारा करते हैं कि यहां संक्रमण पर काबू पाने के दावे पूरी तरह सही नहीं हैं। 21 में 17 मामले राजधानी बीजिंग के हैं। हालांकि, इस दौरान किसी मौत की जानकारी सामने नहीं आई है।

26-06-2020
राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से चंदा मिलना गंभीर मसला : विष्णुदेव साय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा है कि राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से चंदा मिलना एक गंभीर मसला है। इससे देश की अखंडता और संप्रभुता को चुनौती दे रहे चीन के प्रति कांग्रेस का चेहरा एक बार और बेनकाब हो गया है। साय ने पूछा कि भारत-चीन सीमा विवाद के मौजूदा दौर में कांग्रेस का रुख क्या इसीलिए चीन के अजीब सा है? आखिर कांग्रेस क्यों भारतीय सेना के पराक्रम और भारतीय पक्ष के साहस व मनोबल को नकारने वाली बातें कर रही है, यह इस चंदा-प्रकरण से एकदम साफ हो गया है।साय ने कहा कि इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस देश को यह बताए कि उसने राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए चीन से चंदा किन शर्तों पर लिया। भारत के प्रति विश्वासघात कर शत्रुता का भाव रखने वाले चीन से चंदा लेने की उसकी ऐसी क्या विवशता थी? साय ने इस खुलासे पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की कि प्रधानमंत्री सहायता कोष से भी इस फाउंडेशन को राशि दी जाती रही है? उन्होंने सवाल किया कि पीएम रिलीफ फंड से फाउंडेशन को राशि दी गई है तो इस गंभीर अपराध के लिए कौन जिम्मेदार है? सन 1991-92 के आम बजट में इस फाउंडेशन को 100 करोड़ देने की घोषणा तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने की थी। जिस पर विपक्ष के तीखे विरोध के चलते अमल नहीं हो पाया था। परंतु बजट भाषण में यह घोषणा कांग्रेस के भ्रष्टाचार और लूटमार वाले चरित्र को रेखांकित करने को पर्याप्त है।साय ने कहा कि एक और खुलासे में पता चला है कि देश के कई सरकारी उपक्रमों ने भी राजीव गांधी फाउंडेशन में दान किया था। इनमें गृह मंत्रालय समेत 7 मंत्रालय, सरकारी विभाग से लेकर 11 बड़े सार्वजानिक उपक्रम भी शामिल थे। यह सब दान तब किए गए जब देश में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में संप्रग की सरकार थी और सोनिया गांधी ही प्रमुख डिसीजन मेकर हुआ करती थीं।

 

 

26-06-2020
राहुल गांधी ने कहा,चीन ने एक जगह नहीं बल्कि तीन जगह छीनी जमीन, सच बताएं पीएम मोदी

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से पीएम नरेंद्र मोदी पर चीन विवाद को लेकर बड़ा हमला बोला है। लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए, तभी से हालात तनावपूर्ण हैं। शुक्रवार को राहुल गांधी ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। राहुल गांधी ने कहा कि पीएम बिना डरे, बिना घबराए सच बताएं कि चीन ने जमीन ली है और हम कार्रवाई करने जा रहे हैं। इस स्थिति में पूरा देश आपके साथ एकजुट खड़ा है। राहुल गांधी ने कहा कि पूरा देश एक होकर सेना और सरकार के साथ खड़ा है। लेकिन एक जरूरी सवाल उठा है, कुछ दिन पहले हमारे प्रधानमंत्री ने कहा था कि कोई हिंदुस्तान में नहीं आया, किसी ने हमारी जमीन नहीं ली है। राहुल गांधी ने कहा कि सैटेलाइट तस्वीर में दिख रहा है, सेना के पूर्व जनरल कह रहे हैं और लद्दाख के लोग कह रहे हैं कि चीन ने हमारी जमीन एक नहीं बल्कि तीन जगह छीनी है।

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804