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29-05-2020
देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या चीन से अधिक हुई, एक्टिव केस मामले में 5वें स्थान पर भारत

नई दिल्ली। चीन से दुनिया भर में फैले कोरोना वायरस का कहर भारत में तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। देश में नोवेल कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। लॉक डाउन के बावजूद सात दिन से रोज तकरीबन 6000 नए केस सामने आ रहे हैं। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा 7,466 मामले सामने आए। स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी किए ताज़ा आंकड़ों के बाद कोरोना वायरस से हो रही मौतों के मामले में भारत चीन से आगे बढ़ गया है। जहां भारत में अब तक कोरोना से 4,706 मौतें हुई हैं। वहीं चीन में अब तक 4,638 मौतों की पुष्टि हुई है। देश में कोरोना मामलों की कुल संख्या अब 1 लाख 65 हजार 799 हो गई है। जबकि तुर्की में कुल मामले 1 लाख 60 हजार हैं। कोरोना मामले में भारत के ऊपर आठ देश हैं- जर्मनी, फ्रांस, इटली, ब्रिटेन, स्पेन, रूस, ब्राजील और अमेरिका। देश में जिस तेजी से कोरोना आंकड़े बढ़ रहे हैं, इस हिसाब से 4-6 दिनों में फ्रांस और जर्मनी को पछाड़कर भारत 7वें स्थान पर पहुंच सकता है। दुनिया में कोरोना संक्रमण के सबसे अधिक मामले अमरीका में हैं। इसके बाद ब्राज़ील, रूस, यूके, स्पेन, इटली, फ्रांस और जर्मनी में सबसे अधिक संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं।

एक्टिव केस मामले में 5वें स्थान पर भारत :

एक्टिव केस मामले में भी दुनिया भर में भारत की स्थिति ठीक नहीं है। भारत 5वें स्थान पर है। यानि कि कोरोना से संक्रमित दुनिया के 213 देशों में से भारत पांचवा ऐसा देश है, जहां सबसे ज्यादा लोग अभी संक्रमित हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। भारत में कुल 1.65 संक्रमितों में 4706 की मौत हो चुकी है जबकि 71 हजार ठीक हो चुके हैं। 89 हजार 987 लोग कोरोना से जूझ रहे हैं, उनका इलाज चल रहा है। ये संख्या दुनिया में पांचवे नंबर पर सबसे ज्यादा है। भारत के बाद सबसे ज्यादा एक्टिव केस इन चार देशों में है- फ्रांस, ब्राजील, रूस और अमेरिका।

रिकवर केस मामले में 10वें स्थान पर भारत :

भारत में कोरोना को अबतक 71,106 लोग मात दे चुके हैं। लेकिन इस संख्या के मामले में भारत दुनिया में 10वें स्थान पर है। भारत में रिकवरी रेट 42 फीसदी है। चीन, इरान, टर्की, जर्मनी, स्पेन की तुलना में भारत का ये रिकवरी रेट बहुत कम है। इन देशों में 50-90 फीसदी तक लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। वहीं चीन के मृतकों की संख्या को पार कर भारत में मृतकों की संख्या 4706 हो गई है। बता दें कि देश में चौथा लॉक डाउन का समय अब ख़त्म होने के कगार पर है और अब लॉक डाउन आगे बढ़ाया जाएगा या नहीं इस पर अब तक आधिकारिक रूप से कुछ स्पष्ट नहीं है।

28-05-2020
कोरोना वायरस : अमेरिका में 24 घंटे में करीब 1500 मौतें, चीन में बिना लक्षण वाले 23 नए मामले सामने आए

नई दिल्ली। चीन में कोरोना वायरस के दो नए मामलों की पुष्टि हुई है। दोनों मामले विदेश से आए लोगों में सामने आए हैं। वहीं 23 लोग बिना लक्षण वाले मरीज भी पाए गए हैं, जिनमें से अधिकांश मामले कोविड-19 का केंद्र रहे वुहान से हैं। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने बृहस्पतिवार को बताया कि बुधवार को दो मामले सामने आए जिनमें से एक शंघाई में और दूसरा फुजियान में था। हालांकि घरेलू संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। देश में बुधवार को 23 ऐसे लोग संक्रमित पाए गए, जिनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखे। बिना लक्षण वाले सभी 413 मरीज चिकित्सा निगरानी में हैं। इनमें से 344 मरीज वुहान में हैं।

अप्रैल में 76 दिन का लॉक डाउन हटाए जाने के बाद वुहान में छह नए मामलों की पुष्टि हुई थी। वहां बिना लक्षण वाले कई मरीज सामने आ रहे हैं, जिससे शहर के अधिकारियों को अपनी सभी 1.12 करोड़ की आबादी की जांच करानी पड़ रही है। मिली जानकारी के अनुसार अभी तक 65 लाख लोगों की जांच की गई है। बिना लक्षण वाले मरीजों का आना दिक्कत की बात है क्योंकि ये मरीज कोविड-19 से संक्रमित तो पाए जाते हैं लेकिन इनमें बुखार, खांसी या गले में सूजन जैसे कोई लक्षण नहीं दिखाई देते। इनसे दूसरे लोगों में बीमारी फैलने का खतरा होता है। एनएचसी ने बताया कि बुधवार तक चीन में कोविड-19 के 82,995 मामलों की पुष्टि की गई और इस संक्रामक रोग से मरने वाले लोगों की संख्या 4,634 रही।

अमेरिका में 24 घंटे में करीब 1500 मौतें :

अमेरिका में 24 घंटे में लगभग 1500 मौतें हुई हैं, जबकि 20 हजार से ज्यादा नए मामले मिले हैं। यहां मौतों का आंकड़ा एक लाख 2 हजार से ज्यादा हो गया है। वियतनाम, इराक, अफगानिस्तान और कोरिया की 44 साल की लड़ाई में जितनी जान गई, 3 महीने में करीब उतनी ही मौतें अमरिका में हुई हैं। वॉशिंगटन डीसी में शुक्रवार से स्टे-ऐट-होम ऑर्डर हटाया लिया जाएगा। मेयर म्युरियल बॉउजर ने बुधवार को इसकी घोषण की। दुनिया भर में सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका में मृतकों की संख्या एक लाख दो हजार से ज्यादा हो गई है और 17 लाख 45 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। बता दें कि दुनिया भर में इस वायरस से मरने वालों की संख्या तीन लाख 57 हजार से ज्यादा हो गई है और 57 लाख 89 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं जबकि करीब 25 लाख लोगों ने कोरोना को मात दी है।

27-05-2020
कोरोना संकट के बाद इस मामले पर भड़के ट्रंप, कहा- 'एक हफ्ते में लेंगे कठोर फैसला

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने कठोर बयानों के लिए हमेशा समूची दुनिया में चर्चाओं में रहते हैं। कोरोना वायरस संकट के कारण चीन की दुनिया भर में आलोचना हो रही है। महामारी की शुरूआत से ही चीन दुनियाभर के तमाम देशों के निशाने पर रहा है। हर कोई कोरोना संकट के कारण चीन की आलोचना कर रहा है। अब इस बीच चीन ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून’ नाम का एक नया कानून लेकर आया है। जिसका हांगकांग में बड़े स्तर पर विरोध किया जा रहा है। अब इस मसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी बयान सामने आया है। बता दें कि चीन हमेशा से ही हांगकांग पर अपना अधिकार जताता रहा है।

 हम इस पर जल्द ही कोई फैसला लेंगे- ट्रंप
बीते दिन व्हाइट हाउस एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चीन जो हांगकांग में कर रहा है वो ठीक नहीं है और हम इस पर जल्द ही कोई फैसला करेंगे। ट्रंप ने कहा कि आप इस बारे में जल्द ही सुनेंगे और शायद इसी हफ्ते तक। उन्होंने कहा कि हम इस पर एक पावरफुल जवाब देंगे। हालांकि ट्रंप ने इस बात की स्पष्ट रूप से जानकारी नहीं दी कि वह चीन पर क्या कदम उठाने वाले हैं। लेकिन इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैली मैकनेनी ने कहा था कि वह (ट्रंप) चीन द्वारा लाए गए सुरक्षा कानून से नाराज हैं और राष्ट्रपति को लगता है कि अगर चीन ने सत्ता संभाली तो हांगकांग का एक वित्तीय केंद्र बना रहना मुश्किल होगा। दरअसल हांगकांग पर अपना प्रभुत्व जताने वाले चीन ने एक नया कानून पेश किया है, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का नाम दिया गया है। इस कानून को लेकर हांगकांग में व्यापक स्तर पर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। 

पहले से ही चीन से इस बात को लेकर खफा हैं ट्रंप :
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप चीन से कोरोना वायरस महामारी और अमेरिकी चुनाव को लेकर नाराज चल रहे हैं। वो कई बार सीधे तौर पर चीन को कोरोना वायरस के लिए जिम्मेदार भी करार दे चुके हैं। साथ ही उन्होंने उनको हराने के लिए इसे चीन की एक चाल भी बताई है।
बता दें कि वर्तमान में चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की संसद जारी है, जहां चीन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। इसी दौरान हांगकांग में लाए जाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पर भी चर्चा की गई और एलान किया गया कि इसे एक माह के भीतर लागू कर दिया जाएगा। 

क्या होगा इस कानून के तहत?
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अगर हांगकांग का कोई भी शख्स चीन में कोई जुर्म करता है तो उस व्यक्ति को जांच के लिए प्रत्यर्पित किया जा सकेगा। इस बिल में पहले इस तरह का कोई प्रावधान नहीं था। पहले ऐसा किसी के अपराध करने पर दूसरे देश में प्रत्यर्पित करने की संधि नहीं थी। लेकिन इस बिल में संशोधन किया गया और कई देशों (चीन, ताइवान, मकाऊ) के साथ संधि की गई है।

तीन साल की हो सकती है जेल :
इसके अलावा अगर किसी व्यक्ति को राष्ट्रीय प्रतीकों से छेड़छाड़ करते या फिर एंथेम का अपमान करते हुए या फिर कोई भी राष्ट्र विरोधी हरकत करते हुए पाया जाता है तो उसे तीन साल तक के लिए जेल हो सकती है। वहीं चीन के इस कानून को हांगकांग में इस कानून को लोकतंत्र का उल्लंघन बताया जा रहा है।

26-05-2020
एलएसी पर चीन के बराबर सैनिकों की तैनाती करेगा भारत, सड़क निर्माण रहेगा जारी

नई दिल्‍ली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास कई क्षेत्रों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है और 2017 के डोकलाम गतिरोध के बाद यह सबसे बड़ी सैन्य तनातनी का रूप ले सकती है। उच्च पदस्थ सैन्य सूत्रों का कहना है कि भारत ने पैंगोंग त्सो और गलवान घाटी में अपनी स्थिति मजबूत की है। इन दोनों विवादित क्षेत्रों में चीनी सेना ने अपने दो से ढाई हजार सैनिकों की तैनाती की है और वह धीरे-धीरे अस्थायी निर्माण को मजबूत कर रही है।लेकिन भारत ने भी चीन को मुंहतोड़ जवाब देने की ठान ली है। खबर है भारत भी सीमा पर चीन के बराबर सैनिकों की तैनाती करेगा। लद्दाख में चीन के साथ तनातनी के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक की। बैठक में सीमा पर विवाद को लेकर चर्चा की गई और आगे की रणनीति पर फैसला किया गया। सूत्रों के हवाले से खबर है कि बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कर दिया है कि सीमा पर भारत अपनी संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। एक ओर संघर्षविराम के लिए बातचीत जारी रहेगी, लेकिन भारत सीमा पर अपनी पकड़ भी मजबूत करेगा। बैठक में यह भी फैसला लिया गया है कि सीमा पर सड़क निर्माण का कार्य भी चलता रहेगा और चीन के बराबर भारतीय सैनिकों की भी तैनाती की जाएगी।सेना की उत्तरी कमान के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा (अवकाशप्राप्त) ने कहा, यह गंभीर मामला है। यह सामान्य तौर पर किया गया अतिक्रमण नहीं है। लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि गलवान क्षेत्र पर दोनों पक्षों में कोई विवाद नहीं है, इसलिए चीन द्वारा यहां अतिक्रमण किया जाना चिंता की बात है।रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ एवं चीन में भारत के राजदूत रह चुके अशोक कांत ने भी लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा से सहमति जताई। उन्होंने कहा, चीनी सैनिकों द्वारा कई बार घुसपैठ की गई है। यह चिंता की बात है। यह सामान्य गतिरोध नहीं है। यह परेशान करने वाला मामला है।

 

 

26-05-2020
कोरोना वायरस : चीन के बाद सबसे ज्यादा पीपीई किट बनाने वाले देशों में दूसरे नंबर पर पहुंचा भारत

नई दिल्ली। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से हाहाकार मचा हुआ है। भारत भी कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। देश में जारी लॉक डाउन के बाद भी कोरोना वायरस संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। नोवेल कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। देश में अब तक संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1 लाख 30 हजार को पार कर चुका है और 4 हजार से अधिक लोगों ने जान गंवाई है। इस घातक महामारी से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार प्रयास कर रही हैं। जितनी तेजी से यह महामारी फैल रही है उससे स्वास्थ्य सुविधाओं पर दवाब बढ़ना लाजिमी है। स्वास्थ्य सिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार के प्रयासों का नतीजा अब दिखने लगा है। भारत में जब कोरोना वायरस ने दस्तक दी थी तब पीपीई किट और मास्क की कमी को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। विपक्षी दल इसके लिए सरकार पर हमला बोल रहे थे। देश के अलग-अलग हिस्सों में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी पीपीई किट और मास्क की कमी की शिकायत कर रहे थे। अब देश इसके लिए आत्मनिर्भर बन गया है। लॉक डाउन के दौरान अब देश में ही जरूरत के मुताबिक पीपीई किट और एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं भारत अब सबसे ज्यादा पीपीई किट बनाने वाले देशों में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है।

पीपीई किट बनाने में आत्मनिर्भर भारत :

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट और एन-95 मास्क को लेकर एक जानकारी सार्वजनिक की है। मंत्रालय के मुताबिक इस वक्त देश में रोजाना 3 लाख पीपीई किट और मास्क बनाए जा रहे हैं। अब अपनी जरूरत के मुताबिक देश में ही स्वास्थ्य उपकरणों का उत्पादन होने लगा है। ऐसे में भारत की चीन और अमेरिका जैसे देशों पर निर्भरता खत्म हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में जो पीपीई किट और मास्क बनाए जा रहे हैं उन्हें तय नियमों के मुताबिक पहले जांचा-परखा जाता है। इसके बाद इन्हें उपयोग के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जाता है। बता दें कि हाल ही में पीपीई किट की क्वालिटी को लेकर चिंता की खबरें सामने आई थीं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने साफ किया कि अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा संगठनों के लिए एचएएल लाइफकेयर एजेंसी मेडिकल उपकरण खरीदती है। पीपीई किट सिर्फ उन्हीं निर्माताओं और सप्लायर से खरीदे जा रहे हैं जिन्हें कपड़ा मंत्रालय की आठ लैब में टेस्ट के बाद मंजूरी मिली है।

26-05-2020
लद्दाख में भारत-चीन के बीच बढ़ी तनातनी, दोनों सेनाओं के बीच सबसे बड़े टकराव की आशंका

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास कई क्षेत्रों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है और 2017 के डोकलाम गतिरोध के बाद यह सबसे बड़ी सैन्य तनातनी का रूप ले सकती है। उच्च पदस्थ सैन्य सूत्रों का कहना है कि भारत ने पैंगोंग त्सो और गलवान घाटी में अपनी स्थिति मजबूत की है। इन दोनों विवादित क्षेत्रों में चीनी सेना ने अपने दो से ढाई हजार सैनिकों की तैनाती की है और वह धीरे-धीरे अस्थायी निर्माण को मजबूत कर रही है। नाम उजागर न करने की शर्त पर एक उच्च सैन्य अधिकारी ने कहा, 'क्षेत्र में भारतीय सेना चीन से कहीं ज्यादा बेहतर स्थिति में है।' गलवान घाटी में दरबुक शयोक दौलत बेग ओल्डी सड़क के पास भारतीय चौकी केएम-120 के अलावा कई महत्वपूर्ण ठिकानों के आसपास चीनी सैनिकों की उपस्थिति भारतीय सेना के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है।

सेना की उत्तरी कमान के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा (अवकाशप्राप्त) ने कहा 'यह गंभीर मामला है। यह सामान्य तौर पर किया गया अतिक्रमण नहीं है। लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि गलवान क्षेत्र पर दोनों पक्षों में कोई विवाद नहीं है, इसलिए चीन द्वारा यहां अतिक्रमण किया जाना चिंता की बात है। रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ एवं चीन में भारत के राजदूत रह चुके अशोक कांत ने भी लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा से सहमति जताई। उन्होंने कहा चीनी सैनिकों द्वारा कई बार घुसपैठ की गई है। यह चिंता की बात है। यह सामान्य गतिरोध नहीं है। यह परेशान करने वाला मामला है। सूत्रों ने कहा कि पैंगोंग त्सो, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी क्षेत्र में दोनों देश की सेनाओं के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए राजनयिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

23-05-2020
चीन पर अमेरिका करने जा रहा है एक और बड़ी कार्रवाई, 33 कंपनियों को किया ब्लैकलिस्ट

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना संक्रमण को लेकर चीन पर लगातार हमलावर बने हुए हैं। अमेरिका ने चीन की 33 कंपनियों और अन्य संस्थानों को इकोनॉमिक ब्लैकलिस्ट में डालने का फैसला किया है। कोरोना वायरस की महामारी के बाद दोनों देशों में तनाव और बढ़ गया है। अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि कोरोना वायरस चीन के लैब में पैदा किया गया है और उनके पास इसे लेकर सबूत भी हैं। कोरोना वायरस को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप और बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने चीन को झटका दिया है। बता दें कि चीनी स्टॉक मार्केट से अरबों डॉलर के अमेरिकी पेंशन निधि निवेश को वापस लेने के ऐलान के बाद अब अमेरिका चीन की ऐसी 33 कंपनियों और संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने जा रहा है, जो कथित रूप से चीनी सेना के साथ जुड़ी हैं। ट्रंप लगातार आरोप लगा रहे हैं कोरोना वायरस न सिर्फ वुहान की लैब में पैदा हुआ बल्कि चीन ने जानबूझ कर इसे दुनिया में फैलने दिया।

अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा है सात कंपनियों और दो संस्थानों को लिस्ट में डाला गया क्योंकि वे ऊइगर और अन्य लोगों के मानवाधिकारों के हनन के चीनी अभियान से जुड़ी थीं, जिनके तहत बड़ी तादाद में लोगों को बेवजह हिरासत में लिया जाता है। उनसे बंधुआ मज़दूरी करवाई जाती है और हाई-टेक तकनीक के सहारे उन पर नज़र रखी जाती है। इसके आलावा दो दर्जन अन्य कंपनियों, सरकारी संस्थाओं और व्यावसायिक संगठनों को भी चीनी सेना के लिए सामान की आपूर्ति करने के कारण लिस्ट में डाला गया है।

ब्लैकलिस्ट होने वाली ये कंपनियाँ आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) और फ़ेशियल रिकोग्निशन जैसी तकनीकों के क्षेत्र में काम करती हैं। बता दें कि अमेरिका की ही कई बड़ी कंपनियों जिनमें इंटेल कॉर्प और एनविडिया कॉर्प शामिल हैं ने इनमें भारी निवेश किया है। चीन की ब्लैकलिस्ट की गई कंपनियों में नेटपोसा का नाम शामिल है।  अमेरिका की ओर से बार-बार ये भी कहा गया है कि हो सकता है वुहान स्थित लैब से कोरोना वायरस फैला। इस मसले पर जांच की बात भी कही गई थी। हालांकि, चीन ऐसे आरोपों को खारिज करता आया है।

23-05-2020
चीन में कोरोना वायरस के बिना लक्षण वाले 28 नए मामले सामने आए

नई दिल्ली। चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के 28 ऐसे नए मामले सामने आए हैं, जिनमें संक्रमित व्यक्तियों में बीमारी के लक्षण नहीं दिख रहे हैं। इनमें से अधिकतर मामले वुहान में सामने आए हैं। इसके अलावा देश में संक्रमण का कोई ऐसा नया मामला सामने नहीं आया, जिसमें बीमारी के लक्षण दिख रहे हों। स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को यह पुष्टि की। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि अभी तक 370 ऐसे संक्रमित लोगों को पृथक-वास में रखा गया है, जिनमें बीमारी के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं। इन लोगों में 26 लोग विदेश से आए हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को कोविड-19 संक्रमण के ऐसे किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई, जिसमें बीमारी के लक्षण दिख रहे हों। उन्होंने बताया कि देश में बिना लक्षण वाले संक्रमण के 28 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से अधिकतर मामले वुहान के हैं।

स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि प्रांत में कुल 295 संक्रमित लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है, जिनमें संक्रमण के लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए वुहान की एक करोड़ 12 लाख की आबादी की जांच करा रहे हैं कि यह संक्रमण दोबारा जोर न पकड़ सके। बता दें कि दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना के कहर से लगातार जूझ रही है। इस वायरस से मरने वालों की संख्या तीन लाख 40 हजार से ज्यादा हो गई है और संक्रमितों की संख्या 53 लाख से ज्यादा हो गई है। जबकि 21 लाख 58 हजार से ज्यादा लोगों ने कोरोना को मात दी है। दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका में मृतकों की संख्या 97 हजार को पार कर गई है और 16 लाख 45 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं।

22-05-2020
चीन पर फिर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, कहा- वुहान से ही आया है कोरोना वायरस, इसे हल्‍के में नहीं लेने वाला

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना वायरस को लेकर चीन पर लगातार आरोप लगा रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि खतरनाक वायरस चीन से ही आया है और अमेरिका इसे बहुत गंभीरता से ले रहा है। ट्रंप का कहना है कि यह वायरस चीन के वुहान लैब में बनाया गया है। मिशिगन में अफ्रीकी-अमेरिकी नेताओं के साथ एक सत्र में ट्रंप ने कोरोना वायरस को लेकर कहा 'यह चीन से आया है। हम इसे लेकर खुश नहीं है। हमने व्यापारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसकी स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि अचानक से हालात बिगड़ गए, हम इसे हल्के में नहीं लेने वाले। पिछले कुछ सप्ताह से ट्रंप लगातार कोरोना वायरस को लेकर चीन की अयोग्यता और इसके दुनिया भर में फैलने को लेकर आलोचना कर रहे हैं। गुरुवार तक 94,000 अमेरिकियों ने इस जानलेवा वायरस से अपनी जान गंवा दी।

वहीं, 16 लाख के करीब अमेरिकी नागरिक इस वायरस से संक्रमित हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात को लेकर कोई संकेत नहीं दिया वह चीन के खिलाफ वायरस को लेकर कौन-सा कदम उठाने का विचार कर रहे हैं। जबकि, रिपब्लिकन सांसदों की तरफ से कोरोना वायरस को लेकर ट्रंप प्रशासन पर दवाब बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को सीनेटर टेड क्रूज और रिक स्कॉट ने माइक ब्रौन, मार्शा ब्लैकबर्न, जोनी अर्न्स्ट, मार्था मैकस्ली और टॉम कॉटन के साथ मिलकर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को अमेरिकी कोविड-19 वैक्सीन शोध को चुराने और गड़बड़ से बचाने के लिए कोविड-19 वैक्सीन संरक्षण अधिनियम पेश किया।

बिल में होमलैंड सिक्योरिटी विभाग, राज्य विभाग और संघीय अनुसंधान ब्यूरो द्वारा कोविड-19 वैक्सीन अनुसंधान से संबंधित गतिविधियों में भाग लेने वाले सभी चीनी छात्र वीजा धारकों की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गहन जांच के बाद अनुमति देने की मांग की गई है।  क्रूज ने कहा कि जिस कम्युनिस्ट पार्टी ने कोरोना वायरस प्रकोप को छुपाए रखा, वही निरंतर रूप से राष्ट्र प्रायोजित बौद्धिक संपदा की चोरी में भी संलग्न है। उन्होंने कहा कि हम चीन को अमेरिकी अनुसंधान और वैक्सीन के विकास के साथ चोरी या हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दे सकते है। बता दें कि अमेरिका में अबतक कोरोना संक्रमितों के कुल केस 16.1 लाख दर्ज किये गए हैं। इसमें मौत का आंकड़ा 95,087 पहुंच गया है। कोविड-19 से ठीक होने वालों की संख्या 3.08 लाख है।

16-05-2020
कोरोना को लेकर चीन से नाराज हैं डोनाल्ड ट्रंप, कहा- राष्ट्रपति जिनपिंग से अभी नहीं करना चाहता बात

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चीन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से निपटने के मामले में चीनी नेतृत्व के प्रति अपनी नाराजगी का संकेत देते हुए कहा है कि वह अपने चीनी समकक्ष शी चिनफिंग से अभी बात नहीं करना चाहते। व्हाइट हाउस में ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, अभी उनसे बात नहीं करना चाहते। हम देखेंगे कि अगले थोड़े समय में क्या होता है। ट्रंप ने कहा, 'वे व्यापार समझौते पर काफी खर्च कर रहे हैं, लेकिन व्यापार समझौते को लेकर मेरा मजा थोड़ा किरकिरा हो गया है, आप समझ सकते हैं।' इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि वह व्यापार समझौते के बारे में बात नहीं करना चाहते हैं।

ट्रंप ने कहा, 'मैं इसके बारे में बात नहीं करना चाहता। मैं कह सकता हूं कि चीन हमारे काफी उत्पाद खरीद रहा है, लेकिन व्यापार समझौता अभी स्याही सूखी भी नहीं थी कि चीन से यह (कोरोना वायरस) आ गया। इसलिए, ऐसा नहीं है कि हम खुश हैं।' उन्होंने कहा कि 'ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था। यह चीन से आया। इसे दुनिया में फैलने से पहले चीन में ही रोका जा सकता था। कुल 186 देश प्रभावित हुए हैं। रूस बुरी तरह प्रभावित है, फ्रांस बुरी तरह प्रभावित है। आप किसी भी देश की ओर देखिए और आप यह कह सकते हैं कि वह 'प्रभावित है या यह कह सकते हैं कि वह संक्रमित है।

15-05-2020
अमेरिका में कोरोना से 24 घंटे में 1754 लोगों की गई जान, चीन में 15 नए मामले आए सामने

नई दिल्ली। दुनिया भर में कोरोना वायरस से 44 लाख 29 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो गए हैं। अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश भी इस महामारी के आगे बेबस दिखाई दे रहा है। अमेरिका में भी कोरोना का कहर जारी है। अमेरिका में कोरोना वायरस से मौतों के मामले में बढ़ोतरी जारी है। दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका में मृतकों की संख्या 85 हजार को पार कर गई है और 14 लाख 30 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। अमेरिका में 24 घंटे में 1754 कोरोना मरीजों की मौत हो गई है।
 
चीन में कोरोना वायरस के 15 नए मामले :

चीन में कोविड-19 के 15 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से 11 लोगों में संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं। इन नए मामलों के साथ चीन में संक्रमितों की संख्या 82,933 हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) के अनुसार गुरुवार को जिलिन प्रांत से कोरोना वायरस के स्थानीय प्रसार के चार नए पुष्ट मामले सामने आए। बता दें कि दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना के कहर से लगातार जूझ रही है। इस वायरस से मरने वालों की संख्या तीन लाख के पार हो गई है और संक्रमितों की संख्या 44 लाख 29 हजार से ज्यादा हो गई है। जबकि 16 लाख 58 हजार से ज्यादा लोगों ने कोरोना को मात दी है।

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