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30-07-2021
सदन में उठा मक्का प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना नहीं होने का मामला, बृजमोहन के सवालों का मंत्री टेकाम ने दिया जवाब

रायपुर। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में कोंडागांव में मक्का प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना नहीं होने का मामला उठाया।  सरकार से जानना चाहा कि कोंडागांव  में मक्का प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना का कोई निर्णय लिया गया था ? कब लिया गया था, उस दिन प्लांट का निर्माण कब तक पूरा होना था ? अब तक क्या कार्रवाई की गई है। वर्तमान में प्लांट की क्या स्थिति है? क्या मक्का प्रोसेसिंग प्लांट  के लिए मक्का बेचने किसानों का पंजीयन कर शेयर दिए गए थे? कितने किसानों ने पंजीयन कराया ? शेयर  के रूप में कुल कितनी राशि जमा की गई ? उक्त राशि से जमा हुए कितना समय हो गया है? किसानों को क्या उक्त राशि का लाभ दिया गया है?  क्या अब मक्का प्रोसेसिंग प्लांट के स्थान पर  इथेनॉल  प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया है, यदि हां तो क्यों, किस आधार पर  निर्णय लिया गया है ? क्या इसे इथेनॉल प्लांट लगाने के लिए किसानों से सहमति ली गई है?

प्लांट न लगाने के लिए कौन दोषी है? दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई बताएं ? आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. टेकाम नेसदन को बताया कि मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया था।  मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी समिति मर्यादित कोंडागांव  के अंतर्गत यह इकाई का निर्माण 2022  तक पूरा होना था ।  विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रोजेक्ट कंसल्टेंट की नियुक्ति की गई है। प्लांट मशीनरी एवं बायलर निर्माण के लिए निर्माणकर्ताओं की नियुक्ति आदि करते हुए वीएटी निर्माण भूमि समतलीकरण,बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। वर्तमान में उक्त प्लांट निर्माण बंद है। 45 सौ  किसानों ने पंजीयन कराया है। किसानों से शेयर के रूप में कुल 6.80 करोड़ राशि जमा हुई है। राशि जमा हुए 1 साल हो गए हैं। किसानों को कोई लाभांश नहीं दिया गया है। मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की कार्यवाही बंद की गई है । इथेनॉल प्लांट लगाने  की कार्यवाही की जा रही है।

25-07-2021
बारिश की रेस में सुकमा अव्वल तो बालोद सबसे पीछे, छत्तीसगढ़ में जून माह से अब तक 483.1 मिमी औसत वर्षा 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बारिश की रेस में सुकमा जिला सबसे आगे तो बालोद सबसे पीछे है। प्रदेश में 1 जून से 25 जुलाई तक रिकार्ड की गई बारिश के आंकड़े जारी किए गए हैं। इसके मुताबिक सुकमा जिले में सर्वाधिक 839.3 मिमी और बालोद जिले में सबसे कम 340.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष की ओर से संकलित जानकारी के मुताबिक 1 जून से अब तक राज्य में 483.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक 1 जून से अब तक सरगुजा में 358.0 मिमी, सूरजपुर में 496.0 मिमी, बलरामपुर में 425.4 मिमी, जशपुर में 468.7 मिमी, कोरिया में 417.0 मिमी, रायपुर में 416.1 मिमी, बलौदाबाजार में 540.8 मिमी, गरियाबंद में 433.7 मिमी, महासमुंद में 435.0 मिमी, धमतरी में 403.0 मिमी, बिलासपुर में 549.6 मिमी, मुंगेली में 501.8 मिमी, रायगढ़ में 444.2 मिमी, जांजगीर चांपा में 542.7 मिमी, कोरबा में 720.9 मिमी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 522.3 मिमी, दुर्ग में 437.1 मिमी, कबीरधाम में 418.8 मिमी, राजनांदगांव में 351.6 मिमी, बेमेतरा में 620.2 मिमी, बस्तर में 386.9 मिमी, कोंडागांव में 458.8 मिमी, कांकेर में 391.1 मिमी, नारायणपुर में 573.9 मिमी, दंतेवाड़ा में 449.6 और बीजापुर में 583.6 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई।

15-07-2021
विश्व युवा कौशल दिवस पर कोंडागांव में ऑनलाइन प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट पाए 20 युवाओं को जॉब ऑफर लेटर दिए गए

रायपुर/कोण्डागांव। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर लाइवलीहुड कॉलेज कोण्डागांव एवं प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में ऑनलाइन प्रशिक्षण पश्चात प्लेसमेंट हुए 20 युवाओं को जॉब ऑफर लेटर प्रदाय किया गया। इस कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर भरतराम ध्रुव, सहायक संचालक कौशल विकास पवन कुमार नेताम एवं सहायक परियोजना अधिकारी लाइवलीहुड कॉलेज पुनेश्वर वर्मा के द्वारा प्रशिक्षण पूर्ण करने के लिए शुभकामनाएं एव जॉब के लिए बधाई दी। इस अवसर पर युवाओं ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभवों के संबंध में जानकारियां अन्य युवाओं के साथ साझा की। जॉब ऑफर लेटर के कोरोना महामारी प्रसार जैसी विपरीत परिस्थितियों में प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद रोजगार प्राप्त होने पर युवाओं द्वारा खुशी जाहिर की गई। इन सभी युवाओं का कोण्डागांव जिले में इलेक्ट्रिकल कंट्रक्शन साइड एवं हॉस्पिटालिटी के लिए स्थानीय स्तर पर प्लेसमेंट हुआ है साथ ही 3 युवाओं का चयन हैदराबाद की कंपनी में हुआ।

 

25-06-2021
जल जीवन मिशन की बैठक की कोंडागांव कलेक्टर ने, 2024 तक प्रत्येक परिवार को घरेलू नल कनेक्शन देने का लक्ष्य

कोण्डागांव/रायपुर। जल जीवन मिशन के तहत जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा की अध्यक्षता में हुई। ज्ञात हो कि इस मिशन का लक्ष्य वर्ष 2024 तक प्रत्येक परिवार को कार्यशील घरेलु नल कनेक्शन की ओर से प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर के मान से जल उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम में परिवार स्तर पर नियमित आधार में निर्धारित गुणवत्ता वाली जल आपूर्ति पर बल दिया गया है। इसके साथ ही रेट्रो फिटिंग योजना अंतर्गत पूर्व से संचालित नल-जल योजनाओं में आवश्यक सुधार, मरम्मत, विस्तारीकरण कार्य कर हर घर नल कनेक्शन द्वारा जल प्रदाय किया जाना प्रस्तावित है।

इन योजनाओं का स्त्रोत भू-जल आधारित है। इसके अलावा एकल ग्राम योजना में ग्रामों में नवीन नल-जल प्रदाय योजना से घर-घर में नल कनेक्शन, समूह नल-जल प्रदाय योजना के तहत एक से अधिक ग्रामों को मिलाकर योजना तैयार करना भी शामिल है। बैठक में जानकारी दी गई कि जिला कोण्डागांव अंतर्गत 1.9 लाख परिवार के लिए 64531.634 लाख की कार्ययोजना बनाई जानी है। साथ ही रेट्रो फिटिंग के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजना की संख्या 20 (लागत 2632.94 लाख) एवं कुल नल कनेक्शन 6317 लक्षित है। इसके अलावा एकल ग्राम योजना के तहत लक्ष्य योजनाओं की संख्या 57 (लागत 2798.42 लाख) एवं कुल नल कनेक्शन 5056 का लक्ष्य रखा गया है। इसमें पूर्ण हुए कार्य की संख्या 10 है और 998 नल कनेक्शन कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से तृतीय पक्ष निरीक्षण, रेट्रो फिटिंग और एक से अधिक ग्रामों के समूह का सर्वेक्षण कार्य के लिए अर्हता निर्धारण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है एवं जिले की 383 पंचायतों में जल परीक्षण के लिए प्रशिक्षण प्रदाय करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही समूह जल प्रदाय योजना में कोसारटेडा डेम से जल आरक्षण की कार्यवाही भी प्रक्रियाधीन है, जबकि निविदा कार्यवाही के लिए निविदा समिति बनाया जाना प्रस्तावित है। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निविदा समिति का शीघ्र गठन करने के साथ-साथ योजनाओं का डीपीआर तत्काल प्रस्तुत करें साथ ही जल गुणवत्ता की जांच के लिए पंचायत स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं रोजगार सहायकों को नामित करें जबकि तृतीय पक्ष निरीक्षण के लिए स्थानीय आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के छात्रों को नियुक्त किया जाए।

 

25-06-2021
नशे के खिलाफ जनमत विकसित करने 26 जून को कोंडागांव में मनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस

कोंडागांव/रायपुर। नशे के खिलाफ व्यापक जनमत विकसित करने के लिए 26 जून को कोंडागांव में अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य नशा मुक्ति के लिए सकारात्मक वातावरण बनाना और नशे की प्रवृत्ति की रोकथाम करना है। इस बात की जानकारी समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक ने एक बयान में दी। इस दौरान रेडियो व दूरदर्शन के माध्यम से नशा मुक्ति कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा और जिले में संचालित समस्त विभागों के समन्वय से नशापान के विरूद्ध समुचित कार्रवाई, नशा पीड़ितों से संवाद कर नशापान के दुष्परिणामों की जानकारी, साथ ही नशा मुक्ति से संबंधित पत्रिकाओं का वितरण भी किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न संदेश कार्यक्रमों के माध्यम से नशापान न करने संबंधित जन जागरुकता चलाई जाएगी।

 

20-06-2021
एरोमेटिक कोंडानार परियोजना से मिलेगी कोंडागांव जिले को नई पहचान,मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को कोंडागांव जिले में सुगंधित फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत की सुगंधित कोंडानार(एरोमेटिक कोंडानार) परियोजना का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस परियोजना में कोंडागांव जिले में 2 हजार एकड़ भूमि पर सुगंधित फसलों की खेती की जाएगी। इस परियोजना के तहत किसानों के समूह एरोमा हब की ओर से सुगंधित फसलों की 7 प्रजातियों लेमन ग्रास, पामारोजा, पचौली, मुनगा, अमाड़ी, वैटीवर, तुलसी की खेती की जाएगी। सुगंधित फसलों को प्रोसेसिंग के लिए कोण्डागांव में स्थापित होने वाली प्रसंस्करण इकाई में भेजा जाएगा। इस परियोजना से जुड़े किसानों को प्रति एकड़ सालाना लगभग 1 लाख रुपए की आमदनी होगी। इस परियोजना के लिए चिन्हित की गई भूमि में वन विभाग की 1 हजार 575 एकड़ जमीन और 425 एकड़ भूमि व्यक्तिगत जमीन शामिल है। सुगंधित फसलों की कृषि के तहत 200 परिवार प्रत्यक्ष रूप से और 750 परिवार परोक्ष रूप से लाभांवित होंगे। परियोजना में पहले ही वर्ष में 20 करोड़ रुपए की आय अनुमानित है और बाद के वर्षों में इसमें निरंतर बढ़ोत्तरी भी होती जाएगी। इसके अलावा इन सुगंधित फसलों के बीच काजू, नारियल, लीची, कस्टर्ड सेब इंटरक्राप पेटर्न में उगाया जाएगा। सुगंधित फसलों के प्रसंस्करण से एसेंशियन आॅयल तैयार करने के लिए प्रसंस्करण यूनिट कोंडागांव में लगाई जाएगी। इसके लिए रविवार को कार्यक्रम के दौरान ही सन फ्लेक एग्रो प्रायवेट लिमिटेड और कोंडागांव जिला प्रशासन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। 

इस प्रसंस्करण प्लांट की क्षमता 5 हजार मीट्रिक टन होगी। इसमें 250 लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के शुभारंभ के दौरान जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इस परियोजना में गांवों के अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए। इससे जिले को एक नई पहचान मिलेगी। लोगों के लिए आय का नया जरिया बनेगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान एरोमेटिक पौधों के रोपण से जुड़े युवाओं से चर्चा की।  
मुख्यमंत्री निवास में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री कोंडागांव जिले के प्रभारी मंत्री गुरु रूद्रकुमार, राजस्व मंत्री और दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा,स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम उपस्थित थे। कार्यक्रम से सांसद  दीपक बैज, विधायक मोहन मरकाम, देवती कर्मा,संत कुमार नेताम और चंदन कश्यप वर्चुअल रूप से जुड़े।

07-06-2021
कोंडागांव में कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा के निर्देशन पर झोला छाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान शुरू

रायपुर/कोण्डागांव। जिले में लोगों के स्वास्थ्य व सुपोषण के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा हैं। ऐसे में बिना पर्याप्त ज्ञान व डिग्री के कुछ लोगों द्वारा वनांचल के ग्रामों में भोले-भाले ग्रामीणों को उपचारित करने के नाम पर उनसे छल किया जाता है। इससे समय-समय पर लोगों को इन डॉक्टरों द्वारा गलत दवाईयां दिये जाने से गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए प्रशासन द्वारा सभी ऐसे बिना डिग्रीधारी झोलाछाप डॉक्टरों के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। इसके तहत् सोमवार को कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा के आदेशानुसार एसडीएम गौतमचंद पाटिल के नेतृत्व में गठित जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के संयुक्त जाँच दल ने विकासखण्ड कोण्डागांव के ग्राम नवागांव, मर्दापाल के कथित झोलाछाप डॉक्टर के यहां अचानक दबिश दी। जांच के दौरान कथित झोलाछाप डॉक्टर बलराम नाग के निवास में जांच करने पर बड़ी संख्या में दवाइयां भंडारित होने के साथ उसके निवास पर मरीजों का इलाज करते भी पाया गया। इस पर टीम ने दवाइयों एवं दस्तावेजों को जब्त कर कथित झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध नर्सिंग होम एक्ट के तहत् प्रकरण तैयार किया है। ज्ञात हो कि कोरोना महामारी के दौर में सभी अस्वस्थ लोगो को कोविड-19 जांच उपरांत ही चिकित्सक की सलाह से दवाइयां लेने के निर्देश शासन प्रशासन द्वारा जारी किए गए थे व लगातार जागरुकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन कुछ लोगों की ओर से आपदा को अवसर समझ ग्रामीणों को बहकाने का कार्य किया जा रहा है। इसे रोकने के लिये स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग की संयुक्त दल गठित कार्यवाही की गईं। इस दल में जिला खाद्य व औषधि अधिकारी डोमेंद्र ध्रुव, औषधि निरीक्षक सुखचौन धुर्वे, नायब तहसीलदार विरेन्द्र श्याम, डॉ सूरज राठौर, सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

 

25-04-2021
प्रदेश के 14 जिलों में बढ़ा लॉकडाउन, जाने कौन-कौन से जिले हैं शामिल 

रायपुर। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के 14 जिलों में अब लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। बालोद और महासमुंद में भी लॉकडाउन 6 मई सुबह 6 बजे तक बढ़ाया गया है। इसके अलावा दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, कोरबा, बेमेतरा, जशपुर, सूरजपुर, सरगुजा, बलरामपुर, कांकेर और कोंडागांव में 5 मई तक लॉकडाउन बढ़ाया गया है। इनमें बेमेतरा, जशपुर, सूरजपुर, कांकेर, कोंडागांव और राजनांदगांव में 5 मई को सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। धमतरी में 5 मई को रात 11 बजे तक। बलरामपुर और कोरबा में 5 मई को रात 12 बजे तक लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान किया गया है।

17-04-2021
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे मोहन मरकाम, प्रदेश के नागरिकों से टीका लगवाने किया निवेदन

 रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने नागरिकों से कोरोना टीका लगवाने का निवेदन किया है। उन्होंने शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोंडागांव पहुंचकर प्रेमराज कोटडिया की माता 98 वर्षीय सुंदर बाई कोटडिया को कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाया। उन्होंने सभी से निवेदन किया है कि 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग तुरंत टीका लगवाएं। उन्होंने कहा है कि जीतेंगे कोरोना से जंग, सभी सावधानियों के संग।

13-04-2021
पुलिस ने पकड़ा जासूस कबूतर, पैर में लगा मिला विदेशी भाषा का टैग

कोंडागांव/रायपूर। जिले में संदिग्ध कबूतर के पकड़े जाने का मामला सामने आया है। कबूतर के पैर में विदेशी भाषा का टैग लगा था। पुलिस ने कबूतर को कब्जे में लेकर इसकी जांच शुरू कर दी है। ऐसा माना जा रहा है कि नक्सली कबूतर के जरिए जासूसी करा रहे हैं। फोर्स की मुस्तैदी के बाद बढ़ते दबाव के कारण नक्सली अपना संदेश साथियों को भेजने कबूतर का इस्तेमाल कर रहे हैं। चूंकि ये कबूतर काफी समझदार और घरेलू होते हैं, इसलिए उन्हें प्रशिक्षण देना आसान होता है। कबूतरों की एक प्रजाति जिसे रेसिंग होमर कहते हैं, एक बेहद खास कबूतर होते हैं। उन्हें इस तरह से ट्रेन किया जाता है कि वे तेजी से उड़े और गंतव्य तक पहुंचकर वापस लौट सकें।

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