GLIBS
19-11-2020
नाश्ता सुबह का हो या शाम का उसे टेस्टी और हेल्दी बना देता है हर किसी की पसन्द पनीर पकोड़ा

रायपुर। सुबह का नाश्ता शरीर के लिए बहुत आवश्यक होता है। सुबह हो या शाम का नाश्ता पनीर के पकोड़े हैं सपके पसंद। पनीर के व्‍यजनों में पनीर के पकोड़े बेहद मशहूर हैं। ये टेस्‍टी तो होते ही हैं साथ ही बनाने में भी आसान हैं। इसे कभी भी ट्राई कर सकते हैं। पनीर पकोड़ा एक सरल और आसान स्नैक है

सामग्री :
500 ग्राम पनीर (बड़े-बड़े टुकड़ों में कटा हुआ)
आधा कप बेसन
1 टेबलस्पून अदरक-लहसुन का पेस्ट
1-1 टीस्पून हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला व अमचूर पाउडर
आधा कप कॉर्नफ्लोर
तलने के लिए तेल
नमक स्वादानुसार
आवश्यकतानुसार पानी

विधि :
पनीर और चाट मसाला छोड़कर बाकी सारी सामग्री को मिलाकर गाढ़ा घोल बना लें। 
पनीर के टुकड़े बेसन के घोल में डुबोकर गरम तेल में डीप फ्राई कर लें। 
चाट मसाला छिड़ककर गरम-गरम सर्व करें।

05-10-2020
रविन्द्र चौबे ने ली बैठक ,प्रदेश को बीज उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर बनाने सहित दिए कई आवश्यक निर्देश

रायपुर। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने सोमवार को नवा रायपुर के शिवनाथ भवन में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर, कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा दुर्ग के कुलपति और महात्मा गांधी एवं उद्यानिकी विश्वविद्यालय के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी की बैठक ली। उन्होंने विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों, अनुसंधान और क्षेत्र प्रचार के काम-काज की स्थिति की समीक्षा की। कृषि मंत्री ने दुर्ग जिले के सांकरा स्थित महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय में चालू शैक्षणिक सत्र में स्नातक शिक्षा के लिए पात्र विद्यार्थियों के दाखिले की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री ने उद्यानिकी विश्वविद्यालय की गतिविधियों को तत्परता से शुरू कराने के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों में स्थित उद्यानिकी विभाग की कुछ  नर्सरियों को विश्वविद्यालय के जिम्मे सौंपने की भी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में संसदीय सचिव शकुंतला साहू और कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता भी मौजूद थीं। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। कृषि का विकास ही छत्तीसगढ़ का विकास है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को राज्य के ग्रामीण अंचलों में कृषि, उद्यानिकी, फूड प्रोसेसिंग सहित कृषि आधारित गतिविधियों के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसका लाभ राज्य के किसान को मिलना और दिखना चाहिए। कृषि मंत्री ने बीज उत्पादन के मामले में राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विश्वविद्यालयों को कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई तय करने के निर्देश दिए। खरीफ फसलों में कीटव्याधि प्रकोप की रोकथाम के लिए किसानों को आवश्यक सलाह और दवाओं के उपयोग के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए।

कृषि मंत्री ने राज्य में निजी दुकानदारों की ओर से फसल कीटव्याधि की रोकथाम के लिए विक्रय किए जा रहे कीटनाशक दवाओं पेस्टीसाइज की गुणवत्ता की जांच के लिए भी आवश्यक कदम उठाने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कीटनाशक दवाओं के मानक की जांच पड़ताल के लिए लैब की स्थापना जरूरी है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पाटिल ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में कीटनाशक दवाओं की जांच-पड़ताल के लिए लैब की स्थापना का काम अंतिम चरण में है। आगामी दो-तीन माह में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से दवाओं के परीक्षण के लिए प्रमाण-पत्र मिल जाएगा। बैठक में कृषि मंत्री ने राज्य में नव स्थापित कृषि, उद्यानिकी, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को सुव्यवस्थित तरीके से शुरू करने तथा सांकरा उद्यानिकी विश्वविद्यालय के अधीन स्नातक कॉलेज की स्थापना का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। कृषि एवं वेटनरी विश्वविद्यालय के अंतर्गत बैकलॉग के रिक्त पदों की भर्ती की प्रक्रिया को भी शुरू करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कृषि विज्ञान केन्द्र के काम-काज की भी समीक्षा की। कृषि मंत्री चौबे ने जिलों में स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र विशेषकर कोरिया जिले के कृषि विज्ञान केन्द्र के कार्य की सराहना की। कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. एससी मुखर्जी ने पॉवर पाइंट प्रेजेंटेंशन के माध्यम से कृषि विज्ञान केन्द्र की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसी तरह बीज उत्पादन, बायोफ्लास्क तकनीक से सघन मछली पालन, मखाना और लाख की खेती के बारे में भी जानकारी दी गई।


 

23-07-2020
संक्रमित पुलिसकर्मियों के परिवारों को आवश्यक वस्तुएं मुहैया कराएंगे : डीएम अवस्थी

रायपुर। डीजीपी डीएम अवस्थी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को कोरोना वायरस के संक्रमण से पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों के बचाव के लिए निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देश में कहा गया है कि जो पुलिसकर्मी अब तक संक्रमित पाए गए हैं उनके निवास पर रक्षित निरीक्षक अथवा किसी जिम्मेदार पुलिस अधिकारी को भेजकर उनके परिवारों के लिए राशन - पानी सहित आवश्यक वस्तुएं मुहैया कराएं। जो अधिकारी संक्रमित पुलिस परिवारों के यहां हाल- चाल पूछने जाये वे पूरी तरह से स्वयं का बचाव करते हुए ही उनके घर जाएं।उल्लेखनीय है कि राज्य में आज तक की स्थिति मे विभिन्न इकाइयों के कुल 114 पुलिसकर्मी नोवल कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। डीजीपी अवस्थी ने पुलिस कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को संक्रमण से बचाव के लिए उच्च कोटि के मास्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी ड्यूटी पर जाते समय अपना खाना और पानी घर से ले कर जाएं, ऐसे कर्मचारी जो लगातार ड्यूटी कर रहे हैं उनके लिए अच्छे भोजन और पानी की व्यवस्था रक्षित निरीक्षक करें। कर्मचारियों के परिवारों को भी सलाह दी गई है कि वे और उनके बच्चे घर में ही रहें और इधर उधर न घूमें। पुलिस लाइन में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को समझाया जाए कि वे पड़ोस में रहने वाले लोगों से मिलने से बचें। पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों में किसी भी प्रकार के संक्रमण के लक्षण पाय जाने पर तुरंत उन्हें आइसोलेशन में रखते हुए उनका तत्काल परीक्षण कराया जाए। ड्यूटी के दौरान समस्त पुलिसकर्मी अपने सहयोगियों और जनता के अत्यंत करीब जाने से बचें।

02-06-2020
स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर का होना आवश्यक : डॉ. टेकाम

रायपुर। प्रदेश के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा है कि स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर का होना आवश्यक है। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए छात्रावास-आश्रमों के सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभाग द्वारा संचालित छात्रावास-आश्रमों के अधीक्षकों के प्रशिक्षण कार्यशाला में उपरोक्त बातें कहीं। डॉ. टेकाम ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्रावास-आश्रमों को पुरस्कृत किया जाएगा। डॉ.टेकाम ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 3 हजार 278 छात्रावास-आश्रमों संचालित हैं, जिनमें लगभग 2 लाख बच्चे रहते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रावास-आश्रमों में रहने वाले बच्चों को पढ़ाई-लिखाई का अच्छा वातावरण प्रदान करना अधीक्षकों की जवाबदारी है। अधीक्षक यह प्रयास करें कि छात्रावास-आश्रमों में रहने वाले बच्चे अच्छे से पढ़े ताकि वे बेहतर कैरियर का निर्माण कर सके। छात्रावास-आश्रमों में शुद्ध पेयजल के लिए आरओ वाटर यूनिट की व्यवस्था के साथ किचन की साफ-सफाई और खाद्यान्न सामग्री को सुरक्षित रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी केन्द्रों की रंगाई पोताई की जाए और वहां व्यवस्थित पुस्तकालय की स्थापना की जाए। केरियर कॉउंसिंलिंग के लिए पुस्तकालय में समाचार पत्र-पत्रिकाएं भी उपलब्ध रहें।डॉ. टेकाम ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के लिए सुबह का वातावरण सबसे अच्छा होता है। अधीक्षक पालक के रूप में बच्चों की देखभाल करें। जहां छात्रावास-आश्रमों में स्थान रिक्त हैं वहां मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बाड़ी विकास के कार्य किए जाएं। आश्रम-छात्रावासों का ऐसा वातावरण बनाएं जहां जाने की इच्छा हो। बच्चों की मानसिकता के आधार पर विषय का चयन कर केरियर कॉउंसिंलिंग प्रदान किया जाए। स्थानीय बोली के माध्यम से बच्चों में राष्ट्रीयता की भावना विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि छात्रावास-आश्रमों का वातावारण बेहतर बनाने में अधीक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का आयोजन छात्रावास-आश्रमों को बेहतर बनाने के लिए किया गया है, इसका लाभ बच्चों को मिलेगा।विभाग की संचालक शम्मी आबिदी ने कहा कि कोरोना संक्रमण का प्रभाव बच्चों पर न पड़े समय रहते सभी आवश्यक तैयारियां कर ली जाएं। क्वारेंटाईन सेंटर पूर्ण तरह से सेनिटाइज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकाय का सहयोग लिया जाए। इसी प्रकार कर्मचारियों की सुरक्षा भी जरूरी है। इस अवसर पर उपायुक्त संजय गौड़, के.आर. परस्ते, सहायक संचालक अरविन्द जायसवाल, प्राचार्य प्रयास कन्या छात्रावास परिसर रायपुर मंजूला तिवारी, प्रशिक्षक बी.आर. साहू भी उपस्थित थे।

 

05-05-2020
छूट की समय-सीमा में संशोधन,आवश्यक सामग्रियों की लोडिंग एवं अनलोडिंग का भी समय निर्धारित

धमतरी। नोबल कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए वर्तमान में जिले में लाॅक डाउन घोषित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रजत बंसल के द्वारा आदेश जारी कर आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं के संचालन के लिए सुबह सात बजे से अपरान्ह तीन बजे की समय-सीमा में छूट प्रदान की गई थी, जिसमें आंशिक संशोधन किया गया है। नवीन आदेश के अनुसार अब जिले में संचालित होने वाली सूचीबद्ध दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अब सुबह आठ बजे से शाम चार बजे के बीच खोला जाएगा। इसके अलावा आवश्यक सामग्रियों की लोडिंग एवं अनलोडिंग का भी समय निर्धारित किया गया है, जिसके तहत रात्रि 9.30 बजे से सुबह छह बजे के बीच उक्त कार्य को सम्पन्न कराया जा सकेगा।

 

29-04-2020
Breaking : राजस्व न्यायालयों में सुनवाई अब 4 मई या इसके बाद, आदेश जारी

रायपुर। कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए 3 मई तक लॉक डाउन लागू किया गया है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की सुनवाई 4 मई या इसके बाद रखने के निर्देश जारी किए हैं। इसके पहले 29 अप्रैल या इसके बाद सुनवाई करने की तारीख निश्चित की गई थी। अब राजस्व विभाग की ओर से सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों के अंतर्गत आगामी पेशी की तारीख 4 मई या उसके आगे की तारीख को रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में राजस्व विभाग की सचिव रीता शांडिल्य ने राज्य के सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों, अनुभागीय अधिकारी (राजस्व) और समस्त पीठासीन राजस्व अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही तय करने के निर्देश जारी किए हैं।

27-04-2020
कोरोना संकट के बीच आरबीआई का ऐलान- म्यूचुअल फंड कंपनियों को दिए जाएंगे 50 हजार करोड़ रुपए

नई दिल्ली। म्यूचुअल फंड पर तरलता दबाव को कम करने के लिए, भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को म्यूचुअल फंड के लिए 50,000 करोड़ रुपए की विशेष लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की है। बता दें कि देश के अग्रणी म्यूचुअल फंड हाउस फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने भारत में छह डेट फंड्स को बंद कर दिया है, जिसके बाद आरबीआई ने म्यूचुअल फंड्स के लिए विशेष तरलता सुविधा देने की घोषणा की है। आरबीआई ने सोमवार को म्‍यूचुअल फंड्स के लिए एक विशेष ऋण योजना का ऐलान किया, जिसके तहत उन्‍हें 50,000 करोड़ रुपए का लोन उपलब्‍ध कराया जाएगा, ताकि उद्योग में तरलता का संकट न खड़ा हो। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि वह सतर्क है और कोरोना वायरस के आर्थिक प्रभाव को कम करने और वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।

आरबीआई फिक्स रेपो रेट पर 90 दिन की अवधि का एक रेपो ऑपरेशन शुरू करेगा।आरबीआई ने कहा कि एसएलएफ-एमएफ ऑन-टॉप और ओपन-एंडेड है और बैंक सोमवार से शुक्रवार तक किसी भी दिन वित्त हासिल करने के लिए अपनी बोली जमा कर सकते हैं। यह सुविधा 27 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और 11 मई, 2020 तक रहेगी। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी जोर दिया कि वह कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव को कम करने और वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे उसे वह उठाएगा। बता दें इन 6 ओपेन एंडेड डेट स्कीम का कुल मिलाकर एसेट बेस करीब 28 हजार करोड़ रुपए है।

25-04-2020
लाॅक डाउन में अति आवश्यक सेवाओं की दुकानें सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक खुलेंगी

कोरबा। कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिये पूर्व में चिकन, मटन, मछली और अण्डा विक्रय पर लगाई गई रोक प्रशासन ने हटा ली है। कटघोरा नगर पालिका परिषद क्षेत्र को छोड़कर पूरे कोरबा जिले में अब अति आवश्यक सेवाओं के लिए प्रशासन द्वारा समय सुबह नोै बजे से दोपहर दो बजे तक समय निर्धारित किया गया है। राशन, सब्जी, फल, दूध आदि के साथ-साथ इलेक्ट्रिक पंखों, कूलर, बे्रड आदि की दुकानें भी इसी अवधि में खुली रहेंगी। दूध बांटने का समय सुबह साढ़े छह बजे से साढ़े आठ बजे तक और शाम पांच बजे से सात बजे तक निर्धारित किया गया है। इसी तरह कटघोरा में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मरीजों को देखते हुए ऐतिहातन तौर पर छुरीकला नगर पंचायत में किया गया पूर्ण लाॅक डाउन शिथिल किया गया है। अब छुरीकला में भी अति आवश्यक सेवायें प्रदान करने वाले कार्यालय और प्रतिष्ठान सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक खुलेंगे। कलेक्टर किरण कौशल ने निर्धारित छूट अवधि के बाद लोगों को अपने घरों से बाहर नहीं निकलने की ही हिदायत दी है। अभी भी लाॅकडाउन के दौरान कोरोना वायरस के लिये शासन द्वारा तय किये गये दिशा-निर्देश पूरी तरह लागू रहेंगे।


अखबारों के वितरण के लिये सुबह साढ़े छह बजे से साढ़े नौ बजे तक छूट रहेगी। इस तीन घण्टे की अवधि में अखबार के हाॅकर शहर में अखबार बांटेंगे। कटघोरा नगर पालिका क्षेत्र को छोड़कर जिले के अन्य क्षेत्रों में सब्जी-फल-किराना-राशन, जानवरों के खाने की चीजों और चारे आदि की दुकानें सुबह नौ बजे से दो बजे तक खुली रहेंगी। दवाई दुकानें और पेट्रोल पम्प सामान्य दिनों की तरह ही संचालित होंगे, परन्तु उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के लिये शासन द्वारा समय-समय पर जारी किये गये निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। जिले में कटघोरा नगर पालिका क्षेत्र को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में बिजली के पंखे, कूलर की दुकानें और इनकी रिपेयरिंग की दुकानें भी निर्धारित समय में खुल सकेंगी। विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक किताबों की दुकानों को भी निर्धारित समयावधि के लिए पूर्णतया तालाबंदी से छूट दे दी गई है। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम द्वारा चिन्हाकित ट्रकों और आटोमोबाईल रिपेरिंग की दुकानें तथा राजमार्गों पर ढाबे भी खुल सकेंगे। ढाबों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए केवल पार्सल ले जाने की सुविधा होगी। कुरियर, डाक और पोस्ट आफिस सेवाओं को भी लाक डाउन से छूट प्रदान कर दी गई है। इलेक्ट्रिशियन, मोटर मैकेनिक, प्लंबर, बढ़ई, आईटी रिपेयर का काम करने वाले लोगों को भी लाक डाउन से छूट दी गई है। खोया, पनीर, दही जैसे दूध उत्पादों की बिक्री की दुकानें भी निर्धारित समय में खुली रहेंगी। निःशक्तजनों, बच्चों, बेघर वरिष्ठ नागरिकों व महिलाओं तथा विधवाओं की देखरेख के लिए संचालित आवासीय संस्थाओं को भी पूर्ण तालाबंदी से छूट दी गई है।


नगरीय सीमा के बाहर संचालित किये जाने वाले शासकीय और निजी औद्योगिक संस्थानों को भी चालू करने की अनुमति दी गई है। इंडस्ट्रियल स्टेट में स्थिति औद्योगिक इकाईयों को कामगारों के आने-जाने पर नियंत्रण रखने और उद्योग परिसर के भीतर या लगी हुई जगहों पर रहने की व्यवस्था करने पर ही संचालन की अनुमति दी गई है। नगरीय सीमा के बाहर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, सिंचाई योजना, भवन निर्माण, जल प्रदाय एवं स्वच्छता, लाईनों का निर्माण, दूर संचार के लिए आप्टिकल फाइबर केबल डालने का काम एवं सभी प्रकार के औद्योगिक निर्माण परियोजनाओं के लिए भी लाॅक डाउन में अनुमति दी गई है। नगरीय निकायों की सीमा के भीतर ऐसी निर्माण परियोजनाएं जहां श्रमिक साइट पर उपलब्ध हों तथा बाहर लाने की आवश्यकता न हो, संचालित की जायेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सीएससी एवं च्वाइस सेंटर तथा बोर खनन की गतिविधियों को भी लाक डाउन से छूट प्रदान कर दी गई है।

23-04-2020
तेन्दूपत्ता संग्रहण के पहले सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित हो : मोहम्मद अकबर


रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक सप्ताह के भीतर तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरू हो जाएगा। वन मंत्री मो. अकबर ने इससे पहले सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कर अच्छी गुणवत्ता के तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। राज्य में इस वर्ष 16 लाख 71 हजार मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित है।मंत्री अकबर ने तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य में शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का भली-भाति पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य के पहले फड़ मुंशियों से लेकर नोडल अधिकारी तथा जोनल अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित कर ली जाए। अच्छी गुणवत्ता के तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए फड़ मुंशियों, कर्मचारियों तथा अधिकारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाए और संग्राहकों को भी उचित मार्गदर्शन दिया जाए। तेन्दूपत्ता संग्रहण के दौरान हर दिन संग्राहक कार्ड में तेन्दूपत्ता खरीदी और भुगतान की प्रविष्टि अवश्य की जाए। यह संग्राहक कार्ड तेन्दूपत्ता संग्राहक के पास ही रहेगा। तेन्दूपत्ता खरीदी करते समय तेन्दूपत्ते की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। किसी भी हालत में कटा-फटा, दाग वाला, बहुत छोटा तथा कच्चा पत्ता कदापि क्रय नहीं किया जाए। गड्डियों में पत्तों की संख्या भी 48 से कम तथा 52 से अधिक नहीं होनी चाहिए। वर्तमान में लॉक डाउन को ध्यान में रखते हुए शासन के जारी दिशा-निर्देशों का भी पालन सुनिश्चित किया जाए।

इसके तहत समस्त फड़ मुंशियों तथा फड़ अभिरक्षकों द्वारा तेन्दूपत्ता संग्रहण के पूर्व कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर समस्त संग्राहकों को जागरूक और सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की जाए। तेन्दूपत्ता संग्राहक संग्रहण के दौरान मास्क पहनकर तथा एक-दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी रखकर संग्रहण का कार्य करें। संग्राहकों द्वारा संग्रहण पश्चात हाथों को साबुन से अनिवार्य रूप से धोया जाए। संग्रहित पत्ता फड़ पर देते समय भी अनिवार्य रूप से मास्क लगाया जाए।तेन्दूपत्ता तोड़ाई और संग्रहण के समय अगर किसी को बुखार, खांसी तथा जुकाम की शिकायत हो तो उनके द्वारा संग्रहण कार्य नहीं कराया जाए। इसी तरह बोरा भर्ती तथा परिवहन के समय बोरा भराई, परिदान तथा लोडिंग-अनलोडिंग के समय फड़ मुंशी, मजदूर तथा क्रेता अथवा क्रेता प्रतिनिधि द्वारा हाथ में दस्ताने पहनकर, मास्क पहनकर तथा एक-दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी रखकर कार्य करें और इनके द्वारा प्रत्येक एक घंटे में हाथ अनिवार्य रूप से धोया जाए। परिवहन के पहले ट्रक तथा सभी सामानों को भी सेनेटाईज किया जाए। तेन्दूपत्ता के गोदामीकरण करते समय गड्डी चेकिंग तथा छल्ली लगाई आदि कार्य मजदूरों के द्वारा हाथ में दस्ताने पहनकर, मास्क पहनकर और एक-दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी रखकर कार्य किया जाए। इस तरह वनोपज के कार्य स्थल और परिवहन के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए शासन तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन एवं एडवाइजरी का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।

 

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