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24-09-2020
एनएचएम कर्मियों ने कोरोना वारियर्स का सम्मान पत्र वापस किया

कोरिया।बैकुंठपुर कोरिया जिले में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरकार की तरफ कोरोना वारियर्स को सम्मानित करने जो प्रशस्ति पत्र दिया गया था उसे एनएचएम कर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को लौटा दिया है।हड़ताल कर रहे एनएचएम जिलाध्यक्ष सुधांशु श्रीवास्तव ने सरकार से मांग की है कि उनको भी नियमित किया जाए। अगर समय रहते ऐसा नहीं किया जाता तो वह संघर्ष को और तेज कर देंगे। इसी कडी में जिले भर के एनएचएम कर्मचारियों ने कोरोना वारियर्स का सम्मान पत्र जिले के स्वास्थ्य कार्यालय में वापस कर दिया।

 

24-09-2020
कांग्रेस चुनावी घोषणा पत्र में किए गए नियमितिकरण के वादे पूरा करें : भाजपा

रायपुर/जगदलपुर। एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल पर भाजपा के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार प्रदेशभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को नियमित करने की मांग ​की है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को पत्र लिखकर हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्यकर्मियों की इस मांग को जायज ठहराया है। बाफना ने कहा कि विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान आपके ही नेतृत्व में चुनावी जनघोषणा पत्र के माध्यम से प्रदेशभर के सभी अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। यह बात मुझे इस पत्र के माध्यम से इसलिए याद दिलानी पड़ रही है कि, अब जबकि राज्य में कांग्रेस की सरकार बने हुए लगभग 2 वर्ष पूर्ण होने को है और अब तक इस संबंध में आपकी सरकार ने अनियमित कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण की कोई प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की। गौरतलब है कि, नियमितीकरण की अपनी जायज मांग को लेकर पूरे प्रदेश में सभी एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। उनकी स्पष्ट रूप से मांग है कि, स्थाई स्वास्थ्यकर्मियों की तरह समान कार्य के लिए उन्हें भी समान वेतन दिया जाए और उनकी सेवाएं भी स्थाई की जाए, जो कि निश्चित तौर पर शत प्रतिशत् जायज मांग है।

उन्होंने कहा कि सत्ता के सिंहासन तक कांग्रेस को पहुंचाने वाले कर्मचारियों की भूमिका को आपकी सरकार ने भूला दिया है। इसका स्पष्ट उदाहरण यह है कि, अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर गए एनएचएम कर्मचारियों से बात करना तो दूर की बात है, अब स्वास्थ्य विभाग अपने कर्मियों पर अनुशासनहीनता व सेवा शर्तों के उल्लंघन करने का आरोप लगाकर उनकी सेवाएं समाप्त कर रही है। जबकि सरकार को स्वास्थ्यकर्मियों को बुलकर उनसे चर्चा करनी चाहिए थी और इस कोरोना महामारी के दौर में बीच का कोई रास्ता निकाला जाना चाहिए था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने तो कड़े तेवर दिखाकर एस्मा कानून का हवाला देते हुए उनका रोजगार छीनना ही प्रारंभ कर दिया है। पूर्व विधायक बाफना ने स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह किया है कि अपने किए हुए वादे से पीछे न हटकर प्रदेशभर के सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को नियमित करने के साथ अन्य विभागों के संविदा कर्मचारियों को भी नियमित करने की कार्यवाही पर पहल करने का कष्ट करें। स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने संबंधी आदेश जारी हुए हैं। उन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए पूरे सम्मान के साथ पुन: उनकी सेवा बहाली करने के आदेश भी जारी किये जाए। ताकि इस कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था पुन: पटरी पर आ सके।

24-09-2020
हड़ताली एनएचएम कर्मचारी सामूहिक त्यागपत्र देंगे

रायपुर/कोण्डागांव। जिले में एनएचएम के बैनर तले स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ संविदा कर्मचारी 19 सितंबर से नियमितिकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए कर्मचारियों के विरुद्ध राज्य, जिला और विकास खंड स्तर पर नोटिस जारी होने शुरू हो चुका है। ऐसे में हड़ताल पर बैठे कोण्डागांव के 360 संविदा कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा देने का मन बना लिया है। हड़ताली कर्मचारी कोण्डागांव के चौपाटी मैदान में सामूहिक इस्तीफा पर हस्ताक्षर करते नजर आए। इस बारे में हड़ताल पर बैठे छत्तीसगढ़ एनएचएम कोण्डागांव जिला सचिव दिलीप कुमार मधुकर ने बताया, कोण्डागांव जिला के 360 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं। सभी के नाम पर कार्य में उपस्थिति के लिए नोटिस जारी किया गया है। साथ ही नोटिस में उल्लेखित है कि, अगर कार्य में उपस्थित नहीं होते तो टर्मिनेट का आदेश किया जा सकता है। लेकिन हमारा संघ डरेगा नहीं, इस नोटिस के जवाब में सभी हड़ताली सामूहिक त्यागपत्र देंगे। इधर कोण्डागांव के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ टीआर कुवंर ने बताया, सभी कर्मियों को 24 घंटे में कार्य में उपस्थिति का नोटिस जारी किया जा चुका हैं। अग्रिम कार्रवाही कलेक्टर के अनुमोदन पर किया जाएगा।

22-09-2020
नेशनल हेल्थ मिशन के तीन अधिकारी बर्खास्त, हड़ताल में शामिल होकर कार्य पर नहीं आने का मामला

​महासमुंद। जिले में नोटिस की अंदेखी कर काम पर नहीं लौटने वाले नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तीन अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है। साथ ही दो अधिकारियोें  रामगोपाल खुुंटे, पीएसडब्ल्यू, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महासमुंद और  भैयालाल मिश्रा, ग्रामीण चिकित्सा सहायक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खल्लारी ने इस हड़ताल में शामिल होकर कार्य से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे। मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ को आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। हालांकि कुछ कर्मचारियों ने इससे पहले ड्यूटी ज्वाइन कर ली।

सेवा समाप्त किए गए कर्मचारियों में समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिथौरा के कार्यक्रम प्रबंधक जयकातं विश्वकर्मा, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बागबाहरा के लेखा प्रबंधक अशीष वर्मा और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र झलप के पीएडीए गौरीशंकर साहू शामिल है। इन तीनों की सेवा समाप्ति छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ‘‘मानव संसाधन नीती वर्ष 2018 की कंडिका 29.10 के तहत कदाचार माना जाकर उसी नीति की कंडिका तहत उनकी संविदा नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई है। मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सेवा समाप्ति से रिक्त हुए पदों पर भर्ती की प्रक्रिया की जाएगी। मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी ने सेवा समाप्ति के आदेश जारी कर दिए हैं।

इसी प्रकार दो एनएचएम के अधिकारियों रामगोपाल खुुंटे औ रभैयालाल मिश्रा पर आवश्यक कर्रवाई की गई। इनके द्वारा हड़ताल में शामिल होकर, कार्य से अनाधिककृत रूप से अनुपस्थित रहे। वर्तमान में जिले में कोविड-19 संक्रमण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसके रोकथाम व प्रभावित जनमान से उपचार में सभी शासकीय कर्मचारियों का योेगदान न केवल शासकीय कर्तव्य है बल्कि अनिवार्य नैतिकता भी है। इसके बाजजूद भैयालाल मिश्रा और रामगोपाल खुंटे का अपनी सेवा से 19 सितम्बर से अनुपस्थित रहना स्वास्थ्य सुविधा को प्रदान करने में बांध उत्पन्न करने स्वरूप कदम है। 19 सितम्बर को ही कार्य से अनुपस्थित रहने वाले सभी हड़ताली कर्मचारियों को जिला मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसपी वारे ने सभी एनएचएम स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारियों को नेाटिस जारी किया था। नोटिस में अनुपस्थित कर्मचारियों से कहा गया है कि वे यदि 24 घंटे के भीतर अपने कर्तव्य पर उपस्थित होकर सामान्य रूप से कार्य निष्पादित नहीं करते हैं तो अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

20-09-2020
हड़ताल पर गए एनएचएम के संविदा कर्मचारियों को वापस काम पर लौटने का नोटिस दिया जशपुर कलेक्टर महादेव कावरे ने

रायपुर/जशपुरनगर। हड़ताल पर गए एनएचएम के संविदा कर्मचारियों को काम में वापस लौटने की कलेक्टर ने नोटिस दी है। कलेक्टर महादेव कावरे ने जशपुर जिले के एनएचएम के सभी संविदा कर्मचारियों को 24 घंटे के अंदर काम में लोटने के लिए नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड 19 संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए जिला स्तर से सक्रिय रूप कार्य किया जा रहा है। ऐसे समय पर एनएचएम के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना अनुचित है। कलेक्टर ने नोटिस में कहा है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन गृह विभाग से छत्तीसगढ़ राज्य में छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संसाधन और विछिन्ता निवारण अधिनियम लागू किया गया जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं में कार्य करने से इंकार किए जाने पर पूर्णता दंडात्मक कार्रवाई करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत बाधा उत्पन्न करने के लिए सजा व धारा के तहत ड्युटी में अधिकारी की विफलता के संबंध में दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने सभी संविदा एनएचएम के 453 कर्मचारियों को 24 घंटे के अंदर काम में वापस लौटने का  नोटिस जारी किया गया है उन्होंने कहा कि हड़ताली कर्मचारियों को अपने काम में वापस लौटकर अपने पदस्थ संस्था में उपस्थित होकर सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कार्य पर वापस नहीं आने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम व छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण और विछिन्नता अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

19-09-2020
Video: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मियों की हड़ताल शुरू

राजनांदगांव। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मियों की हड़ताल शनिवार से शुरू हो गई। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय के सामने नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि विभाग में संविलियन उनकी एक मात्र मांग है। अपनी हड़ताल के संबंध में उन्होंने कहा कि वे लंबे अर्से से विभाग में कार्यरत हैं लेकिन उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मिथिलेश चौधरी कहा कि जिले भर के 475 कर्मचारी हड़ताल पर हैं,जिसकी सूचना उन्हें दी गई है। कोरोना जांच व मरीजों को हॉस्पिटल पहुंचाने की व्यवस्था के बारे में उन्होंने कहा कि रेगुलर कर्मचारियों के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है।

19-09-2020
Video: एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी गए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

अंबिकापुर। विकासखंड उदयपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के पद पर पदस्थ लोग शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इनकी एक सूत्रीय मांग है नियमितीकरण है। एनएचएम में विकासखंड उदयपुर में कुल 32 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी पदस्थ हैं। इनके हड़ताल में चले जाने से कोविड-19 के सैंपल कलेक्शन, कांटेक्ट ट्रेसिंग कार्य,सर्वे कार्य तथा इसके संचालन से संबंधित कार्य प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारियों का आरोप है कि कोरोना काल में सभी कर्मचारी निष्ठा पूर्वक 10 से 12 घंटे कार्य कर रहे हैं तथा द्वितीय एएनएम के पद पर पदस्थ लोग 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं फिर भी इन्हें ना तो भत्ता मिलता है और बीमा सुरक्षा प्रोत्साहन राशि भी नहीं मिलता है। सप्ताह में सातों दिन इनके द्वारा कार्य किया जा रहा है। सत्ताधारी दल के द्वारा चुनाव के समय इसे अपने चुनावी घोषणाओं में शामिल किया गया था परंतु 2 साल बीत जाने के बाद भी घोषणा पूरी नहीं होने पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर जाने को मजबूर हैं। इस संबंध मे श्रवण कुमार ब्लाक अध्यक्ष एनएचएम कर्मचारी संघ  का कहना है कि वे विगत 15 वर्षों से अपनी सेवाएं अल्प मानदेय में दे रहे हैं। कोरोना माहामारी के समय में वे निरंतर सप्ताह के सातों दिन 10 से 12 घंटे अपनी सेवाएं दे रहे हैं परन्तु शासन स्तर से इनके मांगो पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। उल्टे नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी दी जाती है।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का केवल एक ही मांग है कि तत्काल नियमितिकरण किया जाए।

 

19-09-2020
मंत्री सिंहदेव ने वीडियो संदेश जारी कर कहा 'यह सेवा का समय है न कि हड़ताल का'

रायपुर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने हड़ताल पर जाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों के फैसले को गलत बताया है। एक वीडियो संदेश जारी कर मंत्री सिंहदेव ने हड़ताल वापसी की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सरकार नियमितिकरण का वादा पूरा करेगी। हड़ताल पर जाने में गंभीर रोगी परेशान होंगे। यह सेवा का समय है न कि हड़ताल का है। गौरतलब है कि प्रदेश के 13 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर कोरोना संकट के बीच शनिवार से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इन कर्मचारियों में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन समेत अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं। मंत्री सिंहदेव ने वीडियो अपलोड कर स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि मैं छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के सभी संविदाकर्मियों से निवेदन करना चाहता हूं, मैंने सुना है कि आप लोगों का निर्णय है अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का। अब देखना यह होगा कि क्या स्वास्थ्य मंत्री की अपील का स्वास्थ्य कर्मचारियों का निर्णय क्या होगा।

08-09-2020
स्टील प्लांट विनिवेशीकरण के खिलाफ एक दिवसीय हड़ताल, संसदीय सचिव रेखचंद और राजीव शर्मा ने दिया समर्थन

रायपुर/जगदलपुर। बस्तर जिले के नगरनार स्टील प्लांट के विनिवेशीकरण के विरुद्ध एक दिवसीय धरना प्रदर्शन संयुक्त मजदूर संगठन के बैनर तले मंगलवार को किया गया। मजदूर संगठन के आंदोलन को कांग्रेस के संसदीय सचिव व विधायक रेखचंद जैन व शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजीव शर्मा सुबह से ही धरना -प्रदर्शन स्थल पहुंचकर समर्थन दिया है। संसदीय सचिव व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार, आदिवासी विरोधी मानसिकता का परिचय देते हुए नगरनार स्टील प्लांट विनिवेशीकरण किये जाने का निर्णय लिया है। इसका कांग्रेस पूरजोर विरोध करेगी। जैन ने मजदूर संगठनों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बस्तर वासियों की इस भावना से अवगत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार को पत्र लिखकर अपना विरोध जताया है। केंद्र सरकार के निर्णय के खिलाफ युवावर्ग, आदिवासीयों व बस्तरहित में आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

शहर अध्यक्ष राजीव शर्मा ने भी कहा कि तत्कालीन छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने भी विनिवेशीकरण किये जाने का कुत्सित प्रयास किया था जिसका कांग्रेस ने पूरजोर विरोध किया था। वर्तमान में भी केंद्र की मोदी सरकार का भी पूरजोर विरोध किया जायेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बतौर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने ऐतिहासिक आंदोलन व पदयात्रा की तथा कांग्रेस पार्टी आगे भी बस्तर हित को लेकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जायेगा। इस दौरान  ब्लाक अध्यक्ष विरेंद्र साहनी, अनवर खां, योगेश पानीग्राही, हेमु उपाध्याय, अवधेश झा, सुशील मौर्य, संतोष सेठिया, जलंधर बघेल , घनश्याम महापात्र, धनुर्जय दास, भगत, लक्ष्मण सेठिया, शोभाराम, मजदूर संगठनों व कर्मचारी संगठनों के प्रमुखों में महेंद्र जान, संतराम सेठिया, जितेंद्रनाथ, राजा मैत्थुस व बड़ी संख्या में कर्मचारी व अधिकारीगण उपस्थित थे।

26-08-2020
निजी अस्पताल संचालकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल के फैसले को वापस लिया

कोरबा। निजी नर्सिंग होम, अस्पताल संचालकों ने 26 अगस्त से अनिश्चित कालीन तक अस्पतालों को बंद रखने के फैसले को वापस ले लिया है। जिले के सभी निजी अस्पतालों में भी अब रोज ओपीडी सेवाएं निरंतर जारी रहेगी। कोरबा के निजी नर्सिंग होम में डाॅक्टरों के साथ हुए दुव्र्यवहार के आरोपियों पर प्रशासन की कार्रवाई के बाद आईएमए के सदस्य और अन्य सभी निजी अस्पताल संचालको ने इस फैसले पर सहमति दी है। भारतीय चिकित्सा संघ कोरबा के अध्यक्ष डाॅ.राजेन्द्र साहू के नेतृत्व में डाॅक्टरों के दल ने एडीएम संजय अग्रवाल से मुलाकात की और आरोपियों पर कार्रवाई के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त किया। डाॅक्टरों के दल ने मारपीट के अन्य आरोपियों पर भी सख्त कार्रवाई करने की मांग की। एडीएम संजय अग्रवाल ने कहा कि डाॅक्टरों पर होने वाले दुव्र्यवहार और मारपीट को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डाॅक्टरों पर दुव्र्यवहार करने वालों पर प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान सीएमएचओ डाॅ.बीबी बोडे और सीएसपी राहुल देव शर्मा भी मौजूद रहे। सीएसपी ने डाॅक्टरों के दल को बताया कि नवजीवन अस्पताल के संचालक डाॅ. रोहित बंछोर एवं उनकी धर्मपत्नी से मारपीट करने वाले दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इस प्रकरण में आरोपियों के सहयोगियों की तलाश जारी है। तथा जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी। आईएमए के सदस्य डाॅक्टरों ने डाॅक्टर दम्पत्ति पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी पर जिला प्रशासन का आभार जताया और 26 अगस्त से जारी रहने वाली हड़ताल को वापस लेने के फैसले से प्रशासन को अवगत कराया। सीएसपी ने बताया कि आरोपियों पर छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवा एवं सम्पत्ति की क्षति अधिनियम 2010 के प्रावधानों की धारा लगाई गई है। आरोपियों पर भारतीय दण्ड विधान 3 की धारा 249, 323 और 506 के तहत कार्रवाई की गई है।

 

26-08-2020
नर्सिंग होम में हुई मारपीट का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, डॉक्टर और स्टॉफ से अभद्रता का मामला

कोरबा। नगर के नर्सिंग होम में 17 अगस्त को डॉक्टर एवं सहकर्मी के साथ मारपीट की शिकायत के बाद भारतीय चिकित्सा संघ की कोरबा इकाई ने मोर्चा खोला। डॉक्टर एवं मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट की घटना को लेकर शहर के चिकित्सक काफी नाराज हैं। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए 26 अगस्त को हड़ताल का ऐलान किया था। इसके बाद रामपुर पुलिस ने बीती रात मारपीट के मुख्य आरोपी विजेंद्र जायसवाल के खिलाफ धारा 249,323,506 भादवि 3 छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवा एवं संपत्ति की क्षति एवं संशोधन अधिनियम 10 कायम कर गिरफ्तार कर लिया है।

05-08-2020
Video: सफाईकर्मी गए हड़ताल पर, शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई

रायगढ़। नगर निगम के सफाईकर्मी बुधवार को हड़ताल पर चले गए हैं। सैकड़ों कर्मचारियों के हड़ताल में जाने से नगर निगम की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। एक और जहां जिला कलेक्टर भीम सिंह के निर्देश पर नगर निगम के सभी वार्डों में महासफाई अभियान चल रहा है इस समय सफाई कर्मचारियों के हड़ताल में जाने से इस महाअभियान पर भी बुरा असर पड़ा है। बताना चाहेंगे कि नगर निगम में कार्यरत सैकड़ों प्लेसमेंट कर्मचारी,जो शहर की साफ सफाई का काम करते हैं उन्हें काफी समय से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है कभी उनकी ईपीएफ की रकम नहीं मिलती। कभी उनकी हाजिरी नहीं लगती और कभी उन्हें बेवजह काम में बिठा दिया जाता है ऐसी कई परेशानियों से जूझते हुए नगर निगम के सफाई कर्मचारी कई बार आंदोलन और हड़ताल कर चुके हैं। वही इस मुद्दे को लेकर आयुक्त आशुतोष पांडे ने बताया कि आज सैकड़ों की संख्या में सफाई कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। उनसे चर्चा की जा रही है। उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। किसी के साथ भी अन्याय नहीं किया जाएगा और शासन के नियमों के अनुसार ही कार्य किया जाएगा। उन्होंने यह भी आशा की है कि कल तक इनकी हड़ताल खत्म हो जाएगी और यह वापस काम पर आ जाएंगे। इससे सफाई व्यवस्था को किसी प्रकार का बाधा उत्पन्न नहीं होगी।

 

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