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09-11-2020
दर्जनभर से ज्यादा धाराओं में आईपीएस मुकेश गुप्ता और रजनीश सिंह के खिलाफ मामला दर्ज

रायपुर/बिलासपुर। कथित तौर पर कूटरचित एफआईआर तैयार करने और असत्य तथा अपूर्ण तथ्यों के साथ सर्च वारंट के आधार पर तलाशी लिए जाने के मसले पर पेश परिवाद पर सीजेएम डमरुधर चौहान के आदेश पर धारा -120-बी-आईपीसी, 166-आईपीसी, 167-आईपीसी, 213-आईपीसी, 218-आईपीसी, 380-आईपीसी, 382-आईपीसी, 420-आईपीसी, 467-आईपीसी, 468-आईपीसी, 471-आईपीसी, 472-आईपीसी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना के निर्देश थाना सिविल लाईंस थाने को दिए हैं।कल देर शाम सिविल लाईंस थाने में अज्ञात के विरुद्ध क्राईम नंबर 0791/2020 कायम कर विवेचना शुरु कर दी गई है। इस परिवाद पर जारी निर्देश पर यह मामला पंजीबद्ध किया गया है उसमें परिवादी पवन अग्रवाल हैं, जो कि जल संसाधन विभाग में पदस्थ रहे कार्यपालन अभियंता आलोक अग्रवाल के भाई हैं।परिवाद में यह आरोप लगाया गया है कि,30 दिसंबर 2014 को अधिकारी विजय कटरे और आलोक जोशी पहुँचे और सर्च वारंट दिखाया, सर्च वारंट में एफआईआर नंबर अंकित नही था,अधिकारीयों ने सर्च के दौरान आवेदन की निजी संपत्ति, स्व अर्जित आय और स्त्रीधन के आभूषण को जब्त किया और इसके लिए तत्कालीन एसीबी के मुखिया मुकेश गुप्ता और कप्तान रजनीश सिंह के मौखिक निर्देश का हवाला दिया। इस जब्ती का कोई पत्रक न्यायालय में पेश भी नही किया गया।

वहीं यह सूचना भी प्राप्त हुई कि,जिस अपराध क्रमांक 56/14 के तहत सर्च किया गया, वैसी कोई स्नढ्ढक्र थाना ऐसीबी/ईओडब्लू में दर्ज नहीं है।सीजेएम बिलासपुर ने इस परिवाद को पंजीबद्ध कर आदेश देते हुए लिखा है परिवादी के द्वारा पुलिस अधीक्षक राज्य आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो से जाँच कराए जाने का निवेदन किया गया है,किंतु प्रस्तुत परिवाद में आर्थिक अपराध के अपराध किए जाने के संबंध में परिवाद में उल्लेख नही किया गया है, और ना ही ऐसा कोई दस्तावेज पेश किया गया है,ऐसी स्थिति में प्रस्तुत परिवाद की जाँच पुलिस अधीक्षक राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो रायपुर से कराये जाने की आवश्यकता दर्शित नही होती, बल्कि इस न्यायालय के सुनवाई क्षेत्राधिकार में स्थित थाना सिविल लाईंस से कराया जाना उचित प्रतीत होता हैपरिवाद पर अदालत के निर्देश पर थाना सिविल लाईंस ने अज्ञात के विरुद्ध धारा -120-बी-आईपीसी, 166-आईपीसी, 167-आईपीसी, 213-आईपीसी, 218-आईपीसी, 380-आईपीसी, 382-आईपीसी, 420-आईपीसी, 467-आईपीसी, 468-आईपीसी, 471-आईपीसी, 472-आईपीसी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

 

04-11-2020
अश्लील वीडियो शूट करने के आरोप में पूनम पांडे के खिलाफ हुई एफआईआर 

मुंबई। मॉडल पूनम पांडे के खिलाफ गोवा फॉरवर्ड पार्टी की महिला विंग ने एफआईआर दर्ज कराई है। पूनम पर गोवा के चापोली डैम पर अश्लील वीडियो शूट करने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही कैनाकोना पुलिस स्टेशन में एक अज्ञात के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसने पूनम पांडे का वीडियो शूट किया था। साउथ गोवा के एसपी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि जल संसाधन विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर द्वारा की गई शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 294 के तहत अपराध दर्ज की गई है। पुलिस जांच कर रही है और कार्यवाही के दौरान आगे और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गोवा पुलिस जांच के दौरान एक्ट्रेस को तलब करेगी।

03-11-2020
कारोबारी हुआ ठगी का शिकार, नौकरानी उपलब्ध कराने के नाम पर 79 हजार रुपए की ठगी

रायपुर। नौकरानी उपलब्ध कराने के नाम पर कारोबारी से 79 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। खम्हारडीह थाने में एक कारोबारी ने घरेलू कामकाज करने वाली नौकरानी उपलब्ध कराने के नाम पर 79 हजार रुपए ठगी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। यह एफआईआर दिल्ली स्थित एक प्लेसमेंट एजेंसी के खिलाफ की गई है। कारोबारी ने जस्ट डायल में घरेलू काम करने नौकरानी का विज्ञापन दिया था। इसी विज्ञापन के आधार पर दिल्ली की प्लेसमेंट एजेंसी के संचालक ने कारोबारी को ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस के मुताबिक कचना स्थित ऐश्वर्या किंग्डम निवासी प्रियांशु गर्ग ने ओम प्लेसमेंट सर्विस सेंटर के संचालक विवेक मिश्रा और झारखंड निवासी प्रिया कुमारी, सुनीता कुमारी और एक अन्य युवक के खिलाफ ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। प्रार्थी ने पुलिस को बताया है कि उसने जस्ट डायल में विज्ञापन जारी कर घरेलू कामकाज करने नौकरानी के लिए विज्ञापन दिया था। विज्ञापन जारी होने के चंद घंटे के भीतर एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे कॉल कर अपना और अपने प्लेसमेंट एजेंसी का नाम बताते हुए नौकरानी उपलब्ध कराने कहा। साथ ही प्लेसमेंट एजेंसी के संचालक ने नौकरानी उपलब्ध कराने के एवज में दो साल का एकमुश्त कमीशन लेने और नौकरानी को प्रति माह सात हजार रुपए सैलेरी देने की बात कही। नौकरानी की डील फायनल होने के बाद एक युवक आटो में दो लड़कियों को लेकर प्रियांशु के घर पहुंचा। साथ ही दस्तावेजी कार्रवाई पूरी होने के बाद नौकरानी लेकर पहुंचे युवक ने कमीशन के नकद 16 हजार रुपए तथा विवेक के अकाउंट में 60 हजार रुपए नकद डलवाने और अपने आने-जाने का खर्चा लेने के बाद चला गया। प्रार्थी ने पुलिस को बताया है कि रात को नौकरानी को उसने सर्वेंट क्वार्टर में रुकने के लिए जगह दी। सुबह जब वह नौकरानी को लेने के लिए गया, तो दोनों वहां से गायब मिलीं। विवेक से संपर्क करने पर उसने प्रियांशु को दूसरी नौकरानी उपलब्ध कराने का झांसा देते हुए कॉल रिसीव करने के साथ मोबाइल बंद कर दिया।

17-10-2020
50 लाख की ठगी करने वालों में से दो आरोपी अब भी फरार

रायपुर/जगदलपुर। जिले में स्थापित नगरनार स्टील प्लांट में नौकरी लगाने के नाम पर 50 लाख की ठगी करने के आरोप में कोतवाली पुलिस में विभिन्न धाराओं के तहत धरमपुरा निवासी महिला  सहित बचेली निवासी नरेंद्र चौधरी और संजय दयाल के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध किया था। इसके बाद पुलिस टीम ने नरेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया था, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी कोतवाली पुलिस अब तक बाकी दो आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है। इसकी पुष्टि कोतवाली थाना प्रभारी एमन साहू ने किया है। मिली जानकारी के अनुसार ठगी का मामला तकरीबन एक करोड़ से ऊपर के धोखाधड़ी का है, जिसमें शहर के और कई नामचीन चेहरे उजागर हो सकते हैं। आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर के बाद यह बात भी चर्चा में थी कि बैंक के माध्यम से भी कई लोगों के पैसों की लेनदेन हुई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही मामले उजागर होंगे।

13-10-2020
स्वीकृत रेत घाटों का होगा सीमांकन, रेडियम युक्त खुंटे गड़ेंगे, सीमा से बाहर रेत खोदने पर  होगी एफआईआर

कोरबा। कलेक्टर किरण कौशल ने मंगलवार को समय सीमा की साप्ताहिक बैठक में आने स्वीकृत रेत घाटों से वाली 16 तारीख से रेत निकालने की शुरूआत के लिये प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की। किरण कौशल ने अगले तीन-चार दिनों में जिले में स्वीकृत सभी रेत घाटों का सीमांकन करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिये। उन्होंने रेत खनन के लिये स्वीकृत स्थल पर अनुमति प्राप्त रकबे का सीमांकन कर चमकीले रेडियम युक्त खुंटे गड़ाकर सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिये। निर्धारित सीमा से बाहर से रेत खनन करने पर संबंधित ठेकेदार या लीज प्राप्त संस्था के विरूद्ध सीधे एफआईआर कराने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिये। स्वीकृत रेत खदानों पर पूरी जानकारी जैसे स्वीकृत रकबा, स्थान, लीज अवधि सहित ठेकेदार का नाम, लीज की राशि आदि प्रदर्शित करने वाला बोर्ड भी लगाया जायेगा। बरसात के मौसम में पिछले तीन-चार महीने से रेत खदानोें से रेत उत्खनन प्रतिबंधित था और अब 16 अक्टूबर से स्वीकृत रेत खदानों से रेत निकालना शुरू किया जायेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में रेत के दाम भी नियंत्रित रखने के लिये कलेक्टर किरण कौशल ने राजस्व अधिकारियों को सतत निगरानी करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने स्वीकृत घाटों से रेत खनन शुरू होने से लेकर पहले एक हफ्ते तक लगातार राजस्व अमले द्वारा खनन स्थल पर जाकर निरीक्षण अवलोकन करने के निर्देश दिये।

कलेक्टर ने तीनो अनुविभागों के एसडीएम और तहसीलदारों को रेत उत्खनन करने वाले ठेकेदारों तथा लीज प्राप्त कर्ताओं की बैठक लेकर निर्धारित दरों पर ही जनसामान्य को रेत उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। बैठक में कलेक्टर ने रेत भण्डारण की अनुमति प्राप्त लीजदारों का स्थल निरीक्षण कर उनका भी सीमांकन करने, वर्तमान मे उपलब्ध स्टाॅक की जानकारी लेने के भी निर्देश अधिकारियों को दिये। किरण कौशल ने अवैध रूप से रेत का उत्खनन करने, ज्यादा राशि पर रेत का विक्रय करने और अवैध रूप से भण्डारित रेत के प्रकरणों पर कड़ी कार्रवाई करते हुये एफआईआर तक दर्ज कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने रेत परिवहन में लगे सभी वाहनों के मालिकों, चालकों और लीज ठेकेदारों को जरूरी सभी दस्तावेज और राॅयल्टी पर्ची आदि साथ रखने के निर्देश दिये ताकि जांच के दौरान समय पर जांच अधिकारी के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत किये जा सकें। श्रीमती कौशल ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि अवैध रेत खनन और परिवहन में लगे वाहनों तथा मशीनों की जब्ती के बाद प्रकरण पर कलेक्टर की अनुमति से ही जप्त वाहनों को छोड़ा जाये। कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों के लिये रेत की आवश्यकता की पूर्ति करने वाले वाहनों और चालकों आदि को भी वैध पत्र या दस्तावेज देकर ही रेत परिवहन और खनन कराना सुनिश्चित करने के निर्देश सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दिये। 16 अक्टूबर से 15 रेत घाटों से शुरू होगी वैध रेत निकासी- आने वाले 16 अक्टूबर से कोरबा जिले के 15 स्वीकृत रेत घाटों से रेत की निकासी लीज धारकों द्वारा की जायेगी।

जिले में इस वर्ष 19 रेत घाटों की स्वीकृति निविदा प्रक्रिया के तहत मिली है जिसमें से चार रेत घाट तकनीकी कारणों से अभी शुरू नहीं हो पायेंगे। 19 स्वीकृत घाटों में कटघोरा विकासखण्ड में सात, कोरबा विकासखण्ड में एक, पाली विकासखण्ड में एक, करतला विकासखण्ड मे पांच, पोड़ी विकासखण्ड में एक रेत घाट शामिल हैं जिसमे से कटघोरा विकासखण्ड के दो, करतला और पोड़ी विकासखण्ड के एक-एक रेत घाट तकनीकी कारणों से बंद रहेंगे। शेष 15 घाटों से रेत का उत्खनन 16 अक्टूबर से शुरू हो जायेगा। स्वीकृत रेत घाटों में से हसदेव नदी पर आठ, अहिरन नदी पर पांच, बम्हनी नदी पर दो, देउर नाला, टेटी नदी, सोन नदी और खारून नदी पर एक-एक घाट स्वीकृत है। स्वीकृत घाटों में से हसदेव नदी के दो, अहिरन नदी के एक तथा टेटी नदी के एक घाट से रेत खनन तकनीकी कारणों से नहीं होगा। कटघोरा विकासखण्ड में गेरवाघाट, कसनिया घाट, छुरीकला घाट, दवईपुर घाट, टेलसरा घाट से रेत का खनन किया जायेगा, पाली विकासखण्ड में पोड़ी घाट और कोरबा विकासखण्ड में मोतीसागर घाट से वैध रूप से रेत निकलेगी। करतला विकासखण्ड में चोरीभट्टी घाट, बंजारी घाट, बगदर घाट, भैंसामुड़ी घाट से रेत का खनन शुरू होगा। पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड में सिर्रीघाट, बैराघाट, बांगोघाट और दुल्लापुर घाट से रेत निकलेगी। पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के आमाटीकरा घाट, कटघोरा विकासखण्ड के कसरेंगा और घमोटा घाट, करतला विकासखण्ड के तरदा घाट से तकनीकी कारणों से रेत का खनन 16 अक्टूबर से नहीं होगा।

 

12-10-2020
एफआईआर नहीं होने से डर खत्म, निगम की कार्यवाही के तत्काल बाद भू-माफिया ने फिर कर दिया सड़क निर्माण

रायपुर। नगर निगम जोन एक कमिश्नरी ने संत कबीर दास वार्ड अंतर्गत बसंत विहार शीतला तालाब के पास चल रही अवैध प्लाटिंग पर रोक लगा दी थी। इसके तुरंत बाद ही बेखौफ भूमाफियाओं ने सड़क का निर्माण कर फिर से प्लाट की बिक्री की जा रही है। कार्यपालन अभियंता सुभाष चंद्राकर ने बताया कि गोंदवारा मैन रोड स्थित 2 एकड़ जमीन पर छोटे-छोटे 800 से 1000 वर्ग फीट तक के प्लाट काटकर बेचे जा रहे थे जिसकी शिकायत राष्ट्रीय मज़दूर कांग्रेस द्वारा प्राप्त हुई थी। इस प्रकार के प्लाटिंग और कॉलोनी विकास की अनुमति निगम से नहीं ली गई थी। सूचना मिलने पर स्थल निरीक्षण के बाद आयुक्त सौरभ कुमार के निर्देश पर प्लाटिंग पर रोक लगाने के बाद बनाई गई सड़क को जेसीबी की सहायता से नाम मात्र के लिए तोड़ा गया था। ना ही निगम प्रशासन ने थ्री डी कटर मशीन से रोड काटी और ना ही भूमाफिया द्वारा कृषि भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई बाउंड्रीवाल को तोड़ा गया केवल खानापूर्ति के लिए आयुक्त सौरभ कुमार को दिखाने छोटी व लाचार कार्यवाही की गई। 

कार्यवाही के अगले ही दिन भूमाफियाओं ने मौके पर पहुँच वापस से रोड का निर्माण करवाया गया और अधिकारियों से मिलकर बात हो जाने की बात कही।  जिला अध्यक्ष सागर बाघमारे ने कहा है कि इस पूरे मामले की शिकायत महापौर एजाज़ ढेबर से कर तत्काल कार्यवाही की मांग की जाएगी, जिससे क्षेत्र के नागरिक व आम जनता भू-माफिया की ठगी का शिकार ना हो। साथ ही इस प्रकार के कृत्य करने वाले भू-माफियों के खिलाफ नामजद एफआईआर की मांग भी की जाएगी जिससे गलत काम करने वालों के मन में प्रशासन का डर कायम रहे।

10-10-2020
2 एकड़ निजी भूमि में अवैध प्लॉटिंग को रोका निगम जोन 10 ने, जल्द होगी एफआईआर

रायपुर। नगर निगम जोन 10 की टीम ने शनिवार को सेजबहार रोड किंग्सटाउन चौक के पास कार्यवाही की। टीम ने लगभग 2 एकड निजी भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर जोन कमिश्नर अरुण साहू के नेतृत्व में रोक लगाई। उनके साथ नगर निवेश विभाग की टीम जोन कार्यपालन अभियंता शिबूलाल पटेल, जोन नगर निवेश उपअभियंता लोचन चौहान, अमित सरकार की उपस्थिति में अभियान चलाकर कारगर रोक लगाने की कार्यवाही की। इस संबंध में जोन 10 कमिश्नर अरुण साहू ने बताया कि नगर निगम आयुक्त सौरभ कुमार के आदेशानुसार जनशिकायत सही मिलने पर निगम जोन 10 नगर निवेश विभाग की टीम ने आज जोन के तहत कामरेड सुधीर मुख़र्जी  क्रमांक 54 के अंतर्गत आने वाले सेजबहार रोड में किंग्सटाउन चौक के पास लगभग 2 एकड़ निजी भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर कारगर रोक लगाने अज्ञात अवैध प्लाटिंगकर्ता द्वारा वहां बनायी गयी मुरम रोड को थ्रीडी की सहायता से काटने एवं आवागमन को बाधित करने का कार्य किया गया। साथ ही अज्ञात अवैध प्लाटिंगकर्ता द्वारा प्लाट कटिंग कर देने का अवैध कार्य करने बनाई गयी नींव को तोड़कर उखाड़ने की कार्यवाही निगम जोन 10 के नगर निवेश विभाग ने स्थल पर जोन 10 के जोन कमिश्नर साहू की अगुवाई में की।
जोन 10 के जोन कमिश्नर  साहू  ने बताया कि जोन 10 के तहत सेजबहार रोड में किंग्सटाउन चौक के पास की गई निजी भूमि पर अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के साथ उक्त निजी भूमि के वास्तविक भूमिस्वामी के बारे में जानकारी शीघ्र देने तत्काल निगम जोन 10 नगर निवेश  विभाग द्वारा रायपुर तहसीलदार को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है। तहसीलदार रायपुर कार्यालय से वास्तविक भूमिस्वामी की जानकारी मिलते ही नगर निगम आयुक्त के आदेश के परिपालन में निगम अधिनियम के प्रावधान के तहत संबंधित भूमि स्वामी अवैध प्लाटिंगकर्ता नागरिक पर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्यवाही करवाने संबंधित पुलिस थाना में नामजद एफआईआर दर्ज करवायी जायेगी।

 

 

02-10-2020
कोरोना संक्रमित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर, रायपुर का मामला

रायपुर। जोन-5 के इंसिडेंट कमांडर संदीप अग्रवाल ने शुक्रवार को डंगनिया निवासी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के विरुद्ध एपेडेमीक एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी के निवास पर होम आइसोलेशन का स्टीकर और रिबन लगाया गया था। इसे आरोपी ने हटा दिया। निर्देश दिए जाने के बाद भी प्रशासन का सहयोग ना कर संक्रमण फैलाने का कार्य किया जा रहा है। आरोपी संक्रमित व्यक्ति के खिलाफ एपिडेमिक एक्ट का उलंघन कर जानबूझकर संक्रामक बीमारी फैलाने के अपराध में धारा 188, 269, 270 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर डॉ.एस.भारतीदासन ने कोरोना वायरस संकमण के नियंत्रण और रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इसे रोकने और नियंत्रण में रखने के लिए सभी संबंधित उपाय अमल में लाया जाना उचित और आवश्यक हो गया है। शासन की ओर से जारी निर्देशों के उल्लंघन पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

 

26-09-2020
नियमों के उल्लंघन पर कोरोना मरीज के खिलाफ एफआईआर, रायपुर का मामला

रायपुर। कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने कोरोना वायरस संकमण के नियंत्रण और रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। शासन की ओर से जारी निर्देशों के उल्लंघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट और विधि अनुकुल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत शनिवार को जोन-3 के इंसिडेंट कमांडर गीता दीवान ने आनंद नगर मौलीपारा निवासी कोरोना संक्रमित पुरुष के खिलाफ एपेडेमिक एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। शासन की ओर से कोरोना संक्रमित व्यक्ति के निवास पर होम आइसोलेशन का स्टीकर और रिबन भी लगाया गया था। कोरोना संक्रमित व्यक्ति को निर्देश दिए जाने के बाद भी प्रशासन का सहयोग ना कर संक्रमण फैलाने का कार्य किया गया। व्यक्ति के खिलाफ एपिडेमिक एक्ट का उलंघन कर जानबूझकर संक्रामक बीमारी फैलाने के अपराध में धारा  270 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन ने कहा है कि,होम आइसोलेशन की सुविधा मरीजों को उनके बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए दी गई है। इसका उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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