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28-05-2020
 गौठानों में बने जैविक खाद को मिला क्वालिटी सर्टिफिकेट, कोरबा बना प्रदेश का पहला जिला

 कोरबा। कोरोना काल में भी कलेक्टर किरण कौशल का एक और अभिनव प्रयास सफल हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वकाँक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के तहत बने जिले के गौठानो में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट को छतीसगढ़ की खाद गुणवत्ता प्रामाणिकरण संस्था ने मानक गुणवत्ता का पाया है और कोरबा जिले को उत्पादित कम्पोस्ट को मानक गुणवत्ता प्रमाणपत्र दिया है। गौठानों में बने खाद को गुणवत्ता को जाँच कर उसका मानक प्रमाणन प्राप्त करने वाला कोरबा प्रदेश का पहला और एकमात्र जिला है। कलेक्टर किरण कौशल को हरे कृष्णा स्व सहायता समूह माहोरा की अध्यक्ष ने जैविक खाद प्रमाणन पत्र सौंपा। कलेक्टर ने समूह को इस उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दी तथा खाद को आकर्षक पकैजिंग कर उसका बड़े पैमाने पर व्यापार करने को कहा। गौठान में जैविक खाद उत्पादन में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन अंतर्गत सीजी सर्ट सोसायटी द्वारा हरे कृष्णा स्व सहायता समूह को सीजी सर्ट अप्रूवल प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। यह सर्टिफिकेट जैविक खाद उत्पादन के दौरान एनपीओपी के कड़े मानकों को पूरा करने के उपरांत दिया जाता है। हरे कृष्णा स्व सहायता समूह को सीजी सर्ट प्रमाणीकरण मिलने पर कलेक्टर किरण कौशल और जिला पंचायत सीईओ एस जयवर्धन ने समिति की सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

कलेक्टर कौशल ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा गौठानों में जैविक खाद बनाने के लिए स्व सहायता समूहों को प्रदान किये जा रहे विशेष सहयोग समूह को प्रमाणीकरण मिलने में सहायक साबित हुए। कलेक्टर ने समूह सद्वारा उत्पादित जैविक खाद को समुचित ब्रांडिग के साथ सभी बाजारों में बेचने की सलाह समूह के सदस्यों को दी है। समूह के सदस्यों ने बताया कि जिले में वृहद रूप से होने वाले वृक्षारोपण के लिए वन विभाग, उद्यानिकी विभाग, कृषि विभाग सहित कई एजेंसियों से खाद की मांग आ रही है। जिला पंचायत सीईओ एस.जयवर्धन ने बताया कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी कार्यक्रम के तहत खेतों में रासायनिक खाद के बदले जैविक खादों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए गौठानों को विकसित किया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत ग्राम पंचायत भांवर के महोरा गौठान में हरे कृष्णा स्व सहायता समूह के सदस्यों द्वारा 42 क्विंटल खाद उत्पादन किया जा चुका है तथा 28 क्विंटल खाद की बिक्री भी दस रूपये प्रति किलोग्राम के दाम पर हो चुकी है। खाद के संबंध में उद्यानिकी विभाग ने संतुष्टी जताई है तथा खाद गुणवत्ता उच्चतम होने के कारण उत्पादन अधिक और लागत कम आ रही है। समूह द्वारा बनाये गये खाद को हसदेव अमृत नाम के ब्राण्ड से बाजार में बेचा जा रहा है। प्रचुर मात्रा में जैविक खाद उत्पादन से समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधर गई है।

समूह द्वारा बनाये जा रहे खाद को सीजी सर्ट की निरीक्षण समिति के द्वारा क्षेत्र निरीक्षण के पश्चात जैविक खाद का लैब टेस्ट करवाया गया है। लैब टेस्ट में पास होने तथा पंजी संधारण, संग्रहण व्यवस्था आदि की समुचित प्रबंध से संतुष्ट होने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किया गया है। हरे कृष्णा स्व सहायता समूह की कांति देवी कॅवर कहती है कि यह तो सोने पर सुहागा है कि हम जो उत्पादन करते है उसे बनाने का खर्च तो है ही नही और दस रूपये प्रति किलोग्राम की दर से कमाई हो जाती है। खपत के लिये गांव में ही जरूरत होती है, साथ ही शासकीय विभागों द्वारा मांग जारी की जाती है। इस तरह बनी हुई खाद से कचरा प्रबंधन भी होता है और कम समय मे अच्छी कमाई भी हो जाती है। वर्तमान में कटघोरा विकासखंड की राधे कृष्ण स्वसहायता समूह ढेलवाडीह, अंबे सहायता समूह ढपढप, बुढ़ादेव स्वसहायता समूह रंजना, शिवशक्ति स्व सहायता समूह अरदा, पूजा स्वसहायता समूह अमरपुर, कोरबा विकासखंड के चंद्रहासिनी स्वसहायता समूह चिर्रा, सहेली स्वसहायता समूह बेला, करतला विकासखंड के जय माॅ दुर्गा स्वसहायता समूह कटबितला, जय माता दी स्वसहायता समूह उमरेली, पाली विकासखंड के गोठान महिला समूह मदनपुर, शिव शक्ति स्वसहायता समूह केराझरिया, महामाया स्वसहायता समूह नंदीपाली एवं जय लक्ष्मी स्वसहायत समूह उड़तां द्वारा गौठानों में बिहान अंतर्गत लगभग नौ टन वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन कर विक्रय किया जा चुका है। साथ ही लगभग 35 टन उत्पादन प्रक्रियाधीन है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा इन समूहों को प्रशिक्षण उपरांत उत्पादन हेतु कच्चा सामान जैसे गोबर, पत्ते, मिट्टी, पानी, वर्मी बेड, केंचुआ एवं विक्रय के लिए बाजार की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराई गई है ताकि महिला समूह अपने ग्राम की जैविक खाद की आवश्यकता पूर्ति कर इसे अन्य बाजार में उपलब्ध करा सके।

28-05-2020
राहत और सामाजिक सुरक्षा देने की मांग पर किसानों ने किया दूसरे दिन भी आंदोलन

कोरबा। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति से जुड़े 300 से अधिक संगठनों के आह्वान पर जिले में छत्तीसगढ़ किसान सभा के आह्वान पर दूसरे दिन भी गांवों में किसानों, आदिवासियों और प्रवासी मजदूरों ने अपने-अपने घरों से गांवों में एकत्रित होकर मोदी सरकार द्वारा कोरोना संकट से निपटने के तौर-तरीकों पर अपना विरोध जाहिर किया और ग्रामीणों को वास्तविक राहत और सामाजिक सुरक्षा देने की मांग करते हुए पूर्व में अधिग्रहित जमीन मूल किसानों को वापस करने की मांग की।किसानों के आंदोलन को समर्थन करते हुए माकपा की पार्षद सुरती कुलदीप और राजकुमारी कंवर ने किसानों के बीच जाकर पूर्व में अधिग्रहित जमीन मूल किसानों को वापस करने और किसानों की समस्या की तख्ती लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए।किसान सभा के संयोजक नंदलाल कंवर  ने बताया कि जिलों में किसानों द्वारा दो दिन तक सैकड़ों गांव में विरोध प्रदर्शन हुआ है।

इन विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से प्रशांत झा,जनकदास, जवाहर सिंह कंवर, श्यामशुन्दर की अगुवाई में जिले के विभिन्न गांव में प्रदर्शन हुआ। माकपा ने भी किसानों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया।मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए जिले में किसानों ने राज्य में कांग्रेस की भूपेश सरकार से  पूर्व में अधिग्रहित जमीन मूल किसानों को वापस करने ,किसान न्याय योजना की राशि एकमुश्त देने, मक्का की सरकारी खरीद किये जाने, प्रवासी मजदूरों के साथ मानवीय व्यवहार करने और उनका कोरोना टेस्ट किये जाने की भी मांग की है। किसान नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार को आत्मप्रचार छोड़कर राहत के वास्तविक कदमों पर ध्यान देना चाहिए और बिना पर्याप्त बजट के मनरेगा में काम देने का ढिंढोरा भी नहीं पीटना चाहिए। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में मात्र 38 प्रतिशत परिवारों को ही औसतन 12 दिनों का काम दिया गया है।

उन्होंने सभी प्रवासी मजदूरों को एक अलग परिवार मानकर काम और राशन देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के चार लाख गैर-पंजीकृत छत्तीसगढ़ी मजदूर आज भी बाहर फंसे हुए हैं और उन्हें वापस लाने की कोई योजना सरकार के पास नहीं है।किसान नेताओ ने केंद्र सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र के लिए घोषित पैकेज को किसानों और ग्रामीण गरीबों के साथ धोखाधड़ी बताया है और कहा है कि इसका लाभ खेती-किसानी करने वालों को नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में व्यापार करने वाली कॉर्पोरेट कंपनियों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पैकेज किसानों और प्रवासी मजदूरों की रोजी-रोटी, उनकी आजीविका और लॉक डाउन में उनको हुए नुकसान की भरपाई नहीं करती।

उन्होंने प्रवासी मजदूरों की दयनीय दशा के बारे में झूठा हलफनामा देकर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने का भी आरोप लगाया है।इन सभी संगठनों ने ग्रामीण परिवारों को अगले छह माह तक 10000 रुपये की मासिक नगद मदद देने, हर जरूरतमंद व्यक्ति को अगले छह माह तक 10 किलो खाद्यान्न हर माह मुफ्त देने, खेती-किसानी और आजीविका को हुए नुकसान की भरपाई 10000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से करने, किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सी-2 लागत मूल्य का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में देने, किसानों को बैंकिंग और साहूकारी कर्ज़ के जंजाल से मुक्त करने और प्रवासी मजदूरों को बिना यात्रा व्यय वसूले उनके घरों तक सुरक्षित ढंग से पहुंचाने और पहुंच चुके मजदूरों को 5000 रुपये प्रवास भत्ता देने की मांग केंद्र सरकार से की है।

27-05-2020
कोरबा पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन,111 मजदूर पहुंचे कोरबा, कोयंबटूर से हुई वापसी

कोरबा। अन्य राज्यों में गए प्रवासी मजदूरों के घर वापसी का दौर जारी है। इसी कडी में  बुधवार की सुबह करीब 111 मजदूरों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन तमिलनाडू के कोयंबटूर से कोरबा के रेलवे स्टेशन पहुंची। इस दौरान मौके पर जिला व पुलिस प्रशासन के आलाअधिकारी मौके पर मौजूद रहे।श्रमिकों के आने के बाद ट्रेन को सैनिटाइज किया गया। मौके पर श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर बसों के माध्यम से उनके गृहग्राम में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर भेजा गया।

26-05-2020
थाना स्टाफ को बैच और मेंडल देकर स्कूल के बच्चों ने जताई कृतज्ञता

कोरबा। इंडस पब्लिक स्कूल दीपका ने मंगलवार को बाल्को थाना अंतर्गत समस्त पुलिस स्टॉफ को कोविड 19 वारियर्स के तौर पर सम्मानित किया गया। इस दौरान इंडस पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल डॉ.संजय गुप्ता के साथ आईपीएस के टीचर्स तथा छात्र सम्मिलित हुए।  इस दौरान डीएसपी रामगोपाल करीयारे, निरीक्षक लखनलाल पटेल सहित समस्त पुलिस बल उपस्थित रहे।लॉक डाउन के दौरान पुलिस बल सहित स्वास्थ्यकर्मी व सफाई मित्र अपना योगदान दे रहे हैं, उनका उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से इंडस पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल,छ़ात्र और शिक्षक मंगलवार को पुलिस बल को सम्मानित करने के लिये बाल्को थाना पहुंचे। इस दौरान बाल्को थाना में उपस्थित निरीक्षक लखनलाल पटेल, उप निरीक्षक शिवकुमार धारी, उप निरीक्षक पूरन सिंह बघेल सहित समस्त स्टाफ को इंडस पब्लिक स्कूल के बच्चों ने बैच लगाकर सम्मानित किया। शाला की शिक्षिकाओं ने पुलिसकर्मियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर कृतज्ञता व्यक्त की। प्रिंसिपल डॉ.संजय गुप्ता ने पुलिस कर्मियों को एक्सलेंस अवार्ड से सम्मानित।प्रिंसिपल डॉ.संजय गुप्ता ने बताया कि इंडस परिवार सोशल डिस्टेंसिंग मैंटेन करते हुए एकत्रित हुए। बाल्को थाना में उपस्थित समस्त पुलिस बल को बैच लगाकर, पुष्पगुच्छ प्रदान कर मैडल भेंटकर व सर्टिफीकेट प्रदान कर सम्मानित कर समाज के प्रति उनकी कृतज्ञता व्यक्त की।बाल्को थाना निरीक्षक लखनलाल पटेल ने कहा कि आज आईपीएस स्कूल परिवार से हम सभी बाल्को थाना में उपस्थित पुलिस कर्मियों के सम्मान करने के लिये आए उसके लिए धन्यवाद अदा करते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि लॉक डाउन के नियमों का पालन करें। जरूरी काम हो तब ही बाहर निकलें।

 

25-05-2020
किसानों ने कहा, न्याय योजना से मिली राशि खाद-बीज लेने में सहायक साबित होगी

कोरबा। कोरोना काल में छत्तीसगढ़ सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू कर जिले के 23 हजार 832 किसानों के खाते में पहली किश्त के रूप में 17 करोड़ 85 लाख रूपये सीधे जमा करा दिए हैं। कोरबा सहित पूरे प्रदेश के किसान इस योजना के शुरू होने से खरीफ फसलों की खेती के लिए तैयारियों में जुट गये हैं।लेपरा गांव के किसान जीवन प्रताप ने इस योजना को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दूरदर्शिता और किसानों तथा किसानी से उनके जुड़ाव-अनुभव का निचोड़ बताया है। जीवन प्रताप को इस योजना से चार किश्तों में साठ हजार रूपये से अधिक की राशि मिलेगी। योजना के शुरू होते ही जीवन प्रताप सिंह के खाते में सीधे पहली किश्त के रूप में 15 हजार रूपये से अधिक की राशि जमा हो गई है। जीवन प्रताप सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राज्य शासन ने ऐसे समय में पैसे दिए हैं जब किसानों को इस पैसे की बहुत ही जरूरत थी क्योंकि खेती-किसानी करने का समय आ गया है और यह राशि से खाद-बीज लेने में सहायक साबित होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना सभी किसानों के लिए बहुत ही लाभप्रद है। उन्होंने कहा कि किसान के पास पैसा नहीं रहेगा तो खेती किसानी करने में दिक्कत आती है। किसान अपने ही लिए नहीं, पूरे देश के लिए अनाज उपजाता है। किसान पूरे देश का पेट भरता है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री ने सभी बड़े, छोटे, मध्यम सभी किसानों के बारे में सोच विचार करके सभी लोगों को आगे होने वाली अनाज की कमी से समय रहते बचा लिया है। जीवन प्रताप सिंह ने कहा कि न्याय योजना से मिले पैसे से खेती करने के लिए किसान प्रोत्साहित होंगे। इस योजना से मिले रूपयों से आगामी खरीफ में खेती के लिए बीज, खाद, दवाई, काम करने वाले मजदूरों आदि की लागत आसानी से निकल जायेगी। खेतों में फसले लहलहायेंगी और देश के हर व्यक्ति को भरपेट भोजन मिल सकेगा।जिले के पोंड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत के ग्राम गुरसियां के किसान हरिशचंद्र जायसवाल ने बताया कि उन्हें राजीव गांधी किसान न्याय योजनांतर्गत दो लाख रूपये से ज्यादा की राशि मिलने वाली है। प्रथम किश्त के रूप में 52 हजार 800 रूपये की राशि प्राप्त हुई। वर्ष 2019-20 में 294 क्विंटल धान सहकारी समिति के धान खरीदी केंद्र में बेचा था। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि कोरोना काल के कारण काम-धंधा सब रूका हुआ था, पैसे की तंगी थी पर अब सब ठीक हो गया है। किसान न्याय योजना से मिले रूपये खेती-किसानी की तैयारी करने में बहुत फायदेमंद साबित होगें।

 

23-05-2020
किराए के मकान में चल रही थी संदिग्ध गतिविधि,महिला कमांडो की टीम ने मारा छापा, किया पुलिस के हवाले

कोरबा। एसईसीएल के झोपड़ीपारा के एक मकान में संदिग्ध गतिविधि होने पर महिला कमांडो की टीम ने छापामारी करते हुए एक महिला और एक युवक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।महिलाओं का आरोप है,कि पिछले लंबे समय से इस मकान में अनैतिक कार्य हो रहा है। मकान को किराए पर लिया गया है जहां बाहरी लोगों का आना-जाना लगा रहता है। आज भी कुछ ऐसा ही चल रहा था, जिसके खिलाफ महिला कमांडो ने अपनी तत्परता दिखाते हुए डायल 112 की टीम को सूचना दी। सूचना पाकर मानिकपुर चौकी प्रभारी अशोक पांडे भी सदलबल मौके पर पहुंचे और महिला और पुरुष को थाने लाया। बताया जा रहा है,कि महिला बालको की निवासी है और युवक रिस्दी का। इस मामले में मकान मालिक महिला को भी पुलिस ने पकड़ा है। फिलहाल पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है।

22-05-2020
Breaking : प्रदेश मेें कोरोना का कहर जारी, 16 नए केस आए सामने

रायपुर। प्रदेश में कोरोना के 16 नए मामले सामने आए हैं। मिली जानकारी के अनुसार कोरबा में 12, बेमेतरा में 1 और कांकेर से 3 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके साथ ही मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 89 पहुंच गया है। इसकी पुष्टि छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने की है।

21-05-2020
पुलिस ने रेत,गिट्टी 1 पोकलेन सहित 19 हाइवा को किया जब्त

कोरबा। कोरबा पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में रेत माफिया, खनन माफिया और भू-माफियाओं पर कोरबा पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रहा है।इसी कड़ी में गुरुवार को बालको पुलिस टाउन पेट्रोलिंग टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हाइवा क्र. CG12 S 5833 में बिना रायल्टी के रेत चोरी कर परिवहन किया जा रहा है एवं सरकारी खनिज राजस्व का हानि किया जा रहा है। उक्त सूचना पर बालको पुलिस द्वारा घेरा बंदी कर हाइवा को रोककर चेक करने पर वाहन में रेत करीब 16 टन कीमती लगभग 6000/- लोड होना पाया गया। मौके पर वाहन चालक सुनील बघेल 30 वर्ष को रेत परिवहन संबंधी कागजात पेश करने और वाहन मालिक का नाम के लिए नोटिस दिया गया। इस पर वाहन चालक द्वारा परिवहन सम्बन्धी कोई दस्तावेज प्रदान नही किया गया।आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर वाहन सहित थाना लाया गया है और अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।इसी कडी में मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरकेटीसी कंपनी के यार्ड (संग्रहण स्थल) में अधिक मात्रा में चोरी का रेत एवं गिट्टी भंडारण कर रखी गयी है

उक्त सूचना पर बालको पुलिस टीम मौके पर पहुची जहाँ आरकेटीसी यार्ड में पोकलेन से हाईवा में रेत लोड करते पाया गया। जो यार्ड में करीब 20 हाईवा रेत, 10 हाईवा गिट्टी भंडारण कर अवैध रूप से रखना पाया गया। यार्ड इंचार्ज दीपक कुमार अग्रवाल को नोटिस जारी कर इस संबंध में वाहन, रेत परिवहन एवं भंडारण सम्बन्धी दस्तावेज पेश करने नोटिस दिया गया। उनके द्वारा इस संबंध में कोई भी कागजात मौके पर प्रदान नही की गई एवं लिखित में भी नोटिस के जवाब में वैध कागजात नही होंना लेख किया। इस संबंध में कोई भी आवश्यक दस्तावेज नहीं होने से गवाहों के समक्ष चोरी की रेत, गिट्टी एवं 1 पोकलेन मशीन और 17 हाइवा, लगभग 20 हाईवा भंडारण किया हुआ  रेत, भंडारण किया हुआ 10 हाईवा करीब गिट्टी कीमती 230000 (दो लाख तीस हजार लगभग) को गवाहों के समक्ष जब्ती कर पुलिस के कब्जे में लिया गया। आरोपी के अपराध धारा 379, खान और खनिज अधिनियम 1957 की धारा 21 का घटित करना पाए पर मौके पर ही देहाती नालसी दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

 

21-05-2020
कोरबा में हुआ राजीव गांधी किसान न्याय योजना का शुभारंभ

कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए दूरगामी निर्णय लेते हुए आज कोरबा जिले में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी की पुण्यतिथि 21 मई के दिन राजधानी रायपुर से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए इस योजना का विधिवत् शुभारंभ किया। जिला स्तर पर योजना का शुभारंभ कार्यक्रम जिला पंचायत सभाकक्ष में किया गया। पहली किश्त के रूप में जिले के 23 हज़ार 832 किसानो को मिलेंगे 17 करोड़ 85 लाख रूपए। इस अवसर पर विधायक,जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर और अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

 

21-05-2020
घर बैठे रोजगार पंजीयन का नवीनीकरण अब वाट्सएप्प के माध्यम से

कोरबा। कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, कोरबा द्वारा रोजगार सहायता के इच्छुक अभ्यर्थियों का पंजीयन नवीनीकरण का कार्य अब वाट्सएप्प के माध्यम से प्राप्त दस्तावेज के आधार पर किया जायेगा।जिला रोजगार अधिकारी जेपी खाण्डे ने बताया है कि अब युवाओं को लॉक-डाउन की अवधि में कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है।वे रोजगार पंजीयन के नवीनीकरण के लिए वाट्सएप्प नंबर 9109308593 पर अपने रोजगार पंजीयन कार्ड को भेजकर नवीनीकरण करा सकते हैं। इसके एक हफ्ते बाद अभ्यर्थी रोजगार कार्यालय से ओरिजनल रोजगार पंजीयन कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। लॉक-डाउन की अवधि में कार्यालय की ओर से युवाओं के लिए यह सुविधा प्रारंभ की गई है। जिन आवेदकों को कैरियर कांउंसिलिंग एवं मार्गदर्शन की जरूरत हो वे जिला रोजगार अधिकारी के वाट्सएप नंबर 9109308593 पर संपर्क कर सकते हैं।

 

 

21-05-2020
क्वारेंटाइन सेंटर में ओडिसा से आई महिला मजदूर को हुई प्रसव पीड़ा,पाली के सीएससी में हुई नार्मल डिलीवरी

कोरबा। दीपका मार्ग में तिवरता स्थित क्वॉरेंटाइन सेंटर में रह रही एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर उसे सीएचसी पाली में भर्ती कराया गया। यहां उसने नार्मल डिलीवरी से स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। जच्चा और बच्चा दोनों ही स्वस्थ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार गायत्री मरकाम पति देवप्रसाद मरकाम 22 वर्ष निवासी धौराभाटा ग्रामपंचायत रामपुर निवासी है,जो ओडिसा कमाने खाने गए थे। वहां से वापस लौटने पर तिवरता क्वारेंन्टाइन सेंटर में 14 दिन के लिए आब्सर्वेशन में रखा गया था। महिला गर्भवती थी।गुरुवार सुबह महिला को प्रसव पीड़ा हुई। इसकी सूचना प्रशासन को दी गई,जिसे संजीवनी 108 की मदद से तत्काल पाली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां डॉक्टरों की निगरानी में गर्भवती महिला की नार्मल डिलीवरी हुई। महिला ने स्वस्थ बच्चे (लड़का) को जन्म दिया है। बच्चे का वजन 4 किलो है। महिला की पूर्व एक और पुत्र है। बच्चे के जन्म होने से परिवार पर खुशी की लहर दौड़ गई है। विदित हो कि क्वॉरेंटाइन सेंटर में गर्भवती महिला के होने की सूचना पर पाली बीएमओ डॉ.सीएल रात्रे के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहले से महिला के स्वास्थ्य पर निगरानी रखा था। प्रसव पीड़ा होते ही तत्काल उसे पाली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ एवं सुरक्षित हैं।

 

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