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02-12-2020
जिले में हुई दो दिन में दो हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी

कोरबा। प्रदेश भर के साथ ही जिले में भी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महापर्व का आगाज हो गया है। कोरबा जिले में पहले दो दिनो में ही दो हजार 73 क्विंटल धान किसानों ने समर्थन मूल्य पर बेच दिया है। कल धान खरीदी के पहले दिन जिले के 13 किसानों ने कुल 484 क्विंटल धान बेचा था। दो दिनो में जिले में एक हजार 332 क्विंटल मोटा, 150 क्विंटल पतला और 591 क्विंटल सरना धान खरीदा जा चुका है। जिले में 14 उपार्जन केन्द्रों पर धान खरीदी शुरू हो गई है। खरीफ वर्ष 2020-21 के लिए धान खरीदी एक दिसंबर 2020 से 31 जनवरी 2021 तक का समय निर्धारित किया गया है। खरीफ सीजन 2020-21 में जिले के 32 हजार 589 किसान 41 समितियों के माध्यम से अपना धान बेचेंगे। जिले के किसानों के लिए धान बेचने के लिए 49 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के लिये जिले में नये-पुराने मिलाकर 32 हजार 589 किसानों का पंजीयन किया गया है। इन पंजीकृत किसानों का धान के फसल का रकबा 48 हजार 113 हेक्टेयर है। जिले में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिये पांच हजार 746 नये किसानों ने सहकारी समितियों में अपना पंजीयन कराया है। पिछले वर्ष धान खरीदी के लिये जिले में 27 हजार 694 किसानों ने पंजीयन कराया था, जिनमें से इस वर्ष रकबा सत्यापन के बाद 851 किसानों का पंजीयन निरस्त हुआ है। पिछले वर्ष के पंजीयन अनुसार 26 हजार 843 किसानों के धान के रकबे के सत्यापन के बाद 42 हजार 274 हेक्टेयर रकबे की सोसायटी माॅड्युल में खसरा प्रविष्ट किया गया है। इसी प्रकार पांच हजार 746 नये पंजीकृत किसानों के पाॅंच हजार 838 हेक्टेयर धान के रकबे की इंट्री सोसायटी माॅड्यूल किया गया है।

 

 

01-12-2020
कलेक्टर पहुंची धान खरीदी केन्द्र, व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण, किसानों से ली जानकारी

कोरबा। कलेक्टर किरण कौशल ने मंगलवार को भैंसमा,तिलकेजा, तुमान, बरपाली धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने खरीदी केन्द्रों में पहुंचकर किसान उत्पादन प्रमाण पत्र, बारदाना की उपलब्धि, जारी किये जा रहे टोकन, पंजी संधारण तथा धान खरीदी की मात्रा का जायजा लिया। कलेक्टर ने समिति के प्रभारियों को पंजीकृत किसानों के धान खरीदी के लिए अधिक से अधिक संख्या में टोकन जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने खरीदी केन्द्र पर अपना धान बेचने आये किसानों से भी बात की तथा धान खरीदी में किसी भी प्रकार की समस्या के बारे में पूछा। उपस्थित किसानों ने कलेक्टर को धान बेचने में किसी भी तरह की समस्या नहीं होने की जानकारी दी। कलेक्टर ने केन्द्र पर धान खरीदी के लिये किये गये इंतजामों का निरीक्षण किया। इस दौरान अतिरिक्त एसडीएम कोरबा सुनील नायक, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी जोशी एवं जिला खाद्य अधिकारी आशीष चतुर्वेदी, जिला विपणन अधिकारी भी मौजूद रहे। कलेक्टर कौशल ने चारों धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी से संबंधित रजिस्टरों, बारदानों की उपलब्धता, नमीं मापक यंत्र, समर्थन मूल्य से संबंधित डिस्प्ले और बारिश की स्थिति में धान को बचाने के लिये तारपोलिन आदि की व्यवस्था की जानकारी ली। किरण कौशल ने धान खरीदी के लिये पंजीकृत किसानों की संख्या पटवारियों द्वारा बोंये गये धान के रकबे के सत्यापन की सूचना देने की जानकारी किसानों से ली। किसानों ने बताया कि खरीदी शुरू होने के पहले राजस्व अमले द्वारा बोयें गये धान के रकबे के सत्यापन करने की जानकारी उन्हें दी गई थी और पटवारियों द्वारा उनके खेतों में जाकर धान का सत्यापन भी किया गया है। कलेक्टर ने बोंये गये धान के रकबे के आधार पर धान खरीदने के लिये टोकन जारी करने आदि के बारे में भी पूछा।

 

 

01-12-2020
13 किसानों ने बेचा 484 क्विंटल धान, कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रो का किया निरीक्षण

कोरबा। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महापर्व का आगाज हो गया है। धान खरीदी के पहले दिन जिले के 13 किसानों ने कुल 484 क्विंटल धान बेचा। सबसे अधिक धान की आवक सहकारी समिति नीरधि में 162 क्विंटल हुई है। सहकारी समिति सिरमिना में 20 क्विंटल, कुल्हरिया में 40 क्विंटल, छुरीकला में दो क्विंटल, तुमान में 137 क्विंटल, पाली में 80 क्विंटल, सोहागपुर में 24 क्विंटल एवं हरदीबाजार में 18 क्विंटल धान की आवक हुई है। धान खरीदी के पहले दिन उपार्जन केन्द्र निरधि में किसान मनहरण लाल ने सबसे अधिक 100 क्विंटल धान की बिक्री किया। कलेक्टर किरण कौशल ने मंगलवार को जिले के चार धान उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण कर अधिक से अधिक संख्या में किसानों का टोकन जारी कर धान खरीदी करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। खरीफ वर्ष 2020-21 के लिए धान खरीदी एक दिसंबर 2020 से 31 जनवरी 2021 तक का समय निर्धारित किया गया है। खरीफ सीजन 2020-21 में जिले के 32 हजार 589 किसान 41 समितियों के माध्यम से अपना धान बेचेंगे। जिले के किसानों के लिए धान बेचने के लिए 49 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के लिये जिले में नये-पुराने मिलाकर 32 हजार 589 किसानों का पंजीयन किया गया है। इन पंजीकृत किसानों का धान के फसल का रकबा 48 हजार 113 हेक्टेयर है। जिले में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिये पांच हजार 746 नये किसानों ने सहकारी समितियों में अपना पंजीयन कराया है। पिछले वर्ष धान खरीदी के लिये जिले में 27 हजार 694 किसानों ने पंजीयन कराया था, जिनमें से इस वर्ष रकबा सत्यापन के बाद 851 किसानों का पंजीयन निरस्त हुआ है। पिछले वर्ष के पंजीयन अनुसार 26 हजार 843 किसानों के धान के रकबे के सत्यापन के बाद 42 हजार 274 हेक्टेयर रकबे की सोसायटी माॅड्युल में खसरा प्रविष्ट किया गया है। इसी प्रकार पांच हजार 746 नये पंजीकृत किसानों के पाॅंच हजार 838 हेक्टेयर धान के रकबे की इंट्री सोसायटी माॅड्यूल किया गया है।

01-12-2020
किसानों को लंबी दूरी जाने से मिलेगी मुक्ति,कोरबा निगम क्षेत्र में खुला नया धान उपार्जन केन्द्र

कोरबा। राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा नगर निगम क्षेत्र में दो नए धान उपार्जन केन्द्र का लोकार्पण किया। राजस्व मंत्री ने कोरबा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 48 सुमेधा और वार्ड क्रमांक 31 दादर खुर्द धान उपार्जन केन्द्र का उद्घाटन किया। निगम क्षेत्र में नवीन धान खरीदी केन्द्र शुरू होने से निगम क्षेत्र से लगे गांव के किसानों को लम्बी दूरी तय करके धान बेचने जाने से मुक्ति मिलेगी। गांव के पास ही धान खरीदी केन्द्र शुरू होने से धान बेचने में किसानों को सहुलियत भी होगी। धान खरीदी केन्द्र वार्ड क्रमांक 48 सुमेधा के लोकार्पण समारोह में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि सुमेधा में धान खरीदी केन्द्र शुरू होने से आसपास के लगभग आठ गांवो सेमीपाली, नागिनभाठा, केंदईखार, सुमेधा, लाटा, अगारखार, कुमगरी तथा सलियाभाठा के किसानों को अपने उर्पािर्जत धान को बेचने के लिए लगभग 20 किलोमीटर दूर कनबेरी धान खरीदी केन्द्र नहीं ले जाना पड़ेगा। इन आठ गांवो के किसानों को सुमेधा में धान बेचने की सहूलियत होगी तथा धान को दूरस्थ खरीदी केन्द्र ले जाने में लगने वाली समय और पैसे की बचत भी होगी। राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने ग्राम सुमेंधा एवं दादरखुर्द में नवीन धान खरीद केन्द्र का उद्घाटन करते हुए बताया कि कोरबा जिले में इस वर्ष कुल 7 नवीन धान उपार्जन केन्द्र की स्थापना के साथ कुल 49 उपार्जन केन्द्र संचालित है। सुमेधा और दादर खुर्द में धान उपार्जन केन्द्र के लोकार्पण समारोह के दौरान महापौर राजकिशोर प्रसाद, सभापति श्यामसुंदर सोनी, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवकला कंवर, निगम तथा वार्ड के जनप्रतिनिधिगण सहित सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी, धान उपार्जन केन्द्र के नोडल अधिकारी, पर्यवेक्षकगण, संचालन समिति के पदाधिकारीगण तथा कृषक मौजूद रहे।

 

 

26-11-2020
किसान आंदोलन के कारण पूजा स्पेशल ट्रेन अंबाला-अमृतसर के बीच रद्द रहेगी

रायपुर। किसान आंदोलन के कारण 27 नवंबर को कोरबा से छूटने वाली 08237 कोरबा–अमृतसर त्रि - साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन अंबाला रेलवे स्टेशन में ही समाप्त की जाएगी। यह गाड़ी अंबाला रेलवे स्टेशन से बिलासपुर के लिए रवाना होगी। इसी तरह 29 नवंबर को अमृतसर से छूटने वाली 08238 अमृतसर–बिलासपुर त्रि - साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन अमृतसर के स्थान पर अंबाला रेलवे स्टेशन से ही रवाना होगी। यह गाड़ी अंबाला-अमृतसर- अंबाला के बीच रद्द रहेगी।

26-11-2020
प्रसव से 10 मिनट पहले गर्भवती ने डॉक्टर के साथ किया डांस, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ

कोरबा। किसी भी महिला के लिए मां बनना बहुत सुखद एहसास है। प्रसव से पहले और खासकर प्रसव के दौरान उसे जिस दर्द से गुजरना होता है उसे बयां करना मुश्किल है। पर माँ बनने की सुखद अनुभूति के साथ यह पीड़ा गायब हो जाती है। प्रसव पीड़ा कई बार गर्भवती महिला की मनोदशा को प्रभावित करती है,जिसे दूर कर एवं प्रसव पीड़ा को कम करने की जवाबदारी उसका प्रसव कराने वाले चिकित्सक की होती है। इस मामले में एनकेएच की महिला चिकित्सक ने अपने मरीज को बच्चे के जन्म के वक्त कम से कम लेबर पेन सहना पड़े, इसके लिए न सिर्फ उसे डांस कराया बल्कि खुद भी नाचीं। सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है,जिसमें एक महिला डॉक्टर अपनी गर्भवती महिला मरीज के साथ डिलीवरी के ठीक 10 मिनट पहले डांस कर रही है। गर्भवती महिला इस वीडियो में खुशी के साथ झूमते नजर आ रही है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर परिजनों के अलावा अन्य लोगों के द्वारा भी काफी शेयर किया जा रहा है। लोग इस वीडियो को देखकर एन्जॉय भी कर रहे हैं। सोशल मीडिया में इस वीडियो की काफी चर्चा है। यह वीडियो एनकेएच हॉस्पिटल कोरबा का है। यहां की स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ.ज्योति श्रीवास्तव अपनी मरीज विनीता सोनी के साथ डांस कर रही हैं। वह भी डिलीवरी के केवल 10 मिनट पहले। वैसे भी कहा जाता है कि डांस करना गर्भवती महिला के लिए अच्छी बात है। इससे डिलीवरी के समय दर्द से राहत मिलती है। परंतु इसमें भी काफी सावधानी जरूरी है। डॉक्टर के साथ उनके बताए अनुसार निगरानी में डांस के बाद प्रसव में विनीता को दर्द का अहसास अपेक्षाकृत काफी कम रहा और उसने भी डांस को काफी एन्जॉय कर इसे अपना नया अनुभव बताया।

 

25-11-2020
सुपोषण अभियान से एक लाख से अधिक हितग्राही लाभान्वित, छह प्रतिशत से अधिक कम हुआ कुपोषण

कोरबा। महंगे प्रोटीन पाउडर, फूड सप्लीमेंट और स्वास्थ्य वर्धक दवाओं की जगह सस्ते और पौष्टिक मूंगफली के लड्डू और अण्डों से कोरबा जिले में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और शिशुवती माताओं की सेहत संवर रही है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत कोरबा जिले में ऐसे एक लाख 15 हजार से अधिक हितग्राहियों को अच्छी सेहत के लिए मूंगफली के लड्डू और अण्डे दिये जा रहे हैं। जिले में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत प्रत्येक बच्चा लक्ष्य हमारा (प्रबल) और सुपोषित जननी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इन दोनो कार्यक्रमों के तहत जिले में अब तक एक से तीन वर्ष के 44 हजार 93 बच्चों को, तीन से छह वर्ष तक 50 हजार 576 बच्चों के साथ दस हजार 320 शिशुवती माताओं और दस हजार 795 गर्भवती महिलाओं को कुपोषण दूर कर स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक पोषक आहार निःशुल्क दिया जा रहा है। इस योजना से जिले में कुपोषण 22.48 प्रतिशत से घटकर 16.10 प्रतिशत के स्तर पर आ गया है। मध्यम कुपोषण 18.22 प्रतिशत से घटकर अब 14.26 प्रतिशत रह गया है वहीं गंभीर कुपोषण के स्तर में 3.42 प्रतिशत की कमी आई है। जिले में गंभीर कुपोषण अब 4.26 प्रतिशत से घटकर 1.84 प्रतिशत रह गया है।

भले ही राज्य शासन द्वारा वर्ष 2019 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म दिवस दो अक्टूबर से छत्तीसगढ़ को कुपोषण से मुक्त कराने के लिए सुपोषण अभियान शुरू किया है। परंतु मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की सहमति से कोरबा जिले की कलेक्टर किरण कौशल ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कटघोरा विकासखंड में कुपोषण मिटाने के लिए 2019 के जुलाई महिने से ही प्रबल योजना शुरू कर दी है। ‘प्रत्येक बच्चा लक्ष्य हमारा‘‘ उद्देश्य लेकर शुरू हुए प्रबल कार्यक्रम ने कटघोरा के 12 हजार 300 बच्चों को कुपोषण से निकालकर सुपोषित बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम दिये और इसके बाद इस कार्यक्रम के साथ सुपोषित जननी कार्यक्रम को भी जोड़कर जिले के सभी पांचो विकासखण्डों में लागू कर दिया गया। कुपोषित बच्चों और गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को सप्ताह में एक दिन छोड़कर एक दिन की तर्ज पर सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को मूंगफली के पौष्टिक लड्डू तथा मंगलवार, गुरूवार एवं शनिवार को अण्डा या मूंगफली आंगनबाड़ी केंद्रों में दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत प्रबल और सुपोषित जननी कार्यक्रम में जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में छः महिने से लेकर छः साल तक के नौनिहालों और गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के लिए सप्ताह में तीन दिन विशेष शिशु आहार मूंगफली के लड्डू और तीन दिन अण्डा खाने के लिए दिया जा रहा है। मूंगफली के लड्डू, मूंगफली, शक्कर, दूध पावडर और नारियल तेल को मिलाकर बनाये जाते हैं। नारियल तेल से बच्चों की भूख बढ़ती है और दूध से बच्चों को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं जो वजन बढ़ाने में सहायक होते हैं। बच्चों को 35-35 ग्राम के तो गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को 25-25 ग्राम के लड्डू तैयार कर दिये जाते हैं। इसके साथ ही गेहूं, चना, सोयाबीन और मूंगफली के मिश्रण से बना रेडी टू ईट पोषक आहार विभिन्न प्रकार के व्यजनों के रूप में नियमित रूप से दिया जा रहा है। इससे नौनिहालों और गर्भवती एवं शिशुवती माताओं की भूख बढ़ती है और उन्हें जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं। जिले में बालमित्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षकों द्वारा नियमित अंतराल पर घर-घर जाकर हिताग्राहियों के खान-पान की निगरानी भी करते हैं।

 

25-11-2020
जीरो शॉर्टेज की परंपरा कायम रखते हुए जिले में 1 दिसंबर से होगी धान की खरीदी

कोरबा। जिले में 1 दिसम्बर से समर्थन मूल्य पर किसानों का धान खरीदने की तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही है। पिछले सात वर्षों की परंपरा को कायम रखते हुए जिले में इस वर्ष भी जीरो शॉर्टेज पर धान खरीदी के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां, खरीदी शुरू होने के पहले ही पूरी करने के निर्देश जारी किये हैं। कलेक्टर किरण कौशल ने इस संबंध में समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, राज्य सहकारी विपणन संघ, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक और लैम्पस के प्रबंधकों सहित खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर किरण कौशल ने धान खरीदी के लिए किसानों को खरीदी केन्द्रों पर सभी संभव सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होनें जीरो शॉर्टेज पर धान खरीदी के लिए समितियों और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधिकारियों को जिला प्रशासन की तरफ से सभी संभव सहयोग भी देने का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने अनाधिकृत रूप से धान बेचने के लिए आने वाले व्यक्तियों की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देने के भी निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिये। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि ऐसे अवैध रूप से बेचने की कोशिश करने वाले धान को जिला प्रशासन द्वारा जब्त करने की कार्रवाई की जायेगी और संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। कर्मचारी ऐसे किसी भी अवैध एवं अनाधिकृत धान बेचने के मामले की सूचना बिना किसी दबाव के सीधे अपर कलेक्टर प्रियंका महोबिया को दे सकते हैं। कलेक्टर ने धान खरीदी में लगे समिति प्रबंधकों और कर्मचारियों से भी ऐसी अवैध खरीदी नहीं करने की अपील की।

 

24-11-2020
धान खरीदी और भुगतान की होगी माॅनीटरिंग, कलेक्टर ने नियुक्त किए 44 नोडल अधिकारी

कोरबा। राज्य सरकार के निर्देश अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले में धान खरीदी के लिए 49 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। कलेक्टर किरण कौशल ने इन सभी उपार्जन केन्द्रों पर धान खरीदी की समुचित व्यवस्था के निरीक्षण-पर्यवेक्षण के लिये 44 नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिये हैं। सभी नोडल अधिकारियों को समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के समय खरीदी गई मात्रा, किसानों को किये गये भुगतान आदि की माॅनीटरिंग के निर्देश भी जारी किये गये हैं। इस संबंध में कलेक्टर किरण कौशल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यापक रूप से की जाती है। खरीदी केन्द्रों में किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने में कोई परेशानी न हो और वे आसानी से अपनी फसल को सही समय पर सही दाम पर बेच सकें, इसके लिये जिला प्रशासन ने तैयारियाॅं शुरू कर दी हैं। उपार्जन केन्द्रों में मूलभूत आवश्यकताओं जैसे- साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, कम्प्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, इंटरनेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। किरण कौशल ने बताया व्यवस्थाओं को सही ढंग से समय पर पूरा करने के लिये 44 नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिये गये हैं। उपार्जन केन्द्रों पर आर्द्रतामापी यंत्र, तौल यंत्र, बारदानों के साथ-साथ चबूतरों की संख्या और बारिश की स्थिति में धान को ढॅंकने के लिये तारपोलिन आदि की व्यवस्था भी की जा रही है।

किसानों को उपार्जन केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था की जायेगी। धान खरीदी शुरू होने के पहले पटवारियों से पंजीकृत किसानों की सूची और उनकी पूरी डाटा एन्ट्री कम्प्यूटर साॅफ्टवेयर में कर ली जायेगी।
किरण कौशल ने बताया कि धान खरीदी के लिये नियुक्त सभी 44 नोडल अधिकारी उपार्जन केन्द्रों में धान की आवक, मिलरों को प्रदाय धान की मात्रा, धान की शेष मात्रा, प्राप्त बारदानों की संख्या, धान खरीदी में उपयोग किये गये बारदानों की संख्या तथा शेष बारदानों का सत्यापन भी करेंगे। धान खरीदी के समय किसानों के धान की तौलाई उसी दिन होगी। बोरों की सिलाई कर स्केटिंग लगाने का काम भी साथ-साथ किया जायेगा। उपार्जन केन्द्रों द्वारा आधे नये एवं आधे पुराने बारदानों का उपयोग धान खरीदी के लिये किया जायेगा। धान खरीदी केन्द्रों में केवल पंजीकृत किसानों से ही धान का उपार्जन होगा। बिचैलियों से धान की खरीदी नहीं की जायेगी। धान खरीदी केन्द्रों में पंजीकृत किसानों से खरीदे गये धान का तत्काल भुगतान ऑनलाइन किया जायेगा। धान खरीदी केन्द्रों के निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी मौके पर उपस्थित किसानों से पर्याप्त पूछताछ भी करेंगे और उनकी ऋण पुस्तिकाओं का अवलोकन कर विक्रय की गई धान की मात्रा आदि जानकारियों की पुष्टि भी करेंगे। दो से अधिक बार धान बेचने आने वाले किसानों से उनकी उपज के संबंध में सम्पूर्ण ब्यौरा लिया जायेगा और संबंधित पटवारी से सत्यापन भी कराया जाएगा।

 

23-11-2020
राजस्व मंत्री की दो टूक: कोरबा की सड़कें बनवाएं, शासन-प्रशासन का हरसंभव सहयोग लें सार्वजनिक उपक्रम

कोरबा। राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने एसईसीएल, बालको,एनटीपीसी, आईओसीएल और अन्य सभी सार्वजनिक उपक्रमों से एक बार फिर कोरबा जिले की सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्यों को तत्परता से पूरा करने को कहा है। जयसिंह अग्रवाल ने सोमवार को जिला पंचायत के सभा कक्ष में बैठक में सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों को कड़े शब्दों में कहा कि कोरबा जिले की जर्जर सड़को की मरम्मत और नई सड़कों को बनाने के कामों को प्राथमिकता से पूरा कराएं और अपने अन्य सभी कामों के लिये शासन-प्रशासन का हरसंभव सहयोग लें। उन्होंने कहा कि सड़कें इस जिले की जरूरत हैं, राज्य सरकार के लिये भी सड़कें विकास कार्यों में प्राथमिकता पर हैं। अग्रवाल ने एसईसीएल, बालको, एनटीपीसी, आईओसीएल और अन्य सभी सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा जिले में सड़कों की मरम्मत के लिये अब तक की गई सकारात्मक पहल पर भी संतुष्टि जताई और सड़क बनाने के सभी कामों में तेजी से स्वीकृति देने तथा राशि उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने हर एक सड़क के लिये समयबद्ध कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया और निर्धारित की गई समयावधि में ही काम पूरा करने के निर्देश दिये। बैठक मे महापौर  राजकिशोर प्रसाद,जिला कलेक्टर किरण कौशल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुंदन कुमार,नगर निगम के अपर आयुक्त अशोक शर्मा सहित एसईसीएल, बालको, एनटीपीसी, आईओसीएल, सीएसईबी और अन्य सभी सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारी तथा प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

बैठक में राजस्व मंत्री ने सीतामणि से इमलीडुग्गु चौक तक सड़क निर्माण का काम एसईसीएल कोरबा को जल्द शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने इस सड़क के चौड़ीकरण की राशि भी शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए एसईसीएल के अधिकारियों को निर्देशित किया। अग्रवाल ने दर्री डैम से गोपालपुर तक टु-लेन सड़क के लिये डिवाइडर, नाली, कन्वर्ट, फिलिंग कार्य तथा बिजली आदि के कामों के लिए इस माह के अंत तक एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा स्वीकृति की कार्रवाई करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। राजस्व मंत्री ने ध्यानचंद चौक से रूमगरा होते हुए परसाभाठा चौक तक सड़क निर्माण के काम में तेजी लाने के निर्देश बालको प्रबंधन को दिये। उन्होंने साकेत भवन निगम कार्यालय से लेकर परसाभाठा चौक तक फोर लेन सड़क निर्माण के लिए सर्वे सहित अन्य कार्य शुरू करने के लिए भी बालको प्रबंधन से प्रगति की जानकारी ली। बैठक में कलेक्टर किरण कौशल ने बताया कि नगर निगम कोरबा क्षेत्र में जिला खनिज न्यास मद से दस करोड़ रूपए लागत की आंतरिक सड़कें बनाने को मंजूरी दी गई है। सीएसईबी चौक से सुनालिया ब्रिज सड़क नवीनीकरण,सुनालिया चौक से गौमाता चौक सड़क नवीनीकरण, महाराणा प्रताप चौक से गुरू घासीदास चौक सड़क नवीनीकरण, घंटाघर चौक से महाराणा प्रताप चौक सड़क नवीनीकरण, घंटाघर चौक से शास्त्री चौक सड़क नवीनीकरण, आईटीआई चौक से सीएसईबी चौक सड़क नवीनीकरण और शास्त्री चौक से रिस्दी चौक तक सड़क नवीनीकरण का काम इसमें शामिल है। कलेक्टर किरण कौशल ने बताया कि आने वाले आठ-दस दिनों मे इन सभी कामों की निविदा नगर निगम द्वारा जारी कर दी जाएगी और जल्द ही इन सड़कों के नवीनीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। कलेक्टर ने यह भी बताया कि जिले में विकास कार्यों के लिए सार्वजनिक उपक्रमों को सीएसआर मद में स्वीकृति के लिए भेजे गए प्रस्तावों में से कई प्रस्ताव अभी भी स्वीकृति के लिए लंबित हैं।

 

 

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