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24-01-2021
गुहा निषाद राज जयंती में शामिल हुए मंत्री डॉ. डहरिया, कहा-शिक्षा को अपनाकर जागरूक और आगे बढ़ें समाज 

रायपुर। प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया आरंग में भक्त गुहा निषाद राज जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने समाज के लोगों के लिए नवनिर्मित मंच का उद्घाटन किया। मुख्य अतिथि डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि प्रदेश की सरकार सभी समाज व वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। निषाद समाज भी इसमें शामिल है। मुख्यमंत्री ने न्यायधानी बिलासपुर में हवाई अड्डे का नामकरण बिलासा बाई केंवटीन के नाम पर करने की घोषणा की है। इससे समाज की पहचान बढ़ेगी। समाज की मांग पर मंत्री डॉ. डहरिया ने आरंग में एक चौक का नाम गुहा निषादराज के नाम पर करने की घोषणा की। मंत्री डॉ.डहरिया ने कहा कि समाज के लोग बहुत संघर्ष करने वाले और परोपकारी होते हैं। जो संघर्ष करने वाले होते हैं, वे सफल भी होते हैं। अपने बच्चों को शिक्षित बनाएं,उन्हें बेहतर शिक्षा से जोड़कर आगे बढ़ाएं। जागरूक बनकर समाज को विकास की राह में आगे बढ़ाएं। सरकार शिक्षा के साथ योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है। इन अवसरों का लाभ उठाकर एक जागरूक समाज के रूप में अपनी पहचान बना सकते हैं। आपके बच्चे अच्छे से पढ़ेंगे, डॉक्टर, इंजीनियर की नौकरी करेंगे तो आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। गरीबी दूर होगी और आप बेहतर तरीके से जीवनयापन कर पाएंगे। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष चंदशेखर चंद्राकर, जनपद अध्यक्ष खिलेश देवांगन, पार्षद धनेश्वरी निषाद, समाज के अध्यक्ष खिलावन निषाद सहित निषाद समाज के लोग व क्षेत्र के जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

24-01-2021
आज है सादगी के पर्याय और सिद्धांतों की प्रतिमूर्ति कर्पूरी ठाकुर की जयंती

रायपुर/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री बनने के बाद आज के नेताओं की संपत्ति में इज़ाफ़ा होना आम बात है। भारत में अगर इंसान एक बार सरपंच भी बन गया तो उसकी 2-3 पीढ़ियां बैठ कर आराम करती है। लेकिन क्या कभी आपने ऐसे नेता के बारे में सुना है जो 2 बार मुख्यमंत्री बनने के बावजूद अपना ढंग का एक घर भी ना बनवा पाए। आने जान के लिए उनके पास साधन न हो। पहनने के लिए उनके पास एक कोट भी न हो। नहीं न ? आज हम आपको ऐसे ही एक जननायक के बारे में बताने जा रहे है। जननायक नाम उन्हें ऐसे ही नहीं दिया गया। सादगी के पर्याय और सिद्धांतों की प्रतिमूर्ति कर्पूरी ठाकुर की बात हो रही है। वही कर्पूरी ठाकुर, जो बिहार के दूसरे डिप्टी सीएम यानी उपमुख्यमंत्री रहे और फिर दो बार मुख्यमंत्री रहे। एक शिक्षक, एक राजनेता, एक स्वतंत्रता सेनानी वगैरह, लेकिन उनकी असली पहचान थी ‘जननायक’ की। 24 जनवरी 1924 को बिहार के समस्तीपुर जिला के पितौंझिया (अब कर्पूरीग्राम) निवासी गोकुल ठाकुर और रामदुलारी के घर उनका जन्म हुआ। कर्पूरी ठाकुर ने भारत छोड़ो आंदोलन के समय करीब 26 महीने जेल में बिताया था। 22 दिसंबर 1970 से 2 जून 1971 और 24 जून 1977 से 21 अप्रैल 1979 के दौरान, दो कार्यकाल में वे बिहार के मुख्यमंत्री रहे। बड़े-बड़े राजनेता उनकी दयनीय स्थिति के बारे में जानकर रो पड़ते थे। आज कर्पूरी ठाकुर की जयंती है। आईए आज हम आपको उनकी सादगी से जुड़े कुछ किस्से बताते हैं।

1. साल था 1974, कर्पूरी ठाकुर के छोटे बेटे का मेडिकल की पढ़ाई के लिए चयन हुआ। पर वे बीमार पड़ गए। दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती हुए। हार्ट की सर्जरी होनी थी। इंदिरा गांधी को मालूम हुआ तो एक राज्यसभा सांसद को भेजकर एम्स में भर्ती कराया। खुद मिलने भी गईं और सरकारी खर्च पर इलाज के लिए अमेरिका भेजने की पेशकश की। कर्पूरी ठाकुर को मालूम हुआ तो बोले, “मर जाएंगे, लेकिन बेटे का इलाज सरकारी खर्च पर नहीं कराएंगे।” बाद में जयप्रकाश नारायण ने कुछ व्यवस्था कर न्यूजीलैंड भेजकर उनके बेटे का इलाज कराया था। कर्पूरी ठाकुर का पूरा जीवन संघर्ष में गुजरा।

2. कर्पूरी ठाकुर दो बार मुख्यमंत्री रहे, लेकिन अपना एक ढंग का घर तक नहीं बनवा पाए थे। एक बार प्रधानमंत्री रहते चौधरी चरण सिंह उनके घर गए तो दरवाजा इतना छोटा था कि उन्हें सिर में चोट लग गई। वेस्ट यूपी वाली खांटी शैली में उन्होंने कहा, “कर्पूरी, इसको जरा ऊंचा करवाओ।” कर्पूरी ने कहा, “जब तक बिहार के गरीबों का घर नहीं बन जाता, मेरा घर बन जाने से क्या होगा?” 70 के दशक में जब पटना में विधायकों और पूर्व विधायकों को निजी आवास के लिए सरकार सस्ती दर पर जमीन दे रही थी, तो विधायकों के कहने पर भी कर्पूरी ठाकुर ने साफ मना कर दिया था। एक विधायक ने कहा- जमीन ले लीजिए। आप नहीं रहिएगा तो आपका बच्चा लोग ही रहेगा! कर्पूरी ठाकुर ने कहा कि सब अपने गांव में रहेगा।

3. कर्पूरी के पास गाड़ी नहीं थी। 80 के दशक में एक बार बिहार विधान सभा की बैठक चल रही थी, तब कर्पूरी ठाकुर विधान सभा में प्रतिपक्ष के नेता थे। उन्हें लंच के लिए आवास जाना था। उन्होंने कागज पर लिखवा कर अपने ही दल के एक विधायक से थोड़ी देर के लिए उनकी जीप मांगी। विधायक ने उसी कागज पर लिख दिया, “मेरी जीप में तेल नहीं है। आप दो बार मुख्यमंत्री रहे। कार क्यों नहीं खरीदते?” दो बार मुख्यमंत्री और एक बार उप-मुख्यमंत्री रहने के बावजूद उनके पास अपनी गाड़ी नहीं थी। वे रिक्शे से चलते थे। उनके मुताबिक, कार खरीदने और पेट्रोल खर्च वहन करने लायक उनकी आय नहीं थी।

4. वर्ष 1977 के एक किस्से के बारे में सुरेंद्र किशोर ने लिखा था, पटना के कदम कुआं स्थित चरखा समिति भवन में जयप्रकाश नारायण का जन्मदिन मनाया जा रहा था। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, नानाजी देशमुख समेत देशभर से नेता जुटे थे। मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुरी फटा कुर्ता, टूटी चप्पल के साथ पहुंचे। एक नेता ने टिप्पणी की, ‘किसी मुख्यमंत्री के ठीक ढंग से गुजारे के लिए कितना वेतन मिलना चाहिए?’ सब हंसने लगे। चंद्रशेखर अपनी सीट से उठे और अपने कुर्ते को सामने की ओर फैला कर कहने लगे, कर्पूरी जी के कुर्ता फंड में दान कीजिए। सैकड़ों रुपए जमा हुए। जब कर्पूरी जी को थमाकर कहा कि इससे अपना कुर्ता-धोती ही खरीदिएगा तो कर्पूरी जी ने कहा, “इसे मैं मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करा दूंगा।”

5. ‘द किंगमेकर: लालू प्रसाद की अनकही दास्तां’ किताब के लेखक जयंत जिज्ञासु ने अपने एक लेख में कर्पूरी ठाकुर की सादगी के बारे में कई किस…

24-01-2021
बाला साहेब ठाकरे की जयंती पर शिवसेना ने किया याद 

रायपुर। शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की जयंती शनिवार को थी। राजधानी के चौबे कॉलोनी स्थित शिवसेना प्रदेश कार्यालय में बाला साहेब ठाकरे की जयंती मनाई गई थी। इस दौरान सन्नी देशमुख ने बताया कि बाला साहेब बहुत उच्च विचारो  वाले थे। हिन्दू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे अपार व्यक्तित्व के धनी थे। बाला साहेब की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है। सन्नी ने कहा कि आज वो हमारे बीच नहीं है पर उनका बोला गया हर शब्द शिव सैनिकों में अपार उत्साह भरने के लिए काफी है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश सचिव एसएन सिंह पालीवाल, रेशम जांगड़े, सूरज साहू, संतोष मार्कंडेय, आयुष दास, राहुल सोनवानी, प्रफुल्ल साहू, मोहम्मद आकिब खान, नेहा तिवारी उपस्थित थे।

23-01-2021
भाजपा युवा मोर्चा ने सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर चलाया सफाई अभियान

कोरिया। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर युवा मोर्चा बैकुंठपुर ने साफ़ सफ़ाई की। ज़िलाध्यक्ष कृष्णबिहारी जायसवाल,शैलेश शिवहरे, अमित श्रीवास्तव,पंकज गुप्ता , भानु पाल की उपस्थिति में माल्यार्पण एवं  मिष्ठान्न वितरण करके नेताजी को श्रद्धांजलि दी गई । 25 जनवरी को ज़िला मुख्यालय के ब्लड बैंक में रक्तदान का कार्यक्रम रखा गया है। समस्त कार्यक्रम में प्रमुख रूप से युवा मोर्चा के  जिला प्रशिक्षण प्रमुख शारदा प्रसाद गुप्ता,जिला उपाध्यक्ष हर्षल गुप्ता,मंडल अध्यक्ष प्रखर गुप्ता,मंडल महामंत्री सतेंद्र राजवाड़े मंडल,मंत्री आलेख नामदेव, सोशल मीडिया प्रमुख सुमित कुमार गुप्ता,अभिनेद्र सिंह,शिवम विश्वकर्मा,योगेश काशी, आयुष नामदेव, विकास दुबे का योगदान रहा।

 

23-01-2021
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया जयंती पर सुभाषचंद्र बोस को याद

महासमुंद। जिला शहर कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को 23 जनवरी  को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125वीं. जयंती के अवसर पर को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इसमें मुख्यअतिथि संसदीय सचिव विनोद चंद्राकर  और अध्यक्षता डॉ.रश्मि चंद्राकर ने की। इसमें विधायक विनोद चंद्राकर द्वारा नेताजी की विचारधारा को कांग्रेसजनों के समक्ष रखा गया। नेताजी सुभाषचंद्र बोस दो बार राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बने एवं विदेशों में जाकर आजाद हिंद फौज का गठन किया, जो कि भारत को स्वतंत्रता दिलाने में अहम भूमिका निभाई। नेताजी सुभाषचंद्र बोस सर्वप्रथम जय हिंद का नारा दिया। डॉ. रश्मि चंद्राकर ने अपने  उद्बोधन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को युगपुरुष बताया वह पहले ऐसे क्रांतिकारी नेता थे। जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान किया। नेताजी के आहवान पर देश के युवा पीढ़ी आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर भाग लिया एवं देश के युवाओं को कहा तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा। संगोष्ठी सभा को दाऊ लाल चंद्राकर, मनोज कांत साहू, नगर पालिका उपाध्यक्ष कृष्णा चंद्राकर  तथा शहर अध्यक्ष खिलावन बघेल ने भी संबोधन किया। आभार प्रदर्शन संजय शर्मा ने किया। इसमें मुख्य रुप से लता कैलाश चंद्राकर,ममता चंद्राकर, ब्लॉक अध्यक्ष खिलावन साहू,गोविंद साहू,प्रमोद चंद्राकर,वीरेंद्र चंद्राकर,तुलसी साहू,लखन चंद्राकर,सुनील चंद्राकर,युवा जिलाध्यक्ष अमन चंद्राकर, अक्षत साकारकर, तुलसी साहू ,निखिलकांत साहू लोकुसाहू,भरत बुंदेला अजय थवाईत बसंत चंद्राकर इमरान कुरेशी गोपी पाटकर युवराज साहू हर्ष सोनी मोती साहू साहिल वारसी,मनोहर ठाकुर, राजा सोनी,जाकिर रजा,जय पवार,भरत बुंदेला,दिनेश दुबे,हर्ष सोनी एवं पूरे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद किया एवं उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित की।

23-01-2021
डॉ. रमन सिंह ने सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर किया नमन  

रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर उन्हें नमन किया है। डॉ.सिंह ने ट्वीट कर कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस मां भारती के वो वीर सपूत थे। उनकी तुम मुझे खून तो मैं तुम्हें आजादी दूंगा की गर्जना से ब्रिटिश हुकूमत की चूल्हें हिल गई थी। उन्होंने कहा कि आज देश उनके संघर्ष और बलिदान को यादकर उनकी जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मना रहा है। ऐसे करिश्माई व्यक्तिव को नमन करता हूं।

23-01-2021
पीएम पहुंचे कोलकाता, नेताजी भवन का किया दौरा, करेंगे संग्रहालय का उद्घाटन

रायपुर/कोलकाता। आज यानि 23 जनवरी 2021 दिन शनिवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है। नेताजी जयंती को लेकर सियासत तेज़ हो चुकी है। केंद्र जहां इस जयंती को पराक्रम दिवस के उपलक्ष्य में मना रही है तो वहीं बंगाल में टीएमसी इसे देशप्रेम दिवस घोषित करने की मांग कर रही है। असम दौरे के बाद प्रधानमंत्री कोलकाता पहुँच चुके हैं। कोलकाता पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री सबसे पहले नेताजी भवन पहुंचेद्य प्रधानमंत्री लगभग 15 मिनट तक वहां रहेद्य पीएम मोदी अब नेशनल लाइब्रेरी पहुंचे हैं, जहां वो एक संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया था, और लिखा था कि महान स्वतंत्रता सेनानी और भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जन्म-जयंती पर शत-शत नमन। कृतज्ञ राष्ट्र देश की आजादी के लिए उनके त्याग और समर्पण को सदा याद रखेगा।

 

23-01-2021
तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा, जय हिंद नारा देने वाले आजादी के मतवाले नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती आज

रायपुर। जिनका ‘जय हिन्द’ का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया आज उस महान नेता नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है।  नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में शुमार होते हैं, जिनसे आज के दौर का युवा वर्ग प्रेरणा लेता है। तुम मुझे खून दो, मैं तुम्‍हें आजादी दूंगा....! जय हिन्द। जैसे नारों से आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा देने वाले नेताजी सुभाष को हमेसा याद किया जाता है। उनका जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में हुआ था। उनका नाम भारतीय क्रांतिकारियों में प्रमुख था। भारत सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन (23 जनवरी) को ‘पराक्रम दिवस’ के तौर पर मनाने का फैसला किया है।

 

 

20-01-2021
नेताजी जयंती पर तेज हुई बंगाल की सियासत, राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग

रायपुर/नई दिल्ली। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को पराक्रम दिवस मनाने की केंद्र सरकार की घोषणा का नेताजी के परिवार ने स्वागत किया है। सत्तारूढ़ टीएमसी और फॉरवर्ड ब्लॉक ने एक सुर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ”पराक्रम दिवस” के तौर पर मनाए जाने के केंद्र सरकार के निर्णय की आलोचना की। तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत राय ने कहा कि इस दिन को केवल पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाना ही काफी नहीं है। उन्होंने कहा, ” 23 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। हम लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं। वह राष्ट्रीय नेता थे और आजाद हिंद फौज के प्रमुख थे। ऐसे में केवल पराक्रम दिवस के जरिए यह दोनों बिंदु प्रदर्शित नहीं होते हैं। हमने इस दिन को देश प्रेम दिवस के तौर पर मनाने की भी मांग की थी।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम शायद राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उठाया गया है। दूसरी ओर नेताजी के पौत्र चंद्र कुमार बोस ने कहा है कि पराक्रम दिवस मनाने का केंद्र सरकार का फैसला स्वागत योग्य है लेकिन उचित होगा अगर इस दिन को “देश प्रेम दिवस” के तौर पर मनाए जाने की बहुप्रतीक्षित मांग को भी मान्यता दी जाए। उन्होंने कहा, नेता जी के परिवार की तरफ से केंद्र सरकार की इस पहल का मैं स्वागत करता हूं लेकिन लंबे समय से नेताजी की जयंती को पूरे देश में देश प्रेम दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इसलिए और बेहतर होगा अगर केंद्र सरकार इस दिन को देश प्रेम दिवस के तौर पर भी मान्यता दे। नेताजी द्वारा वर्ष 1939 में गठित पार्टी ‘फॉरवर्ड ब्लॉक’ के राज्य सचिव नरेन चटर्जी ने कहा, जंयती को ‘पराक्रम दिवस’ के बजाय ‘देश प्रेम दिवस’ के तौर पर मनाया जाना चाहिए। बता दें कि सीएम ममता बनर्जी भी कह चुकी हैं कि उन्हें पराक्रम दिवस मनाना पसंद नहीं आ रहा है।
 

12-01-2021
विवेकानंद जयंती पर उत्कल गाड़ा समाज ने चित्र पर किया माल्यार्पण 

रायपुर। युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद की जन्म जयंती युवा दिवस छत्तीसगढ़ उत्कल गांडा़ समाज के द्वारा उनके पर चित्र पर माल्यार्पण कर कर मनाया गया समाज ने क्या निर्णय लिया है कि स्वामी विवेकानंद जी की जन्म जयंती साप्ताहिक रूप से मनाई जाएगी इसी कड़ी में आज युवा दिवस के अवसर पर गांधीनगर कालीबाड़ी में युवाओं द्वारा उनके पर चित्र पर माल्यार्पण का कार्यक्रम रखा गया इस कार्यक्रम में शरद जाल रोहित निहाल राहुल जगत अजय बघेल विजय बघेल अगस्ती नाग सिद्धार्थ टांडी एवं सैकड़ों की संख्या में युवा उपस्थित थे 17 जनवरी 2021 को स्वामी विवेकानंद के जीवन पर स्वदेशी भवन शांति नगर रायपुर में संगोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित है जिस के मुख्य अतिथि डॉ रमन सिंह पूर्व मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन होंगे।

10-01-2021
विवेकानंद जंयती को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाएगी आरएसएस,पथ संचलन का भी होगा आयोजन

धमतरी। जिले में प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। जिला संघचालक श्याम अग्रवाल ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा पथ संचालन एवं मंचीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। पथ संचलन नूतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मराठा पारा से निकलकर गणेश चौक,सदर बाजार,चमेली चौक, बालक चौक,शास्त्री चौक होते हुए मराठापारा होते हुए वापस नूतन स्कूल पहुंचेगी। कार्यक्रम का आयोजन 12 जनवरी के दोपहर 1.45 से लेकर 2.30 बजे तक होगी इसके पश्चात मंचीय कार्यक्रम का आयोजन होगा।

25-12-2020
अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर भाजपा मनाएगी सुशासन दिवस, किसानों के समर्थन में सत्याग्रह भी

रायपुर। स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर भाजपा शुक्रवार को सुशासन दिवस मनाएगी। शहर के आजाद चौक में आयोजित एक कार्यक्रम को पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, सांसद सुनील सोनी, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल संबोधित करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण एलईडी के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के नेतृत्व में भाजपा विधायक प्रदेश के किसानों की मांगों को लेकर सत्याग्रह करेगी।

 

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