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16-05-2019
23 मई को ऐतिहासिक पराजय के बाद जनता से क्या कहेंगे कांग्रेसी?

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने प. बंगाल की हिंसा के खिलाफ  निकाली गई शांति रैली पर कांग्रेस की टिप्पणी को उनकी हताशा का परिचायक बताया है। पार्टी ने कहा है कि अपने कार्यकर्ताओं व नेताओं पर हिंसक हमले के विरोध में भाजपा के शांति मार्च पर कांग्रेस के पेट में मरोड़ उठना समझ से परे है। भाजपा प्रवक्ता श्रीचंद सुन्दरानी ने कहा कि पांच दशक तक देश पर शासन करने वाली पार्टी पिछले लोकसभा चुनाव में मुख्य विपक्ष का दर्जा पाने के लिए भाजपा के आगे गिड़गिड़ा रही थी, ऐसी कांग्रेस जब अपना घर छोड़ तृणमूल के मामले प्रतिक्रिया दे तो उस पर हंसा ही जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने 'सबका साथ, सबका विकास' का सकारात्मक प्रभाव अनुभव किया है। मुसलमानों को खुलेआम कांग्रेस के पक्ष में वोट देने की अपील करने वाले सांप्रदायिक सोच के कांग्रेसी और उनके छुटभैये नेता भाजपा पर सांप्रदायिकता का झूठा आरोप चाहे जितना भी मढ़ लें, देश सच के साथ खड़ा है, खड़ा रहेगा। सुंदरानी ने कहा कि हिन्दू आतंकवाद और भगवा आतंकवाद जैसे जुमले और षडय़ंत्र रचने वालों के राजनीतिक चरित्र के चलते तो अब लोकतंत्र व संविधान के सम्मान की बातें और धर्मनिरपेक्षता का छद्मवाद भी शर्माने लगा है। जिन लोगों ने संवैधानिक संस्थाओं के निर्णयों व फैसलों तक का सम्मान करना नहीं सीखा, वे कांग्रेसी आज भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं की अवमानना का आरोप मढ़कर खिसियानी बिल्लियों की तरह सिर्फ  खंभा नोच रहे हैं। सुन्दरानी ने कांग्रेस नेताओं को नसीहत दी है कि वे 23 मई को ऐतिहासिक पराजय के बाद जनता को क्या कहेंगे उसकी तैयारी कर लें।

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