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07-01-2021
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधायक की मांग पर नए कॉलेज भवन और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने दी मंजूरी

कोरबा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने चार-पांच जनवरी के कोरबा प्रवास के दौरान जिले के सभी विधायकों और जनप्रतिनिधियों की मांगों पर विचार कर उन्हें पूरा किया। पाली तानाखार विधायक मोहित केरकेट्टा ने इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल से जटगा में नया कॉलेज  खोलने  और करतला के रामपुर में नया महाविद्यालय शुरू करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने मंच से ही जटगा में कॉलेज के लिए बिल्डिंग निर्माण की घोषणा कर विधायक की मांग को पूरा कर दिया। इसी तरह मुख्यमंत्री बघेल ने पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र में पाली विकासखंड के नोनबिर्रा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भी खोलने की घोषणा की। विधायक मोहित केरकेट्टा ने बताया कि पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के जटगा गांव से 35 किलोमीटर के दायरे में कोई भी महाविद्यालय नहीं है। इस कारण से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को कॉलेज की पढ़ाई के लिए 70 किलोमीटर दूर कटघोरा जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बघेल ने क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार व विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जटगा में नए कॉलेज की स्थापना व बिल्डिंग निर्माण को अपने प्रवास के दौरान मंजूरी दी है। विधायक केरकेट्टा ने यह भी बताया कि रामपुर में नया कॉलेज शुरू करने के लिए भी मुख्यमंत्री बघेल ने परीक्षण कराकर उपयुक्त होने पर कैबिनेट में चर्चा के बाद आगामी बजट में शामिल करने का आश्वासन दिया है।

09-12-2020
देश में खुलेंगे 1 करोड़ डाटा सेंटर, केंद्र ने दी पीएम-वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस को हरी झंडी

नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट की बुधवार को बैठक हुई है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में यह बैठक हुई है। सरकार के फैसलों की जानकारी केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर ने दी। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार देश में एक करोड़ डाटा सेंटर खोलने जा रही है। कैबिनेट ने इसे प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस इंटरफेस नाम दिया है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है देश के डिजिटल सशक्तिकरण और देश को डिजिटली मजबूत करने के क्रम में प्रधानमंत्री वाय-फाय एक्सेस इंटरफेस देश में वाय-फाय के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इसके तहत सबसे पहले एक पब्लिक डाटा ऑफिस खोला जाएगा। इस पब्लिक डाटा ऑफिस के लिए न कोई लाइसेंस होगा न कोई रजिस्ट्रेशन न ही कोई फीस। इस योजना से गांव-गांव में लोगों के पास वाय-फाय होगा। 

 

26-10-2020
मंत्री रविन्द्र चौबे ने दी कैबिनेट के फैसलों की जानकारी, कहा-विधानसभा में विपक्ष यदि तैयारी से आएगा तो हम भी तैयार

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में सोमवार को कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक के बाद मंत्री रविन्द्र चौबे ने मीडिया को फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विधानसभा के विशेष सत्र की तैयारी और विपक्ष की बैठक पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि केन्द्र के कृषि कानूनों से किसानों का शोषण होने की संभावना है। धान खरीदी भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए प्रदेश में 27 और 28 अक्टूबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। विधानसभा लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है। यदि विपक्ष तैयारी से आएगा तो हम भी उनके सवालों का जवाब देने तैयार हैं। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त किसानों के खातों में डाली जाएगी। राज्योत्सव में राहुल गांधी भी शामिल होंगे। 

कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय : 
औद्योगिक नीति 2019-24 में संशोधन के प्रस्ताव को अनुमति दी गई। इसमें राज्य के वनोपज, हर्बल और वन पर आधारित अन्य उत्पादों का प्रसंस्करण, खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के निर्माण और मूल्य संवर्धन के कार्य राज्य में ही किए जाने को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज (वनांचल उद्योग पैकेज) का अनुमोदन किया गया।  इसके तहत लघु उद्योगों को औद्योगिक नीति 2019-24 के प्रावधान में पूर्व से घोषित आर्थिक निवेश प्रोत्साहन के अतिरिक्त स्थायी पूंजी निवेश अनुदान उत्पादन में आने के उपरांत उद्योगों को मान्य स्थायी पूंजी निवेश पर अनुदान के रूप में विशेषकर पिछड़े क्षेत्र विकासखंडों में स श्रेणी के विकासखंडों में कुल निवेश का 40 प्रतिशत 5 वर्षों में अधिकतम 40 लाख रुपए प्रतिवर्ष और द श्रेणी के विकासखंडों में कुल निवेश का 50 प्रतिशत 5 वर्षों में अधिकतम 50 लाख रुपए प्रतिवर्ष पात्रतानुसार देय होगा। विशेष पैकेज के लिए लघु उद्योगों की ओर से प्लांट और मशीनरी के अंतर्गत न्यूनतम 50 लाख और अधिकतम 5 करोड़ रुपए का निवेश किया जाना आवश्यक होगा। 

छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम-2015 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। इसमें उद्योग विभाग की ओर से संचालित औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत उपकेन्द्रों की स्थापना के लिए न्यूनतम आवश्यक भूमि का आबंटन एक रुपए प्रतीकात्मक प्रीमियम राशि (टोकन मनी) पर बिना किसी लीज रेंट, सिक्यूरिटी डिपॉजिट के भूमि का आबंटन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम-2015 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। इसमें औद्योगिक भूमि, भवन, शेड, प्रकोष्ठ  और लैण्ड बैंक से आबंटित भूमि का आबंटन के बाद नियमन और प्रबंधन की कंडिका में संशोधन किया गया। छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम-2015 के अंतर्गत भूमि आबंटन प्राप्त करने वाले उद्योगों को नियमों में संशोधन करते हुए कोविड-19 एवं आर्थिक मंदी को ध्यान में रखते हुए जो प्रस्तावित उद्योग स्थापित नहीं हो सके हैं, उनके लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
छत्तीसगढ़ कृषि उपज मण्डी (संशोधन) विधेयक-2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 

राज्य शासन की ओर से वर्ष 2012 में राज्य के ग्रामीण अंचलों के त्वरित एवं सर्वांगींण विकास की पूर्ति के लिए वर्तमान में विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए गठित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण और अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वर्ष 2013-14 के क्रियान्वयन के संबंध में प्रदेश में नशा मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के लिए छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान (भारत माता वाहिंनी योजना) को समाज कल्याण विभाग को सौंपने का निर्णय लिया गया। भारत सरकार, जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन के संबंध में निर्णय लिया गया कि-जल जीवन मिशन के संपूर्ण टेंडर (ईओआई) को निरस्त करके भारत सरकार के निर्देशानुसार कार्यवाही की जाए।

26-10-2020
Breaking : भूपेश कैबिनेट की बैठक खत्म,जल जीवन मिशन के सभी टेंडर निरस्त करने का फैसला

रायपुर। भूपेश कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री निवास में खत्म हो चुकी है। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट की बैठक में जलजीवन मिशन का भी मामला रखा गया। इस पर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जल जीवन मिशन के सभी टेंडर निरस्त होंगे। टेंडर 10 हजार करोड़ का था। इसमें कई अनियमितता और गड़बड़ियां सामने आई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शिकायत की गई थी। बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य आबंटन प्रक्रिया के संबंध में प्राप्त हो रही विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से लिया था। उन्होंने शिकायतों के परीक्षण के लिए मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव वित्त और सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की तीन सदस्यीय टीम गठित की। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों के घरों में वर्ष 2024 तक पाइप लाइन के माध्यम से पेयजल आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में जल जीवन मिशन में लगभग 7 हजार करोड़ रूपए के कार्यो के आबंटन की प्रक्रिया प्रगति पर है।

08-10-2020
छत्तीसगढ़ में अभी नहीं खुलेंगे स्कूल, वन विभाग का नाम बदलेगा,राज्य स्थापना दिवस पर नहीं होंगे बड़े कार्यक्रम

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए स्कूल अभी पूर्ववत बंद रहेंगे।  छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आबंटन) नियम में संशोधन - वन विभाग का नाम संशोधित कर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण निधि- नियम 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कोरोना संकट काल को देखते हुए वृहद कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा, सिर्फ राज्य अलंकरण समारोह मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित होगा। कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि छत्तीसगढ राज्य औषधि पादप बोर्ड को पुनर्भाषित कर छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा और औषधि पादप बोर्ड के नाम से पुर्नगठित करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ राज्य में शासकीय अथवा नैसर्गिक स्त्रोत से औद्योगिक प्रायोजन, ताप विद्युत तथा जल विद्युत परियोजनाओं के लिए जल उपयोग के लिए 16 जनवरी 2020 से प्रचलित जल दरों में संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसके अनुसार भू-जल के औद्योगिक उपयोग के लिए निर्धारित जल दरों में 20 से 33 प्रतिशत तक की कमी किए जाने और भू-जल दरों पर प्राप्त जल कर की राशि पृथक से निर्मित किए जाने वाले भू-जल संरक्षण कोष में जमा की जाएगी। इस कोष का उपयोग भू-जल संवर्धन (रिचार्जिंग ) में किया जाएगा। स्वनिर्मित स्त्रोत की श्रेणी जिसे औद्योगिक जल दर निर्धारण संबंधी अधिसूचना में विलोपित कर दिया गया था,को मंत्री परिषद ने पुन:स्थापित किए जाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही स्वनिर्मित स्त्रोत की श्रेणी के लिए प्रचलित दर, जो कि नैसर्गिक स्त्रोत जलदर 5 रूपए प्रति घन मीटर है को कम कर 3.50 रूपए प्रति घन मीटर किया गया।

मुख्यमंत्री अधोसंरचना संधारण एवं उन्नयन प्राधिकरण का गठन एवं निधि नियम 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस प्राधिकरण के गठन का उद्देश्य शिक्षा स्वास्थ्य एवं आवागमन से संबंधित संरचनाओं के रख रखाव एवं उन्नययन संबंधी कार्यों के वित्त पोषण की पूर्ति है। प्रधिकरण संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन को आवश्यक सलाह भी देगा। मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण के दो उपाध्यक्ष होंगे जो विधायकों में से नामांकित होंगे।  राज्य मंत्रीमंडल के समस्त मंत्री, मुख्य सचिव, सचिव वित्त, सामान्य प्रशासन विभाग इसके सदस्य और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव /सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। राज्य शासन की ओर से इस प्राधिकरण में पांच सदस्य,  विधायक /समाज सेवी व विशेषज्ञ वर्ग से लिए जाएंगे। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित को बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से ऋणों पर शासकीय प्रत्याभूमि के पुर्नवैधानिकरण का अनुमोदन किया गया। सभी सामाजों की सामाजिक संस्थाओं को रियायती दर पर अधिकतम 5000 वर्ग फुट भूमि के आवंटन  के प्रावधान को संशोधित कर  अब 7500 वर्ग फुट तक कर दिया गया है। जिला कलेक्टर के स्तर पर ही भूमि आबंटन की कार्रवाई की जाएगी।  छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण कार्यों के ठेकों में एकीकृत पंजीयन व्यवस्था के अंतर्गत नवीन ई श्रेणी का समावेश किए जाने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना की सभी चार योजनाएं 31 अक्टूबर 2024 तक लागू करने, राज्य स्तरीय अपीलीय फोरम के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। कृषि आधारित ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य प्रसंस्करण मिशन में वन अधिकार अधिनियम पट्टाधारी एवं सामुदायिक तथा वन संसाधन अधिकार प्राप्त ग्रामों को विशेष प्राथमिकता दिए जाने का निर्णय लिया गया। स्पंज आयरन एवं स्टील सेक्टर के उद्योगों के लिए विशेष पैकेज घोषित। क्षेत्रवार छूट 60 प्रतिशत से 150 प्रतिशत तक देय होगी।

 

 

20-08-2020
नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी का गठन केंद्र सरकार का ऐतिहासिक निर्णय : विष्णु देव साय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय ने केंद्र सरकार के कैबिनेट में  नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के गठन को मंजूरी दिए जाने के निर्णय को देश के युवाओं के हित में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि युवाओं के तरफ से सालों से यह मांग की जा रही थी। केंद्र सरकार ने युवाओं की भावना के अनुरूप निर्णय लिया है, यह बड़े हर्ष का विषय है। केंद्र सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय से निश्चित ही करोड़ों युवाओं को लाभ मिलेगा।
साय ने कहा कि नौकरी के लिए युवाओं को 20-20 भर्ती एजेंसीयों में बहुत परीक्षाएं देनी पड़ती थी फॉर्म भरने पड़ते थे। हर एजेंसी के लिए अलग परीक्षा देने के लिए कई जगह जाना पड़ता था।

युवाओं को भाग दौड़ करना पड़ता था। अब नेशनल रिक्रूटमेंट एंजेसी (राष्ट्रीय भर्ती परीक्षा) के माध्यम से कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट होगा जिससे युवाओं की परेशानी दूर होगी। भाजपा अध्यक्ष विष्णु देव साय ने कहा कि अब युवाओं को राहत मिलेगी बहुत दौड़-धूप नहीं करनी होगी। एक ही परीक्षा से युवाओं को आगे जाने का और अधिक एवं पारदर्शी मौका केंद्र सरकार का यह कदम देने जा रहा है। उन्होंने कहा कि न सिर्फ पारदर्शिता के साथ अधिक अवसर मिलेगा अपितु केंद्र सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय से अभ्यर्थियोंका पैसा भी बचेगा। समय और संसाधनों की भी बचत होगी जिससे करोड़ों युवा लाभान्वित होंगे और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर सकेंगे।

02-07-2020
भोपाल में शिवराज कैबिनेट का हुआ विस्तार, 28 नए मंत्री शामिल

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। शिवराज मंत्रिमंडल का पहला विस्तार है। मंत्रिमंडल में 28 नए मंत्री शामिल हैं, जिनमें 20 कैबिनेट मंत्री और आठ राज्यमंत्री हैं।  कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिरने के बाद जब शिवराज ने जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब कुछ मंत्रियों को शामिल किया गया था। बुधवार को शिवराज ने कहा था कि मंथन से अमृत ही निकलता है। विष तो शिव पी जाते हैं।
भोपाल में आज गोपाल भार्गव, यशोधरा राजे सिंधिया, जगदीश देवड़ा, बिसाहूलाल सिंह, विश्वास सारंग, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रभुराम चौधरी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रेमसिंह पटेल, ओमप्रकाश सकलेचा, उषा ठाकुर, अरविंद भदौरिया, मोहन यादव, हरदीप सिंह डंग, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, भारत सिंह कुशवाहा, रामकिशोर कांवरे, इंदर सिंह परमार, रामखेलावन पटेल, रामकिशोर कांवरे, बृजेंद्र सिंह यादव, रामकिशोर कांवरे, बृजेंद्र सिंह यादव, गिरिराज दंडोतिया, सुरेश राठखेड़ा, ओपीएस भदौरिया, विजय शाह, एंदल सिंह कसाना ने शपथ ली है।

03-06-2020
कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम अब श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर होगा

कोलकाता। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को बताया कि कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम बदलकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ट्रस्ट रखने के फैसले को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 जनवरी को डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम रखने की घोषणा की थी। उन्होंने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ समारोह के अवसर पर यह घोषणा की थी।पीएम मोदी ने कहा था कि मुखर्जी बंगाल के थे और औद्योगिकीकरण के अग्रदूतों में से एक थे। ऐसे में बंदरगाह का नाम मुखर्जी के नाम पर रखना एक जरूरी कदम है। पीएम मोदी ने कहा था,'इस बंदरगाह को अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह के रूप में जाना जाएगा।'प्रधानमंत्री ने कहा था कि यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण था कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा सरकार से इस्तीफा देने के बाद उनके सुझावों को लागू नहीं किया गया था जैसा कि किया जाना चाहिए था।

01-06-2020
कैबिनेट का फैसला: 14 खरीफ फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में इजाफा,किसानों की कर्ज चुकाने की तिथि बढ़ाई

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने के बाद सोमवार को कैबिनेट की पहली बैठक हुई, जिसमें कई फैसले लिए गए। इसमें कैबिनेट ने 14 खरीफ फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 से 83 प्रतिशत तक बढ़ाया है। मंत्रिमंडल ने 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दी है। वहीं लॉकडाउन की वजह से सरकार ने किसानों को कर्ज चुकाने के लिए समय 31 अगस्त कर दिया है। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, नितिन गडकरी और नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठक में हुए फैसलों की जानकारी दी।प्रकाश जावडे़कर ने कहा कि किसानों, एमएसएमई और रेहड़ी पटरी वालों पर एक परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने एमएसएमई की परिभाषा को और विस्तार दिया है। सूक्ष्म उद्योगों के लिए सीमा एक करोड़ रुपये का निवेश और पांच करोड़ रुपये का टर्नओवर होगी। 10 करोड़ का निवेश और 50 करोड़ रुपये का टर्नओवर वाले उद्योग छोटे उद्योमों के अंतर्गत आएंगे। वहीं, 20 करोड़ रुपये निवेश और 250 करोड़ रुपये टर्नओवर वाले उद्योग मध्यम उद्योगों की श्रेणी में आएंगे।प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि किसानों की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य की कुल लागत का डेढ़ गुना ज्यादा रखने का वादा सरकार पूरा कर रही है। खरीफ फसल 20-21 के 14 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी कर दिया गया है। इन 14 फसलों पर किसानों को लागत का 50-83 प्रतिशत तक ज्यादा दाम हासिल होगा। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने स्ट्रीट वेंडर के लिए क्रेडिट स्कीम को अपनी मंजूरी दे दी है।कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को लेकर हुए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गेंहू की खरीद 360 लाख मीट्रिक टन हो चुकी है। धान की 95 लाख मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है और साथ ही 16.07 लाख मीट्रिक टन दालों ओर तिलहन की खरीद हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 14 फसलों के लिए जो समर्थन मूल्य की सिफारिश थी, उसे मान लिया गया है। अब किसानों को लागत का 50 से 83 प्रतिशत अधिक मिलेगा।
उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने धान की एमएसपी 1,868 रुपये, ज्वार की 2,620 रुपये, बाजरा की 2,150 रुपये प्रति क्विंटल तय की है। साथ ही मक्का की एमएसपी में 53 फीसदी, मूंगफली में 50 फीसदी, सूरजमुखी में 50 फीसदी, सोयाबीन में 50 फीसदी और कपास में 50 फीसदी की वृद्धि हुई है।नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यदि किसान अपना कर्ज समय पर चुकाता है तो उसे अगली बार 4 फीसदी में ही कर्ज मिलता है। लॉकडाउन की वजह से सरकार ने किसानों को कर्ज चुकाने के लिए समय को 31 मार्च से बढ़ाकर 31 मई तक समय दिया था, लेकिन अब उसे और बढ़ाया गया है। अब किसान 31 अगस्त तक कर्ज चुका सकते हैं, उन्हें अगली बाद 4 फीसदी में ही कर्ज दिया जाएगा।केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि 10,000 करोड़ का एक फंड बनाया गया है, जिसे बाद में 50,000 करोड़ तक बढ़ाया जाएगा। इस फंड से सरकार अच्छा काम कर रही एमएसएमई में इक्विटी खरीदेगी। इससे उन्हें मजबूती मिलेगी और शेयर मार्केट से उस शेयर को और मजबूती मिलेगी।उन्होंने कहा कि हमारे देश में 6 करोड़ एमएसएमई है, जिससे 11 करोड़ रोजगार मिलता है। माइक्रो में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को एक कर दिया गया है। एक्सपोर्ट के टर्नओवर को एमएसएमई की लिमिट से बाहर किया गया है। इससे 2 लाख एमएसएमई को फिर से शुरू करने में फायदा होगा।नितिन गडकरी ने बताया कि एमएसएमई की परिभाषा को और संशोधित किया गया है और संकट में फंसे एमएसएमई को मदद दी जाएगी। इसके अलावा कैबिनेट ने तवावग्रस्त एमएसएमई के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के सबऑर्डिनेट लोन की मंजूरी दे दी है, इससे 2 लाख एमएसएमई को लाभ मिलेगा। 

 

26-04-2020
केन्द्रीय कैबिनेट सचिव ने कहा-ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग करें,आवश्यकताओं के लिए बनाए रखें समन्वय

रायपुर। भारत सरकार के कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव और जन स्वास्थ्य को लेकर देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से विस्तार से चर्चा की। कैबिनेट सचिव ने कहा कि सभी राज्यों में ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग के लिए कार्य किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सचिवों से रेपिड टेस्टिंग किट की उपलब्धता के संबंध में जानकारी भी ली। कैबिनेट सचिव ने जिला अस्पतालों में आईसोलेशन,आईसीयू बेड और कोविड-19 अस्पतालों की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह से राज्यों के शासकीय और निजी अस्पतालों में कोरोना टेस्टिंग सहित अस्पतालों में उपलब्ध वेंटीलेटर की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कैबिनेट सचिव ने सभी राज्यों में कोरोना के टेस्टिंग और इलाज के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाकर समुचित व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए केन्द्र से समुचित समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।इस दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने जानकारी दी कि राज्य में कोरोना के 37 पॉजीटिव प्रकरण थे, जिसमें से 5 केस एक्टिव है और उनका इलाज चल रहा है, शेष मरीज स्वस्थ हो गए हंै। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। राज्य में स्थिति नियंत्रित और संतोषप्रद है।केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव और जन स्वास्थ्य को लेकर देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से विस्तार से चर्चा की। कैबिनेट सचिव ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम, नियंत्रण और इससे बचाव के हर संभव उपाय करें। उन्होंने कहा कि हमें लोगों के स्वास्थ्य लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है। कोविड-19 के तहत लॉकडाउन के दौरान विभिन्न राज्यों में राष्ट्रीय टीकाकरण और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ली गई। छत्तीसगढ़ रायपुर से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग में डीजीपी डीएम अवस्थी, निहारिका बारिक सिंह और खाद्य एवं परिवहन सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह शामिल हुए।  

 

25-04-2020
केन्द्रीय कैबिनेट सचिव की छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीसी, इन मुददे पर हुई चर्चा..

रायपुर। भारत सरकार के कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने नई दिल्ली से देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से चर्चा की। कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के तहत जन स्वास्थ्य के कार्यों और देश में आर्थिक गतिविधियों को सक्रिय करने, देश भर में प्रभावित प्रवासी श्रमिकों सहित अन्य मुद्दों पर व्यापक चर्चा के लिए यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हुई। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव आरपी मंडल भी शामिल हुए।
वीडियो कान्फ्रेंसिंग में देश के विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों को अपने गृह राज्य और जिलों में वापसी, राहत केम्पों में ठहरे मजदूरों और अन्य प्रभावितों की समस्याओं को लेकर केन्द्र सरकार के उच्च अधिकारियों और राज्यों के मुख्य सचिवों के बीच विस्तार से चर्चा हुई। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान नगरीय क्षेत्रों से बाहर औद्योगिक गतिविधियों के संचालन और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आर्थिक गतिविधियों की जानकारी केबिनेट सचिव ने ली। वीडियो कान्फ्रेसिंग में लॉकडाउन के दौरान और बाद में पब्लिक ट्रांसपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रोें की गतिविधियों के संचालन और कोविड-19 के कन्टेनमेंट जोन में भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से रिवाइज गाईड लाईन के तहत कार्य करने के संबंध में विस्तृत जानकारी केबिनेट सचिव ने दी।इस अवसर कान्फ्रेंसिंग में डीजीपी डीएम अवस्थी, अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू, श्रम विभाग के सचिव सोनमणि बोरा, खाद्य एवं परिवहन विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह और संचालक स्वास्थ्य नीरज बंसोड भी शामिल हुए।

 

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