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26-11-2020
प्रदेश में निवार का दिखेगा आंशिक असर, बादलों का डेरा, हो सकती है बारिश

रायपुर। निवार अति प्रबल चक्रवात के असर से पूरे प्रदेश में बादल छा गए हैं। प्रदेश में आज हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया है कि बस्तर, रायपुर और दुर्ग संभागों के जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं। बिलासपुर संभाग के जिलों में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ छीटें पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में निवार चक्रवात का सीधा असर नहीं हो रहा। इसके कारण प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से काफी मात्रा में नमी आ रही है। इसके कारण प्रदेश में कुछ स्थानों पर और 27 नवंबर को एक दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की भी संभावना है। प्रदेश में न्यूनतम तापमान में वृद्धि होने की अति संभावना है।

 

23-11-2020
सरकार की लापरवाही के कारण बारिश में किसानों का धान हुआ खराब : बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने भूपेश सरकार की ओर से 1 नवंबर से धान खरीदी न करने पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों से कम से कम धान खरीदना पड़े, इसलिए रोज नए-नए षड़यंत्र रच रही है। सरकार धान खरीदने की व्यवस्था के लिए नहीं बल्कि धान कैसे कम से कम खरीदना पड़े इसके लिए रोज बैठक कर रही है। बृजमोहन अग्रवाल ने एक बयान जारी कर कहा है कि भूपेश सरकार 2500 रुपए क्विंटल में एक-एक धान खरीदी के अपने वादे से मुकर रही है। किसान के धान का पैसा साल-साल भर, घूमा घूमाकर किसानों को दिया जा रहा है। धान की खरीदी कम करना पड़े इसलिए अधिकारियों के माध्यम से किसानों पर दबाव बनाकर खेत का रकबा मेड़, पढार, पंप हाउस के नाम पर कम किया जा रहा है। बार-बार गिदावरी के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है।  भाजपा व किसान संगठनों और किसानों ने बार-बार 1 नवंबर से धान खरीदी चालू करने की मांग की। किंतु सरकार अपनी हठधर्मिता दिखाते हुए 1 नवंबर से धान खरीदी चालू नहीं की। धान खरीदी की तिथि 1 माह बढ़ा दी। किसानों के सामने परेशानी खड़े कर दी है। अभी हुई बेमौसम बारिश में एक ओर जहां किसानों के कटे हुए धान कोठार में खराब हो गए तो वहीं अनेक किसानों के धान बारिश के कारण खेत में सो गए हैं। पानी से खराब हो गए हैं। आखिर इसके लिए जिम्मेदार ये सरकार की लापरवाह व्यवस्था ही है। अगर सरकार ने समय रहते तैयारी कर 1 नवंबर से धान खरीदी चालू कर देती तो बहुत सारे किसान इस आपदा में बच सकते थे। एक सप्ताह बाद पूरे प्रदेश में धान की खरीदी होनी है, पर सरकार ने पर्याप्त बारदाने सहित अन्य व्यवस्था अभी तक नहीं की है। प्रदेश के अनेक समितियों में पिछले धान खरीदी का धान अभी तक नहीं उठाया गया है। अनेक भंडारण स्थलों पर खराब हो चुके धान भारी तादात में अभी भी रखे हुए हैं।

 

 

02-11-2020
Video: कलेक्टर ने कहा डुबान क्षेत्र की फसलों का किसानों को न मुआवजा मिलेगा,न किसी प्रकार की राहत

धमतरी। बारिश का मौसम इस समय अत्यधिक लंबा होने तथा अंतिम दिनों तक बारिश होने के कारण गंगरेल बांध प्रभावित गांव में जो किसान धान का फसल लगाए थे उनकी फसल आज भी 3 फीट पानी में डूबी हुई है। यहां तक की फसल पक कर तैयार हो गई है काटने की स्थिति में वहां के कृषक कमर तक के पानी में घुसकर धान की कटाई कर रहे हैं। कई बार उन्होंने शासन प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया कि गंगरेल बांध का गेट खोल कर पानी को कम किया जाए तो उन्हें फसल काटने में सुविधा मिल जाएगी तथा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उक्त समस्याओं से विधायक रँजना साहू को अवगत कराया। विधायक ने खुद गांव पहुंचकर समस्या देखी और अधिकारियों को उक्त समस्याओं को अवगत कराते हुए के कृषकों को राहत देने के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही।

इस सम्बंध में कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने साफ कहा है कि डब्ल्यूआरडी विभाग के द्वारा गंगरेल डैम के भरने पर डुबान क्षेत्र का चिन्हाअंकित किया जाता है। किसानों द्वारा जिस जमीन पर धान की फसल लगाई गई है वह जमीन डुबान क्षेत्र में आती है, डुबान में फसल लेने का नियम नहीं है,जिसके कारण किसानों को ना ही मुआवजा मिलेगा न ही किसी भी प्रकार रिलीफ दिया जाएगा। वही आगे कलेक्टर ने कहा कि अगर अभी पानी छोड़ दिया जाता है तो आगे रबी की फसल के समय पानी छोड़ना संभव नहीं होगा,जिससे किसानों को परेशानियां होंगी। वहीं डुबान क्षेत्र के किसानों की समस्या को देखते हुए कलेक्टर कहा कि  गंगरेल डैम के पेनिस टॉप गेट से 2500 क्यूसेक पानी बिजली उत्पादन एवं अन्य संसाधनों के लिए छोड़ा गया है।

25-10-2020
वार्ड में न तो पक्की सड़क, न स्ट्रीट लाइट, रात में अंधेरे के आगोश में होता है इलाका

अंबिकापुर। शहर के रविंद्रनाथ टैगोर वार्ड के एक इलाके के लोग सुविधाओं से वंचित है। इस इलाके में न तो जनप्रतिनिधियों ने सड़क का निर्माण कराया और न ही स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की। वार्डवासी मजबूरन रात के अंधेरे में बदहाल कच्ची सड़क पर चलने को मजबूर है। वार्ड के लोगों की मुसीबत बारिश के मौसम में और भी बढ़ जाती थी। दरअसल पानी गिरते ही कच्ची सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है। रात के अंधेरे में सड़क हादसा होने की स्थिति भी निर्मित होती है। नगर निगम महापौर डॉ.अजय तिर्की का कहना है कि सभी वार्ड के पार्षदों से प्रपोजल मंगवाया गया था। प्रपोजल के आधार पर सड़क नाली सहित स्ट्रीट लाइट का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। जल्द ही रविंद्रनाथ टैगोर वार्ड के लोगों को इस समस्या से निजात दिलाई जाएगी।

24-10-2020
बारिश से गंगालूर पंहुच मार्ग का पुल हुआ क्षतिग्रस्त

रायपुर/बीजापुर। जिला मुख्यालय को गंगालूर से जोड़ने वाला पुल बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया। इसके कारण सरकारी राशन की दुकानों तक वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। उल्लेखनिय है कि वर्ष 2013 में पंचायत ने इस पुल का निर्माण कराया था। इस वर्ष प्रदेश में सबसे अधिक बारिश बीजापुर में ही हुई, जिसके कारण पुल क्षतिग्रस्त हो गया। बीजापुर के गंगालूर इलाके में एक पुलिस थाना है। इसके अलावा सीआरपीएफ और एसटीएफ कैंप भी है। जिला पंचायत सदस्य बी पुष्पा राव ने बताया कि सामान्य सभा की बैठक में गंगालूर पहुंच मार्ग को जोड़ने वाले दो पुलों को का मुद्दा उठाया था, पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।

18-10-2020
बारिश से मुकरम नाला उफान पर, आवागमन बाधित होने से साप्ताहिक बाजार नहीं पहुंच पाए व्यापारी

रायपुर/सुकमा। जिले में लगातार हो रही बारिश से नक्सल प्रभावित इलाकों में आवागमन ठप्प हो गया है। ग्राम मुकरम के पास स्थित बरसाती नाला उफान पर है। चिंतलनार का साप्ताहिक बाजार है, नाले में पानी भरने से व्यापारी चिंतलनार बाजार नहीं पहुंच पाए। व्यापारी साप्ताहिक बाजार जाने के लिए सामान लेकर निकले थे, लेकिन नाला पर बने पुल पर पानी भरे होने से व्यापारी बाजार नहीं पहुंच पाए और वे वापस लौट गए। वहीं स्थानीय लोग अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए नाले को पार करते देखे गए। विदित हो कि बीते कुछ दिनों से सुकमा में लगातार हो रही बारिश की वजह से नदी-नाले उफान पर हैं।

14-10-2020
तेलंगाना में भारी बारिश, 11 की मौत, जनजीवन अस्तव्यस्त, सड़कों और निचले इलाकों में भरा पानी

हैदराबाद। तेलंगाना के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के कारण सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। हैदराबाद से लोकसभा सदस्य असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को ट्वीट किया, "पिछले दो दिन से यहां हो रही भारी बारिश के कारण बंदलागुड़ा के मोहम्मदिया हिल्स में एक दीवार के ढह जाने से नौ लोगों की मौत हो गई।" उन्होंने ट्वीट किया, "मैं बंदलागुड़ा में मोहम्मदिया हिल्स का निरीक्षण कर रहा था, जहां दीवार के ढहने से नौ लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। वहां से जाते समय मैंने शमशाबाद में फंसे बस यात्रियों को अपने वाहन से उनके गंतव्य तक पहुंचाया। अब मैं तालाबकट्टा और यसराब नगर जा रहा हूं।" एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुछ पत्थर दो मकानों की दीवारों पर गिए गए, जिसके कारण आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि इस बीच, मंगलवार को यहां भारी बारिश के कारण इब्राहिमपट्टनम इलाके में एक पुराने मकान की छत ढह जाने से 40 वर्षीय महिला और उसकी 15 वर्षीय बेटी की मौत हो गई। तेलंगाना में मंगलवार को कई स्थानों पर हुई भारी बारिश के कारण जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी के कारण हैदराबाद और राज्य के कई हिस्सों में पानी भर गया है।

 

13-10-2020
बस्तर में आज रूक-रूककर होगी बारिश

रायपुर। राज्य भर में आने वाले चौबीस घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। वहीं एक-दो स्थाानों पर तेज गरज-चमक के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग के नियमित रिपोर्ट के अनुसार एक अवदाब पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी से पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में 3 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है। यह बीते सुबह 8.30 बजे विशाखापट्टनम से 280 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में, काकीनाडा से पूर्व दक्षिण पूर्व की ओर 360 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इस सिस्टम के और प्रबल होकर गहरे अवदाब में परिवर्तित होने की पूरी संभावना नजर आ रही है। इसके प्रभााव से आज प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी वर्षा होने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। प्रदेश के दक्षिणी भाग में भारी वर्षा होने की ज्यादा संभावना नजर आ रही है। बस्तर संभाग में आज रूक-रूककर लगातार हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना बनी हुई है।

10-10-2020
निर्धारित चौड़ाई के साथ  बनेगा शंकर नाला, निगम ने की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू

दुर्ग। शंकर नाला क्षेत्र में अतिक्रमण को हटा कर निर्धारित चौड़ाई के साथ नाला का निर्माण प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए गुरुद्वारा के पास से लेकर संतरावाड़ी पुलिया तक तथा दुर्गा चौक से उरला तक लगभग 25 से 30 लोगों के सभी अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई आज से गुरुद्वारा के पास से प्रारंभ किया गया है। उल्लेखनीय है कि नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा बारिश के पानी निकासी के लिए शंकर नाला में निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था। नाला का निर्माण गुरुद्वारा पुलिया तक कर लिया गया था।

विभागीय अधिकारी ने बताया बारिश के कारण नाला नाला निर्माण का कार्य रुका हुआ था। गुरुद्वारा पुलिया के पास से संतरा बाड़ी पुलिया तक तथा दुर्गा चौक से उरला तक 25 से 30 लोगों ने नाला क्षेत्र में  टीन शेड व अन्य  पक्का निर्माण कर बाथरूम और टॉयलेट बनाकर अतिक्रमण किए हुए हैं। सभी अतिक्रमणों को चिन्हित कर लिया गया है। इसे आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के निर्देशानुसार नाला निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही आज से प्रारंभ की गई है। नाला क्षेत्र में जिन लोगों ने भी अतिक्रमण कर लिया है। उन सभी से अपील है कि नुकसान होने के पूर्व अपंना अतिक्रमण सवयं हटा लेवें । अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

10-10-2020
रायपुर में बरसे बादल, प्रदेश के कई स्थानों में बारिश के आसार

रायपुर। राजधानी में धूप-छांव के खेल के बीच अचानक बादल बरसना शुरू किए। कुछ देर तेज बारिश के बाद हल्की बूंदाबांदी जारी रही। कुछ ही देर बाद फिर से धूप-छांव का खेल शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई थी। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई थी। 

मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने कहा है कि इससे अधिकतम तापमान में मामूली वृद्धि होने की संभावना है। कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। उन्होंने पूर्वानुमान जारी कर कहा था कि  तटीय आंध्र प्रदेश और उसके आसपास 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर चक्रीय चक्रवाती घेरा और एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर अंडमान से और उसके आसपास पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना । इसके साथ चक्रीय चक्रवाती घेरा मध्य क्षोभ मण्डल (वायुमंडल) लेवल तक विस्तारित है। इसके और अधिक प्रबल होकर और गहरा अवदाब के रूप में मध्य बंगाल की खाड़ी कल तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद यह तंत्र पश्चिम उत्तर पश्चिम की ओर आगे बढ़ते हुए उत्तर आंध्र प्रदेश तट तक गहरा अवदाब  के रूप में 12 अक्टूबर तक पहुंचने की संभावना है। इन सिस्टमों के प्रभाव से शनिवार को प्रदेश में बारिश के आसार बन रहे हैं।

06-10-2020
रायपुर में जमकर बरसे बादल,मानसून सत्र में अब तक 1055.9 मिमी बारिश रिकार्ड

रायपुर। मानसून की विदाई में अभी कुछ दिन बाकी है। इसके पूर्व बादलों ने बरसने की ठान ली है। मंगलवार दोपहर राजधानी रायपुर में तेज बारिश हुई। पहले कुछ देर ही सही जमकर बादल बरसे,फिर थोड़ा सुस्ताने के बाद बरसना शुरू किए। घंटे भर के अंदर ही बादलों ने सभी को भींगा दिया। मौसम विभाग ने प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई थी।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में 1 जून से अब तक कुल 1240.1 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक बीजापुर जिले में 2289.5 मिमी. और सबसे कम सरगुजा में 862 मिमी. औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है।

1 जून से अब तक सूरजपुर में 1360.4 मिमी., बलरामपुर में 1135.5 मिमी., जशपुर में 1385.8 मिमी., कोरिया में 1088.4 मिमी., रायपुर में 1055.9 मिमी., बलौदाबाजार में 1085.9 मिमी., गरियाबंद में 1242.2 मिमी., महासमुंद में 1311.0 मिमी., धमतरी में 1154.3 मिमी., बिलासपुर में 1273.2 मिमी., मुंगेली में 922.9 मिमी., रायगढ़ में 1238.4 मिमी., जांजगीर-चांपा में 1352.4 मिमी. और कोरबा में 1366.9 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है।
इसी प्रकार गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 1060.9 मिमी., दुर्ग में 1007.5 मिमी., कबीरधाम में 967.1 मिमी., राजनांदगांव में 928.1 मिमी., बालोद में 1038.3 मिमी., बेमेतरा में 1090.1 मिमी., बस्तर में 1414.9 मिमी., कोंडागांव में 1517.8 मिमी., कांकेर में 1034.9 मिमी., नारायणपुर में 1416.0 मिमी., दंतेवाड़ा में 1579.9 मिमी. और सुकमा में 1543.4 मिमी  औसत दर्ज की गई है।

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