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18-09-2020
नौकरी लगाने के नाम पर 23 लाख की ठगी,कार भेजकर सरपंच को बुलाया था रायपुर

रायपुर। सरपंच को अपर कलेक्टर के नाम से सरकारी नौकरी लगाने की बात कहकर झांसे में लेकर 23 लाख 65 हजार रुपए ठगी किए जाने की रिपोर्ट पण्डरी थाने में दर्ज की गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिकरीमा थाना फरसाबहार जशपुर निवासी सर्वेश्वर साय ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि प्रार्थी वर्तमान में ग्राम सिकिरमा थाना फरसाबहार जशपुर का सरपंच है। अप्रैल 2020 में पीडि़त के मोबाइल फोन पर कॉल कर स्वयं को अपर कलेक्टर बताते हुए छग राज्य के विभिन्न जिलों के लिए 1380 पद स्वीकृत हुआ है,जिसमें अंबिकापुर, बलरामपुर, सरगुजा एवं जश्पुर जिले में डाटा एंट्री आपरेटर, क्लर्क, भृत्य एवं वाहन चालक का पद पर सीधी भर्ती किया जाना है। स्वयं को अपर कलेक्टर बताये जाने से पीड़ित उसकी बातों में आकर अपने घरवालों एवं दोस्तों से सलाह करके पत्नी,बहनों एवं अन्य रिश्तेदारों को भृत्य एवं क्लर्क पद के लिए तथा डाटा एंट्री आपरेटर के लिए एक व्यक्ति एवं दो व्याख्याताओं के ट्रांसफर कराने के नाम पर फोन पर फर्जी अधिकारी से बात की।

अधिकारी ने बताया कि उपरोक्त रकम तुम्हें रायपुर में देना है और आने जाने के लिये कार बुक करा दी। पीड़ित ने बताया कि संपूर्ण राशि की व्यवस्था नहीं है तब उनके कहने पर कि जितना नकद है उतना ले आओ एवं शेष राशि के लिये एटीएम कार्ड ले आना कहने पर 13 जून की शाम सिकिरमा से रायपुर के लिए निकला एवं 14 जून को रायपुर पहुंचने पर मोवा ब्रिज के आगे एफसीआई रोड में आने को कहा, वहां पहुंचने पर अपने भतीजे को भेज रहा हूं  पैसे दे देना कहने पर उसे 9 लाख,20 हजार रुपए व बाकी रकम एटीएम से निकाल लेने की बात कहकर पिन कोड बताते हुए दे दिया। पैसा एवं एटीएम कार्ड देते समय ठग स्वयं नही आया। उसने कॉल करके कहा कि सभी लोगों की भर्ती हो जाएंगी कहकर कुल 23,65,207.75/- ले लिए। बाद में कॉल करने पर मंत्रालय जाने की बात कहकर गुमराह किया। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी के खिलाफ 420 के तहत अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है। 

 

12-09-2020
ऑनलाइन ठगी पर पुलिस ने की जनता से अपील, लालच में न आए, सावधान रहे

गुंडरदेही। बहुचर्चित टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति के नाम से लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी की जा रही है। उन्हें लाखों रुपए की लॉटरी निकालने का झांसा देकर पैसे लिए जा रहे हैं। उन्हें कहा जाता है कि उनका मोबाइल नंबर लकी ड्रा में निकला है। उनसे सवाल पूछ कर कहा जाता है कि उनके नाम लाखों रुपए के नाम निकला है। उन्हें टैक्स जमा करवा कर पैसे लेने के लिए कहा जाता है। गुंडरदेही पुलिस ने जनता से अपील की  है कि लालच में ना आए और सावधान रहे। किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर करने से पहले संबंधित बैंक के ब्रांच मैनेजर अथवा निकटतम थाने से जरूर संपर्क करें।

09-09-2020
लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले शातिर ठग गिरोह उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार

रायपुर। लोन दिलाने के ​नाम से युवक से डेढ़ लाख रुपए वसूलने का मामला सामने आया है। बता दें कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नाम पर युवक को लोन दिलाने का झांसा देकर ठगों ने युवक से ठगी की है। युवक को सोशल मीडिया पर फर्जी आईकार्ड और आधार, पैन कार्ड दिखाकर पहले युवकों ने भरोसे में लिया और फिर कई किश्तों में रकम वसूली। युवक ने उरला थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपियों की पतासाजी की और उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि यह संगठित गिरोह इसी तरह से पूरे देश में अपना नेटवर्क फैला कर कई लोगों काे ठगी का शिकार बना चुके हैं।

शिकायतकर्ता पीयूष कुमार देवांगन ने पुलिस को बताया कि वह मठपारा कैलाशनगर बीरगांव में रहता है। 7 को उसके माेबाइल फोन पर सोनू कुमार का कॉल आया। उसने खुद को चंडीगढ़ के सेक्टर 52 का निवासी बताया और उसने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत युवक को पांच लाख रुपये का लोन दिलाने की बात कही। इसके बाद उसने युवक को पूरे विश्वास में लेते हुए उससे ढाई हजार रुपये आवेदन शुल्क के रूप में चंद्रवीर नाम के अपने साथी के बैंक खाते में डलवा लिए। पुलिस अधीक्षक अजय यादव के निर्देश पर आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम गठित की थी। इस टीम ने ठगी का शिकार हुए युवक से मिली जानकारी के आधार पर तकनीकी विश्लेषण कर आरोपियों के ठिकानों का पता लगाया। टीम काे आराेपियों के दिल्ली में हाेने की जानकारी मिली। टीम ने दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर, नाेएडा में घूम-घूम कर आरोपियों के ठिकानाें की तस्दीक की। इस दौरान वे लगातार अपना लोकेशन बदलते रहे। फिर सभी आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में आरोपियों के सभी दस्तावेज भी फर्जी पाए गए।

पुलिस ने बताया कि आरोपी गैंग बनाकर कई हिंदी भाषी राज्यों में अलग- अलग बैंक और फाइनेंस कंपनी तथा सरकार की योजनाओं के नाम पर इसी तरह लोन दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से ठगी कर चुके हैं। सभी आरोपी सिर्फ हाईस्कूल तक ही पढ़े हैं। पुलिस को इन आरोपियों को पकड़ने में काफी मशक्कत भी करनी पड़ी। पकड़े गए आरोपियों के नाम नीरज कुमार, आनंदस्वरूप और चंद्रवीर बताए गए हैं। यह सभी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं।

07-09-2020
सरपंच से लाखों रुपये की ठगी, नौकरी लगाने के नाम पर फर्जी अपर कलेक्टर बनकर लगाया चूना

रायपुर। प्रदेश में ठग ने अपर कलेक्टर के नाम से एक सरपंच को अपने झांसे में लेकर 23 लाख रुपये से ज्यादा का चूना लगा दिया। कथित अपर कलेक्टर निर्मल तिग्गा ने पूरा पैसा देने पर 10 जुलाई को नियुक्ति पत्र देने के लिए कहा। दोनों एटीएम कार्ड से आरोपी ने 5,14,207 रुपये निकाल लिये। 7 जुलाई को आरोपी के कथित भतीजे को रायपुर में 9 लाख 31 हजार रुपये और दे दिया। पीड़ित सरपंच के मुताबिक आरोपी ने नियुक्ति पत्र मंत्रालय में देने के लिए कहा लेकिन वहां पहुंचने पर आरोपी नहीं आया। इसके बाद उसका मोबाइल लगातार बंद आते रहा जिसके बाद जब सरपंच को ठगी का एहसास हुआ तो उसने एसएसपी रायपुर को अपने साथ ठगी होने की लिखित शिकायत सौंपी। ठगी का शिकार होने वाला सरपंच जशपुर जिले के फरसाबहार थाना क्षेत्र स्थित ग्राम सिकिरमा का रहने वाला है।

सरपंच के मुताबिक अप्रैल में उसके मोबाइल में फोन आया और सामने वाले व्यक्ति ने अपना परिचय अंबिकापुर के अपर कलेक्टर निर्मल तिग्गा के रूप में दिया। उसने कहा कि अंबिकापुर, बलरामपुर और जशपुर में डाटा एंट्री ऑपरेटर, क्लर्क, भृत्य एवं वाहन चालकों के पदों 1380 पर सीधी भर्ती करना है। सरपंच का कहना है कि अपना परिचय अपर कलेक्टर बताने पर उसकी बातों पर विश्वास करते हुए तकरीबन डेढ़ दर्जन रिश्तेदारों की नौकरी के लिए 25 लाख रुपए में बात तय हुई। आरोपी ने पैसा रायपुर में देने के लिए कहा और रायपुर आने के लिए एक गाड़ी भी बुक करके दी। 14 जून को रायपुर पहुंचने पर उसके बताए हुए व्यक्ति को 9 लाख 20 हजार रुपये नगद और बहनों के दो एटीएम कार्ड पिन नंबर सहित उसके हवाले कर दिया। नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी किये जाने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।

22-08-2020
व्यापारी से लाखों रुपए की ठगी, मामला दर्ज...

रायपुर। शहर के देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में अमूल कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर बनाने का विज्ञापन देकर लाखों रुपये लूटने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक देवेंद्र नगर निवासी महेश कुमार वखारिया ने मार्च में इंटरनेट में अमूल इंडिया लिमिटेड का विज्ञापन देखा, जिसमें वितरक नियुक्त करने की बात लिखी थी। उन्होंने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। एक माह बाद उन्हें फोन आया कि उनका आवेदन स्वीकृत हो चुका है। पंजीयन राशि 50 हजार रुपये जमा करनी होगी।

महेश ने आरटीजीएस के माध्यम से पैसा भेज दिया। इसके बाद पुनः 1 लाख रुपये बतौर सुरक्षा निधि ले ली गई। कुछ समय बाद फिर कहा गया कि उन्हें 10 लाख रुपये का माल भेजा जा रहा है, जिसकी 50 फीसद अग्रिम राशि दो किस्तों में जमा करें। महेश ने यह राशि भी दे दी। इसके बाद मोबाइल धारक अमित देशमुख से संपर्क करने पर वह टालमटोल करने लगा व कुछ समय पश्चात फोन उठाना बंद कर दिया। इस पर महेश ने अमूल इंडिया की मूल कंपनी से संपर्क किया तो कंपनी ने बताया कि ऐसी कोई स्कीम नहीं है। पुलिस में पीड़ित की शिकायत पर आरोपित अमित देशमुख के खिलाफ धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया

17-08-2020
एयरपोर्ट में ड्यूटी बताकर गाड़ी की ​डिलिवरी के नाम पर डॉक्टर से हजारों रुपए की ठगी

रायपुर। स्वयं को सीआईएसएफ का जवान बताकर ओएलएक्स में एक्टिवा बेचने के बहाने डॉक्टर से ऑनलाइन ठगी करने का मामला सामने आया है। गौरतलब है कि दीनदयाल उपाध्याय नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत डॉ. कमल किशोर सहारे ने थाना पहुंचकर लिखित शिकायत की है कि 12 अगस्त को ओएलएक्स वेबसाइट पर एक्टिवा 5G का विज्ञापन देखा। इसकी कीमत 18 हजार 500 रुपए विज्ञापन पर दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर उक्त मोबाइल धारक ने स्वयं की ड्यूटी एयरपोर्ट में ड्यूटी होना बताया। इसके बाद डिलीवरी के लिए 2120 रुपए जमा करने कहा।

डॉक्टर ने पेटीएम के माध्यम से पैसे जमा किए। इसके बाद उन्हें लगातार डिलीवरी का झांसा देते हुए किस्तों में पेटीएम के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करवाए गए। पुलिस ने बताया कि प्रार्थी ने लगभग 60 हज़ार रुपए आरोपी के खाते में जमा किए जिसके बाद भी उसने एक्टिवा गाड़ी की डिलीवरी नहीं दी गयी।प्रार्थी से मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने मोबाइल धारक के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। मामला विवेचना में ले लिया है।

16-08-2020
झाड़-फूंक के नाम पर ठगी करने वाले फरार गिरोह के आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे

कोरबा। जिले के थाना पाली में 2017 में हुई सोने-चांदी एवं नगदी रकम की ठगी करने वाले गिरोह के सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पाली पुलिस की टीम पतासाजी करते हुए अंबिकापुर से सीतापुर पहुंची थी। बिशुनपुर गांव के रहने वाले संपतगिरी और उनके चार अन्य साथी को झाड़-फूंक के नाम पर ठगी कर पाली व केराझरिया निवासी एक महिला घर में आए हुए थे। विपत्ति में झाड़-फूंक के माध्यम से दूर करने के नाम से 54 हजार 500 रुपये की सोने चाँदी के जेवरात एवं नकदी रकम 10 हजार रुपये ले कर फरार हो गये थे। महिला व उनके परिवार ने थाना पाली में घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। लम्बे समय से फरार ठगी करने वाले ठग गिरोह के पांच सदस्यों को पाली थाना प्रभारी एवं उनके अधीनस्थ स्टाफ ने उनके गांव में दबिश देकर गिरफ्तार किया।

05-08-2020
कोरोना संकट काल ऑनलाइन जुआ और ठगी का बाजार गर्म,जुआरियों की आईडी पुलिस के निशाने पर

रायपुर। कोरोना संक्रमण काल में ऑनलाइन जुआ और ठगी का का खेल जोरों पर चल रहा है। मनोरंजन के लिए बनाए गए लूडो और तीन पत्ती गेम में राजधानी के जुआरी दांव लगा रहे हैं और एक दूसरे को ऑनलाइन पैसों का ट्रांसफर कर रहे हैं। ऑनलाइन जुआ में हजारों लाखों का दांव जुआरियों द्वारा लगाया जा रहा है। इन जुआरियों की शिकायत मिलने पर पुलिसकर्मियों ने नजर रखना शुरू कर दी है। सोमवार को एक जुआरी को पुलिस ने पकड़ा भी है। आरोपी से उसके अन्य साथियों के बारे में पुलिसकर्मी पूछताछ कर रहे हैं। वहीं ऑनलाइन लेनदेन के बढ़ने के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी के मामलों में भी इजाफा हो रहा है। ठग नए-नए तरीके इजाद कर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। पुलिस लोगों को ठगी से बचाने के लिए जागरुकता अभियान चलाती है लेकिन ठग फिर से ठगी का कोई नया तरिका इजाद कर लेते हैं। इसलिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

शाम 7 से रात 2 बजे तक करोड़ों का खेल

पुलिस के साइबर सेल से जुड़े अधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन गेम के दौरान शाम 7 बजे रात 2 बजे ज्यादा दांव लगता है। इस दरमियान एक-दूसरे की आईडी से घंटों कनेक्ट रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। ऑनलाइन जुआ खेलने वाली लगभग 300 से ज्यादा आईडी पुलिस के निशाने पर है। इन आईडी से दांव लगने की जानकारी पुख्ता होने पर पुलिस के द्वारा कार्रवाई भी की जा रही है।

इस तरह चल रहा जुआ

राजधानी में लूडो किंग, तीन पत्ती, रेसिंग और शूटिंग वाले गेम्स को दांव लगाने वाले लोगों द्वारा डाउनलोड किया जा रहा है। इन गेम्स को डाउनलोड करने के बाद अपने परिचित के लोगों को रिक्वेस्ट भेजी जा रही है। कुछ लोगों ने आईडी का ग्रुप बना लिया है और ग्रुप में इस गेम को खेलकर एक दूसरे से दांव लगा रहे हैं। इन ग्रुप के सदस्यों द्वारा नाबालिगों को भी अपने साथ ऐड किया जा रहा है। नाबालिगों को ग्रुप में जोडऩे के बाद उन्हें हराया जाता है और फिर उन पर पैसे देने के लिए दबाव बनाया जाता है। नाबालिगों के परिजनों द्वारा शिकायत करने के बाद पुलिस को इस मामले की जानकारी हुई है और पुलिस ने ऑनलाइन जुआ खेलने वालों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

बैंक खाते और नंबरों की निगरानी

पुलिस गुंडे-बदमाशों और खुलेआम जुआ खेलने वालों के बाद अब ऑनलाइन जुआरियों और सटोरियों पर फोकस कर रही है। गेम खेलने वाले का पता लगाना पुलिस के एथिकल हैकर्स के लिए बेहद आसान है। सूत्रों के अनुसार लूडो किंग और तीनपत्ती खेलने वाले सैकड़ों लोगों के नंबर पुलिस के पास हैं। अब इनके जरिए साइबर पुलिस इन ग्रुप्स से जुड़े लोगों के बैंक खाते, पैन नंबर,आधार कार्ड और मोबाइल नंबर की जानकारी जुटा ली है। सोमवार को राजधानी में कार्रवाई करके पुलिस ने सख्ती करना भी शुरू कर दिया है।

लूडो में दांव लगवाते जुआरी गिरफ्तार

सिविल लाइन थानाक्षेत्र के पाम रेसीडेंसी के पास ऑनलाइन लूडो में दांव लगवाते जुआरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी का नाम पुलिस अधिकारियों द्वारा उसका नाम खियलदास जेठानी बताया जा रहा है। आरोपी से 22 रुपए कैश पुलिसकर्मियों ने जब्त किया है। आरोपी पर जुआ एक्ट  के तहत पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई की है।

 

02-08-2020
ऑनलाइन शॉपिंग करने से पहले सतर्कता जरूरी, थाना प्रभारी ने बताए ठगी से बचने के उपाय

गुंडरदेही। ऑनलाइन ठगी से किस प्रकार बचा जाए इसकी जानकारी गुंडरदेही थाना प्रभारी रोहित मालेकर ने दी। रोहित ने कहा कि आजकल सोशल साइट्स पर ऑनलाइन विज्ञापन प्लेटफार्म की बाढ़ आई हुई है। इसमें प्रमुख ऑनलाइन विज्ञापन प्लेटफॉर्म है, जिसमें इस्तेमाल किए गए उत्पादों का लेनदेन किया जाता है। इस प्लेटफार्म का उपयोग करके खरीदार सीधे विक्रेता से संपर्क कर सकता है, जहां इस वेबसाइट ने उत्पादों की खरीद और बिक्री को आसान बनाया है वहीं इसका उपयोग कर साइबर अपराधी ठगी की घटना को अंजाम भी दे रहे हैं। आर्मी की आईडी का मिस यूज करते हैं और ग्राहक को आत्मविश्वास में ले लेते हैं। सामान्य कार या बुलेट की आकर्षक फोटो वेबसाइट में डालकर उसे बेचने का प्रयास किया जाता है। एडवांस पेमेंट देने को कहते हैं। एडवांस पेमेंट मिलने के बाद प्रोडक्ट को कोरियर से डिलीवरी की बात की जाती है रकम लेने के बाद प्रोडक्ट कभी भी डेलीवर्ड नहीं होता है। ऐसे अपराधों से बचने के लिए क्या करें, किसी भी व्यक्ति पर ऑनलाइन डील करते समय विश्वास नहीं करना चाहिए। विक्रेता से मिलकर ही सामान को फिजिकली चेक करना चाहिए। विजेता से मिलकर ही पेमेंट करने का प्रयास करें किसी भी प्रकार के मनी रिक्वेस्ट लिंक को क्लिक न करें, अगर विक्रेता कोई कोरियर स्लिप भेजता है तो पहले उस लिंक को वेरीफाई जरूर कर ले। सावधान रहें सुरक्षित रहें।

शब्बीर रिजवी की रिपोर्ट

20-07-2020
Video: रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर 88 लाख की ठगी करने वाले फरार दो आरोपी गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा। रेलवे में बेरोजगारों को नौकरी लगाने के नाम पर 88 लाख कि ठगी करने वाले फरार दो आरोपी गिरफ्तार किए गए।, आरोपियों के कब्जे से 97 हजार रुपए जब्त किए गए।  ठग के पांच साथियों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। जांजगीर-चांपा जिले के हसौद थाना क्षेत्र के बेरोजगारों को रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के फरार दो ठगों को पकड़ने में हसौद पुलिस को कामयाबी मिली है। पिछले कुछ सालों से हसौद क्षेत्र में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वालों का गिरोह सक्रिय था और गिरोह के सदस्य क्षेत्र के भोले भाले बेरोजगारों को अपने झांसे में लेकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देकर उनसे लाखों रुपए ठग रहे थे। हसौद थाना क्षेत्र के रहने वाले अशोक कश्यप ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर वर्ष 2017 से 2019 तक ठग गिरोह के सदस्यों ने उससे 10 लाख रुपए लिए और उसके अन्य साथियों से लगभग 78 लाख रुपए लिए हैं।

इस पर थाना हसौद में 420 का अपराध दर्ज कर अपराधियों की तलाशी कि जा रही थी।  पांच ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। लेकिन कुछ ठग फरार थे,जिनकी तलाश के लिए पुलिस कि टीम और मुखबिर लगे थे। पुलिस को अपने मुखबिर से सूचना मिली कि गिरोह के दो सदस्य अमरदास मानिकपुरी और रामलाल जाटवर भी ठगी में शमिल हैं। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो अमरदास मानिकपुरी और रामलाल जाटवर ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने अमरदास मानिकपुरी से ठगी के 10 हजार और रामलाल जाटवर 87 हजार रुपए बरामद किए। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। मामले के कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं,जिनकी तलाश की जा रही है।

 

19-07-2020
पुलिस जवान बनकर मांगे बैंक डिटेल, रिटायर्ड कर्मचारी के खाते से 44 हजार पार

रायपुर। शहर के साईं विहार कॉलोनी महावीरनगर के रिटायर्ड कर्मचारी से 44 हजार की ठगी का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक रिटायर्ड कर्मचारी कृष्ण लाल चंद्राकर को पुलिस जवान बनकर जालसाज ने कॉल कर बैंक डिटेल मांगे और खाते से 44 हजार रुपए पार कर दिए। मामले में राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज ​कर लिया है।

11-07-2020
ग्रामीणों से एक करोड़ पच्यासी लाख की ठगी करने वाले शातिर को पुलिस ने धरदबोचा

बीजापुर। जिले के 298 लोगों को बोर खुदवाने और वाहन दिलवाने के नाम पर करीब दो करोड़ रूपए का चूना लगाने वाले ठग गौरीशकर दास को कुटरू पुलिस ने धरदबोचा। कुटरू एसडीओपी एसएच ठाकुर ने बताया कि दो साल पहले डीएनके कालोनी कोण्डागांव निवासी गौरीशंकर दास ने बीजापुर जिले के 298 लोगों से रकम ऐंठी थी। उसने लोगों को बोर खुदवाने, ट्रैक्टर दिलाने, डोजर दिलवाने, शो रूम और पुरानी गाड़ियों के किश्त की रकम पटाने के नाम पर एक करोड़ पच्यासी लाख रूपए की ठगी की। एसडीओपी के मुताबिक एनएमडीसी में नौकरी लगाने के नाम पर भी उसने दीगर जिलों के युवाओ से बीस-बीस हजार रूपए लिए। एसएच ठाकुर ने बताया कि ठगे गए कुटरू के युवक बोदीराम वाचम की शिकायत पर गौरीशंकर दास के खिलाफ थाने में भादवि की धारा 420, 34 के तहत मामला कायम किया गया। पुलिस उसे कोण्डागांव से पकड़कर लाई। उसके घर की तलाशी ली उसके बैग में कागजात मिले। उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया किया है। उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया।

 

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