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14-09-2020
सर्विलेंस दल कर रहे घर-घर जाकर सर्वेक्षण,कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए दे रहे परामर्श

बीजापुर। जिले कोविड-19 संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए एक्टिव सर्विलेंस दलों द्वारा घर-घर जाकर सर्दी, खांसी, बुखार आदि लक्षण वाले व्यक्तियों का सर्वेक्षण करने सहित उनका स्वास्थ्य जांच किया जा रहा है। इसके साथ ही अन्य प्रांत या जिलों से आने वाले लोगों का सर्वेक्षण किया जा रहा है तथा उक्त लक्षण वाले व्यक्तियों का कोरोना जांच किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले में कुल 2281 परिवारों का घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया,जिसमें 160 लोगों में सर्दी, खांसी तथा बुखार के लक्षण पाए गए। इन सभी लोगों का जांच कर उन्हे दवाई उपलब्ध कराई गई। एक्टिव सर्विलेंस दलों द्वारा नगरपालिका परिषद बीजापुर में 138, नगरपंचायत भैरमगढ़ में 74 तथा नगर पंचायत भोपालपटनम में 32 परिवारों का घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया। वहीं भोपालपटनम ब्लाक में 329, बीजापुर ब्लाक में 180, भैरमगढ़ में 1429 तथा उसूर ब्लाक में 333 परिवारों का डोर-टू-डोर सर्वे किया गया। उक्त सर्वेक्षित सभी परिवारों के लोगों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए परामर्श दिया गया । जिला अस्पताल बीजापुर सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भोपालपटनम, आवापल्ली, गंगालूर, भैरमगढ़ और नेलसनार में कोविड-19 की जांच की जा रही है। इसके साथ ही जिले के प्रत्येक ब्लाक में दो-दो मोबाइल टीम के द्वारा कोविड-19 का परीक्षण किया जा रहा हैं।

 

13-09-2020
सर्विलांस दल कर रहा घर घर जाकर स्वास्थ्य जांच,सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ितों को दे रहा दवाई

बीजापुर। जिले कोविड-19 संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए एक्टिव सर्विलांस दलों द्वारा घर-घर जाकर सर्दी, खांसी, बुखार आदि लक्षण वाले व्यक्तियों का सर्वेक्षण करने सहित उनका स्वास्थ्य जांच किया जा रहा है। इसके साथ ही अन्य प्रांत या जिलों से आने वाले लोगों का सर्वेक्षण किया जा रहा है तथा उक्त लक्षण वाले व्यक्तियों की कोरोना जांच की जा रही है। इसी कड़ी में जिले में कुल 4660 परिवारों का घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया, जिसमें 181 लोगों में सर्दी, खांसी तथा बुखार के लक्षण पाये गये। इन सभी लोगों का जांच कर उन्हें दवाई उपलब्ध करायी गयी। एक्टिव सर्विलांस दलों द्वारा नगरपालिका परिषद बीजापुर में 590, नगरपंचायत भैरमगढ़ में 99 तथा नगर पंचायत भोपालपटनम में 66 परिवारों का घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया। वहीं भोपालपटनम ब्लाक में 1753, बीजापुर ब्लाक में 392, भैरमगढ़ में  1345 तथा उसूर ब्लाक में 415 परिवारों का डोर-टू-डोर सर्वे किया गया। उक्त सर्वेक्षित सभी परिवारों के लोगों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए परामर्श दी गई।

कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने जिले में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम सम्बन्धी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने का आग्रह जनसाधारण करते हुए कहा है कि जिले के किसी भी नागरिक को सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत आदि लक्षण दिखायी देने पर तुरंत अस्पताल पहुंच कर कोरोना की जांच करायें। कोरोना वायरस के अन्य लक्षण भी संक्रमित होने के बाद आमतौर पर 2 दिन से लेकर 14 दिन के भीतर उभरने लगते हैं,जिसमें बुखार या ठंड लगना, थकान, शरीर में दर्द, सिर दर्द, स्वाद व सुगंध का न आना, गले में खराश, नाक बहना, उल्टी एवं दस्त का होना भी कोरोना वायरस के लक्षण हैं। इस प्रकार के लक्षण दिखायी देने पर तुरंत नजदीकी कोरोना जांच केन्द्र में पहुंचकर कोरोना जांच करायें। कोरोना संक्रमण से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, बचाव ही सबसे आसान तरीका है। इस दिशा में मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। भीड़ वाले जगहों में जाने से बचें और सजगता के साथ अपने आप का बचाव करें। कोरोना के लक्षण दिखायी देने पर बिना किसी भय के तत्काल अपना परीक्षण अवश्य करवायें।

12-09-2020
कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए सर्विलांस दलों ने घर-घर किया सर्वेक्षण

बीजापुर। जिले कोविड-19 संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए एक्टिव सर्विलांस दलों द्वारा घर-घर जाकर सर्दी, खांसी, बुखार आदि लक्षण वाले व्यक्तियों का सर्वेक्षण करने सहित उनका स्वास्थ्य जांच किया जा रहा है। इसके साथ ही अन्य प्रांत या जिलों से आने वाले लोगों का सर्वेक्षण किया जा रहा है तथा उक्त लक्षण वाले व्यक्तियों का कोरोना जांच किया जा रहा है। इसी कड़ी में 11 सितम्बर को जिले में कुल 2884 परिवारों का घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया, जिसमें 83 लोगों में सर्दी, खांसी तथा बुखार के लक्षण पाये गये। इन सभी लोगों का जांच कर उन्हे दवाई उपलब्ध करायी गयी। एक्टिव सर्वलांस दलों द्वारा 11 सितम्बर को नगरपालिका परिषद बीजापुर में 394, नगरपंचायत भैरमगढ़ में 84 तथा नगर पंचायत भोपालपटनम में 96 परिवारों का घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया।वहीं भोपालपटनम ब्लाक में 1206,बीजापुर ब्लाक में 426, भैरमगढ़ में 413 तथा उसूर ब्लाक में 270 परिवारों का डोर-टू-डोर सर्वे किया गया।उक्त सर्वेक्षित सभी परिवारों के लोगों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए  परामर्श दिया गया।

कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने जिले में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम सम्बन्धी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने का आग्रह जनसाधारण करते हुए कहा है कि जिले के किसी भी नागरिक को सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत आदि लक्षण दिखायी देने पर तुरंत अस्पताल पहुंच कर कोरोना की जांच करायें। कोरोना वायरस के अन्य लक्षण भी संक्रमित होने के बाद आम तौर पर 2 दिन से लेकर 14 दिन के भीतर उभरने लगते हैं,जिसमें बुखार या ठंड लगना, थकान, शरीर में दर्द, सिर दर्द, स्वाद व सुगंध का न आना, गले में खरास, नाक बहना, उल्टी एवं दस्त का होना भी कोरोना वायरस के लक्षण हैं।इस प्रकार के लक्षण दिखायी देने पर तुरंत नजदीकी कोरोना जांच केन्द्र में पहुंचकर कोरोना जांच करायें।जिला अस्पताल बीजापुर सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भोपालपटनम, आवापल्ली, गंगालूर, भैरमगढ़ और नेलसनार में कोविड-19 की जांच की जा रही है। इसके साथ ही जिले के प्रत्येक ब्लाक में दो-दो मोबाईल टीम के द्वारा कोविड-19 का परीक्षण किया जा रहा हैं। जिले के सभी नागरिकों से आग्रह है कि कोविड-19 के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए जिला प्रशासन को सक्रिय सहयोग प्रदान करें। इसके साथ ही जनसाधारण किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह से बचें और अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों के बारे में जानकारी प्रदान करें।

 

02-08-2020
नई शिक्षा नीति में स्कूली बच्चों को सुबह पौष्टिक नाश्ता का प्रस्ताव, होगी छात्रों की नियमित स्वास्थ्य जांच

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मध्याह्न भोजन के साथ सरकारी या सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चों को नाश्ता मुहैया कराने का प्रावधान रखने का भी प्रस्ताव है। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई इस शिक्षा नीति में कहा गया है कि सुबह के समय पोषक नाश्ता मिलना ज्ञान-संबंधी असामान्य मेहनत वाले विषयों की पढ़ाई में लाभकर हो सकता है। इसी के मद्देनजर नई शिक्षा नीति में प्रस्ताव किया गया है कि मध्याह्न भोजन के दायरे का विस्तार कर उसमें नाश्ते का प्रावधान जोड़ा जाए। शिक्षा नीति में कहा गया, ‘जब बच्चे कुपोषित या अस्वस्थ होते हैं तो वे बेहतर रूप से सीखने में असमर्थ हो जाते हैं। इसलिए, बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य (मानसिक स्वास्थ्य सहित) पर ध्यान दिया जाएगा। पोषक भोजन और अच्छी तरह से प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ताओं, काउंसलर, और स्कूली शिक्षा प्रणाली में समुदाय की भागीदारी के साथ-साथ शिक्षा प्रणाली के अलावा विभिन्न सतत उपायों के माध्यम से कार्य किया जाएगा।’ इसमें कहा गया, ‘शोध बताते हैं कि सुबह के समय पोषक नाश्ता ज्ञान-संबंधी असामान्य मेहनत वाले विषयों की पढ़ाई में लाभकारी हो सकता है।

इसलिए बच्चों को मध्याह्न भोजन के अतिरिक्त साधारण लेकिन स्फूर्तिदायक नाश्ता देकर सुबह के समय का लाभ उठाया जा सकता है।’ जिन स्थानों पर गरम भोजन संभव नहीं है,उन स्थानों पर साधारण लेकिन पोषक भोजन मसलन मूंगफली या चना गुड़ और स्थानीय फलों के साथ उपलब्ध कराया जा सकता है।नई शिक्षा नीति में कहा गया है,‘सभी स्कूली छात्रों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाए और उनका शत प्रतिशत टीकाकरण हो। इसकी निगरानी के लिए स्वास्थ्य कार्ड भी जारी किए जाएंगे।’ नई नीति में प्रस्ताव किया गया है कि पांच साल की उम्र के पहले सभी बच्चों को ‘प्रारंभिक कक्षा’ या ‘बालवाटिका’ को भेजा जाए। इसमें कहा गया है, ‘प्रारंभिक कक्षा में पढ़ाई मुख्य रूप से खेल आधारित शिक्षा पर आधारित होगी और इसके केंद्र में ज्ञान-संबंधी, भावात्मक और मनोप्ररेणा क्षमताओं के विकास को रखा गया है। मध्याह्न भोजन कार्यक्रम का विस्तार प्राथमिक स्कूलों की प्राक्-प्रवेश कक्षाओं में भी किया जाएगा।’ शिक्षा नीति के तहत पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई उनकी मातृ भाषा या क्षेत्रीय भाषा में होगी, बोर्ड परीक्षाओं के महत्व को इसमें कुछ कम किया गया है।

15-06-2020
एक भी बच्चा सिग्नल पर भीख माँगते  दिखा तो इसे माना जाएगा चाइल्ड लाइन  की चूक

दुर्ग। सिग्नल पर भीख मांगते बच्चों के मामले में कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने चाइल्ड लाइन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी बच्चा सिग्नल पर भीख माँगता नजर आया तो इसे चाइल्ड लाइन की चूक माना जाएगा। चाइल्ड लाइन और टास्क फोर्स इस संबंध में कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों के पेरेण्ट्स पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि चाइल्ड लाइन की अहम जिम्मेदारी ऐसे सभी बच्चों को लेकर है और इसे पूरी दक्षता से निभाया जाना चाहिए। कलेक्टर ने ऐसे बच्चों के बारे में निर्देश दिए,जिन्होंने अपने अभिभावकों को खो दिया है। उन्हें संरक्षण में लेने और आगे की जिम्मेदारी का निर्वहण करने के लिए निर्देश दिया। ऐसे ही एक नाबालिग बच्ची,जो पहले अपने माता-पिता को खो चुकी है उसके आठवीं के बाद पढ़ाई की जिम्मेदारी लेने के निर्देश दिये। साथ ही एक मूकबधिर बच्चे के रहने और अन्य चीजों की व्यवस्था के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी सबसे अहम है। बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे, इस मामले में त्वरित निर्णय लेना है। समिति की बैठक तय समय पर हो। जहां पर भी इनसे जुड़ी संस्थाओं में पदों की रिक्तियां होती हैं वहां त्वरित कार्रवाई कर पदों को भरे जाने की कार्रवाई करें। जो बच्चे बालगृह में आते हैं उनके सामान्य स्वास्थ्य जांच के अलावा सिकलिन आदि के स्वास्थ्य जांच के संबंध में भी उन्होंने निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पिछली बैठक के एजेंडा पर हुई कार्रवाई के संबंध में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि पिछली बैठक में बच्चों के एजुकेशन पर और सुरक्षा के लिए कैमरे आदि लगाने के विषय में निर्णय हुए थे पर कार्रवाई हुई है। आज बैठक में शासकीय विशेष गृह एवं प्लेस आफ सेफ्टी के निर्माण जल्द आरंभ करने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। लंबित प्रकरणों के शीघ्रताशीघ्र निराकरण के बारे में भी कहा गया। देखरेख संस्थाओं में रिक्त पदों के संबंध में भी जानकारी दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन जैन ने बताया कि यह प्रक्रिया शीघ्र ही पूरी कर ली जाएगी। संकटग्रस्त बालकों के पहचान के लिए पंचायतों में सर्वे किया जा रहा है। कलेक्टर ने अधिकारियों को नियमित मानिटरिंग कर यहां बेहतर व्यवस्थाएं रखने के निर्देश दिए। साथ ही बाल गृह में खेल और पढ़ाई आदि विषयों पर अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में एडीशनल एसपी प्रज्ञा मेश्राम, सीएमएचओ डॉ.गंभीर सिंह ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी  प्रवास सिंह बघेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

10-06-2020
कोरोना संक्रमण को रोकने क्‍वारेंटाइन सेंटरों के आस-पास घरों का किया गया डोर-टू-डोर सर्वे

रायपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने और बीमारी के समुदाय में फैलने से रोकने के लिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम गांव के क्‍वारेंटाइन सेंटर्स से लगे भवन के आस-पास के घरों में संदिग्‍ध की खोज कर रही हैं।
अनलॉक होने के बाद प्रवासी श्रमिकों के बस, ट्रेन, अन्‍य वाहन के साधनों व पैदल ही गांव वापसी होने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में एहतियात बरतते हुए बाहर से आने वाले लोगों की पहचान कर स्‍वास्‍थ्‍य जांच कर अन्‍य लोगों से अलग रहने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं। कोरोना संदिग्‍धों के अलावा ऐसे मरीजों की भी खोज की जा रही है,जो पूर्व में किसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित है। ऐसे लोगों का इम्‍युनिटी लेवल कम होता है,जिससे वे कोरोना वायरस के संक्रमण के जद में आ सकते हैं।मेडिकल टीम मास्‍क, ग्लव्स और पीपीई किट पहनकर ऐसे इलाकों में कोरोना योद्धा बनकर सर्वे कार्य को अंजाम दे रही है। सेक्‍टर खोरपा के अंतर्गत 18 ग्रामों में डोर-टू-डोर 900 घरों का सर्वे किया गया है,जिसमें लक्षण सर्दी, खांसी, बुखार, पेट दर्द, भूख न लगना संबंधित व्‍यक्तियों का  लिस्ट तैयार की गई।

सर्वे के दौरान 56 गर्भवती महिलाएं चिंहाकित की गई,जिन्‍हें अतिरिक्‍त सावधानियां बनाए रखने और समय-समय पर मितानिन और एएनएम से संपर्क कर टीका लगवाने की जानकारी दी गई।कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले के अभनपुर विकासखंड के अंर्तगत खोरपा सेक्‍टर में 16 क्‍वारेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। अन्‍य प्रदेश व जिलों से आने वाले लोगों को स्‍थानीय स्‍कूल, छात्रावास व सामुदायिक भवन को क्‍वारेंटाइन सेंटर में तब्दील कर अस्‍थायी तौर पर श्रमिकों को ठहराया गया है। खोरपा सेक्‍टर सुपर वाइजर एफआर मार्कण्‍डे ने बताया,क्‍वारेंटाइन सेंटर में सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजर का उपयोग करने और साफ सफाई बनाए रखने की जानकारी भी लोगों को में कुल 90 लोगों को क्‍वरेंटाइन सेंटर और 19 लोगों को होम क्‍वारेंटाइन में रखा गया है। उन्‍होंने बताया, क्‍वारेंटाइन सेंटर में 56 पुरुष, 23 महिलाएं और 11 बच्‍चों को ठहराया गया है। फिलहाल इस सेण्टर कोई भी गर्भवती महिला नहीं ठहरी है। शासन द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से क्‍वारेंटाइन सेंटर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

क्‍वारेंटाइन सेंटर के प्रभारी बीपीएम अश्विनी पांडे द्वारा प्रवासी श्रमिकों को क्‍वरेंटाइन अवधि के दौरान व्‍यक्तिगत उपयोग में आने वाले क्‍या-क्‍या जरुरी सामाग्री अपने पास रखना है, इस संबंध में जानकारी दी गई। प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र खोरपा के प्रभारी डीएस नेताम (आरएमए) का कहना है, इस संकट के घड़ी में टीम को हर सदस्‍य का योगदान जरुरी है। कोरोना संकट काल में लगे ड्यूटी कर रहे सभी कोरोना योद्धा ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य संयोजक (आरएचओ) में केके बंजारे, रामेश्‍वर पटेल, अनूप साहू, हरिश तिवारी, गौतम विश्‍वकर्मा व सीएचओ चितेश साहू सक्रिय भागीदार के रुप में भूमिका‍ निभा रहे हैं। आज की इस कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों में ग्राउंड जीरो में परिस्‍थतियों का सामना करने वाले कोरोना वारियर आरएचओ की जरुरत है।

29-05-2020
दो स्पेशल ट्रेन से रायपुर पहुंचे 251 श्रमिक,बेमेतरा-कवर्धा के अधिक

रायपुर। अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और अन्य लोगों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में गोविंदपुरी से चली ट्रेन में शुक्रवार को रायपुर स्टेशन पर बेमेतरा जिले के 165,रायपुर के 10 और बलौदा बाजार के 1 श्रमिक उतरे। इसी तरह सुबह कटरा से चली ट्रेन में कवर्धा जिले के 59 और महासमुंद के 16 श्रमिक रायपुर रेलवे स्टेशन में उतरे। श्रमिकों के रायपुर स्टेशन पहुंचने पर फिजिकल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए उन्हें दो-दो बोगियों से बारी-बारी से उतारा गया। सभी श्रमिकों की मेडिकल टीम ने स्वास्थ्य जांच की।  थर्मल स्क्रीनिंग और पल्स ऑक्सीमीटर से उनके तापमान के साथ-साथ पल्स और ऑक्सीजन सांद्रता की जांच की गई। इसके बाद उन्हें विशेष बसों से उनके जिलों के क्वारेन्टाइन सेंटर भेजा गया। श्रमिकों को 14 दिन क्वेरेंटाइन में रहने और कोरोना से बचाव व रक्षा के लिए सभी निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी गई। श्रमिकों को  रेलवे स्टेशन में ही पैक्ड भोजन भी प्रदान किया गया।

17-05-2020
Video: झारखंड से 6 बसों में रायगढ़ पहुंचे श्रमिक, स्वास्थ्य जांच के बाद भेंजे गए गृह ग्राम

रायगढ़। झारखंड में फंसे छत्तीसगढ़ के सैकड़ों मजदूर 6 बसों से रविवार को रायगढ़ पहुंचे। मजदूरों की बस रायगढ़ पहुंची तो छातामुड़ा चौक में एसडीएम युगल किशोर उर्वाषा व जिला परिवहन अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने मज़दूरों के सफर की जानकारी ली। बस में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के मजदूर थे। रायगढ़ में पहुंचने पर मजदूरों की स्वास्थ्य विभाग ने जांच की। उसके बाद सभी जिले के मजदूरों को अपने-अपने गृह ग्राम में भेजने के लिए उसी बस से रवाना किया गया। मजदूरों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।

 

29-04-2020
Breaking : छत्तीसगढ़ में बगैर जानकारी दिए प्रवेश करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

रायपुर। कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने के पूर्व सीमा में बनाए गए चेक पोस्ट पर श्रमिकों सहित हर उस व्यक्ति को अपनी पूरी जानकारी और यात्रा विवरण देना होगा, जो छत्तीसगढ़ में प्रवेश करेगा। यदि कोई व्यक्ति बिना जानकारी दिए प्रवेश करते पाया जाएगा तो उसके विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवेश के पूर्व लोगों को चेकपोस्ट में अपनी पूरी जानकारी और यात्रा विवरण दर्ज कराना होगा और यहां उनके प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच के बाद ही, उन्हें राज्य की सीमा में प्रवेश दिया जाएगा। यदि कोई इसका उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।

03-04-2020
सीएम ने की घोषणा, दिव्यांगजनों के लिए राज्य स्तर पर 5 करोड़ की राशि से बनेगा मॉडल सेंटर

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार राजधानी रायपुर के माना कैम्प स्थित शासकीय बहुविकलांग गृह पहुंचकर दिव्यांग बच्चों से मुलाकत की और उनसे चर्चा कर उनके शिक्षण-प्रशिक्षण सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे बड़े प्रसन्न हुए। मुख्यमंत्री ने बच्चों से बड़ी ही आत्मीयता से मिले और उन्हें दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर बच्चों ने जसगीत भी प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों का हौसला बढ़ाया और उनके लय के साथ लय भी मिलाया और बच्चों को आशीष भी दिया। दिव्यांग बच्चों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने माना स्थित समाज कल्याण परिसर में दिव्यांगजनों के लिए एक माडल सेन्टर के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा की। इसके लिए 5 करोड़ रूपए प्रदान करने की घोषणा की। माना स्थित लगभग 6 एकड़ में फैले इस परिसर के पुराने बैरकों को तोड़कर दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित एकीकृत भवन का निर्माण किया जाएगा। इसमें दिव्यांगजनों के लिए शिक्षण, प्रशिक्षण, उपचार कृत्रिम अंग सहायक उपकरण निर्माण और कौशल उन्नयन के लिए भवनों एवं केन्द्रों का निर्माण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस केन्द्र में मानसिक के साथ-साथ बहु विकलांग बच्चों के शिक्षण-प्रशिक्षण की निःशुल्क व्यवस्था है। वर्तमान में यहां 27 बच्चे रह रहे हैं। इस केन्द्र में उनके आवास, भोजन, स्वास्थ्य जांच सहित उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अनेक उपकरण एवं सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं।

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