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27-01-2021
किसानों ने 1 फरवरी को होने वाले संसद मार्च को किया रद्द

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा के बाद किसानों ने 1 फरवरी को संसद मार्च की योजना को रद्द कर दी है। किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि 1 फरवरी को बजट पेश किए जाने के दिन संसद मार्च की योजना रद्द कर दी गयी है। किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा पर स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने कहा लाल किला की घटना पर हमें खेद है और हम इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। दर्शन पाल ने कहा कि तीस जनवरी को देश भर में आम सभाएं व भूख हड़ताल आयोजित की जाएंगी, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। 

 

27-01-2021
नए कृषि कानूनों में किसानों की आय बढ़ाने की क्षमताः गीता गोपीनाथ

वॉशिंगटन।  आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा कि भारत में हाल में लागू कृषि कानूनों में किसानों की आय बढ़ाने की क्षमता है, लेकिन साथ ही कमजोर किसानों को सामाजिक सुरक्षा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि को सुधारों की जरूरत है। वॉशिंगटन स्थित वैश्विक वित्तीय संस्थान की मुख्य अर्थशास्त्री ने कहा कि ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां सुधार की जरूरत है।भारत सरकार ने पिछले साल सितंबर में तीन कृषि कानूनों को लागू किया था और इन्हें कृषि क्षेत्र में बड़े सुधारों के रूप में पेश किया गया है, जो बिचौलियों को दूर करेगा और किसानों को देश में कहीं भी अपनी उपज बेचने की आजादी देगा। गोपीनाथ ने नए कृषि कानूनों पर एक सवाल के जवाब में कहा, इनसे किसानों के लिए बाजार बड़ा हो रहा है। अब वे बिना कर चुकाए मंडियों के अलावा कई स्थानों पर भी अपनी पैदावार बेच सकेंगे। और हमारा मानना है कि इसमें किसानों की आय बढ़ाने की क्षमता है।
उन्होंने कहा, जब भी कोई सुधार किया जाता है, तो उससे होने वाले बदलाव की एक कीमत होती है। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इससे कमजोर किसानों को नुकसान न पहुंचे। यह सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराई जा सकती है। अभी एक फैसला किया गया है, और देखना होगा कि इसका क्या नतीजा सामने आता है।ष् भारत में हजारों किसान नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हैं। इस सिलसिले में किसान संगठनों की सरकार के साथ कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है, हालांकि उसका कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।

27-01-2021
किसानों की आड़ में पार्टियां अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैः धरमलाल कौशिक

रायपुर। दिल्ली में किसान आंदोलन के नाम पर हिंसा होने के बाद से नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे के बयान पर पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि दिल्ली और लाल किले में किसानों के नाम पर तांडव किया गया। ट्रैक्टर का विभत्स रुप भी गणतंत्र दिवस के रुप में देखने को मिला। दिल्ली में नेता भाषण दे रहे हैं कि अवसर अच्छा है उन्हें ठोक दा। किसानों को भ्रम में डालकर भड़काने वाले नेता कौन है, इसका भी प्रमाण है। किसानों की आड़ में पार्टियां अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। कौशिक ने राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को चावल कौन भेज रहा है। आंदोलन के लिए कौन ट्रक में चावल भेज रहा है। सरकार स्वयं उन लोगों को पनाह दे रही है। पनाह देने वालों के तार कहां तक जुड़े हैं इसकी जांच होनी चाहिए। दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन जो हुआ वह सीधा-सीधा विश्वासघात हैद्य सरकार को ऐसे मामलों से निपटना आता है।

 

26-01-2021
किसानों को समझाने दिल्ली पुलिस ने अपनाई गांधीगिरी, सड़क पर बैठे अधिकारी

रायपुर/ नई दिल्ली | लाल किले पर किसान अभी भी अड़े हुए है | प्रदर्शन लगातार जारी है | किसान नेताओं का कहना है की किसान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे है | बता दें की दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का अबतक इस किसान आंदोलन पर कोई बयान नहीं आया है | इसी बीच एक अलग तरीके की खबर सामने आ रही है | बता दें पुलिस अधिकारियों ने पहले किसानों को समझाने की कोशिश की जब वे नहीं माने तो कई अधिकारी एकसाथ सड़क पर बैठ गए है | अधिकारीयों ने किसानो को समझाने गांधीगिरी का रास्ता अपनाया है |

26-01-2021
दिल्ली बॉर्डर में बवाल, किसानों की ट्रैक्टर परेड शुरू

रायपुर/नई दिल्ली। तीन कृषि कानूनों के विरोध में गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों की मंगलवार को ट्रैक्टर रैली हो रही है। दिए गए समय से पहले ही किसानों ने सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर बैरिकेड्स तोड़ दिए, जिसके कारण हंगामा मचा हुआ है। पुलिस ने इससे पहले दावा किया था कि दिल्ली आने वाले सभी बॉर्डर सील है। मंगलवार को आंदोलन का 62वां दिन है। गणतंत्र दिवस की परेड से पहले ही किसानों ने अपना ट्रैक्टर मार्च निकालना शुरू कर दिया है। मुकरबा चौक से किसानों ने रिंग रोड की तरफ बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। शुरुआती बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की गई। रिंग रोड पर करीब 200 से ज्यादा किसानों के वाहन आगे बढ़े हैं। कुछ सिख किसानों ने पुलिस की बस पर लाठियों से अटैक किया है। पुलिस की तरफ से दी गई सभी गाइडलाइन को यहां नजरअंदाज किया जा रहा है।

24-01-2021
कृषि कानून के विरोध में किसानों ने निकाली नासिक से मुंबई के लिए 180 किमी लंबी रैली

मुंबई। नए कृषि कानून के विरोध में महाराष्ट्र के 21 जिलों के किसान नासिक में इकट्ठा हुए और अब वो नासिक से मुंबई के लिए 180 किलोमीटर लंबी रैली निकाल रहे हैं। मुंबई पहुंचकर किसान एक सभा करेंगे, जिसमें एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार भी शामिल हो सकते हैं। हजारों किसान ऑल इंडिया किसान सभा के बैनर तले सड़क मार्ग के जरिए मुंबई की ओर जा रहे हैं। शरद पवार शुरू से ही इस पूरे मामले में नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही पीएम मोदी ने किसानों की समस्याओं को नहीं सुलझाया तो उसके गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे। साथ ही किसी के धौर्य की परीक्षा सरकार को नहीं लेनी चाहिए।

वहीं पिछले दो महीनों में सरकार और किसान संगठनों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार नए कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच किसानों ने गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली निकालने की योजना बनाई है। ये रैली आउटर रिंग रोड पर निकलेगी, जिससे गणतंत्र दिवस के आधिकारिक समारोह में कोई व्यवधान ना पैदा हो।

 

22-01-2021
किसानों और भाजपाईयों का सरकार के खिलाफ हल्ला बोल

कोंडागांव। जिला मुख्यालय में आज किसानों द्वारा धान के उठाव ,बारदानों की कमी ,और शासन प्रशासन से किसानों को हो रही परेशानियों को लेकर धरना प्रदर्शन का आयोजन एनसीसी ग्राउंड में  किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में किसान उपस्थित हुए। किसानों के  इस आंदोलन को  भाजपा द्वारा पूर्ण समर्थन देकर उनकी समस्याओं के तत्काल निराकरण करने की मांग  शासन से की गई। इस दौरान सभा को  मनोज जैन  ,जिलाध्यक्ष दीपेश अरोरा  , झाड़ी सलाम ,अंजोरी नेताम, पूर्व विधायक सेवक नेताम , पूर्व मंत्री एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष  लता उसेंडी ने भी संबोधित किया। सभा के पश्चात सभी किसान एवं भाजपाई पैदल  ही रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे। पुलिस प्रशासन द्वारा बेरिकेड्स लगाकर किसानों और भाजपाइयों को मुख्य द्वार के पूर्व ही रोक दिया गया। इससे समस्त भाजपाई  और किसान उग्र हो गए और कलेक्टर से मिलने और उन से चर्चा करने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। बेरीकेड्स तोड़कर आगे जाने का प्रयास किया गया, जिसे पुलिस प्रशासन द्वारा पूरी तरह विफल करते हुए उन्हें आगे जाने से रोका गया। इस दौरान स्थिति को नियंत्रण करने के लिए  पुलिस ने आंदोलनरत किसानों और  भाजपाइयों की गिरफ्तारी शुरू कर दी। इस दौरान सभी किसानों और भाजपाईयों ने स्वमेव अपनी गिरफ्तारी दी।

 

22-01-2021
कांग्रेस सरकार ने 2 साल में किसानों से किए वादों को पूरा किया

गरियाबंद। प्रदेश कांग्रेस के आव्हान पर गरियाबंद जिला कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारियों ने गरियाबंद के स्थानीय विश्राम के पत्रकारों से चर्चा की। कांग्रेस पदाधिकारियों ने भाजपा की पूर्व सरकार की झूठी घोषणाएं पर नाराजगी जताई। भूपेश सरकार के द्वारा किए गए वादे के अनुरूप 2500 रूपए किसानों को समर्थन मूल्य देना। अब तक धान की खरीदी व भुगतान होने को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर विशेष रूप से विधायक प्रतिनिधि नरेंद्र देवांगन,  ग्रामीण कांग्रेस के अध्यक्ष पिंटू खान,शहर कांग्रेस अध्यक्ष दिलीप सिन्हा, सेवा गुप्ता, रमेश मेश्राम,अवध राम,ओम राठौर, राजेश साहूख् सफीक खान, विनोद राजपूत, भूषण दीवान के साथ ही अनेक लोग उपस्थित थे। पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा गया कि पूर्व से 15 सालों में जो रमन सिंह ने प्रदेश की जनता के साथ धोखाधड़ी की है वह आज सबके सामने है।  हमारे नेता राहुल गांधी ने सीधे तौर पर घोषण की थी कि हम हमारी सरकार बनते ही हम सिर्फ 2 घंटे में किसानों की ऋण माफ कर देंगे। धान का समर्थन मूल्य 2500 घोषणा करेंगे। वह सीधा भूपेश बघेल ने शपथ लेते ही इसको वायदे को सबसे पहले निभाया है और इसके बाद लगातार किसानों के हित में फैसला लिया जा रहा है। आज हम 15  सालों में जो पूर्व सरकार ने धान खरीदा था उसका आकलन किया जाए तो उस हिसाब से हम इस साल धान की खरीदी में काफी आगे हैं। किसानों का लगभग 85 प्रतिशत धान की खरीदी हो चुकी है वहीं दूसरी ओर लगभग 70 से 75 प्रतिशत का भुगतान भी हो चुका। 2 साल में भूपेश बघेल की सरकार ने जो किसान,गरीब,मजदूर, आदिवासी और अन्य लोगों के लिए घोषणा कर उनको लाभ पहुंचाया है वह सबके सामने है। 

22-01-2021
किसानों के मुद्दे पर प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेरने निकले 1000 भाजपाइयों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की

गरियाबंद। किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर शुक्रवार को भाजपाइयों ने गरियाबंद में बड़ा प्रदर्शन किया। धरने के बाद 1 हजार से अधिक भाजपा कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट घेरने निकले। किंतु रास्ते में पुलिस जवानों ने भाजपाइयों को रोककर अस्थाई जेल के रूप में सरस्वती शिशु मंदिर ले गए। इस दौरान भाजपाइयों और पुलिस के बीच काफी देर जमकर धक्का-मुक्की होती रही। इस आंदोलन में प्रमुख रूप से पूर्व सांसद चंदूलाल साहू,बिंद्रा नवागढ़ के विधायक डमरूधर पुजारी, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय,पूर्व विधायक गोवर्धन मांझी,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्वेता शर्मा तथा गरियाबंद नगरपालिका अध्यक्ष गफ्फू मेमन विशेष रूप से उपस्थित थे। भारतीय जनता पार्टी ने जिला मुख्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन करते हुए भूपेश सरकार पर जमकर आरोप लगाए। किसानों को छलने, सहित सरकार को गूंगी बहरी बताया। कार्यक्रम को प्रमुख रूप से पूर्व सांसद चंदूलाल साहू,विधायक डमरुधर पुजारी,पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी, पूर्व विधायक संतोष उपाध्याय,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्वेता शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष गफ्फार मेमन,मिलेशवरी साहू,विभा अवस्थी, बलदेव सिंह हुंदल, जिला भाजपा अध्यक्ष राजेश साहू, सुरेंद्र सोनटके ने कहा कि असफलताओं का नया कीर्तिमान रचने वाली कांग्रेस सरकार उखाड़ फेंकने की शुरुआत आज हो रही है। मुख्यमंत्री ने अपने बड़े नेताओं को टीवी के सामने लाकर गंगाजल की शपथ दिला कर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर सत्ता हासिल की और फिर ठग दिया। भोली-भाली जनता ने उनके धोखा किया  वादाखिलाफी का बूत के स्तर पर पर्दाफाश करना हैं  
धरना देने के बाद 1000 से अधिक भाजपाइयों ने जिला कलेक्ट्रेट के घेराव के लिए निकले लेकिन तिरंगा चौक से पहले ही रोककर अस्थाई जेल के रूप में सरस्वती शिशु मंदिर में ले जाया गया। इसके पूर्व भाजपाइयों तथा पुलिस के बीच काफी देर तक धक्का- मुक्की होती रही।

 

22-01-2021
किसानों के मुद्दों पर भाजपा ने किया प्रदर्शन

कांकेर। किसानों से वादा खिलाफी, धान खरीदी में अव्यवस्था, बारदानों की समस्या सहित किसानों जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। भाजपा ने सरकार पर निशाना साधते किसानों से छलावा और निरंकुश सरकार होने का आरोप लगाया। धरना प्रदर्शन के उपरांत पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी के नेतृत्व में रैली निकाल कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करने निकले भाजपाईयों से पुलिस की झुमाझपटी भी हुई। अंत में भाजपाईयों ने अपनी गिरफ्तार देकर प्रदर्शन समाप्त किया।

 

21-01-2021
जिले में 1,77,965 किसानों से 7,68,567.12 मैेट्रिक टन धान का उपार्जन, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध

जांजगीर चांपा। कलेक्टर यशवंत कुमार केे मार्ग निर्देशन में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले में पंजीकृत 1,88,425 कृषकों में से अब तक लगभग 1,77,965 किसानों से लगभग 7,68,567.12 मैट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। गत वर्ष इसी अवधि में 1,25,892 किसानों से 5,80,135.89 मे.टन धान का उपार्जन किया गया था। इस प्रकार गत वर्ष की तुलना में अब तक लगभग 42 प्रतिशत अधिक कृषकों से धान का उपार्जन किया जा चुका है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले में अब तक लगभग 95 प्रतिशत पंजीकृत कृषक अपने धान का विक्रय कर चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी हेतु निर्धारित अंतिम तिथि तक जिले के शेष किसानों से धान उपार्जन की प्रक्रिया जारी रहेगी। जिले में धान बेचने वाले कृषकों को विक्रय किये गये धान के एवज में अब तक 14.36 करोड़ रूपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए जिले में कुल 1,88,425 किसानों का पंजीयन किया गया, जो गतवर्ष पंजीकृत कृषक संख्या 1,73,239 की तुलना में लगभग 15,186 अधिक है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु जिले में कुल 2,20,302.96 हेक्टेयर धान के रकबे का पंजीयन किया गया है, जो गतवर्ष पंजीकृत रकबे 2,19,606.90 हेक्टेयर रकबे की तुलना में लगभग 696.06 हेक्टेयर अधिक है। इस वर्ष गिरदावरी के माध्यम से जिले में लगभग 20,226 नवीन किसानों के 14,059.06 हेक्टेयर नवीन रकबे का भी पंजीयन किया गया है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले में 8 लाख मेेैट्रिक टन धान का उपार्जन अनुमानित है। उक्त  अनुमान के विरूद्ध जिले में अब तक लगभग 0.30 लाख मे.टन धान का उपार्जन किया जाना शेष है। उक्त शेष धान के उपार्जन के लिए लगभग 1,550 गठान बारदानों की आवश्यकता होगी, जिसके विरूद्ध पर्याप्त (2900 गठान) बारदाने की व्यवस्था् जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित कर ली गई है। पीडीएस दुकानों से अतिरिक्त  बारदानों की आपूर्ति करने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत माह फरवरी 2021 के खाद्यान्न् आबंटन का वितरण माह जनवरी में किया जा रहा है। इस प्रकार जिले में शेष खरीदी हेतु आवश्यक बारदानों की शतप्रतिशत उपलब्धता जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जा चुकी है। 

 

21-01-2021
सोलर ड्यूल पंप बना बहुउपयोगी,अब पानी के लिए दूरियां हुई कम और बढ़ी आमदनी

रायपुर। ग्रामीणों और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए क्रेडा विभाग सोलर ड्यूल पंप के माध्यम पानी उपलब्ध करा रहा है। सौर ऊर्जा से जल की उपलब्धता ग्रामीणों के पेयजल व अन्य निस्तारी सहित बहुउपयोगी साबित हो रही है। इस योजना की वजह से अब आश्रित महिलाओं को पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता है। अब उन्हें पास में ही सुगमता से पानी उपलब्ध हो जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि क्रेडा विभाग की योजना के तहत पहले से किसानों के खेती-बाड़ी में उपलब्ध बोरवेल में सोलर ड्यूल पंप स्थापित किया जाता है। इससे दिन के समय सौर विकिरणों की उपल्बधता होने पर बिना परिश्रम के पेय व अन्य कार्यों के लिए जल की उपलब्धता हो जाती है। इस  व्यवस्था में सोलर पंप के साथ-साथ 5 से 10 हजार लीटर की टंकी भी एक निश्चित ऊंचाई पर स्थापित की जाती है। जो निकट स्थापित 4 स्टैंड पोस्ट के नलों से जल निकासी के लिए अतिरिक्त व्यवस्था उपलब्ध कराता है। इसके साथ ही नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के तहत बाड़ी विकास को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। जल की उपलब्धता से ग्रामीण साग-सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। उत्पादित साग-सब्जी का उपयोग घर के लिए करने के साथ-साथ अतिरिक्त आमदनी के लिए विक्रय भी किया जा रहा है। इससे उन्हें घर-परिवार की जरुरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।

 

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