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13-12-2019
ब्रिटेन के आम चुनाव में भारतीय मूल के प्रत्याशियों ने दर्ज की शानदार जीत

नई दिल्ली। ब्रिटेन में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने शुक्रवार को आम चुनाव में जीत दर्ज की। इन उम्मीदवारों ने ब्रिटेन की दोनों पार्टियों कंजर्वेटिव और लेबर पार्टी से चुनाव लड़ा था। साथ ही चुनावी नतीजें प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के पक्ष में रहे। जॉनसन ने चुनाव में जीत दर्ज करते हुए नए साल में ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से अलग करने की राह आसान कर दी है। भारतीय मूल के सभी पुराने सांसदों ने अपनी सीटों पर सफलतापूर्वक कब्जा बरकरार रखा। वहीं कंजर्वेटिव पार्टी से गगन मोहिंद्रा, क्लेयर कोटिन्हो और विपक्षी लेबर पार्टी के नवेंद्रु मिश्रा पहली बार सांसद बने। गोवा मूल की कोटिन्हो ने 35,624 मतों के साथ सुर्रे ईस्ट सीट पर जीत दर्ज की। महिंद्रा ने हर्टफोर्डशायर साउथ वेस्ट सीट पर जीत दर्ज की।
भारतीय मूल के सांसदों में ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल भी शामिल हैं। उनके जॉनसन के नए मंत्रिमंडल में भी जगह बनाने की संभावना है। पटेल ने एस्सेक्स में विदहाम सीट से जीत हासिल की। उन्होंने कहा, हम प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और ब्रेग्जिट हमारी प्राथमिकता है। समझौता तैयार है और हम आगे बढ़ना चाहते हैं। वहीं, इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनाक और पूर्व अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री आलोक शर्मा ने भी जीत हासिल की। शैलेश वारा नॉर्थ वेस्ट कैम्ब्रिजशायर से जीते और गोवा मूल की सुएला ब्रेवरमैन ने फेयरहाम से जीत दर्ज की। लेबर पार्टी के नवेंद्रु मिश्रा ने स्कॉटपोर्ट सीट जीत ली और वह पहली बार संसद जाएंगे। पिछले चुनाव में पहली ब्रिटिश सिख महिला सांसद बनकर इतिहास रचने वाली प्रीत कौर गिल ने बर्मिंघम एडबास्टन सीट पर दोबारा जीत हासिल की। पगड़ी पहनने वाले पहले सिख सांसद तनमनजीत सिंह धेसी भी हाउस ऑफ कॉमन्स में लौटेंगे।

 

13-11-2019
पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को मिली इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति, लगाई गई शर्ते

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को आखिरकार इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मिल गई है। पाक प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नवाज शरीफ का नाम उन लोगों की सूची से हटा दिया गया है जिनके विदेश जाने पर रोक है। हालांकि, इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने शर्त रखी है कि अगर वह इलाज करवाकर वापस लौटने और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने का वादा करते हुए जमानत पत्र पर दस्तखत करते हैं तो ही उन्हें अनुमति दी जाए। पाक रेल मंत्री राशिद अहमद ने बताया कि मंत्रिमंडल ने शर्तों के साथ नवाज शरीफ को विदेश जाने की अनुमति दी है। बता दें कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) के प्रमुख नवाज शुक्रवार को डॉक्टरों की सलाह मानते हुए इलाज के लिए ब्रिटेन जाने को राजी हो गए थे, लेकिन सूची में अपना नाम के चलते वह ऐसा कर नहीं पाए।

बता दें कि पीएमएल-एन की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने सोमवार को ट्वीट किया था कि डॉक्टरों के अनुसार, शरीफ के विदेश जाने की प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता है। बता दें कि शरीफ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। जिसमें उनका गिरता हुआ प्लेटलेट काउंट भी शामिल है। वर्तमान में शरीफ की देखभाल लाहौर के नजदीक आवास पर हो रही है। जहां एक आईसीयू स्थापित किया गया है।

12-11-2019
13 नवंबर को प्रिंस चार्ल्स आएंगे भारत, राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल  

नई दिल्ली। ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स बुधवार को अपनी दसवीं भारत यात्रा पर यहां आ रहे हैं। इस अवसर पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रहेगी। चार्ल्स अपनी इस दो दिवसीय यात्रा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में वह जलवायु परिवर्तन और स्थायी वित्तीय व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। चार्ल्स, गुरु नानक की 550 वीं जयंती के अवसर पर गुरुद्वारा भी जाएंगे। ब्रिटिश उच्चायोग के अनुसार, यह प्रिंस ऑफ वेल्स की 10वीं आधिकारिक यात्रा है। इस यात्रा से ब्रिटेन-भारत के संबंधों को और मजबूती मिलेगी। बैठक में सतत विकास और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों पर ध्यान दिया जाएगा। आयोग के अनुसार प्रिंस चार्ल्स राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। अपनी यात्रा के दौरान, वह सामाजिक विकास के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए एक भारतीय विजेता को कॉमनवेल्थ 'प्वॉइंट्स ऑफ लाइट' पुरस्कार प्रदान करेंगे।

 

30-10-2019
'विपक्षी दल को भी देनी चाहिए कश्मीर का दौरा करने की मंजूरी'

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर आए यूरोपीय संघ के सांसदों ने बुधवार को कहा कि भारत सरकार को विपक्षी दलों के नेताओं को भी कश्मीर घाटी का दौरा करने की अनुमति देनी चाहिए। अगर आप यूरोपीय संघ के सांसदों को यहां आने की अनुमति दे सकते हैं तो भारत के विपक्षी नेताओं को भी मंजूरी दे देनी चाहिए। यूरोपीय संघ ने कहा कि अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला है और वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह देश के साथ खड़े हैं। घाटी के दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन यूरोपीय संघ के 23 सांसदों के शिष्टमंडल ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने आतंकवादियों द्वारा पश्चिम बंगाल के पांच मजदूरों की हत्या किए जाने की घटना की निंदा भी की। फ्रांस के हेनरी मेलोसे ने कहा कि अनुच्छेद 370 की बात करें, तो यह भारत का आंतरिक मामला है। हमारी चिंता का विषय आतंकवाद है जो दुनियाभर में परेशानी का सबब है और इस लड़ाई में हमें भारत के साथ खड़ा होना चाहिए। कश्मीर के हालात को देखते हुए यूरोपीय संघ के कई सांसदों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। ब्रिटेन के न्यूटन डन ने इस दौरे को आंखे खोलने वाला दौरा बताया। डन ने कहा कि हम यूरोप से आते हैं, जो वर्षों के संघर्ष के बाद अब शांतिपूर्ण स्थान है। हम भारत को दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश बनता देखना चाहते हैं। पोलैंड के सांसद रेजार्ड जारनेकी ने कहा, ऐसा लगता है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने जो दिखाया वह पक्षपातपूर्ण था। हमने जो देखा है, अपने देश लौटकर हम उसकी जानकारी देंगे। आतंकवादी एक देश को बरबाद कर सकते हैं। आतंकवाद के खिलाफ  लड़ाई में हम भारत के साथ खड़े हैं। बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाया गया था, तब शांति-व्यवस्था के लिए ऐहतियातन कुछ कदम उठाए गए थे। हालात सामान्य होते ही सब पाबंदियां हटा ली गई हैं। अब हमारे पास छिपाने को कुछ नहीं है, सिर्फ  दिखाने को है। कांग्रेस के नेता गुलमर्ग जाएं, अनंतनाग जाएं, सैर करें, घूमें-टहलें। उन्हें किसने रोका है? अब तो आम पर्यटकों के लिए भी कश्मीर खोल दिया गया है।

26-10-2019
धनतेरस के बाद सोना, चांदी की चमक फीकी, कीमत में आई गिरावट

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं में रही तेजी लेकिन घरेलू स्तर पर फीकी धनतेरस के बाद शनिवार को ग्राहकी नहीं रहने से सर्राफा बाजार में सोना 50 रुपये उतरकर 39870 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा और इस दौरान चांदी भी 50 रुपये टूटकर 47750 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंदन और न्यूयार्क से मिली जानकारी के अनुसार सप्ताहांत पर सोना हाजिर बढ़त के साथ 1504.30 डॉलर प्रति औंस पर रहा। दिसंबर का अमेरिकी सोना वायदा 1503.70 डॉलर प्रति औंस पर रहा। इस दौरान चांदी चमककर 18 डॉलर प्रति औंस बोली गई। विश्लेषकों का कहना है कि ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर होने पर दिसंबर में जनमत संग्रह कराये जाने के ब्रिटेन की घोषणा के बाद से वहां की मुद्रा पर दबाव बना है जिसके कारण डॉलर में तेजी आई है। डॉलर में रही तेजी से कीमती घातुओं में भी बढ़ोत्तरी हुई है। 

 

15-10-2019
दिवाली, धनतेरस से पहले सोना 200 रुपए चढ़ा, चांदी 450 रुपए मजबूत

नई दिल्ली। दिवाली और धनतेरस से पहले जेवराती मांग आने से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना मंगलवार को 200 रुपये चमककर 39,570 रुपये प्रति 10 ग्राम पर और चाँदी 450 रुपये की छलांग लगाकर करीब एक सप्ताह के उच्चतम स्तर 47,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। विदेशों में दोनों कीमती धातुओं में रही मामूली गिरावट का असर स्थानीय बाजार पर नहीं दिखा। लंदन एवं न्यूयॉर्क से मिली जानकारी के अनुसार, सोना हाजिर 0.1 प्रतिशत लुढ़ककर 1,490.70 डॉलर प्रति औंस रह गया। दिसंबर का अमेरिकी सोना वायदा 1.20 डॉलर चढ़कर 1,498.80 डॉलर प्रति औंस बोला गया।
बाजार विश्लेषकों ने बताया कि ब्रेक्जिट पर इस सप्ताह के अंत में होने वाली बैठक से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण आज सोने में मामूली गिरावट देखी गई। गुरुवार और शुक्रवार को ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच होने वाली बैठक में यह तय होगा कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते के बाहर होगा या उनके बीच कोई समझौता होगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी हाजिर भी 0.2 प्रतिशत लुढ़ककर 17.61 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

04-10-2019
 'तेजस' का रेलकर्मियों ने किया विरोध, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

नई दिल्ली। तेजस के नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने पर रेलवे कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उत्तरी रेलवे मजदूर यूनियन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि तेजस की शुरुआत रेलवे के निजीकरण की दिशा में एक और कदम है। इस दौरान सुरक्षाकर्मी मुस्तैद थे। यूनियन के डिवीजनल प्रेजीडेंट आलोक प्रकाश ने कहा कि रेलवे देश की जनता के लिए शुरू की गई सेवा है। इसमें 'नो प्रॉफिट नो लॉस' के आधार पर सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। तेजस जैसी ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद रेलवे कर्मियों के रिटायरमेंट के बाद नई भर्तियां नहीं की जा रही हैं। ब्रिटेन में सरकार रेलवे को निजी कंपनियों से अपने अधीन कर रही है तो भारत में इसे निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। यात्रियों को मिलने वाली सुविधा के लिहाज से किराया भी दोगुना लिया जा रहा है। रेलवे कर्मियों ने रिटायरमेंट उम्र और 33 वर्ष की नौकरी पूरी कर चुके कर्मियों का डाटा तैयार करने को भी निजीकरण की दिशा में कदम बताया। रेलवे स्टेशन पर तिरंगा और प्लाकार्ड के साथ कर्मियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ  खूब नारेबाजी की। उन्होंने सरकार से रेल कर्मियों और यात्रियों के हितों का ध्यान रखते हुए पहल करने की मांग की। इस मौके पर उत्तरी रेलवे मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव बीसी शर्मा और प्रेजीडेंट सोमनाथ मालिक भी मौजूद थे। 

 

 

23-07-2019
ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री होंगे बोरिस जॉनसन 

नई दिल्ली। ब्रिटेन को नया प्रधानमंत्री मिल गया है। पीएम पद के लिए आमने-सामने रहे बोरिस जॉनसन और जेरेमी हंट के बीच बाजी बोरिस जीते हैं। बोरिस बुधवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। बोरिस जॉनसन दो बार सांसद रहे चुके हैं। इसके अलावा विदेश मंत्री और लंदन के मेयर की भूमिका भी उन्होंने निभाई है। इसके साथ ही बोरिस टेलीग्राफ अखबार में साप्ताहिक कॉलम भी लिखते हैं। इसके अलावा बोरिस गर्लफ्रेंड के साथ रिश्तों को लेकर भी चर्चा में हैं।

16-06-2019
जानें कब हो जाए वर्षा, ब्रिटेन के औद्योगिक शहर मैनचेस्टर में काले बादलों का डेरा

 

नई दिल्ली। ब्रिटेन के औद्योगिक शहर मैनचेस्टर में रविवार को आसमान में बादलों का डेरा है। ऐसे में भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमों के बीच रविवार को ओल्ड ट्रेफर्ड स्टेडियम में होने वाले आईसीसी विश्व कप-2019 के महामुकाबले में बारिश के धमकने की पूरी आशंका है। मैच भारतीय समयानुसार 3 बजे और स्थानीय समयानुसार 10.30 बजे शुरू होना है। 
ग्लोबल वेदर वेबसाइट-टाइम एंड डेट डॉट काम के मुताबिक मैनचेस्टर समयानुसार सुबह 10 बजे तक तो बारिश की कोई सम्भावना नहीं है लेकिन दोपहर में बारिश हो सकती है। वेबसाइट लिखती है कि सुबह के समय भी आसमान पर बादलों का डेरा रहेगा, लेकिन बारिश नहीं होगी। 10 बजे के बाद भी बादल ज्यों के त्यों बने रहेंगे लेकिन इसके बाद शाम तक रुक-रुककर बारिश हो सकती है। बारिश की आशंका मुख्यतया दोपहर दो बजे के बाद जताई गई है। 
दोपहर में 1.6 मिलीमीटर बारिश हो सकती है और यहां का अधिकतम तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस तक बना रहेगा। मौसम की भविष्यवाणी पर यकीन करें तो मैच समय से शुरू होगा लेकिन बाद में इसमें व्यवधान पडऩे की पूरी आशंका है। मैच के रद्द होने की सम्भावना कम है लेकिन इतना जरूर है कि इसमें डकवर्थ लेविस नियम का प्रवेश जरूर होगा।

06-05-2019
ब्रिटेन के शाही परिवार में आया नया मेहमान लेकिन नहीं मिलेगी उसे प्रिंस की पदवी

लंदन। ब्रिटेन के शाही परिवार के लिए आज सोमवार का दिन खुशी का रहा। आज सुबह प्रिंस हैरी की पत्नी मेगन मर्केल ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है। शाही परिवार के सूत्रों के अनुसार इस नए मेहमान को एक नियम के कारण  प्रिंस का खिताब नहीं मिल सकेगा। इसके बजाय उसे लॉर्ड का खिताब दिया जाएगा। दरअसल प्रिंस विलियम और प्रिंस हैरी के परदादा किंग जॉर्ज पंचम ने 1971 में एक नियम बनाया था। इसके तहत शाही परिवार के सदस्यों को मिलने वाले खिताबों की संख्या सीमित कर दी गई थी। नियम के मुताबिक महाराजा के बड़े बेटे के पोते के बच्चों को हर खिताब हासिल करने का मौका मिलेगा। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो प्रिंस ऑफ  वेल्स के सबसे बड़े बेटे का जीवित सबसे बड़ा बेटा ही इस खिताब का हकदार होगा। साफ  है कि जब तक प्रिंस चाल्र्स जीवित हैं, तब तक प्रिंस हैरी के बेटे को प्रिंस का खिताब हासिल नहीं होगा। माना जा रहा है कि प्रिंस हैरी और मेगन के बेटे को लॉर्ड का खिताब दिया जा सकता है। हालांकि, अगर महारानी एलिजाबेथ चाहें तो इस नियम को बदलकर शाही परिवार के नए सदस्य को प्रिंस के खिताब से नवाज सकती हैं। इसके लिए उन्हें एक पेटेंट लेटर जारी करना होगा। वर्ष 2015 में एलिजाबेथ ने प्रिंस विलियम के बेटे जॉर्ज को प्रिंस का टाइटल दिया था। इसके बाद उनकी बहन प्रिंसेज शर्ले और भाई प्रिंस लुई को भी यह उपाधि दी गई। माना जा रहा है कि प्रिंस हैरी के बेटे के मामले में भी महारानी एलिजाबेथ हस्तक्षेप कर सकती हैं। यह भी माना जा रहा है कि प्रिंस हैरी और मेगन अपने बेटे के लिए हिज हाइनेस का खिताब भी स्वीकार नहीं करेंगे। दरअसल दोनों चाहते हैं कि उनका बच्चा शाही चमक-दमक से दूर रहकर सामान्य जीवन जिए।

28-04-2019
कोहिनूर हीरे के लिए ब्रिटेन को नहीं दे सकते कई आदेश :  सुप्रीम कोर्ट 

नई दिल्ली। देश की शीर्ष अदालत ने ब्रिटेन में मौजूद कोहिनूर को वापस लाने संबंधी याचिका पर दिए अपने पुराने फैसले की समीक्षा संबंधी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने कोई ऐसा आधार नहीं पाया, जिसके तहत पूर्व में दिए गए आदेश की समीक्षा की जा सके। बेंच ने क्यूरेटिव पिटिशन खारिज करते हुए कहा कि इसमें कोई मेरिट नहीं है और याचिकाकर्ता इस संबंध में कोई उपर्युक्त वजह नहीं बता सका है कि क्यों इस मामले पर कोई सुनवाई की जाए। पीठ ने अपने हालिया आदेश में कहा कि हमने क्यूरेटिव पिटिशन के साथ दिए गए कागजात देखे। हमारी राय में रूपा अशोक हुर्रा बनाम अशोक हुर्रा और अन्य के मामले में तय मानकों के तहत कोई मामला नहीं बनता। ऐसे में यह क्यूरिटिव पिटीशन खारिज की जाती है। पांच जजों की पीठ में जस्टिस एसए बोब्डे, जस्टिस एन रमन्ना, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एसके कौल शामिल थे। इससे पहले अदालत ने एनजीओ, ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस फ्रंट की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई की थी। उस वक्त अदालत ने कहा था कि  कोहिनूर हीरे के साथ क्या करना है, वह इस संबंध में ब्रिटेन को आदेश नहीं दे सकता। अदालत ने पूछा कि दो देशों के बीच संबंधों से जुड़ी कोई याचिका, जो उनके न्यायाधिकार में नहीं है वह सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंच जाती है।

 

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