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19-11-2019
खाना खाकर टहल रहे थे सहायक उपनिरीक्षक, बाइक ने मार दी ठोकर

कांकेर। कोयलीबेड़ा थाना में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक को बाइक से ठोकर मारने वाले आरोपी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार सहायक उपनिरीक्षक गिरी चंद्रा कुर्रे ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह खाना खाकर टहल रहे थे उसी दौरान आरोपी बाइक क्रमांक सीजी 19 बीके 5953 के चालक प्रदीप दर्रो निवासी सुलंगी ने तेज एवं लापरवाही पूर्वक चलाते हुए ठोकर मार दी जिससे उनको चोट आई है। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ भादवि की धारा 279, 337 के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है।

19-11-2019
आरईएस के एसडीओ पर रिश्वत मांगने का आरोप, तबादले की मांग

कांकेर। ग्रामीण यांत्रिकी अनुविभागीय अधिकारी सेवा खण्ड कांकेर में पदस्थ अधिकारी पर ग्राम पंचायतों के सरपंचों व सचिवों ने काम करवाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए कांकेर कलेक्टर से उनको अन्यत्र भेजने की शिकायत की है। जानकारी के अनुसार कांकेर ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोकपुर, गढ़पिछवाड़ी, बेवरती, तुलतुली, आतुरगांव, मावाड़ालाल, पीढ़ापाल, हाटकोंगेरा, व्यासकोंगेरा सहित जनपद के प्रतिनिधियों ने शिकायत करते हुए बताया कि एसडीओ आशुतोष शर्मा पंचायतों में स्वीकृत निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति, क्यूब टेस्ट  एवं सत्यापन के लिए रिश्वत मांगते हैं। पैसे नहीं देने पर कार्य पूर्ण होने पर भी महीनों घुमाया जाता है  मजदूरी व सामग्री के भुगतान में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अत: आशुतोष शर्मा एसडीओ आरईएस को अन्यत्र स्थानान्तरित किया जाए। यदि उनपर कार्रवाई नहीं होती है तो उग्र आंदोलन के चेतावनी जनप्रतिनिधियों ने दी है। इस सबंध में एसडीओ आशुतोष शर्मा से सम्पर्क किया गया परन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

19-11-2019
कांकेर विधायक के वाहन का टायर फटा, बैठक में हिस्सा लेने जा रहे थे कोंडागांव

कांकेर। विधायक शिशुपाल शोरी के वाहन का केशकाल घाट के पास टॉयर फटने से एक बड़ा हादसा टल गया। शोरी अपने इनोवा वाहन से कोण्डागांव जा रहे थे। वाहन में विधायक शिशुपाल शोरी, उनकी पत्नी सहित कुल पांच लोग सवार थे।
जानकारी के अनुसार सुबह 11 बजे कांकेर विधायक शिशुपाल शोरी कोण्डागांव जाने के लिए अपनी इनोवा वाहन से निकले थे। बता दें कि विधायक को कोण्डागांव नगरीय निकाय चुनाव में प्रभारी बनाया गया है। वहां वे पार्टी की बैठक में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी बीच केशकाल घाट के पास इनोवा वाहन का टायर फट गया। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए वाहन को रोक लिया। मार्ग किनारे वाहन का टायर बदला गया। इसी दौरान विधायक को सड़क मार्ग पर खड़ा देख जगलदपुर के विधायक लालचंद जैन ने अपनी वाहन रूकवाया और विधायक से चर्चा की और हालचाल जाना।

 

17-11-2019
तीन दिनों में आठ जगहों से 479 क्विंटल धान जब्त

कांकेर। धान के अवैध रूप से भंडारण एवं परिवहन की रोकथाम के लिए कलेक्टर केएल चौहान के निर्देशानुसार लगातार कार्रवाई की जा रही है। धान के अवैध परिवहन के रोकथाम हेतु विकासखण्ड नरहरपुर में सुरही नाका, साल्हेटोला दुधावा चौक, बासनवाही, पखांजूर क्षेत्र में मरोड़ा, मायापुर बडग़ांव और गोंडाहुर, चारामा में पुरी, माहुद, हल्बा तथा विकासखण्ड भानुप्रतापपुर में कच्चे एवं दमकसा में चेकपोस्ट बनाये गये हैं। रविवार को टीम द्वारा 07 कोचिये से 840 बोरा 338 क्विंटल धान जब्त किया गया है। टीमों द्वारा लगातार राइस मिलों का निरीक्षण एवं कार्रवाई भी की जा रही है। आज चारामा विकासखण्ड में चार प्रकरण बनाए गए, जिसमें कर 650 बोरी में 260 क्विंटल जब्त किया गया। इसी प्रकार भानुप्रतापपुर विकासखण्ड में दो प्रकरण बनाकर 90 बोरी में 38 क्विंटल और कांकेर विकासखण्ड में एक  प्रकरण बनाये गए, जिसमें 10 बोरी में 40 क्विंटल धान जब्त किया गया। उल्लेखनीय है कि किसानों की उपज को बिचैलियों द्वारा की जा रही अवैध रूप से खरीदारी व परिवहन को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने उडऩदस्ता टीमों का गठन किया है, जो जिले में सक्रिय हो गई है और पिछले तीन दिनों में जिले में आठ जगहों पर कार्रवाई करते हुए 479 क्विंटल धान जब्त किया गया है। कलेक्टर ने बताया कि गत दिवस आठ जगहों पर कार्रवाई की गई, जिसमें राइस मिलों की जांच के दौरान अवैध धान पकड़ा गया और अवैध रूप से धान परिवहन करते पकड़ा गया है। 14 नवम्बर को तीन मामलों में 77 क्विंटल, 15 नवम्बर को चार मामलों में 97 क्विंटल और 16 नवम्बर को एक मामले में 305 क्विंटल धान जब्त किया गया है। जिले में 01 नवम्बर से अब तक 15 प्रकरणों में 2 हजार 152 बोरा अर्थात् 870.33 क्विंटल धान जब्त किया गया है। जिले भर में अवैध रूप से बिचोलियों व कोचियों द्वारा धान की खरीदी और परिवहन रोकने के लिए 12 टीम बनाई गई है। कलेक्टर   ने बताया कि एसडीएम के नेतृत्व में पांच टीम तथा तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों के नेतृत्व में 15 टीम बनाई गई है, जिसमें एसडीएम के साथ एफओ व मंडी कर्मचारी शामिल होंगे। इसी प्रकार तहसीलदार व नायब तहसीलदार के साथ फूड इंस्पेक्टर, मंडी कर्मचारियों की टीम बनाई गई है। अवैध धान परिवहन और अवैध रूप से कोचियों व बिचैलियों के द्वारा कम दाम में खरीदी करने वालों पर कार्रवाई करेंगे। जिले के किसी भी क्षेत्र में यदि धान का अवैध परिवहन या बिचैलियों द्वारा कम दाम में धान खरीदी किए जाने की सूचना कोई भी व्यक्ति जिला प्रशासन को दे सकता है।

 

16-11-2019
मुख्यमार्ग में अचानक आया भालू, लोगों में मची अफरा तरफी

कांकेर। नरहरपुर नगर पंचायत में शनिवार की रात करीब 7 बजे अचानक आ धमके भालू ने लोगों को दहशत में डाल दिया और इससे अफरा तरफी मच गई। लोग भालू के आगे पीछे दौड़ते नजर आए। मिली जानकारी के अनुसार नरहरपुर मुख्य मार्ग जहाँ लोगों की आवाजाही रहती है 16 नवम्बर की देर शाम करीब 7 बजे एक भालू के अचानक एंट्री ने लोगों को दहशत में डाल दिया, जो कि एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। हालांकि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। बाद में लोगों की भीड़ को देखते हुए व शोर शराबा को सुनकर भालू वहाँ से भाग निकला।

 

16-11-2019
ट्रैक्टर की ठोकर से बाइक सवार की मौत

कांकेर। अज्ञात वाहन की ठोकर से बाइक चालक मौके पर ही मौत हो गई। हादसा कांकेर के कोकपुर क्षेत्र का है। दसअसल मोटरसाइकिल से केशकाल से मैनपुर अपने रिश्तेदार के यहां जा रहे दो युवकों को अज्ञात ट्रैक्टर चालक ने कोकपुर के पास ठोकर मार दी। इसमें युवक की मौके पर ही मौत हो गई है वहीं दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी अंजोर कोर्राम पिता सुखदेव कोर्राम 35 वर्ष निवासी केशकाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि पुरूषोत्तम मरकाम और रंजीत शोरी अपने रिश्तेदार के घर बाइक से ग्राम मैनपुर जा रहे थे। तभी कोकुपर के पास सामने से आ रही अज्ञात ट्रेक्टर ने ठोकर मार दी। इसमें एक युवक रंजीत शोरी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरा युवक पुरूषोत्तम मरकाम गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका उपचार जिला अस्पताल में जारी है। वहीं पुलिस ने अज्ञात ट्रैक्टर चालक के खिलाफ भादवि की धारा 379, 337, 304 के तहत मामला दर्ज कर जांच में लिया है।

 

15-11-2019
नियमित जांच से ही मातृ मृत्युदर में आ सकती है कमी

रायपुर। राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान छत्तीसगढ़ द्वारा मैटरनल डेथ सर्विलेंस रिस्पांस से संबंधित दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन 22-23 नवंबर को किया जाएगा। मैटरनल डेथ सर्विलेंस रिस्पांस प्रशिक्षण में मातृ मृत्यु के कारणों का पता लगाने की ट्रेनिंग दी जायेगी ताकि इन मौतों को रोका जा सके और कारणों का निराकरण किया जा सके। इस प्रशिक्षण में हर जिले से 1 चिकित्सा अधिकारी एवं 1 स्टाफ नर्स शामिल होंगे। बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने एवं मातृ मृत्यु अनुपात में कमी लाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रम को संचालित किया जा रहा है। प्रदेश में एसआरएस बुलेटिन के अनुसार वर्ष 1997 से 2003 में प्रदेश का मातृ मृत्यु अनुपात 365 प्रति लाख जीवित जन्म पर था जो वर्तमान में एसआरएस बुलेटिन 2015-17 के अनुसार 141 प्रति लाख जीवित जन्म है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स में मात्र मृत्यु दर को 2030 तक 70 प्रति लाख जीवित जन्म  तक लाना है।  मातृ मृत्यु के प्रमुख कारण रक्तस्राव, खून की कमी, उच्च रक्तचाप, सेप्सिस, अवरुध प्रसव और गर्भपात है। प्रशिक्षण की जानकारी देते हुए जिला मुख्य एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मीरा बघेल ने बताया कि ज्यादातर मातृ मृत्यु गर्भ के दौरान या प्रसव के समय खून बहने और उच्च रक्तचाप के कारण होती है, जिस पर अत्यधिक ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इस प्रशिक्षण में बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, कवर्धा, राजनांदगांव, बालोद, दुर्ग, बेमेतरा, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा से भी प्रतिभागी आयेंगे। डॉ.बघेल ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की होने वाली मौतों में यह निश्चित करना जरूरी है कि एएनएम और मितानिन द्वारा गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन गर्भधारण करने से 12 हफ्ते के अंदर-अंदर किया गया था, गर्भकाल में चार प्रसव पूर्व जांच की गयी और गर्भवती का रक्तचाप, खून की जांच, मधुमेह की जांच और पेशाब की जांच नियमित की जा रही है या नहीं। रक्त अल्पता से बचाव के लिए आयरन फोलिक एसिड की गोलियां लेना भी जरूरी होता है जिससे खून की कमी को रोका जा सकता है।

14-11-2019
आकांक्षी जिलों के सूचकांकों पर बेहतर कार्य करें कलेक्टर : मुख्य सचिव 

रायपुर। मुख्य सचिव आरपी मंडल ने गुरुवार को न्यू सर्किट हाऊस के सभाकक्ष में प्रदेश के सभी संभागायुक्त और कलेक्टरों की बैठक के द्वितीय सत्र में राज्य के 10 आकांक्षी जिलों की समीक्षा कर योजना के सूचकांकों पर बेहतर कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्य सचिव ने आकांक्षी जिलों के सूचकांकों पर जोर देते हुए कहा कि इसके मुख्य बिन्दुओं स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, कौशल विकास और आधारभूत संरचना पर विशेष तौर पर कार्य किया जाए। इसमें अपेक्षित प्रगति लाने के लिए सबंधित विभागों में आपसी समन्वय और बेहतर तालमेल से कार्य करना जरूरी है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि देश के कुल 112 जिलों में से छत्तीसगढ़ के 10 आकांक्षी जिलों में कोण्डागांव, सुकमा और उत्तर बस्तर(कांकेर) का राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन बेहतर है। उन्होंने शेष सात अन्य जिलों के संभागायुक्त, कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करते रहें और लक्ष्य को समय पर पूर्ण करें। इसके तहत स्वास्थ्य तथा पोषण के लिए स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग मिलकर ग्राम स्तर पर समन्वय से कार्य करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि संस्थागत प्रसव शत-प्रतिशत हो। इसके अलावा जिले के दूरस्थ तथा अंदरूनी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा नागरिकों को दिलाना सुनिश्चित करें। इसमें विशेषकर गर्भवती माता को चिन्हित कर तथा बच्चों के कुपोषण जैसी समस्या को दूर करने के लिए योजनाओं का बेहतर ढ़ंग से क्रियान्वयन करें। लोगों की सुलभ शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ परीक्षा में बेहतर परिणाम लाने वालों को प्रोत्साहित करें और कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान दे। कौशल  विकास व्यक्ति के  शैक्षणिक स्तर और उनकी रूचि के अनुरूप प्रदान किया जाए ताकि वे भविष्य में स्वयं का रोजगार स्थापित कर सके।

मुख्य सचिव मंडल ने आकांक्षी जिलों के विकास के लिए कृषि तथा जल संसाधन के सूचकांक पर भी चर्चा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टरों से कहा गया कि वे फसल कटाई के बाद तत्काल रबी फसल कार्यक्रम की समीक्षा करें। समितियों में रबी फसल के लिए बीजों का पर्याप्त मात्रा में भंडारण और किसानों को उसका समय पर वितरण सुनिश्चित करें। उद्यानिकी फसलों की जहां संभावना है, वहां बीज की मांग कर लें। सार्वजनिक बाड़ियों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किया जाए और वहां जो बीज बांटे उसका सही ढ़ंग से उपयोग हो। बाड़ी फसलों का उत्पादन कलस्टर में किया जाए। बाड़ियों में बेहतर फसल उत्पादन के लिए हर जिलों में मालियों को प्रशिक्षित किया जाए। मुख्य सचिव मंडल ने आकांक्षी जिलों के समन्वित विकास के लिए वहां आवश्यतानुसार अधोसंरचना संबंधी विकास तथा निर्माण कार्यो के लिए विशेष जोर दिया। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी, प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुआ, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास रेणु पिल्ले, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निहारिका बारिक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

13-11-2019
धोखाधड़ी का शिकार दिव्यांग ने एएसपी से लगाई न्याय की गुहार

कांकेर। माइंस ठेकेदार की धोखाधड़ी का शिकार भानुप्रतापपुर के समीप संबलपुर निवासी दिव्यांग ग्रामीण ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एएसपी से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। धोखाधड़ी करने वाले माइंस ठेकेदार के खिलाफ  कार्रवाई की मांग पीीड़त दिव्यांग डीआईजी व राज्यमंत्री से कर चुका है। पीडि़त अब तकादा करने वालों से परेशान है। 25 लाख का कर्जदार बनाने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग ग्रामीण ने की है। जानकारी के अनुसार जिले के संबलपुर निवासी 47 वर्षीय महेश तिवारी पिता शिवकुमार तिवारी ने एएसपी कीर्तन राठौर को ज्ञापन सौंपकर बताया कि शैलेन्द्र नगर रायपुर निवासी दिवंगत ठेकेदार सुनील जैन से उसकी कुछ दिनों से जान-पहचान थी। उसका पुत्र सुमीत जैन स्वयं को हाहालद्दी माइंस का ठेकेदार बताकर पैसे कमाने का लालच देकर कहा कि मैं आपके नाम से गाड़ी खरीदकर माइंस में लगा दूंगा। वाहनों की देखरेख मैं स्वयं करूंगा और इसके बदले में जीवन यापन करने कुछ पैसे दे दूंगा। उसने महेश तिवारी के नाम पर दो हाईवा ट्रक खरीदकर वाहन फायनेंस करवाने के नाम पर नगद 2 लाख रुपए ले लिये। इसके बाद पीडि़त के नाम पर उसने पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक में खाता भी खुलवा लिया। वाहन क्रय करते समय अमरदीप टायर दल्ली राजहरा से खाते में दो लाख रुपए डलवाए और उक्त राशि को स्वयं निकालकर यह कहते रख लिया कि यह रकम गाड़ी की देखरेख में काम आएगा। उस दौरान पीडि़त महेश तिवारी का चेक अलग-अलग व्यक्तियों को दिलवाया और कहा कि गाड़ी का जो भी मेंटनेंस व डीजल खर्च आ रहा है उसके एवज में सुरक्षार्थ उक्त चेक रहेगा।

सुमीत जैन ने कहा कि फायनेंस कंपनी का पैसा मैं भुगतान करूंगा। कुछ समय बाद माइंस कार्य बंद हो जाने के बाद फायनेंस कंपनी द्वारा वाहन सीज करने की कार्रवाई की गई। पीडि़त महेश तिवारी ने बताया कि मैं नेत्रहीन व्यक्ति होने के कारण विश्वास पर उसके बताए अनुसार कार्य करता रहा। सुमीत जैन ने दो पेट्रोल पंपों का बकाया भुगतान भी नहीं किया है। इसके अलावा भी कई लोगों के पास वाहन के नाम पर उधारी है। लेनदार मेरे घर आकर वाद-विवाद कर रहे हैं। उक्त व्यक्ति के रायपुर स्थित घर जाने पर उसके परिजनों द्वारा वाद-विवाद कर जबर्दस्ती करने के आरोप में फंसाने की धमकी दी जा रही है। पीडि़त द्वारा एसडीओपी भानुप्रतापपुर को शिकायत की गई। इसके बाद भी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज न कर धारा 155 के तहत कार्रवाई की गई है जिससे पीडि़त मानसिक रूप से आहत है। इस संबंध में एएसपी कांकेर कीर्तन राठौर का कहना है कि ग्रामीण ने वाहन क्रय करने अपनी सहमति दी थी। जिस ठेकेदार से उसकी बात हुई थी उसकी अब मृत्यु हो चुकी है। इसलिए इसमें धोखाधड़ी का मामला ही नहीं बनता। शिकायत मिलने पर मामले की जांच एसडीओपी द्वारा पूर्ण की जा चुकी है।

 

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