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13-02-2020
प्रधानमंत्री ने लोगों से की ईमानदारी से टैक्स भरने की अपील  

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम में बुधवार को लोगों से भारत के विकास में टैक्स भरने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब कोई सरकार आर्थिक विकास के लिए छोटे शहरों पर फोकस कर रही है। भारत अब वक्त बर्बाद नहीं करेगा और विश्वास के साथ आगे बढ़ेगा। केंद्रीय बजट 50 खबर डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा। देश में कुछ लोग टैक्स नहीं भरते हैं और इससे बचने के रास्ते निकाल लेते हैं तो इसका भार ईमानदारी से टैक्स भरने वालों पर पड़ता है। यह अविश्वसनीय है, लेकिन सच है कि देश में सिर्फ 2200 लोगों ने ही सालाना एक करोड़ से अधिक की आय दिखाई है। हमारी सरकार ने टैक्स भरने के दौरान होने वाले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए असेसमेंट के तरीके में बदलाव कर रही है। अब अधिकारियों को यह पता नहीं चलेगा कि वह किसका टैक्स असेस करेगा, जिसका असेसमेंट हो रहा है, वह किस शहर का है। इससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश बेहद कम हो गई है। हम उन गिने चुने देशों में शामिल होंगे, जो करदाताओं के अधिकारों को लागू करने वाला चार्टर लाएगा। आगे कहा कि सरकार ने छोटे शहरों की अर्थव्यवस्था पर ध्यान देते हुए उन्हें सम्मान दिया। इन शहरों को राष्ट्रीय राजमार्गों और उड़ान योजना के तहत बनने वाले एयरपोर्ट से जोड़ा जा रहा है। इन शहरों में सैकड़ों पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले गए।

पीएम ने कहा, उनकी सरकार ने बीते आठ महीनों के दौरान फैसलों की सेंचुरी लगाई। यह अपने आप में अभूतपूर्व है। 2019 में सरकार बनने के बाद हमने जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया, दिल्ली की अवैध कॉलोनियों को नियमित किया। हमारी सरकार ने तीन तलाक, बालश्रम के खिलाफ कानून, ट्रांसजेंडरों के अधिकारों का कानून, कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती, मोटर वाहन कानून, बोडो समझौता, राम मंदिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट का गठन, आर्टिकल 370 व नागरिकता संशोधन कानून का वादा पूरा किया।

 

02-02-2020
प्रापर्टी टैक्स जमा करने जोन 7 में नगर निगम ने लगाया शिविर

रायपुर। नगर निगम प्रशासन ने 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में टैक्स वसूली शत-प्रतिशत करने की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए आज रविवार को भी जोन कमिश्ररी में टैक्स जमा करने शिविर लगाया हुआ है। निगम सूत्रों ने बताया कि 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में टैक्स वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिए आज रविवार को अवकाश के दिन भी निगम के जोन कमिश्ररी वार्डों में अलग-अलग जगहों पर प्रापर्टी टैक्स जमा करने के लिए शिविर लगाया है। निगम आयुक्त ने भी इस आशय का निर्देश मातहत अधिकारियों को दिया था कि अवकाश के दिनों में भी प्रापर्टी टैक्स जमा करने वालों के लिए पृथक से काउंटर खोले जाएं। इसी क्रम में आज जोन-7 कमिश्ररी 9 वार्डों में अवकाशकालीन राजस्व वसूली शिविर लगाया गया है। यहां आज नागरिक अपनी-अपनी संपत्तियों के कर एवं अन्य कर जमा कर सकते हैं। 

 

18-01-2020
उद्योगों की मनमानी पर कलेक्टर सख्त, नोटिस जारी

जांजगीर-चांपा। जांजगीर जिले के कलेक्टर जनक पाठक उद्योगों की मनमानी के खिलाफ बड़ा ही सख्ती दिखाई है और 7 दिवस के भीतर बकाया डाइवर्सन शुल्क जमा करने कहा है वही नही करने पर कड़ी कार्यवाही की बात कही है। दरअसल जिले भर में  स्थापित उद्योगों की डायवर्सन भू-राजस्व बकाया की वसूली के लिए छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 146 में 98 उद्योगों को नोटिस जारी की है। कलेक्टर कार्यालय के भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त 1 जानकारी के अनुसार जिले के 98 उद्योगों से 18 करोड़ 61 लाख 37 हजार 630 रुपए की बकाया राशि वसूल की जानी है। संबंधित उद्योगों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर बकाया राशि जमा करने को कहा गया है। बकाया राशि जमा नहीं करने की स्थिति में विधि अनुसार विधिक कार्यवाही करने को कहा गया है।

बाकायादारों की लिस्ट मे तहसील अकलतरा के 6 उद्योग, बलौदा के 9 उद्योग, जांजगीर के 27 उद्योग, नवागढ़ के 6 उद्योग, सक्ती के 12 उद्योग, मालखरौदा के 21 उद्योग, डभरा के 14 उद्योग और चांपा के एक उद्योग को बकाया वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया है। गौरतलब है कि एक बार पहले भी नोटिस जारी की जा चुकी है जिसे उद्योग प्रबंधनों ने हल्क मे लिया था और महज 1 करोड़ की ही टैक्स जमा किया गया था मगर इस बार प्रशासन रूख सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर जांजगीर-चांपा जनक प्रसाद पाठक ने कहा कि जिले में संचालित जो उद्योग हैं जिनका डायवर्सन शुल्क नकारा है उनको नोटिस जारी किया गया है। नोटिस जारी करने के बाद करीब 1 करोड़ रुपए की राशि जमा की है। लेकिन अभी भी बहुत से ऐसे उद्योग हैं जिन लोगों ने राशि जमा नहीं की है। उनको फिर से नोटिस जारी कर रहे हैं। इसके बाद भी नहीं करने पर उनपे जो कानूनी कार्रवाई होगी करेंगे।

18-01-2020
पांच बिल्डरों के संपत्तियों का होगा एक तरफा असेसमेंट

दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग के द्वारा शहर के विभिन्न वार्ड नो में निर्मित कॉलोनी बैंक क्यू अपार्टमेंट हाऊस ऑफ श्रमण संघ, तकिया पारा में राजा बाड़ा सिटी सेंटर काम्प्लेक्स, कचहरी वार्ड रिषभ नगर जैनम हेरिटेज, आजाद वार्ड में वर्धमान हाईट्स, और पोटियाकला में फारच्यून टावर के भवनों और भूमि का एक तरफा असेसमेंट कर कर आरोपित कर टैक्स की वसूली करेगा। आयुक्त इंद्रजीत बर्मन ने बिल्डरों के संपत्तियों का असेसमेंट करने दल का गठन कर कड़ाई से नियम अधिनियमों के साथ टैक्स वसूल करने निर्देशित किया है।

उल्लेखनीय है कि नगर पालिक निगम दुर्ग की ओर से निगम सीमा क्षेत्र में विभिन्न पांच बिल्डरों के द्वारा अलग-अलग वार्ड में कालोनियों का निर्माण और कामप्लेस बनाया गया है।  निगम व्दारा अधिकृत स्पैरो साफ्टेक कंपनी ने बिल्डरों से जब उनके कालोनियों व भूमि का असेसमेंट दस्तावेज मांगा तो किसी ने भी कोई दस्तावेज नहीं दिया जबकि स्पैरो कंपनी ने बिल्डरों को  अधिनियम 1956 की धारा 144 के अंतर्गत कालोनियों वहां निर्मित भवनों का वार्षिक भाड़ा निर्धारण करने तथा असेसमेंट करने 9 दिसंबर 2019 को सूचना नोटिस दिया गया था। लम्बे समय के बाद भी बिल्डरों ने वांछित दस्तावेज देकर अपनी संपत्तियों का असेसमेंट नहीं कराया। दस्तावेज में बिल्डरों को भूमि, भवन के नामान्तर, नकशा, निर्माण की भवन अनुज्ञा और अन्य आवश्यकता अनुसार दस्तावेज जमा किया जाना था। आयुक्त ने बिल्डरों की संपत्तियों का असेसमेंट कर टैक्स वसूल करने टीम गठित कर दी है,  जिनके द्वारा मौके पर जाकर टीम एक तरफा भूमि भवनों, और वहां रहने बसने वालों की गणना कर निगम के रजिस्टर में डिमांड दर्ज करेंगे।

05-01-2020
लगातार चौथे दिन आम जनता पर महंगाई की मार, फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम

नई दिल्ली। तेल कंपनियों ने रविवार को लगातार चौथे दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा कर दिया है। एक जनवरी को पेट्रोल व डीजल के दाम स्थिर थे लेकिन इसके बाद गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को इसमें इजाफा किया गया है। वहीं बगदाद हवाई अड्डे पर अमेरिकी सेना द्वारा किए गए मिसाइल हमले में ईरान का शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी मारा गया, जिसके बाद कच्चे तेल की कीमत में इजाफा हुआ।

चार महानगरों में इतना बढ़ा पेट्रोल-डीजल का दाम

दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 10 पैसे बढ़ गई है, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में नौ पैसे। इसके बाद इन राज्यों में पेट्रोल की कीमत क्रमश: 75.54, 78.13, 81.13 और 78.48 रुपये प्रति लीटर हो गई है। डीजल की बात करें, तो दिल्ली और कोलकाता में एक लीटर डीजल की कीमत 11 पैसे बढ़ गई है, मुंबई में 12 पैसे। वहीं चेन्नई में भी डीजल का दाम 11 पैसे बढ़ा है, जिसके बाद इसकी कीमत क्रमश: 68.51, 70.87, 71.84 और 72.39 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

ब्रेंट क्रूड की कीमत में तेजी

अमेरिका ने गुरुवार रात इराक में एयर स्ट्राइक की। इस बड़ी घटना के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत काफी तेजी से बढ़ी है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड करीब चार फीसदी महंगा होकर 69 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। एक्सपर्ट मान रहे हैं कि अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से तेजी जारी रह सकती है। शॉर्ट टर्म में क्रूड 74 डॉलर प्रति बैरल का स्तर भी छू सकता है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल मौजूदा कीमत से 1.5 से दो रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है।

और महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल

देश में पेट्रोल, डीजल के दामों में और इजाफा हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत अरब देशों के साथ ही ईरान से भी क्रूड ऑयल का आयात करता रहा है। गुरुवार (2 जनवरी) को देश में पेट्रोल-डीजल के दाम 13 महीनों के अधिकतम स्तर पर पहुंच गए थे।

प्रति दिन छह बजे बदलती है कीमत

बता दें कि प्रति दिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में कीमत में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बादल इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।

कीमत तय करने का ये है आधार

विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। इन्हीं मानकों के आधार पर पर पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं।

पेट्रोल में कितना हिस्सा टैक्स का

खुदरा बिकने वाले पेट्रोल और डीजल के लिए जितनी रकम का आप भुगतान करते हैं, उसमें आप 55.5 फीसदी पेट्रोल के लिए और 47.3 फीसदी डीजल के लिए आप टैक्स चुका रहे होते हैं।

डीलर भी जोड़ते हैं अपना मार्जिन

डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।

31-12-2019
पास की आस, एप्रोच पर विश्वास, डिमांड भारी हाथ खाली, नए साल का स्वागत ही नियमों के उल्लंघन से, क्या करे मज़बूरी है

रायपुर। नए साल का स्वागत करने के लिए राजधानी में बहुत से रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। टिकट की बजाय पास से प्रवेश देकर सरकार को टैक्स का भारी चूना लगाया जा रहा है। और महज कुछ वीआइपी को पास बांटने की एवज में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। राजधानी के बड़े और सितारा होटलों में हो रहे कार्यक्रमों में टिकट को पास के नाम पर बेचा जा रहा है। कहीं-कहीं पास ₹10000 का है तो कहीं उससे भी ज्यादा। एक-एक पास ₹10000 का है और उस पर टैक्स का अता पता नहीं यानी सरकार को जीरो मिल रहा है। ये गोरखधंधा सालों से चलता आ रहा है और शायद सालों तक चलता रहेगा क्योंकि इसके आयोजक इतने होशियार है कि सबसे पहले कोतवाल को पास दे कर सैंया बना लेते हैं।

और उसके बाद सैंया भए कोतवाल तो फिर डर काहे का। ध्वनि प्रदूषण का भी कंही कोई ख्याल नहीं रखा जाता। आम आदमी के लिए उन बड़ी-बड़ी पार्टियों की झलक पाना भी बहुत मुश्किल होता है। जहां देर रात तक या यूं कह लीजिए सुबह होने तक शराब की नदियां बहाई जाती है। टैक्स चोरी का यह दूसरा बड़ा मामला भी होता है। संबंधित टैक्स विभाग इस ओर पता नहीं क्यों ध्यान नहीं देते। और प्रशासन तो बस हाथ जोड़कर पास बटोरने में लगा रहता है ताकि सभी वीआईपी को पास पहुंचा कर अपने नंबर बढ़ा सके। पास की आस में बहुत से अफसर धमकी चमकी का इस्तेमाल करते हैं तो कुछ छुटभैये चिरौरी करके हाथ जोड़कर के पास का जुगाड़ करते हैं। और अपने परिचितों को पास बांटकर अपनी धौंस का सबूत देते हैं। बहरहाल इस बार पास की कुछ ज्यादा ही किल्लत दिखाई पड़ रही है। और इसी किल्लत के कारण एक आयोजक को प्रशासकों ने नियमों से अवगत करा दिया है। अब देखना यह है के पास भारी पड़ता है या फिर नियम। और अगर पास नियम पर हावी होते नजर आए तो फिर मान लीजिए सारे कानून कायदे सिर्फ गरीबों के लिए ही है।

19-11-2019
वार्ड वासियों ने जिला प्रशासन पर लगाया भेदभाव का आरोप, डिप्टी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

रायगढ़। शासन द्वारा राजीव गांधी आश्रय पट्टा योजना के तहत सभी जगह जिला प्रशासन द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। इसके तहत नजूल में रहने वाले लोगों को सरकार द्वारा पट्टा वितरण किया जाएगा। लेकिन कहीं ना कहीं इस सर्वे में भी जिला प्रशासन द्वारा भेदभाव का आरोप वार्ड नंबर 36 के रहवासियों ने लगाया। वार्ड नंबर 36 राजीव नगर से दर्जनों की संख्या में वहां के रहवासी महिला और पुरुष सभी एक साथ ज्ञापन लेकर रायगढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचे और अभिषेक गुप्ता डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि सभी वार्डों में निरंतर पट्टा के लिए सर्वे किया जा रहा है, लेकिन उनके वार्ड से भेदभाव कर रही है। उन्होंने बताया कि लगभग 30 से 35 वर्ष से वह सभी लोग राजीव गांधी नगर में निवास कर रहे हैं और बकायदा नगर निगम की सभी टैक्स अदा कर रहे हैं। जिन की रसीद भी उनके पास मौजूद है, लेकिन उनके जमीन का सर्वे सही तरीके से नहीं हुआ है। इससे वे पट्टे से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि सही सर्वे कराकर उनको भी राजीव गांधी आश्रय योजना का लाभ दिया जाए। ज्ञापन लेने पहुंचे डिप्टी कलेक्टर अभिषेक गुप्ता ने बताया कि वार्ड नंबर 36 के निवासियों द्वारा पट्टा सर्वे के लिए आवेदन दिया गया है। जल्दी सर्वे कराकर उनकी समस्या का निराकरण किया जाएगा।

 

17-11-2019
मार्च तक बिक जाएगी एयर इंडिया, बीपीसीएल : केंद्रीय वित्त मंत्री

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा देश की दूसरी सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और विमानन कंपनी एयर इंडिया को बेचने की प्रक्रिया पूरी कर लेगी। वित्त मंत्री कहा कि अगले साल की शुरुआत में ही ये दोनों काम पूरे हो जाने की उम्मीद है। सरकार को इन दो कंपनियों को बेचने से इस वित्त वर्ष में 1 लाख करोड़ का फायदा होगा। दोनों कंपनियां जल्द की निजी हाथों में चली जाएंगी। रिपोर्ट के मुताबिक, सीतारमण ने कहा, एयर इंडिया की बिक्री प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही निवेशकों में उत्साह देखा गया है। पिछले साल निवेशकों ने एयर इंडिया को खरीदने में ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया था इसलिए इसे नहीं बेचा जा सका था। बता दें कि मौजूदा वित्त वर्ष में कर संग्रह में गिरावट को देखते हुए सरकार विनिवेश और स्ट्रैटजिक सेल के जरिए रेवेन्यू जुटाना चाहती है।

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए समय पर जरूरी कदम उठाए गए हैं और कई क्षेत्र अब सुस्ती से बाहर निकल रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई उद्योगों से कहा गया है कि वे अपनी बैलेंस शीट में सुधार करें और उनमें से कई नए निवेश की तैयारी कर रहे हैं। निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कुछ क्षेत्रों में सुधार से जीएसटी कलेक्शन बढ़ेगा। इसके अलावा सुधार के कदमों से भी टैक्स कलेक्शन बढ़ सकता है। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने एस्सार स्टील पर जो फैसला सुनाया है इससे काफी सुधार देखने को मिला है और अगली तिमाही में इसका प्रभाव बैंकों की बैलेंस शीट पर देखने को मिलेगा।

16-11-2019
उबर ने ड्राइवरों के साथ किया कुछ ऐसा की लग गया साढ़े चार हजार करोड़ का जुर्माना

नई दिल्ली। अमेरिका के न्यूजर्सी में उबर कंपनी को श्रम कानून के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर 65 करोड़ डॉलर (करीब साढ़े चार हजार करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया गया है। न्यूजर्सी प्रशासन के अफसरों के मुताबिक, उबर ने अपने ड्राइवरों को कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया था। उन्होंने बताया कि कंपनी उनसे स्वतंत्र श्रमिक की तरह काम करा रही थी। श्रम विभाग ने इसे गलत वर्गीकरण मानते हुए उबर को रोजगार टैक्स के तहत तय रकम चुकाने का आदेश जारी किया। न्यूजर्सी प्रशासन की तरफ से उठाए गए इस कदम को अमेरिका की 'गिग इकोनॉमी' के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। गिग इकोनॉमी में कंपनियों लोगों की कर्मचारी नियुक्त करने की जगह उन्हें कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए श्रमिक की तरह काम कराती है। श्रम अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह के वर्गीकरण से श्रमिकों को औपचारिक तनख्वाह में नुकसान उठाना पड़ता है। साथ ही यह ड्राइवर जिस भी राज्य में काम करते हैं, उसके राजस्व में भी कमी आती है।

कैब-राइड शेयरिंग कंपनियों का खर्च बढ़ सकता है

श्रम विभाग की तरफ से उबर को चार साल का बकाया 52.3 करोड़ डॉलर (करीब 3754 करोड़ रुपये) टैक्स चुकाने का आदेश दिया गया है। साथ ही उबर को टैक्स पर करीब 11.9 करोड़ डॉलर (854 करोड़ रुपये) ब्याज भी चुकाने होंगे। श्रम विभाग ने इस संबंध में उबर को पत्र भी लिखा है। एक अनुमान के मुताबिक, अगर रेगुलेटर्स और अदालत ने कैब-राइड शेयरिंग कंपनियों को ड्राइवरों को कर्मचारी के रूप में वर्गीकृत करने का आदेश दे दिया तो उबर और लिफ्ट पर 20% से 30% तक श्रमिक खर्च बढ़ सकता है।

ड्राइवरों के वकील ने कहा- उबर ओवरटाइम का पैसा तक नहीं देती

पिछले साल न्यूजर्सी में पिछले साल कुछ उबर ड्राइवरों ने कम तनख्वाह और भत्ते ना दिए जाने का मुद्दा श्रम विभाग के सामने उठाया था। इस पर न्यूजर्सी प्रशासन ने ऑडिट कराया था। ऑडिट में निकल कर आया कि उबर के अलावा भी कई कंपनियां गिग इकोनॉमी को बढ़ावा दे रही हैं। ड्राइवरों की तरफ से केस लड़ने वाले वकील रूजवेल्ट एन नेस्मिथ ने कहा कि उबर यह तो नियंत्रित करती है कि कौन उसका ड्राइवर बनेगा और कौन कितना काम करेगा। लेकिन उन्हें ओवर टाइम का भुगतान नहीं करती। कई बार तो कंपनी की तरफ से ड्राइवरों से अपनी कार चलाने का पैसा काट लिया जाता है तो उनके पास न्यूनतम मजदूरी भी नहीं बचती।

उबर ने कहा- ड्राइवर स्वतंत्र कॉन्ट्रैक्टर की श्रेणी में

न्यूजर्सी प्रशासन के आदेश पर उबर ने भी जवाब दिया। उबर ने कहा कि श्रम विभाग ने जो निर्णय लिया है वह गलत है, क्योंकि ड्राइवर स्वतंत्र कॉन्ट्रैक्टर की श्रेणी में आते हैं, जो अपनी मर्जी से काम करने के लिए स्वतंत्र है। 

15-11-2019
खाने का बिल देख उड़े सिंगर विशाल के होश, 3 अंडो के लिए चुकानी पड़ी बड़ी रकम

मुंबई। ऊंची दुकान और फीके पकवान वाली कहावत तो आपने सुनी हो होगी। अक्‍सर बड़े-बड़े होटलों में चीजें कुछ ज्‍यादा ही महंगी मिलती हैं। लेकिन म्‍यूजिक कंपोजर जोड़ी विशाल शेखर के जोड़ीदार शेखर रविजानी को गुरुवार को एक होटल के बिल को देखकर जबरदस्‍त झटका लगा। वैसे उनका यह बिल आप भी देखें तो आप भी चौंक जाएंगे। जी हां, शेखर को एक पांच सितारा होटल में 3 उबले अंडे के 1672 रुपये का बिल थमा दिया गया। शेखर रविजानी ने अपने इस बिल की तस्‍वीर खुद सोशल मीडिया पर शेयर की है। इस तस्‍वीर में साफ है कि होटल ने सिर्फ 3 अंडे के लिए 1350 रुपये और टैक्‍स के साथ 1672 रुपये का बिल थमा दिया है। आम आदमी के लिए तो ये कीमतें काफी चौंकाने वाली हैं, लेकिन शेखर भी सिर्फ 3 अंडे की कीमत जानकर चौंक गए। उन्‍होंने इस बिल का फोटो शेयर करते हुए लिखा, '3 अंडे की सफेदी के लिए 1672 रुपये? ये कुछ ज्‍यादा ही महंगा खाना नहीं है।ये पहला मौका नहीं है, जब किसी 5 स्‍टार होटल की कीमतों ने बॉलीवुड सेलीब्रिटीज को चौंका दिया है। हाल ही में एक्‍टर राहुल बोस ने भी एक ऐसे ही बिल का फोटो शेयर किया था, जिसमें उनसे एक होटल में सिर्फ 2 केलों के लिए 442 रुपये का बिल द‍िया गया था। बाद में मामला बढ़ने के बाद इस होटल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना गाया गया था।

02-11-2019
तीन दिवसीय थाईलैंड दौरे पर रवाना हुए प्रधानमंत्री, कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय दौरे पर शनिवार को थाईलैंड के लिए रवाना हो गए। उनका यह दौरा व्यापार, समुद्री सुरक्षा एवं संपर्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर फोकस होगा। इस दौरान वह आसियान-भारत, पूर्वी एशिया और आरसीईपी शिखर सम्मेलनों में हिस्सा लेंगे। बैंकॉक में होने वाली 16 एशियाई देशों की व्यापारिक बैठक के दौरान रीजनल क्रॉम्प्रहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप (आरसीईपी) का एलान होना है, जिस पर दुनिया की निगाहें हैं।

दरअसल, नानथाब्यूरी में होने वाले आसियान सम्मेलन से पहले सबकी नजरें आरसीईपी व्यापार समझौते पर है। बताया जा रहा है कि अगर इस समझौते को अंतिम रूप देने में कामयाबी मिलती है तो दुनिया का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाया जा सकेगा। हालांकि, आखिरी वक्त में भारत द्वारा अतिरिक्त शर्तों को रखने से एशियाई देशों के बीच होने वाले क्षेत्रीय समझौते की घोषणा मुश्किल में पड़ गई है। यह भी कहा जा रहा है कि बैठक में सदस्य देश आरसीईपी पर शुल्क को कम करने पर मोटे तौर पर किसी समझौते पर पहुंच जाएंगे।

क्या है आरसीईपी

आरसीईपी 16 देशों के बीच होने वाला मुक्त व्यापार समझौता है जिससे इन देशों के बीच होने वाले व्यापार को आसान बनाया जा सकेगा। इन देशों के बीच पारस्परिक व्यापार में टैक्स में कटौती के अलावा कई तरीके की आर्थिक छूट दी जाएगी। इन 16 देशों में 10 आसियान समूह के और छह देश वे हैं जिनके साथ आसियान देशों का मुक्त व्यापार समझौता है। मुक्त व्यापार समझौते का मतलब दो या दो से ज्यादा देशों के बीच ऐसा समझौता है जिसमें आयात और निर्यात की सुगमता को बढ़ाया गया हो। ऐसे समझौते के सदस्य देश टैक्सों को घटाते हैं और व्यापार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करते हैं।

समझौते से भारत का क्या होगा फायदा?

इन 16 देशों में दुनिया की लगभग 45 प्रतिशत जनसंख्या रहती है। दुनिया के निर्यात का एक चौथाई इन देशों से होता है। दुनिया की जीडीपी का 30 प्रतिशत हिस्सा इन देशों से ही आता है। इन आंकड़ों के चलते यह दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता होगा। इस समझौते में 25 हिस्से होंगे। इनमें से 21 हिस्सों पर सहमति बन गई है। अब निवेश, ई कॉमर्स जैसे मुद्दों पर सहमति कायम होनी बाकी है। आरसीईपी में शामिल क्षेत्रों में काम कर रही भारत की कंपनियों को एक बड़ा बाजार मिल सकेगा। इससे भारत में इन देशों से आने वाले उत्पादों पर टैक्स कम होगा और ग्राहकों को कम कीमत पर ये सामान उपलब्ध हो सकेंगे।

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