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22-04-2021
यदि लौटे हैं कुंभ से तो दें प्रशासन को पूरी जानकारी, कोरोना को बढ़ने से रोकने में करें सहयोग: कलेक्टर

कोरबा।  हरिद्वार कुंभ में शामिल होकर कोरबा लौटे श्रद्धालुओं और लोगों से जिला प्रशासन ने अपनी यात्रा की पूरी जानकारी देने और निर्धारित कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करने की अपील की है। ऐसे लोगों के बारे में आस पड़ोस के लोग भी जानकारी प्रशासन को दे सकते हैं। यह जानकारी कंट्रोल रूम के फोन नम्बर 07759-224608 पर या ई मेल पर भी भेज सकते है। जानकारी में यात्रियों को अपने नाम पता मोबाइल नम्बर के साथ यात्रा में जाने और वापस लौटने की तिथि,गंतव्य जगह, सह यात्रियों की संख्या , नाम ,पता भी बताना होगा । अन्य प्रदेशों में आयोजित वृहद् कार्यक्रमों और सम्मेलनों, मेलों में शामिल होकर कोरबा लौटे यात्री अपनी जानकारी निर्धारित प्रपत्र में जिला कार्यालय के कोविड कंट्रोल रूम नम्बर 23 में दे सकते है। ऐसे सभी यात्रियों को कोरोना संक्रमण से बचाने और उनसे अन्य लोगों को कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए जाएँगे। इसके साथ ही संक्रमित व्यक्ति के ईलाज की भी समय पर बेहतर व्यवस्था की जा सकेगी। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कोरबा जिला प्रशासन ने तीस मार्च 2021 या उसके बाद अन्य प्रदेशों के बड़े मेलों,या आयोजनो में शामिल होकर लौटे लोगों से विस्तृत जानकारी माँगी है। कलेक्टर किरण कौशल में कोरबा जिले में लौटे ऐसे सभी लोगों से अपनी यात्रा का पूरा डिटेल प्रशासन के साथ जल्द से जल्द साझा करने की अपील लोगों से की है। किरण कौशल ने कहा है कि देश के दूसरे राज्यों में आयोजित मेला, बड़े सम्मेलन या अन्य वृहद् आयोजनो में शामिल होकर लौटे लोगों के कोरोना संक्रमित होने और उनसे परिजनों तथा दूसरे लोगों के भी संक्रमित होने की सम्भावना है। ऐसे लोग स्वयं अपनी यात्रा की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध करायें, ताकि उनको और उनके परिजनों को कोविड संक्रमण से बचाने के लिए प्रयास किए जा सकें।

 

21-04-2021
निजी अस्पताल दें श्वांस संबंधी तकलीफों और इनफ्लूएंजा लक्षणों वाले मरीजों की जानकारी: कलेक्टर

कोरबा। कलेक्टर किरण कौशल ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते हालातों में जिले में संचालित निजी अस्पतालों और क्लीनिकों के संचालक डॉक्टरों को सांस संबंधी तकलीफों सर्दी, बुखार और इनफ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले मरीजों की पूरी जानकारी जिला प्रशासन को देने के निर्देश दिए हैं। श्वांस संबंधी तकलीफों और सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षणों वाले मरीजों की जानकारी मिलने पर प्राथमिकता से ऐसे मरीजों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा और समय पर कोरोना की पहचान हो जाने पर उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा सकेगा। ऐसे मरीजों की समय रहते कोरोना जांच हो जाने से, उनके कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान करने में भी परेशानी नहीं होगी। मरीज के संपर्क में आए लोगों को कोरोना जांच समय रहते हो जाने से कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। कलेक्टर कौशल ने निर्देशित किया कि सभी निजी अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में श्वांस संबंधी तकलीफों, सर्दी, खांसी, बुखार और इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों वाले मरीजों के इलाज के लिए अलग से फीवर क्लीनिक की व्यवस्था की जाए। ऐसे मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने के लिए आईसोलेशन वार्ड अनिवार्य रूप से बनाया जाए। उन्होने ऐसे सभी मरीजों की जानकारी और सूची तत्काल जिला प्रशासन तथा जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को उपलब्ध कराने के भी निर्देश भी दिए हैं।

 

21-04-2021
मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्था सुधारने कलेक्टर ने बनाई 8 सदस्यों की टीम,भर्ती मरीजों की रखेगी जानकारी

राजनांदगांव। मेडिकल कॉलेज अस्पताल पेंड्री में बनाए गए कोविड-19 अस्पताल में लगातार अव्यवस्था की शिकायतें सामने आ रही थी। कोविड मरीजांे को बेड नहीं मिलने और अव्यवस्था से साथ साथ आॅक्सीजन की कमी की शिकायत मिल रही थी। इसे देखते हुए कलेक्टर टीके वर्मा ने आदेश जारी किया। इसमें 8 सदस्यों की टीम बनाई गई है। यह टीम प्रतिदिन पेंड्री अस्पताल में साधारण बेड, ऑक्सीजन बेड तथा वेंटिलेटर बेड की जानकारी लेगी। टीम ड्यूटी में तैनात स्टॉफ की जानकारी के अलावा ऑक्सीजन की व्यवस्था भी सुचारू रूप से हो सके, उस पर भी निगरानी रखेगा। इससे आने वाले दिनों में कोविड मरीजों को हो रही परेशानियों से राहत मिल पाएगी।

 

20-04-2021
टीकाकरण का लक्ष्य माहांत तक पूरा करने व लोगों में जागरूकता लाने विकेन्द्रीकृत करेंः कलेक्टर

धमतरी। कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी विकासखण्ड स्तर के अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा करते हुए जिले में 45 वर्ष से ऊपर आयु के बचे हुए लगभग 22-23 हजार लोगों का टीकाकरण अभियानपूर्वक करने के निर्देश दिए। इनमें से टीकाकरण के लिए बचे हुए अधिकांश जनसंख्या नगरीय निकायों में है, उन्हें व ग्रामों में बचे हुए लोगों को तीन तरह से चिन्हांकित करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। कलेक्टर ने ब्लाॅक स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कि अब तक हुए टीकाकरण की विरलता से सघनता का चिन्हांकन करें। यानी वैक्सिनेशन के लिए जहां ज्यादा लोग छूटे हुए हैं उन्हें रेड जोन, उससे कम आॅरेन्ज तथा सबसे कम बचे हुए लोगों को ग्रीन जोन में रखकर विभाजित करें फिर वैक्सिन की उपलब्धता के आधार पर क्रमशः रेड, आॅरेन्ज व आखिर में ग्रीन जोन को लक्षित कर माहांत तक बचे हुए लोगों का टीकाकरण पूर्ण करें। उन्होंने जिला पंचायत के सी.ई.ओ. मयंक चतुर्वेदी को कोविड-19 के लक्षण, जांच रिपोर्ट आने तक मरीज को क्या करना चाहिए, क्या नहीं आदि आवश्यक जानकारी को शामिल करते हुए एक सप्ताह के भीतर पी.पी.टी. तैयार करने के लिए निर्देशित किया, जिसका प्रदर्शन प्रत्येक गांव में कराकर 30-30 लोगों के समूह में किया जाएग। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण की सघनता अपेक्षाकृत कम है।

धमतरी नगर निगम के 40 में से 28 वार्डों में टीकाकरण का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम है, ऐसे वार्डों को प्राथमिकता से लक्षित कर टीकाकरण में तेजी लाने हरसंभव प्रयास करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। कलेक्टर ने कहा कि आगे लाॅक डाउन के खुलने की दशा में भी तैयार रहना चाहिए। यदि एकाएक सब प्रतिष्ठान खुल जाते हैं तो लोगों की भीड़ व भगदड़ की स्थिति में निर्मित हो सकती है, जिसे नियंत्रित करना होगा। इसके लिए मण्डी, बाजारों, दुकानों में लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणा कराने तथा हाॅटस्पाॅट वाले क्षेत्रों की जानकारी देकर वहां बेरिकेडिंग कराने, फ्लेक्सी लगाने व लोगों को सतर्कता बरतने की अपील कराई जाएगी। आगे सप्ताहांत में शनिवार-रविवार को लाॅकडाउन व नाइट कफ्र्यू के प्रस्ताव पर भी विचार करने के बात कलेक्टर ने कही। इसके अलावा कलेक्टर ने पुनः दोहराया कि आइसोलेशन सेंटरों में ऐसे मरीज गम्भीर बीमारियों से ग्रसित है, को किसी भी सूरत में नहीं रखा जाएगा। उन्हें हरहाल में नजदीक के अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में रखे जाने पर कलेक्टर ने जोर दिया। साथ ही व्यक्तिगत, पारिवारिक तथा सामुदायिक निगरानी के लिए भी कलेक्टर ने जोर दिया। कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नगरी में 45 आॅक्सीजनयुक्त बेड की संख्या बढ़ाकर 20 नए बेड स्थापित करने, कुरूद में 50 बेड की पाइपलाइन को विस्तारित कर शुरू करने तथा भखारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भी 50 आॅक्सीजनयुक्त बेड को जल्द प्रारम्भ किया जाएगा। इसके अलावा दो निजी अस्पतालों में 70 बेड तथा शासकीय अस्पतालों के 95 बेड की व्यवस्था आगामी 30 अप्रैल तक सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. डी.के तुरे को दिए। बैठक में अस्पताल अधीक्षक सह सिविल सर्जन डाॅ. मूर्ति, नगर निगम के आयुक्त मनीष मिश्रा सहित वीसी के माध्यम से सभी अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी, जनपद पंचायत के सीईओ, बीएमओ, बीपीएम आदि अधिकारी जुड़े रहे।

 

18-04-2021
आक्सीजन बेड पर्याप्त, किसी भी पेशेंट को वापस न भेजा जाए: कलेक्टर

दुर्ग । लॉक डाउन के संबंध में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे और एसपी  प्रशांत ठाकुर ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर जारी गाइड लाइन की जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा की पूर्व में निर्धारित लॉक डाउन की अवधि में सभी अधिकारियों ने महती जिम्मेदारी के साथ कार्य किया है। इससे लॉक डाउन के उद्देश्यों को पूरा करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में लॉकडाउन से कोरोना की बढ़ती रफ्तार को कम करने में कारगर साबित हुआ है। लॉक डाउन की अवधि अब 26 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। हमें आगे भी पूरी शिद्दत के साथ जवाबदेही से कार्य करना है। कलेक्टर ने बैठक में जारी गाइड लाईन की जानकारी देते हुए बताया कि जिले को कन्टेन्टमेंट क्षेत्र घोषित किया गया है। पूर्व जारी निर्देशो में कुछ आंशिक रूप  से छूट दी गई है। अभी भी थोक सब्जी मार्केट पूर्ण रूप से बंद रहेगा लेकिन ठेलों के माध्यम से स्ट्रीट वेंडर फल, सब्जी और राशन का विक्रय कर सकते हैं किंतु शहरी क्षेत्रों के जिस मोहल्ले को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया गया है। वहां इसका विक्रय किया जाना प्रतिबंधित रहेगा। इस अवधि में सभी प्रकार के आयोजन, सामाजिक कार्यक्रम, विवाह और मृत्यु भोज में केवल 10 लोगों के शामिल होने की अनुमति होगी। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना के रोकथाम के लिए एक बार फिर से मेडिकल स्टोर संचालकों की कोरोना टेस्टिंग करवाये। साथ ही रेलवे से सफर में आने वाले सभी यात्रियों का अनिवार्यता टेस्टिंग होती रहे। साथ ही ठेलों के माध्यम से फल व  सब्जी का विक्रय करने वाले स्ट्रीट वेंडरों का भी टेस्टिंग कराने कहा है। कलेक्टर ने बैठक में स्पष्ट किया कि जिले में कोरोना के मरीजों के लिए पर्याप्त आक्सीजन बेड की व्यवस्था की गई है। किसी भी मरीज को ऑक्सीजन बेड की कमी के नाम पर वापस नहीं करने कहा है। उन्होंने सम्बंधित क्षेत्र के पुलिस व अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को शिद्दत के साथ समन्वय के साथ मरीजों को हॉस्पिटल भेजने व भर्ती कराने में मदद करने को कहा है। साथ ही साथ इमरजेंसी सेवा के लिए एम्बुलेंस भी उपलब्ध कराने कहा है। अन्य आदेश व नियम पूर्व में जारी गाइड लाइन लागू होगी।

 

17-04-2021
26 अप्रैल तक राजधानी की सभी सीमाएं सील, कलेक्टर ने जारी किया आदेश, जानिए क्या खुला रहेगा, क्या बंद

रायपुर। कलेक्टर डॉ.एस.भारतीदासन ने कोविड-19 पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि होने के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के अनुक्रम में रायपुर जिले में कंटेनमेंट जोन की अवधि 26 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक के लिए बढ़ाने के आदेश दिया है। यह आदेश पूर्व आदेश की समाप्ति के तत्काल बाद अर्थात 19 अप्रैल की सुबह 6 बजे से लागू होगा। आदेश के तहत रायपुर जिला अन्तर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र 26 अप्रैल प्रातः 6 बजे तक कंटेनमेंट जोन रहेगा। इस अवधि में रायपुर जिले की सभी सीमाएं सील रहेगी। इस अवधि में सभी अस्पताल, मेडिकल दुकानें, क्लिनिक एवं पशु-चिकित्सालय को उनके निर्धारित समय में खुलने की अनुमति होगी।

शर्तो के साथ उचित मूल्य दुकानों को निर्धारित समयावधि में खोली जाएंगी। शासकीय उचित मूल्य दुकानों को खाद्य नियंत्रक रायपुर द्वारा निर्धारित समयावधि में खुलने की अनुमति होगी। फल, सब्जी, अंडा एवं ग्रॉसरी (चावल, दाल, आटा, खाद्य तेल एवं नमक) को गली-मुहल्लों एवं कॉलोनियों में विकय की अनुमति होगी। सभी प्रकार की मंडियॉ, थोक/ फुटकर एवं ग्रॉसरी दुकाने बंद रहेगी। किन्तु सीधे किसानों/उत्पादकों से सप्लाई की शर्त के साथ फल, सब्जी, अंडा एवं ग्रॉसरी (चावल, दाल, आटा, खाद्य तेल एवं नमक) को गली-मुहल्लों एवं कॉलोनियों में विकय की अनुमति केवल स्ट्रीट वेण्डर्स अर्थात ठेले वालो को प्रातः 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही होगी। औद्योगिक संस्थानों एवं निर्माण इकाईयों को अपने कैम्पस के भीतर मजदूरों को रखकर व अन्य आवश्यक व्यवस्था करते हुए उद्योगों के संचालन व निर्माण कार्यो की अनुमति होगी।

इस अवधि के दौरान जिला अन्तर्गत संचालित समस्त शराब दुकाने बंद रहेगी। सभी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल आम जनता के लिए बंद रहेंगे। उपरोक्त अवधि में रायपुर जिला अन्तर्गत सभी केन्द्रीय/शासकीय/ सार्वजनिक / अर्द्ध-सार्वजनिक एवं निजी कार्यालय बंद रहेंगे। टेलीकॉम, रेलवे एवं एयरपोर्ट संचालन व रख-रखाव से जुड़े कार्यालय/वर्कशॉप, रेक प्वाइंट पर लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य, खाद्य सामग्री के थोक परिवहन, धान मिलिंग के लिए परिवहन एवं शासन से अनुमति प्राप्त समस्त परीक्षाओं को छोड़कर अन्य समस्त शैक्षणिक गतिविधियाँ बंद रहेगी।अस्पताल एवं एटीएम पूर्ववत संचालित रहेंगे। बैंकों को केवल एटीएम कैश रि-फिलिंग एवं कार्यालयीन प्रयोजन के लिए खुलने की अनुमति होगी। सभी प्रकार की सभा, जुलूस सामाजिक, धार्मिक एवं राजनैतिक आयोजन इत्यादि पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगें। किन्तु विवाह कार्यक्रम वर अथवा वधु के निवास-गृह में ही आयोजित करने की शर्त के साथ आयोजन में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 10 निर्धारित की जाती है। इसी प्रकार अंत्येष्टि, दशगात्र, इत्यादि मृत्यु संबंधी कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 10 निर्धारित की जाती है। रेल्वे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टेड, हॉस्पिटल आवागमन के लिए ऑटो/टैक्सी परिचालन की अनुमति रहेगी। यह आदेश कार्यालय संभागीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक (शहर / ग्रामीण). मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसील, अस्पताल, थाना एवं पुलिस चौकी पर लागू नहीं होगा। 

 

17-04-2021
प्रत्येक गांव में 20-20 वाॅलिंटियर्स नियुक्त कर टीकाकरण के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित करें : कलेक्टर

धमतरी। कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने शनिवार को नगरी क्षेत्र का दौरा करके कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने कोविड केयर सेंटर, टीकाकरण केन्द्र तथा ग्राम बेलरगांव व सांकरा में बनाए गए आइसोलेशन सेंटर का दौरा कर अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक ग्राम में 20-20 वाॅलिंटियर्स नियुक्त कर टीकाकरण के प्रति जागरूकता लाने व ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (मातृ-शिशु स्वास्थ्य केन्द्र) में स्थापित कोविड टीकाकरण केन्द्र का निरीक्षण किया, जहां पर टीका लगवाने आए लोगों से मिलकर उनसे चर्चा की। उन्होंने वैक्सिनेशन के लिए आए लोगों से कहा कि यह टीका तभी प्रभावी होगा जब उसके दोनों डोज लगाए जाएंगे, इसलिए कोविड के दोनों टीके लगाना अनिवार्य है।

साथ ही घर जाकर अपने परिजनों, पड़ोसियों व ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने की भी बात कलेक्टर ने कही। इसके बाद वहां स्थापित डाटा सेंटर में जाकर डाटा एंट्री की जानकारी ली तथा टीकाकरण कर रहीं स्टाफ नर्स को कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए खुद को सुरक्षित रखकर अपनी ड्यूटी करने की बात कही। साथ ही प्रत्येक दिन के औसतन वैक्सिनेशन की भी जानकारी कलेक्टर ने ली। उसके पश्चात् पुराने अस्पताल भवन में स्थित कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया, जहां पर उन्होंने मौजूद स्टाफ, ऑक्सीजनयुक्त बेड की संख्या आदि के बारे में पूछा बीएमओ डाॅ.ठाकुर ने बताया कि कोविड सेंटर में सेंट्रल सप्लाई वाले छह बेड हैं तथा ऑक्सीजन काॅन्संट्रेटर है, इसके लिए छह अतिरिक्त ऑक्सीजन सिलेंडर है जो कि पर्याप्त है, इस प्रकार यहां पर कुल 42 आक्सीजनेटेड बेड उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आज 11 कोविड मरीज रिकवर होकर डिस्चार्ज हुए हैं। इसके उपरांत नगरी के बरगद चैक स्थित 250 सीटर आदिवासी कन्या छात्रावास में स्थापित किए गए कोविड केयर सेंटर का कलेक्टर ने औचक निरीक्षण कर वहां सेवा दे रहे स्टाफ को मरीजों के कक्ष में जाने से पहले पीपीई किट अनिवार्य रूप से पहनने के लिए कहा। साथ ही एसडीएम नगरी जितेन्द्र कुर्रे को द्विआयामी संचार पद्धति (टू वे कम्युनिकेशन सिस्टम) तैयार करने के लिए निर्देशित किया जिससे मरीज और स्टाफ के बीच सीधी व प्रत्यक्ष बातचीत हो सके।


इसके उपरांत वापस सीएचसी नगरी आकर स्वास्थ्य विभाग, राजस्व, पुलिस तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुभाग व ब्लाॅक स्तर के अधिकारियों की बैठक लेकर लाॅकडाउन के दौरान शासन के आदेशों का अक्षरशः पालन करने संबंधी व आगे की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक ग्राम में 20-20 युवकों का समूह तैयार कर उन्हें वाॅलिंटियर्स बनाकर टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक करने व कोविड के लाक्षणिक मरीजों की पहचान कर संबंधित मैदानी अमले को सूचित करने का काम करेंगे। साथ ही उनके द्वारा ग्रामीणों को मास्क पहनने, बार-बार साबुन से हाथ धोने व एक-दूसरे से पर्याप्त बनाए रखने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक संगठनों के सहयोग से लोगों को प्रोत्साहित करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। वाॅलिंटियर्स नियुक्ति का काम अगले 7 दिनों के भीतर पूर्ण करने के लिए कलेक्टर ने निर्देशित किया। इस अवसर पर उपस्थित जिला पंचायत के सीईओ मयंक चतुर्वेदी ने भी नगरी ब्लाॅक में वैक्सिनेशन व रिकवरी दर की प्रशंसा करते हुए आगे भी बेहतर ढंग से कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।


इसके बाद कलेक्टर ने विकासखण्ड के ग्राम बेलरगांव व सांकरा में स्थापित आइसोलेशन सेंटर व वैक्सिनेशन सेंटर का आकस्मिक दौरा कर स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों से चर्चा कर धनात्मक मरीजों को अनिवार्य रूप से आइसोलेशन सेंटर में भर्ती कराने कहा जिससे मरीज के सम्पर्क के दायरे को न्यूनतम किया जा सके व अन्य लोगों को संक्रमण की चपेट में आने से बचाया जा सके। तदुपरांत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सांकरा में स्थित टीकाकरण केन्द्र का दौरा कर अब तक के टीकाकरण की प्रगति की जानकारी ली। केन्द्र प्रभारी ने बताया कि लक्ष्य के विरूद्ध अभी लगभग 200 लोगों का वैक्सिनेशन किया जाना शेष है, जिस पर कलेक्टर ने अगले तीन दिनों के भीतर शत-प्रतिशत पात्र लोगों का टीकाकरण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लाॅक के इन दोनों बड़े ग्रामों में कोविड के संक्रमण को रोकने के लिए विशेष रूप से रणनीति तैयार कर कार्य करने के निर्देश स्वास्थ्य, पंचायत एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर एसडीएम, एसडीओ पुलिस, बीएमओ, तहसीलदार, बीपीएम सहित पंचायत विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

 

17-04-2021
कोरोना संकमण की रोकथाम के लिए कलेक्टर कर सकते हैं मुख्यमंत्री सहायता कोष से राशि का उपयोग

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशानिर्देश पर मुख्यमंत्री सहायता कोष से कोरोना संकमण की रोकथाम के लिए दी जाने वाली राशि का स्वविवेक से उपयोग करने की सभी जिला कलेक्टरों को अनुमति प्रदान की गई है। 
मुख्यमंत्री सचिवालय से सभी कलेक्टरों को इस संबंध में पत्र प्रेषित कर दिशानिर्देश दिए गए हैं। पत्र में उल्लेखित है कि नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की शासकीय अधोसंरचना को विकसित करने के लिए जीवनदीप समितियों के माध्यम से मुख्यमंत्री सहायता कोष से आवंटित राशि के उपयोग की अनुमति दी गई है। प्रदेश में वर्तमान में नोवेल कोरोना वायरस  महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जीवनदीप समितियों के माध्यम से आवंटित राशि के उपयोग की दी गई अनुमति में शिथिलता प्रदान करते हुए कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए जिला कलेक्टर्स को उनकी ओर से अपने स्वविवेक से मुख्यमंत्री सहायता कोष द्वारा आवंटित राशि के उपयोग की अनुमति दी जाती है।

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