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26-10-2020
नीरव मोदी की जमानत याचिका ब्रिटेन की अदालत ने की सातवीं बार खारिज

नई दिल्ली। ब्रिटेन की एक अदालत ने भगोड़े नीरव मोदी की जमानत याचिका सातवीं बार खारिज कर दी है। बता दें कि नीरव मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक से 14 हजार करोड़ रुपए से अधिक के लोन की धोखाधड़ी और मनी-लॉन्ड्रिंग के मामले का आरोपी है और उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। वहीं इससे पहले इस महीने की शुरुआत में ब्रिटेन की अदालत ने चल रही प्रत्यर्पण की सुनवाई को तीन नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया था, लेकिन नीरव मोदी बार-बार जमानत पाने के लिए याचिका लगा रहा है। हालांकि उसे इस बार भी सफलता नहीं मिल सकी। गौरतलब है कि लंदन की पुलिस ने 19 मार्च को नीरव मोदी को गिरफ्तार किया था और उसके बाद से वह लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। वहीं वर्ष 2018 में पीएनबी घोटाले में नाम सामने आने से कुछ महीने पहले ही वह भारत से फरार हो गया था। भारत सरकार द्वारा नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की हरसंभव कोशिश की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द उसे भारत लाया जा सके।

 

 

10-06-2020
ईडी ने नीरव मोदी-मेहुल चौकसी पर कसा शिकंजा, हांगकांग से लेकर आई 1350 करोड़ रुपए की ज्वैलरी

नई दिल्ली। भारत के बैंकों को हजारों करोड़ रुपए का चूना लगाकर फरार हीरा व्यापारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ ईडी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हॉन्गकॉन्ग में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का हीरों का बड़ा व्यापार है,ऐसे में ईडी ने यहां दोनों की संपत्ति को जब्त करने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि ईडी पॉलिश किए हुए हीरे, मोती और ज्वेलरी को हॉन्गकॉन्ग से लेकर आई है,जिसकी कुल कीमत 1350 करोड़ रुपए है और यह नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनी का हैं।बता दें कि इससे पहले एक विशेष अदालत ने सोमवार को भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी की परिसंपत्तियों को कुर्क करने की अनुमति दी थी। अदालत ने भगौड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) की धाराओं के तहत यह आदेश दिया था।

महत्‍पूर्ण बात ये हैं कि एफईओए के प्रभाव में आने के दो साल बाद यह देश का पहला मामला है जिसमें इस कानून के तहत किसी की संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया गया है।बता दें भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) के तहत कुकीं का पहला आदेश सुनाते हुए सोमवार 8 जून को महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने कारोबारी नीरव मोदी की परिसंपत्तियों को कुर्क करने की अनुमति प्रदान की हैं विशेष अदालत के जस्टिस वीसी बारडे ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मोदी की उन परिसंपत्तियों को कुर्क करने के आदेश दिए हैं,जो पीएनबी के पास गिरवी नहीं हैं। भगौड़े नीरव मोदी की परिसंपत्ति को कुर्क के लिए निदेशालय को एक माह का समय दिया गया हैं।गौरतलब है कि पंजाब नेशनल बैंक के 13 हजार करोड़ रुपए के धोखाधड़ी मामले में आरोपी भगोड़े हीरा व्‍यवसायी नीरव मोदी का लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में प्रत्यर्पण संबंधी केस की सुनवाई चल रही है।

49 वर्षीय भगोड़ा नीरव मोदी वर्तमान में ब्रिटेन की जेल में बंद हैं। नीरव मोदी को वहां मार्च 2019 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था। भारत उनके खिलाफ वहां की अदालत में प्रत्यपर्ण की कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। इसमें पिछले दिनों सुनवाई के दौरान नीरव मोदी के वकील ने कहा कि नीरव मोदी वर्तमान समय में गंभीर मानसिक बीमारी से ग्रसित हैं। उनका भारत की जेल में विशेषकर आर्थर रोड जेल में उचित इलाज नहीं हो सकता हैं। जेल की स्थितियों पर भारतीय सरकार का आश्वासन अपर्याप्त हैं ऐसे में उनका भारत को प्रत्‍यार्पण करना उचित नहीं होगा।

14-05-2020
रविशंकर प्रसाद का आरोप, नीरव मोदी को बचाना चाहती है कांग्रेस

नई दिल्ली। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को बचाने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि मुंबई उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त जज हैं, जिन्होंने नीरव मोदी के डिफेंस विटनेस के रूप में ये स्टैंड लिया है कि नीरव मोदी के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं है। कानून मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता व पूर्व न्यायाधीश अभय थिप्से ने नीरव के पक्ष में गवाही दी थी। उनके सेवानिवृत्ति होने से दस महीने पूर्व सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उन्हें प्रशासनिक आधार पर बॉम्बे उच्च न्यायालय से इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था।

उन्होंने कहा कि 13 जून 2018 को अभय कांग्रेस पार्टी (रिटायरमेंट के बाद) में शामिल हो गए। राहुल गांधी, अशोक गहलोत, अशोक चव्हाण की उपस्थिति में ये एक हाई प्रोफाइल ज्वाइनिंग हुई थी। उन्होंने कहा कि हमने पहले भी कहा था कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा नीरव मोदी केस में तारणहार की भूमिका निभाई है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीरव मोदी से जुड़े मामले कांग्रेस के शासन के हैं। ये ज्यादातर सब यूपीए-1 और यूपीए-2 में हुआ था।

29-04-2020
11 मई तक न्यायिक हिरासत में ही रहेगा नीरव मोदी, वीडियो लिंक से होगी सुनवाई

लंदन। हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की एक अदालत ने मंगलवार को 11 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उसके मामले की पांच दिन वीडियो लिंक के जरिए सुनवाई की जाएगी। नीरव मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक से दो अरब डालर (चौदह हजार करोड़ रुपये से अधिक) के कर्ज की धोखाधड़ी और मनी-लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी है। साथ ही उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। वह अपने प्रत्यर्पण के आदेश के खिलाफ ब्रिटेन की अदालत में चुनौती दे रहा है। नीरव इस समय दक्षिण पश्चिम लंदन की एक जेल में है।. उसे मंगलवार को वीडियो लिंक के जरिए ही जेल से अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।ब्रिटेन की अदालतों में इस समय कोराना वायरस संक्रमण के खतरे के कारण ऑनलाइन वीडियो संपर्क के माध्यम से ही पेशी हो रही हैं। नीरव के मामले में जिला जज सैमुअल गूजी ने पहले तो इस लॉकडाउन के दौर में प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई कार्यक्रम के अनुसार अगले महीने किए जाने पर आपत्ति जताई। बाद में सभी पक्ष मान गए कि सुनवाई के संबंध में अदालत की सीवीपी यानी सामान्य दृश्य प्रणाली का परीक्षण सात मई को होगा। 

इसमें केवल वकील शामिल होंगे। उसके बाद 11 मई को अंतिम सुनवाई शुरू होगी।जज ने कहा कि कुछ जेलों के कैदियों को व्यक्तिगत रूप से पेश कराया जा रहा है। इस लिए मैं वांड्सवर्थ जेल को निर्देश देता हूं कि नीरव मोदी को सुनवाई के लिए 11 मई को पेश किया जाए। यदि व्यक्तिगत रूप से पेश किया जाना व्यवहारिक ना हो तो सुनवाई में उसे वीडियो लिंक के जरिए शामिल कराया जाए। आज सम्बद्ध पक्षों में सहमति हुई कि सुनवाई के समय अदालत कक्ष में सीमित संख्या में ही लोग रहेंगे। नीरव मोदी को भारत के हवाले किए जाने की अर्जी से संबंधित मामले में यह सुनवाई पांच दिन चलेगी। ब्रिटेन सरकार ने भारत की अर्जी पर कार्रवाई के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी थी। यह मामला भारत की दो जांच एजेंसियों केंद्रीय जांच ब्यूरो और सतर्कता निदेशालय ने दायर किया है। आरोप है कि नीरव मोदी ने भारतीय बैंक के फर्जी सहमति-पत्र दिखा कर विदेशों में बैंकों से कर्ज लिए और उस धन की हेरा फेरी की।

 

07-03-2020
यस बैंक को बचाने के लिए आरबीआई ने पेश किया रिकंट्रक्शन प्लान, एसबीआई को दी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी

नई दिल्ली। यस बैंक संकट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। आरबीआई ने यस बैंक को बचाने के लिए रिकंट्रक्शन प्लान पेश कर दिया है। इस पर बैंक के शेयर होल्डर्स, निवेशकों और यस बैंक और एसबीआई से से सुझाव मांगे गए हैं। आरबीआई ने इसे 'यस बैंक रिकंट्रक्शन स्कीम 2020' नाम दिया है। आरबीआई ने इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं।

आरबीआई ने अपनी रिकंट्रक्शन स्कीम में बताया है कि एसबीआई को बैंक की 49 फीसदी हिस्सेदारी लेनी होगी। यह अधिग्रहण तीन साल के लिए होगा, तीन साल बाद वो हिस्सेदारी 26 प्रतिशत से नीचे कर सकते हैं। इसके साथ ही अधिग्रहण करने वाले बैंक एसबीआई को यस बैंक के शेयर 10 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से लेने होंगे। इसमें दो रुपये फेस वैल्यू होगी और आठ रुपये प्रीमियम वैल्य़ू। इसके साथ ही सबसे बड़ी बात तो आरबीआई ने इस रिकंट्रक्शन स्कीम के तहत कही है वो यह है कि यस बैंक के सभी कर्मचारियों की नौकरी पर कोई खतरा नहीं है। उन्हें जो भी सुविधाएं मिलती रही हैं वो मिलती रहेंगी।

यस बैंक के पूर्व सीईओ के खिलाफ लुक आउट नोटिस, छापेमारी

यस बैंक के संस्थापक और पूर्व CEO राणा कपूर के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हो गया है। राणा कपूर अब देश छोड़ कर नहीं जा सकते। वहीं प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की टीम ने मुंबई में देर रात राणा कपूर के घर पर छापा मारा। कपूर का घर मुंबई के वर्ली इलाके में है। रात भर ईडी की टीम ने राणा कपूर से पूछताछ की है।

कपूर ने निजी संबंधों पर दिए बड़े बड़े लोगों को लोन

राणा कपूर के खिलाफ ईडी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर चुकी है। आरोप है कि राणा कपूर ने यस बैंक के जरिए मनमाने तरीके से मोटे लोन बांटे।लोन देने और उसे वसूल करने की प्रक्रिया अपने हिसाब से तय की। ये लोन राणा कपूर ने अपने निजी संबंधों के आधार पर बड़े बड़े लोगों को लोन दिए। 2017 में यस बैंक ने 6,355 करोड़ रुपए की रकम को बैड लोन में डाल दिया था।

राणा की बिल्डिंग में नीरव मोदी का भी फ्लैट

वर्ली की जिस समुद्र महल बिल्डिंग में राणा कपूर का घर है। उसमें देश के कई नामी कारोबारियों के भी फ्लैट हैं। उस नीरव मोदी का भी इसमें फ्लैट है। जो 10 हजार करोड़ से ज्यादा के पीएनबी घोटाले में देश छोड़कर भाग चुका है। इसके अलावा कई नामी कंपनियों के गेस्ट हाउस इसी बिल्डिंग में हैं। समुद्र महल मुंबई की ऐसी पहली बिल्डिंग है। जिसने 1 लाख प्रति स्क्वेयर फीट की कीमत को जब छुआ था। तो ये खबर हर तरफ सुर्खियां बनी थी।

क्या यस बैंक का पूरा मामला?

गुरुवार को डूबते यस बैंक को बचाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है। फिल्हाल 3 अप्रैल तक रकम निकासी कि सीमा 50,000/- तक तय कर दी गई है। यहां बता दे कि निवेशक हर रोज़ 50000 तक नही बल्कि 3 अप्रैल तक कुल इतनी राशि निकाल सकेंग। विशेष परिस्थितियों में निकासी की सीमा 5 लाख तक कि तय कि गई है। पढ़ाई, इलाज और शादी के लिए ज्यादा रकम निकाले जा सकेंगे। 3 अप्रैल तक रकम निकासी की लिमिट जारी रहेगी। इधर यस बैंक की वित्तीय हालत सुधारने के लिए आरबीआई ने अगले एक महीने के लिए बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का टेकओवर कर लिया है। बैंक का पुनर्गठन 3 अप्रैल से पहले कर दिया जाएगा।

04-03-2020
6 मार्च को होने वाली नीलामी को रुकवाने बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा नीरव मोदी का बेटा

नई दिल्ली। पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी के बेटे ने अपने पिता के कीमती सामानों की 6 मार्च को होने वाली ऑनलाइन नीलामी रुकवाने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। रोहिन मोदी ट्रस्ट के प्रमुख ने अपनी याचिका में दावा किया है कि प्रवर्तन निदेशालय ने जिन कीमती पेंटिंग्स को जब्त किया है, वो उनके पिता की नहीं, बल्कि रोहिन ट्रस्ट की है। रोहिन ने हाईकोर्ट से ईडी और निजी नीलामी संस्था सैफरनआर्ट को 6 मार्च को प्रस्तावित नीलामी रोकने का निर्देश देने की मांग की है। कार्यवाहक चीफ जस्टिस बीपी धर्माधिकारी और जस्टिस एआर बोरकर की पीठ नीरव के बेटे की इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगी। बता दें कि 15 बेशकीमती पेंटिंग्स के अलावा हीरा जड़ित घड़ियों, हैंड बैग और कई महंगी कारों को लाइव और ऑनलाइन नीलामी में शामिल किया गया है। लंदन की जेल में बंद नीरव और उसके मामा मेहुल चोकसी पर पंजाब नेशनल बैंक का करीब 13,600 करोड़ रुपये बकाया है। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला का दर्ज करने के बाद ईडी ने नीरव के मुंबई स्थित बंगलों से कीमती वस्तुएं जब्त की थी, इसकी 6 मार्च को नीलामी होनी है।

31-01-2020
पीएनबी धोखाधड़ी मामला: 27 फरवरी तक बढ़ी नीरव मोदी की हिरासत

लंदन। भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी गुरुवार को अपनी लंदन जेल से वीडियो लिंक के जरिए ब्रिटिश अदालत में पेश हुआ और उसकी हिरासत 27 फरवरी तक के लिए बढ़ा दी गई। नीरव मोदी 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में भारत में वांछित है। बता दें कि नीरव मोदी को 19 मार्च को होलबोर्न से गिरफ्तार किया गया और इसके बाद से वह प्रत्यर्पण मामले की लड़ाई लड़ रहा है। वेस्ट मिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कारोबारी से कहा कि उसका मामला 11 मई को अंतिम सुनवाई के निर्देश के मद्देनजर आगे बढ़ रहा है। इस कोर्ट की अध्यक्षता न्यायाधीश डेविड रॉबिन्सन ने की। नीरव मोदी को विशेष पीएमएलए अदालत ने बीते साल पांच दिसंबर को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित किया था। पीएनबी द्वारा कथित तौर 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाए जाने के बाद नीरव मोदी और गीतांजली समूह के मेहुल चोकसी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो जांच कर रही हैं।

 

05-12-2019
नीरव मोदी को स्पेशल कोर्ट ने किया भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित

नई दिल्ली। विशेष पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) कोर्ट ने गुरुवार को अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया। नीरव 2017 में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुई 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के प्रमुख आरोपियों में शामिल है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विशेष अधिवक्ता हितेन वेनेगांवकर ने कहा, “इसके साथ ही विजय माल्या के बाद भगोड़ा आर्थिक अपराध अधिनियम (एफईओए) के अंतर्गत भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होने वाला वह दूसरा अभियुक्त बन गया है।” इस महत्वपूर्ण आदेश से एक दिन पहले उसके मामा और पीएनबी घोटाले के सह आरोपी मेहुल चोकसी को भी बंबई हाईकोर्ट ने झटका देते हुए विशेष पीएमएलए कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी थी। पीएमएलए कोर्ट में ईडी उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग कर रही है। शराब व्यापारी और किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख माल्या को इसी साल जनवरी में मुंबई स्थित विशेष अदालत ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया था। नीरव मोदी को यह झटका लगने से एक दिन पहले विशेष पीएमएलए न्यायाधीश वीसी बार्डे ने कहा कि “सीआरपीसी की धारा 82 के अंतर्गत परिकल्पित घोषणा जारी की जाएगी, क्योंकि वारंट की कार्रवाई से खुद को बचाने के लिए आरोपी फरार हो गए।”

नीरव मोदी के अलावा उसका भाई निशाल मोदी और एक साथी सुभाष परब को भी 15 जनवरी तक विशेष अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है। सीबीआई ने तीनों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के लिए अगस्त में एक याचिका दायर की थी। अगर शेष दो भी विशेष अदालत के समनों का पालन नहीं कर पाते हैं तो उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया जाएगा और सीबीआई एफईओए के अंतर्गत उनकी सभी संपत्तियों की जब्ती की कार्यवाही शुरू कर सकती है। इसी साल मार्च में लंदन में गिरफ्तार हुआ नीरव फिलहाल लंदन स्थित जेल में न्यायिक हिरासत में है। लेकिन अन्य दो आरोपी फिलहाल फरार चल रहे हैं। हालांकि तीनों आरोपियों (नीरव, निशाल और परब) के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। भारत फिलहाल नीरव को इंग्लैंड से और उसके मामा मेहुल को एंटीगुआ और बारबुडा से प्रत्यर्पित करने का प्रयास कर रहा है। मेहुल अब एंटीगुआ और बारबुडा का नागरिक है।

05-12-2019
पीएनबी घोटाला : भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित हुआ नीरव मोदी

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर एक विशेष अदालत ने पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी करार दिया है। नीरव मोदी विजय माल्या के बाद दूसरा ऐसा कारोबारी है जिसे नए भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के तहत भगोड़ा आर्थिक अपराधी करार दिया गया है। यह अधिनियम पिछले साल अगस्त में प्रभाव में आया था। नीरव मोदी और उसका चाचा मेहुल चोकसी पीएनबी धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी है। यह गारंटी पत्र जारी करने में कथित धोखाधड़ी से जुड़ा है जिसकी वजह से सरकारी बैंक को नुकसान उठाना पड़ा था। नीरव मोदी को लंदन में गिरफ्तार किया गया था और अभी प्रत्यर्पण प्रक्रिया लंबित है।
 
इससे पहले विशेष सीबीआई कोर्ट ने बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी और दो अन्य के खिलाफ मुनादी आदेश जारी किया। साथ ही इन आरोपियों को 15 जनवरी को पेश होने का आदेश दिया था। ऐसा नहीं करने पर ही कोर्ट ने नीरव समेत अन्य आरोपियों को भगोड़ा अपराधी घोषित किया है। विशेष जज वीसी बोर्डे पेश होने का आदेश नीरव, उसके भाई नीशाल मोदी और करीबी सहयोगी सुभाष परब के खिलाफ जारी किया। कानून के मुताबिक, कोर्ट के एक बार प्रोक्लेमेशन आर्डर या मुनादी आदेश जारी करने पर आरोपियों का उसके सामने दी गई समयसीमा के अंदर पेश होना जरूरी होता है। ऐसा नहीं होने पर उसे भगोड़ा अपराधी घोषित किया जा सकता है। एक बार व्यक्ति भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया तो जांच एजेंसी देश में मौजूद उसकी संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर सकती है। पीएनबी घोटाले में नीरव और मेहुल चौकसी मुख्य आरोपी हैं। नीरव इन दिनों लंदन की जेल में बंद है और उसके प्रत्यर्पण का मामला लंबित है। वहीं नीशाल व परब कहां हैं, इसकी जानकारी नहीं है।

03-11-2019
नीलाम होंगी नीरव मोदी की 13 लग्जरी कारें, अल्ट्रा लग्जरी बेंटले भी शामिल, जाने कीमत

नई दिल्ली। पीएनबी घोटाला मामले में डायमंड कारोबारी नीरव मोदी पर शिकंजा कसने लगा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 7 नवंबर को नीरव मोदी की 13 लग्जरी कारों को नीलाम करने जा रहा है। खबर के अनुसार जिन कारों की नीलामी होने जा रही है उसमें नीरव मोदी की 2 करोड़ रुपये मूल्य वाली अल्ट्रा लग्जरी बेंटले कार भी शामिल है। मालूम हो कि नीरव मोदी 13000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में मुख्य आरोपियों से शामिल है। नीरव को लंदन में इस साल मार्च में गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल लंदन की वांड्सवर्थ जेल में बंद है। नीरव के वकील की तरफ से उसकी जमानत के लिए याचिका भी दायर की गई है। ब्रिटेन की अदालत में जमानत याचिका पर 6 नवंबर को सुनवाई होनी है।

इससे पहले इस साल अगस्त में ईडी ने विशेष पीएमएलए अदालत में याचिका दायर कर नीरव मोदी की जब्त की गई संपत्तियों जैसे कार, घड़ियां व पेटिंग्स की नीलामी करने की मांग की थी। खबर के अनुसार अपनी याचिका ईडी ने कहा था कि यदि नीरव मोदी की जब्त किए गए सामानों को लंबे समय तक रखा गया तो इनकी देखरेख का खर्च इनके मौजूदा कीमत से अधिक हो जाएगा। बेंटले की बोली की कीमत 2 करोड़ रुपये से शुरू होगी, जो कि नीरव मोदी की जब्त की गई कारों में सबसे अधिक है। ईडी ने नीरव मोदी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

26-09-2019
एंटीगुआ के पीएम बोले- धोखेबाज हैं मेहुल चोकसी, जांच एजेंसियां पूछताछ के लिए स्वतंत्र

न्यूयॉर्क। एंटीगुआ और बार्बूडा के प्रधानमंत्री ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी को लेकर बड़ा बयान दिया है। एंटिगुआ और बारबूडा के प्रधानमंत्री गेस्टन ब्राउन ने कहा है कि घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी को भारत तब प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा, जब उसकी याचिकाओं का निपटारा हो जाएगा। ब्राउन ने कहा, हम कानून को मानने वाले एक देश हैं, और मामला न्यायपालिका के समक्ष है। एंटिगुआ के प्रधानमंत्री ने चोकसी को धूर्त करार देते हुए कहा, "उसने (चोकसी) कई याचिकाएं दाखिल कर रखी हैं और जब तक उसकी याचिकाएं निपट नहीं जातीं, हम कुछ नहीं कर सकते।" उन्होंने कहा, "एंटिगुआ बारबूडा को उससे कोई लाभ नहीं है।" प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय अधिकारी उससे पूछताछ करने के लिए स्वतंत्र हैं। उल्लेखनीय है कि चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी साल भर पहले देश छोड़कर भाग गए थे। दोनों 13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी हैं। चोकसी को एंटिगुआ और बारबूडा ने इस साल के प्रारंभ में नागरिकता दे दी थी। 

13-09-2019
पीएनबी घोटाला : नीरव मोदी के भाई के खिलाफ इंटरपोल ने जारी किया रेड कार्नर नोटिस

नई दिल्ली। 13,600 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले का मुख्य अभियुक्त नीरव मोदी के भाई नेहाल मोदी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। इससे पहले ईडी ने इंटरपोल से नेहाल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की अपील की थी। 40 साल का नेहाल फिलहाल बेल्जियम की नागरिकता हासिल किए हुए है और अमेरिका में रह रहा है। उस पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। उस पर पीएनबी से पैसे को इधर-उधर करने में नीरव मोदी की मदद करने का आरोप है। इसके साथ ही उसने सभी सबूतों को भी नष्ट कर दिया है।  ईडी ने आरोप लगाया है कि घोटाले का पता लगने के बाद उसने दुबई और हांगकांग में रह रहे सभी छद्म निदेशकों के सेल फोन को समाप्त कर दिया है और उनका काहिरा के लिए टिकट बुक किया था। फिलहाल नीरव मोदी इंग्लैंड की जेल में है। लंदन की वेस्टमिनस्टर कोर्ट में उसके प्रत्यपर्ण की सुनवाई चल रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नीरव मोदी की 637 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। ये संपत्तियां भारत तथा चार अन्य देशों में स्थित हैं। जब्त की गई संपत्तियां, आभूषण, फ्लैट और बैंक बैलेंस आदि भारत, ब्रिटेन और न्यूयॉर्क समेत अन्य जगहों में स्थित हैं। ऐसे बेहद कम मामले हैं जिनमें भारतीय एजेंसियों ने किसी आपराधिक जांच के सिलसिले में विदेश में संपत्तियां जब्त की हैं। ईडी ने कहा कि इन संपत्तियों को धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत जारी पांच विभिन्न आदेशों के तहत जब्त किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ईडी ने इसी मामले में एक अन्य आरोपी आदित्य नानावती के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया है। उल्लेखनीय है कि नीरव मोदी और उसका मामा मेहुल चोकसी इस मामले में मुख्य आरोपी हैं।

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