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01-08-2020
जानिए राज्यपाल ने किन्हें भेजी गोबर और बांस से बनी राखी,त्यौहार पर विशेष सावधानी बरतने की अपील

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके शनिवार को लोक संस्कृति मंच राष्ट्रगाथा संस्था की ओर से आयोजित स्नेह बंधन त्यौहार और संस्कृति-स्वास्थ्य-स्वरक्षा विषय पर आयोजित वेबिनार में शामिल हुई। उन्होंने कहा कि, रक्षा बंधन का पर्व भाई और बहन के मध्य प्रेम का प्रतीक है। इस अवसर पर भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेता है। इस कोरोना के संक्रमण के समय यह पवित्र त्यौहार आया है। यह प्रयास करना है कि, उत्साह में कोई कमी न आएं, पर हम त्यौहार मनाते समय विशेष सावधानी रखें। साथ ही कोरोना वायरस से रक्षा करने का संकल्प लें। राज्यपाल ने सभी को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं भी दी। 

राज्यपाल उइके ने कहा कि, उन्होंने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को गोबर और बांस से बनी राखी भेजी है। स्थानीय उत्पादों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं ने यह राखियां बनाई है। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प लेने का आह्वान किया है। इस कोरोना काल में हमें स्थानीय स्तर पर बनाए गए उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि हमारी अर्थव्यवस्था सशक्त हो सके। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि, जान है तो जहान है। हम सबको कोरोना वायरस के संक्रमण से सावधान रहने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि, रक्षाबंधन हमारे प्रमुख त्यौहारों में से एक है। यह स्नेह का, प्यार का आशीर्वाद का, रक्षा के वादे का बंधन है। हमारी संस्कृति ही वसुधैव कुटुम्बकम की है। सर्वे भवन्तु सुखिन: की है। हमारी परम्परा हमें सिखाती है कि सभी कल्याण हो और सभी स्वस्थ और सुखी रहें। उन्होंने कहा कि,आज पूरा विश्व कोरोना के वायरस के संक्रमण से जुझ रहा है। यह त्यौहार रक्षा का त्यौहार है अत: हम इस अवसर पर कोरोना वायरस से रक्षा करने का संकल्प लें। कोशिश करें भीड़ वाली जगह पर ना जाए और आपस में मिलते समय मास्क का जरूर उपयोग करें। हमारे डॉक्टर्स, पुलिस कर्मचारी, प्रशासन के लोग, सैनिक सभी बहुत मेहनत से सबकी सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं। हमारी थोड़ी भी लापरवाही हमें कई मुसीबतों का सामना कराएगी। राज्यपाल से सभी से प्रसन्न, स्वस्थ, सुरक्षित रहने की अपील की है। कोरोना रूपी अदृश्य वायरस से बचाव के सभी उपाय अपनाकर जीतने की अपील की है। इस दौरान पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा, सांसद शंकर लालवानी, गायिका मालिनी अवस्थी ने भी अपना संबोधन दिया। इस मौके पर मंजुषा राजस जोहरी और अन्य नागरिक उपस्थित थे।

22-07-2020
ज्योतिरादित्य, प्रियंका चतुर्वेदी सहित 45 नवनिर्वाचित सदस्यों ने ली राज्यसभा में शपथ

नई दिल्ली। राज्यसभा के नवनिर्वाचित सदस्य सदन के चेंबर में शपथ ली। राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सदस्यों को चेंबर में शपथ दिलाई। अधिकारियों ने कहा कि यह पहला मौका है, जब अंतर सत्र की अवधि में सदस्य सदन के चेंबर में शपथ ली, ताकि कोविड-19 के मद्देनजर सामाजिक दूरी के मानकों का पालन किया जा सके। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, राकांपा प्रमुख शरद पवार, मप्र के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे समेत आज 45 राज्यसभा सांसदों ने शपथ ली है। शपथ समारोह के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया। शपथग्रहण आमतौर पर या तो सत्र के दौरान होता है अथवा जब संसद सत्र नहीं होता है तब राज्यसभा के सभापति के चेम्बर में होता है। राज्यसभा के लिए हाल के चुनाव में 20 राज्यों से 61 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। हालांकि आज 45 सदस्य ही शपथ ले पाएं। इसमें पहली बार 36 सदस्य चुन कर आए हैं। उच्च सदन के नवनिर्वाचित 61 सदस्यों में से 45 को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी राज्यसभा के सभापति एम.वेंकैया नायडू ने बुधवार को उच्च सदन के नवनिर्वाचित 61 सदस्यों में से 45 को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कोविड-19 महामारी के कारण अंतर सत्र के दौरान शपथ ग्रहण समारोह राज्यसभा के चेंबर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति एवं उच्च सदन के सभापति वेंकैया नायडू ने कहा, ‘देश के विधि निर्माता के रूप में आपका चुनाव हुआ है। अपने दायित्व के निर्वहन में आप सुनिश्चित करें कि सदन में आपका आचरण नियमों के अनुकूल हो, स्थापित मानदंडों के अनुरूप हो और सदन के बाहर आपका आचरण नैतिकता के मानदंडों के अनुसार हो।’

उन्होंने कहा कि तत्काल लाभ के लिए सदन में बाधा-व्यवधान डालने के प्रलोभन में न पड़ें बल्कि जनता की दृष्टि में इस सदन का सम्मान बढ़ाने के प्रति सदैव सचेत रहें। कानून का शासन लागू हो यही देश का विधान है। और इसकी शुरुआत आप ही से होती है, जब आप सदन के नियमों और प्रथाओं का पालन करते हैं। शपथ ग्रहण करने वाले सदस्यों में 36 सदस्य ऐसे हैं जो पहली बार राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ले रहे हैं। भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया पहली बार राज्यसभा में दिखेंगे। 2019 लोकसभा चुनाव गुना से हारने के बाद वह कुछ माह पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। इस बार वह भाजपा सांसद के रूप में दिखेंगे। राज्यसभा के चुने सदस्यों में बीजेपी के 17, कांग्रेस के 9, जेडीयू के 3, बीजद और वाईएसआर कांग्रेस के चार-चार, अन्नाद्रमुक और द्रमुक ने तीन-तीन, एनसीपी, आरजेडी और टीआरएस ने दो-दो और शेष सीटें अन्य ने जीतीं। इन नए सदस्यों में से 43 पहली बार चुने गए हैं बाकी सदस्यों ने दोबारा राज्यसभा में वापसी की है।

 

02-05-2020
भूपेश बघेल ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ.जाकिर हुसैन की पुण्यतिथि पर किया नमन

 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षाविद और भारत के तीसरे राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ.जाकिर हुसैन की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने डॉ.जाकिर हुसैन के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारत में बिहार के राज्यपाल, उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति के पद को सुशोभित किया। डॉ.हुसैन ने स्वाधीनता आंदोलनों में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई। वे भारत में आधुनिक शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने शिक्षा के प्रचार-प्रसार और शैक्षिक सुधार आंदोलनों में सक्रिय रूप से कार्य किया।

24-04-2020
उपराष्ट्रपति ने भूपेश बघेल से की बात, कृषि की स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण सहित अन्य विषयों पर हुई चर्चा

रायपुर। उप राष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को टेलीफोन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से चर्चा की। उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री बघेल से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्यों से गांवों में खेती-किसानी को उन्नत बनाने, अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ने और रोजगार मूलक कार्यो से गांवों में कृषि की स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर विस्तृत चर्चा की।मुख्यमंत्री बघेल ने उप राष्ट्रपति नायडू को बताया कि देशव्यापी लॉक डाउन के बावजूद छत्तीसगढ़ में 11 हजार 504 ग्राम पंचायतों में से वर्तमान 9 हजार 687 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत रोजगार मूलक कार्य संचालित किए जा रहे हैं। इसमें गांवों में 43 हजार 325 रोजगार मूलक गतिविधियां संचालित की जा रही है,जिसमें 12 लाख 81 हजार 327 मजदूरों को रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री बघेल ने उपराष्ट्रपति को राज्य सरकार की सुराजी गांव योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बारी के तहत संचालित ग्रामीण विकास के कार्यों की भी जानकारी दी। उपराष्ट्रपति ने मनरेगा के अलावा छत्तीसगढ़ में कोरोना संकट से निपटने के लिए किए गए इंतजामों पर भी मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की।

02-09-2018
Book Released : उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अपने अनुभव पर लिखी किताब, पीएम मोदी ने किया विमोचन

नई दिल्ली। अपने पद पर रहते हुए उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अपने बीते एक साल के अनुभव पर एक किताब  Moving on Moving forward: A year in office लिखी है। इसका विमोचन रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।  इस दौरान पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, वित्त मंत्री अरुण जेटली भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में पीएम मोदी वेंकैया नायडू की तारीफ में पुराना किस्सा साझा करते हुए कहा कि “अटल जी वेंकैया नायडू जी को एक मंत्रालय देना चाहते थे। इस पर वेंकैया जी ने कहा कि मैं ग्रामीण विकास मंत्रालय संभालना चाहता हूं।”

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारों ही इशारों में विपक्ष और खासतौर से कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सदन जब ठीक से चलता है तो आसन पर कौन बैठा है, उसमें क्या क्षमता है, क्या विशेषता है, उस पर ज्यादा लोगों का ध्यान नहीं जाता है। सदस्यों के विचार ही आगे रहते हैं, लेकिन जब सदन की कार्यवाही नहीं चलती है तो आसन पर जो व्यक्ति होता है उसी पर ध्यान रहता है। वह कैसे अनुशासन ला रहे हैं, कैसे सबको रोक रहे हैं इसलिए गत वर्ष देश को वेंकैया नायडू को निकट से देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

सदन न चलने देने के लिए कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि अगर सदन ठीक से चला होता तो यह सौभाग्य न मिलता. इस पर खुद उपराष्ट्रपति भी मुस्कुराते नजर आए। प्रधानमंत्री जब बोल रहे थे तो मंच पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा के साथ ही सुनने वालों में कांग्रेस के कई नेता मौजूद थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि मैं थोड़ा नाखुश हूं कि संसद में उस तरह कामकाज नहीं चल रहा, जिस तरह चलना चाहिए।

कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वैंकया नायडू अपने राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के कारण उपराष्ट्र पति बने। एक साल के कार्यकाल में उन्होंने काफी कुछ किया जो झलकता है। मनमोहन सिंह ने आगे कहा कि लेकिन अभी वैंकया जी का बेस्ट उनके अंदर से निकलना बाकी है। एक कवि ने कहा है- सितारों के आगे जहा और भी है...अभी इश्कक के इम्तेहां और भी हैं...

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