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20-11-2020
महापौर ने छठ पूजा की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, श्रद्धालुओं ने कहा, निगम प्रशासन ने की संपूर्ण तैयारी

 भिलाई। महापौर एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव शुक्रवार को सुबह 8 बजे से निगम क्षेत्र के तालाबों में पहुंचकर छठ पूजा के लिए आवश्यक व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से मिलकर छठ पर्व की बधाई दी। सर्वप्रथम महापौर दर्री तालाब पहुंचे वहां उन्होंने पूरे तालाब का भ्रमण किया और साफ सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस तालाब का सौंदर्यीकरण कार्य महापौर के प्रयासों से किया जा रहा है जहां पर चारों ओर पेवर ब्लॉक लगाया जा रहा है साथ ही जिम सामग्री लगाई गई है। महापौर ने लक्ष्मण तालाब खुर्सीपार का निरीक्षण किया वहां पर उपस्थित श्रद्धालु राजकुमार यादव ने बताया कि निगम प्रशासन ने 2 दिन में ही छठ पर्व को लेकर सारी तैयारियां पूर्ण कर दी। महापौर से जो भी मांग किए थे छठ पूजा की व्यवस्था को लेकर वह पूरा हो गया अब उत्साह पूर्वक पर्व मना पाएंगे! बापू नगर तीन तालाब में पहुंचकर उन्होंने समिति के अध्यक्ष मौर्या से व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की।

महापौर, बाबा बालक नाथ मंदिर स्थित तालाब पहुंचे वहां पर सारी व्यवस्था देखी और समिति की मांग पर सायं काल से पहले विद्युत व्यवस्था के लिए निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए। बैकुंठ धाम स्थित तालाब, रामनगर स्थित मुक्तिधाम तालाब, सेक्टर दो स्थित तालाब एवं सेक्टर 7 स्थित तालाब का भी देवेंद्र यादव ने जायजा लिया। भ्रमण के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने बताया कि कम समय में बेहतर व्यवस्था निगम प्रशासन की ओर से की गई। तालाबों में छठ पर्व मनाने के दौरान आपस में दूरी बनाए रखने, भीड़ का हिस्सा न बनने, हमेशा मास्क पहनने एवं हाथों को स्वच्छ रखने निगम प्रशासन फ्लेक्स के माध्यम से संदेश प्रसारित कर रहा है। निरीक्षण के दौरान महापौर परिषद के सदस्य एवं स्वास्थ्य प्रभारी लक्ष्मीपति राजू, एमआईसी सदस्य सत्येंद्र बंजारे, पार्षद तुलसी पटेल, डी.कॉम राजू, शरद मिश्रा, हरीश सिंह, दमयंती, निगम उपायुक्त तरुण पाल लहरे, जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा, उप अभियंता नितेश मेश्राम एवं प्रकृति जगताप, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।

 

10-11-2020
प्रशासन की सख्ती के बाद भी नए-नए तरीके से रेत चोरी की घटना को अंजाम दे रहे चोर, ट्रेक्टर-ट्राली जब्त

कोरबा। प्रशासन की सख्ती के बाद भी रेत चोर नए-नए तरीके से रेत चोरी की घटना को अंजाम दे रहे हैं। बीते शाम फिर संदेहास्पदरूप से रेत परिवहन करते एक ट्रेक्टर-ट्राली को ग्राम बरपाली में जब्त किया गया। कलेक्टर किरण कौशल के निर्देशन तथा अनुविभागीय दंडाधिकारी कोरबा सुनील नायक एवं जिला स्तरीय खनिज उड़नदस्ता टीम के अध्यक्ष आशीष देवांगन के मार्गदर्शन में बरपाली नायब तहसीलदार एवं जिला स्तरीय खनिज उड़नदस्ता टीम के सदस्य पंचराम सलामे ने कार्रवाई की। बरपाली उपतहसील कार्यालय के सामने से ही जा रहे रेत से भरे ट्रेक्टर-ट्राली की जाँच के बाद मामला एक ही रॉयल्टी पर्ची रेत घाट से प्राप्त कर उससे दिन भर और बार-बार रेत का अवैध परिवहन करने का प्रतीत हो रहा है। नायब तहसीलदार ने बताया कि लगभग छः बजे ग्राम बरपाली के उपतहसील कार्यालय के पास रेत से भरे वाहन ट्रेक्टर को रोक कर जाँच की गई। रेत को तिरपाल से भी नहीं ढंका गया था। जाँच के दौरान ट्रेक्टर चालक से ज़रूरी दस्तावेज परीक्षण के लिए माँगे गए। वाहन चालक रामावतार ने पेश रॉयल्टी पर्ची की जाँच करने पर उसे सुबह 10 बजे ग्राम भैंसामुड़ा के हसदेव नदी स्थित लाइसेंसी रेत घाट से जारी होना पाया गया। लेकिन सुबह 10 बजे जारी इस रॉयलटी पर्ची से शाम 6 बजे रेत का परिवहन करते पाए जाने पर रॉयलटी पर्ची की और बारीकी से जांच में पाया गया कि रॉयलटी पर्ची में अंकित अनुसार वाहन को भैंसामुड़ा खदान से रेत लेकर गंतव्य स्थान ग्राम भैंसामुड़ा के ही पारा क़ुरैहीया पारा जाना था। लेकिन जांच के दौरान वाहन चालक के बताए अनुसार वह रेत को ग्राम बरपाली से तुमान रोड स्थित ग्राम पकरिया लेकर जा रहा था। जाँच के दौरान चालक ने वाहन ट्रेक्टर से संबंधित पंजीयन दस्तावेज, बीमा, लाइसेंस आदि पेश नहीं किया। इस प्रकार सुबह 10 बजे जारी की गई रॉयल्टी पर्ची से शाम छः बजे रेत का परिवहन और रॉयलटी पर्ची में दर्शित गंतव्य स्थान से भिन्न स्थान की ओर रेत का परिवहन करते पाए जाने पर वाहन ट्रेक्टर को संदेहास्पद पाए जाने पर वाहन जब्त कर लिया गया और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

07-11-2020
मिष्ठान भंडार किराना दुकान होटल व बेकरी वालों खबरदार खराब सामान रखा तो बचोगे नहीं प्रशासन नज़र रखे हुए है

रायपुर/बेमेतरा। त्यौहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए कार्यालय उपसंचालक खाद्य व औषधि प्रशासन जिला- बेमेतरा की टीम की ओर से मिठाईयों/ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए  मिष्ठान भण्डार, होटलों, बेकरी दुकानों, किराना दुकानों का लगातार निरीक्षण व निगरानी कार्य किया जा रहा है। सभी मिष्ठान निर्माणकर्ताओं को मिठाई निर्माण की तिथि व बेस्ट बिफोर काउण्टर में अंकित करने व अखाद्य रंग (गाय छाप रंग) का प्रयोग मिठाई, जलेबी, लड्डू इत्यादि में नहीं करने निर्देश दिया जा रहा है। बेमेतरा के अंतर्गत बेरला ब्लॉक के दुर्गा स्वीट्स, शिवशक्ति स्वीट्स, बीकानेर स्वीट्स, सिन्हा हॉटल, वर्धमान बेकरी, देवरबीजा में शिवशक्ति मिष्ठान भण्डार, दीपक हॉटल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। साथ ही बीकानेर स्वीट्स (बेरला) से कलाकंद व शिवशक्ति मिष्ठान भण्डार (देवरबीजा) से पेड़ा का नमूना गुणवत्ता जांच के लिए संकलित किया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच टीम में राजू कुर्रे,  जितेन्द्र कुमार नेले, खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं नमूना सहायक, वरूण पटेल द्वारा कार्यवाही की गई है व आवश्यकतानुसार खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 विनियम 2011 के तहत अमानक स्तर के खाद्य पदार्थों का भण्डारण, विक्रय करने पर खाद्य कारोबारकर्ताओं को माननीय न्यायालय द्वारा नियमानुसार जुर्माने से दण्डित किया जा रहा है। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, अटल नगर नवा रायपुर द्वारा संचालित चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के तहत 11 नवम्बर को खाद्य प्रतिष्ठानों जैसे- होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान, इत्यादि से खाद्य पदार्थों का मौके पर प्राथमिक परीक्षण कर अमानक खाद्य का विक्रय, भण्डारण पाए जाने पर विधिक कार्यवाही की जाएगी व विभाग से दीपावली त्यौहार को ध्यान में रखते हुए लगातार कार्यवाही जारी रहेगी।

04-11-2020
केसिंग पाइप लगाने के दौरान हुई दुर्घटना,बोरवेल में गिरा 5 साल का बच्चा, राहत कार्य जारी

भोपाल। मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिला मुख्यालय से लगभग 36 किलोमीटर दूर बारहबुजुर्ग गांव में बुधवार को पांच साल का एक बच्चा 200 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया। प्रशासन द्वारा बच्चे को बोरवेल से निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल इसमें सफलता नहीं मिली है।पृथ्वीपुर पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि बोरवेल में मज़दूरों के पाइप केसिंग लगाने के दौरान हरिकिशन कुशवाहा का पुत्र प्रह्लाद (पांच) बोरवेल में गिर गया। उन्होंने बताया कि बोरवेल में 100 फीट की गहराई तक पानी है।
त्रिपाठी ने बताया कि विशेषज्ञों की मदद से बच्चे को बचाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन बोरवेल में पानी होने के कारण यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चा किस गहराई में फंसा हुआ है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन बालक को बोरवेल से निकालने के लिए सभी तरह के प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी उसे नहीं निकाला जा सका है।
उन्होंने बताया कि बोरवेल को हाल ही में खोदा गया था और श्रमिक उसमें पाइप केसिंग डालने का काम कर रहे थे, उसी दौरान ये हादसा हो गया।

03-11-2020
दो दिन में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाने वाले रेत घाटों की लीज होगी निरस्त : कलेक्टर

कोरबा। प्रशासन द्वारा स्वीकृत रेत घाटों में लीज धारकों द्वारा सीसीटीवी कैमरे और रेत घाट के सम्पूर्ण विवरण तथा रेत का मूल्य प्रदर्शित करने वाले बोर्ड नहीं लगाने पर घाटों की लीज निरस्त हो सकती है। कलेक्टर किरण कौशल ने समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक में अगले दो दिनों में स्वीकृत सभी रेत घाटों पर सीसीटीवी कैमरे और विवरण बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाकर प्रतिवेदन खनिज विभाग को देने के निर्देश सभी लीज धारकों को दिये हैं। समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने आज अवैध रेत उत्खनन को रोकने और आमजनों को रियायती दरों पर रेत की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये अधिकारियो द्वारा पिछले एक सप्ताह में की गई कार्रवाईयों की समीक्षा की। उन्होंने ऐसे सभी प्रकरणों में कार्रवाई तेज करने के निर्देश राजस्व एवं खनिज विभाग के अधिकारियों को दिये। किरण कौशल ने निर्देशों के बावजूद भी पोड़ी और बंजारी रेत घाटों पर अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दोनो घाटों के लीज धारकों को नोटिस जारी करने के निर्देश खनिज अधिकारी को दिये। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुंदन कुमार, नगर निगम आयुक्त एस. जयवर्धन सहित तीनों अनुविभागों के एसडीएम, राजस्व अधिकारी और विकासखण्ड मुख्यालयों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी विभागों के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए। बैठक में कलेक्टर ने स्वीकृत रेत घाटों का नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को दिये। उन्होंने ज्यादा रेट पर आमजनों को रेत बेचने की शिकायत मिलने पर तत्काल रेत घाटों पर कार्रवाई करते हुए पंचनामा बनाने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने बैठक में सीधे-सीधे निर्देशित किया कि अवैध रेत खनन और अनावश्यक रूप से रेट बढ़ाकर लोगों को रेत बेचने के प्रकरणों में कड़ी कार्रवाई की जाये। ऐसे सभी प्रकरणों में लिप्त रेत घाटों को निरस्त कर लीज धारकों के विरूद्ध भी खनन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाये।

 

02-11-2020
नहीं मान रहे लापरवाह, निकल रहे बिना मास्क लगाएं,निगम प्रशासन वसूल रहा जुर्माना

रायपुर। जिला और निगम प्रशासन कोरोना की रोकथाम के लिए मुस्तैदी से जुटा है पर लापरवाह मान नहीं रहे हैं। प्रशासन की समझाइश के बाद भी लोग नहीं सुधर रहे हैं और बिना मास्क लगाए घर से निकल रहे हैं। इन पर निगम प्रशासन जुर्माने की कार्रवाई कर रहा है। सोमवार को 237 लोगों से 18,060 रुपए का अर्थदंड वसूला गया। निगम स्वास्थ्य अधिकारी विजय पाण्डेय ने बताया कि नगर निगम के 10 जोनों की टीम पुलिस प्रशासन के साथ मिल कर विभिन्न बाजारों में विशेष अभियान चला रही है। इसमें नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई जा कर रही है। मास्क का उपयोग नही करने पर ऑटो चालकों और ठेले वालों से जुर्माना वसूला जा रहा है। सोमवार को निगम जोन 4 टीम ने 40 लोगों पर 2,500 रुपए जुर्माना वसूला। जोन 5 टीम ने 141 लोगों पर 11,340 रुपए और  जोन 7 ने 26 लोगों पर 2420 रुपए जुर्माना वसूला। जोन 8 की टीम ने 10 लोगों से 600 और जोन 9 ने मास्क नहीं पहनने पर 20 लोगों पर 1200 रुपए जुर्माना वसूला। 

 

28-10-2020
कोरबा जिले में कोरोना संक्रमितों का औसत रिकवरी रेट 76 प्रतिशत,अब तक 8 हजार 581 पाॅजिटिव मिले, 6 हजार 524 स्वस्थ हुए

कोरबा। जिले में इलाज की बेहतर सुविधा, जांच की अच्छी व्यवस्था और मेडिकल सुविधाओं के साथ-साथ प्रशासन की सजगता से कोरोना संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने की औसत दर 76 प्रतिशत है। जिले में अब तक 8 हजार 581 कोरोना संक्रमित मरीज मिले,जिनमें से दो हजार 894 ग्रामीण क्षेत्र से और पांच हजार 687 शहरी क्षेत्र के हैं। इनमें से इलाज के बाद छह हजार 524 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। अब तक जिले के 57 कोरोना संक्रमितों की मृत्यु हुई है,जिनमें से अधिकांश जिले से बाहर के कोविड अस्पतालों में इलाज के लिये भर्ती थे। कलेक्टर किरण कौशल के निर्देश पर कोरबा जिले में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिये अन्य जिलों से बेहतर व्यवस्थाएं की गयी हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में बीते दिन की स्थिति में कोविड-19 के एक हजार 999 सक्रिय प्रकरण हैं, जिनका इलाज जिले के विशेष कोविड अस्पताल सहित स्याहीमुड़ी के कोविड केयर सेंटर, होम आईसोलेशन और निजी क्षेत्र के विशेष कोविड केयर सेंटरों में चल रहा है।

अब तक मिले पाॅजिटिव मरीजों और अस्पतालों में इलाज के बाद ठीक हुए मरीजों के हिसाब से करतला विकासखण्ड में रिकवरी रेट जिले में सबसे अधिक 88.15 प्रतिशत मिला है। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड में बीते दिन तक 295 कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है,जिनमें से अभी तक इलाज के बाद 216 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं। रिकवरी रेट के हिसाब से जिले में दूसरा स्थान कोरबा ग्रामीण क्षेत्र का है, जहां रिकवरी रेट 86.13 प्रतिशत है। कोरबा विकासखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक 476 कोरोना पाॅजिटिव मरीज मिले हैं,जिनमें से 410 ठीक हो गये हैं। करतला विकासखण्ड में 802 कुल कोरोना मरीजों में से 707 अब तक ठीक हो चुके हैं। कटघोरा विकासखण्ड में मिले दो हजार 282 कोरोना मरीजों में से अब तक एक हजार 627 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो गये हैं और कटघोरा विकासखण्ड मे रिकवरी रेट 71.29 प्रतिशत है। जिले में सबसे कम रिकवरी रेट प्रतिशत के हिसाब से कटघोरा विकासखण्ड का है। विकासखण्ड पाली में कोरोना संक्रमितों का रिकवरी रेट 79.21 प्रतिशत है, जहां अब तक 640 कोरोना मरीजों में से 507 मरीज इलाज के बाद ठीक हुये हैं। कोरबा के शहरी क्षेत्रों में अब तक चार हजार 086 कोरोना पाॅजिटिव मरीजों की पहचान हुई है जिनमें से तीन हजार 057 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। विकासखण्ड पोड़ी-उपरोड़ा में 295 कोरोना मरीजों की पहचान हुई है, जिनमें से 216 मरीज ईलाज के बाद ठीक हो चुके हैं तथा रिकवरी रेट 73.22 प्रतिशत है।

 

25-10-2020
हमारे साथ देर रात तक खप्पर देखने वाले 14 हजार से अधिक लोगों का ग्लिब्स न्यूज की ओर से आभार

कवर्धा। कोरोना वायरस के कारण प्रशासन के कड़े नियमों के साथ ही लोगों की मांग पर जिले की सुख,शांति के लिए तीन सिद्धि पीठ मंदिर से खप्पर निकाला गया। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से घर से बाहर न निकलने की अपील की। लोगों ने इसका पालन भी किया और शहर व जिलावासियों ने घर में ही रहकर सीधे अपने मोबाइल पर खप्पर का दर्शन कर आशीर्वाद लिया। लोग अपने घर पर ही रहकर खप्पर दर्शन कर सके,इसके लिए ग्लिब्स.इन ने अपने यूट्यूब चैनल पर लाइव किया था। 14 हजार से अधिक लोगों ने ग्लिब्स न्यूज के यूट्यूब चैनल के माध्यम से खप्पर का दर्शन किया। हमारे चैनल को लाइक व सस्क्राइब करने व 14 हजार से अधिक लाइव देखने वाले सभी श्रद्धालुओं नागरिकों का आभारॉ,जो रात 11 बजे से 2 बजे तक हमारे साथ मिलकर लाइव कवरेज को देखें। ग्लिब्स न्यूज आप सभी का आभारी है।

24-10-2020
इस नवरात्र में भी नहीं निकलेगी महामाया पदयात्रा, हर साल शामिल होते थे हजारों भक्त

रायपुर/रतनपुर। कोरोना के संक्रमण के खतरे को देखते हुए नवरात्र की सप्तमी पर महामाया पदयात्रा इस बार नहीं निकलेगी। प्रशासन और महामाया मंदिर ट्रस्ट समिति ने महामाया भक्तों की साते-रात पर निकलने वाली महामाया पदयात्रा की अनुमति नहीं दी है। यह लगातार दूसरी नवरात्र है जब बिलासपुर से रतनपुर तक पैदल निकाली जाने वाली महामाया पद यात्रा को रद्द कर दियाहै। इससे पहले चैत्र नवरात्र पर भी कोरोना संक्रमण के कारण यह पदयात्रा नहीं निकाली गई थी। जिला प्रशासन व मां महामाया मंदिर ट्रस्ट समिति के सदस्यों ने बताया, नवरात्र की सप्तमी पर महामाया पदयात्रा नहीं निकालने का निर्णय लिया है। जबकि मंदिर परिसर के भीतर सप्तमी की रात्रि को होने वाले सभी धार्मिक पूजा पाठ, परंपरानुसार पूरे किए जाएंगे। कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से इस बार मंदिरों में भक्तों को सीमित दायरे में रहकर पूजा और दर्शन की अनुमति दी गई है। भीड़- भाड़ न हो इसके लिए प्रशासन ने कई तरह के दिशा निर्देश जारी किए हैं। हर साल निकलने वाली इस पदयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि कोरोना काल में बीमारी और संक्रमण से बचाव बेहद जरूरी है। इसलिए भक्तों को इस बार नवरात्र में घरों पर ही पूजा- अर्चना करनी होगी।

23-10-2020
अक्टूबर में डेंगू नियंत्रण के मामले में शानदार सफलता, नहीं आए एक भी केस

दुर्ग। दो साल पहले डेंगू के दंश ने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया था। भिलाई-खुर्सीपार के कई वार्ड आक्रांत थे,प्रशासन ने डेंगू नियंत्रण को लेकर व्यापक मुहिम चलाई थी। इसके बाद दो सालों में डेंगू के नियंत्रण के लिए व्यापक रोकथाम कार्यक्रम किये गए। अब इसकी सफलता पूरी तरह मुकम्मल हुई है। अक्टूबर महीना जाते हुए मानसून का वक्त होता है। पानी छोटे-छोटे गड्ढों में जमा होता है,गर्मी की वजह से लोग कूलर चलाते हैं और इसका नतीजा होता है कि डेंगू के लार्वा को पनपने के लिए अवसर मिलता है। इस बार व्यापक अभियान की सफलता इस मायने में है कि अक्टूबर महीने में डेंगू का एक भी मामला 23 अक्टूबर तक नहीं आया है। सीएमएचओ डॉ.गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि पिछले साल अक्टूबर महीने में भी डेंगू नियंत्रण पर प्रभावी कार्य हुआ था और केवल 18 मामले आये थे। इस बार कोई मामला नहीं आया।

यदि पूरे साल के आंकड़े लें तो पिछले साल एलिजा टेस्ट में 115 मामले डेंगू के आये थे। इस बार डेंगू के 12 मामले सामने आए। इनमें मई महीने में 10 मामले सामने आये थे। मई महीने में डेंगू के मरीज के चिन्हांकित होते ही तेजी से टेमीफास वितरण एवं फागिंग की कार्रवाई शुरू की गई। साथ ही कूलर आदि खाली कराने का व्यापक अभियान छेड़ा गया। इसका अच्छा असर हुआ और जून महीने में केवल एक ही डेंगू का केस सामने आया। सीएमएचओ ने बताया कि कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने हाटस्पाट एरिया में विशेष टीम लगाई थी, जिन्होंने लगातार सक्रिय रूप से काम किया, इसका असर हुआ और नियमित रूप से टेमीफास के वितरण, छिड़काव से काफी लाभ हुआ। इसमें भिलाई नगर निगम की भूमिका भी अहम रही। आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने इसके लिए पृथक से टीम हाटस्पाट एरिया में लगाई गई। भिलाई निगम टीम ने इस अवधि में लगभग सोलह हजार कूलर चेक किये और टेमीफास का छिड़काव किया। इसके अलावा मेलाथियान और स्प्रेयर पंप से सोडियम हाइपो क्लोराइड घोल का छिड़काव भी किया गया।
साल भर का लेखाजोखा

इस साल निगम एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम बनाई गई और इन्होंने व्यापक निरीक्षण किया। इस साल एक लाख पैंतालीस हजार घरों में निगम का अमला पहुंचा। हर चीज ध्यान से देखी। एक लाख पंद्रह हजार कूलर एवं पानी टंकी का निरीक्षण किया गया। चौवालीस हजार कूलर एवं पानी टंकी से पुराना पानी खाली कराया गया। लगभग पचास हजार घरों में टैमीफास का वितरण किया गया। साथ ही 71 हजार घरों में पैंपलेट वितरण भी किया गया,जिसमें डेंगू के पनपने के कारणों एवं इससे बचाव के उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई थी।

कोविड नियंत्रण के साथ डेंगू के रोकथाम पर भी होता रहा काम

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती कोविड नियंत्रण को लेकर थी और हेल्थ का बड़ा अमला इस कार्य के लिए लगा हुआ था। इसके बावजूद डेंगू नियंत्रण कार्यक्रम पर प्रभावी रूप से कार्यान्वयन हुआ। कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के साथ लगातार डेंगू के हाटस्पाट माने जाने वाले इलाकों का दौरा किया। इन इलाकों में लोगों से मिलकर डेंगू नियंत्रण कार्यक्रम की जमीनी स्थिति जानी। अक्टूबर महीने में जो अच्छे नतीजे आए हैं। वे इन पांच महीनों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल हैं और भविष्य में हाटस्पाट में डेंगू की जड़ों के कमजोर होने का संकेत भी हैं।

 

17-10-2020
नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चों ने नीट में मारी बाजी,कलेक्टर ने दी शुभकामनाएं

बीजापुर। जिले के धुर नक्सली प्रभावित इलाके के सामान्य कृषक परिवारों के 5 बच्चों ने देश की सर्वोच्च मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को क्वालीफाई कर अपनी मेहनत और लगन को साबित कर दिया है। वहीं ये सभी बच्चे साधनों की कमी और दूरस्थ इलाके से होने के वाबजूद इस सर्वोच्च मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गये हैं। जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा खनिज न्यास निधि से संचालित ’छूलो आसमान’ संस्था बीजापुर में अध्ययनरत् अजय कलमूम, सुरेश मड़कम, सीमा भगत, शुनू झाड़ी और हरीश एगड़े ने अपनी मेहनत और अथक लगन के बलबूते नीट प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल किए है। कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल जिले के सूदूर ग्रामीण क्षेत्रों के इन बच्चों की सफलता पर उन्हें शुभकामनाएं दी है। उन्होंने इन बच्चों की सफलता के लिए ’’छूलो आसमान’’ संस्था के शिक्षकों को भी बधाई देते हुए आगामी प्रवेश परीक्षाओं के लिए बच्चों को बेहतर कोचिंग एवं मार्गदर्शन प्रदान करने कहा है।
देश की सर्वोच्च मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट क्वालीफाई करने वाले इन बच्चों में उसूर ब्लाॅक अंतर्गत कोत्तागुडम निवासी सुरेश मड़कम के पिताजी का स्वर्गवास हो चुका है। सुरेश ने बताया कि माताजी सहित दो बड़े भाई संतोष और अर्जुन खेती-किसानी कर उसे पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करते हैं। सुरेश भी 12वीं में 60 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने भाईयों के सपने को साकार करने कृतसंकल्पित है। सुरेश ने नीट प्रवेश परीक्षा में 24115वां रैंक हासिल किया है। इसी तरह भैरमगढ़ ब्लाक के बेंचरम निवासी अजय कलमूम ने नीट में 23390वां रैंक हासिल किया है।अजय ने बताया कि उसके माता-पिता रामेश्वरी और सोमारू खेती-किसानी कर उसे पढ़ाई करवा रहे हैं,अजय को भरोसा है कि उसे मेडिकल काॅलेज में अवश्य प्रवेश मिलेगी। वहीं बीजापुर निवासी सीमा भगत ने बताया कि पिताजी का स्वर्गवास हो चुका है और बड़े भाई अर्जुन भगत उसकी पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं एक छोटे भाई प्रीतम बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। सीमा ने बताया कि माता गृहणी हैं और उसकी पढ़ाई पर सतत् ध्यान देती हैं। सीमा को नीट में 26454वां रैंक मिला है। बीजापुर के ही रहने वाले हरीश एगड़े और बीजापुर ब्लाक के पापनपाल निवासी शीनू झाड़ी ने भी देश की सर्वोच्च मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट क्वालीफाई कर जिले का नाम रोशन किया है।

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