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23-11-2020
पांच जिलों के करीब दस लाख बच्चों को लगाए जाएंगे जैपनीज इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए टीके

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सोमवार को प्रदेश में जैपनीज इंसेफेलाइटिस टीकाकरण अभियान का ऑनलाइन शुभारंभ किया। अभियान के अंतर्गत पांच जिलों बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव और धमतरी के लगभग दस लाख बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। यह अभियान 18 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान इन जिलों के 1 वर्ष से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों को जैपनीज इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए टीके लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा कि इस अभियान से जैपनीज इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों को रोका जा सकेगा। पहले भी बस्तर जैसे क्षेत्रों में अभियान चलाकर और बच्चों का टीकाकरण कर इस बीमारी को नियंत्रित किया गया है। इस जानलेवा बीमारी के बारे में सभी नागरिकों और माता-पिता को जागरूक रहना चाहिए। इससे बचाव ही सबसे बेहतर रास्ता है। सरकार टीकाकरण के माध्यम से इस बीमारी को बच्चों तक पहुंचने से रोकने की पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले की सराहना करते हुए कहा कि वे दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में लगातार पहुंचकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की सफलता में भी इन टीमों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता और सक्रियता से इस टीकाकरण अभियान को सफल बनाकर हम जैपनीज इन्सेफेलाइटिस से भी प्रदेश को मुक्त रखने में कामयाब होंगे।

 

 

20-11-2020
राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह, 6 माह तक स्तनपान है जरूरी

रायपुर/दंतेवाड़ा। शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और उनके स्वास्थ्य की देखभाल के प्रति जागरूकता के लिए जिला अस्पताल में 15 से 21 नवम्बर तक राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रसूताओं को यह सलाह दी जा रही है कि नवजात शिशुओं को छह माह तक केवल स्तनपान करवाया जाए। साथ ही नवजात के बीमारी की पहचान और उसके बेहतर देखभाल के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ राजेश ध्रुव ने बताया, राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह के कार्यक्रम के अंतर्गत जन समुदाय को बताया जा रहा कि प्रसव चिकित्सालय में ही कराएं। प्रसव के बाद 48 घंटे तक माँ एवं शिशु की उचित देखभाल के लिए चिकित्सालय में रुकें। जन्म के एक घंटे के भीतर माँ का गाढ़ा पीला दूध पिलाना जरूरी है और छह माह तक सिर्फ स्तनपान कराया जाए। जन्म के बाद नवजात का सम्पूर्ण टीकाकरण उसके सेहत के लिये बहुत जरूरी है। इसे नियमित रूप से पालन करना चाहिए। नवजात की नाभि सूखी एवं साफ़ रखें, संक्रमण से बचाएं और माँ व शिशु की व्यक्तिगत स्वच्छता का ख्याल रखें। कम वजन और समय से पहले जन्में बच्चों पर विशेष ध्यान की जरूरत होती है। शिशु का तापमान स्थिर रखने के लिए कंगारू मदर केयर की विधि उपयुक्त होती है। शिशु को स्तनपान कराते रहें क्योंकि कुपोषण और संक्रमण से बचाव के लिए केवल माँ का दूध सर्वोत्तम होता है।

नवजात शिशु के देखभाल के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना है जरूरी

नियमित स्तनपान- शिशु को समय पर स्तनपान करवाना बहुत जरूरी है। एक नवजात शिशु को हर 2 से 3 घंटे में स्तनपान करवाया जाना चाहिए, अर्थात 24 घंटों में उसे 8-12 बार स्तनपान कराने की आवश्यकता होती है। शिशु को जन्म के बाद पहले 6 महीनों तक केवल माँ का दूध ही पिलाना चाहिए। माँ के दूध में महत्वपूर्ण पोषक तत्व और एंटीबॉडी होते हैं जो बच्चे के स्वस्थ रहने और विकास के लिए आवश्यक होते हैं। शिशु को कम से कम 10 मिनट के लिए स्तनपान कराएं।

डायपर बदलना- प्रसव के बाद नवजात शिशु की देखभाल करते समय बार–बार डायपर बदलना एक महत्वपूर्ण पहलू है। शिशु को पर्याप्त मात्रा में दूध मिलने पर वह नियमित रूप से मल त्याग करेगा, जैसे ही उसका डायपर भरा हुआ महसूस हो, उसे बदलना जरूरी है

पर्याप्त निद्रा- नवजात शिशु को शुरुआत के महीनों में प्रतिदिन लगभग 16 घंटे नींद की आवश्यकता होती है। जैसे जैसे उम्र बढ़ती है तो नींद की अवधि कम होती जाती है।

शिशु को संभालना- शिशु के साथ खेलते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। शिशु को जोर से न हिलाएं व हवा में उछाले नहीं क्योंकि उसके आंतरिक अंग नाजुक होते हैं और तेज झटकों से उसे नुकसान हो सकता है। संक्रमण से बचाव के लिए बच्चे को पकड़ने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हाथ साफ सुथरे व धुले हुए हो।

18-11-2020
लोन वर्राटू योजना से प्रभावित होकर सक्रिय माओवादी ने किया आत्मसमर्पण

 दंतेवाड़ा। जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत बुधवार को लोन वर्राटू योजना से प्रभावित होकर मलांगिर एरिया कमेटी में सक्रिय माओवादी बण्डी लेकाम उम्र 26 वर्ष ने लोन वर्राटू योजना से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया। बंडी लेकाम ने माओवादियों के खोखली विचारधारा से तंग आकर समाज के मुख्यधारा में जुड़ने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा डॉ.अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा यू.उदय किरण एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा राजेन्द्र जायसवाल के समक्ष आत्मसमर्पण किया। छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण पश्चात समाज के मुख्यधारा में जुड़ने के बाद आत्मसमर्पित माओवादी को 10 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी गई।

 

 

12-11-2020
अंबाला को भाया दंतेवाड़ा का कड़कनाथ,मुर्गा पालकों को हुआ 4.24 लाख रुपए का भुगतान

रायपुर। दंतेवाड़ा जिले का कड़कनाथ हरियाणा राज्य के अंबाला के लोगों को काफी पसंद आ रहा है। दंतेवाड़ा जिले में गुरुवार को गरीबी उन्मूलन के तहत कड़कनाथ मुर्गा के वृहद मार्केटिंग की शुरुआत की गई। हरियाणा के अंबाला के लिए कड़कनाथ आर्गेनिक फार्म को 4 लाख 24 हजार रुपए के कड़कनाथ का विक्रय किया गया। दंतेवाड़ा की जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा और कलेक्टर दीपक सोनी ने कलेक्टर कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर कड़कनाथ की गाड़ी को अंबाला के लिए रवाना किया। साथ ही कड़कनाथ पालकों को 4 लाख 24 हजार रुपए की राशि का भुगतान चेक के माध्यम से किया गया।

दंतेवाड़ा माई दंतेश्वरी के शक्तिपीठ,अपनी प्राकृतिक सुंदरता, लौह उत्पादन के नाम से प्रसिद्ध है। अब इसमें दंतेवाड़ा के कड़कनाथ का नाम भी शामिल हो गया है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य कर विकास की लहर चलाई जा रही है। जिले में अब कड़कनाथ को निर्यात से जोड़कर लोगों को आजीविकावर्धन का सतत विकल्प उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।  उल्लेखनीय है कि दंतेवाड़ा जिले में गरीबी उन्मूलन के लिए पुना माड़ाकाल दंतेवाड़ा योजना चलाई जा रही है। इससे यहां की गरीबी को जड़ से खत्म किया जा सकें। दंतेवाड़ा जिले की पशुधन विभाग की ओर से कड़कनाथ मुर्गी गरीबी उन्मूलन योजना के तहत हितग्राहियों को कड़कनाथ पालन के लिए चूजे उपलब्ध कराए गए थे। पशुपालक हितग्राहियों की ओर से चूजों को बड़ा करके निर्यात के लिए उपलब्ध कराया गया। यह सभी हितग्राही जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बड़े गुड़रा, कड़मपाल, किरन्दुल, हल्बारास, कुआकोंड़ा, कटेकल्याण, मटेनार आदि जैसे क्षेत्रों के निवासी है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला होने के बावजूद इसने विकास की ओर अपना रूख कर लिया है।

01-11-2020
ग्रामीणों ने एनएमडीसी को कहा, 26 मांगों के माने जाने के बाद ही स्लरी पाइपलाइन सर्वे की देंगे अनुमति

रायपुर/दंतेवाड़ा। जिले के बचेली एनएमडीसी स्लरी पाइपलाइन के सर्वे कार्य को प्रारंभ करने को लेकर 5 वार्ड 1,4,6,7,9, के लोग एवं जिला प्रशासन, एनएमडीसी, जनप्रतिनिधियों की बैठक की गई थी। इस बैठक में प्रभावित एवं आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों का एनएमडीसी के उपस्थित अधिकारियों को विरोध का सामना करना पड़ा। उपस्थित एनएमडीसी के अधिकारी सीएसआर मद के अंतर्गत किए गए कार्यों का ब्यौरा देते हुए ग्रामीणों को समझाइश देते नजर आए। आदिवासी महासभा के गोविंद कुंजाम ने बताया कि बैठक में हमने साफ कर दिया है कि हमारी 26 बिंदुओं पर मांग है। हमारी मांगों को हमने जिला प्रशासन एवं एनएमडीसी के समक्ष रखा है। हमारी 26 मांगों को मानने के बाद ही हम स्लरी पाइपलाइन सर्वे के लिए अनुमति देंगे अन्यथा हमारी जमीनों में हम किसी भी सूरत में इनको पाइपलाइन बिछाने तो दूर सर्वे करने भी नहीं देंगे।  

बैठक में शामिल ग्रामीणों का कहना है कि एनएमडीसी ने स्थापना से लेकर आज तक आस-पास के जितने भी क्षेत्र है। उनके विकास को लेकर चाहे वो लाल पानी प्रभावितों के हितों को लेकर हो फिर चाहे एनएमडीसी के द्वारा गोद लिए गए गांव हो। रोजगार एवं विकास के नाम पर कोरा आश्वाशन ही दिया है। अब जब एनएमडीसी को अपना प्रोजेक्ट बनाना है तो पुन: एक बार ग्रामीणों को मुआवजा राशि का लालच देकर अपना उल्लू सीधा करने में लगी है। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी एनएमडीसी के ऊपर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य को लेकर किए जा रहे दावों पर भी सवाल खड़े किए है। पालिका उपाध्यक्ष उस्मान खान ने भी ग्रामीणों का पक्ष लेते हए कहा कि स्थानीय ग्रामीणों के साथ हमेशा से ही अन्याय किया है। फिर चाहे बात रोजगार को लेकर हो या सीएसआर अंतर्गत विकास कार्यों को लेकर हो। हमेशा से ग्रामीण छले गए है, इनकी मांगें जायज है। उसे पूरा करना एनएमडीसी का दायित्व है। साथ ही सीएसआर की लिस्ट में बड़े बचेली का नाम ना होने पर भी उपाध्यक्ष ने सवाल खड़े किए। 

जिला प्रशासन से डिप्टी कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल, एसडीएम प्रकाश कुमार भारद्वाज ने सरकारी नियम के तहत मुआवजा दिलाने एवं भू अर्जन के सम्बंध में आवश्यक जानकारी उपस्थित ग्रामीणों को दी एवं ग्रामीणों को समझाने का भरकस प्रयास किया, साथ ही ग्रामीणों की मांगों पर एनएमडीसी को विचार करने आपसी सहमति से इस योजना के क्रियान्वयन के लिए कोई रास्ता निकालने ग्रामीणों से भी अपील की साथ ही विकास कार्यों को लेकर भी समीक्षा किया।
उल्लेखनिय है कि एनएमडीसी स्लरी पाइपलाइन बचेली प्लांट से लेकर नगरनार तक बिछाने की योजना बनाई गई है जो विभिन्न वार्डों से गुजरते हुए नगरनार स्टील प्लांट होकर आंध्र के विशाखापटनम तक जाएगी। इसमें पानी के उच्च दबाव से लौह अयस्क चूर्ण भेजा जाएगा पहले इस तरह का प्रोजेक्ट एस्सार द्वारा चालू किया है जो कि काफी हद तक सफल रहा है।

बैठक में पालिका अध्यक्ष पूजा साव , उपाध्यक्ष उस्मान खान , तहसीलदार पीआर पात्रे , पालिका सीएमओ, सीएसआर प्रमुख सुनील उपाध्याय , स्लरी पाइपलाइन प्रोजेक्ट इंचार्ज अजित कुमार , पार्षद धनसिंह नाग , रीना दुर्गा , अप्पू कुंजाम , संजीव साव , सर्व आदिवासी समाज से गोविन्द कुंजाम , सुखराम राणा , सुदरू मंडावी , संजय मंडावी , मनोज कंजाम , सन्तोष तामो , मोहन नाग ( कोटवार बचेली )  हुंगा कर्मा , राजेन्द , बुधराम एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

28-10-2020
21 से 27 अक्टूबर तक दंतेवाड़ा के समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों में वैश्विक आयोडिन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस मनाया गया

रायपुर/दंतेवाड़ा। वैश्विक आयोडिन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस पर 21 से 27 अक्टूबर तक विकासखण्ड गीदम के गुमड़ा में स्कूल बच्चों की मोहल्ला क्लास में आयोडिन युक्त नमक की महत्वत, उपलब्धता एवं दैनिक जीवन में इसकी आवश्यकता का प्रचार-प्रसार किया गया। इसमें  आयोडिन की कमी से होने वाली बिमारियां घेंघा, मानसिक विकृति, बहरापन, गूंगापन और भेंगापन ठीक से खडे़े होने व चलने में कठिनाई और शारीरिक विकास में रूकावट होती है व गर्भवती के शरीर में आयोडिन की कमी होने पर गर्भपात का खतरों आदि के संबंध में जागरूकता किया गया। वैश्विक आयोडिन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस के अवसर पर स्कूली बच्चों में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन में जिला मिडिया अधिकारी अंकित सिंह, जिला आरएमसीएचए सलाहकार डॉ.गीतू हरित, गीदम बीटीओ आरएन झा, एलएचवी तारा मेश्राम, सुलेश ठाकुर आरएचओ एवं शिक्षक व अन्य कर्मचारी मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि उपस्थित थे।

 

24-10-2020
घर पर ही रहकर लाइव देखें खप्पर, glibs.in पर सीधे मातारानी की दर्शन करें...

कवर्धा। भारतवर्ष में देवी मंदिरों से खप्पर निकालने की परंपरा वर्षों पुरानी है। देश में कलकत्ता के बाद छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और कवर्धा में ही खप्पर निकालने की परंपरा रही है। जानकारों के मुताबिक यह परपंरा देशभर में केवल कवर्धा में बची हुई है। आपदाओं से बचाने प्रति नवरात्र अष्टमी के मध्यरात्रि धधकती आग व चमचमाती तलवार लेकर खप्पर स्वरूप माता नगर भ्रमण को निकलती है। लेकिन कोरोना काल में यह पुरातन धार्मिक परम्परा प्रशासनिक नियमों के चलते इस नवरात्र अष्टमी को खप्पर निकलेगी जिसे आम आदमी नहीं देख सकता। कोरोना को देखते हुए भीड़ न लगे इसके लिए लोगों की देखनी की अनुमति नहीं दी गई है। लेकिन लोगों को सीधे रात में ही लाइव खप्पर दर्शन कराएगी। इसके लिए हमारे यूट्यूब चैनल https://www.youtube.com/c/GlibsMedia पर सीधे खप्पर लाइव देख सकते हैं।

आपदाओं से क्षेत्र को सुरक्षित रखना उद्देश्य :
महामारी व आपदाओं से मुक्ति दिलाने व नगर मेंं विराजमान देवी-देवताओं का रीति रिवाज के अनुरूप मान मनव्वल कर सर्वे भवन्तु सुखिन: की भावना स्थापित करना खप्पर के नगर भ्रमण का मुख्य उद्देश्य है। प्रत्येक नवरात्रि पक्ष के अष्टमी के मध्य रात्रि ठीक 12 बजे दैविक शक्ति से प्रभावित होते ही समीपस्थ बह रही सकरी नदी के नियत घाट पर स्नान के बाद द्रुतगति से पुन: वापस आकर स्थापित आदिशक्ति देवी की मूर्ति के समक्ष बैठकर उपस्थित पंडों से श्रृंगार करवाया जाता है। स्थान के पूर्व लगभग 10.30 बजे से ही माता की सेवा में लगे पण्डों ने परंपरानुसार 7 काल 182 देवी देवता और 151 वीर बैतालों की मंत्रोच्चारणों के साथ आमंत्रित कर अग्नि से प्रज्जवलित मिट्टी के पात्र(खप्पर) में विराजमान किया जाता है। इसके बाद खप्पर मंदिर से निकाली जाती है। जो नगर भ्रमण करती है। इस बार खप्पर आप यूट्यूब पर https://www.youtube.com/c/GlibsMedia खोल कर खप्पर के दर्शन कर सकते हैं।

18-10-2020
लौह नगरी बचेली में दशहरा उत्सव-रावण दहन हुआ स्थगित

रायपुर/दंतेवाड़ा। जिले के लौह नगरी बचेली में कोरोना संक्रमण के कारण इस वर्ष दशहरे में रावण दहन का आयोजन नहीं किया जाएगा। इस वर्ष नवरात्रि में कोरोना संक्रमण के कारण कई स्थानों में दुर्गा प्रतिमा स्थापित नहीं की जा रही है। छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा समिति ने दशहरा उत्सव एवं रावण दहन स्थगित कर दिया है। गौरबतल है कि नगर में नवरात्रि उत्सव को लेकर अच्छा खासा माहौल देखने को मिलता था। बचेली नगर में रावण दहन एवं मेले का आनंद लेने अन्य जिलों से भी लोग शिरकत करने आते थे। आकर्षक दुकाने एवं खाने पीने की विभिन्न प्रकार के स्टाल लगाए जाते थे। लेकिन इस बार आयोजन नहीं होने को लोगों में निराशा है। इसी कड़ी में  बचेली नगर पालिका परिषद के सभा कक्ष में एक बैठक की गई, जिसमें दंतेवाड़ा कलेक्टर दीपक सोनी के दिशा निर्देश अनुसार कोविड-19 को देखते हुए इस वर्ष दशहरा उत्सव नहीं मनाने का निर्णय लिया है। बैठक में मुख्य रूप से नगर पालिका अध्यक्ष पूजा साव, उपाध्यक्ष उस्मान खान, नगर पालिका अधिकारी आई एल पटेल, इंजीनियर प्रवीण साहू एवं छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक एवं कीड़ा समिति के सदस्य उपस्थित थे।

16-10-2020
पुलिस कैंप खोलने के विरोध में जुटे सैकड़ों ग्रामीण, सड़कों पर किए गढ्ढे

रायपुर/दंतेवाड़ा। जिले के अरनपुर थानाक्षेत्र अन्तर्गत ग्राम ककाड़ी और नहाड़ी में लगने वाले पुलिस कैंप के विरोध में सैकडों ग्रामीण फावड़ा, गैती, तगाड़ी, सब्बल लेकर महिला, पुरुष, बुजुर्ग, सड़क काटकर लगभग 5 किलोमीटर की सड़क पर सैकड़ों गढ्ढे बनाकर ग्रामीण कैंप खोलने का विरोध कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नहाड़ी में कैंप खोलने के विरोध के लिए नहाड़ी, ककाड़ी, बुरगुम, पोटाली, जबेली, गोण्डेरास, बर्रेम के ग्रामीण जमा हुए। राशन लेकर ग्रामीण टैंट लगाकर सड़क किनारे 4 दिनों से रुके हुए हैं। नहाड़ी से ककाड़ी तक की सड़क ग्रामीणों ने काट दी है।

दंतेवाड़ा एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने कैंप के विरोध के संबंध में कहा कि ग्रामीण सड़क काटकर विरोध करने के स्थान पर उनकी जो भी समस्या है, दंतेवाड़ा कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्या रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में जहां-जहां कैंप की आवश्यकता होगी वहां-वहां कैंप लगाए जाएंगे। वैसे भी ग्राम नहाड़ी के सड़क का टेंडर लग चुका है।

11-10-2020
सरपंच के घर लूटपाट, लुटेरों ने दरवाजा नहीं खोलने पर तोड़ दिया दरवाजा, देशी कट्टा टिकाकर वारदात को दिया अंजाम

रायपुर/दंतेवाड़ा। जिले के गीदम जनपद के फरसपाल थाना अंर्तगत ग्राम झोड़िया बाड़म पंचायत के महिला सरपंच के घर बीती रात अज्ञात लूटेरों ने धावा बोलकर सरपंच के पति को बंधक बनाकर घर से बाहर करीब 100 मीटर की दूरी पर ले जाकर मिक्सर मशीन से बांधकर घर में जमकर लूटपाट किया है। घटना को अंजाम देने के बाद सभी लूटेरे फरार हो गए। सरपंच के घर लूटपाट की घटना के बारे में ग्राम झोड़िया बाड़म की सरपंच मति नमिता पोडियाम ने बताया कि बीती रात करीब 12:30 बजे हम सब सोए हुए थे, तभी किसी अज्ञात ने दरवाजा खोलने को कहा, परिचय पूछने पर नहीं बताया दरवाजा नहीं खोलने पर दरवाजा को तोड़ने की कोशिश करने लगे। दरवाजे की कुंडी टूटते ही दो अज्ञात व्यक्ति घर के अंदर दाखिल हो गए और मेरे पति लक्ष्मीनाथ को पकड़कर बाहर ले गए। कुछ दूरी पर ले जाकर निर्माणाधीन सीसी सड़क के पासखड़ी मिक्सर मशीन से बांध दिया और दोनों लूटेरे घर के अंदर घुसकर मेरे साथ धक्का मुक्की एवं मारपीट कर गोदरेज की चाबी मांगने लगे। चाबी नहीं देने पर रॉड से आलमारी को तोड़ दिया और आलमारी के अंदर रखे करीब 1 लाख 10 हजार रुपए नकद व लाखों का सोना चांदी लूटकर फरार हो गए। 

सरपंच के पति लक्ष्मीनाथ ने बताया कि सबसे पहले लूटेरे घर में घुसकर उनसे उनका मोबाइल छीन लिए जिसके बाद देशी कट्टा टिकाकर उन्हें बाहर निकलने को कहा। बाहर निकालकर वे पास में ही बन रहे सीसी सड़क के काम में लगे मिक्सर मशीन के पास ले जाकर उन्हें टावेल से बांधकर मेरे घर की ओर चले गए। लक्ष्मीनाथ ने बताया कि वे बड़ी मुकिल से अपने आपको बंधन से छुड़ा पाए और चिल्लाते हुए घर की ओर भागे तब तक लूटेरे लूटपाट कर भाग चुके थे। आवाज सुनकर गांव वाले भी बाहर निकलकर आए। रात में ही फरसपाल कोतवाली में फोन कर पूरी घटना की जानकारी दे दी गई और उन्हें आने के लिए कहा गया लेकिन रात में कोई भी पुलिसकर्मी नहीं आया। सुबह 6 बजे पुलिस पहुंची और पूरे मामले की पड़ताल की। घटना के बाद  पूरा परिवार दहशत में है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि यह घटना नक्सलियों द्वारा अंजाम दिया गया है या फिर किसी अन्य के द्वारा लूटपाट की घटना की गई है।

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