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17-06-2021
134.4 मिमी बारिश हो चुकी इस माह अब तक, कोरबा जिले में सर्वाधिक व दंतेवाड़ा में सबसे कम बरसे बादल

रायपुर। राज्य भर में जून महीने से अब तक 134.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है। कंट्रोल रूम के मुताबिक 1 जून से अब तक राज्य में 134.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 1 जून से आज 17 जून तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार कोरबा जिलें में सर्वाधिक 234.9 मिमी और दंतेवाड़ा जिले में सबसे कम 52.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा में 87.2 मिमी, सूरजपुर में 131.0 मिमी, बलरामपुर में 119.5 मिमी, जशपुर में 117.5 मिमी, कोरिया में 129.7 मिमी, रायपुर में 161.0 मिमी, बलौदाबाजार में 167.3 मिमी, गरियाबंद में 171.0 मिमी, महासमुंद में 147.4 मिमी, धमतरी में 172.8 मिमी, बिलासपुर में 136.4 मिमी, मुंगेली में 74.7 मिमी, रायगढ़ में 131.0 मिमी, जांजगीर चांपा में 143.4 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 176.6 मिमी, दुर्ग में 195.7 मिमी, कबीरधाम में 69.1 मिमी, राजनांदगांव में 79.4 मिमी, बालोद में 122.3 मिमी, बेमेतरा में 169.0 मिमी, बस्तर 100.4 मिमी, कोण्डागांव में 128.8 मिमी, कांकेर में 147.8 मिमी, नारायणपुर में 115.9 मिमी, सुकमा में 138.3 मिमी और बीजापुर में 141.5 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई।

15-06-2021
कोरोना से जंग में बस्तर के सुदूर गांव की प्रेरणादाई कहानी,हर नागरिक ने लगवाया कोविड से बचाव का टीका

रायपुर। कोरोना से जंग के बीच बस्तर अंचल से एक प्रेरणादाई कहानी आई है। दंतेवाड़ा जिले का सुदूर रेंगानार गांव प्रदेश का पहला ऐसा गांव बन गया है, जहां के हर नागरिक ने कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवा लिया है। जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा से करीब 20 किलोमीटर दूर नकुलनार रोड पर स्थित आदिवासी बहुल रेंगानार में 18 वर्ष से अधिक के 310 लोग रहते हैं। टीकाकरण के लिए पात्र वहां के सभी 294 लोगों ने कोरोना से बचने में टीके के महत्व को समझते हुए टीका लगवा लिया है। गांव में 45 वर्ष से अधिक के नागरिकों और 18 से 44 वर्ष के युवाओं को टीके के प्रति जागरूक करने में स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों और जागरुकता दल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी लगातार कोशिशों से वे ग्रामीणों को समझाने में कामयाब रहे कि कोरोना से बचने के लिए अभी टीका ही सबसे प्रभावी उपाय है। रेंगानार ने पूरे प्रदेश के सामने मिसाल कायम की है।

टीकाकरण के माध्यम से कोरोना को मात देने में गांव का हर वयस्क सदस्य योगदान दे रहा है। शहरी क्षेत्रों के उलट वहां लोगों के पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट की काफी सीमित उपलब्धता के कारण शत-प्रतिशत टीकाकरण आसान नहीं था। टीकाकरण के प्रति ग्रामीणों के उत्साह और स्वास्थ्य कर्मियों व जागरुकता दल की लगातार कोशिशों से रेंगानार ने यह लक्ष्य हासिल कर लिया।  दंतेवाड़ा जिला प्रशासन की ओर से टीकाकरण की शुरुआत में गांववालों के लिए कुआंकोंडा में कई सत्र आयोजित किए गए। भ्रांतियों और जागरुकता की कमी के चलते कम लोग ही टीका लगवा रहे थे। तब रेंगानार की सरपंच सनमति तेलामी और स्थानीय कोरोना जागरुकता दल ने लोगों को जागरूक कर टीकाकरण के लिए तैयार किया। उन्होंने ग्रामीणों की मन:स्थिति समझते हुए मिशन की तरह घर-घर दस्तक देकर टीकाकरण के फायदे बताकर लोगों को टीका लगवाने के लिए राजी किया।


रेंगानार पंचायत के जागरूकता टीम के सदस्य संतराम बताते हैं कि शुरू-शुरू में टीका को लेकर लोगों में हिचकिचाहट थी। काउंसलिंग के बाद उनका डर दूर हुआ और लोगों ने टीका लगाने के लिए हामी भरी। सभी के टीकाकरण के लिए कुआकोंडा में लगातार सत्र आयोजित किए गए। स्वास्थ्य विभाग की कोशिशों ने रंग लाया और पहले ही दिन रेंगानार के 18 वर्ष से अधिक के 125 युवाओं ने उत्साहपूर्वक टीका लगवाया। गांव में वयस्कों की आबादी 310 में से टीकाकरण के लिए पात्र सभी 294 व्यक्तियों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लग चुका है।

 इस अभियान में दिव्यांगजनों ने भी बढ़-चढकर हिस्सा लिया। उन्होंने खुद टीका लगवाया और अन्य लोगों को भी प्रेरित किया। रेंगानार में टीकाकरण के निरीक्षण और सत्यापन के लिए पहुंची जिला स्तरीय टीम को जब पता चला कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित कुछ व्यक्ति टीकाकरण में असमर्थता दिखा रहे हैं तो उन्होंने तत्काल घर-घर जाकर समझाइश दी और उन्हें टीके लगवाए। 
दंतेवाड़ा जिले में नागरिकों को टीकाकरण के लिए जागरूक करने हर पंचायत में कोरोना जागरूकता टीम बनाई गई है। यह टीम कोरोना जांच और टीकाकरण पर लगातार नजर रखती है। लोगों से बात कर उनका डर दूर करती हैं। जागरुकता दलों की सक्रियता के चलते रेंगानार ने 45 वर्ष से अधिक के नागरिकों और 18 से 44 वर्ष के युवाओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया है।

12-06-2021
आमचूर पाऊडर बनाकर स्व सहायता समूह की महिलाओं ने दी दंतेवाड़ा जिले को नई पहचान

दंतेवाड़ा/रायपुर। जिले के स्व-सहायता समूह की महिलाएं जिले को नई पहचान दे रही है। उनसे कच्चे आम के तोड़ाई से लेकर उसकी सफाई, छिलाई व छोटे टुकड़ों में काटकर आम को सुखाया जाता है, जिसे बाद में अमचूर पाउडर में परिवर्तित किया जाता है। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि वे जंगल से कच्चे आम को पेड़ों से तोड़कर उन्हें दो- तीन बार अच्छे से धोकर छिलका निकालकर उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर उसे धूप में सुखया जाता है। सूखने के बाद आम के टुकडे़ अमचूर पाउडर बनाने के लिए तैयार होते हैं। इसे मार्केट में कच्चे माल के रूप में पहले बेचा जाता था। परन्तु इस बार आम को सुखा कर कच्चे माल के तौर पर महिलाएं नहीं बेचेंगी। बल्कि उसे पाउडर के रूप में प्रोसेसिंग कर बाजार में बेचा जाएगा। इससे ना सिर्फ अमचूर का वैल्यु एडिशन होगा बल्कि यह महिलाओं के आमदनी कमाने का एक और जरिया भी बनेगा। महिलाओं ने बताया जिला प्रशासन की ओर से उन्हें ट्रेनिग दिया गया है। पहले पारम्परिक तरीके से लोहे के अवजार या छुरी से आम के छिलके उतरते थे। जिससे लोहे के प्रभाव में आकर आम काला पड़ जाता था। जिससे उसकी कीमत कम मिलती थी। अमचूर का रंग काला ना पड़े इसलिए स्टील के चाकू या सीप के खोल का उपयोग कर रहे हैं। महिेलाएं कच्चे माल को 70-80 रुपए प्रति किलो ग्राम की दर से डेनेक्स को विक्रय कर रही है। डैनेक्स की ओर से सफेद अमचूर के प्रोसेसिंग व पेकेजिंग करके अमचूर के दर में वैल्यु एडीसन किया जा रहा है। इससे महिलाओं को प्रत्येक्ष रूप से लाभ मिल रहा है। यह अमचूर डैनेक्स के नाम से बिकेगा। जिले में उत्पादित अमचूर को डैनेक्स यानी दंतेवाड़ा नेक्सट के ब्रांड के साथ बाजार में उतारा जाएगा। डेनेक्स दन्तेवाड़ा का अपना ब्राण्ड है और इस ब्राण्ड के अन्य उत्पाद है जिसमें नवा दंतेवाड़ा गारमेंट्स फैक्ट्री में तैयार कपड़े, छिंद रस से निर्मित गुड़ पैकेट, जैविक अनाज, कड़कनाथ मुर्गी और आरओ वाटर को पहचान मिल चुकी है।

11-06-2021
राज्य भर में जून महीने में अब तक हो चुकी 64 मिमी वर्षा, दुर्ग में सर्वाधिक तो दंतेवाड़ा में सबसे कम हुई बारिश

रायपुर। राज्य भर में जून महीने से अब तक 64.2 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। कंट्रोल रूम के मुताबिक 1 जून से अब तक तक राज्य में 64.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 1 से 11 जून तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार दुर्ग जिले में सर्वाधिक 145.6 मिमी और दंतेवाड़ा जिले में सबसे कम 18.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा में 29.1 मिमी, सूरजपुर में 57.3 मिमी, बलरामपुर में 28.9 मिमी, जशपुर में 43.4 मिमी, कोरिया में 46.1 मिमी, रायपुर में 126.5 मिमी, बलौदाबाजार में 67.3 मिमी, गरियाबंद में 102.3 मिमी, महासमुंद में 76.8 मिमी, धमतरी में 119.6 मिमी, बिलासपुर में 42.9 मिमी, मुंगेली में 37.3 मिमी, रायगढ़ में 31.9 मिमी, जांजगीर चांपा में 24.7 मिमी, कोरबा में 31.2 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 79.8 मिमी, कबीरधाम में 39.8 मिमी, राजनांदगांव में 56.8 मिमी, बालोद में 85.1 मिमी, बेमेतरा में 128.5 मिमी, बस्तर 61.2 मिमी, कोण्डागांव में 94.9 मिमी, कांकेर में 81.1 मिमी, नारायणपुर में 53.0 मिमी, सुकमा में 35.8 मिमी और बीजापुर में 51.7 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई।

11-05-2021
नक्सलियों के गढ़ तक पहुंचा कोरोना, संक्रमण से 10 माओवादियों की मौत

दंतेवाड़ा। कोरोना और फूड पॉइजनिंग से 10 नक्सलियों की मौत का मामला सामने आया है। कोरोना अब नक्सलियों के गढ़ तक भी पहुँच चुका है। मिली जानकारी के अनुसार 10 माओवादियों की कोरोना और फूड पॉइजनिंग से मौत हो गई है और अभी जांच चल रही है। नक्सलियों के बीच कोरोना को फैलते देख अधिकारियों ने मदद की भी बात की थी। इसकी पुष्टि दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने की है।

05-05-2021
दंतेवाड़ा में 16 मई तक बढ़ाया गया लॉकडाउन,जिले की सीमाएं रहेगी सील

दंतेवाड़ा। कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि होने के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा को 16 मई रात 12 बजे तक पूर्ववत कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया। दंतेवाड़ा कलेक्टर दीपक सोनी ने आदेश जारी किया है। इस दौरान 16 मई रात्रि 12 बजे तक दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले की सभी सीमाएं पूर्णत: सील रहेंगी। इस अवधि में सभी अस्पताल, मेडिकल, दुकानें, क्लीनिक एवं पशु चिकित्सालय को उनके निर्धारित समय में खोलने की अनुमति होगी। मेडिकल दुकान संचालक मरीजों के लिए दवाओं की होम डिलीवरी को प्राथमिकता देंगे। जिले के सभी शासकीय उचित मूल्य दुकान टोकन की व्यवस्था पर खोली जाएगी।

20-04-2021
Video: डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 5 लाख का इनामी नक्सली ढ़ेर

दंतेवाड़ा/रायपुर। डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच निलावाया के जंगलों में मुठभेड़ की खबर सामने आ रही है। मुठभेड़ में जवानों ने 5 लाख के इनामी नक्सली कोसा को ढेर किया है। बता दें कि कोसा मलांगिर एरिया कमेटी कमांडर था। जवानों ने घटना स्थल से माओवादी के शव को बरामद कर लिया है। वहीं घटना स्थल से 9 एमएम पिस्टल, 1 देसी भरमार, 3 किलो की एक आईईडी, पिट्ठू, दवाइयां सहित दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। इसकी पुष्टि दंतेवाड़ा एसपी ने की है।

18-04-2021
कैंप छोड़कर भागे नक्सली, नक्सली साहित्य सहित अन्य सामग्री बरामद

दंतेवाड़ा। जिले में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सली कैंप छोड़कर भाग खड़े हुए। मामला किरंदुल थाना क्षेत्र का है। दरअसल किरंदुल थाना क्षेत्र के टिकन पाल गच्चा पारा के पहाड़ी में मलांगेर एरिया कमेटी के सचिव सोमडू, एसीएम कमलेश संतोष मुकेश, लकखे और अन्य लगभग 10-12 सशस्त्र नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना पर डीआरजी दंतेवाड़ा की संयुक्त पार्टी को रवाना किया गया था। पुलिस पार्टी को आता देख नक्सली कैंप छोड़कर भागने में सफल हो गए। बाद में आस पास सर्च करने पर नक्सली कैंप से 7 नक्सली साहित्य कॉपी, खाना बनाने के बर्तन 2 नग, टॉर्च, दर्पण, ब्रश, टूथपेस्ट, साबुन और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्रियां बरामद हुई।
 

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