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10-01-2021
बस्तर में कोई नहीं रहेगा भूमिहीन, आस्था केन्द्र देवगुडियों के विकास के लिए बढ़ाई जाएगी राशि-भूपेश बघेल

बीजापुर।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस वर्ष से कोदो कुटकी का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जायेगा। बीजापुर आयोजित आम सभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह घोषणा की। उन्होंने बीजापुर जिले में कुटरू,गंगालूर में तहसील कार्यालय की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजापुर में किये जा रहे विकास कार्य लोहा डोंगरी,महादेव तालाब के उन्नयन और सौंदर्यीकरण के लिए राशि स्वीकृति की सहमति दी।साथ ही जिले के अन्य 12 तालाबों को गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण के लिए राशि स्वीकृत घोषणा की।जिले के पहुंचविहीन क्षेत्रों के 10 सड़कों के विकास में तथा भैरमगढ़, आवापल्ली मंदेर बस स्टैण्ड निर्माण की घोषणा किये।तोंगपल्ली और भद्रकाली में नये धान खरीदी केन्द्र बनाने की घोषणा की।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि बस्तर संभाग के विकास कार्य के लिए कोई कमी नहीं होने दिया जायेगी।बस्तर की संस्कृति, सभ्यता यहां के लोगों के विकास शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद को बढ़ावा देने कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर में प्रतिभा की कमी नहीं है सिर्फ अवसर देने की आवश्यकता है। सरकार सारे अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जल जंगल और जमीन में स्थानीय लोगों के अधिकार देने के लिए शासन द्वारा वन अधिकार सामुदायिक व व्यक्तिगत पट्टा देने का कार्य कर रही है।

बस्तर में भूमिहीन लोगों को भूमि का अधिकार देने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है और बस्तर में कोई भी व्यक्ति भूमिहीन नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बिजली लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं में शामिल हो चुकी है और इस क्षेत्र में बिजली पहुंचाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।सरकार द्वारा बंद स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है जिसमें स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर दिये गये है। डीएमफ के राशि का उपयोग शिक्षा स्वास्थ्य आजीविका देने के लिए किया जा रहा है।सरकार द्वारा कुपोषण से लड़ाई हेतु सुपोषण अभियान की शुरूआत की गयी जिससे 77 हजार से अधिक बच्चे सुपोषित हो चुके है। 52 प्रकार के लघु वनोपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य से खरीदा जा रहा है। कोरोना काल में ग्रामीणों द्वारा महुआ,ईमली का भी संग्रहण किया गया।जिसका मेहनताना ग्रामीणों को दिया गया। बीजापुर में बांस से 8 हजार से अधिक लोग रोजगार मिला है।बस्तर के लोगों को रोजगार से जोड़कर रखना शासन की प्राथमिकता है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, सासंद बस्तर दीपक बैज, विधायक बीजापुर विक्रम शाह मण्डावी ने आमसभा को संबोधित किया।इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतराम नेताम, जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम,गणमान्य जनप्रतिनिधी,बस्तर कमिश्नर जीआर चुरेन्द्र,आईजी पी सुन्दरराज,कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल,पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप सहित जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

 

09-01-2021
भूपेश बघेल की घोषणा से लुप्त हो रही बस्तर की घोटुल परंपरा को मिलेगा पुनर्जीवन,देवगुड़ियों का होगा विकास

रायपुर। युवाओं के पारंपरिक चेतना केंद्र के रूप में प्रसिद्ध, किंतु अब लुप्त हो रही बस्तर की घोटुल परंपरा को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा से पुनर्जीवन मिलने की उम्मीद बंधी है। शनिवार को नारायणपुर में मुख्यमंत्री बघेल ने जिले में इस साल 100 घोटुलों के निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने यहां की सभी 104 पंचायतों में 9-9 लाख रुपए की लागत से देवगुड़ियों का विकास करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री बघेल की ओर सेघोटुलों और देवगुड़ियों के संबंध में की गई घोषणाओं को बस्तर के सांस्कृतिक संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि बस्तर की घोटुल परंपरा को देखने समझने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं। घोटुल हमारे युवाओं की सामाजिक गतिविधियों के केंद्र रहे हैं। यहां बैठकर वे अपने गांवों और क्षेत्र के विकास की चर्चा करते हैं। उन्होंने कहा कि नारायणपुर प्रवास के दौरान कुछ लोगों ने उनसे कहा कि शासन को घोटुलों का निर्माण भी करना चाहिए। साथ ही इस साल 50 घोटुल के निर्माण मांग भी की। मुख्यमंत्री ने इस मांग से सहमति प्रकट करते हुए कहा कि इसमें चाहे 10 लाख रुपए लग जाए या 12 लाख, पैसों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।  उन्होंने कहा कि नए घोटुलों का स्ट्रक्चर भले ही पक्का हो, लेकिन उसकी डिजाइन और साज-सज्जा परंपरागत ही होनी चाहिए, ताकि हमारी प्राचीनता की पहचान बनी रहे। मुख्यमंत्री बघेल ने जिले की सभी पंचायतों में देवगुड़ियों के विकास की घोषणा करते हुए कहा इन स्थलों पर शौचालय का निर्माण और पेयजल व्यवस्था भी की जाएगी।

 

07-01-2021
जल्द ही छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे भाजपा प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी, बस्तर और अंबिकापुर का करेंगे दौरा

रायपुर। भाजपा प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी लगातार छत्तीसगढ़ में ताबड़तोड़ दौरा करने के बाद गुरुवार को वापस लौट गए हैं। प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी और सह प्रभारी नितिन नवीन निकट भविष्ट में तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे। भाजपा सूत्रों के मुताबिक प्रदेश प्रभारी पुरंदेश्वरी बस्तर जिले का दौरा करेंगी। वहीं नितिन नवीन अंबिकापुर जिले में बैठक लेंगे।

02-01-2021
बस्तर आईजी सुंदरराज पी.ने कहा, नक्सलियों के खिलाफ रणनीति में किया गया बड़ा बदलाव

जगदलपुर। बस्तर पुलिस ने शनिवार को नववर्ष मिलन समारोह का आयोजन किया। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बीते वर्ष 2020 की पुलिस की उपलब्धियां गिनाई और रेंज की पुलिस के कार्यों को संतोषप्रद बताया। उन्होंने पिछले चार साल के आपराधिक आंकड़े पेश किये और तुलनात्मक रूप से चोरी, एनडीपीएस, अपहरण,आवश्यक वस्तु अधिनियम, धोखाधड़ी सहित अन्य आपराधिक मामलों में कमी व शीलभंग, लूट, बलात्कार, बलवा, मारपीट में वृद्धि आने की जानकारी दी। चर्चा के दौरान बस्तर आईजी सुंदरराज पी.ने बताया कि 2019 में नक्सलियों के खिलाफ रणनीति में बड़ा बदलाव किया गया। पहले हमारा फोकस कैंपों के जरिए नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन लांच करना और कैंपों के जरिए इलाके में विकास करना था। इसके बाद हमने नई प्लानिंग पर काम किया तो हमें पता चला कि लोग नक्सलियों का सपोर्ट डर और हमसे दूरी की वजह से कर रहे हैं। हमें एक बड़ी बात पता चली कि ग्रामीण भी चाहते हैं कि उनके इलाके का विकास होए उन्हें बेहतर शिक्षा और इलाज भी मिले। इसके बाद प्रयोग के तौर पर हमने पहले पोटाली और बोदली में पुलिस कैंप के पास ही राशन की दुकान खुलवाई है। पहले यहां के ग्रामीणों को राशन के लिए 15 से 20 किमी का पैदल सफर करना पड़ता था लेकिन अब लोगों को गांव में ही राशन मिल रहा है। इसके बाद कुछ कैंप में हमने गांव वालों के लिए मुफ्त खाना, दवा और शिक्षा की व्यवस्था भी कर रहे हैं। हमारी इस नई योजना का खास लाभ लोगों को मिल रहा है। 2021 में हमारी कोशिश है कि हमारे सभी कैंपों से न सिर्फ नक्सल ऑपरेशन बल्कि कैंपों से लोगों का सीधा जुड़ाव हो।

 

02-01-2021
नववर्ष पर बस्तर संभाग अंतर्गत 4 नए थाने हुए शुरू

जगदलपुर। वर्ष 2021 के पहले दिन बस्तर संभाग अंतर्गत बीजापुर में तर्रेम, बस्तर में मालेवाही,नारायणपुर में बरण्डा एवं कोंडागांव में अनंतपुर थाना शुरू किए गए। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने 1 जनवरी 2021 को जिला बस्तर के मालेवाही, जिला बीजापुर के तर्रेम का भ्रमण करते हुए जवानों एवं क्षेत्र की जनता से रूबरू होकर चर्चा की। भ्रमण के दौरान क्रम से पूर्व पदोन्नति दिये गये पुलिस के अधिकारी एवं जवानों को बैज लगाकर उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
उल्लेखनीय है कि बस्तर संभाग अंतर्गत वर्ष 2020 में नक्सल विरोधी अभियान के लिए जिला बस्तर में बोदली, तिरिया, भडरीमहु जिला दन्तेवाड़ा में भोगाम, टेटम, बड़ेकरका, जिला नारायणपुर में कड़ेमेटा, जिला बीजापुर में धरमावरम, तर्रेम, बेचापाल, जिला कांकेर में कामतेड़ा, कटगांव एवं जिला सुकमा में कमारगुड़ा एवं मिनपा इस प्रकार कुल 14 नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किए गए हैं। इन कैम्पों के माध्यम से नक्सल विरोधी अभियान के साथ साथ जनसुविधा के लिए आवागमन के लिए सड़क, पुल पुलिया निर्माण कार्य को भी सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
1 जनवरी को आयोजित विभिन्न सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम के दौरान मोहन मरकाम, विधायक कोंडागांव, उप पुलिस महानिरीक्षक, कांकेर रेंज संजीव शुक्ला, कलेक्टर बस्तर, रजत बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बस्तर दीपक झा, कलेक्टर दन्तेवाड़ा, दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक, दन्तेवाड़ा डॉ. अभिषेक पल्लव, कलेक्टर बीजापुर रितेश अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक बीजापुर, कमलोचन कश्यप, कलेक्टर सुकमा विनीत नंदनवार, पुलिस अधीक्षक सुकमा केएल ध्रुव, कलेक्टर नारायणपुर, धर्मेश साहू, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर मोहित गर्ग, कलेक्टर कोंडागांव, पुष्पेंद्र मीणा, पुलिस अधीक्षक कोंडागांव सिद्धार्थ तिवारी, उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा वीके सिंह, उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ बीजापुर कोमल सिंह, उप महानिरीक्षक सीआरपीएफ सुकमा योग्यान सिंह सहित जिला प्रशासन, पुलिस के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

 

01-01-2021
नगरीय क्षेत्रों के राशन कार्डधारियों को मिलेगा 2 लीटर केरोसिन, जनवरी के लिए आवंटन जारी

रायपुर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा प्रदेश के उचित मूल्य की दुकानों और हॉकरों द्वारा जनवरी माह में उपभोक्ताओं को वितरण के लिए केरोसिन का आवंटन जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ खाद्य और पोषण सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रचलित राशनकार्डो और हॉकरों के लिए माह जनवरी 2021 के लिए कुल 4 हजार 488 किलो लीटर केरोसिन का आवंटन जारी किया गया है। जनवरी 2021 में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रचलित सभी प्राथमिकता, अंत्योदय और अन्नपूर्णा राशनकार्डाें को केरोसिन की पात्रता होगी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नगरीय क्षेत्रों के राशनकार्डधारियों को अधिकतम 2 लीटर मिट्टी तेल, ग्रामीण क्षेत्रों के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्रों में अधिकतम 3 लीटर तथा गैर अनुसूचित क्षेत्रों के राशनकार्डधारियों को अधिकतम 2 लीटर केरोसिन की पात्रता होगी। केरोसिन वितरण करने वाले हॉकर जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित उचित मूल्य के दुकान के समक्ष खड़े होकर राशन कार्डधारियों को केरोसिन वितरण करेंगे। हॉकरों के लिए प्रति हॉकर 85 लीटर के मान से पृथक आवंटन जारी किया गया है।

खाद्य विभाग द्वारा माह जनवरी 2021 के लिए जारी की गई कुल केरोसिन में से बस्तर जिले के लिए 192 किलो लीटर मिट्टी तेल का आवंटन जारी किया गया है। इसी प्रकार बीजापुर के लिए 60, दंतेवाड़ा 72, कांकेर 156, कोण्डागांव 132, नारायणपुर 36, सुकमा 72, कोरबा 144, बेमेतरा 108, दुर्ग 156, कवर्धा 132, राजनांदगांव 336, धमतरी 96, गरियाबंद 168, बलरामपुर 180 किलो लीटर, बिलासपुर 240, जांजगीर-चांपा  240, मुंगेली 108, रायगढ़ 360, बालोद 96, बलौदाबाजार 192, महासमंुद 156, रायपुर 204, जशपुर 204, कोरिया 144, सरगुजा 228 और सूरजपुर जिले के लिए 216 किलो लीटर और गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले के लिए 60 किलो लीटर केरोसिन का आवंटन जारी किया गया है।

 

30-12-2020
ना ट्रेड लाइसेंस, ना राज्य सरकार की अनुमति,वर्षों से  विक्रय कर रहें बस्तर के वाहन कारोबारी: शिवसेना

जगदलपुर। शिवसेना के बस्तर जिलाध्यक्ष अरूण कुमार पाण्डेय् ने बस्तर अंचल में दो पहिया वाहन विक्रेताओं पर नियम विरुद्ध वाहन बेचने का आरोप लगाते हुए आरटीओ विभाग के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आख़िर बिना ट्रेड लाइसेंस के लंबे अरसे से वाहन विक्रेता विभिन्न जिलों में कारोबार करते आ रहे हैं। तब बस्तर अंचल के सातों जिलों के आरटीओ अधिकारी अब तक आंख मूंदे क्यों बैठे हुए हैं, अब तक किसी भी आरटीओ अधिकारी ने अपने ज़िले के नियम विरुद्ध तरीक़े से वाहन विक्रय कर रहे कारोबारी पर कोई कार्यवाही क्यों नही किया है। गौरतलब हो कि मोटरयान अधिनियम 1994 के नियम के प्रावधान के तहत किसी राज्य में वाहन बिक्री के लिए संबंधित राज्य सरकार से इसकी अनुमति लेना आवश्यक है लेकिन छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में ऐसा नही किया जा रहा है। कुछ कंपनी के डीलर्स को नियमों को ताक में रखकर काम करना ही अपनी उपलब्धता समझते हैं तो कुछ डीलर्स केंद्रीय मोटरयान अधिनियम 1989 की धारा 126 के तहत वाहन बिक्री की अनुमति उन्हें है, ऐसा समझकर व्यवसाय करते आ रहे हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि काउंटर चला रहे वाहन विक्रेताओं के पास राज्य सरकार से इसकी अनुमति नही है और वे इसे जरूरी भी नहीं समझ रहे हैं। बस्तर अंचल में कुछ एक कंपनी के ही डीलर्स दो या तीन ज़िलों में हैं बाकी एक कंपनी के एक ही डीलर्स हैं, जो कि बस्तर के सभी सात जिलों में लंबे अरसे से अपनी वाहन बेचते आ रहे हैं।

जहां के नाम पर इन्हें डीलर घोषित किया जाता है उस ज़िला के अतिरिक्त ये वाहन कारोबारी अन्य जिलों में जहां इनकी डीलरशिप नही है वहां भी स्वयं या थर्ड पार्टी से समझौता करके अपनी दुकान सजा कर वर्षों से बेधड़क वाहनों की बिक्री करते आ रहे हैं। बस्तर अंचल के जगदलपुर, कोंडागांव और कांकेर में डीलर्स होते हुए भी वहां के आरटीओ अधिकारियों की लापरवाही के चलते आज तक बस्तर के इन दो पहिया वाहन विक्रेताओं पर किसी तरह की कार्यवाही नही जा रही है। इसके अतिरिक्त डीलर्स ना होने के बावजूद सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा ज़िले में भी धड़ल्ले से वाहन विक्रय होते ही आ रही है। लेकिन अब तक वहां के आरटीओ अधिकारियों ने भी कोई कार्यवाही इस विषय पर करना अपना कर्तव्य नही समझा है।शिवसेना के जिलाध्यक्ष अरूण कुमार पाण्डेय् ने कहा है कि आरटीओ अधिकारियों को तत्काल इस विषय को संज्ञान में लेते हुए सभी जिलों के नियम विरुद्ध कार्य कर रहें वाहन डीलरों के ऑनलाइन पोर्टल को निरस्त कर देना चाहिए जिससे कि वे आगे नियम विरुद्ध तरीक़े से इस स्थानों पर वाहन की बिक्री ना सकें। उन्होंने आगे कहा कि आरटीओ अधिकारी अगर मामले को संज्ञान में लाने के बावजूद भी कार्यवाही नही करते तब शिवसेना उनके विभाग के ख़िलाफ़ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

 

21-12-2020
टीसीओसी के तहत बड़े हमले के फिराक में हैं नक्सली, नक्सलवाद के सफाए पर बनी कारगर व प्रभावी रणनीति

रायपुर/जगदलपुर। बस्तर में फोर्स के लगातार बढ़ते दबाव से परेशान नक्सलियों ने पलटवार की रणनीति तैयार कर इस वर्ष को पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) वर्ष घोषित किया है। इधर फोर्स इस अवसर को नक्सलवाद के सफाए के लिए उपयुक्त मानकर गृह मंत्रालय के विशेष सुरक्षा सलाहकार के. विजय कुमार लगातार बस्तर और सीमा से सटे राज्यों के पुलिस अफसरों की बैठक लेकर नक्सलवाद के सफाए की रणनीति तय करने में जुटे हैं। डीजीपी अशोक जुनेजा ने आपरेशन की कमान खुद संभाल ली है। वहीं बस्तर आईजी सुंदरराज पी लगातार अंदरूनी इलाकों के कैंपों तक जाकर जवानों का हौसला बढ़ा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार बस्तर संभाग में नक्सलियों ने बड़ा रणनीतिक फेरबदल किया है। नक्सली मार्च में महिला दिवस के बाद से चलाए जाने वाले टीसीओसी (टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन) की शुरुआत इस बार जनवरी से ही करने वाले हैं। टीसीओसी के दौरान अब तक कई बड़े हमले किए जा चुके हैं, जिसमें 6 अप्रैल 2010 ताड़मेटला में फोर्स पर नक्सलियों का बड़ा हमला हुआ जिसमें 76 जवान शहीद हुए। 25 मई 2013 झीरम घाटी हमला जिसमें कांग्रेस के विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा सहित 30 से अधिक कांग्रेसी और जवान शहीद हुए थे। 17 मार्च 2014 टाहकवाड़ा में नक्सलियों के बड़े हमले में 15 जवान शहीद हुए थे। 12 अप्रैल 2014 दरभा में एंबुलेंस को निशाना बनाया गया जिसमें 5 जवानों सहित 108 एंबुलेंस के पायलट और ईएमटी को मौत हुई थी। लेकिन वर्ष 2014 के बाद नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे पाए हैं। सुदरराज पी ने कहा कि निरंतर चौतरफा दबाव साथियों का समर्पण एवं गिरफ्तारी के पािणामस्वरूप नक्सलियों का आधार खिसकने से वे बौखलाए हुए हैं, जिसके कारण नक्सलियों ने इस बार पीएलजीए सप्ताह की जगह पूरा वर्ष इसे मनाने की बात सामने आ रही है। लेकिन वर्ष 2014 के बाद नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे पाए हैं। बावजूद इसके सुरक्षा बल नक्सलियों तमाम गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुई हैं।

 

20-12-2020
इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में बनेगा पहला सेन्थेटिक टर्फ फुटबाल ग्राउंड

रायपुर/जगदलपुर।  बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में फुटबाल खिलाडिय़ों के लिए सेन्थेटिक टर्फ फुटबाल ग्राउंड के निर्माण के लिए केन्द्रीय खेल मंत्रालय ने 5 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। केन्द्रीय खेल मंत्री स्वतंत्र प्रभार किरेन रिजिजू ने स्वीकृति जारी करते हुए कहा है कि खेलो इंडिया स्कीम के अंतर्गत जगदलपुर स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में सेंथेटिक टर्फ फुटबाल ग्रांउड के साथ ही रनिंग ट्रैक का भी निर्माण कराया जायेगा।   बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में सेन्थेटिक टर्फ फुटबाल ग्राउंड के निर्माण के लिए विभाग द्वारा 6.99 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केन्द्रीय खेल मंत्रालय को भेजा गया था। केन्द्रीय खेल मंत्रालय ने 18 दिसंबर 2020 को इसके लिए 5 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान कर दी है। जगदलपर में सेन्थेटिक टर्फ फुटबाल ग्राउंड निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत किये जाने पर राज्य के खेल मंत्री उमेश पटेल ने केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के प्रति आभार व्यक्त किया है।

 

19-12-2020
राज्य शासन ने जगदलपुर से विशाखापटनम सहित बस्तर के किसी भी रीजन में रेल सेवा शुरू करने नहीं लगाई रोक

जगदलपुर। राज्य शासन ने कोविड-19 के कारण बंद जगदलपुर से विशाखापटनम सहित किसी भी अन्य रीजन में यात्री रेल सेवा को दोबारा शुरू करने पर कोई रोक नहीं लगाई है। शासन चाहती है कि दोनों शहरों के बीच यात्री ट्रेनों का संचालन जल्द शुरू हो ताकि लोग सुचारू रूप से आना-जाना कर सकें और उनकी परिवहन संबंधी दिक्कतें दूर हों। जगदलपुर से विशाखापटनम यात्री रेल सेवा जल्द शुरू करने के संबंध में बस्तर जिले के कलेक्टर रजत बंसल ने ईस्ट-कोस्ट रेलवे के डिवीजनल रेलवे मैनेजर को पत्र भी लिखा है।

02-12-2020
कौशिक ने कहा, किट्स परियोजना में ठगे गए बस्तर के आदिवासी किसान, केंद्र सरकार की राशि की हुई बंदरबांट

रायपुर। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने बस्तर में आदिवासी किसानों को सीधे-सीधे लाभ पहुँचाने वाली केंद्र सरकार की योजनाओं में बड़े पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार के ख़ुलासे पर हैरत जताते हुए प्रदेश सरकार और उसके प्रशासन तंत्र की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। कौशिक ने कहा कि आदिवासियों और किसानों के नाम पर घड़ियाली आँसू बहाने वाली प्रदेश सरकार की नाक के नीचे आदिवासी बहुल बस्तर में भ्रष्टाचार के कारण आदिवासी किसान खुलेआम ठगे गए हैं। कृषि और उद्यानिकी विभाग के साथ-साथ अब आदिवासी विकास विभाग और जनपद पंचायतों ने भी भ्रष्टाचार का सारी सीमाएँ लांघ दी हैं। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश के दावे करने वाली प्रदेश सरकार अब पूरी तरह से बेनक़ाब हो चुकी है। बस्तर में नेताओं,आपूर्तिकर्ताओं और अफ़सरों ने मिलकर कमीशनख़ोरी की ऐसी शर्मनाक मिसाल पेश की है कि किसानों को वितरित किए जाने वाले सब्जी बीज के किट्स तक को भी उन्होंने नहीं छोड़ा और 16.5 हज़ार रुपए मूल्य के इन किट्स पर कमीशनखोरों ने ऐसी नज़र गड़ाई कि आख़िर में इन सब्जी उत्पादक किसानों के हिस्से में सिर्फ़ एक हज़ार रुपए के बीज ही आ पाए। कौशिक ने कहा कि जिस सुनियोजित तरीके से इस ठगी को अंजाम दिया गया है, उससे यह संदेह पुख़्ता होता है कि भ्रष्टाचार के इस शर्मनाक सिलसिले को प्रदेश सरकार का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था, क्योंकि ये किट्स परियोजना सलाहकार मंडल के अध्यक्ष के नाते स्वयं कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने मई-जून में बाँटे थे।

कौशिक ने कहा कि बस्तर में एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना मद में केंद्र सरकार से आने वाली राशि से आदिवासियों-किसानों के बजाय नेता-अफ़सर-सप्लायर अपनी तिजोरियाँ भरने में लगे हैं और प्रदेश सरकार और उसके सियासी मोहरों को न तो यह नज़र आया और न ही उनके कानों पर जूँ तक रेंगी। कौशिक ने कहा कि जिस परियोजना के सलाहकार मंडल के अध्यक्ष सांसद हो और विधायक सदस्य हो, उसमें इतने बड़े पैमाने पर मची लूट प्रदेश सरकार के कलंकित कार्यकाल का एक और काला अध्याय है। कौशिक ने कहा कि बस्तर ज़िले की सभी सात जनपद पंचायतों में लगभग 700 किसानों को 1.15 करोड़ रुपए के बीज बाँटे जाने की बात कही जा रही है, जबकि प्रति किसान दिए गए बीजों की कीमत बाज़ार में एक हज़ार रुपए आँकी जा रही है। इधर ये बीज 16.5 हज़ार रुपए में ख़रीदे जाने की बात सामने आई है। कौशिक ने कहा कि आदिवासी किसानों तक सिर्फ़ 10 लाख रुपए के बीज ही पहुँचे और और शेष एक करोड़ रुपए से ज़्यादा कमीशनखोरों ने हज़म कर लिया। भ्रष्टाचार को अंजाम देने सभी जनपदों में एक ही सप्लायर की दो फर्मों को यह काम सौंपा गया और उसमें भी तमाम क़ायदे-क़ानूनों को ताक पर रखा गया। कौशिक ने केंद्र सरकार से मिली राशि की इस बंदरबाँट को आदिवासी किसानों के साथ खुली धोखाधड़ी बताते हुए इसके बारे में तत्काल केंद्र सरकार को अवगत करा प्रदेश सरकार और उसके प्रशासन तंत्र के ख़िलाफ़ कारग़र कार्रवाई करने की बात कही है।

 

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