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24-05-2020
चार स्पेशल ट्रेन से रायपुर पहुंचे 488 श्रमिक, तीन अन्य राज्यों के भी शामिल

रायपुर। लॉक डाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और अन्य लोगों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में रविवार को चार श्रमिक स्पेशल ट्रेन रायपुर स्टेशन पहुंची। चारों ट्रेनों से कुल 488 श्रमिक रायपुर स्टेशन में उतरे। इनमें झारखंड, ओडिशा और बिहार के भी मजदूर शामिल हैं। देहरादून से चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन से रायपुर में 136 श्रमिक उतरे। इनमें रायपुर जिले के 39, धमतरी के 3, महासमुंद के 5, कांकेर के 9, बस्तर 1, गरियाबंद 5, नारायणपुर 3, राजनांदगांव 3,  दुर्ग के 3, दंतेवाड़ा के 3, जशपुर के 2, रायगढ़ के 1, बालोद 3, सुकमा 3, कोंडागांव के 28, झारखंड के 20, बिहार के 1 और उड़ीसा के 4 श्रमिक शामिल हैं।

वीरमगाम से चली ट्रेन में 118 श्रमिक रायपुर स्टेशन में उतरे। इनमें रायपुर जिले के 109, बलौदा बाजार के 2, कबीरधाम के 1 और बेमेतरा के 6 श्रमिक शामिल हैं। इसी तरह वैष्णवदेवी कटरा से चली स्पेशल श्रमिक ट्रेन में रायपुर रेलवे स्टेशन में 79 श्रमिक उतरे। इनमें रायपुर जिले के 8, बलौदा बाजार के 1 और महासमुंद के 70 श्रमिक शामिल हैं। अहमदाबाद से चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन में बलौदाबाजार के 155 श्रमिक रायपुर रेलवे स्टेशन में उतरे।

जिला प्रशासन के मुताबिक श्रमिकों के रायपुर स्टेशन पहुंचने पर फिजिकल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए, उन्हें दो-दो बोगियों से बारी-बारी से उतारा गया। सभी श्रमिकों की मेडिकल टीम ने स्वास्थ्य जांच की। थर्मल स्क्रीनिंग और पल्स ऑक्सीमीटर से उनके तापमान के साथ-साथ पल्स और ऑक्सीजन सांद्रता की जांच की गई। इसके बाद उन्हें विशेष बसों से उनके जिलों के क्वारेन्टाइन सेन्टर भेजा गया। सभी श्रमिकों को 14 दिन क्वारेंटाइन में रहने और कोरोना से बचाव और रक्षा के लिए सभी निर्देशों का पालन करने हिदायत दी। रेलवे स्टेशन में ही पैक्ड भोजन भी प्रदान किया गया। ट्रेन आगमन के पहले स्टेशन के प्लेटफार्म को सैनिटाइज किया गया।

17-05-2020
रमन सिंह कर्नाटक,उत्तरप्रदेश से भी ट्रेनों की अनुमति दिलवा दें : कांग्रेस

रायपुर। जम्मू कश्मीर से श्रमिकों के लिए ट्रेन की अनुमति दिलवाने के कथित प्रयासों को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने डॉ.रमन सिंह का राजनीतिक हथकंडा कहा है। त्रिवेदी ने कहा कि अगर उनकी इतनी सुनवाई हो रही है तो दो और भाजपा शासित राज्य छत्तीसगढ़ के लिए ट्रेनों की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं। वे उन राज्यों से भी अनुमति दिलवा दें।त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र की ओर से पहले तो रेलमंत्री पीयूष गोयल ने गलत बयान जारी करके राजनीति की। अब जबकि इस झूठ की कलई खुल गई है तो डैमेज कंट्रोलके लिए डॉ.रमन सिंह ट्रेनों की अनुमति दिलवाने की बात कर रहे हैं। अगर वे सच में छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के हितैषी हैं तो वे कर्नाटक और उत्तर प्रदेश से भी ट्रेनों की लंबित अनुमति दिलवाने की पहल करें। भाजपा उपाध्यक्ष होने के नाते डॉ.रमन सिंह को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन से भी बात कर लेनी चाहिए और कहना चाहिए कि आर्थिक पैकेज के तहत जो उपाय किए गए हैं उससे न उद्योगपतियों का भला होने वाला है और न किसानों-मजदूरों का। उन्हें चाहिए कि वे वित्तमंत्री से कहें कि वे कर्ज़ देने की जगह उद्योगपतियों को राहत दें। किसानों-श्रमिकों की जेब में नकद रकम डालने के उपाय करें।त्रिवेदी ने रमन सिंह से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें श्रमिकों का दर्द महसूस हो रहा है तो वे हिम्मत जुटाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहें कि वे मीलों मील पैदल चल रहे मजदूरों के लिए केंद्र सरकार की ओर से घर पहुंचने का इंतजाम कर दें। जब वे बात करें तो रेलमंत्री, वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री से यह भी कह दें कि गरीब मजदूरों से ट्रेन यात्रा का पैसा वसूल करना बंद कर दें। वैसे भी मजदूर पिछले दो महीनों में अपना सब कुछ गंवा चुके हैं, उनके पास यात्रा के पैसे भी नहीं हैं।

 

15-05-2020
135 श्रमिक तीन स्पेशल ट्रेनों से आएंगे कोरबा, 19,21 और 22 मई को पहुंचेगी ट्रेन

कोरबा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयासों से कोरोना वायरस के कारण जारी लाॅक डाउन के दौरान अन्य प्रांतों में फंसे कोरबा जिले के लगभग 135 प्रवासी श्रमिक तथा अन्य लोग तीन विशेष श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से आने वाली 19, 21 व 22 तारीख को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पहुंचेंगे। बिलासपुर से सभी को विशेष बसों द्वारा कोरबा लाया जायेगा एवं निर्धारित स्वास्थ्य परीक्षण तथा स्क्रिनिंग के बाद 14 दिन के संस्थागत क्वारेंटाइन में रखा जायेगा। इन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में यात्रा करने वाले किसी भी श्रमिक से किराया या अन्य कोई भी राशि नहीं ली जायेगी। रवाना होने से पहले सभी लोगों का स्टेशनों पर मेडिकल चेकअप किया जायेगा तथा किसी भी कोविड-19 लक्षण वाले व्यक्ति को यात्रा नहीं करने दिया जाएगा।जिला स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारी अजय उरांव ने बताया कि महाराष्ट्र के मुंबई से 20 तारीख को श्रमिक स्पेशल ट्रेन बिलासपुर के लिए रवाना होगी। इस ट्रेन से छत्तीसगढ़ के लगभग एक हजार 390 श्रमिक वापस लौटेंगे,जिनमें से 25 कोरबा जिले के भी हैं। इसी प्रकार 18 मई को महाराष्ट्र के पूणे से एक हजार 324 श्रमिकों को लेकर अन्य स्पेशल गाड़ी चलेगी और 19 मई को बिलासपुर पहुंचेगी। इस गाड़ी में पूणे में फंसे कोरबा के तेरह श्रमिक वापस आयेंगे। 21 मई को बैंगलूरू से एक हजार 481 श्रमिकों को लेकर स्पेशल ट्रेन बिलासपुर के लिए रवाना होगी,जिसमें कोरबा के 97 श्रमिक वापस आयेंगे। बिलासपुर रेलवे स्टेशन से इन सभी श्रमिकों को कोरबा लाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पर्याप्त बसें तथा प्रशासनिक टीम भेजी जायेगी। जिले की मेडिकल टीम भी बिलासपुर स्टेशन पर मौजूद रहेगी तथा आने वाले सभी श्रमिकों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जायेगी। कोरबा आने के बाद सभी को 14 दिनों के संस्थागत क्वारेंटाइन में रखा जायेगा।

15-05-2020
भूपेश बघेल ने पीयूष गोयल के ट्रेनों को अनुमति नहीं देने के बयान को बताया आधारहीन, कहा राज्यों पर दोष मढ़ना ठीक नहीं

रायपुर। लॉक डाउन में विभिन्न राज्यों में फंसे श्रमिकों को अपने अपने राज्य पहुंचाने के लिए रेल सेवा शुरु होने के साथ ही इस पर राजनीतिक श्रेय और बयानबाजी भी शुरु हो चुकी है। केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने श्रमिकों के लिए पर्याप्त ट्रेन नहीं चलने पर राज्यों को दोष दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्य सरकारों पर ठीकरा फोड़ा है। रेल मंत्री के इस बयान को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आधारहीन और तथ्यहीन बताया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की ओर से 30 ट्रेनों की अनुमति मांगी गई है और हमें अब तक सिर्फ 14 मिली है। ट्रेनों के लिए हम करीब 1.17 करोड़ का भुगतान भी रेलवे को कर चुके हैं। रेलवे या किसी राज्य की ओर से कोई प्रस्ताव हमारे पास लंबित नहीं है। भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्रीय रेल मंत्री का बयान तथ्यहीन और आधारहीन है। इन ट्रेनों के आने के बाद हम बचे हुए श्रमिकों का हिसाब लगाकर जरुरत के हिसाब से और ट्रेनों की अनुमति मांगेंगे।

अनियोजित लॉक-डाउन की वजह से ही श्रमिक मुसीबत में फंसे। फिर उनसे टिकट के पैसे मांगे गए। भूपेश बघेल ने आगे कहा कि सोनिया गांधी के निर्देश पर हम मजदूरों का किराया चुका रहे हैं। अब आप सार्वजनिक रूप से गलत बयान दे रहे हैं। मजदूर जो कष्ट और पीड़ा झेल रहे हैं उसके लिए उत्तरदायित्व राज्य नहीं हैं। राज्यों पर दोष मढ़ना ठीक नहीं। बता दें कि केन्द्रीय रेल मंत्री ने मीडिया में बयान दिया कि रेलवे रोजाना 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाकर कामगारों को उनके घर पहुंचाने के लिये तैयार है, लेकिन दुख है कि कुछ राज्यों जैसे प.बंगाल, राजस्थान, छत्तीसगढ, व झारखंड की सरकारों द्वारा इन ट्रेनों को अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे श्रमिकों को घर से दूर कष्ट सहना पड़ रहा है। रेल मंत्री के इस बयान के बाद से विभिन्न राज्यों से प्रतिक्रिया आनी शुरु हो गई है। अब देखने वाली बात है कि राज्य और केन्द्र की इस कुश्ती में कहीं मजदूर और मजबूर ना फंस जाएं।

 

14-05-2020
मजदूरों को रेलवे स्टेशन पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार ने शुरू की डीटीसी बस सेवा

नई दिल्ली। देश में जानलेवा कोरोना वायरस का कहर जारी है। इस महामारी से निपटने के लिए देश भर में लॉक डाउन किया गया है। लॉक डाउन के कारण लाखों प्रवासी श्रमिक देश के अलग-अलग राज्यों में फंस गए। उनकी घर वापसी के लिए रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने प्रवासियों को स्टेशनों तक पहुंचाने के लिए एक बड़ा फैसला किया है। सरकार ने रेल यात्रियों के लिए डीटीसी बस चलाने का निर्णय लिया है। हालांकि शहर में अभी बस सेवा शुरू नहीं की गई है। इस पर लॉकडाउन 4.0 में कोई फैसला लिया जा सकता है।

दिल्ली सरकार ने प्रवासी मजदूरों और अन्य को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचाने और वहां से ले जाने के लिए डीटीसी की बस सेवा शुरू की है। हालांकि अभी शहर में सरकारी बस सेवा शुरू करने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग कोविड-19 महामारी के बीच सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन के लिए एक प्रोटोकॉल बनाने पर विचार-विमर्श कर रहा है। सार्वजनिक परिवहन को फिर से शुरू करने का निर्णय केंद्र के दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों के लिए बस चलाना शुरू कर दिया है। शहर के विभिन्न सरकारी आश्रयों गृहों से रेलवे स्टेशन तक प्रवासी श्रमिकों को ले जाने के लिए भी डीटीसी बसों को लगाया गया है।

12-05-2020
13 मई को मजदूरों को लेकर लखनऊ से रायपुर पहुंचेगी श्रमिक स्पेशल ट्रेन

रायपुर। अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और मजदूरों के ट्रेन से आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के लखनऊ से छत्तीसगढ के श्रमिकों को लेकर मंगलवार को श्रमिक स्पेशल ट्रेन रवाना हो रही है,जिसके बुधवार 13 मई को दोपहर एक बजे रायपुर पहुंचने की संभावना है। रास्ते में यह बिलासपुर में भी 10.30 बजे रूकेगी है। कलेक्टर डॉ.एस. भारतीदासन ने बताया कि इसके अलावा रायपुर रेलवे स्टेशन में लखनऊ से 15 और 17 मई को एक-एक ट्रेन और 16 मई को बिहार के मुजफ्फरपुर से एक ट्रेन आने की संभावना हैं। इन ट्रेनों के सुबह 9 बजे पहुंचने की संभावना हैं। कलेक्टर रायपुर ने श्रमिकों के आगमन के समय सुविधाओं के चिहांकन और संयुक्त सर्वेक्षण की दृष्टि से तीन अधिकारी की टीम गठित की है। इसमें शैलाभ साहू, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, डीसी पटेल, सीएसपी, अमित बेक तहसीलदार शामिल है।  इन श्रमिकों के रायपुर आगमन पर सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए क्रमश: दो-दो बोगियों से मजदूरों को उतारा जाएगा।  मेडिकल टीम उनके स्वास्थ्य की जांच करेगी। इसके बाद मजदूरों को विशेष बसों से उनके जिलों के क्वारेन्टाइन सेन्टर भेजा जाएगा।

11-05-2020
प्रधानमंत्री को भूपेश ने कहा-राज्य को आर्थिक गतिविधियां संचालन के निर्णय, जोन निर्धारण करने का अधिकार मिले

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कहा कि राज्य के अंदर आर्थिक गतिविधियों के संचालन के निर्णय का अधिकार राज्य सरकार को मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर रेड, ग्रीन और आरेंज जोन के निर्धारण का दायित्व राज्य सरकारों को दिया जाना चाहिए। रेल सेवा शुरू होने से वर्तमान स्थिति में बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेगुलर ट्रेन और हवाई सेवा, अंतर राज्यीय बस परिवहन की शुरुआत राज्य सरकारों से विचार विमर्श कर किया जाना चाहिए। उन्होंने श्रमिकों के परिवहन के लिए राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) से राशि व्यय किये जाने की अनुमति देने का भी सुझाव दिया। वीडियों कांफ्रेंसिंग में अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते राज्य में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य का वित्तीय घाटा भी इस वर्ष अपवाद के रूप में जीएसडीपी का 5 प्रतिशत के बराबर रखे जाने और उधार की सीमा जीएसडीपी के 6 प्रतिशत तक शिथिल करने का आग्रह किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य को 30 हजार करोड़ रुपए की सहायता दिए जाने का भी आग्रह किया। एफसीआई ने राज्य से 24 लाख मैट्रिक टन चावल लिया है, इसे बढ़ाकर 31.11 लाख मैट्रिक टन किए जाने की अनुमति देने का भी आग्रह प्रधानमंत्री से किया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य कर्मियों की तरह पुलिस, नगर निगम, जिला प्रशासन एवं अन्य विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों को भी पीएम गरीब कल्याण पैकेज में शामिल करने का आग्रह किया। मनरेगा के तहत 100 दिन के रोजगार दिए जाने का प्रावधान 200 दिन करने का आग्रह किया। कोरोना संक्रमण की टेस्टिंग के लिए आईसीएमआर की गाइडलाइन के अतिरिक्त और भी टेस्टिंग की गाइडलाइन जारी करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के कोल ब्लॉकों से कोयला मंत्रालय भारत सरकार की ओर से जमा कराई गई 4 हजार 140 करोड़ रुपए की अतिरिक्त लेवी की राशि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार राज्य सरकार को अंतरित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा महामारी की रोकथाम के लिए केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करना होगा, तभी इसमें सफलता मिलेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में सहयोग के लिए भारत सरकार तथा अन्य राज्य के मुख्यमंत्रियों का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ के मजदूर जो लॉकडाउन दौरान अन्य राज्यों में फंसे थे, उस अवधि में उनकी मदद के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों का भी आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में वर्तमान में कोरोना के 6 मरीज हैं। राज्य में कुल 59 मरीज थे, जिसमें से 53 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में रिकवरी रेट 90 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज शुरू हो चुका है। इसकी बदौलत इनके 91 हजार 997 श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है। श्रमिकों, छात्रों, बीमार व्यक्तियों को अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ लाने का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य के लगभग 1 लाख 24 हजार मजदूर अन्य राज्यों में है, जब कि छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों के मजदूरों की संख्या लगभग 35 हजार है। इस दौरान स्वास्थ्य और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव आरपी मंडल, पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव स्वास्थ्य निहारिका बारिक सिंह, उप सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय सौम्या चौरसिया सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

11-05-2020
गुजरात से छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों को लेकर आने वाली पहली ट्रेन बिलासपुर पहुंची 

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के मजदूरों को लेकर आने वाली पहली प्रवासी ट्रेन आज सुबह 9 बजकर 45 पर बिलासपुर पहुंची। इस ट्रेन की अगवानी के लिए कलेक्टर डॉ. संजय अलंग, नगर निगम आयुक्त प्रभाकर पांडे तथा शहर विधायक शैलेश पांडे बिलासपुर स्टेशन के प्लेटफार्म पर मौजूद थे। ट्रेन आने के बाद में बिलासपुर पहुंचे प्रवासी श्रमिक कुछ देर ट्रेन में ही बैठे रहे। धीरे-धीरे पूरी स्वास्थ्य जांच के बाद उनके आगे की क्वॉरेंटाइन की व्यवस्था की जाएगी।

06-05-2020
छत्तीसगढ़ के मजदूरों को वापस लाने ट्रेन की तारीख जल्द तय करें सरकार : शैलेश नितिन त्रिवेदी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मजदूरों की घर वापसी के लिए ट्रेनों की तिथियों की घोषणा रेल मंत्रालय की ओर से जल्द जारी करने की मांग कांग्रेस की ओर से की जा रही है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि केंद्र सरकार ने मजदूरों की अपने अपने घर गांव अपने प्रदेश वापसी के लिए विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा तो कर दी है। अभी तक छत्तीसगढ़ के मजदूरों के लिए देशभर से चलने वाली स्पेशल ट्रेन की तारीख की जानकारी केंद्र सरकार या रेलवे ने नहीं दी है। जबकि छत्तीसगढ़ सरकार ने रेलवे को पत्र लिखकर ट्रेनों की आवश्यकता, संख्या बता दी है और अपनी तरफ से किराया देने की पेशकश भी कर दी थी। त्रिवेदी ने कहा कि झारखंड की ट्रेनें चल गई, मध्य प्रदेश की ट्रेनें कब चलेगी इसकी सूचियां मध्य प्रदेश सरकार को बता दी गई लेकिन छत्तीसगढ़ के ट्रेनों की तारीख अभी तक रेल मंत्रालय ने नहीं बताई है। बाहर के प्रदेशों में फंसे छत्तीसगढ़ के मजदूर विगत 22 अप्रैल से खाली बैठे हैं और खाना राशन रहने और इलाज की तकलीफों का सामना कर रहे हैं। उनके पास की पूंजी समाप्त हो गई है। जो चोरी छुपे मजदूर आ रहे हैं और शोषण का शिकार हो रहे हैं उससे उन्हें छुटकारा मिलेगा।

02-05-2020
जाने कब चलेगी आम यात्रियों के लिए ट्रेन, रेलवे ने प्रेस नोट जारी कर बताया किस परिस्थिती में चलेगी ट्रेनें…

नई दिल्ली। देश में जानलेवा कोरोना वायरस का कहर जारी है। संपूर्ण देश में जारी लॉक डाउन के बाद भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लॉक डाउन को दो हफ्ते और बढ़ा दिया है। देश में तीसरी बार दो हफ्ते के लिए लॉक डाउन बढ़ा दिए जाने के बाद भारतीय रेलवे ने भी सभी यात्री ट्रेनों के परिचालन पर 17 मई तक रोक लगा दी है। इस दौरान मेट्रो और हवाई सेवा भी बंद रहेगी। कोरोना महामारी के कारण तीसरी बार लॉक डाउन बढ़ाने के साथ ही रेलवे ने साफ किया कि 17 मई तक सभी यात्री सेवाएं रद रहेंगी। रेल मंत्रालय के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश दत्त वाजपेयी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि सभी यात्री ट्रेनें सत्रह मई की तिथि तक पूर्णतया बंद रहेगी। उन्होंने बताया है कि पूर्व की तरह मालगाड़ी और पार्सल स्पेशल ट्रेनों का परिचालन होता रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा है कि विशेष परिस्थिति में राज्य सरकारों और केंद्र सरकार की सहमति से विभिन्न जगहों के लिए ट्रेन चलाई जा सकती है।

छात्रों और श्रमिकों को लाने की इजाजत :

विभिन्न राज्यों की मांगों को देखते हुए केंद्र सरकार ने गाइडलाइंस में बदलाव करते हुए छात्रों, मजदूरों और तीर्थ यात्रियों के वापसी के लिए लॉक डाउन में ढील देने की घोषणा की थी। गृह मंत्रालय ने कहा था कि राज्य सरकारें आपसी तालमेल के साथ बसों से इन लोगों को अपने गृह राज्य पहुंचाए। इसके बाद बिहार सरकार ने बसों से प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को बसों से लाने की बात पर अपने हाथ खड़े कर लिए थे और केंद्र से विशेष ट्रेन चलाने की मांग की थी।

अगले आदेश तक कोई रिजर्वेशन नहीं :

रेल मंत्रालय ने कहा कि प्रीमियम ट्रेनों, मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों, पैसेंजर ट्रेनों, उपनगरीय ट्रेनों, कोलकाता मेट्रो रेल, कोंकण रेलवे आदि सहित सभी यात्री ट्रेन सेवाएं 17 मई तक निलंबित रहेंगी। वहीं अगले आदेश तक सभी टिकट बुकिंग निलंबित रहेंगी। रेलवे ने कहा कि ई-टिकट सहित ट्रेनों के टिकटों का कोई अग्रिम आरक्षण अगले आदेश तक नहीं किया जा सकता है। ऑनलाइन ट्रेन टिकट रद्द करने की सुविधा बनी हुई है।

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