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02-12-2019
अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से संतुष्ट नहीं, पुनर्विचार याचिका दायर

नई दिल्ली। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने अयोध्या केस में सुनाए गए फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। यह याचिका मौलाना सैयद अशद रशीदी की ओर से दायर की गई है, जो अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्ष के 10 याचिकाकतार्ओं में से एक हैं। यह पुनर्विचार याचिका इस विवाद में मूल वादकारियों में शामिल एम. सिद्दीक के कानूनी वारिस मौलाना सैयद अशद रशीदी ने दायर की है। इसमें कहा गया है कि फैसला त्रुटिपूर्ण है और इस पर संविधान के अनुच्छेद 137 के तहत पुनर्विचार की जरूरत है। पुनर्विचार याचिका में कहा गया है कि शीर्ष अदालत ने पक्षकारों को राहत के मामले में संतुलन बनाने का प्रयास किया है, हिंदू पक्षकारों की अवैधताओं को माफ किया गया है और मुस्लिम पक्षकारों को वैकल्पिक रूप में पांच एकड़ भूमि का आबंटन किया गया है जिसका अनुरोध किसी भी मुस्लिम पक्षकार ने नहीं किया था।

वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव जफरयाब जिलानी ने कहा कि हम आज सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पुनर्विचार याचिका दायर नहीं कर रहे हैं। हमने समीक्षा याचिका तैयार की है और हम इसे 9 दिसंबर से पहले किसी भी दिन दायर कर सकते हैं। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अयोध्या मामले को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले में पुनर्विचार याचिका की बात करने वाले लोग बिखराव और टकराव का माहौल पैदा करने की कोशिश में हैं लेकिन समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अयोध्या का मुद्दा अब खत्म हो गया है और इसे अब उलझाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए क्योंकि देश की शीर्ष अदालत ने सर्वसम्मति के फैसले में इस मामले को हल कर दिया है।

01-12-2019
राम रसोई में सुबह 11:30 से 2:30 बजे तक मिलेगा फ्री में भोजन

अयोध्या। पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद रविवार को अयोध्या में राम रसोई की शुरुआत हो गई है। रामलला के मंदिर के ठीक बाहर अमावा मंदिर में पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट ने राम रसोई की शुरुआत की। राम रसोई में रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भोजन मिलेगा। महावीर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष किशोर कुणाल ने आज इसकी शुरुआत की। इसमें सुबह 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक भोजन प्रसाद दिया जाएगा। इससे पहले पटना महावीर मंदिर ट्रस्ट 10 करोड़ रुपए चंदे के तौर पर राम मंदिर के लिए ऐलान कर चुका है।

इस प्रसाद भोजन की शुभारंभ रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने श्रद्धालुओं को प्रसाद भोजन अपने हाथों से वितरित कर  किया। इससे पहले वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान राम जानकी के विवाह पंचमी की विशेष तिथि पर विशेष पूजन हुआ और भगवान राम की अनुमति के बाद राम रसोई का संचालन शुरू किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष किशोर कुणाल ने बताया कि सभी चावल कैमूर (बिहार) के मोकरी गांव से मंगवाया गया है। राम रसोई और भगवान के भोग की सेवा लगातार चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए अयोध्या के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास से बात हो चुकी है। कुणाल ने कहा कि बिहार में पहले से ही सीतामढ़ी में सीता रसोई चल रही है। यहां दिन में 500 लोग और रात में 200 लोगों को मुफ्त में भोजन कराया जाता है।

28-11-2019
देश में मुस्लिम नहीं हिन्दू बिगाड़ते है शांति-सौहार्द वाले बयान पर राजीव धवन ने दी सफाई

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले में सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष और सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील रहे राजीव धवन ने हिंदुओं को लेकर दिए बयान पर सफाई दी है। राजीव धवन ने बयान दिया था कि 'देश में शांति-सौहार्द हिन्दू बिगाड़ते हैं मुस्लिम नहीं'। इसकी जमकर आलोचना हो रही है। वहीं राजीव धवन का कहना है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। अपने बयान पर सफाई देते हुए राजीव धवन ने कहा कि, 'यह टीवी द्वारा की गई शरारत है। मैं जब हिंदुओं की बात करता हूं तो इसका मतलब यह नहीं है कि मैं सभी हिंदुओं की बात कर रहा हूं।' उन्होंने आगे कहा, 'जब बाबरी मस्जिद मामले में हिंदू शब्द का इस्तेमाल होता है तो इसका मतलब संघ परिवार होता है। मैंने कोर्ट में कहा था कि जिन्होंने बाबरी मस्जिद ढहाया वे लोग हिंदू तालिबान हैं। मैं संघ परिवार के उन वर्गों की बात कर रहा हूं जो हिंसा और लिंचिंग जैसी चीजों के लिए समर्पित हैं'।

बता दें कि, मुस्लिम पक्ष और सुन्नी वक्फ बोर्ड को भले ही सुप्रीम कोर्ट से फैसले में निराशा मिली हो, लेकिन उनकी पैरवी करने वाले राजीव धवन ने खूब वाहवाही बटोरी थी। सुप्रीम कोर्ट में करीब 40 दिन चली मैराथन सुनवाई में धवन ने अपनी दलीलों से पीठ का दिल जीत लिया था। पीठ ने उस वक्त कहा था कि, हम वरिष्ठ वकील डॉ राजीव धवन की शैली से प्रभावित हुए। उन्होंने जिस तरह पूरी सुनवाई के दौरान दलीलें रखीं और साथ ही अपने विपक्षी वकीलों को बोलने का मौका दिया वह काबिल ए तारीफ था। पूरी सुनवाई के दौरान उन्होंने जिस तरह से धैर्य, सत्य और न्याय के लिए सहयोग किया वह सराहनीय है। सुनवाई के दौरान राजीव धवन ने एक बार यह भी कहा था कि सीजेआई सब सवाल सिर्फ उनसे ही पूछ रहे हैं जबकि हिंदू पक्ष के वकील से कुछ नहीं पूछा जा रहा, इस पर सीजेआई ने हिंदू पक्ष के वकील से भी कई सवाल पूछ डाले। हालांकि राजीव धवन ने कई बार अपना आपा भी खोया था, सुनवाई के अंतिम दिन तो उन्होंने हिंदू पक्ष की ओर से पेश किया गया नक्शा भी फाड़ दिया था। धवन को मुस्लिम पक्ष की ओर से पैरवी करने के लिए जान से मारने की धमकी भी मिली थी।

सीजेआई से बहस के बाद छोड़ी थी वकालत

74 वर्षीय राजीव धवन ने सीजेआई दीपक मिश्रा के साथ दिल्ली सरकार बनाम केंद्र के मामले में अदालत की सुनवाई के दौरान बहस के बाद 11 दिसंबर 2017 को उन्होंने वकालत छोड़ने का फैसला किया था। बाद में मुस्लिम पक्ष की ओर से पैरवी के लिए वह तैयार हो गए थे। 

25-11-2019
राम मंदिर निर्माण में श्रमदान करने गीदम से भक्त अयोध्या रवाना

गीदम। गीदम विकासखंड से रामभक्त अयोध्या में रामजन्म भूमि में मंदिर निर्माण में अपना अमूल्य श्रमदान करने के अलावा एक-एक ईंट भेंट करेंगे। गीदम नगर से भक्त 25 नवंबर को दंतेश्वरी माई की पूजा-अर्चना कर उनसे आशीर्वाद लेकर सुबह 11 बजे अयोध्या के लिए निकल गए हैं। इस पुनीत कार्य में सहयोग देने के लिए संतोष साहू के साथ महेश सोनी, अमर नेताम, अर्जुनराम, विसुराम और बुधराम पोयाम और सभी सहयोगी निजी वाहन से अयोध्या के लिए प्रस्थान कर गए हैं ।

 

 

25-11-2019
अयोध्या मामले में फिल्म बनाएगी ये अभिनेत्री, जाने क्या होगा टाइटल

मुंबई। एक्ट्रेस कंगना रनौत ने फिल्म मणिकर्णिका से डायरेक्शन डेब्यू किया था। अब वो प्रोडक्शन में भी अपना डेब्यू करने जा रही हैं। कंगना ने मणिकर्णिका के नाम से प्रोडेक्शन हाउस खोला है। वो अब पहली फिल्म प्रोड्यूस करने जा रही हैं। ये फिल्म अयोध्या राम मंदिर केस पर बेस्ड है। फिल्म का टाइटल दिया गया है 'अपराजित अयोध्या'। स्पॉटबॉय की खबर के मुताबिक, कंगना रनौत की ये फिल्म की शूटिंग अगले साल से शुरू होगी। फिल्म की स्क्रिप्ट केवी विजेंद्र प्रसाद ने लिखी है. केवी विजेंद्र प्रसाद बाहुबली सीरीज के क्रिएटर हैं।

फिल्म को लेकर क्या सोचती हैं कंगना रनौत?

फिल्म के बारे में बात करते हुए कंगना ने कहा- राम मंदिर टॉपिक सालों से चर्चा में है। 80 के दशक में पैदा हुए बच्चे के रूप में मैं अयोध्या का नाम निगेटिव लाइट से सुनकर बड़ी हुई हूं। इस मामले ने भारतीय राजनीति का चेहरा बदल दिया। फैसले ने भारत में सदियों पुराने विवाद को समाप्त कर दिया है। ये मुद्दा एक तरह से मेरी पर्सनल जर्नी को दिखाता है। अपराजित अयोध्या को जो बात अलग बनाती है वो ये है कि ये एक हीरो के नास्तिक से आस्तिक होने की यात्रा है। इसलिए मैंने फैसला किया मेरे प्रोडक्शन हाउस के लिए ये सबसे सही विषय होगा। बता दें कि 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर केस पर अपना जजमेंट दिया था। कोर्ट ने भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद का निर्माण किसी खाली जगह पर नहीं किया गया था। विवादित जमीन के नीचे एक ढांचा था और ये इस्लामिक ढांचा नहीं था। विवादित जमीन पर रामलला का हक होगा।

 

25-11-2019
देश का आम मुसलमान पुनर्विचार याचिका के पक्ष में नहीं : गेयरुल हसन रिजवी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने कहा है कि अयोध्या मसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करना मुसलमानों के हित में नहीं होगा। आयोग के अध्यक्ष गेयरुल हसन रिजवी ने रविवार को कहा कि इससे हिंदू-मुस्लिम एकता को नुकसान पहुंचेगा। रिजवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने एक बैठक की। उसमें सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि फैसले को स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अयोध्या में मंदिर के निर्माण के लिए आगे आना चाहिए। वहीं हिंदुओं को मस्जिद के निर्माण में मदद करनी चाहिए। यह दोनों समुदायों में सामाजिक सौहार्द की मजबूती की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। रिजवी ने कहा कि फैसले के खिलाफ याचिका दायर करने से हिंदुओं में गलत संदेश जाएगा और ऐसा माना जाएगा कि मंदिर बनाने में मुसलमान रोड़े अटका रहे हैं। यह हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए कतई अच्छा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पुनर्विचार याचिका इसलिए भी दाखिल नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद सहित सभी पक्षों ने वादा किया था कि सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला देगा, उसे माना जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत जैसे मुस्लिम पक्ष अब अपने वादे से मुकर रहे हैं। वह वर्षों से कहते आ रहे हैं कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला मानेंगे, तब पुनर्विचार याचिका दायर करने की क्या जरूरत है?
 
देश का आम मुसलमान पुनर्विचार याचिका के पक्ष में नहीं

रिजवी ने इस बात पर हैरानी जताई कि जब मुस्लिम पक्षकार कह रहे हैं कि यह याचिका सौ फीसदी खारिज होगी, तब इसे दायर करने का क्या औचित्य है। भारत का आम मुसलमान पुनर्विचार याचिका के पक्ष में नहीं है, क्योंकि वह नहीं चाहता कि जो मसला हल हो गया है, उसे फिर से उठाया जाए।

24-11-2019
नरेंद्र मोदी ने की अपील, सभी स्कूलों में मनाया जाए फिट इंडिया सप्ताह

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 59वीं बार देशवासियों से मन की बात की।उन्होंने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने फिट इंडिया सप्ताह की एक सराहनीय पहल की है। इसके तहत स्कूल दिसम्बर महीने में कभी भी फिट इंडिया सप्ताह मना सकते हैं। इसमें फिटनेस को लेकर कई प्रकार के आयोजन किए जाने हैं। इनमें क्विज, निबंध, लेख, चित्रकारी, पारंपरिक और स्थानीय खेल, योगासन, नृत्य एवं खेलकूद प्रतियोगिताएं शामिल हैं। उन्होंने कहा,फिट इंडिया सप्ताह में विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके शिक्षक और माता-पिता भी भाग ले सकते हैं। लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि फिट इंडिया का मतलब सिर्फ दिमागी कसरत, कागजी कसरत या लैपटॉप या कंप्यूटर पर या मोबाइल पर फिटनेस का एप देखते रहना है। जी नहीं पसीना बहाना है। खाने की आदतें बदलनी है। अधिकतम गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने की आदत बनानी है।”

प्रधानममंत्री ने सभी राज्यों के स्कूल बोर्ड और स्कूलों के प्रबंधन से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक स्कूल में दिसम्बर में फिट इंडिया सप्ताह मनाया जाए। इससे फिटनेस की आदत हम सभी की दिनचर्या में शामिल होगी। फिट इंडिया आंदोलन में फिटनेस को लेकर स्कूलों की रैंकिंग की व्यवस्था भी की गई हैं। इस रैंकिंग को हासिल करने वाले सभी स्कूल 'फिट इंडिया लोगो' और फ्लैग का इस्तेमाल भी कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि फिट इंडिया पोर्टल पर जाकर स्कूल स्वयं को फिट घोषित कर सकते हैं। फिट इंडिया थ्री स्टार और फिट इंडिया फाइव स्टार रेटिंग भी दी जाएगी। उन्होंने सभी स्कूलों से फिट इंडिया रैंकिंग में शामिल होने का अनुरोध किया। मोदी ने कहा कि फिट इंडिया एक जनांदोलन बने और जागरूकता आए, इसके लिए प्रयास करना चाहिए।

मैं भी एनसीसी का कैंडिडेट रहा हूं: मोदी

मोदी ने कहा कि नवंबर महीने का चौथा रविवार हर साल एनसीसी डे के रूप में मनाया जाता है। मैं भी आप ही की तरह कैडेट रहा हूं और आज भी मन से खुद को कैडेट मानता हूं। दुनिया के सबसे बड़े यूनिफॉर्म्ड यूथ ऑर्गनाइजेशन में भारत की एनसीसी एक है। इसमें सेना, नौ-सेना, वायुसेना तीनों शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मेरा भी सौभाग्य रहा कि मैं भी बचपन में मेरे गांव के स्कूल में एनसीसी कैडेट रहा, तो मुझे ये अनुशासन, ये गणवेश मालूम है और उसके कारण आत्मविश्वास का स्तर भी बढ़ता है।

अयोध्या फैसले पर लोगों ने देशहित को सर्वोपरि माना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद देश में जिस प्रकार की प्रतिक्रिया देखने को मिली उससे साबित हो गया कि देशवासियों ने देशहित को सर्वोपरि माना। मोदी ने कहा 'पिछले ‘मन की बात’ में मैंने 2010 में अयोध्या मामले में आये इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के बारे में चर्चा में कहा था कि देश ने तब किस तरह से शांति और भाई-चारा बनाये रखा था। निर्णय आने के पहले भी, और, निर्णय आने के बाद भी। इस बार भी, जब, नौ नवम्बर को उच्चतम न्यायालय का फैसला आया, तो 130 करोड़ भारतीयों ने फिर से साबित कर दिया कि उनके लिए देशहित से बढ़कर कुछ नहीं है। देश में, शांति, एकता और सद्भावना के मूल्य सर्वोपरि हैं। राम मंदिर पर जब फ़ैसला आया तो पूरे देश ने उसे दिल खोलकर गले लगाया। पूरी सहजता और शांति के साथ स्वीकार किया।' उन्होंने कहा, देशवासियों को साधुवाद और धन्यवाद देता हूं। उन्होंने, जिस प्रकार के धैर्य, संयम और परिपक्वता का परिचय दिया है, उसके लिए विशेष आभार प्रकट करना चाहता हूँ। एक ओर जहाँ लम्बे समय के बाद कानूनी लड़ाई समाप्त हुई है वहीं दूसरी ओर न्यायपालिका के प्रति देश का सम्मान और बढ़ा है। सही मायने में यह फैसला हमारी न्यायपालिका के लिए भी मील का पत्थर साबित हुआ है। सर्वोच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब देश नई उम्मीदों और नई आकांक्षाओं के साथ नए रास्ते पर, नये इरादे लेकर चल पड़ा है। नया भारत इसी भावना को अपनाकर शांति, एकता और सद्भावना के साथ आगे बढ़े यही हम सबकी कामना है।

21-11-2019
शाह ने कहा-अयोध्या में बनाया जाएगा आसमान छूता हुआ राम मंदिर

लातेहार। झारखंड विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी अध्यक्ष और गृहमंत्री अमित शाह ने लातेहार में रैली की। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर का मुद्दा उठाया। अमित शाह ने कहा कि हर कोई चाहता है कि अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिए, लेकिन कांग्रेस ने 70 साल तक मामले को लटकाए रखा। अब देश के सर्वोच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला दे दिया है। अयोध्या में आसमान छूती राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। लातेहार के मनिका में जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कांग्रेस और जेएमएम पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आपका एक वोट यह तय करेगा कि अगले 5 साल में झारखंड में किसकी सरकार बनेगी। यह मत सोचना कि आप विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री चुनने जा रहे हैं।

आपका एक वोट झारखंड के विकास के लिए है, झारखंड को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में मैंने कहा था कि एक बार आप पूर्ण बहुमत दे दीजिये, हम झारखंड को विकास के रास्ते पर ले जाएंगे। मुझे आनंद है कि आज 5 साल बाद जब यहां आया हूं, तो रघुवर सरकार ने झारखंड को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने का काम किया है। अमित शाह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने हर पल, हर दिन झारखंड के विकास के लिए दिल्ली में बैठकर चिंता की है, जिसकी वजह से आज झारखंड में विकास हुआ है। कांग्रेस पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा आदिवासियों और पिछड़ों की बात करते हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि 70 साल तक कांग्रेस ने शासन किया, गरीब के घर में गैस, बिजली, स्वास्थ्य कार्ड, शौचालय क्यों नहीं पहुंचा? इनके पास कोई बात का जवाब नहीं है।  

18-11-2019
रद्द हुआ उद्धव ठाकरे का अयोध्या दौरा, सुरक्षा कारणों का दिया हवाला

नई दिल्ली। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 24 नवंबर को निर्धारित अयोध्या की अपनी यात्रा स्थगित कर दी है। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में जारी राजनैतिक गतिरोध और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण यह यात्रा रद्द की गई है। उद्धव ठाकरे ने रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मालिकाना हक विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के नौ नवंबर के फैसले के मद्देनजर घोषणा की थी कि वह 24 नवंबर को अयोध्या जाएंगे। लेकिन महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच सरकार गठन को लेकर चल रही बातचीत के कारण उन्होंने अपना दौरा स्थगित कर दिया है। शिवसेना के एक नेता ने कहा कि राज्स में सरकार गठन की प्रक्रिया में समय लग रहा है। शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेता बैठक कर रहे हैं। वे सरकार गठन की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

इन गतिविधियों के मद्देनजर उद्धवजी ने अयोध्या का अपना दौरा स्थगित करने का फैसला किया है। सुरक्षा संबंधी चिंताओं का जिक्र करते हुए नेता ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने अयोध्या और (रामजन्मभूमि) स्थल जाने की योजना बना रहे राजनीतिक दलों को अनुमति देने से पहले ही इनकार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने यहां रविवार शाम बताया था कि पवार और सोनिया सोमवार को मुलाकात करेंगे। वे महाराष्ट्र में एक वैकल्पिक सरकार के गठन की संभावना पर विचार करेंगे। राज्य में 12 नवंबर से राष्ट्रपति शासन लागू है।

14-11-2019
राम मंदिर ट्रस्ट के लिए शीतकालीन सत्र में बिल ला सकती है सरकार

नई दिल्ली। अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार एक विधयेक पेश करने पर विचार कर रही है। यह विधेयक राम मंदिर निर्माण को लेकर बनाए जाने वाले ट्रस्ट के लिए होगा। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी दी गई है। सरकार इस विधेयक को आगामी शीतकालीन सत्र में ही संसद में पेश कर सकती है। यह सत्र 18 नवंबर से शुरू हो रहा है और 13 दिसंबर तक चलेगा। अधिकारी ने कहा कि इस मुद्दे पर उच्च स्तर पर चर्चा हो रही है। इस विधेयक में ट्रस्ट के कामकाज और जिम्मेदारियों को विस्तार से बताने की संभावना है। बता दें कि 9 नवंबर को अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए रास्ता साफ करते हुए तीन महीने के भीतर ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया था। इसके अलावा कोर्ट ने मस्जिद के लिए सरकार से अयोध्या में कहीं और पांच एकड़ जमीन देने को कहा था।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने कहा कि हम विधयेक के प्रावधानों को देखेंगे और फिर उसपर कोई प्रतिक्रिया देंगे। हालांकि, मैंने जो फैसला पढ़ा है उसमें यह नहीं कहा गया है कि ट्रस्ट बनाने के लिए बिल पारित कराने की आवश्यकता है। वहीं, प्रस्तावित विधेयक को लेकर वरिष्ठ वकील और संविधान विशेषज्ञ राकेश द्विवेदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में एक ट्रस्ट के गठन के लिए कहा है। मुझे लगता है कि यह उचित होगा कि यह एक बिल पारित कराकर लाया जाए।

इसी माह राम मंदिर के लिए ट्रस्ट का गठन संभव

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर राम मंदिर के लिए ट्रस्ट का गठन इसी महीने हो सकता है। संस्कृति मंत्रालय के अधीन बनने वाले इस ट्रस्ट के लिए सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट का मॉडल अपनाए जाने की संभावना है ताकि, केंद्र और राज्य सरकार ट्रस्ट में सदस्यों को नामित कर सकें। सरकार तिरुपति देवस्थानम और श्री माता वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड सहित दूसरे ट्रस्ट का भी अध्ययन कर रही है।

12-11-2019
चुनाव आयोग के अहमियत से नेताओं व आमजनों को रुबरु कराया था शेषन ने

रायपुर। भारत के दसवें मुख्य चुनाव आयुक्त रहे टीएन शेषन ने पहली बार नेताओं व आमजनों को चुनाव आयोग की अहमियत से रूबरू कराया था। इसके पहले आमजनों को तो चुनाव आयोग जैसी कोई संस्था है इसका भान भी नहीं था और नेताओं के लिए यह आयोग महज एक रस्म अदायगी का संस्था मानी जाती थी। प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के कार्यकाल में नियुक्त शेषन 12 दिसम्बर 1990 से ले 11 दिसम्बर 1996 तक इस पद पर आसीन रहे। यह समय भारतीय राजनीति के इतिहास मे संभवतः सर्वाधिक संवेदनशील रहा, जिसमें अयोध्या के विवादित ढांचा को गिराया जाना व इसके चलते सांप्रदायिक सौहाद्र पर मंडरा रहा खतरा भी शामिल था। इस घटना के बाद उनके कार्यकाल में होने जा रहे चुनाव के निर्विघ्न संपन्न हो पाने के प्रति प्रशासन के साथ-साथ आमजन भी आशंकित थे। ऐसे माहौल में शेषन ने न केवल चुनाव आयोग की अहमियत से नेताओं व आमजनों को रूबरू कराया वरन चुनाव आयोग की शक्तियों का इस निडरता व निष्पक्षता से प्रयोग किया कि नेताओं के इशारे पर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की घिग्घी बंध गई। नेता थरथराने लगे व आमजनों के पसंदीदा नायक बन गए। चुनाव के दौरान उनके वक्तव्य व निर्देश रेडियो, टीवी व अखबारों की सुर्खियां बनने लगे और इसकी वजह से आमजनों को जहां पहली बार चुनाव आयोग की अहमियत का अहसास हुआ वहीं आयोग की शक्तियों से रूबरू हो प्रशासन तंत्र भी निष्पक्ष व निर्विध्न चुनाव कराने मुस्तैद हो चला। इसके चलते उनका कई बार तात्कालिक सरकार व नेताओं से टकराहट भी हुआ पर वे न डरे, न डिगे। वे बेबाकी से कहते कि मैं वही करता हूं, जो कानून मुझसे कराना चाहता है। इसी दौरान उनके बेबाकीपन के चलते एक मामले में उच्चतम न्यायालय ने उन्हें अधिक न बोलने की नसीहत दे दी और इसके बाद वे मौन धारण कर अपना वैधानिक कर्तव्य का निर्वहन करते रहे व चुनाव को निष्पक्ष व निर्विध्न कराकर ही छोड़ा। 1996 में रमन मैग्सेसे अवार्ड से सम्मानित टीएन शेषन सेवानिवृत्ति के बाद वे देशभक्त ट्रस्ट की स्थापना कर समाज सुधार कार्यों में सक्रिय रहे। चुनाव आयोग की वैधानिक शक्तियों से देशवासियों को परिचित कराने व लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया को विश्वसनीय बनाने के साथ-साथ  भारत निर्वाचन आयोग को अलग पहचान दिलाने तथा मतदाता परिचय पत्र का इस्तेमाल करवा चुनावी प्रक्रिया मे सुधार का सिलसिला शुरू करने वाले शेषन के निधन पर मेरा श्रद्धा सुमन अर्पित।

भूपेन्द्र शर्मा

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