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09-05-2020
मोदी सरकार का बड़ा फैसला, श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में दान देने पर आयकर में मिलेगी छूट

नई दिल्ली। अयोध्या में बन रहे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के लिए दान देने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' को दान (डोनेशन) देने वालों को इनकम टैक्स में छूट देने का फैसला किया है। दरअसल, वित्त मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस नोटिफिकेशन के मुताबिक अयोध्या में राम मंदिर के लिए दान देने वालों को टैक्स में छूट दी जाएगी। ये छूट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान देने पर ही मिलेगी। वित्त मंत्रालय की ओर से ये छूट आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80जी के तहत दी जाएगी।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' को ऐतिहासिक महत्व का स्थान और सार्वजनिक पूजन स्थल की श्रेणी में रखा है। दानदाताओं को वित्त वर्ष 2020-21 से टैक्स में छूट मिलेगी। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि धारा 80 जी के तहत सभी धार्मिक ट्रस्टों को छूट नहीं दी जाती है। धार्मिक ट्रस्ट को पहले धारा 11 और 12 के तहत आयकर छूट के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होता है। इसके बाद धारा 80 जी के तहत छूट दी जाती है। वित्त मंत्रालय ने तीर्थक्षेत्र को ऐतिहासिक महत्व का स्थान और एक सार्वजनिक पूजा के प्रसिद्ध स्थान के तौर पर नोटिफाई किया है।

03-04-2020
रामनवमी के अवसर पर रामजन्मभूमि ट्रस्ट ने खाता किया सार्वजनिक, इस बैंक में दे सकते हैं दान...

नई दिल्ली। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट गठन के बाद पहली बार ट्रस्ट का बैंक खाता रामनवमी के पर्व पर सार्वजनिक कर दिया गया है। ट्रस्ट के दो खाते हैं पहला बचत खाता और दूसरा चालू खाता। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कारसेवकपुरम में में खातों की जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने बताया कि बचत खाते का नंबर-39161495808 व चालू खाते का नंबर-39161498809 है। उन्होंने बताया कि यह खाता भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या शाखा में है, जिसका आईएफएससी कोड-एसबीआईएन 0002510 है। इसी तरह से ट्रस्ट का पैन नंबर- एएजेडटीएस 6197बी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दानदाता यदि अंग्रेजी में ट्रस्ट का नाम लिखेंगे तो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र लिखेंगे और क्षेत्र की स्पेलिंग केएसएचईटीआरए लिखेंगे। उन्होंने बताया कि महावीर ट्रस्ट, पटना की ओर से दो करोड़ रुपए का चेक श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को प्राप्त हो गया है।

इस चेक को ट्रस्ट के खाते में जमा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थिति में मंदिर निर्माण प्रारंभ हुआ है। कोरोना के कारण मंदिर निर्माण के कार्य में बाधा आ रही है। चंपत राय ने कहा कि अभी कोरोना का डर काफी समय तक रहेगा। देश में संकट का समय चल रहा है। संकट समाप्त होते ही मंदिर निर्माण प्रारंभ हो जाएगा। देश और जीवन की रक्षा हमारा पहला उद्देश्य है। इस दौरान ट्रस्ट के सदस्य और आरएसएस के प्रांत कार्यवाह अनिल मिश्र भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि कोरोना की महामारी और लॉकडाउन को देखते हुए ट्रस्ट के बोर्ड आफ ट्रस्टीज की बैठक को स्थगित कर दिया गया है और इसकी सूचना भी सभी ट्रस्टियों को भेज दी गई है। अगली तिथि महामारी के दौर की समाप्ति के बाद घोषित की जाएगी।
 

04-03-2020
छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाएगी भांचा भेंट रथयात्रा, श्रीराम मंदिर निर्माण के पूर्व भव्य आयोजन

रायपुर। अप्रैल माह में भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ होने जा रहा है जिसे लेकर पूरे प्रदेश और देश में हर्ष का माहौल है। छत्तीसगढ़ से भगवान राम का एक रथ भी अयोध्या के लिए रवाना होगा। इसे भांचा भेट रथ का नाम दिया गया है। परशुराम जन्मोत्सव के दिन यह रथ एक यात्रा के रूप में रायपुर से अयोध्या के लिए रवाना होगा।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। इसलिए मंदिर निर्माण को लेकर सभी छत्तीसगढ़ वासियों में भी उत्साह एवं उमंग का वातावरण है। छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़िया की भावनाओं को रथ के साथ अयोध्या लेकर जा रहे हैं। इसके फलस्वरूप एक विशाल रथ का निर्माण किया जा रहा है। इस रथयात्रा को भाँचा भेंट रथयात्रा नाम दिया गया है। इस रथ का निर्माण और पूजन 2 अप्रैल रामनवमी के दिन बिलासपुर से किया जाएगा। इस रथयात्रा में पूरे प्रदेश के हर जिले हर समाज हर वर्ग के लोग सम्मिलित होंगे। हर समाज हर वर्ग के 51 लोग इस रथ यात्रा को लेकर अयोध्या श्रीराम मंदिर के लिए निकलेंगे।

गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि इस रथयात्रा की खासियत यह है कि छत्तीसगढ़ के 7 नदियों का पवित्र जल, माता कौशल्या मंदिर की मिट्टी, छत्तीसगढ़ के 7 प्रकार के चावल, सात प्रकार की मिठाई इन सभी चीजों को ससम्मान छत्तीसगढ़िया आस्था के साथ रवाना होंगे। यह यात्रा भगवान परशुराम के जनमोत्स्व 26 अप्रैल के दिन रायपुर स्थित भगवान श्रीराम मंदिर से अयोध्या के लिए रवाना होगी। रथयात्रा सात दिनों के भ्रमण के बाद अयोध्या पहुंचेगी। अयोध्या में भी इस रथ का भव्य स्वागत किया जाएगा।

19-02-2020
राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बने महंत नृत्य गोपाल दास, शिलान्यास सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए बने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को पहली बैठक हुई। महंत नृत्य गोपाल दास को राम मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष, जबकि विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के उपाध्यक्ष चंपत राय को महासचिव बनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व मुख्य सचिव नृपेंद्र मिश्रा निर्माण समिति के अध्यक्ष होंगे। गोविंद गिरी को ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष बनाया गया है। बैठक रामलला के वकील रहे केशवन अय्यंगर परासरण के ग्रेटर कैलाश स्थित घर में हुई। इसमें शिलान्यास के मुहुर्त, रामलला की स्थापना से लेकर निर्माण खत्म होने की समय सीमा निर्धारित करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। महंत नृत्य गोपाल दास ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि लोगों की भावना का आदर किया जाएगा और जल्द से जल्द मंदिर बनेगा। राम मंदिर का मॉडल वही रहेगा, लेकिन उसे और ऊंचा तथा चौड़ा करने के लिए प्रारूप में थोड़ा बदलाव किया जाएगा। ट्रस्ट के सदस्य विश्व प्रसन्न तीर्थ स्वामी ने कहा कि मार्च में मंदिर निर्माण समिति की बैठक होगी,जिसमें मंदिर निर्माण की तारीख पर विचार होगा। मुझे नहीं लगता कि 2 अप्रैल शुभारंभ के लिए उपयुक्त दिन होगा, क्योंकि उस दिन अयोध्या में लाखों श्रद्धालु रहते हैं।

 

19-02-2020
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की बैठक आज, जल्द होगा मंदिर निर्माण

नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। रामलला के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने बताया कि राम मंदिर निर्माण के लिए गर्भगृह को खाली करना होगा। बहुत जल्द रामलला को अपने स्थान से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर मानस मंदिर के पास ले जाया जाएगा। आपको बता दें कि मंदिर निर्माण से पहले रामलला को दूसरे मंदिर में शिफ्ट किया जाएगा। इस बीच दिल्ली में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की आज बैठक होगी। इस बैठक में मंदिर निर्माण की तारीख और तौर-तरीकों के साथ-साथ, नए सदस्यों का चुनाव होगा। बता दें कि इस वक्त जहां रामलला विराजमान हैं, वह गर्भगृह है, लेकिन मंदिर निर्माण के लिए उस जगह को खाली करना होगा। बहुत जल्द रामलला को अपने स्थान से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर मानस मंदिर के पास ले जाया जाएगा, जहां अस्थाई तौर पर मंदिर बनाकर तब तक उनकी पूजा-अर्चना होगी। कुछ दिन पहले ही आर्किटेक्ट और इंजीनियरों ने गर्भ गृह के इलाके का दौरा किया था। 

09-02-2020
19 फरवरी को राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक, हो सकती है मंदिर निर्माण की तिथि की घोषणा

नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण तथा उसकी देखरेख के लिए बनाए गए ट्रस्ट 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' की पहली बैठक 19 फरवरी को दिल्ली में बुलाई गई है। जानकारी के मुताबिक, बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष का चुनाव किए जाने की योजना है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के दिल्ली ऑफिस में यह बैठक शाम को पांच बजे रखी गई है। बैठक में दो अतिरिक्त सदस्यों का चुनाव भी किया जा सकता है। इसके अलावा राम मंदिर निर्माण कब से शुरू करना है, इसे लेकर भी ट्रस्ट की बैठक में घोषणा की जा सकती है। सूत्रों की मानें तो आगामी रामनवमी (2 अप्रैल) या अक्षय तृतीया (26 अप्रैल) से राम मंदिर का निर्माण शुरू करने पर सहमति बन सकती है।

बता दें कि इसी महीने केन्द्र सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट बनाने के लिए मंजूरी दी थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इसकी घोषणा करते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार, सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के गठन का प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने बताया था कि यह ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की तीर्थस्थली पर भव्य और दिव्य राम मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा। गौरतलब है कि 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट में कुल 15 सदस्यों को शामिल किया गया है। 

 

07-02-2020
राम मंदिर के शिलान्यास का आया शुभ मुहूर्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे शामिल

नई दिल्ली। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होने वाला है। शिलान्यास का कार्यक्रम 2 अप्रैल रामनवमी के दिन शुरू होने की उम्मीद है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम का संदेश देश-दुनिया को देने के लिए कई विदेशी मेहमानों को भी निमंत्रण दिए जाने पर विचार विमर्श चल रहा है। मंदिर निर्माण की प्रक्रिया के दौरान राम लला को कुछ  समय के लिए हटाया जा सकता है। अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि संभवत: गर्भगृह निर्माण के दौरान ऐसी स्थिति आ सकती है। इसके साथ ही राम मंदिर का हिंदुओं के लिए ईसाईयों के वेटिकन सिटी और मुसलमानों के मक्का की तरह ही महत्व है। ऐसे में भव्य मंदिर का निर्माण होगा।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट गठित करते समय निर्मोही अखाड़े की भावी भूमिका पर खूब मंथन हुआ। निर्मोही अखाड़ा मंदिर आंदोलन में सक्रिय होते हुए भी श्री राम जन्मभूमि न्यास का प्रतिद्वंद्वी था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के कारण निमोर्ही अखाड़े को ट्रस्ट में जगह देना अनिवार्य था। इसलिए ट्रस्ट में इस अखाड़े को जगह तो दी गई, मगर इसके सदस्य दिनेंद्र दास को मताधिकार नहीं दिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में शामिल किए गए युगपुरुष स्वामी परमानंद महाराज ने मवईधाम में कहा कि ट्रस्ट में लोगों को सोच समझकर शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी इच्छा जताई कि प्रभु श्रीराम के गगनचुंबी भव्य मंदिर का निर्माण भी प्रभु के दिन रामनवमी से ही शुरू हो प्रस्तावित मॉडल ही सारे समाज को दिखाया गया है।

06-02-2020
राम मंदिर ट्रस्ट को मोदी सरकार ने किया पहला दान

नई दिल्ली। अयोध्या में मोदी सरकार ने नवगठित राम मंदिर ट्रस्ट निर्माण शुरू करने के लिए नकद में एक रुपय का दान दिया। ट्रस्ट को दान मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। गृह मंत्रालय में अवर सचिव डी मु्र्मू ने सरकार की ओर से यह राशि दी। ट्रस्ट बिना किसी शर्त के दान, अनुदान, चंदा, मदद या योगदान नकद, अचल संपत्ति के तौर पर स्वीकार करेगा। 
अयोध्या विवाद में हिंदू पक्ष के मुख्य वकील रहे 92 वर्षीय के परासरन को राम मंदिर ट्रस्ट में ट्रस्टी बनाया गया है। परासरन के अलावा इस ट्रस्ट में एक शंकराचार्य समेत पांच सदस्य धर्मगुरु ट्रस्ट में शामिल हैं। साथ ही अयोध्या के पूर्व शाही परिवार के राजा विमलेंद्र प्रताप मिश्रा, अयोध्या के ही होम्योपैथी डॉक्टर अनिल मिश्रा और कलेक्टर को ट्रस्टी बनाया गया है। 

आपको बता दें कि 30 साल पहले केंद्र के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी सरकार की अनुमति के बाद 9 नवंबर 1989 को प्रस्तावित राममंदिर की नींव पड़ी थी। शिलान्यास के लिए पहली ईंट विश्व हिंदू परिषद के तत्कालीन संयुक्त सचिव कामेश्वर चौपाल ने रखी। पीएम के एलान के कुछ देर बाद ही यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक हुई। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अयोध्या मुख्यालय से 18 किमी दूर ग्राम धानीपुर, तहसील सोहावल रौनाही थाने के 200 मीटर के पीछे पांच एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने के लिए मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। 

01-02-2020
आयोध्या में धमाके के बाद घोषित हुआ हाईअलर्ट, शुरू किया गया चेकिंग अभियान

नई दिल्ली। अयोध्या की कांशीराम कॉलोनी में हुए धमाके के बाद पूरे नगर में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है। प्रवेश मार्गों पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। अयोध्या पहले से ही संवेदनशील है। इस घटना के बाद चौकसी और बढ़ा दी गई है। दरअसल, अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखने पर बौखलाए पति ने प्रेमी के ऊपर बम से हमला कर दिया। अयोध्या के काशीराम कॉलोनी के गेट पर हुई इस वारदात से हड़कंप मच गया। अति संवेदनशील अयोध्या में बम धमाकों की सूचना पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसपी सिटी, अयोध्या सीओ, एसपी सुरक्षा समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई लेकिन तब तक आरोपी पति फरार हो चुका था। पुलिस ने घायल प्रेमी व पत्नी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। 

ये है पूरा मामला
अयोध्या कोतवाली के रायगंज चौकी क्षेत्र में परिक्रमा मार्ग पर स्थित काशीराम कॉलोनी के ब्लॉक नंबर 52 के कमरा नंबर 829 में जय किशन उर्फ जालिम सिंह अपनी पत्नी के साथ रहता है। शनिवार की शाम करीब 6:00 बजे वह काम से जब घर लौटा तो घर में अपनी पत्नी के साथ मनोज यादव निवासी मदरहिया कोतवाली अयोध्या को आपत्तिजनक स्थिति में देखा। यह देख उसने आपा खो दिया और दोनों में बहस होने लगी। इसके बाद उसकी पत्नी और मनोज घर से निकल कर कॉलोनी के गेट पर आ गए। इस दौरान पति जालिम एक झोले में हथगोला लेकर आया और एक के बाद एक तीन हथगोले उसने मनोज के ऊपर फेंके। हथगोले की चपेट में आकर मनोज यादव बुरी तरह घायल हो गया जबकि जालिम की पत्नी भी मामूली रुप से घायल हो गई।

संवेदनशील इलाके में हुई इस घटना से अफरा तफरी मच गई
अयोध्या के अति संवेदनशील इलाके में हुई इस घटना अफरा तफरी मच गई, लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में एसपी सिटी विजय पाल सिंह, सीओ अयोध्या अमर सिंह, सीओ सिटी अरविंद चौरसिया, एसपी सुरक्षा त्रिभुवन नाथ तिवारी कई थानों की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घायल मनोज व महिला को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी जालिम मौके से फरार हो गया। घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान पुलिस को मौके पर बिना दगा हुआ हथगोला मिला, जिसे बम स्क्वायड ने डिफ्यूज कर दिया। एसपी सिटी विजय पाल सिंह ने बताया कि आशनाई के विवाद में यह घटना हुई है। घायल को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। आरोपी की तलाश में टीम का गठन किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

'जब धुआं छटा तो लोगों ने देखा कि एक व्यक्ति घायल पड़ा हुआ है'
आरोपी जयकिशन उर्फ जालिम द्वारा फेंके गए हथगोले के धमाके से काशीराम कॉलोनी गूंज उठी और लोगों में दहशत छा गई। जब धुआं छटा तो लोगों ने देखा कि एक व्यक्ति घायल पड़ा हुआ है जबकि एक महिला घायल अवस्था में चिल्ला रही है। मौके पर मौजूद मदरिया निवासी सुरेश यादव ने बताया कि यह घटना उसके सामने ही हुई है, मनोज उसके परिचित में था। सड़क पर उसे खड़ा देख वह अपनी स्कूटी रोक उससे बात ही कर रहा था कि इस दौरान बम से हमला हो गया। उसने बताया कि बम के तीन धमाकों के साथ धुएं का गुबार छा गया और उसे समझ में ही नहीं आया कि क्या हुआ?

'दोनों में अक्सर विवाद होता था और मारपीट भी'
पुलिस के अनुसार पति जयकिशन व उसकी पत्नी के बीच बीते कई महीनों से विवाद चल रहा था। विवाद का कारण उसकी पत्नी का मनोज यादव के साथ अवैध संबंध था। इसको लेकर दोनों में अक्सर विवाद होता था और मारपीट भी होती थी। कॉलोनीवासियों ने बताया कि दोनों में अक्सर विवाद होता था। इसको लेकर कई बार महिला ने पुलिस को भी बुलाया लेकिन पुलिस दोनों को समझा-बुझाकर चली जाती थी।

 

28-01-2020
विवाह के बाद महिला को प्रेम सम्बन्ध रखना पड़ा भारी, जानिए फिर क्या हुआ ...

नई दिल्ली। महिला को विवाह के बाद अन्य पुरुष से सम्बन्ध रखना भारी पड़ गया। इसके चलते महिला को अपनी नाक गंवानी पड़ी। घटना उत्तर प्रदेश के अयोध्या की है।  शादीशुदा महिला अपने प्रेमी के साथ पकड़ी गई  और  परिजनों को जब दोनों के संबंध के बारे में पता चला तो दोनों की नाक दिया और लहूलुहान कर दिया। घायल अवस्था में दोनों प्रेमी जोड़ो को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि पहले भी महिला का प्रेमी उसके घर में छिपकर मिलने आया करता था। 
दरअसल उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक शादीशुदा महिला और उसके प्रेमी के साथ बर्बर सलूक करने का मामला सामने आया है। महिला को प्रेमी के साथ देखने पर परिवार के लोग भड़क गए। लोगों ने उन्‍हें पीटा इसके बाद दोनों की नाक काट दी। बताया जा रहा है कि महिला का प्रेमी दूसरे समुदाय से ताल्लुक रखता है, अयोध्या पुलिस मामले की जांच कर रही है। यहां एक शादीशुदा महिला और उसके प्रेमी के साथ बर्बर सलूक किया गया। इस दौरान लोगों ने दोनों की नाक काट दी। बताया जा रहा है कि महिला का प्रेमी दूसरे समुदाय से ताल्लुक रखता है। अयोध्या पुलिस मामले की जांच कर रही है।मंगलवार को जब दोनों को रंगे हाथों आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया तो गांव वालों के बीच ही उनके साथ बर्बरता की गई। इस दौरान दोनों को रस्सी से बांध दिया गया। पहले महिला की पिटाई करने के बाद नाक काटी गई,फिर उसके बाद प्रेमी से भी मारपीट करते हुए नाक काट दी गई। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। सीओ धर्मेंद्र यादव के मुताबिक खबर मिलने पर पुलिस दल मौके पर पहुंचा और दोनों को इलाज के लिए सीएचसी रुदौली में भर्ती करवाया गया है। प्रेमी युवक दूसरे समुदाय का बताया जा रहा है। पुलिस मामला दर्ज कर तफ्तीश कर रही है।

25-01-2020
सात मार्च को अयोध्या जाएंगे उद्धव ठाकरे, भगवान राम का लेने आशीर्वाद

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे सात मार्च को भगवान राम के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे। शिवसेना सांसद संजय राउत ने शनिवार को इसकी घोषणा की। संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे भगवान राम का आशीर्वाद लेने के लिए सात मार्च को अयोध्या जाएंगे। इससे पहले राउत ने सीएम उद्धव ठाकरे के अयोध्या दौरे को लेकर कहा था कि गठबंधन नेताओं को भी साथ आना चाहिए। राहुल गांधी कई मंदिरों में भी जाते हैं, उन्हें भी साथ चलना चाहिए। वहीं, शिवसेना के पूर्व सहयोगी भाजपा ने उद्धव के फैसले का किया स्वागत किया था। भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने ट्वीट कर कहा था कि वह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इस फैसले का स्वागत करती हैं। मीनाक्षी ने कहा अच्छा है कि अपने इतिहास पर गर्व कर रहे हैं और अयोध्या जा रहे हैं, लेकिन जब वापस महाराष्ट्र जाएंगे तो उन्हें अपनी शक्ल कैसे दिखाएंगे जो श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं?

नवंबर में उद्धव ने टाल दिया था अयोध्या दौरा

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम की पिछले साल अक्टूबर में घोषणा के बाद सत्ता साझा करने को लेकर मतभेद के कारण शिवसेना और भाजपा का गठबंधन टूट गया था। इसके बाद ठाकरे का उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या का यह पहला दौरा होगा। नौ नवंबर 2019 को अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उद्धव ठाकरे ने एलान किया था कि वह 24 नवंबर, 2019 को अयोध्या जाएंगे।लेकिन राज्य में तेजी से बदले राजनीतिक हालात के चलते उन्होंने अयोध्या दौरा टाल दिया था। शिवसेना ने महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए अंत में राकांपा एवं कांग्रेस से हाथ मिला लिया था। ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और हाल ही में उन्होंने कार्यालय में 50 दिन पूरे किए।

जून 2019 में 18 सांसदों के साथ गए थे अयोध्या

ठाकरे आखिरी बार जून 2019 में पार्टी के नवनिर्वाचित 18 सांसदों के साथ अयोध्या गए थे और रामलला मंदिर में पूजा अर्चना की थी। उस वक्त शिवसेना भाजपा की सहयोगी पार्टी थी, लेकिन अब दोनों के रास्ते अलग हो चुके हैं।

21-01-2020
रघुवंशी समाज ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

गुना। अखंड रघुवंशी समाज ने अयोध्या में बन रहे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण ट्रस्ट में रघुवंशी समाज का प्रतिनिधित्व कराने बाबत राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। अखंड रघुवंशी समाज कल्याण महापरिषद ने मंदिर निर्माण ट्रस्ट में रघुवंशी समाज को सहभागिता एवं प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्रदान करने की मांग की है। इसमें कहा गया है कि श्रीराम मंदिर निर्माण ट्रस्ट में रघुवंशी समाज को भी शामिल किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में हरिशंकर रघुवंशी,प्रहलाद सिंह रघुवंशी,महिला अध्यक्ष अंशु रघुवंशी,बबीता रघुवंशी,यशवंत सिंह रघुवंशी,चंद्रशेखर रघुवंशी,मनोरमा रघुवंशी,हनी रघुवंशी,हरि सिंह रघुवंशी सहित रघुवंशी समाज के लोग उपस्थित थे।

राकेश किरार की रिपोर्ट 

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