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03-07-2020
4 जुलाई को राजीव भवन में कांग्रेस की बैठक, मुख्यमंत्री भी रहेंगे मौजूद

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन रायपुर में 4 जुलाई शनिवार को दोपहर 12 बजे सभी जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों की अतिआवश्यक बैठक होने वाली है। शैलेश नितिन त्रिवेदी,अध्यक्ष संचार विभाग छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम उपस्थित रहेंगे। बैठक में प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालयों में पार्टी संगठन के कार्यालय भवन निर्माण की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा और जिला कार्यकारिणी के संबंध में चर्चा की जाएगी।

24-06-2020
जनहित की जगह मुनाफाखोरों की तरह काम कर रही है सरकार : शैलेश नितिन त्रिवेदी  

रायपुर। पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ाए जाने पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने चिंता व्यक्त की है। त्रिवेदी ने कहा है कि सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर कोरोना काल के संकट में फंसे लोगों के घाव पर नमक छिड़क रही है। 6 साल में 12 बार से अधिक पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर मोदी सरकार अब तक 18 लाख करोड़ रुपए अतिरिक्त प्राप्त कर चुकी है। जब दुनिया में कच्चे तेल के दाम गिर रहे हैं तो भारत मे लगातार वृद्धि क्यों की जा रही है? मई 2014 में क्रूड ऑयल की कीमत 106.85 डॉलर प्रति बैरल थी। आज विश्व बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत 38 डॉलर प्रति बैरल है। केंद्र की मोदी सरकार जनहित में फैसले लेने की जगह मुनाफाखोर की तरह काम कर रही है और आम आदमी के ऊपर बोझ बढ़ा कर खुद कमाने में लगी है। त्रिवेदी ने कहा है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में 64 प्रतिशत की गिरावट आई है।  पहली मई 2014 को पेट्रोल में सेंट्रल एक्साइज 9.20 रुपए प्रति लीटर था। जबकि आज पेट्रोल में सेंट्रल एक्साइज बढ़कर 32.98 रुपए प्रति लीटर हो चुका है। 258 प्रतिशत की बढ़ोतरी पेट्रोल में सेंट्रल एक्साइज में की गई है। डीजल पर पहली मई 2014 को सेंट्रल एक्साइज 3.46 रुपए प्रति लीटर था। जो मोदी सरकार ने बढ़ाकर अब 31.8 रुपए प्रति लीटर किया है। डीजल में सेंट्रल एक्साइज में 819.9 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। सरकार को जनहित में काम करना चाहिए, लेकिन ये सरकार जनता की जेब काटने में लगी हुई है।

 

22-06-2020
मोहन मरकाम जाएंगे गौरेला पेंड्रा मरवाही, 24 जून को लौटेंगे रायपुर

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के दौरे पर रहेंगे। शैलेश नितिन त्रिवेदी ने बताया कि मरकाम 23 जून मंगलवार सुबह 7 बजे रायपुर से गौरेला के लिए रवाना होंगे। दोपहर 12 बजे गौरेला में जनप्रतिनिधियों और कांग्रेसजनों से चर्चा करेंगे। दोपहर 3 बजे पेण्ड्रा में जनप्रतिनिधियों व  कांग्रेसजनों से चर्चा करेंगें। मोहन मरकाम 24 जून को सुबह 11 बजे मरवाही में जनप्रतिनिधियों और कांग्रेसजनों से चर्चा करेंगे।  दोपहर 3 बजे मरवाही से रायपुर के लिए रवाना होंगे।

 

 

21-06-2020
रायपुर आने के बाद पीएल पुनिया की पहली तस्वीर आई सामने, मुख्यमंत्री- मंत्रियों और मोहन मरकाम से चर्चा तो हुई है...

रायपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया के अचानक रायपुर पहुंचने के 24 घंटे बाद पहली तस्वीर सामने आई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने अभी-अभी कुछ तस्वीरें जारी की है। तस्वीरों में पीएल पुनिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ बैठे नजर आ रहे हैं। साथ ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम और कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव, रविन्द्र चौबे, डॉ. शिव कुमार डहरिया, मो. अकबर और ताम्रध्वज साहू मौजूद है। बता दें कि शनिवार रात पीएल पुनिया के अचानक रायपुर पहुंचने से निगम मंडलों को लेकर चर्चा तेज हो गई हैं। रविवार शाम होते-होते कई नामों का शोर है। शोर तो इस बात का भी है कि 5 वरिष्ठ विधायकों के नाम तय किए गए हैं। अन्य दो विधायकों में 1 का नाम तय करने पर पेंच फंसा हुआ है। साथ ही कुछ और नामों पर सहमति बनी है। चर्चा इस बात की भी है कि तय नामों पर हाइकमान से भी रायशुमारी की जा सकती है।

बता दें कि पीएल पुनिया के रायपुर पहुंचने पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने उनकी अगवानी की थी। पुनिया के आने की खबर किसी को नहीं थी। उनके आने के बाद चर्चा का दौर चला। रविवार को मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री सहित कैबिनेट मंत्रियों सहित पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम से चर्चा हुई। नामों को तय करने को लेकर समन्वय समिति सहित विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत से भी रायशुमारी होने की बात सामने आई। शोर है कि कई नामों पर सहमति बनी है। जल्द ही नामों के ऐलान करने के संकेत हैं। इधर प्रदेश के दो वरिष्ठ मंत्री रविन्द्र चौबे, मो.अकबर और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम सोमवार को राजीव भवन में पत्रकारवार्ता लेने वाले हैं। अब देखना है कि क्या सोमवार को शोर के मुताबिक निगम मंडलों के नामों का ऐलान कर दिया जाएगा या फिर किसी अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे पर पत्रकारवार्ता में चर्चा की जाएगी। 

21-06-2020
झीरम घटना की जांच एसआईटी ही करे, एनआईए पर भरोसा नहीं

रायपुर। झीरम नक्सली हमले में नक्सल नरसंहार का शिकार हुए कांग्रेस नेताओं को अब तक न्याय नहीं मिलने से उनके परिजनों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की है। रविवार को प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी के साथ पत्रकारवार्ता में जितेन्द्र मुदलियार, तुलिका कर्मा, मोहम्मद साहिद, हर्षित शर्मा, दौलत रोहड़ा उपस्थित थे। सभी ने बारी-बारी अपनी बातें रखी। जितेन्द्र मुदलियार ने कहा है कि घटना के पीछे के षड्यंत्र का खुलासा होना चाहिए।  एनआईए ने इसे सामान्य नक्सली घटना समझ कर जांच पूरी की है। सभी की मांग है कि झीरम मामले की जांच एसआईटी से ही कराई जाए,क्योंकि एनआईए पर इन्हें भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ला, महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार,दिनेश पटेल और योगेंद्र शर्मा सहित 13 कांग्रेस नेताओं की हत्या कर दी गई, ये सब हमारे परिजन थे। आश्चर्य और दुख का विषय है कि न तो एनआईए ने इस षडयंत्र की जांच की और न आयोग के जांच के दायरे में षडयंत्र को रखा गया। न तो सभी संबंधित पक्षों के बयान लिए गए और न ठीक तरह से गिरफ़्तारियां की गई। आयोग में जो सुनवाई चल रही है, उसमें ठीक तरह से पता चल रहा है कि किस तरह से जानबूझ कर सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर किया गया। जब विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने षडयंत्र की जांच का मामला विधानसभा में उठाया तो मजबूर होकर सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। केंद्र की सरकार ने सीबीआई जांच करने से इनकार कर दिया,लेकिन यह जानकारी रमन सिंह छिपाते रहे और प्रदेश की जनता को कभी नहीं बताया कि केंद्र ने सीबीआई जांच करवाने से इंकार कर दिया है।

उन्होंने कहा है कि हम परिजन ठीक तरह से समझ पा रहे हैं कि षडयंत्र की जांच नहीं की जा रही है। एनआईए ने अपनी जांच पूरी होने की घोषणा कर दी थी लेकिन पूरे सबूतों की जांच नहीं की थी। जब राज्य सरकार ने एसआईटी गठन की घोषणा की, तब एनआईए ने फिर से खानापूर्ति शुरू की है। एक इंस्पेक्टर को तैनात करके हमें बुलावा दे रहे हैं कि जांच हो रही है।  एनआईए ने तो गिरफ़्तार किए गए लोगों से भी ठीक तरह से पूछताछ नहीं की। हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं,जो बताते हैं कि झीरम नरसंहार के पीछे गहरा षडयंत्र है। हमें लगता है कि एनआईए राजनीतिक आकाओं के इशारे पर काम कर रही है और कुछ लोगों को बचाना चाहती है, इसीलिए वह षडयंत्र की जांच नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा है कि हमें सबूत सौंपने कहा जा रहा, लेकिन हमें एनआईए पर अब भरोसा नहीं रहा। हमारी ओर से हाईकोर्ट में भी एक याचिका लगाई गई है। ठीक तरह से जांच के लिए दरभा में नए सिरे से एफआईआर की गई है, लेकिन अब एनआईए उसे भी अपने हाथ में लेना चाहती है। मामले की जांच राज्य सरकार की एसआईटी को ही करने दिया जाए, जिससे षडयंत्र का पता चल सके और हमें न्याय मिल सके।

18-06-2020
त्रिवेदी के बयान पर सुंदरानी का पलटवार,कहा-हम कभी उनके नहीं होते जो देश के ना हुए

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्रीचंद सुन्दरानी ने कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी के बयान पर पलटवार किया है। सुन्दरानी ने कहा कि राहुल गांधी अब शायद कांग्रेस पर भी बोझ बनते जा रहे हैं। कांग्रेस का सामान्य कार्यकर्ता भी अब उन्हें नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ता। सुन्दरानी ने कहा कि कांग्रेस कुछ भी बोले, भाजपा उस बात को भी नहीं भूलने वाली है कि इनके नेता सीधे तौर पर मोदी को हराने के लिए पाकिस्तान से सहायता और समर्थन मांगने पहुँच गए थे। उन्होंने कहा कि इन्हें जनता भी अब गंभीरता से लेना छोड़ चुकी है। सुन्दरानी ने कहा हमारी हैसियत का अंदाजा, तुम ये जान के लगा लो, हम कभी उनके नहीं होते,जो देश के ना हुए। प्रवक्ता सुन्दरानी ने शैलेश नितिन त्रिवेदी से पूछा कि हमारी हैसियत का अंदाजा लगाने से पहले अपने नेता राहुल गांधी की देश की जनता के नजर में क्या हैसियत है इस बातपर मंथन कर जरूर करें। देश पूछता है कि राहुल गांधी ने जब चीन के राजदूत से मुलाकात की थी तो छुपाया क्यों और सवाल उठने पर इंकार क्यों किया और जब इकरार ही करना था तो पहले सच छुपाने की क्या जरूरत रही? संभवत: कांग्रेस संचार प्रमुख को इस सवाल के जवाब के लिए मंथन करने पर अपने नेता राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी की हैसियत का अंदाजा लग जायेगा। सुन्दरानी ने कहा कि कांग्रेस संचार प्रमुख लाल बत्ती के इंतजार में ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। यह दुर्भाग्यजनक है कि कांग्रेस ने अब तक उन्हें निगम मंडल की जिम्मेदारी नहीं सौंपी।

 

15-06-2020
श्रमिक स्पेशल ट्रेन अव्यवस्था और कुप्रबंधन का शिकार रही : शैलेश नितिन त्रिवेदी

रायपुर। श्रमिक स्पेशल ट्रेन में अव्यवस्था, कुप्रबंधन, मजदूरों से ज्यादा किराया लेने का आरोप कांग्रेस ने लगाया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि सब्सिडी तो दूर की बात है, मोदी सरकार ने वास्तव में श्रमिक ट्रेनों के लिए अतिरिक्त शुल्क वसूला है। त्रिवेदी ने कहा है कि केंद्र सरकार का दावा पूरी तरह से गलत है कि वह श्रमिक ट्रेनों के किराए में 85 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। राज्य सरकारों और मजूदरों से भी श्रमिक ट्रेनों के किराए के लिए प्रति श्रमिक अतिरिक्त शुल्क लिया गया है। भाजपा सरकार और संगठन की ओर से रेल किराये में 85 प्रतिशत सब्सिडी का आंकड़ा बिल्कुल गलत और निराधार है। केन्द्र सरकार अब यह स्पष्ट करें कि किस आधार पर 85 प्रतिशत किराया कम लेने का दावा किया जा रहा है? छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दिए गए शपथ पत्र में कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने 40 श्रमिक ट्रेनों के लिए 38,331,330 रुपए भारतीय रेल को दिए हैं। केन्द्र सरकार ने तो मजदूरों को न केवल पूरा किराया बल्कि सामान्य किराए से भी ज्यादा किराया देने के लिए मजबूर किया।

केन्द्र सरकार की ओर से निशुल्क भोजन पानी दिए जाने का दावा भी झूठ है। 50 से 100 रुपए अतिरिक्त सामान्य किराए से अधिक वसूले गए हैं। इसके बावजूद भोजन पानी की समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई। अनेक मजदूर ट्रेनों में बासी खाने की शिकायतें मिली। भूखे मजदूरों को खाना फेकना पड़ा। मजूदरों को ट्रेनों में खाना दिया गया, वह भी अपर्याप्त था। अतिरिक्त किराए और भोजन की अव्यवस्थाओं के अलावा श्रमिक स्पेशल ट्रेनें और कई बार मार्ग से भटकी भी। वसई (मुंबई) से गोरखपुर के लिए चली ट्रेन, 700 किलोमीटर दूर पूर्वोत्तर में राउरकेला पहुंच गई थी। अहमदाबाद से चांपा के लिए चली ट्रेन 27 मई को छत्तीसगढ़ पहुंची, श्रमिकों की शिकायत थी की, 26 घंटे के सफर में उन्हें केवल एक बार भोजन दिया गया। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने गलत दावा किया है कि ट्रेनें भटकी नहीं थी बल्कि रेल लाइनों की व्यस्तता के कारण उन्हें डायवर्ट किया गया था।

 

03-06-2020
5 जून को तीन दिवसीय दौरे पर रायपुर आएंगे पीएल पुनिया

रायपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया 5 जून शुक्रवार को शाम 7 बजे दिल्ली से रायपुर पहुंचेंगे। यह जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने बताया कि पुनिया 6 जून शनिवार को प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में बैठकों में भाग लेंगे। 7 जून रविवार को सुबह 11:30 बजे कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में समन्वय समिति की बैठक में भाग लेकर शाम को 7:30 रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

24-05-2020
छत्तीसगढ़ सरकार को झीरम मामले की जांच से क्यों रोका जा रहा : कांग्रेस

रायपुर। झीरम की घटना को 7 साल पूरे होने पर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि झीरम की दुखद घटना के पीछे की साजिश उजागर होना ही चाहिए। छत्तीसगढ़ सरकार को झीरम मामले की जांच से क्यों रोका जा रहा है ? झीरम मामले में जिन महत्वपूर्ण जानकारियों के मिलने की खबरें एनआईए के हवाले से लगातार आती रही, एनआईए ने चार्जशीट में उन जानकारियों का उल्लेख तक क्यों नहीं किया ? झीरम मामले की जांच की हर कोशिश को पहले भाजपा की राज्य सरकार और फिर भाजपा की केंद्र सरकार ने क्यों बाधित किया ? छत्तीसगढ़ की जनता, हम कांग्रेस के लोग और शहीदों के परिजन अगर यह चाहते हैं कि झीरम की साजिश उजागर हो और झीरम के गुनाहगारों को सजा मिले तो इसमें गलत क्या है ? झीरम हत्याकांड की जांच को भाजपा की ही सरकारें क्यों बाधित करती हैं ?त्रिवेदी ने कहा कि झीरम की सातवीं बरसी पर कांग्रेस की केंद्र सरकार से मांग करती है छत्तीसगढ़ सरकार को झीरम मामले की जांच करने से न रोका जाए। एनआईए जब अपनी अंतिम रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत कर चुकी है तो एनआईए के पास उपलब्ध अभी तक के जांच के दस्तावेज छत्तीसगढ़ सरकार को आगे की जांच के लिए सौंप दिये जाएं।त्रिवेदी ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2014 के चुनाव प्रचार के लिए नरेंद्र मोदी जब छत्तीसगढ़ आए थे तो धमतरी की सभा में उन्होंने कहा था कि भाजपा की सरकार बनने पर झीरम की जांच को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा

और झीरम के आरोपियों को सजा मिलेगी। उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद तो जांच की दिशा ही बदल गई। पहले भाजपा की राज्य सरकार ने एनआईए की जांच में सहयोग नहीं किया और केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद एनआईए को षडयंत्र की जांच नहीं करने दी गई।त्रिवेदी ने कहा कि 2013 में विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पूरे प्रदेश का भ्रमण करने के बाद बस्तर पहुंची थी। सुकमा के बाद यह यात्रा राजधानी रायपुर आने वाली थी, जहां परिवर्तन यात्रा का समापन होता। 25 मई को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर सुकमा से वापस आते समय झीरम घाटी में हमला हुआ। तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार, दिनेश पटेल, योगेंद्र शर्मा ,गोपी माधवानी ,अभिषेक गोलछा सहित कांग्रेस के अनेक नेता और सुरक्षाकर्मी इस हमले में शहीद हुए। घटना के बाद रात को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और दूसरे दिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी भी रायपुर पहुंचे। झीरम की घटना से पूरे प्रदेश के लोग और कांग्रेस जन आहत हुए थे। एनआईए की जांच स्थापित की गई। प्रदेश की भाजपा सरकार की ओर से एनआईए जांच के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों ने एनआईए जांच में सहयोग नहीं किया। जिस बात को तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत और कांग्रेस विधायक दल के नेता रविंद्र चौबे ने अनेक बार उठाया था।

 

18-05-2020
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने चंद्रिका साहू, राजेन्द्र सिंह बेनीपाल के निधन पर दुख व्यक्त किया

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष चंद्रिका साहू और प्रदेश कांग्रेस के सचिव हरदीप सिंह बेनीपाल के पिता वरिष्ठ कांग्रेस नेता और प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य राजेन्द्र सिंह बेनीपाल के निधन पर पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने दुख व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन, गुरुमुख सिंह होरा, प्रतिमा चंद्राकर, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री प्रशासन रवि घोष, संगठन प्रभारी महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला ने शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, सदस्य राजेंद्र तिवारी, रमेश वल्यार्नी, आरपी सिंह, सुरेंद्र शर्मा, सुशील आनंद शुक्ला, विकास दुबे, विभोर सिंह, रउफ कुरैशी, किरणमयी नायक, क्रांति बंजारे, नीना रावतिया, मोहन निषाद, संदीप साहू, नितिन भंसाली, अमित श्रीवास्तव, अमित यदु ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रवक्ता धनंजय ठाकुर, घनश्याम राजू तिवारी, विकास तिवारी, मो.असलम, एमए इकबाल, सुरेंद्र वर्मा, वंदना राजपूत, आलोक दुबे जगदलपुर, अभय नारायण राय बिलासपुर, जनार्दन त्रिपाठी सरगुजा, कमलजीत पिंटू राजनांदगांव, कृष्णकुमार मरकाम धमतरी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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