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25-01-2020
संविधान व संवैधानिक मूल्यों पर बोला जा रहा है षडयंत्रकारी हमला: सोनिया गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि आर्थिक मंदी एवं बेरोजगारी की समस्या से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक आधार पर लोगों को बांटने तथा संविधान को कमजोर करने की साजिश हो रही है। सोनिया गांधी ने 71वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा, 70 वर्ष पूर्व देश के लोगों की आकांक्षाओं व इच्छाओं के अनुरूप भारत के संविधान को देश व देशवासियों ने अपनाया व लागू किया। हमारे संविधान की प्रस्तावना में सबके लिए न्याय, समानता, आज़ादी, धर्मनिरपेक्षता व भाईचारे की भावना रेखांकित है।

उन्होंने कहा, "संविधान का हर अक्षर केवल एक शब्द मात्र नहीं पर हर नागरिक का जीवनदर्शन व सरकारों के लिए शासन चलाने का जीवंत रास्ता है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,'यह रास्ता गांधीजी के नेतृत्व में करोड़ों स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी से लिखा गया है, जहां हर भारतवासी को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता के अधिकार सुनिश्चित किए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, सच्चाई यह है कि आज देश के संविधान व संवैधानिक मूल्यों पर षडयंत्रकारी हमला बोला जा रहा है। संवैधानिक मान्यताओं पर संस्थागत तौर से अतिक्रमण किया जा रहा है व संवैधानिक संस्थाओं को व्यक्तिगत निरंकुशता की बलि चढ़ाई जा रही है। सोनिया ने कहा, ऐसे में संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े होना हर देशवासी का कर्तव्य है।

उन्होंने कहा, आज खेती और किसान बर्बादी की कगार पर हैं। मंदी और तालाबंदी के चलते छोटे छोटे व्यवसायी व दुकानदार अपने आपको असहाय महसूस कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि अर्थव्यवस्था बदहाल है, आर्थिक प्रगति चौपट है व व्यापारिक मंदी हर पायदान पर दस्तक दे रही है। आवाज उठाने वाले हर व्यक्ति पर सरकारी तंत्र का दमनचक्र चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, आर्थिक बदइंतजामी, प्रशासनिक दिवालियेपन, बेतहाशा महंगाई, चौतरफा मंदी, असहनीय बेरोजगारी जैसी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए देशावासियों को धर्म, क्षेत्रवाद और भाषा के आधार पर बांटने तथा संविधान को कमजोर करने की साजिश की जा रही है। 

 

14-01-2020
बढ़ती महंगाई पर मोदी सरकार पर बिफरी प्रियंका गांधी, कही यह बात...

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने खुदरा महंगाई दर बढ़कर साढ़े पांच साल के उच्चतम स्तर 7.35 फीसदी पर पहुच जाने के बाद मंगलवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गरीबों की जेब काटकर उनके पेट पर लात मारी है। प्रियंका ने ट्वीट किया, "सब्जियां, खाने-पीने के सामान के दाम आम लोगों की पहुंच से बाहर हो रहे हैं। जब सब्जी, तेल, दाल और आटा महंगा हो जाएगा तो गरीब खाएगा क्या? ऊपर से मंदी की वजह से गरीब को काम भी नहीं मिल रहा है। भाजपा सरकार ने तो जेब काट कर पेट पर लात मार दी है।" बता दें कि आधिकारिक आंकड़ों में दर्शाया गया कि खाद्य कीमतों में बड़े पैमाने पर वृद्धि के बाद भारत की खुदरा महंगाई दर नवंबर के 5.55 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर 2019 में 65 महीनों के उच्च स्तर 7.35 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इसके बाद प्रियंका गांधी यह बयान आया है।

 

08-01-2020
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, किया भारत बंद का समर्थन  

नई दिल्ली। वायनाड से सांसद और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को विभिन्न श्रमिक संगठनों की ओर से बुलाए गए 'भारत बंद' का समर्थन करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बंद बुलाने वाले कामगारों को मैं सलाम करता हूं। राहुल ने ट्वीट कर कहा, 'मोदी-शाह सरकार की जनविरोधी, श्रमिक विरोधी नीतियों ने भयावह बेरोजगारी पैदा की है और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को कमजोर किया जा रहा है, ताकि इन्हें मोदी के पूंजीपति मित्रों को बेचने को सही ठहराया जा सके। आज 25 करोड़ कामगारों ने इसके विरोध में भारत बंद बुलाया है। मैं उन्हें सलाम करता हूं।' बता दें कि मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ 10 मजदूर संगठनों ने बुधवार को भारत बंद के रूप में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इनका दावा है कि भारत बंद में 25 करोड़ लोग शामिल होंगे। इसके कारण देश के विभिन्न स्थानों जिसमें पश्चिम बंगाल और ओडिशा भी शामिल हैं, वहां रेल सेवा प्रभावित हुई हैं। जिन दस मजदूर संगठनों ने बंद बुलाया है उनमें सेंटर ऑफ ट्रेड यूनियंस, इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस सहित अन्य शामिल हैं। इन्होंने 12-सूत्री मांग के साथ हड़ताल का आह्वान किया है। हालांकि मजदूर संगठन भारतीय मजदूर संघ इस हड़ताल में हिस्सा नहीं ले रहा है।

हड़ताल से बंगाल के कुछ हिस्सों में सड़क, रेल यातायात प्रभावित

केंद्र सरकार की 'जन-विरोधी' नीतियों के खिलाफ बुधवार को बुलाए गए एक दिन की हड़ताल के समर्थन में मजदूर संगठनों के साथ ही वामपंथी दलों और कांग्रेस समर्थकों के प्रदर्शनों के चलते पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में सड़क और रेल यातायात बाधित हुआ। हड़ताल समर्थकों ने राज्य के कुछ हिस्सों में रैलियां निकालीं और उत्तर 24 परगना जिले में सड़कों और रेलवे पटरियों को अवरुद्ध कर दिया। हालांकि, पुलिस ने तत्काल वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उन्हें हटा दिया।

 

07-01-2020
भारतीय जनता पार्टी ने एनआरसी, सीएए के समर्थन में की प्रेसवार्ता

कोरिया। बैकुंठपुर एनआरसी, सीएए और सीएबी के भ्रम को दूर कर आमजन को वास्तविकता से अवगत कराने जिला भाजपा कार्यालय में प्रेसवार्ता ली। इसमें पूर्व विधायक लखनलाल देवांगन ने कहा कि जब महात्मा गाँधी से लेकर नेहरु व् इंदिरा गाँधी से लेकर मनमोहन सिंह ने भी समय समय पर इस्लामिक देशों में रह रहे अल्पसंख्यको की पीड़ा जानकर उन्हें भारत में सुविधाएं देने की बातें कही। इस आधार पर मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने घोषणा पत्र में इस कानून को बनाने की बात कहकर इसे लोकसभा व राज्यसभा से कानून बनाकर पास कराया तो विरोध की बात क्यों की जा रही है। पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया की यह कानून वर्षो से पीड़ित व भारत में रह रहे लोगों को नागरिकता देने वाला कानून है ना की किसी की नागरिकता छिनने वाला। उन्होंने संविधान के आर्टिकल 14 की व्याख्या कर बताया की कानून संविधान सम्मत है। इस कानून से किसी भी भारतीय चाहे वह हिन्दू हो या मुसलमान किसी के भी अधिकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कोरिया जिला अध्यक्ष कृष्ण बिहारी जसवाल ने यह भी स्पष्ट किया गया की जिन 6 समुदायों को इस कानून में नागरिकता लेने की सुविधा दी गई है उसके अलावा भी पूरे विश्व में रह रहे हर समुदाय के लोगों के लिए पुराने नागरिकता कानून इंडियन सिटीजनशिप एक्ट 1955 के तहत नागरिकता लेने का अधिकार यथावत रखा गया है। पूर्व विधायक लखनलाल देवांगन ने कहा कि इस्लामिक देशो में रह रहे अल्पसंख्यकों की पीड़ा जानकर उन्हें भारत में सुविधाएं देने की बातें कही। प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक चंपादेवी पावले, पूर्व जिलाध्यक्ष तीरथ गुप्ता, जिला महामंत्री देवेंद्र तिवारी,पंकज गुप्ता अन्य जिला पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

14-12-2019
भारत बचाओ रैली : मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं, बयान पर नहीं मांगूंगा माफ़ी : राहुल गांधी  

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में अर्थव्यवस्था और महंगाई को लेकर कांग्रेस 'भारत बचाओ रैली' का आयोजन कर रही है। इस रैली में कांग्रेस नागरिकता संशोधन कानून, अर्थव्यवस्था की सुस्त रफ्तार, बढ़ती बेरोजगारी और किसानों की समस्या जैसे कई मुद्दों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला कर रही है। राहुल गांधी ने रामलीला मैदान में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी ने मनरेगा का पैसा छीन लिया। मोदी एक धर्म को दूसरे धर्म से लड़ा रहे हैं। आज किसान खुदकुशी कर रहे हैं। मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए। मोदी ने पूर्वोत्तर को जला दिया है। असम जल रहा है।

मोदी सरकार ने देशभर में हिंसा फैला दी है। जो दुश्मन ने नहीं किया वो मोदी ने कर दिया। हकीकत में देश की GDP 2.5 फीसदी है। मोदी सरकार झूठ बोल रही है। मोदी ने उद्योगपतियों का कर्जा माफ किया और जनता से पैसा छीन लिया। उन्होंने कहा कि हमारे देश को कमजोर किया जा रहा है और देश की अर्थव्यवस्था को नष्ट किया जा रहा है। पीएम मोदी पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मेरा नाम राहुल सावरकर नहीं बल्कि राहुल गांधी है। मैं अपने बयान पर माफी नहीं मांगूंगा। रैली में राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी ने कालेधन का नाम लेकर झूठ बोला और नोटबंदी लागू कर दी। नोटबंदी की चोट देश अभी भी झेल रहा है। राहुल ने कहा कि मोदी सरकार ने जल्दबाजी भी जीएसटी लागू किया और अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया।

30-11-2019
अर्थव्यवस्था को अपनी नाकामी के चलते भाजपा सरकार ने किया बर्बाद : प्रियंका गांधी

नई दिल्ली। देश के ताजा आर्थिक विकास के आंकड़ों पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है। प्रियंका गांधी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, तरक्की की चाह रखने वाले भारत और उसकी अर्थव्यवस्था को बीजेपी सरकार ने अपनी नाकामी के चलते बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज GDP ग्रोथ 4.5% है, जिससे साबित होता है कि सारे वादे झूठे हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि 2 करोड़ रोजगार हर साल, फसल का दोगुना दाम, अच्छे दिन आएंगे और अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन होगी. क्या किसी वादे पर हिसाब मिलेगा। जीडीपी ग्रोथ के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। देश की जीडीपी सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में घटकर 4.5 फीसदी हो गई है। यह लगातार पांचवीं तिमाही में गिरावट है और 6 सालों में सबसे कम जीडीपी वृद्धि दर है। प्रियंका गांधी ने कहा है कि तरक्की की चाह रखने वाले भारत और उसकी अर्थव्यवस्था को बीजेपी सरकार ने अपनी नाकामी के चलते बर्बाद कर दिया है।

21-11-2019
प्रियंका गांधी ने कहा-अर्थव्यवस्था बहुत खराब स्थिति में

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने को लेकर गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह  राजनीति  है। एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर प्रियंका ने कहा कि यह तो राजनीति है, होती रहती है। प्रियंका पार्टी महासचिवों की बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रही थीं। प्रियंका ने अर्थव्यवस्था के सवाल पर कहा कि अर्थव्यवस्था बहुत खराब स्थिति में है, मंदी है और सरकार को कुछ करना चाहिए। बता दें कि हाल ही में गृह मंत्रालय ने सुरक्षा की समीक्षा करने के बाद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी से एसपीजी सुरक्षा वापस ले लिया था। अब इन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है। इसके तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जिम्मे गांधी परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। सीआरपीएफ  ने गांधी परिवार और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह व उनकी पत्नी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप  से यह जिम्मेदारी मिलने के बाद सीआरपीएफ  ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के जरिए भेजे पत्र में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व उनके परिवार और मनमोहन से जुड़े प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई है।

06-11-2019
नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार

आरंग। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी आरंग  द्वारा मासिक बैठक समोदा में आयोजित की गई जिसमें समोदा और भैंसा जोन के कार्यकर्ता एवं आरंग विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी  उपस्थित थे। बैठक की शुरुआत में भैसा जोन अध्यक्ष भगवती धुरंधर व समोदा जोन अध्यक्ष शिव साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी गोडसे की पूजा करती है और गांधी को मानने की दिखावा करती है। ऐसी पार्टी से प्रदेश एवं देश को बचाना है। आरंग जनपद पंचायत के कार्यवाहक अध्यक्ष दिनेश ठाकुर व ब्लाक कांग्रेस कमेटी आरंग  अध्यक्ष कोमल सिंह साहू ने कहा कि भाजपा किसान विरोधी पार्टी है। वह नहीं चाहती कि छत्तीसगढ़ के किसानों के धान  को 2500 रुपया प्रति क्विंटल में खरीदा जाए। इसीलिए मोदी सरकार किसान विरोधी नीति अपना रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष शारदा देवी वर्मा ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ छलावा कर रही है। प्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग महामंत्री अलख चतुर्वेदानी ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को कम करके उनके सामाजिक न्याय और समानता के अधिकार को छीनने का काम किया था,जिसके कारण प्रदेश की जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया और आगे भी दिखाती रहेगी। मासिक बैठक में प्रमुख रूप से जिला पंचायत सदस्य द्वारिका साहू, युवराज सोनवानी, डॉ. घनश्याम टंडन, मंगलमूर्ति अग्रवाल, खिलेश देवांगन, गौरव चंद्राकर, अब्दुल कादिर, सुनील बंदे, खेमीचंद साहू, याद साहू, कुलदीप वर्मा, पुखराज साहू,  पूनम साहू, सुखू साहू, चंपाकली कोसले, अवध साहू, चंद्रकला साहू, निर्मला साहू, समोदा सरपंच शिवलाल साहू, गोपाल साहू, मनहरण साहू, पंचराम साहू, पुनीत निषाद, संजय चेलक, दिलहरण यादव, राजू साहू, जितेन साहू ,प्रभात साहू, उमेश साहू ,शिवरतन साहू, पुरुषोत्तम धीवर,  प्रीतम बर्मन, गज्जू यादव, मुकेश साहू , डॉ तोमन साहू, ईश्वर साहू, रामकृत साहू, महेन्द्र साहू, अशोक साहू, प्रहलाद साहू, मुंगेलाल रात्रे, नारद साहू, द्वारिका सिन्हा, बिष्णु नामदेव  सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
 

 

05-11-2019
इन कंपनियों में जा सकती है लाखों कर्मचारियों की नौकरी! यह है वजह...

नई दिल्ली। बीएसएनएल और इन्‍फोस‍िस कर्मचार‍ियों को हटाने का प्‍लान बना रही है। इन्‍फोस‍िस में छंटनी की खबर है। कंपनी जेएल6 (इंटरनल जॉब कोड) लेवल के 2200 इग्‍जेक्‍युट‍िव्‍स को हटाएगी। ये सभी मध्‍य और उच्‍च स्‍तर पर काम करने वाले इग्‍जेक्‍युट‍िव्‍स हैं। कंपनी में जेएल 6,7 और 8 बैंड में 30,092 लोग काम करते हैं। खबर के मुताब‍िक जेएल 1 से 5 लेवल तक के भी 2-5 फीसदी कर्मचार‍ियों को हटाने का प्‍लान बना रही है। यह संख्‍या 4 से 10 हजार के बीच होगी। इन्‍फोस‍िस में एसोस‍िएट्स बैंड के तहत 86,558 कर्मचारी काम करते हैं, जबक‍ि म‍िड्ल बैंड में 1.1 लाख लोग हैं। एवीपी, वीपी, एसवीपी और ईवीपी लेवल के 2-5 प्रत‍िशत अध‍िकारी भी हटाए जाएंगे। इस लेवल पर 971 अध‍िकारी काम करते हैं। इनमें से 50 तक की छुट्टी की जा सकती है। कंपनी का कहना है क‍ि यह बड़े पैमाने पर की जाने वाली छंटनी नहीं, बल्‍क‍ि सामान्‍य प्रक्र‍िया का ह‍िस्‍सा है।

खस्‍ताहाल बीएसएनएल के बकाये के चलते एक लाख लोगों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। यह बकाया 20 हजार करोड़ रुपए का है। बीएसएनएल अपने दम पर इसे चुकाने की हालत में नहीं है और सरकार इस द‍िशा में उदासीन बनी हुई है। यह बकाया बीएसएनएल को सपोर्ट सर्व‍िस या सामान मुहैया कराने वाली छोटी-बड़ी कंपन‍ियों का है। इन कंपन‍ियों से दो लाख लोगों का रोजगार जुड़ा है। बकाया नहीं म‍िलने की सूरत में कंपन‍ियां कामगार कम करने पर व‍िवश हैं। पीएचडी चैम्‍बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्री में दूरसंचार सम‍ित‍ि के अध्‍यक्ष संदीप अग्रवाल के हवाले से बताया है क‍ि अगले कुछ हफ्तों में देसी कंपन‍ियों में काम करने वाले एक लाख से ज्‍यादा लोग बेरोजगार हो जाएंगे। अग्रवाल के मुताब‍िक 20 हजार करोड़ रुपए का बकाया नरेंद्र मोदी सरकार में ऊंचे ओहदेदारों के दखल द‍िए जाने के बावजूद भुगतान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कंपन‍ियां उन कर्मचार‍ियों को ढोने के मूड में नहीं हैं, ज‍िनके ब‍िना उनका काम चल सकता है।

 

20-09-2019
एलआईसी का पैसा घाटे वाली कंपनियों में लगा रही मोदी सरकार : प्रियंका गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का पैसा घाटे वाली कंपनियों में लगाकर देश के आम लोगों के भरोसे को चकनाचूर कर रही है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'भारत में एलआईसी भरोसे का दूसरा नाम है। आम लोग अपनी मेहनत की कमाई भविष्य की सुरक्षा के लिए एलआईसी में लगाते हैं, लेकिन भाजपा सरकार उनके भरोसे को चकनाचूर करते हुए एलआईसी का पैसा घाटे वाली कम्पनियों में लगा रही है। ये कैसी नीति है जो केवल नुकसान नीति बन गई है?' प्रियंका ने जिस मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया उसके मुताबिक शेयर बाजार में बिकवाली का असर कई कंपनियों पर भी पड़ रहा है और बीते ढाई महीने में एलआईसी को शेयर बाजार में निवेश से करीब 57,000 करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है। दरअसल, एलआईसी ने जिन कंपनियों में निवेश किया था, उन कंपनियों की बाजार पूंजी में काफी गिरावट दर्ज की गई है। वैसे यह पहली बार नहीं है जब प्रियंका ने किसी रिपोर्ट के हवाले से सरकार पर निशाना साधा है। इससे पहले भी कई मौकों पर वह सरकार को आड़े हाथ लेती रही हैं। गुरुवार को उन्होंने एक रिपोर्ट के हवाला देते हुए ट्वीट किया, 'भारतीय लोग अपना पैसा देश में रखना नहीं चाहते, व्यवसायों में निवेश नहीं करना चाहते। बाहर से निवेश आ नहीं रहा। भाजपा सरकार की ये कौन सी आर्थिक नीतियां हैं जिस पर से सबका भरोसा उठ चुका है?' गांधी ने जिस मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया था उसके अनुसार इस साल जुलाई के महीने में भारतीयों ने उदारीकृत प्रेषण योजना (लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम एलआरएस) के तहत 1.69 बिलियन डॉलर रुपये विदेश भेजे हैं। यह विदेश भेजे जाने वाली अब तक की सबसे ज्यादा राशि है। आरबीआई द्वारा प्रदान की गई इस सुविधा के तहत विदेशों में पढ़ाई करने वाले भारतीयों, ईलाज, रिश्तेदारों, आप्रवासियों को पैसे भेजे जा सकते हैं।

10-09-2019
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा-विकास प्रक्रिया का हिस्सा है जीडीपी में गिरावट

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नरेंद्र मोदी सरकार के 100 दिन का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि जीडीपी में उतार-चढ़ाव विकास प्रक्रिया का हिस्सा है। केंद्र सरकार देश में व्याप्त आर्थिक सुस्ती को खत्म करने के लिए प्रयास कर रही है और विकास दर बढ़ाने के लिए उपाय शुरू कर दिए गए हैं।  चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि अगली तिमाही में जीडीपी के आंकड़े में कैसे वृद्धि की जाए। सरकार ने इंफ्रा सेक्टर में अपने निवेश को बढ़ा दिया है। वित्त मंत्री ने कहा है कि सरकार ऑटो सेक्टर में व्याप्त सुस्ती को लेकर के गंभीर है। इसके साथ ही ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री की मांगों पर भी गौर किया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार घर खरीदारों की मांगों पर अपनी तरफ से हल खोज रही है, जिसके बारे में जल्द ही जानकारी दी जाएगी। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि शहरों में गाडिय़ों की बिक्री इसलिए प्रभावित हो रही है क्योंकि एक तरफ  बीएस 6 और दूसरी तरफ ओला-उबर से आना-जाना शामिल हैं। सरकार जीएसटी संग्रह बढ़ाने के लिए अपनी तरफ से सारी कोशिश कर रही है। बैंक विलय पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंकों के विलय की तारीख तय करने का अधिकार इनके बोर्ड के पास है। इस तारीख को तय करने में सरकार का किसी तरह का कोई दखल नहीं होगा। बैंक के बोर्ड ही इस बारे में फैसला लेंगे। फिलहाल सरकार ग्राहकों का विश्वास बढ़ाने के तरीकों पर कार्य कर रही है।  

 

10-06-2019
बजट में हो सकती है ये बड़ी घोषणा, सालाना 10 लाख की नकद निकासी पर लग सकता है टैक्स

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार ने डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। अब सरकार इस दिशा में एक और नियम ला सकती है। दरअसल सरकार कागजी मुद्रा के उपयोग को कम करने के लिए एक साल में 10 लाख से ज्यादा की नकद निकासी करने वाले लोगों पर टैक्स लगाने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। काले धन पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम जल्द ही उठाया जा सकता है। 

एक और नियम पर सरकार कर रही विचार

सरकार एक और नियम पर विचार कर रही है। भारी रकम निकासी करने वाले लोगों की पहचान करने के लिए सरकार आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इससे नकद लेनदेन का टैक्स रिटर्न से आसानी से मिलान हो सकेगा। 
जिस तरह 50 हजार से अधिक पैसा जमा करने पर पैन कार्ड दिया जाता है, उसी तरह 10 लाख से ज्यादा की नकद निकासी पर सरकार द्वारा आधार संख्या को अनिवार्य किया जा सकता है। यूआईडी प्रमाणीकरण और ओटीपी यह सुनिश्चित करेगा कि आधार संख्या का दुरुपयोग न हो सके।मनरेगा के लाभार्थियों को आधार का इस्तेमाल कर आॅथेंटिकेट रसीद की आवश्यकता होती है लेकिन अगर कोई पांच लाख रुपये की नकद निकासी करता है तो ऐसा नहीं होता। 

बजट में हो सकती है ये घोषणा

मोदी-2.0 सरकार का पहला आम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पांच जुलाई को पेश करेंगी। पांच जुलाई को बजट में इस नियम की घोषणा की जा सकती है। दरअसल सरकार यह नहीं चाहती है कि मध्य वर्ग लोगों पर और गरीबों पर कानूनी बोझ बढ़ें। हालांकि इस कदम को अभी अंतिम रूप देना बाकी है। 

यूपीए सरकार ने उठाया था ये कदम

एक दशक पहले यूपीए सरकार ने इस दिशा में ट्रांसफर टैक्स लागू किया था। हालांकि हंगामे के बाद उसे यह वापस लेना पड़ा था। साल 2016 में आंध्र प्रदेश के तत्कालीन सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में मुख्यमंत्रियों की एक उच्चस्तरीय समिति ने 'नकद उपयोग' को कम करने के उपाय दिए थे और 50 हजार रुपये से अधिक की नकदी निकासी पर फिर से टैक्स लगाने की सिफारिश की थी। इसके साथ ही एसआईटी ने भी डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए कई सुझाव दिए थे।

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