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16-12-2020

नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है,जिसमें सिर्फ शादी के लिए धर्मांतरण करने को अमान्य ठहराया दिया गया है। इससे संबंधित एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है,जिसमें कहा गया है कि अगर अदालत एक व्यक्ति को खुलेतौर पर अपना धर्म चुनने की आजादी नहीं देती है तो यह संविधान के तहत उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इस मामले में पहले डाली गई एक याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसमें पुलिस और महिला के पिता को उनकी शादी में बाधा नहीं डालने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने कहा कि महज शादी के लिए धर्मांतरण मान्य नहीं है।

 

20-11-2020
आईएएस टीना डॉबी ने दी तलाक की अर्जी, 2018 में अपने आईएएस साथी अतहर खान से की थी शादी

नई दिल्ली। आईएएस टॉपर रही टीना डॉबी ने जयपुर की एक अदालत में तलाक की अर्जी लगाई है। आईएएस टीना डाबी ने 2018 में अपने साथी आईएएस अतहर खान से शादी की थी। जयपुर की एक फैमिली कोर्ट में दोनों ने सहमति से तलाक की अर्जी दी है। आईएएस टॉपर रहीं टीना डाबी ने साल 2018 में अतहर आमिर उल शफी खान से विवाह किया था। अतहर और टीना की ट्रेनिंग के दौरान मुलाकात हुई थी। इसके बाद से वे रिलेशनशिप में थे। सोशल मीडिया पर भी दोनों कई फोटोज शेयर किया करते थे। दोनों ने करीब तीन साल तक डेटिंग की है।  टीना और अतहर की शादी का आयोजन कश्मीर में किया गया था। टीना डाबी दिल्ली की रहने वाली हैं, तो वहीं अतहर कश्मीर के निवासी हैं। दोनों परिवारों की रजामंदी से हुए इस विवाह का आयोजन अनंतनाग के पहलगाम स्थित टूरिस्ट रिजॉर्ट में किया गया था।

 

19-11-2020
पाकिस्तान की अदालत ने सुनाई मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद को 10 साल जेल की सजा

नई दिल्ली। पाकिस्तान की अदालत ने मुंबई हमले के सरगना और जेयूडी प्रमुख हाफिज सईद को आतंकवाद के दो और मामलों में 10 साल जेल की सजा सुनाई। पाकिस्तान की एक आतंकवाद रोधी अदालत ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड एवं जमात उद दावा (जेयूडी) के सरगना हाफिज सईद को दो और मामलों में बृहस्पतिवार को 10 साल कैद की सजा सुनाई। संयुक्त राष्ट्र ने सईद को आतंकवादी घोषित किया था और अमेरिका ने उसपर एक करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा कर रखी है। उसे आतंकी कृत्यों के लिए वित्तीय मदद उपलब्ध कराने के मामले में पिछले साल 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।आतंकवाद रोधी अदालत ने आतंकी कृत्यों के लिए वित्तीय मदद उपलब्ध कराने के दो मामलों में उसे इस साल फरवरी में 11 साल कैद की सजा सुनाई थी। वह लाहौर की उच्च सुरक्षा वाली कोट लखपत जेल में बंद है।

अदालत के एक अधिकारी ने कहा,‘लाहौर स्थित आतंकवादरोधी अदालत ने बृहस्पतिवार को जमात उद दावा के सरगना सईद सहित इसके चार नेताओं को दो और मामलों में सजा सुनाई।’ सईद और उसके दो साथियों-जफर इकबाल तथा याह्या मुजाहिद को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई गई है, जबकि उसके साले अब्दुल रहमान मक्की को छह महीने कैद की सजा सुनाई गई है।लाहौर में आतंकवाद रोधी अदालत ने सईद के रिश्तेदार हाफिज अब्दुल रहमान मक्की, जफर इकबाल और मोहम्मद अशरफ को आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने के दो और मामले में दोषी करार दिया। ये सभी अदालत में मौजूद थे। इस दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे।

 

26-10-2020
नीरव मोदी की जमानत याचिका ब्रिटेन की अदालत ने की सातवीं बार खारिज

नई दिल्ली। ब्रिटेन की एक अदालत ने भगोड़े नीरव मोदी की जमानत याचिका सातवीं बार खारिज कर दी है। बता दें कि नीरव मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक से 14 हजार करोड़ रुपए से अधिक के लोन की धोखाधड़ी और मनी-लॉन्ड्रिंग के मामले का आरोपी है और उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। वहीं इससे पहले इस महीने की शुरुआत में ब्रिटेन की अदालत ने चल रही प्रत्यर्पण की सुनवाई को तीन नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया था, लेकिन नीरव मोदी बार-बार जमानत पाने के लिए याचिका लगा रहा है। हालांकि उसे इस बार भी सफलता नहीं मिल सकी। गौरतलब है कि लंदन की पुलिस ने 19 मार्च को नीरव मोदी को गिरफ्तार किया था और उसके बाद से वह लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। वहीं वर्ष 2018 में पीएनबी घोटाले में नाम सामने आने से कुछ महीने पहले ही वह भारत से फरार हो गया था। भारत सरकार द्वारा नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की हरसंभव कोशिश की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द उसे भारत लाया जा सके।

 

 

17-10-2020
अमित ने कहा- न्यायपालिका और जनता की अदालत पर पूरा भरोसा,हमेशा की तरह जोगी परिवार के साथ न्याय होगा

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी ने जाति प्रमाण और मरवाही उपचुनाव के लिए नामांकन निरस्त होने पर बयान जारी किया है। उन्होंने ट्वीट कर भी कहा है कि शुक्रवार को रातों-रात उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति ने उनका प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया। इसकी खबर उन्हें छोड़ बाकी सबको थी। अमित ने कहा है कि उन्होंने रिपोर्ट पढ़ने के लिए समय मांगा,वो भी नहीं दिया गया। अमित ने जारी अपने बयान में कहा है कि सबसे बड़ी जनता की अदालत है। मुझे न्याय वहीं मिलेगा। देश, विधि और संविधान से चलता है, बदलापुर और जोगेरिया से नहीं। वो सोचते हैं कि कुश्ती अकेले लड़ेंगे और खुद ही जीतेंगे। जनता को इतना बेबस और बेवकूफ नहीं समझना चाहिए। चलो सरकार ने माना तो कि "जोगी को हराना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है"।

अमित जोगी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के इशारे पर मेरा नामांकन खारिज कराना स्वर्गीय अजीत जोगी और मरवाही की जनता का अपमान है। अपनी पूरी ताकत झोंक देने के बाद बस यही वो हथकंडा था, जिससे मुख्यमंत्री चुनाव में दिख रही अपनी निश्चित पराजय को टाल सकते थे।  सरकार भय में है। स्व. अजीत जोगी के जीते जी लगातार उनका अपमान किया, उसके बाद उनके परिवार को राजनीतिक रूप से खत्म करने की साजिश चल रही है,लेकिन जिसके सिर के ऊपर गरीबों का हाथ होता है, वो कभी अनाथ नहीं हो सकता। अमित ने कहा है कि हमारा मरवाही की जनता से आत्मिक और परिवारिक रिश्ता था, है और रहेगा। जोगी मरवाही और मरवाही जोगी के दिल में बसता है। दोनों को एक दूसरे से अलग करना असंभव है। जिंदगी की आखिरी सांस तक जोगी परिवार मरवाही की जनता की सेवा करते रहेंगे। हम कानून की लड़ाई लड़ेंगे और अपना सम्मान व अधिकार प्राप्त करेंगे। मुझे न्यायपालिका और जनता की अदालत पर पूरा भरोसा है कि हमेशा की तरह जोगी परिवार के साथ न्याय होगा।

30-09-2020
बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में आडवाणी समेत सभी बरी

नई दिल्ली। अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के आपराधिक मामले में 28 साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने फैसला पढ़ते हुए कहा है कि यह विध्वंस पूर्व नियोजित नहीं था बल्कि आकस्मिक घटना थी। कोर्ट ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी व कल्याण सिंह सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया है। इस मामले में 49 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। इसमें से 17 की मौत हो चुकी है। सीबीआई व अभियुक्तों के वकीलों ने करीब आठ सौ पन्ने की लिखित बहस दाखिल की है।

इससे पहले सीबीआई ने 351 गवाह व करीब 600 से अधिक दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं। 30 सितंबर 2019 को सुरेंद्र कुमार यादव जिला जज, लखनऊ के पद से सेवानिवृत्त हुए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें फैसला सुनाने तक सेवा विस्तार दिया था। विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव के कार्यकाल का अंतिम फैसला 30 सितंबर को होगा। सीबीआई के वकील ललित सिंह के मुताबिक कि यह उनके न्यायिक जीवन में किसी मुकदमे का सबसे लंबा विचारण है। वह इस मामले में वर्ष 2015 से सुनवाई कर रहे हैं।

14-09-2020
हिरण शिकार मामले में सलमान खान को 28 सितंबर को अदालत में होना होगा पेश

मुंबईं। हिरण शिकार मामले में अभिनेता सलमान खान को जोधपुर की अदालत में पेश होना होगा। राजस्थान की जोधपुर की जिला अदालत ने सलमान खान को 28 सितंबर को पेश होने को कहा है। इस मामले में सोमवार को जिला जज की ओर से आदेश जारी किया गया। सोमवार को हुई सुनवाई में सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत अदालत में मौजूद रहे।

 

31-08-2020
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की विजय माल्या की अवमानना मामले में पुनर्विचार याचिका

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने भगोड़े कारोबारी विजय माल्या द्वारा दायर की गई याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया है। हजारों करोड़ों की चपत लगाने वाले माल्या ने कोर्ट के 2017 के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दी थी,जिसमें कोर्ट ने उसे अवमानना का दोषी ठहराया था। 14 जुलाई, 2017 के फैसले के खिलाफ माल्या द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर कोर्ट ने पहले ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। माल्या ने कोर्ट के आदेश पर अपनी संपत्ति का पूरा लेखा-जोखा सच्चाई से नहीं बताया था, लिहाजा शीर्ष अदालत ने उसे अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया था। इसके अलावा माल्या को अदालत के आदेश का उल्लंघन कर अपने खाते से 40 मिलियन डॉलर की रकम निकालने का भी दोषी पाया गया। जबकि माल्या पर खातों से पैसे निकालने पर रोक लगाई गई थी।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट में विजय माल्या मामले से संबंधित एक दस्तावेज शीर्ष अदालत की फाइलों से गायब हो गया था। इसके बाद केस की सुनवाई कर रहे जस्टिस यूयू ललित और अशोक भूषण की बेंच ने सुनवाई स्थगित कर दी थी। इस मामले में शामिल पक्षों ने नई प्रतियां कोर्ट में दाखिल की।19 जून को सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 3 वर्षों से सूचीबद्ध बैंकों को 9,000 करोड़ रुपये का बकाया नहीं चुकाने के मामले में मई 2017 की सजा के खिलाफ माल्या की अपील के बारे में अपनी रजिस्ट्री से स्पष्टीकरण मांगा था। मई 2017 में, शीर्ष अदालत ने उन्हें अपने बच्चों को 4 करोड़ डॉलर ट्रांसफर करने के लिए अदालत की अवमानना करने का दोषी ठहराया और उसे सजा पर बहस करने के लिए 10 जुलाई को उपस्थित होने का आदेश दिया था।

24-08-2020
अवमानना मामला में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने किया सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगने से इनकार

नई दिल्ली। अवमानना केस में दोषी करार वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में अपने बयान में बदलाव किया है। इसके साथ ही प्रशांत भूषण बिना शर्त माफी मांगने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को अवमानना के मामले में बिना शर्त माफी मांगने के लिए आज तक का समय दिया था। प्रशांत भूषण ने कहा, मेरा मानना है कि सुप्रीम कोर्ट मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिए आशा का अंतिम गढ़ है। उन्होंने कहा, मेरा बयान सद्भावनापूर्थ था और अगर मैं इस अदालत से माफी मांगता हूं तो ये मेरी अंतरात्मा और उस संस्थान की अवमानना होगी, जिसमें मैं सर्वोच्च विश्वास रखता हूं।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील को अदालत की अवमानना का दोषी माना है। ऐसे में उन्हें बिना शर्त माफी मांगने का मौका दिया गया था, जिसकी समयसीमा का आखिरी दिन आज था। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने अवमानना मामले में सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था। शीर्ष अदालत ने भूषण को अपने बयान पर विचार करने के लिए कहा था। अदालत का कहना था कि भूषण चाहें तो 24 अगस्त तक बिना शर्त माफीमाना दाखिल कर सकते हैं। यदि ऐसा नहीं होता है तो 25 अगस्त को अदालत उनके खिलाफ सजा पर फैसला सुनाएगी। प्रशांत भूषण ने कहा, ‘लोकतंत्र में खुली आलोचना जरूरी है। हम ऐसे समय में रह रहे हैं जब संवैधानिक सिद्धांतों को सहेजना व्यक्तिगत निश्चिंतता से अधिक महत्वपूर्ण होना चाहिए। बोलने में असफल होना कर्तव्य का अपमान होगा। यह मेरे लिए बहुत ही बुरा होगा कि मैं अपनी प्रमाणिक टिप्पणी के लिए माफी मांगता रहूं।’

 

11-06-2020
ब्रिटेन की अदालत ने बढ़ाई नीरव मोदी दिक्कत, 9 जुलाई तक हिरासत में भेजा

नई दिल्ली। ब्रिटेन की एक अदालत ने भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी को गुरुवार को नौ जुलाई तक और न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश दिए। भारत में अरबों रुपये के बैंक कर्ज घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में अभियुक्त नीरव मोदी पिछले साल मई से लंदन की एक जेल में कैद है।नीरव मोदी को जेल से लंदन की वेस्टमिंस्टर अदालत में वीडियो लिंक के जरिए पेश किया गया। वह पिछले साल मार्च में गिरफ्तारी के बाद से वैंड्सवर्थ जेल में है। अदालत ने सुनवाई में उसकी हिरासत की अवधि नौ जुलाई तक बढ़ा दी।पंजाब नेशनल बैंक के साथ करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में नीरव मोदी के खिलाफ ब्रिटेन में प्रत्यर्पण का मुकदमा चल रहा है। उसके प्रत्यर्पण के मामले पर सात सितंबर को सुनवाई होने वाली है। तब तक उसे हर 28 दिन इसी तरह सुनवाई के लिए पेश किया जाएगा।जिला न्यायाधीश सैमुअल गूजी ने नीरव मोदी से कहा कि आपके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया के संबंध में सात सितंबर को होने वाली अगले चरण की सुनवाई से पहले आप की पेशी इसी तरह से वीडियो लिंक के जरिए होगी। इस दौरान नीरव मोदी ने सिर्फ अपना नाम व राष्ट्रीयता ही बताई। बाकी समय वह चुप ही रहा। वह (नीरव मोदी) सुनवाई के दौरान कागज पर कुछ लिख रहा था।न्यायाधीश गूजी ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया के पहले चरण की पिछले महीने अध्यक्षता की थी। दूसरे चरण के तहत सात सितंबर से पांच दिन की सुनवाई शुरू होगी।

 

11-06-2020
सुप्रीम कोर्ट ने नीट रिजर्वेशन मामले में कहा, आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए आरक्षण को लेकर बड़ी टिप्पणी की। तमिलनाडु में नीट पोस्ट ग्रेजुएशन रिजर्वेशन मामले में अदालत ने कहा कि आरक्षण कोई बुनियादी अधिकार नहीं है। इसी के साथ अदालत ने तमिलनाडु के कई राजनीतिक दलों द्वारा दाखिल की गई एक याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। दरअसल, तमिलनाडु की कई पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट में नीट के तहत मेडिकल कॉलेज में सीटों को लेकर तमिलनाडु में 50 फीसदी ओबीसी आरक्षण के मामले पर याचिका दायर की थी। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में किसका मौलिक अधिकार छीना गया है ?

आपकी दलीलों से लगता है कि आप सिर्फ तमिलनाडु के कुछ लोगों की भलाई बात कर रहे हैं। डीएमके की ओर से अदालत में कहा गया कि हम अदालत से ज्यादा आरक्षण जोड़ने को नहीं कह रहे हैं, बल्कि जो है उसे लागू करवाने को कह रहे हैं। इसी दौरान जस्टिस राव ने कहा कि आरक्षण कोई बुनियादी अधिकार नहीं है, आप सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस लें और हाईकोर्ट में दाखिल करें। हालांकि, इस दौरान टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें खुशी है कि एक मसले पर सभी राजनीतिक दल एक साथ आएं हैं, लेकिन हम इस याचिका को नहीं सुनेंगे। हालांकि, हम इसे खारिज नहीं कर रहे हैं और आपको सुनवाई का मौका हाईकोर्ट के सामने दे रहे हैं।

 

20-04-2020
 विजय माल्या को झटका, लंदन की अदालत ने खारिज की प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका

नई दिल्ली। लंदन की अदालत ने विजय माल्या की भारत प्रत्यपर्ण के खिलाफ दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है। भारतीय बैंकों का 9000 करोड़ रुपए लेकर फरार हो चुके किंशफिशर के मालिक माल्या ने लंदन की अदालत में भारत में प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसे सोमवार को कोर्ट ने खारिज कर दिया। विजय माल्या ने इस साल फरवरी में भारत में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ लंदन की उच्च न्यायालय में अपील की थी। इसपर आज फैसला आया है, जो माल्या के पक्ष में नहीं रहा।लंदन रॉयल कोर्ट में लॉर्ड जस्टिस स्टीफन इरविन और जस्टिस एलिजाबेथ लिंग ने अपना फैसला सुनाते हुए माल्या की अपील खारिज कर दी। इस फैसले के साथ ही भगोड़ा घोषित किए जा चुके शराब कारोबारी विजय माल्या की कोशिशे नाकाम हो गई। वहीं इस फैसले के बाद अब माल्या के प्रत्यर्पण पर अंतिम फैसला वहां की गृह सचिव प्रीति पटेल के पास जाएगा। बता दें कि माल्या ने हाल ही में ट्वीट कर जानकारी दी कि वो बैंकों का पैसा चुकाना चाहते हैं।

 

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