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24-09-2020
इस जिले में गिरदावरी का काम हुआ पूरा, मिला दूसरा स्थान

कोरिया। कलेक्टर एसएन राठौर के मार्गदर्शन में कोरिया जिले में राजस्व विभाग द्वारा 100 प्रतिशत गिरदावरी कार्य पूरा कर लिया गया है। अब तक प्रदेश में मात्र पांच जिलों में गिरदावरी का कार्य 100 प्रतिशत पूर्ण किया गया है। इसमें फसलों की त्रुटि रहित एवं समयबद्ध गिरदावरी पूर्ण करने में कोरिया जिला दूसरे स्थान पर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेश एवं राज्य शासन के शुद्ध गिरदावरी के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कोरिया जिले में राजस्व विभाग द्वारा गिरादवरी का कार्य सौ प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है।

कलेक्टर राठौर ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी पंचायत सचिवों एवं इस कार्य में संलग्न सभी लोगों को बधाई प्रेषित की है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है कि प्रदेश में जिले को यह स्थान मिला है। गिरदावरी रिपोर्ट के अनुसार कोरिया जिले में कुल 3 लाख 74 हजार 388 खसरे हैं। फसल प्रविष्टि के लिए वास्तविक खसरे 3 लाख 74 हजार 248 हैं, जिनमें से कुल 3 लाख 74 हजार 228 खसरों पर खरीफ मौसम में किसानों द्वारा फसल ली गई है।

23-09-2020
कोविड पेंशेंट फीडबैक रिपोर्ट में कोरिया जिले ने पूरे प्रदेश में हासिल किया दूसरा रैंक

कोरिया। कलेक्टर एसएन राठौर के सतत मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.रामेश्वर शर्मा एवं डॉ.अमरदीप जसवाल उनकी स्वास्थ्य टीम की कर्मठता का परिणाम है कि राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा जारी कोविड पेंशेंट फीडबैक रिपोर्ट में कोरिया जिले ने 80 प्रतिशत सकारात्मक फीडबैक के साथ पूरे प्रदेश में दूसरा रैंक हासिल किया है। यह जिले के लिए निश्चित ही बड़ी उपलब्धि है। यह रिपोर्ट बताती है कि जिले के कंचनपुर स्थित कोविड हॉस्पिटल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं से मरीज संतुष्ट हैं।
फीडबैक सर्वे प्रश्नावली के आधार पर जिलों की रैंकिंग तय की गई है। इस फीडबैक सर्वे में कोरोना से बचाव एवं इलाज के संबंध में जिले के कोविड अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधा एवं चिकित्सा को शामिल किया गया है। साथ ही भोजन एवं पेयजल आपूर्ति, मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तथा सैनिटाइजेशन का कार्य शामिल हैं। कलेक्टर एसएन राठौर ने इस उपलब्धि पर जिले की समस्त जनता एवं सभी स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई प्रेषित करते हुए कहा कि यह पूरे जिले के लिए सम्मान की बात है। जिले के कंचनपुर स्थित कोविड हॉस्पिटल में हमारे स्वास्थ्यकर्मियों के द्वारा कोरोना का सफल इलाज किया जा रहा है। साथ ही जिले में ट्रु नॉट लैब के होने से शीघ्र टेस्टिंग भी संभव हुई है। यह उपलब्धि स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता एवं अथक मेहनत का ही परिणाम है। कोविड हॉस्पिटल की सुविधाओं को सुचारू रूप से उपलब्ध कराने में जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सर्वे में शामिल होने वाले नागरिकों को भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।    
यह सर्वे दूरभाष के जरिए 7 अगस्त से 21 सित्मबर तक किया गया। इस उपलब्धि पर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि कलेक्टर राठौर के मार्गदर्शन में जिले को यह उपलब्धि प्राप्त हुई है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई प्रेषित की है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार कोरिया जिले में कोविड हास्पिटल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का उपचार निरंतर चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा है। कोविड हॉस्पिटल में संक्रमित मरीज भर्ती किए जाते हैं,जिन्हें अलग-अलग रखकर उपचार किया जाता है। यहां अलग प्रवेश और निकासी की व्यवस्था है। साथ ही अस्पताल में आईसीयू, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट वाले बेड भी उपलब्ध हैं।

 

19-09-2020
गौ रक्षा वाहिनी के संभागीय मीडिया प्रभारी बने आयुष

कोरिया। गौरक्षा वाहिनी की बैठक हुई। इसमें संभागीय अध्यक्ष प्रभाकर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। गौ रक्षा वाहिनी के सम्भागीय अध्यक्ष ने आयुष नामदेव को सम्भागीय मीडिया प्रतिनिधि नियुक्त किया। सम्भागीय अध्यक्ष ने कहा कि आयुष काफी समय से समाज और गौ सेवा के लिए सदैव समर्पित रहते हैं। आयुष कहा कि वे अपने इस पद को पूरी कर्तव्य से निर्वहन करने संकल्प लेते है। बैठक में रिचेस सिंह,विशाल,सिंह,अभय दुबे,गोलू नामदेव, शिवम कश्यप, माया सोनवानी, राजेन्द्र अगरिया, सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

16-09-2020
गौसेवकों ने की कलेक्टर से मुलाकात,लावारिस शवों के अंतिम संस्कार के लिए की जमीन की मांग

कोरिया। बैकुंठपुर के गौ सेवकों ने जिला कलेक्टर सत्यप्रकाश राठौर से मुलाकात की। गौ सेवकों ने बताया कि बैकुंठपुर के आसपास क्षेत्रों में जो अज्ञात व्यक्तियों के शव मिलते हैं उनको दफन करवाने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। लावारिस बॉडी का अंतिम संस्कार करवाने में गौ सेवकों के अलावा पुलिस प्रशासन और नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को भी विरोध का सामना करना पड़ता। इस पर कलेक्टर ने समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने जल्द ही लावारिस शवों को दफनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराएं जाने का आश्वासन दिया। 

 

16-09-2020
प्राकृतिक आपदा से पीड़ितों के लिए चार-चार लाख मुआवजा मंज़ूर

रायपुर। सरकार प्राकृतिक आपदा से पीड़ितों को लगतार सहायता पहुँचाती है इसी कड़ी में कोरिया जिले में प्राकृतिक आपदा से पीड़ितों को 12 प्रकरणों में कलेक्टर ने 48 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। कोरिया जिले के विकासखंड खड़गवां के ग्राम शिवपुर के बिजेन्द्र की मृत्यु सांप के काटने से होने पर, ग्राम कटकोना की अंजलि की मृत्यु पानी में डूबने से, ग्राम कोचका के सहदेव सिंह की मृत्यु सर्पदंश से होने पर, ग्राम सड़का के नरेन्द्र सिंह की मृत्यु तालाब में डूबने से, ग्राम डूमरा बहरा की कली कुमारी की मृत्यु नाले में डूबने के कारण मृतकों के पीड़ित परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

इसी तरह से ग्राम बैमा के मनोहर की मृत्यु तालाब में डूबने, ग्राम सलका की फुलमत की मृत्यु नाले में डूबने से, ग्राम ठग्गांव की सुकवरिया की मृत्यु डबरी में डूबने से, ग्राम कटकोना के राजेश्वर की मृत्यु सांप के काटने से होने पर, ग्राम दुबछोला के शिवलाल की मृत्यु सांप काटने से, ग्राम बेजरीडाड के संदीप की मृत्यु डबरी में डूबने से व ग्राम फुनगा के असमान सिंह की मृत्यु सांप के काटने से हो जाने पर मृतकों के पीड़ित परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गयी है।

10-09-2020
मानसिक अवसाद और तनाव की उपज है आत्महत्या का विचार - डॉ. शुभाशीष करन

रायपुर/कोरिया। विशेषज्ञों का मानना है मानसिक अवसाद और तनाव की वजह से आत्महत्या का विचार रखने वाले लोग ऐसी अवस्था में अक्सर मदद मांगते हैं। अगर समय पर उनकी मदद की जाए तो उन्हें बचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से हर वर्ष 10 सितम्बर को आत्महत्या निषेद दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉक्टर शुभाशीष करन ने बताया,” मानसिक अवसाद और तनाव की वजह से आत्महत्या का विचार आता है। भविष्य से जुड़ी चिंता को लेकर आत्महत्या की प्रवृत्ति के खिलाफ सार्थक संवाद जरूरी है। समुदाय के लोगों में आत्महत्या और इसके रोकथाम के बारे में जन.जागरूकता बढ़ानाए तनाव को कम करनाए समुदाय में मानसिक विकारों की पहचान और उपचार करवानाए ही एकमात्र उपाय है।“

क्या हैं आत्महत्या की प्रमुख वजहें : आत्महत्या की कई वजहें होती हैं, जिसमें सामाजिक, आर्थिक व मेडिकल। सामाजिक कारणों में सबसे अहम है रिलेशनशिप जिसमें अफेयर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर व शादीशुदा जिंदगी से संबंधित वजहें होती हैं। इसके अलावा, परिवार, मित्रों और जान पहचान वालों के साथ आने वाली दिक्कतों के चलते भी लोग यह कदम उठाते हैं। आर्थिक कारणों में बिजनेस का डूबना, नौकरी छूटना, आय का साधन न होना, कर्जे जैसी समस्या होती है और मेडिकल कारणों में लाइलाज शारीरिक व मानसिक बीमारी, गहरा डिप्रेशन व कभी कभी अनुवांशिकी भी होती हैं।

स्वास्थ और परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक विकारों, तनाव व अवसाद को कम करने के लिए कई प्रकार के कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इनमें जिला अस्पतालों में स्थापित स्पर्श क्लिनिक भी एक है। क्लिनिक में मानसिक रोगियों का नि:शुल्क उपचार होता है और उनका नाम भी सार्वजनिक नहीं किया जाता है। इनके अलावा प्रदेश के सभी 27 जिलों में काउंसिलिंग सेंटर हैं, जिनके जरिए मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की पहचान कर मानसिक स्वास्थ की सेवाएं दी जा रही हैं। नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में आत्महत्या की दर 26.4 प्रति लाख जनसँख्या है जो राष्ट्रीय दर 10.4 प्रति लाख जनसँख्या है। भारत में छत्तीसगढ़ चौथा सबसे ज्यादा आत्महत्याओं वाला प्रदेश है। मानसिक रोगी, मानसिक अवसाद, तनाव ग्रस्त लक्षण दिखने वाले रोगियों के लिए प्रदेश में 104 हेल्पलाइन नंबर भी संचालित है। उपरोक्त लक्षण वाले व्यक्ति इनसे मदद ले सकते हैं। हाल ही में विभाग ने एम्बुलेंस सर्विसेज भी शुरू करने का फैसला लिया है। इमरजेंसी में मानसिक रोगियों को भी एम्बुलेंस की सेवाएं उपलब्ध होंगी।

08-09-2020
'औषधि पौधे का ज्ञान,स्वास्थ्य जीवन की पहचान' को लेकर चलाया गया जनजागरूकता अभियान

कोरिया। स्वास्थ्य परम्परा संवर्धन अभियान के तहत होम हर्बल गार्डन कार्यक्रम अंबिकापुर में हुआ। कार्यक्रम में अध्यक्षता वन औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने की। विशिष्ट अतिथि विधायक गुलाब कमरो थे। इसमें 'औषधि पौधे का ज्ञान स्वास्थ्य जीवन की पहचान' को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया गया। छत्तीसगढ़ राज्य औषधि पादप बोर्ड रायपुर एवं संस्था परम्परागत वनौषधि प्रशिक्षित सदस्यों ने 'औषधि पौधे का ज्ञान स्वास्थ्य जीवन की पहचान' के तहत जागरूक भी किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान औषधीय पौधों का वितरण किया गया। इसमें मुख्य रूप से अडुसा, तुलसी, मण्डूपपर्णी, गुडमार, पत्थरचूर,तुलसी एलोवेरा, मेंहदी, बेल, बहेड़ा, पीपली, नीम, कालमेघ, केऊकंद आदि औषधीय पौधों का वितरण किया गया। इस अवसर पर शफी अहमद अध्यक्ष छग श्रम कल्याण बोर्ड, अजय अग्रवाल उपाध्यक्ष बीस सूत्रीय बोर्ड, एबी मिंज मुख्य वन संरक्षक सरगुजा संभाग, पंकज कमल वन मंडलाधिकारी, डॉ. अजय तिर्की महापौर अंबिकापुर, नपा उपा कृष्ण मुरारी तिवारी,  जनपद उपा. राजेश साहू, पूर्व महापौर डमरू रेड्डी, रामनरेश पटेल,सगीर खान, रविंद्र सोनी सहित नागरिक उपस्थित रहे।

03-09-2020
अब दूर बैंक तक नहीं जाना पड़ता, गांव में ही हो रहा है मनरेगा और पेंशन का भुगतान

कोरिया। जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बीसी सखियों एवं पे पोईंट सखियों द्वारा आम लोगों एवं दूरस्थ अंचल के ग्रामीणों को आधार लिंक के द्वारा नगद लेनदेन की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। जिले में बनाये गये रोस्टर के अनुसार नियुक्त कुल 49 बीसी सखियों एवं पे पोईंट सखियों द्वारा गांवों में जा-जाकर ग्रामीणों को आधार लिंक के आधार पर भुगतान किया जा रहा है। इसमें मनरेगा मजदूरी, पेंशन, छात्रवृत्ति, बिहान कैडर मानदेय तथा अन्य योजनाओं के भुगतान हेतु ग्रामीणों को अब बैंक जाना नहीं पड़ रहा है।
गौठान ग्रामों में भी गोधन न्याय योजना अन्तर्गत गोबर विक्रेताओं का भुगतान गौठान में जाकर किया जाने लगा है। ग्रामीणजन अब गांव में ही अपने बैंक खाते से राशि निकाल सकते हैं, जिससे उन्हें बैंक के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। इसके साथ ही ग्राम स्तर पर कार्यरत मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत सचिव एवं अन्य विभाग के अमलों का भुगतान भी बीसी सखियों के माध्यम से होगा, इसके लिए कलेक्टर  एस एन राठौर द्वारा समस्त विभागों को निर्देश दिये गये है। कलेक्टर ने कहा कि सुदूर अंचलों में जाकर बीसी सखियों द्वारा दी जा रही सेवा सराहनीय है। इससे ग्रामीणों का समय व श्रम दोनो बच रहा है। बीसी सखियों एवं पे पोईंट सखियों के माध्यम से ग्राम स्तर पर कुल 46 हजार 128 हितग्राहियों को 9 करोड 63 लाख 3 हजार 524 रूपये का लेनदेन किया गया है। इसमें विकासखण्ड बैकुण्ठपुर के 7 हजार 72 हितग्राहियों को 1 करोड़ 55 लाख 29 हजार 794 रूपये, विकासखण्ड सोनहत के 6 हजार 383 हितग्राहियों को 1 करोड़ 19 लाख 67 हजार 858 रूपये, विकासखण्ड खड़गवां के 18 हजार 127 हितग्राहियों को 2 करोड़ 90 लाख 68 हजार 733 रूपये, विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ के 3 हजार 533 हितग्राहियों को 60 लाख 30 हजार 293 रूपये तथा विकासखण्ड भरतपुर के 11 हजार 13 हितग्राहियों को 3 करोड़ 37 लाख 6 हजार 846 रूपये का नगद भुगतान शामिल है। आगामी दिनों में जिले में लेनदेन हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत् 8 बीसी सखी व 80 पे पोईंट सखी का चयन किया गया है, जिसके फलस्वरूप अब जिले के समस्त ग्रामों को आपका बैंक आपके द्वार का लाभ दिये जाने की योजना है।

 

30-08-2020
आईआईटी,जेईई तथा नीट में शामिल होने के लिए कोरिया जिले में परीक्षार्थियों के लिए निशुल्क बस व्यवस्था

कोरिया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राष्ट्रीय स्तर के ऐंट्रन्स परीक्षा-आईआईटी, जेईई तथा नीट में शामिल होने के लिए जिले के परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और वापस लाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निशुल्क वाहन व्यवस्था की जा रही है। सुविधा के उपयोग के लिए परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड साथ में लाना होगा। आगामी 1 सितम्बर से आईआईटी, जेईई परीक्षा आयोजित की जा रही है। जिले में परीक्षार्थियों के लिए बसें 31 अगस्त से जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर से रवाना होंगी।कलेक्टर सत्य नारायण राठौर ने अपर कलेक्टर सुखनाथ अहिरवार मोबाइल नंबर 8770613976 को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी है।

निःशुल्क व्यवस्था का लाभ लेने के लिए परीक्षार्थी अपना नाम, रोल नंबर, परीक्षा तिथि, परीक्षा केंद्र का नाम और मोबाइल नंबर के साथ पंजीयन करवा सकते हैं। जिला परिवहन अधिकारी अरविन्द भगत मो नं 9977251401 सहायक नोडल अधिकारी होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुप्ता मोबाइल नंबर 9340206900 भी सहायक नोडल अधिकारी होंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 5 परीक्षा केन्द्र बनाए गए है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। प्रथम पाली सुबह 9 बजे से 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली में दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। बसों में सोशल डिस्टेंस का पालन करना एवं मास्क लगाना अनिवार्य है।

 

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