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24-05-2020
भूपेश बघेल सरकार ने पूरा किया किसानों से किए गए वादे : सुमित जैन

धमतरी। कोरोना संकट के समय प्रदेश सरकार के कार्य एवं 21 मई से प्रारंभ हुए राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी राजीव गांधी किसान नया योजना को लेकर कांग्रेस के युवा नेता सुमित जैन ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के मार्गदर्शन एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व का परिणाम है कि हमारे हमारी सरकार ने किसानों से किया वादा पूरा किया है आज जब पूरे विश्व में कोरोना संकट का कारण वैश्विक मंदी छाई हुई है लोगों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है जहां प्रदेश के अनेको लघु उद्योग व्यवसाय बंद पड़े है ऐसे में राजीव गांधी किसान न्याय योजना से राज्य के किसानों के जीवन में खुशहाली का नया दौर शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना की प्रथम किस्त की राशि 1500 करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खाते में सरकार द्वारा अंतरित की गई है। योजना के तहत राज्य में 19 लाख किसानों को इस वर्ष 5750 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसके अंतर्गत धान की खेती के लिए किसानों को प्रति एकड़ 10000 तथा गन्ना की खेती के लिए प्रति एकड़ 13000 अनुदान सहायता राशि दी जाएगी। सुमित जैन ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने अब तक धान खरीदी,कर्ज माफी, फसल बीमा,सिंचाई कर की माफी और प्रोत्साहन राशि को मिलाकर किसानों को 40700 करोड़ रुपए उनके खाद खातों में सीधे अंतरित किया है।

 

24-05-2020
क्वारेंटीन केंद्रों में श्रमिकों ने सुना मुख्यमंत्री का संदेश, कहा-सरकार हमारे सुरक्षा के लिए कर रही है काम

दुर्ग। क्वॉरेंटाइन में रह रहे प्रवासी श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का संदेश सुनाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की थी। यहां विभिन्न क्वारन्टीन केंद्रों में लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की रेडियो वार्ता सुनी। मुख्यमंत्री के संदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए धमधा के क्वारन्टीन सेंटर में रह रहे ग्रामीण कैलाश ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपनी बात में जिन प्रमुख चीजों का जिक्र किया है। उसमें मुझे सबसे अच्छी बात मनरेगा को लेकर लगी। हम लोग बाहर से काम छोड़ कर लौटे हैं। ऐसे में हमें फिक्र थी कि हमें अब कुछ समय बिना काम के बिताना होगा लेकिन हमारे साथी ग्रामीणों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने मनरेगा के माध्यम से पर्याप्त काम खोल दिया है और गांव में काम की किसी तरह से कमी नहीं है। मुझे बहुत अच्छा लगा, अब क्वॉरेंटाइन पूरा कर मैं मनरेगा काम में लगूंगा। धमधा के ही क्वारन्टीन सेंटर में आये प्रवासी श्रमिक भोलानाथ ने बताया कि मुख्यमंत्री के संबोधन की सबसे अच्छी बात यह लगी कि वह किसानों को सहायता पहुंचा रहे हैं। ऐसे समय में जब हर तरफ लोग तकलीफ में है किसानों के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से बड़ी सहायता उपलब्ध कराई गई है। इससे प्रदेश में खेती किसानी का कार्य बढ़ेगा। बहुत सारे मजदूर अपने खेतों में वापस होंगे। मनरेगा के कार्य आरंभ होने से लोगों को काम की किसी तरह से दिक्कत नहीं होगी। प्रवासी श्रमिक हीरामन ने बताया कि हमारे सेंटर में सभी सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है हम 14 दिन की अवधि पूरा कर अपने घर लौट जाएंगे यह बहुत अच्छी यह बहुत अच्छी बात है कि शासन ने वारंट इन केंद्रों का निर्माण कर दिया है इससे सभी प्रवासी श्रमिकों को भी सुविधा मिल गई है और गांव वाले भी निश्चिंत हैं 14 दिन का समय निकालकर सभी अपने घर पहुंच जाएंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने रविवार को लॉक डाउन के दौरान शासन द्वारा किये गए कार्यों के बारे में विस्तार से बताया जिसकी प्रशंसा लोगों ने की।


 

23-05-2020
सरकार के फैसले से जनता को मिलेगा लाभ,रियल एस्टेट के क्षेत्र में भी दिखेंगे बेहतर परिणाम : जयसिंह अग्रवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीनों की खरीदी-बिक्री के लिए वर्ष 2019-20 में तय की गई शासकीय गाइड लाइन की दरें शेष वित्तीय वर्ष के लिए लागू कर दी है। पहले 30 जून 2020 तक के लिए लागू किया गया था। अब संशोधित समय सीमा के अनुसार प्रभावी बाजार मूल्य गाइड दरों और उसके उपबंधों की प्रभावशीलता तिथि में 31 मार्च 2021 तक वृद्धि की गई है। राज्य शासन के वाणिज्य कर (पंजीयन) विभाग ने 22 मई को इस संबंध में मंत्रालय से आदेश जारी किया था। सरकार के इस फैसले को मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रदेशवासियों के लिए लाभकारी कहा है। उन्होंने कहा कि निश्चित ही प्रदेश की जनता को लाभ मिलेगा। रियल एस्टेट के क्षेत्र में भी बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। मंत्री अग्रवाल ने उम्मीद जताई है कि इस सुविधा का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोग उठाएंगे।राजस्व आपदा प्रबंधन एवं वाणिज्य कर (पंजीयन) मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बताया कि शासकीय दरों और बाजार मूल्य में भिन्नता समाप्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष भूमि खरीदी-बिक्री के शासकीय गाइड लाइन के दरों को 30 प्रतिशत कम किया था। इससे प्रदेश में बेहतर परिणाम आए और व्यापक पैमाने पर जमीनों की खरीदी बिक्री की गई। प्रदेश के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।राजस्व मंत्री ने बताया कि हर वर्ष गाइड लाइन दरों का जिला कलेक्टर की ओर से जिला स्तर पर परीक्षण कर दरों में परिवर्तन के संबंध अभिमत भेजा जाता है। इस पर उच्च स्तर पर निर्णय ले कर अगले वित्तीय वर्ष के लिए दरें तय की जाती हैं, परन्तु इस वर्ष कोरोना महामारी के सर्वव्यापी असर के कारण प्रदेश के लोगों को राहत पहुंचाने राज्य सरकार ने 2019-20 की ही दरों को 31 मार्च 2021 तक के लिए लागू कर दिया है।

 

23-05-2020
हाईकोर्ट ने कहा सरकार को जांच का पूरा अधिकार, अमन सिंह की याचिका रद्द

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रमुख सचिव अमन सिंह को हाईकोर्ट बिलासपुर से करारा झटका लगा है। स्वयं के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी जांच और ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही जांच को रोकने अमन सिंह ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। अमन सिंह के खिलाफ दिल्ली निवासी विजया मिश्रा ने आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत की थी कि आरईएस से पीआरएस लेने के बाद, तत्कालीन सरकार द्वारा अमन सिंह को संविदा नियुक्ति दी गई थी तथा संविदा नियुक्ति हेतु अमन सिंह ने कनार्टक में पदस्थापना के दौरान उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार की जांच होने व उसके विरुद्ध चार्जशीट जारी होने के तथ्य को छिपाया था। पीएमओ द्वारा विजया मिश्रा की शिकायत जांच एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु राज्यशासन को भेजे जाने पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जांच के लिए एसआईटी गठित किया गया।

अमन सिंह द्वारा पूर्व जांच में आरोप निराधार पाए जाने का हवाला देते हुए पुन: जांच के लिए एसआईटी गठनन को नियम विरुद्ध बताते हुए हाईकोर्ट की शरण ली थी। जस्टिस पी. सैम कोशी की सिंगल बैंच ने दिनांक 28 फरवरी 2020 को सुनवाई पूर्ण की कर निर्णय सुरक्षित रख लिया था। दिनांक 21 फरवरी 2020 को पारित निर्णय में ललिता कुमारी विरुद्ध उप्र शसन एवं अन्य, तेलंगाना शासन विरुद्ध मानाजीपेत एलियाज, जयललिता एवं अन्य विरुद्ध कर्नाटक राज्य एवं अन्य प्रकरणों में हुए पूर्व निर्णयों (लैण्ड मार्क डिसीजन) का हवाला देते हुए राज्य शासन द्वारा विजया मिश्रा की शिकायत जांच हेतु एसआईटी जांच गठन को उचित ठहराते हुए याचिकाकर्ता अमन सिंह द्वारा राज्य शासन पर पूर्वाग्रह एवं दुर्भावनावश कार्यवाही करने के आरोप को निराधार होना माना है। कोर्ट ने अपने निर्णय में यह भी उल्लेखित किया है कि याचिकाकर्ता अमन सिंह, शासन पर लागए गए अपने आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रहे। हाईकोर्ट ने अमन सिंह के उस तर्क को भी नहीं माना कि राज्य शासन द्वारा उसे पूर्व में नोटिस जारी कर जवाब लिया गया था व उसे क्लीन चीट दे दी गई थी। इसे कार्यवाही न मानते हुए अपने निर्णय में जांच कराने का अधिकार राज्य शासन के पास सुरक्षित होना एवं किसी जांच में संतुष्ट न होने की स्थिति में राज्य सरकार को दोबारा जांच कराने का पूर्ण अधिकार होना माना है। हाईकोर्ट के इस निर्णय को पूर्व प्रमुख सचिव अमन सिंह की करारी हार के रूप में देखा जा रहा है।

22-05-2020
छत्तीसगढ़ सरकार ने किया 23 मई को छुट्टी का ऐलान, जीएडी ने जारी किया आदेश

रायपुर। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर छत्तीसगढ़ सरकार ने शनिवार 23 मई को पूरे प्रदेश में अवकाश की घोषणा की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर प्रदेश में हर शनिवार और रविवार को पूर्ण लॉक डाउन रखने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। इसे ध्यान में रखते हुए 23 मई शनिवार के लिए सामान्य अवकाश की घोषणा की गई है।

21-05-2020
किसानों के हक की कमाई देकर सरकार कोई अहसान नहीं कर रही : भाजपा

रायपुर। भाजपा संसद सदस्य चुन्नीलाल साहू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शुरू से ही अपने किसान विरोधी चरित्र का प्रमाण दिया है। धान खरीदी की शुरूआत से ही प्रदेश सरकार किसानों से एक तरह की दुश्मनी भंजाती नजर आई है। धान मूल्य की अंतर राशि किसानों के गाढ़े पसीने और जायज हक की कमाई है,जिसे देकर हुए प्रदेश सरकार किसानों पर कोई अहसान नहीं कर रही है।चुन्नीलाल साहू ने कहा कि पहले खरीदी को एक माह टाल दिया,फिर धान का रकबा घटा दिया, टोकन देने के लिए नित-नए तुगलकी फरमान जारी कर किसानों को परेशान किया, बारदाना तक देने में आनाकानी की। फिर धान भंडारण को लेकर किसानों पर छापेमारी कर किसानों को अपराधी साबित करने का शर्मनाक कृत्य किया। कुल मिलाकर, सरकार ने किसानों के आत्म-सम्मान को लहूलुहान करने का काम किया। साहू ने कहा कि आज भी किसान अपना धान बेचने के लिए परेशान हो रहा है और सरकार उसके हक के पैसे देने में जी चुरा रही है।

 

21-05-2020
सूदखोरों के खिलाफ कार्यवाही करे सरकार : शुभम साहू

रायपुर। छत्तीसगढ़ नागरिक अधिकार संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की है कि सूदखोरों के खिलाफ कठोर व दंडात्मक कार्यवाही की जाए। समिति के अध्यक्ष शुभम साहू ने कहा है कि विगत वर्ष इस मुद्दे पर राजधानी में पुलिस प्रशासन द्वारा की गई कड़ी कार्यवाही के सार्थक परिणाम सामने आए थे। प्रशासन को फिर से एक बड़ा अभियान शुरू करने की जरूरत है। लॉक डाउन में आर्थिक दिक्कतों का सूदखोर लाभ उठा रहे हैं। विशेषकर शासकीय कार्यालयों के छोटे कर्मचारियों के मध्य इन्होंने चतुराई से जाल बिछा रखा है। प्रतिमाह उनके नियमित वेतन से बड़ी भारी राशि वसूल कर रहे हैं। सूदखोरी के इस अवैध कारोबार ने सारे नियम कायदों को तोड़ दिया है और जरूरतमन्दों विशेषकर गरीब जनता से ऊंची ब्याज दरों में वसूली की जा रही है। छग नागरिक अधिकार समिति ने अतिशीघ्र इस दिशा में उचित कार्यवाही नहीं किये जाने की स्थिति में समस्त पीड़ितों के साथ मिलकर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।  

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