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25-04-2020
संस्कृति संचालक अनिल कुमार साहू की सेवाएं वन विभाग को वापस

रायपुर। राज्य शासन ने संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक अनिल कुमार साहू की सेवाएं तत्काल प्रभाव से वन विभाग को वापस सौंप दी है। अनिल कुमार साहू भारतीय वन सेवा के 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनकी सेवाएं वन विभाग को वापस करने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर से आदेश जारी कर दिया गया है।

 

23-04-2020
विलुप्त हो रही संस्कृति को पुनर्जीवित करने सुखनंदन की पहल, लाॅक डाउन के दौरान आरामदायक मचोली बनाने में जुटा

महासमुंद। विलुप्त हो रही संस्कृति को पुनर्जीवित करने की सुखनंदन ढीमर की पहल की सराहना हो रही है। लाॅक डाउन के दौरान वह पटसन(पटवा) की रस्सी से आरामदायक मचोली(चारपाई) तैयार करने में जुटा है। इसकी डिमांड भी शुरू हो गई है। खरोरा निवासी सुखनंदन ढीमर बढ़ाई का काम करता है। लाॅक डाउन के दौरान वह अब अपने समय को चारपाई बनाने में काट रहा है। उनका कहना है कि ग्रामीण इलाकों में चारपाई घरेलू इस्तेमाल की वस्तुओं में महत्वपूर्ण रही है। पर अब चारपाई का स्थान आधुनिक डबल बेड पलंग और फोल्डिंग पलंग व तखत आदि ने ले लिया है। फैशन की वजह से चारपाई की उपयोगिता विलुप्त हो रही है। जबकि इसमें ज्यादा आराम मिलता है। विलुप्त होती जा रही पुरातन संस्कृति की धरोधर को बचाए रखने के लिए इस सराहनीय कदम की सराहना हो रही है। समाजसेवी दाउलाल चंद्राकर का कहना है कि इससे आने वाली युवा पीढ़ी उनकी संस्कृति को जान सकेगी। उन्होंने बताया कि सुखनंदन के बनाए हुए चारपाई की डिमांड भी है और लोग खरीदने भी पहुंच रहे हैं।

लोककला का अद्भूत व अनूठा नमूना है चारपाई :

लोकजीवन में खाट एवं चारपाई वह साधन है जिसको मनुष्य सोने के लिए प्रयोग में लाता है। समाजसेवी दाउलाल चंद्राकर का कहना है कि खाट में चार पायों का प्रयोग होता है, जिसकी बदौलत इसका नामकरण चारपाई पड़ा है। जब से मनुष्य नेे बुद्धि एवं कौशल का प्रयोग करना शुरु किया है, तभी से खाट की परम्परा भी शुरु हुई। लेकिन पाश्चात्य सभ्यता से इसका चलन समाप्त होते जा रहा है।

ऐसी बनती है रस्सी :

पटवा(पटसन) को भूमि की सतह से पौधे काट लिए जाते हैं। ऐसी कटी फसल को दो तीन दिन सूखी जमीन में छोड़ देते हैं, जिससे पत्तियाँ सूख या सड़ कर गिर पड़ती हैं। तब डंठलों को गठ्ठरों में बाँधकर पत्तों, घासपातों, मिट्टी आदि से ढँककर छोड़ देते हैं। फिर गठ्ठरों से कचरा हटाकर उनकी शाखादार चोटियों को काटकर निकाल लेते हैं। अब पौधे गलाए जाते हैं। बाद इसके डंठल से रेशे बड़ी सरलता से निकाले जा सकते हैं तब डंठल को पानी से निकाल कर रेशे अलग करते और धोकर सुखाते हैं।

21-04-2020
संस्कृति मंत्री भगत ने केन्द्रीय मंत्री को लिखा पत्र,छत्तीसगढ़ में दूरदर्शन से 24 घंटे प्रसारण का किया अनुरोध

रायपुर। संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र भेजकर छत्तीसगढ़ में दूरदर्शन के कार्यक्रम को नियमित रूप से 24 घंटे प्रसारण कराने का अनुरोध किया है। मंत्री भगत ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ में दूरदर्शन पर प्रसारण का समय सीमित है साथ ही अधिकतर कार्यक्रम दिल्ली अथवा अन्य केन्द्रों से रिले होते है। छत्तीसगढ़ में राज्य की कला, संस्कृति पर आधारित स्थानीय स्तर पर तैयार कराए जाने वाले कार्यक्रम भी अत्यंत सीमित है। इस कारण राज्य के कलाकारों को दूरदर्शन पर प्रस्तुति के अवसर कम मिलते है और यहां की कला संस्कृति के प्रेमी दर्शकों को भी देखने के लिए स्थानीय कला सामग्री भी कम मिलती है। छत्तीसगढ़ कला एवं संस्कृति की दृष्टि से अत्यधिक संपन्न राज्य है। यहां पारंपरिक लोक कलाओं के साथ कला, साहित्य के विभिन्न आयाम है। जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित है। छत्तीसगढ़ की जनता कला प्रेमी है और कलाओं का सम्मान करती है। मंत्री भगत ने छत्तीसगढ़ में दूरदर्शन के कार्यक्रम नियमित रूप से 24 घंटे प्रसारण कराने के आग्रह के साथ ही स्थानीय स्तर पर कलाकारों के कार्यक्रम तैयार कराने के साथ ही दूरदर्शन तथा अन्य स्रोतों से प्रदर्शन योग्य सामग्री का प्रसारण कराने और छत्तीसगढ़ में प्रति सप्ताह 2 आंचलिक छत्तीसगढ़ी फिल्मों का प्रदर्शन कराने का आग्रह किया है। भगत ने इस दिशा में छत्तीसगढ़ के संस्कृति विभाग की ओर से हर संभव सहयोग की बात कही है।

 

02-03-2020
इस अभिनेत्री पर लगा असम की संस्कृति के अपमान का आरोप...

मुंबई। बॉलीवुड अदाकारा यामी गौतम के ऊपर असम की संस्कृति का अपमान का आरोप लगा है। इसकी वजह से वो सवालों के घेरे में हैं। यामी पर असम राज्य की संस्कृति का प्रतीक माने जाने वाले 'गमोसा' का अपमान करने का आरोप लगा है। बता दें कि 'गमोसा' लाल और सफेद रंग का एक गमछा होता है,जिसे सम्मान के तौर पर भेंट किया जाता है, खासकर के तब जब कोई राज्य में अतिथि आता है। दरअसल रविवार को यामी गौतम असम गई थीं। यामी जैसे ही एयरपोर्ट से बाहर आईं, उनके एक फैन ने उन्हें 'गमोसा' ओढ़ाने की कोशिश की लेकिन यामी को कुछ समझ नहीं आया और उन्होंने उस व्यक्ति का हाथ वहीं जोर से झटक दिया। यामी के असिस्टेंट ने भी उस शख्स से कहा कि वो एक्ट्रेस से दूर रहे। इस पूरी घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर आया, लोग यामी को ट्रोल करने लगे और उन पर असम की संस्कृति और परंपरा का अपमान करने का आरोप लगाने लगे।

इस पर यामी ने अपनी सफाई भी पेश की है। उन्होंने इस बारे में एक पोस्ट भी शेयर किया है। अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि मेरी प्रतिक्रिया सिर्फ सेल्फ डिफेंस थी, मुझे समझ नहीं आया था कि वो इंसान अचानक मेरी ओर क्यों बढ़ रहा है, एक महिला होने के नाते जब कोई मेरे बहुत करीब आने की कोशिश करता है, तो मैं असहज हो जाती हूं लेकिन मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहती थी। यामी ने आगे लिखा है कि मुझे तो 'गमोसा' जैसी किसी परंपरा के बारे में पता ही नहीं था, अगर मैं इसके बारे में जानती तो मैं ऐसा क्यों करती,मैं तो खुद इस सम्मान पाकर खुद को गौरवान्वित भी महसूस करती। यामी ने कहा मैं तीन बार असम होकर आई हूं और हर बार मुझे यह बहुत ज्यादा खूबसूरत लगता है। उन्होंने यहां के लोगों के प्रति अपना आभार भी व्यक्त किया है।

 

14-02-2020
 माता पिता के प्रति आदर व सम्मान की भावना को विकसित करने मनाया गया मातृ पितृ दिवस

रायपुर। वेस्टर्न कल्चर में प्रेम के त्योहार वैलेंटाइन डे के विरोध स्वरूप मनाया जाने वाला मातृ पितृ दिवस राजधानी में भी धूमधाम से मनाया गया। इसकी शुरुआत संत आसाराम ने शुरू की थी और उनके अनुयायी इसे माता पिता को समर्पित कर उनके सम्मान में हर साल 14 फरवरी को ही मनाते है। मातृ पितृ दिवस मनाने का उद्देश्य समाज मे माता पिता के प्रति सम्मान व आदर की भावना को विकसित करना है। इसके साथ ही ये पश्चिमी सभ्यता के त्योहार वैलेंटाइन डे का हिन्दू रीति रिवाज से जवाब भी है। मरीन ड्राइव में आज बच्चों ने भी इस कार्यक्रम मे योग व संस्कृति का प्रदर्शन कर माता पिता की सेवा का संकल्प लिया। रायपुर साधक परिवार के सदस्य दिनेश ने बताया कि संत आसाराम बापू की प्रेरणा से मातृ पित्र दिवस हर साल मनाया जाता है। ये हमे योग्य बनाने वाले माता पिता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन भी है।                                                                                                                                              

10-02-2020
बजट सत्र के शुरु होते ही दी जाएगी समर्थन मूल्य की शेष राशि: रविन्द्र चौबे

गरियाबंद। राजिम माघी पुन्नी मेला में धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के संगम के साथ ही विभिन्न सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। मेले के दूसरे दिन सोमवार को विशाल किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। राजिम पुन्नी मेला के बदले हुए स्वरूप पर खुशी जताते हुए कहा की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा अनुरूप जिला प्रशसन ने बेहतर कार्य किया है। उन्होंने कहा की हमारी सरकार किसानों के साथ हमेशा खड़ी है। किसानों के हित के लिए पैसे की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने बताया की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, किसानों का कर्ज माफ और अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 37 हजार करोड़ रूपये किसानों के हित में खर्च किये है। कृषि मंत्री ने बताया की आने वाले बजट सत्र के आरंभ होते ही समर्थन मूल्य की अंतर की राशि 685 रूपये प्रति क्विंटल किसानों के खातों में डाल दिए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि इंद्रावती, पैरी, अरपा, हसदेव, आदि नदियों के पानी को किसानों के खेतों तक पहुंचाया जायेगा। इसके लिए सरकार योजना लागू कर रही है। उन्होंने बताया की आने वाले समय में महात्मा गांधी के नाम से उद्यानिकी विश्वविद्यालय खोेला जायेगा। सम्मेलन की अध्यक्षता अभनपुर विधायक धनेन्द्र साहू ने किया।




 

21-01-2020
ग्राम स्वराज से मिलेंगे रोजगार के अवसर: भूपेश बघेल

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को बिलासपुर में पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान और भविष्य में होने वाले सामाजिक बदलाव और परिस्थिति की चुनौतियों को ध्यान में रखकर शिक्षा के मापदण्ड बनाने की आवश्यकता है, तभी हम श्रेष्ठ बने रह सकते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज देश में मंदी का दौर है और रोजगार के अवसर की कमी हो रही है। ऐसे समय में ग्राम स्वराज की दिशा में चलकर आत्मनिर्भरता प्राप्त की जा सकती है। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों की परीक्षाओं में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 48 स्वर्ण पदक सहित उपाधियां प्रदान की गई। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और राज्यपाल अनुसुईया उइके ने की। उन्होंने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के भव्य प्रवेश द्वार और छात्रावास भवन का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति, विश्वविद्यालय कार्यपरिषद, विद्या परिषद के सदस्य, अध्ययन मंडलों के अध्यक्ष, प्राचार्य, प्राध्यापक,अधिकारी-कर्मचारी, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।

राज्यपाल उइके ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण अंचल के निवासियों की भाषा, संस्कृति, सामाजिक संरचना तथा पर्यावरणीय ज्ञान पर अनुसंधान किया जाये तो कई ऐसे तथ्य सामने आएंगे, जो हमारे समाज को और अधिक बेहतर बनाने में सहायक होंगे। इस विश्वविद्यालय द्वारा दूरस्थ अंचलों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने का जो प्रयास किया जा रहा है, यह सराहनीय है। यह विश्वविद्यालय महिला अध्ययन केन्द्रों की स्थापना कर महिलाओं को सशक्त बनाने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। यह भी एक अच्छा प्रयास है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अकादमिक स्तर, पाठ्यक्रम में लगातार सुधार, पुस्तकों का प्रकाशन, नियमित समय पर परीक्षाएं आयोजित कर परिणामों की घोषणा एवं डिग्रीयों को राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपाजिट्री (एनएडी) में ऑनलाईन अपलोड करने तथा आवश्यकताओं के अनुरूप तीव्र गति से आधारभूत ढांचा विकसित करने के प्रयास किये गए है। पर्यावरण की दृष्टि से भी सोलर सिस्टम और जल संग्रहण के लिये तालाब का निर्माण किया गया है। इसके लिये उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि जो छात्र-छात्राएं अपने महाविद्यालय की नियमित पढ़ाई छोड़ जाते है। यह विश्वविद्यालय उन्हें पढ़ाई पूरी कर डिग्री हासिल करने का अवसर दे रहा है। उन्होंने कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा छत्तीसगढ़ के लेखक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व समाज सुधारक थे। आजादी की लड़ाई के समय अछूतोद्धार का कार्य छत्तीसगढ़ में किया। उनके नाम पर यह विश्वविद्यालय रखा गया है। विद्यार्थियों से कहा कि उनसे प्रेरणा लेकर अपने जीवन संग्राम में विजयी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पर्यावरण की चिंता सबको है। पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। छत्तीसगढ़ में 44 प्रतिशत जंगल है। यह देश का 12 प्रतिशत हिस्सा है, लेकिन पूरे देश को ऑक्सीजन देने का काम हमारा राज्य कर रहा है। इस योगदान का आंकलन राष्ट्रीय स्तर पर होना चाहिये। उन्हांेनेे कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का उज्ज्वल भविष्य इंतजार कर रहा है। समारोह में स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.वंशगोपाल सिंह और आभार प्रदर्शन कुलसचिव इंदु अनंत ने दिया। 

 

19-01-2020
मंत्री अमरजीत और अनिला भेंडि़या ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष, उपाध्यक्ष को दी बधाई  

रायपुर। खाद्य, संस्कृति एवं बालोद जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडि़या ने रविवार को नगर पालिका परिषद बालोद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुई और उन्हें बधाई  दी। इस मौके भगत ने नगर पालिका परिषद बालोद के विभिन्न वार्डों में डामरीकरण कार्य का शिलान्यास किया। महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडि़या ने कहा कि बालोद नगर की जनता ने जो विश्वास और भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरें और नगर के विकास को नई दिशा प्रदान करें। विधायक संगीता सिन्हा और रामकुमार यादव ने भी समारोह को सम्बोधित किया। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद बालोद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष विकास चोपड़ा, उपाध्यक्ष अनिल यादव व पार्षदों सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।

 

11-01-2020
एनआईटी का कोड उत्सव 18 और 19 जनवरी को

रायपुर। नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एनआईटी में 18 और 19 जनवरी को कोर्ट उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश के विभिन्न कॉलेजों और संस्थाओं की लगभग 30 टीमें हिस्सा लेंगी। कार्यक्रम के माध्यम से तकनीकी समाधान से समस्याओं को ढूंढने का कार्य किया जाएगा। 11 जनवरी को कॉम्पिटेटिव प्रोग्रामिंग वर्ग कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है,जिसमें ममता कुमारी मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहेंगे। कार्यशाला में युवाओं को प्रतिस्पर्धा प्रोग्रामर के रूप में अपनी यात्रा शुरू करने की दिशा में मार्गदर्शन दिया जाएगा।

 

 

10-01-2020
राजधानी में लगेगा युवाओं का महाकुंभ, उमेश पटेल ने लिया जायजा

 रायपुर। राजधानी रायपुर में युवाओं का महाकुंभ लगेगा। राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में छत्तीसगढ़ की संस्कृति की छटा बिखरेगी। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की पारम्परिक नृत्य, खेल, लोकगीत, चित्रकला, क्विज, छत्तीसगढ़ी व्यंजनो, फैशन प्रतियोगिता सहित विभिन्न आयोजन होंगे। लगभग 7 एकड़ में फैले विशाल साइंस कॉलेज मैदान में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 14 जनवरी तक चलने वाले इस महोत्सव का शुभारंभ राज्यपाल अनुसुईया उइके करेंगी। शुभारंभ समारोह दोपहर 12 बजे होगा। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत सहित मंत्रिमंडल के सदस्य शामिल होंगे ।  खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल के मार्गदर्शन में साईंस कॉलेज मैदान में राज्य स्तरीय युवा महोत्सव की तैयारी युद्ध स्तर पर जारी है। आज उन्होंने तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। युवा महोत्सव की प्रतियोगिताएं साईंस कॉलेज मैदान के अलावा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, विज्ञान महाविद्यालय ऑडिटोरियम, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय का प्रेक्षागृह एवं खेल मैदान में आयोजित होगी। 

 साइंस कॉलेज मैदान में बनाए गए मुख्य मंच में 4000 से अधिक दर्शक इस महोत्सवका आनंद ले सकेंगे। मुख्य मंच लगभग 18000 वर्ग फीट में बनाया गया है। मुख्य मंच के पीछे ग्रीन रूम बनाया गया है। इसके समीप ही एक मंच मुक्ताकाशी मंच और एक अन्य मंच तैयार किया गया है। जहां लोक नृत्यों की प्रतियोगिता होगी। मुक्ताकाशी मंच में राउत नाचा, बस्तरिया नाच, भौंरा और फुगडी प्रतियोगिता होगी। 

क्विज और चित्रकला प्रतियोगिता
युवा महोत्सव में युवाओं के लिए क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। यह प्रतियोगिता खेल संचालनालय के ऊपरी मंजिल में स्थित हाल में आयोजित होगी। इसमें यहां आने वाले युवा इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेगें।युवा महोत्सव में चित्रकला में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए चित्रकला प्रतियोगिता प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही चित्रकला की प्रतियोगिता 12 जनवरी को खेल संचालनालय के ऊपरी मंजिल में होगी। इस प्रतियोगिता में 32 युवा भाग ले रहे है। चित्रकला प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति पर आधारित होगी।

 

छत्तीसगढ़ी फैशन प्रतियोगिता
छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति पर आधारित पारंपरिक परिधानों की फैशन प्रतियोगिता का भी आयोजन होगा। इस प्रतियोगिता में युवा छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वेशभूषा में अपनी प्रस्तुति देंगे। युवाओं के लिए वाद विवाद प्रतियोगिता का भी आयोजन इस दौरान किया जाएगा। तात्कालिक भाषण की प्रतियोगिता 13 जनवरी को पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में आयोजित की जाएंगी। इस प्रतियोगिता में 29 प्रतिभागी शामिल होंगे।

छत्तीसगढ़ी व्यंजनों पर फूड फेस्टिवल
महोत्सव में खेल परिसर के डोम में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों पर आधारित फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। इसमें छत्तीसगढ़ी फरा, चीला, ठेठरी, खुर्मी, बड़ा, भजिया, सोहारी, अरसा सहित अन्य व्यंजनों की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। 
 

पारम्परिक खेल
  युवा महोत्सव के दौरान पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के खेल परिसर में छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेलों का आयोजन किया जाएगा। खो-खो, कब्बड्डी प्रतियोगिता में महिला और पुरुष वर्ग में सभी 27 जिलों के युवा भाग लेंगे।  खो-खो में 65, कबड्डी में 67, गेड़ी दौड़ में 23 टीम भाग लेगी। ये प्रतियोगिताएं 12 और 13 जनवरी को होगी। शास्त्रीय संगीत और नृत्य महोत्सव में शास्त्रीय नृत्य और संगीत की प्रतियोगिता पंडित दीनदयाल ओडिटोरियम में किया जाएगा। महोत्सव के दौरान मणिपुरी ऑडिसी भरतनाट्यम कथक कुचिपुड़ी नृत्य की प्रस्तुति भी युवाओं द्वारा दी जाएगी इसमें 52 प्रतिभागी शामिल होंगे । शास्त्री गायन की प्रतियोगिताएं 12 जनवरी को दोपहर 1 बजेे से रात्रि 9 बजे तक पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में होंगी। 13 जनवरी को यह प्रतियोगिता सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक होगी। 

विकास प्रदर्शनी 
   आयोजन स्थल पर प्रदेश में हुए विकास कार्यों की एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कवर्धा जिले के सुप्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर की प्रतिकृति भी बनाई जा रही है। प्रदर्शनी स्थल पर जनसंपर्क विभाग द्वारा छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस प्रदर्शनी में राज्य में गठित नई सरकार द्वारा पिछले 1 साल में हुए विभिन्न कार्यों को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा । इसके अलावा संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के पर्यटन एवं पुरातात्विक स्थलों के संबंध में प्रदर्शनी भी लगायी जाएगी। 


कौशल विकास और रोजगार मार्गदर्शन
    प्रदर्शनी स्थल पर युवाओं के रोजगार संबंधी मार्गदर्शन के लिए रोजगार कार्यालय द्वारा विशेष स्टॉल बनाया जाएगा। यहां युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप शासकीय एवं निजी संस्थानों में रोजगार प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इसके अलावा कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए मार्गदर्शन की व्यवस्था रहेगी। 

प्रतिभागियों के लिए 195 बसों की व्यवस्था
     युवा महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले प्रतिभागियों के लिए साईंस कॉलेज मैदान आने एवं जाने के लिए 195 बसों की व्यवस्था की गई है। संबंधित जिले के नोडल अधिकारी युवाओं को निर्धारित स्थान में लाने और वापस ले जाने की व्यवस्था करेंगे। प्रत्येक दो जिलों के लिए राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को नोडल बनाया गया है और प्रत्येक जिलों के दलों के लिए डीएसपी रैंक के अधिकारियों को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए। 7000 से अधिक प्रतिभागियों के भोजन की व्यवस्था के लिए तीन विशाल डोम बनाए गए है प्रत्येक डोम में एक साथ 2000 लोगों की खाने की व्यवस्था रहेगी खाने में युवाओं को लजीज व्यंजन सहित छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसा जाएगा। 
 

सुरक्षा के लिए लगभग 3000 जवान तैनात
       महोत्सव के दौरान कानून व्यवस्था और सुरक्षा के लिए 3000 से अधिक जवान तैनात रहेंगे। यह जवान ना सिर्फ सुरक्षा का कार्य करेंगे बल्कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले कलाकारों का भी आत्मीय स्वागत करेंगे जिससे पुलिस की एक बेहतर छवि बन सके। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दौरान भी पुलिस जवानों ने देश-विदेश से आए कलाकारों का स्वागत और उनकी सुविधाओं का ख्याल रखकर एक बेहतर उदाहरण प्रस्तुत किया था।

 मीडिया सेंटर और पुलिस सहायता केन्द्र 

आयोजन स्थल पर मुख्य मंच के बगल में मीडिया सेंटर भी बनाया गया है जिससे मीडिया कर्मी और मीडिया से जुड़े शासकीय विभागों के अधिकारी सूचनाओं का आदान-प्रदान आसानी से कर सकेगें। मीडिया सेंटर में कंप्यूटर इंटरनेट की सुविधा भी रहेगी मीडिया सेंटर के बगल में ही पुलिस सहायता केंद्र बनाया गया है। इसी के नजदीक ही आपात चिकित्सा केंद्र होगा जहां चिकित्सकों का दल तैनात रहेगा। युवा महोत्सव के आयोजन के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कंट्रोल रूम भी यहां मनाया गया है।

12 जनवरी को होंगे विभिन्न कार्यक्रम
12 जनवरी को खेल संचालनालय परिसर के मुख्य मंच में करमा नाच, द्वितीय मंच में लोक नृत्य तथा ओपन मंच में राउत नाचा का आयोजन होगा। खेल संचालनालय के ऊपर के हॉल में दोहपर 1 बजे शाम 6 बजे तक निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता होगी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में दोपहर 1 बजे से शाम 6.30 बजे तक लोकगीत (1500 सीटर हॉल में), शास्त्रीय हिन्दुस्तानी और कर्नाटक संगीत (100 सीटर हॉल में), गिटार और सितार वादन (60 सीटर हॉल में) की प्रतियोगिताएं हांेगी। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रेक्षागृह में दोपहर 1 बजे से रात्रि 7 बजे तक एकांकी नाटक और विज्ञान महाविद्यालय ऑडिटोरियम में दोपहर 1 बजे से रात्रि 8 बजे तक तबला वादन की प्रतियोगिता होगी। विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता परिसर के खुले मैदान में दोहपर 1 बजे से निरंतर खेल खो-खो (महिला एवं पुरूष), कबड्डी (महिला) का आयोजन होगा।

09-01-2020
Breaking: छेरछेरा पर्व से भाजपा 'भात पर बात' अभियान की कर रही शुरुआत

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी गांव-गांव तक भात पर बात करने जा रही है। इसकी शुरूआत छेरछेरा पर्व से की जा रही है। यह जानकारी गुरूवार को यहां भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने दी। उन्होंने कहा कि 20,000 गांवों तक जन आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छेरछेरा पर्व हमारे छत्तीसगढ़ की संस्कृति है और इस दिन मूलत: अन्नदान किया जाता है। कांग्रेस सरकार ने धान खरीदी के नाम पर किसानों को रूलाया है और माता अन्नपूर्णा का अपमान किया है। छत्तीसगढ़ की जनता और किसान सब समझ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि सही किसानों का हजारों क्विंटल धान जब्त किया जा रहा है। सरकार के पास इसके अलावा कोई काम नहीं है।

 

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