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04-07-2020
कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के लिए कुछ बदलाव जरूरी हैं : चंद्रशेखर शर्मा

रायपुर। काँग्रेस पार्टी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने वाले कांग्रेस चिंतक और समाजसेवी रायपुर निवासी चंद्रशेखर शर्मा ने काँग्रेस पार्टी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मीडिया के माध्यम से अपने निजी विचार रखते हुए कहा है कि, आंदोलन से निकली हुई पार्टी को अपने मूलभूत सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र की मौजूदा मोदी सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ अभियान शुरू करते हुए अब जन आंदोलन और जेल भरो आंदोलन करने की अत्यधिक आवश्यकता है। काँग्रेस पार्टी को अपने अभियान को सफल बनाने के लिए सर्वप्रथम संगठन में अमूलचूल परिवर्तन करने की अत्यधिक आवश्यकता है,जिसके तहत राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर अनुभव और जोश का समीकरण बनाने की जरूरत है। आज सर्वाधिक आवश्यकता है, कि काँग्रेस पार्टी की कमान युवा वर्ग के हाथ में हो इसके साथ ही अनुभव और मार्गदर्शन का भी समावेश हो।

चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि काँग्रेस पार्टी में गांधी परिवार एक मजबूत धागे का काम करता है जिसने तमाम काँग्रेस जनों और काँग्रेसी विचारधारा वाले लोगों को एक साथ पिरोकर रखा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए राहुल गांधी को काँग्रेस अध्यक्ष बनाते हुए राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर ज्यादा से ज्यादा युवाओं को संगठन में शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही काँग्रेस पार्टी को इस युवा वर्ग को मार्गदर्शन देने के लिए एक मार्गदर्शक मंडल का गठन करना चाहिए जिसमें काँग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह, पी. चिदंबरम, एके एंटनी जैसे और भी अनुभवी लोगों समूचे देश से चुनाव करके शामिल करना चाहिए। इसी प्रकार प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर पर भी संगठन में अनुभव और जोश का समीकरण बनाने की जरूरत है। काँग्रेस पार्टी को ऐसे लोगों को संगठित करने की अत्यधिक आवश्यकता है जो कि पार्टी के नाम का उपयोग अपने निजी स्वार्थ के बजाय जनसेवा के करें। संगठन में शामिल किए जाने वाले सभी लोगों की कार्यकुशलता का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए न कि किसी नेता की सिफारिश पर।

24-06-2020
जाएँ तो कहाँ जाएँ? आखिर अभिभावक किससे लगाएँ गुहार? : प्रकाशपुंज पाण्डेय 

समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने पुनः एक बार वर्तमान स्थिति को देखते हुए मीडिया के माध्यम से आम जनता, प्रशासन और शासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि जहाँ एक ओर नोटबंदी के बाद से ही देश की जनता आर्थिक संकट से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर कोरोनावायरस के प्रकोप के कारण हुए देशव्यापी लॉकडाउन के कारणवश अब ये आर्थिक स्थिति बद से बदत्तर हो चुकी है। लेकिन चिंता की बात यह है कि इस विपरीत स्थिति में भी कुछ लोग, कुछ संस्थान और कुछ संगठन, मानवता और संवेदनशीलता पूरी तरह से भूल चुके हैं। यहां तक की यह लोग, यह संगठन और यह संस्थान सरकारी नियमों का भी पालन नहीं कर रहे हैं और पूरी तरह से केवल पैसे के लिए सरकारी फ़रमान की अनदेखी कर रहे हैं और लोगों को मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने और सभी प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने देशवासियों को आश्वस्त किया था की कोरोनावायरस के कारण हुए देशव्यापी लॉक डाउन में कोई किसी से किराया नहीं लेगा, कोई किसी पर दबाव नहीं डालेगा, कोई सरकारी या गैर सरकारी स्कूल या कॉलेज अभिभावकों पर फीस के लिए कोई दबाव नहीं डालेंगे ना ही कोई मैसेज या कॉल करेंगे, लोग वर्क एट होम कर पाएंगे लेकिन उनकी पगार नहीं कटेगी। लेकिन ज़मीनी हकीक़त कुछ और ही है। असल बात यह है कि लोगों की नौकरियाँ चली गईं, किरायेदारों ने मकान मालिकों के दबाव के कारण या तो अपने सामान बेचकर किराया दिया या तो घर छोड़कर जाने को मजबूर हुए, बैंकों ने ईएमआई सुचारू रूप से वसूल की नहीं तो लोगों को भारी भरकम पेनल्टी भरने की चेतावनी दी, मजदूर काम नहीं होने के कारण अपने अपने घरों को जाने के लिए जूझते रहे जो कि पूरे देश ने देखा और स्कूल व कॉलेज अभिभावकों को निरंतर मैसेज भेजते रहे और आज भी भेज रहे हैं कि वह स्कूल की फीस जमा करवाएं। इन स्कूल व कॉलेजों में न केवल प्राइवेट बल्कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित स्कूल भी अभिभावकों को मैसेज व कॉल कर रहे हैं।     

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि अब प्रश्न यह उठता है कि यह अभिभावक किस से गुहार लगाएं, किसकी शरण में जाएं, क्योंकि सरकारें अपने अधिकारियों को आदेश तो जारी करने के लिए बोलती हैं लेकिन कभी यह नहीं देखतीं कि क्या उन आदेशों का सुचारू रूप से पालन हो रहा है? देश में यह जो स्थिति उत्पन्न हुई है उसका सबसे बड़ा कारण यह है कि ना सरकारी नीति सही है ना नियम सही है और सरकारी नियमों और आदेशों का क्रियान्वयन सही प्रकार से हो रहा है या नहीं उस पर ना कोई अंकुश है और न ही उनका सुपरविजन हो पा रहा है। 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि  प्राइवेट स्कूल कॉलेजों के साथ ही, केंद्रीय विद्यालय जैसे संगठन भी अभिभावकों को फीस भरने के लिए मैसेज भेज रहे हैं जो कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित है। अब मैं मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और छत्तीसगढ़ राज्य के शिक्षा मंत्रियों से यह प्रश्न करता हूं कि जब देश में कोरोनावायरस के प्रकोप के कारण हुए लॉकडाउन के बाद आर्थिक संकट उत्पन्न हुआ है, लोगों के पास अपने जीविकोपार्जन के लिए पैसे नहीं हैं तो उस सूरत में लोग अपने बच्चों की स्कूल फीस कैसे भरें और जब सरकारें कह रही हैं कि फिलहाल फीस भरने की जरूरत नहीं है तो यह प्राइवेट और सरकारी शैक्षणिक संगठन किस आधार पर अभिभावकों को फीस देने के लिए मैसेज भेज रहे हैं। यह विचारणीय है। इस पर कृपया ध्यान दें नहीं तो देश में बहुत ही विकराल स्थिति पैदा हो जाएगी, साथ ही मैं मांग करता हूं की एक ऐसी टीम का गठन किया जाए जो कि देश में सभी प्रकार के निर्देशों और आदेशों के पालन और क्रियान्वयन का सुपरविजन करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि क्या केंद्र और राज्य की योजनाएं और नियमों का पालन सही प्रकार से हो पा रहा है या नहीं? क्या वाकई जनता को इन नियमों आदेशों और योजनाओं से लाभ मिल पा रहा है या नहीं!

17-06-2020
जब देश में इंटरनेट ही सुचारू रूप से काम नहीं कर रहा है तो ऑनलाइन स्टडीज और डिजिटल पेमेंट कैसे हो पाएंगी?: पाण्डेय

समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने मीडिया के माध्यम से देश की जनता और सरकार के सामने एक अहम मुद्दे पर ध्यानाकर्षण करते हुए कहा है कि एक तरफ जहाँ केंद्र सरकार देश में डिजिटल पेमेंट पर जोर दे रही है, साथ ही कोरोना काल में स्कूल, कॉलेजों के बंद होने के कारण ऑनलाइन स्टडीज़ शुरू हैं और ऑफिसों के सुचारू रूप से शुरू ना हो पाने के कारण 'वर्क एट होम' का काम शुरू है। ऐसी सूरत में जब देश में इंटरनेट की सुविधा ही सुचारू रूप से कार्यान्वित नहीं रहेगी तो सरकार जो यह सब बातें कह रही है वो कैसे मुमकिन होंगी? 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा है कि सरकार एक तरफ बड़ी-बड़ी घोषणाएँ करती है और उसे मीडिया के माध्यम से करोड़ों रुपए खर्चा करके प्रचारित व प्रसारित भी करती है। लेकिन ऐसी किसी घोषणाओं का फायदा जनता को नहीं हो पाता है क्योंकि इन घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए जो काम किए जाने चाहिए वह कहीं ना कहीं ना कहीं नाकाफ़ी दिखाई देते हैं। सरकार को चाहिए की जो सेल्यूलर कंपनियां इंटरनेट की सुविधाएँ जनता को उपलब्ध करवा रहे हैं उन पर TRAI(Telecom Regulatory Authority of India), के आदेशों के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए जनता के हित में इंटरनेट सुविधाओं को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए आदेश दें और जो ऐसा काम नहीं कर पा रहा है उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर देना चाहिए क्योंकि भारत में 4G के नाम पर केवल और केवल लोगों को यह कंपनियां झांसा दे रही हैं क्योंकि स्पीड 2G की भी नहीं आ पा रही है। ऐसे में ना डिजिटल पेमेंट हो पाएंगे, ना ही सर्वर से संबंधित कोई काम हो पाएंगे, नहीं नेटवर्क से संबंधित कोई काम हो पाएंगे और ना ही कोरोना काल में स्कूल कॉलेजेस बंद होने की स्थिति में बच्चों की ऑनलाइन स्टडीज़ हो पाएगी ना ही वर्क एट होम हो पाएगा। मेरा सरकार से निवेदन है कि रोज़मर्रा की इस बेहद महत्वपूर्ण जरूरत पर सरकार तुरंत संज्ञान लेते हुए उचित और कड़ी कार्रवाई करे।

11-06-2020
मानसून आने से पहले खुले और जाम पड़े नालों को ठीक करे नगर निगम : प्रकाशपुंज पांडेय

रायपुर। समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने मीडिया के माध्यम से जनता से जुड़ी एक बड़ी समस्या पर नगर निगम का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि, प्रायः ये देखा जा सकता है कि मानसून आते ही छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर शहर के नाले और नालियाँ और ओवरफ्लो हो जाते हैं और उसमें बह रहा कचरा व कीचड़ सड़कों पर आ जाता है जिससे वहाँ रह रहे लोगों और राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह किसी एक वर्ष का काम नहीं है यह समस्या हर वर्ष आती है। ऐसा नहीं है कि नगर निगम और प्रशासन को इस बारे में पता नहीं है, लेकिन इसके बावजूद ऐसे जरूरी विषय और गंभीर समस्या पर प्रशासन और निगम ध्यान नहीं देता है यह समझ से परे है। प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि रायपुर शहर में ऐसी तमाम रहवासी कॉलोनियां भी हैं जहां जलभराव की समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। एक बारिश में ही यह समस्याएं जमीन के ऊपर दिखने लगती हैं। साथ ही कई कॉलोनियों की सीमा से लगे हुए नाले बहते हैं जो कि खुले हैं और उनसे हमेशा ही बदबू आती रहती है जिससे वहां के रहवासियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रायपुर ही नहीं बल्कि समूचे प्रदेश में जलभराव की समस्या एक बहुत बड़ी समस्या है जिसके कारण शहर में गंदगी फैलती है और बीमारी बढ़ने का डर हमेशा बना हुआ रहता है। गंदगी के कारण मच्छर मक्खी उत्पन्न होते हैं और डेंगू मलेरिया जैसी बीमारियाँ बढ़ जाती हैं। मौजूदा दौर में जब एक तरफ कोरोनावायरस का संकट मौजूद है वहीं दूसरी ओर आने वाले मानसून में नालियों के ओवरफ्लो होने के कारण जलभराव होने से बहुत सी बीमारियाँ जन्म लेंगे?

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से अनुरोध किया है कि जब प्रदेश के लगभग सभी निगमों में कांग्रेस की ही सत्ता है ऐसे में उन्हें एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जनहित में समूचे छत्तीसगढ़ में एक सुचारू और बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट का काम करवा कर समूचे देश में एक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए कि एक अच्छी सरकार कैसे काम करती है, क्योंकि यह समस्या हर साल आनी है और हर साल लोग इस समस्या के कारण परेशानियों का सामना करने को मजबूर होते हैं। यही जनता आप को बड़ी ही उम्मीदों के साथ वोट देकर जिताती है, तो आप का यह कर्तव्य और दायित्व बनता है कि कम से कम यह एक काम करके जनता को राहत प्रदान करें।

08-06-2020
मुख्यमंत्री केजरीवाल की तबीयत खराब, खुद को किया आइसोलेट

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें हल्का बुखार और गले में खराश की शिकायत है। वह इस समय अपने घर में ही आइसोलेट हो गए हैं। उनका कल कोरोना का टेस्‍ट करवाया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार सीएम केजरीवाल को रविवार से ही हल्‍के बुखार की शिकायत है। इस वजह से उन्‍होंने दोपहर में होने वाली मीटिंग भी कैंसिल कर दी थी। उन्‍होंने खुद को आइसोलेट भी कर लिया है। बता दें कि सीएम केजरीवाल रोज दोपहर में दिल्ली में कोरोना मामले को लेकर खुद मीडिया से बात करते रहे हैं। लेकिन बीते दिनों बुखार और गले में खराश की शिकायत के बाद आज उन्होंने दोपहर में होने वाली मीटिंग से खुद को अलग कर लिया है।

दिल्ली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच खुद मुख्यमंत्री की तबीयत खराब होने की खबर से दिल्ली सरकार और स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। इस बीच सीएम केजरीवाल की सेहत को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। बता दें कि किसी राज्य के मुख्यमंत्री के आइसोलेशन में जाने का यह दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की कैबिनेट के एक मंत्री के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद सीएम समेत 3 मंत्रियों को सेल्फ क्वारंटाइन में रखा गया है।

29-05-2020
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- चीन विवाद पर पीएम नरेंद्र मोदी का मूड खराब है, भारत बोला,कब हुई बात

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच इन दिनों लद्दाख सीमा पर तनाव का माहौल है। लद्दाख में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं और बातचीत से विवाद हल होता नहीं दिख रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मूड अच्छा नहीं है। ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच तनातनी को लेकर उन्होंने पीएम मोदी से चर्चा की है। लेकिन विदेश मंत्रालय ने इसे खारिज कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार मंत्रालय का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हाल में कोई बातचीत नहीं हुई है।

दोनों ने आखिरी बार 4 अप्रैल 2020 को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को लेकर बात की थी। इससे पहले गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया था कि भारत सीधे स्थापित तंत्र और राजनयिक संपर्कों के माध्यम से चीन के संपर्क में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-चीन के विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता करने का ऑफर फिर से दोहराया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए यह बात कही। ट्रंप ने कहा कि भारत और चीन के बीच एक बड़ा टकराव चल रहा है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत पंसद करता हूं। भारत और चीन के बीच बड़ा विवाद है। दोनों देशों में 1.4 अरब की आबादी है और दोनों ही देशों की सेनाएं बहुत ही ताकतवर हैं। ऐसे में मौजूदा तनाव से भारत बिल्कुल खुश नहीं है और मुमकिन है चीन भी इससे खुश नहीं होगा।

‘चीन विवाद पर पीएम मोदी का मूड खराब’ :

मीडिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से भारत-चीन के बीच जारी सीमा विवाद को लेकर कई सवाल किए। उनसे जब पूछा गया कि क्या दोनों देशों के बीच सीमा पर चल रही तनातनी से वह चिंतित हैं तो उन्होंने कहा मैं आपको बता दूं कि इस बारे में मैंने पीएम मोदी से बात की है। चीन के साथ जैसा चल रहा है, उसे लेकर वह अच्छे मूड में नहीं हैं। इससे एक दिन पहले ही ट्रंप ने भारत-चीन के सीमा विवाद में मध्यस्थता की पेशकश की थी।
ट्रंप से मध्यस्थता को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस ऑफर को दोहराते हुए कहा अगर मुझसे मदद मांगी जाती है तो मैं मध्यस्थता जरूर करुंगा। इससे पहले ट्रंप ने ट्वीट करते हुए कहा था हमने भारत और चीन को बताया है कि अमेरिका दोनों देशों के सीमा विवाद में मध्यस्थता करने या उस पर फैसला करने के लिए तैयार है। हम इसके इच्छुक हैं और इसके लिए सक्षम भी हैं।

26-05-2020
निर्मला सीतारमण के ड्रामेबाजी वाले तंज पर राहुल गांधी का पलटवार, कही यह बात...

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के तंज का जवाब दिया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के  प्रवासी मजदूरों के साथ वाली तस्वीर पर तंज करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा था, वे ड्रामेबाजी करते हैं,अगर सीरियस होते तो उनका कुछ बोझ उठा लेते।' राहुल गांधी ने जब आज वीडियो कांफ्रेंस में इसपर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, अगर इजाजत मिले तो वह 10-15 मजदूरों का बैग उठाकर पैदल उत्तर प्रदेश निकल जाऐंगे। राहुल गांधी ने कहा, अगर वे मुझे परमिशन दें तो मैं जरूर बैग उठाकर ले जाऊं।' कांग्रेस ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भी राहुल गांधी के इस बयान को साझा किया है। राहुल गांधी ने कहा, 'मजदूरों से बातचीत करने का मेरा लक्ष्य है, उनके दिल के भाव समझना। उनकी जानकारी से मुझे फायदा मिलता है। बाकी मैं मदद करता रहता हूं। रही बात बैग उठाने की, तो वो अनुमति दे तो मैं एक नहीं 10-15 के बैग उठाकर ले जाऊंगा।'

 

 

25-05-2020
झीरमघाटी राजनैतिक नरसंहार के षडयंत्र की सच्चाई सब जानना चाहते हैं : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को झीरम सहित अन्य नक्सल घटना के शहीदों को श्रद्धांजलि देने राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि झीरमघाटी कांड में राजनैतिक नरसंहार किया गया। शहीद आत्माओं को अभी तक न्याय नहीं मिला है। झीरम घाटी कांड के षडयंत्र की सच्चाई को सब जानना चाहते हैं। हमारे सुरक्षाकर्मी बड़ी संख्या में और आम नागरिक भी शहीद हुए थे। मुख्यमंत्री बघेल ने इस दौरान जगदलपुर महाविद्यालय को बस्तर टाइगर महेन्द्र कर्मा के नाम से घोषणा की।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष 25 मई को झीरम श्रद्धांजलि दिवस मनाया जाएगा। आज प्रदेश के सभी शासकीय और अर्धशासकीय कार्यालयों में मनाया गया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि एनआईए को पूर्व राज्य सरकार ने जो जांच सौंपी और उन्होंने अपनी जांच कम्पलीट कर ली,लेकिन जो झीरम घाटी कांड में षंडयंत्र हुआ है उसके बारे में कोई जांच नहीं हुई। जो नक्सली पकड़े गए हैं, एएनआई ने आत्मसमर्पित नक्सलियों का बयान नहीं लिया। जो घटना स्थल पर थे उनसे भी बयान नहीं लिया गया। फूलोदवी नेताम सहित झीरम में घटना स्थल पर उपस्थित साथियों के भी बयान एनआईए ने नहीं लिया। एनआईए जांच ही अधूरी है। इस मामले में जांच पूरी हो, सबका बयान हो, जो तथ्य है सामने आने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना सबसे पहले हवाई यात्रियों से छत्तीसगढ़ में आया। कोरोना महामारी का हम सब ने डटकर सामना किया,जो सफलता मिली है वह सबके सामूहिक प्रयत्नों का परिणाम है। छत्तीसगढ़ के आम नागरिक और छत्तीसगढ़ के शासन के अधिकारी, कर्मचारियों, हमारे सभी जनप्रतिनिधियों, छत्तीसगढ़वासियों हमारे सभी समाजिक संगठनों और सभी औद्योगिक व्यवसायिक संगठनों और साथ ही मीडिया और पत्रकारों,सभी ने मिलकर कोरोना से सामना किया। अभी तीसरे फेस में जो श्रमिक या छात्र-छात्राएं आए हैं। लॉक डाउन के कारण,जो लोग बाहर फंस गए थे वो सब लोग भी वापस आए हैं और निरंतर आने ता सिलसिला जारी है। इन्हीं में से कुछ संक्रमित व्यक्ति भी वापस आ रहे हैं। निश्चित रूप से संक्रमण की संख्या बढ़ी लेकिन डरने और घबराने जैसी बात नहीं है। लॉक डाउन के प्रथम चरण और दूसरे, तीसरे चरण में हम सब ने मिलकर कोरोना नियंत्रित किया और चौथा चरण में भी नियंत्रित करेंगे। ये सब सबके सहयोग से ही संभव हो पाया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य में चाहे हवाई यात्री या रेल यात्री आएंगे, सबको क्वारेंटाइन किया जाएगा। कोरोना को नियंत्रित रखने में पहले सबने बहुत मेहनत की है। कोई ऐसा संगठन नहीं जिन्होंने मेहनत नहीं की, तब जाकर कहीं कोरोना महामारी को नियंत्रित कर सकें। ये किसी एक को श्रेय नहीं, इस श्रेय के भागीदार हम सब है। थोड़ी सी मेहनत और लगेगी। 60 दिन मेहनत किए हैं, 15 दिन और मेहनत लगेगी। अब जो ट्रेन आएगी और उसके बाद उन सबको 15 दिन क्वारेंटाइन किया जाएगा तो 15 दिन के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। कितने प्रभावित है कितने नहीं। वर्तमान में जो कोरोना संक्रमण से प्रभावित है उनका इलाज चल रहा है। छत्तीसगढ़ में अभी तक कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई है।

इसके पूर्व छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में कांग्रेस के सभी संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में झीरम घाटी में नक्सली हमले में हुए शहीद कांग्रेस के नेताओं को श्रद्धाजंलि देकर पुण्य स्मरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, कृषि मत्री रविन्द्र चौबे, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू,खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, विधायक सत्यनारायण शर्मा, विधायक धनेन्द्र साहू, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय सहित प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के सदस्य, प्रवक्ता सहित अन्य मौजूद थे।

 

25-04-2020
गुड़ाखू खतरनाक बीमारियों को आमंतित्र करता है : प्रकाशपुन्ज पाण्डेय

रायपुर। समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने एक बेहद ही गंभीर मुद्दे पर मीडिया के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि, गुड़ाखू गुड, तंबाकू और बीड़ी पत्ते से बना एक देसी मंजन है जो बेहद ही ख़तरनाक है। जिसके उपयोग से व्यक्ति बेवजह ही बहुत ही ख़तरनाक बीमारियों को न्योता देता है। डॉक्टरों की रिसर्च से पता चला है कि इससे कैंसर जैसी भयानक बीमारी भी हो सकती है। अब प्रश्न यह है कि क्या इसे बीड़ी, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, पान मसाला आदि प्रकार के नशीले पदार्थों की श्रेणी में आता है या नहीं? क्योंकि देश के ग्रामीण अंचलों में इससे एक सस्ते नशे के रूप में देखा जाता है।

ग्रामीण लोग इसे सुबह से रात तक कई बार इस्तेमाल करते हैं, जिससे तंबाकू का जो हल्का नशा होता है वह होने स्फूर्ति देता है लेकिन असल में यह एक प्रकार का गलत नशा है, जिसका व्यक्ति आदी हो जाता है। अब जब छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने रायपुर में बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, गुटखा, पान मसाला जैसे नशीले पदार्थों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है तो यह देखने वाली बात होगी कि गुड़ाखू को सरकार कौन सी श्रेणी में मानती है क्योंकि नशा तो ये भी है, हानिकारक तो ये भी है, बीमारी तो इससे भी फैलती है। मेरी राज्य के संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्य सरकार से अपील है कि इस संगीन विषय को जनहित में देखते हुए कोई ठोस कदम उठाएँ ताकि अगर कहीं इससे समाज में व्यक्ति को स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से नुकसान हो रहा हो तो उन्हें बचाया जा सके। पहले ही देश में कोरोना नामक वायरस से बहुत सा संक्रमण फैला हुआ है।

20-04-2020
Video:  सातवीं के छात्र ने हनुमान चालीसा के साथ ऐसा बजाया जॉर्ज सेट,आप अंदाज देखकर मंत्रमुग्ध हो जाएंगे

रायपुर। आज विश्वव्यापी कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से लड़ने सभी अपने तरफ से प्रयास कर रहे हैं। डॉक्टर दवा और जनता दुआ कर रही है। लोग इस संकट की घड़ी में उत्साहवर्धन करने मीडिया माध्यमों और सोशल मीडिया से संदेश दे रहे हैं। ऐसा ही एक प्रार्थना संदेश राजधानी के छात्र ने अपनी कला के माध्यम से दिया है। छात्र ने कोरोना का संकट हरने संकटमोचन बजरंगबली से प्रार्थना की है। हनुमान चालीसा के साथ छात्र ने जॉर्ज सेट ऐसा बजाया कि ताल और अंदाज देखकर आप मंत्रमुग्ध हो जाएंगे।
अनिरुद्ध तिवारी पिता अविनाश तिवारी राजधानी विहार के रहने वाले हैं। अनिरुद्ध विधानसभा क्षेत्र स्थित ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा सातवीं का छात्र है। पढाई के साथ संगीत में भी अनिरुद्ध की रूचि है। अपनी कला के माध्यम से अनिरुद्ध ने जनमानस को संदेश देते हुए लॉक डाउन का पालन करने, अपने-अपने घरों पर रहने का निवेदन किया है। अनिरुद्ध भी इस समय घर पर ही रहकर पढाई के साथ-साथ अपनी रूचि के क्रियाकलापों में अपने को व्यस्त रख रहा है। इसी कड़ी में उसने जनकल्याण, विश्व शांति के लिए अपनी कला के माध्यम से प्रार्थना की है। स्कूल के म्यूजिक डिपार्टमेंट के एचओडी सत्यम भारती ने कहा कि वे सदैव प्रयास करते हैं कि बच्चे कुछ ऐसा करें कि संगीत से जुड़कर जनमानस तक पहुंचें, ताकि उनके संगीत से सबको प्रेरणा मिले। स्कूल में पढ़ाई अन्य गतिविधियों के साथ-साथ संगीत को भी महत्व ऊपर रखा गया है, ताकि बच्चे पढाई के साथ-साथ कला क्षेत्र में भी एक अलग पहचान बना सकें। क्लास नर्सरी से 11वीं तक संगीत की क्लास है। बच्चे की बोर्ड, गिटार, ड्रम्स, कहोन (वेस्टर्न इंस्टूमेंट), तबला, अनेकों प्रकार के ड्रम्स और वाद्ययंत्रों से निरंतर अपनी कला को निखार रहे हैं।
 

28-03-2020
संकट के बीच मीडिया का कार्य सराहनीय, सुरक्षित रहें पत्रकार : भूपेश बघेल

रायपुर। कोरोना वायरस संक्रमण के इस दौर में मीडियाकर्मियों के कार्य की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस कोरोना-संकट के समय में हमारे मीडियाकर्मी खतरे के बीच भी जनता तक विश्वसनीय खबरें पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। आज मैं उन्हें सलाम करना चाहता हूँ, उनका कार्य बेहद सराहनीय है। वे सुरक्षित रहें, अपना एवं परिवार का ध्यान रखें। उनका प्रबंधन भी उनकी चिंता करें यह अपेक्षा है।

26-03-2020
नए पुलिस अधीक्षक ने पहले दिन सभी थाना प्रभारियों और मीडिया से की बातचीत

महासमुन्द। जिले के नए पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने कल पदभार ग्रहण करने के बाद जिले केे सभी टीआई और एसडीओपी की बैठक ली है, साथ ही प्रेस की एक बैठक आहूत कर सभी से मुलाकात कर प्रेस को जानकारी देते हुए कहा कि सभी पुलिस थानों के प्रभारियों बता दिया है कि उन्हें किसी भी तरह के अवैध गति विधि पसंद नहीं है ना ही अवैधानिक रूप से काम करने वाले। सभी प्रभारियों को यह भी समझाईश दी गई है कि सभी अपने-अपने थाना क्षेत्र सीमा रेखा के प्रारंभ और अंत में बोर्ड लगाए ताकि लोगों उस थाना क्षेत्र की जानकारी मिल सके और उस बोर्ड में थाना प्रभारी का मोबाइल नम्बर और उस क्षेत्र के एसडीओपी का नाम और नम्बर लिखा होना चाहिए। ठाकुर ने मीडिया से कहा कि बहरहाल हमारा फोकस अभी कोरोना पर है सभी को सर्तक रहने की आवश्यकता है।

सभी अपने-अपने घर के भीतर रहे बिना वजह घर से बाहर ना निकले। जनता शासन की भावनाओं को समझे, सभी के सहयोग से ही इस गंभीर स्थिती से निपटी जा सकती है। पुलिस अधीक्षक ठाकुर ने आगे कहा कि मैं छत्तीसगढ़ का रहने वाला हुं और मेरे आफिस पहुंचने वाले सभी लोगों से छत्तीसगढ़ी में ही बात की जायेगी साथ ही पूरे थाने के स्टॉप को भी यह परंपरा अपनाने को कहा गया है ताकि स्थानीय लोगों को अपनी बात कहने और समझने में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो। उन्होंने आगे कहा कि महासमुन्द मेरे लिए नया नहीं है मैं यहां के भोगौलिक संरचना से अच्छे से वाकिफ हूं इसलिए मुझे यहां काम करने में कोई परेशानी नहीं होगी। कोरोना से निपटने के बाद जिले के सभी राजनीतिक दल, शहर के प्रबुध्द लोगों से बैठकर बातचीत कर सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा महासमुन्द सीमा से लगा हुआ क्षेत्र गरियाबंद जहां कुछ समय से नक्सली गतिविधि होती रही है उन पर भी काम किया जायेगा और यहां पर मौजूद सीआरपीएफ और सीएफ की कम्पनी का प्रयोग किया जायेगा।

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