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27-06-2020
जल संसाधन विभाग सिंचाई योजना का उपयोग कर रही दुधारू गाय की तरह : बसंत ताटी

बीजापुर। जिला पंचायत सदस्य एवं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता बसंत राव ताटी ने जल संसाधन विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि विगत 15 वर्षों से पानी की तरह पैसा बहाने के बावजूद भी एक बूंद पानी किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच सका। ताटी ने कहा की नवगठित छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी के शासनकाल में क्षेत्र के किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से भोपालपटनम तहसील के अंतर्गत ग्राम अर्जुनल्ली में उदवहन सिंचाई योजना की स्वीकृति दिए जाने के उपरांत बीजापुर विधानसभा के तत्कालीन विधायक स्व. राजेंद्र पामभोई के द्वारा इस योजना की नींव रखते ही क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर देखी गई थी। अब 15 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी उक्त सिंचाई योजना का लाभ न मिल पाने की चिंता किसानों को सताने लगी है। जिला पंचायत सदस्य ताटी ने कहा कि जिस उद्देश्य को लेकर ग्राम अर्जुनल्ली में उदवहन सिंचाई योजना की शुरुआत की गई थी अब वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।

ताटी का कहना है कि जल संसाधन विभाग इस योजना का उपयोग दुधारू गाय की तरह कर रही है संबंधित विभाग द्वारा प्रारंभ से लेकर आज पर्यंत तक इस योजना में करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद भी किसानों के खेतों को एक बूंद तक पानी नसीब नहीं हुआ है यह भी जांच का विषय है। जिला पंचायत सदस्य ने एक जानकारी के तहत कहा कि बीजापुर जिला में पर्याप्त सिंचाई स्रोतों की कमी के चलते यहां के किसान मात्र बरसात के पानी पर निर्भर होने की वजह से अपने खेतों में एक फसल की पैदावार ही करते है। जिससे क्षेत्र के कृषि मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पाता वहीं पड़ोसी राज्य तेलंगाना में पर्याप्त सिंचाई सुविधाओं के चलते किसान हमेशा अपने खेतों में विभिन्न प्रकार के फसलों की पैदावार करते हैं। जिस कारण तेलंगाना राज्य में कृषि कार्य के लिए मजदूरों की कमी बनी रहती है। यही वजह है कि बीजापुर जिला से सैकड़ों श्रमिक प्रतिवर्ष काम की तलाश में पड़ोसी राज्य तेलंगाना की ओर रुख करते हैं।

ताटी ने आगे कहा की विगत दिनों क्षेत्र प्रवास पर पहुंचे बीजापुर विधानसभा के ऊर्जावान विधायक विक्रम शाह मंडावी ने भी ग्राम अर्जुनल्ली पहुंच कर इस उदवहन सिंचाई योजना से संबंधित निर्माण कार्य को करीबी से देखते हुए किसानों के मंशानुरूप इस योजना को जल्द से जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया। इसके पश्चात पिछले दिनों भोपालपटनम प्रवास पर पहुंचे बीजापुर जिला के नव पदस्थ युवा कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने भी ग्राम अर्जुनल्ली पहुंच कर इस उदवहन सिंचाई योजना को अतिशीघ्र पूरा करने के दिशा निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया है। ताटी ने कहा कि क्षेत्रीय विधायक एवं जिला कलेक्टर के निरीक्षण के पश्चात अब क्षेत्रीय किसानों ने यह उम्मीद जताया है की क्षेत्रीय विधायक एवं जिला कलेक्टर की पहल पर अब उक्त उदवहन सिंचाई योजना का लाभ किसानों को मिलेगा।

21-06-2020
विधायक विक्रम मंडावी के संरक्षण में जिले में फल फूल रहा है भ्रष्टाचार : महेश गागड़ा

बीजापुर। जीले के विभिन्न विभाग में चल रहे गुणवत्ताहीन कार्य के सम्बंध में पूर्व वनमंत्री महेश गागड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर कहा कि स्थानीय विधायक विक्रम शाह मंडावी के सहयोग से भ्रष्टाचार का खेल अपनी चरम सीमा पर है। कांग्रेस की सरकार में अधिकारी खुले आम भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे हैं। महेश गागड़ा ने सरकार व विधायक पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनपद पंचायत भोपालपटनम के ग्राम पंचायत कोत्तापल्ली में एक ही समय में एक केनाल निर्माण और दो नवीन तालाब का निर्माण किया गया। लेकिन गांव के लोगों को ये मालूम नहीं है कि उनके ग्राम पंचायत में ये कार्य किया जा रहा है, जिसमें दो नवीन तालाब और एक नाली कार्य जो कि मनरेगा के तहत करवाया जाना था, लेकिन मजदूरों के स्थान पर पोकलैंड, जेसीबी व डोज़र वाहनों से कार्य करवाना बड़ी विडम्बना है। सरकार रोजगार ग्रामीणों को देने के बजाय वाहनों को रोजगार देने में तुली है।

इस कोरोना काल में पूरे देश में देश वासियों को नरेन्द्र मोदी सरकार मदद कर रही है। लेकिन आज तक भूपेश सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष के जरिये छत्तीसगढ वासियों को किसी भी तरह की मदद नहीं की है। भाजपा ने लॉक डाउन में ग्रामीण इलाकों में पहुंच कर सघन दौरा किया। स्थानीय श्रमिकों, प्रवासी मजदूरों और गरीब ग्रामीणों मुआवजा देकर श्रमिकों का हालचाल जानने साथ उनकी मदद की। शानिवार को भाजपा कार्यालय में पूर्व वनमंत्री महेश गागड़ा ने प्रेसवार्ता कर कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुऐ कहा है कि स्थानीय विधायक विक्रम शाह मंडावी के संरक्षण में जिले भर में भ्रष्टाचार फलफूल रहा है। गागड़ा ने पत्रकारों को जानकारी देते बताया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छः साल के जनसंपर्क अभियान के तहत गांव—गांव जाकर भाजपा कार्यकाल के विकास कार्यों का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। लेकिन भूपेश सरकार कंगाली के दौर पर खड़ी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री को श्वेत पत्र जारी कर राज्य की सरकार को बताना चाहिए कि हम कंगाली के स्तर पर है। महेश गागड़ा ने आगे कहा की जिले के चारों ब्लॉक में मनरेगा के तहत मजदूरों से होने वाले काम को कांग्रेस की सरकार और अधिकरियों ने बड़ी ही चालाकी से मशीनों से करवा दिया जिससे कि मजदूरों का हक छीन गया। आज कांग्रेस की सरकार और स्थानीय विधायक के संरक्षण में पीएमजीएसवाई, वनविभाग में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। पूरे जिले में भ्रष्टाचार को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं लेकिन कोई भी कार्यवाही नहीं हो रही।इससे यह सिद्ध होता है कि जनता ने जिस विधायक और पार्टी को चुना था जिले के विकास के लिए वो विकास के कार्य न होकर सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार फल फूल रहा है। इस प्रेसवार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार, गोपाल सिंह पवार मौजूद रहे।

20-06-2020
क्या देश में बेरोज़गारी की समस्या के समाधान का कोई रोडमैप है मोदी सरकार के पास? : प्रकाशपुंज पाण्डेय 

समाजसेवी और राजनीतिक विश्लेषक प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने देश के एक अतिमहत्वपूर्ण विषय पर मीडिया के माध्यम से जनता का ध्यानाकर्षण करते हुए केंद्र की मौजूदा मोदी सरकार से प्रश्न किया है कि देश में बेरोज़गारी की समस्या का समाधान कब तक होगा और क्या मोदी सरकार के पास इस सबसे बड़ी समस्या के समाधान के लिए कोई रोडमैप है? क्या सरकार ने इसके समाधान के लिए कोई रास्ता निकाला है? प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि जब 2014 में देश में बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दों पर सत्ता परिवर्तन हुआ तो लोगों को आस थी कि जो वायदे किए गए थे वे पूरे होंगे। जैसे कालाधन वापस आएगा लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं है, भ्रष्टाचार दूर होगा लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं है, उल्टा भ्रष्टाचार और बढ़ गया है, देश बेरोज़गारी की समस्या का हल होगा और प्रतिवर्ष 2 करोड़ नए रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं है। कोई वायदा पूरा नहीं हो पाया।

रिपोर्ट के मुताबिक साल 2017-18 में राष्ट्रीय स्तर पर बेरोज़गारी दर 6.1 फीसदी रही, जबकि 2011-12 में यह 2.2 फीसदी था। साल 2017-18 में छत्तीसगढ़ में सबसे कम बेरोज़गारी दर 3.3 फीसदी रही। यह दर मध्य प्रदेश में 4.5 फीसदी और पश्चिम बंगाल में 4.6 फीसदी रही। सितंबर से दिसंबर 2019 के चार महीनों में बेरोज़गारी की दर 7.5 फीसदी तक पहुंच गई, यही नहीं, उच्च श‍िक्ष‍ित लोगों की बेरोज़गारी दर बढ़कर 60 फीसदी तक पहुंच गई है। ग्रामीण भारत की तुलना में शहरी भारत में बेरोज़गारी की दर ज्यादा है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के द्वारा जारी आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है। प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि सरकार को इन आंकड़ों पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण हुए देशव्यापी लॉक डाउन के कारण बेरोज़गारी की समस्या अब अपने चरम पर पहुंचने वाली है।

13-06-2020
प्रेमनगर जनपद के नरेगा विभाग में चल रहा रिश्वतखोरी का खेल, लॉक डाउन का फायदा उठा भर रहे फर्जी मास्टररोल 

सूरजपुर। जिले के नरेगा के भ्रष्टाचार के गढ़ कहे जाने वाले प्रेमनगर जनपद पंचायत में अनिमियता रुकने का नाम नहीं ले रही है। जनपद पंचायत प्रेमनगर के मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक, नरेगा में विभाग में कार्यरत सहायक ग्रेड 3 सहित अन्य कर्मचारियों के मिली भगत से प्रेमनगर के विभिन्न पंचायतों में लॉक डाउन का फायदा उठाते हुए फर्जी मास्टर रोल भर कर आपस में जेब भरने का कार्य बड़े स्तर पर किया जा रहा है। ग्राम नावापारा खुर्द के स्थानीय ग्रामीणों ने ही एक मामले से फर्जी मास्टररोल भरने की शिकायत व पड़ताल करने के बाद फर्जी मास्टर रोल भरे जाने का मामला सामने आया। समाचार प्रकाशन के बाद प्रेमनगर जनपद पंचायत के नरेगा कार्यक्रम अधिकारी व तकनीकी सहायक, एसडीओ ने बीते दिनों ग्राम का दौरा कर जांच की गई। इसमें करीब 6 हजार रुपये फर्जी मास्टररोल भरे जाने की पुष्टि हुई।

घोटाले का खुलासा होने के बाद नरेगा के कार्यक्रम अधिकारी अपने कर्मचारियों के बचाव में उतर आये और सारा दोष ऑपरेटर पर मढ़ दिया है। जबकि पंचायत के रोजगार सचिव द्वारा अपने परिवार तक का फर्जी मास्टररोल भरने का कार्य किया जाता है। इस सम्बंध में प्रेमनगर नरेगा कार्यक्रम अधिकारी भूपेंद्र सिंह बैरागी ने कहा कि ऑनलाइन होने के कारण ऑपरेटर ने गलती से डिमांड को एमआईएस कर दिया है, जिसका रिकवरी के लिए नोटिस कांटा गया है। जबकि ना जाने कितने पंचायत को फर्जी तरीके से मास्टररोल से भुगतान कर दिया है। जो सामने नहीं आ पाए है। बताया जा रहा हैं कि फर्जी मास्टररोल प्रेमनगर के ग्राम फुलकोना, भगवानपुर, कंचनपुर, ब्रम्हपुर, केदारपुर सहित अन्य ग्राम पंचायतों में फर्जी वाड़ा करके भुगतान किया गया है। बता दें कि ग्राम विंध्यांचल रोजगार सहायक सुलेमान सिंह स्वयं को मजदूर बता कर मास्टररोल की राशि स्वयं के खाता में स्थान्तरण कर लिया है। जो दिखता है कि केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण योजना का लाभ जनता को ना मिल कर चिन्हाँकित अधिकारियों, कर्मचारियों को मिल रहा है।

12-06-2020
आरोप लगाने से पहले भाजपा सरकार में हुए भ्रष्टाचार और सरकारी जमीन की बंदरबांट पर ध्यान दे राजेश मूणत : कांग्रेस

रायपुर। भाजपा सरकार के पूर्व मंत्री राजेश मूणत के आरोप का तीखा जवाब देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि राजेश मूणत भूमि आवंटन पर सवाल उठाने से पहले पूर्व में रमन सरकार के दौरान हुए भाजपा की कमीशन खोरी, भ्रष्टाचार व सरकारी जमीन की बंदरबांट पर नजर डाले। भाजपा के चहेतों को फायदा पहुंचाने रमन सरकार ने बेशकीमती सरकारी जमीनों को पानी के मोल आवंटित कर सरकारी खजाने को क्षति पहुंचाया है। पूर्वमंत्री राजेश मूणत रमन सरकार में हुई भूमि आवंटन और सरकारी भूमि घोटालों पर जनता को पहले जवाब दे? सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा करने वाले सरकारी जमीन के रिकार्ड में हेराफेरी कर खरीदी बिक्री करने वालों को भाजपा का संरक्षण और समर्थन था। धनंजय ठाकुर ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार में छत्तीसगढ़ में शासकीय भूमि के आवंटन का कार्य पूरी तरह से नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है।

23-05-2020
चूने की जगह मिट्टी खरीदने वालों पर कार्रवाई क्यों नही करता निगम प्रशासन : संजय श्रीवास्तव

 रायपुर। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व सभापति नगर निगम संजय श्रीवास्तव ने राजधानी की सड़कों को सैनिटाइज करने के लिए खरीदे गए चूने के सैम्पल के जाँच में अमानक पाए जाने पर निगम महापौर एजाज ढेबर और निगम प्रशासन पर जमकर निशाना साधा है। श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना काल में भी कांग्रेस के लोग भ्रष्टाचार पर आमादा होकर लोगों के जीवन के साथ गंदा खिलवाड़ कर रहे हैं। श्रीवास्तव ने बताया की सैनिटाइजेशन के लिए आए चूने की इन बोरियों में अधिकांश में चूने की जगह मिट्टी भेज दी थी। जब आधे से ज्यादा छिड़काव हो चुका तब इन बोरियों की जाँच के बाद इस भ्रष्टाचार की भांडा फूटा। कोरोना के इस संकटकाल में भी राजधानी के नगर निगम में भ्रष्टाचार का यह खेल होना जनजीवन के साथ क्रूर खिलवाड़ है।

उन्होंने इस बात पर हैरत जताई कि अब तक इस खरीदी के लिए जिम्मेदार और चूना आपूर्ति करने वाली एजेंसी के खिलाफ कोई कारगर कार्रवाई नहीं की गई है,सिर्फ चूने की बोरियाँ ही लौटाकर निगम प्रशासन इस पूरे मामले की लीपापोती में जुटा हुआ है। श्रीवास्तव ने कटाक्ष कर पूछा कि दोषियों पर कार्रवाई न कर महापौर और निगम प्रशासन के लोग कौन-सी रिश्तेदारी निभा रहे हैं?श्रीवास्तव ने सवाल किया कि क्या यह सब महापौर की जानकारी में हुआ है? आखिर चूना भेजने वाली एजेंसी किसकी चहेती एजेंसी है, राजधानी की जनता को यह जानने का अधिकार है। एक तरफ महापौर स्वच्छता रैंक में जगह नहीं मिलने का मलाल जता रहे हैं जबकि दूसरी तरफ उनकी ही नाक के नीचे भ्रष्टाचार की यह गंदगी फैल रही है।

18-04-2020
जनपद पंचायत के अधिकारी सूचना के अधिकार अधिनियम की उड़ा रहे धज्जियां

बीजापुर। भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए सरकार द्वारा जन सूचना अधिकार 2005 कानून पारित कर इसमें हर एक व्यक्ति को स्वतंत्रता दी गई कि कोई भी व्यक्ति कहीं से भी जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत किसी भी प्रकार की सूचना मांग सकता है। लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही से वह भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। क्योंकि आम आदमी द्वारा मांगी गई सूचना को विभागीय अधिकारी समय से नहीं उपलब्ध कराते। इससे साफ जाहिर है कि ऊपर से लेकर नीचे तक सभी विभागीय अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त होते हैं और अपने आवेदनकर्ता को आज कल करके टालते रहते हैं।

इसका ताजा उदाहरण जनपद पंचायत बीजापुर से आया जंहा आवेदक कुशल चौपड़ा ने सूचना अधिकार के तहत 20 फरवरी 2020 को उक्त जनपद पंचायत के अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण के संबंध में जानकारी मांगी गई थी लेकिन जनपद पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने सूचना अधिकार अधिनियम 2005 की धज्जियां उड़ाते हुए तय समय सीमा में जानकारी नहीं और न ही किसी प्रकार का पत्राचार किया गया है। आवेदक कुशल चोपड़ा ने बताया कि इससे पहले लगातार अधिकारी से सूचना मांगी गई है लेकिन उनके द्वारा सूचना नहीं दी गई। इस पर उन्होंने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत भी जानकारी के लिए आवेदन दिया लेकिन फिर भी आज तक उन्हें सूचना उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि जिले में भ्रष्टाचार चरम पर है। यही वजह है कि जनपद के अधिकारी-सचिव ठीक से कार्य नहीं कर रहै है और विकास कार्य कागजों पर हो रहे है और जमीन पर दूर-दूर तक कोई भी विकास की किरण दिखाई नहीं देती। आम आदमी जनसूचना अधिकार 2005 को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक शस्त्र मानता है और यह शस्त्र भी अधिकारियों की वजह से नाकाम हुआ तो फिर तो कुछ भी नहीं हो सकता। 

15-04-2020
कोरोना के आड़ में बीजापुर जिले में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर : मुदलियार

बीजापुर। भजपा ज़िला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने प्रशासन पर विपरीत दिनों में कोरोना के आड़ में बीजापुर जिले में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर होने का आरोप लगाया। बीजापुर जिले में भोपालपटनम के वरदली, दममुर, सकनापल्ली ग्रामों में मनरेगा योजना के तहत किए जाने वाले कार्यों में प्रशानिक अधिकारियों द्वारा लॉक डाउन के नियमों की धज्जियां उड़ाते सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं किया जाना कोरोना बीमारी को आमंत्रण करने जैसा है। जबकि राज्य व केंद्र सरकार लॉक डाउन को लेकर काफी शक्ति बरत रहे है। वहीं जिले के अधिकारी स्वयं नियमों का उल्लंघन कर कोरोना के आड़ में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे है। मनरेगा के कार्य मे मशनरी डोजरों से कार्य लिया जा रहा है। केंद्र सरकार वर्तमान की महामारी से बचाव के लिए लॉक डाउन से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए हर दिन नई नई योजाना बनाकर लाभ दे रहे हैं। वंही उन ग्रामीण गरीब बेरोजगारों के हक़ का हनन होना दिखाई दे रहा है, जिससे उनके जीवन यापन करने में भारी कठिनाइयां उत्पन्न होगी।

वर्तमान कोरोना महामारी से की गई लॉक डाउन से काफी प्रभावित होंगे। इस लॉक डाउन के दौरान ग्रामीण मजदूरों को रोजगार के बजाय कार्य मशीनों के माध्यम से पूर्ण कराकर एक बडी राशि का बन्दरबाट करने में लगी है जो इसके पूर्व अखबारों में भी मशीनों के माध्यम से कार्य करने की बात प्रकाशित हुई थी, जिस पर प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया जाना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना ही एक मात्र मंशा है। केवल भोपालपटनम ही नहीं मनरेगा के अन्तरर्गत सम्पूर्ण बीजापुर जिले में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। जिला कलेक्टर महोदय से मेरी मांग है कि तत्काल कार्यों की जांच कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। इस वक्त कोरोना एक महामारी का रूप ले चुका है अब भी प्रशासन गंभीर होकर उन दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं करता है तो आने वाले समय में उन रोजगार से वंचित मजदूरों को लेकर उच्च स्तरीय शिकायत भी किया जाएगा।

16-03-2020
गांव के लोगों को रोजगार देने का उद्देश्य भ्रष्टाचार में हो रहा तब्दील, जेसीबी से कराया गया तालाब निर्माण कार्य

 

कांकेर। नरहरपुर विकासखंड के वन परिक्षेत्र सरोना के अंतर्गत वन विभाग ने कैंपा योजना के तहत खल्लारी एवं चोरिया में तालाब निर्माण का कार्य मजदूरों से ना कराकर जेसीबी मशीन से कराने का मामला सामने आया है। तालाब निर्माण कार्य में भारी अनियमितता भी बरती गई है। ग्राम चोरिया में 12 लाख एवं खल्लारी में 11 लाख के लागत से दो तालाब का निर्माण कराया गया है। ‌लेकिन तलाब का साइज को देखकर नहीं लगता कि इतनी बड़ी राशि खर्च हुई होगी। वहीं वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारीयों ने गांव वालों को अंधेरे में रखकर उन्हें काम नहीं दिया और गांव में काम करने वाले मजदूरों से वन विभाग के डिप्टी रेंजर द्वारा लिखवा लिया गया कि वे काम करना नहीं चाहते।

जबकि केंद्र सरकार का आदेश था कि कैंपा योजना के तहत ग्रामीणों को रोजगार मुहैया कराना। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा तालाब निर्माण कार्य को जेसीबी मशीन से कराया गया। कार्य के दौरान वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों ने तालाब निर्माण की जांच की मांग की है। इस मामले में डिप्टी रेंजर आरके पटौदी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस कार्य को टेंडर के जरिए करवाया गया है। इसमें हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। वन परिक्षेत्र अधिकारी माधव श्याम रामटेके ने कहा कि डीएफओ ऑफिस से जैसा टेंडर निकला था उसी के हिसाब से तालाब निर्माण का कार्य करवाया गया है।

06-03-2020
नगर पालिका में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर गौरक्षा वाहिनी ने किया धरना प्रदर्शन

कोरिया। जिले के जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में नगर पालिका में हो रहे भ्रष्टाचार एवं परिवारवाद के विरोध में गौरक्षा वाहनी एवं नागरिकों की ओर से धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान नगरपालिका अध्यक्ष को एवं सीएमओ के ऊपर भ्रष्टाचार आरोप लगाई गई। बता दें कि नगर पालिका कार्यालय के सामने गौरक्षा वाहिनी के अध्यक्ष अन्नू दुबे के नेतृत्व में धरना शुरू हुआ, जो लगभग 2.30 घंटे चला। धरना में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शैलेश शिवहरे, देवेंद्र तिवारी, मंडल अध्यक्ष भानु पाल, पंकज गुप्ता, अरविंद सिंह, सुभाष साहू, सुरेंद्र सिंह, चर्चा पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राजेश सिंह, रिचेस सिंह, आयुष नामदेव, रवि त्रिपाठी, प्रखर गुप्ता, सुरेंद्र चक्रधारी, भरत गुप्ता, लक्ष्मी गुप्ता सहित काफी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। नगरपालिका में भ्रष्टाचार व्याप्त हो रहे हैं। अनुराग दुबे ने कहा कि बैकुंठपुर नगर पालिका में जब से अध्यक्ष अशोक जयसवाल आए हैं, तब से भ्रष्टाचार अपने चरम सीमा पर पहुंच गया है। बैकुंठपुर नगर पालिका में यह आलम है कि वहां जो भी सामग्री की खरीदी होती है बिना कोई प्रक्रिया का पालन नहीं हो रही है। ना कोई टेंडर की प्रक्रिया और ना ही कोई नियम कानून जो रहते हैं खरीदी के सब केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। बैकुंठपुर नगर पालिका में सूचना का अधिकार कि कोई भी जानकारी नहीं दी जाती है।

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि तालाब गहरीकरण के लिए लाए गए पंप में भ्रष्टाचार, एसएलआरएम सेंटर, पाइपलाइन का काम, गांधी उद्यान 5,40,000/2019 में लागत से बने हुए को तोड़कर फिर नया बनाए जा रहे हैं। बिजली के सामानों की खरीदी, स्ट्रीट लाइट, टैंकर और ट्रैक्टर खरीदी, रंग पुताई का मामला सहित हर मामले में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। वही पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शैलेश शिवहरे का कहना है कि अभी जो नया वार्डों परिसीमन हुआ है, उसमें भारी लापरवाही एवं भेदभाव तरीके से की गई है। जल आवर्धन योजना में जिन वार्डों में पानी के लिए योजना बनी थी उसे उसका लाभ नहीं दिया जा रहा है। पुराने वादों से स्टिक लाइट खोले जाने का भी आरोप लगाए गए हैं।

04-03-2020
हाथ से निकलते राज्यों पर भाजपा की बौखलाहट है मध्यप्रदेश का घटनाक्रम : कांग्रेस 

रायपुर। मध्यप्रदेश के घटनाक्रम पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि लगातार राज्य पर राज्य भाजपा के हाथ से निकलते जा रहे है। पंजाब के बाद छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान अब फिर महाराष्ट्र, झारखंड में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा। इसी बौखलाहट में भाजपा ने विपक्ष की निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने की साजिश रची है। त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा की साजिश बेनकाब हो चुकी है। छत्तीसढ़ के बाद अब मध्यप्रदेश की निर्वाचित कांग्रेस सरकार भाजपा के निशाने पर है। त्रिवेदी ने आरोप लगाया है कि भाजपा अब भ्रष्टाचार के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के पैसों से खरीदफरोख्त तक नीचे उतर आई है। भाजपा खुलम खुला 25-25 करोड़ में विधायक खरीदने में लगी है। यह कालाधन इतनी बड़ी मात्रा में नगद में कहां से आ रहा है, प्रधानमंत्री को बताना चाहिए। भाजपा जनादेश का अपमान कर रही है। निर्वाचित राज्य सरकारों को अस्थिर करने की भाजपा की रणनीति का विफल होना और बेनकाब होना तय है।

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