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29-03-2020
पेंड्री के नए मेडिकल कॉलेज भवन में 31 मार्च से ओपीडी होगी शुरू

राजनांदगांव। पेंड्री के नए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भवन में मंगलवार 31 मार्च से सर्दी,खांसी और बुखार के मरीजों के इलाज के लिए ओपीडी शुरू हो रही है। यहां पर आईसीयू और सामान्य इलाज भी होगा। कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने नए भवन में ओपीडी शुरू करने के लिए की जा रही व्यवस्थाओं निरीक्षण किया। यहां पर कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए 150 बेड के वार्ड  की व्यवस्था रहेगी। इसी प्रकार उपकरणों से सुसज्जित 26 बेड की आईसीयू की व्यवस्था होगी। डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टॉफ के रहने व भोजन का प्रबंध किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मिथलेश चौधरी,अधीक्षक डॉ.पी.बेक भी उपस्थित थे।

26-03-2020
कोरोना विशेष : खांसी बुखार और सांस लेने में हो परेशानी तो डॉक्टर की सलाह लें

रायपुर। कोविड-19 नोवल कोरोना वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति के संपर्क में आने पर आपको अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि आपको खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी है तो आप नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं। डॉक्टर से सलाह और उपचार ले इतना ही नहीं आप जिन-जिन व्यक्तियों के साथ निकट संपर्क में रहे हैं। उनकी जानकारी डॉक्टर को भी दें। अधिक जानकारी के लिए भारत सरकार और राज्य सरकार के टोल फ्री नंबर पर संपर्क करें।

25-03-2020
सुरक्षित रहने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी : नगर पालिका अध्यक्ष

गरियाबंद। गरियाबंद नगर पालिका अध्यक्ष गफ्फार मेमन के निर्देशन में गरियाबंद के सब्जी बाजार तथा अन्य दुकानों के सामने बनाए जा रहे यह गोल घेरे सोशल डिस्टेंस मेंटेन करने के लिए तैयार किए गए हैं। इससे जरूरतमंद लोग सुरक्षित तरीके से दूसरों से दूर रहकर सब्जी बाजार में सब्जी खरीद सकें। गरियाबंद को कोरोना वायरस के प्रभाव से बचाने और जरूरी उपयोगी सामान उपलब्ध कराने सोशल डिस्टेंस मेंटेन करने का फैसला लेते हुए सब्जी बाजार में भी लोगों को एक दूसरे से दूर रखने का निर्णय लिया गया है। यही कारण है नगर पालिका अध्यक्ष गफ्फार मेमन ने बाजार में सब्जी दुकानों के आगे डेढ़ डेढ़ मीटर दूर घेरे करवाएं हैं ताकि लोग यह समझ सके कि उन्हें एक दूसरे से कितनी दूर रहना है इन घरों में खड़े होकर ही लोग सब्जी खरीद पाएंगे सब्जी व्यवसायियों को भी 2 दिन पहले मास्क उपलब्ध कराया गया था।

नगरपालिका तथा जिला प्रशासन लोगों को एक दूसरे से दूर रखना चाहता है ताकि यदि किसी में सर्दी खांसी या संक्रामक बीमारी की आशंका हो भी तो वह अगले व्यक्ति तक ना पहुंचे। जिला प्रशासन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि आवश्यक वस्तुओं की कमी होने नहीं दी जाएगी और लोगों को चीजें सुरक्षित रूप से मिल सके इसका प्रयास किया जा रहा है। दवाई,किराना,सब्जी,दूध आदि सामान उपलब्ध है। इन्हें अधिक मात्रा में खरीद कर स्टाक करने की कोई जरूरत नहीं है। नियमों का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के आधार पर सामान खरीदें बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले अन्यथा नहीं। वही इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष गफ्फार मेंमन का कहना है कि इस संकट की घड़ी में शासन के बनाए जा रहे नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। सोशल डिस्टेंसिंग आपकी सुरक्षा के लिए है। नगरपालिका आपकी भलाई के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। नागरिक भी पूरी तरह सहयोग करें।

23-03-2020
एन-95 मास्क केवल स्वास्थ्य कर्मी ही लगाएं : निहारिका बारिक

रायपुर। छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक ने कहा है कि संक्रमण से बचने के लिए उपयोग में होने वाले मास्क की बाजार में हो रही कमी और अस्पतालकर्मियों को भी मास्क नहीं मिल पाने के कारण असुविधा हो रही है। उन्होंने कहा है कि मास्क लगाने की जरूरत केवल अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों को है। इसके अतिरिक्त वे मरीज जिनको खांसी और है। इसके अलावा जो अस्पताल जा रहे हो, उन्हें भी लगाने की जरूरत है। यदि आप अस्पताल कोई अन्य परेशानी के लिए जा रहे हो, तो मास्क लगाने की कोई जरूरत नहीं है। एन-95 मास्क सिर्फ स्वास्थ्य कर्मी जो लैब में काम कर रहे हो वे ही लगाएं।

21-01-2020
डाबर च्यवनप्राश से अपनी इम्युनिटी बढ़ाए और आनन्द उठाएं सर्दियों का

रायपुर। सर्दी का मौसम किसे अच्छा नहीं लगता लेकिन जब इस सर्दी में खांसी,जुकाम एवं श्वांस संबंधी बीमारियाँ हो जायें तो सर्दी का मजा फीका पड़ जाता है। आमतौर पर ये बीमारियाँ तापमान में होने वाले बड़े बदलाव एवं बदलते मौसम में किसी भी व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के कम हो जाने के कारण होती हैं। ऐसे में हजारों वर्षों से प्रसिद्ध, लाखों-करोड़ों लोगों द्वारा सफलतापूर्वक आजमाया हुआ आयुर्वेदिक उत्पाद च्यवनप्रास काफी राहत देता है। डाबर च्यवनप्राश का सेवन न केवल हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर हमें इस सीजन में प्राय: होने वाली खांसी,जुकाम जैसी बीमारियों से बचाता है बल्कि हमारे शरीर के अनेक अंगों की क्रियाओं को अच्छा करता हुआ शरीर को बलशाली भी बनाता है।

डाबर का प्रमुख हेल्थकेयर ब्रांड डाबर च्यवनप्राश ने आज देश भर में स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक मेगा जागरूकता पहल की शुरूआत की घोषणा की। इस पहल के तहत डॉ.परमेश्वर अरोड़ा,एमडी (एवाई) बीएचयू वाराणसी स्वर्ण पदक विजेता और वरिष्ठ सलाहकार सर गंगाराम अस्पताल दिल्ली के साथ मिलकर डाबर च्यवनप्राश ने परिवर्तनशील मौसम,सामान्य बैक्टीरिया और वायरस से लडऩे के लिए एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली बनाने की आवश्यकता पर बच्चों को शिक्षित करने के लिए प्रतिरक्षा सत्र आयोजित किया। आज इस अभियान का ए रायपुर में आदिति एजुकेशनल एकेडमी के 300 से अधिक बच्चों के लिए आयोजित एक विशेष सत्र के साथ शुरू किया गया। इस सत्र का उद्देश्य सर्दियों में बीमारी से लडऩे के लिए बच्चों के बीच जागरूकता पैदा करना था। बच्चों को बुनियादी स्वच्छता और पौष्टिक आहार के माध्यम से अपनी प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के तरीकों में भी शिक्षित किया गया।

इस अवसर पर बोलते हुए डाबर इंडिया लिमिटेड के मैनेजर कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस दिनेश कुमार ने कहा डाबर च्यवनप्राश 100 से अधिक वर्षों से हर भारतीय को सबसे मजबूत प्रतिरक्षा प्राप्त करने में मदद के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल इस प्रतिबद्धता की दिशा में एक छलांग है। हम शीत लहर के बारे में चिंतित हैं जो हर साल कई जान ले लेती है। इस पहल के माध्यम से हम इन बच्चों को च्यवनप्राश प्रदान करने के अलावा प्रतिरक्षा के महत्व को उजागर करके वंचित बच्चों को सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास करेंगे। इस अभियान के तहत, डाबर च्यवनप्राश भारत के 14 शहरों पटना,भुवनेश्वर,लखनऊ,अमृतसर,भोपाल,रांची,रायपुर,कोलकाता,पुणे,जयपुर, प्रयागराज, औरंगाबाद,आगरा और चंडीगढ़़ के अग्रणी गैर सरकारी संगठनों के साथ हाथ मिला चुके हैं। डॉ.परमेश्वर अरोड़ा, एमडी (आयुर्वेद), बीएचयू, सर गंगाराम अस्पताल, दिल्ली ने कहा मौसम परिवर्तन के चक्रों के दौरान अचानक तापमान परिवर्तन होता है, जो खांसी, ठंड और फ्लू जैसे संक्रमण और बीमारियों का कारण है। सर्दी और खांसी, श्वसन समस्याओं, अल्प प्रतिरक्षा जैसी बीमारियों से लडऩे का एक प्रभावी तरीका प्रतिरक्षा में वृद्धि है। डाबर च्यवनप्राश हमारी अंदरूनी प्रतिरक्षा आवश्यकताओं को बढ़ाने का एक प्रभावी समाधान है।
च्यवनप्राश लगभग 3000 वर्ष पुरानी प्रसिद्ध आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन है,जो प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयोग किया जाता है और खांसी और सर्दी जैसे दैनिक संक्रमण के खिलाफ प्रतिरोध प्रदान करता है। डाबर च्यवनप्राश का मुख्य घटक अमला है,जो प्रतिरक्षा वर्धक गुणों के लिए जाना जाता है। गुडुची, पिपाली, शतावरी, विदरिकंद, हरितकी, कंटकारी, ककादाशीनी, भुम्यामाकी, वसाका, पुष्करमुल, प्रिशिपिपर्नी, शालपर्नी आदि जैसे अन्य तत्व सामान्य संक्रमण और श्वसन तंत्र की एलर्जी को कम करने में मदद करते हैं। डाबर च्यवनप्राश इन जड़ी बूटियों और अवयवों का सही मिश्रण है जो सर्दियों के मौसम में बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रतिरोधक शक्ति प्रदान करता है।

 

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