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30-08-2020
माकपा ने की बारिश प्रभावित ग्रामीणों को राहत देने की मांग

कोरबा। जिले में  तीन दिन की बारिश के कारण ग्रामीण बस्तियां जलमग्न हो गई और गरीबों के कच्चे मकानों को काफी नुकसान पहुंचा है। साथ ही जल जनित बीमारियां फैलने की संभावना बढ़ गई है। वर्षा प्रभावित बस्तियों में कोरबा नगर निगम के अंतर्गत आने वाली मोंगरा बस्ती, बांकी बस्ती, पुरैना, मड़वाढोढा, गंगानगर और भैरोताल गांव आदि भी शामिल है। इस स्थिति से निपटने के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने वर्षा प्रभावित बस्तियों में ग्रामीणों को तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की है।माकपा के कोरबा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि माकपा पार्षद सुरती कुलदीप और राजकुमारी कंवर के नेतृत्व में पार्टी के एक दल ने उक्त वर्षा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और वर्षा से हुई तबाही का जायजा लिया।

इस दल में किसान सभा नेता जवाहर सिंह कंवर, दिलहरण बिंझवार, आनंद, मोहपाल, श्याम सुंदर आदि भी शामिल थे। माकपा ने कहा कि वर्षा के कारण ग्रामीण घरों को नुकसान पहुंचा है और कई कच्चे मकान ढह गए हैं। माकपा सचिव झा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के दौरे के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने इन गांवों के संबंधित पटवारियों से भी मुलाकात की है तथा इन गांवों में होने वाले नुकसान से अवगत कराया है और उनसे शासन के प्रावधानों के अनुसार तत्काल मुआवजा प्रकरण बनाने की मांग की है। माकपा ने इन गांवों और बस्तियों से तत्काल दूषित जल की निकासी, नालियों की सफाई और दवाईयों के छिड़काव की मांग निगम प्रशासन से की है। बारिश के कारण जिन घरों को नुकसान पहुंचा है, उन प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल आर्थिक मदद दी जाएं।

23-08-2020
किसानों की समस्या को लेकर 28 अगस्त को जोन कार्यालय का घेराव करेगी माकपा

 कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने किसानों के फसल को बचाने और लावारिस मवेशियों की समस्या को लेकर बांकी मोंगरा नगर निगम जोन कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर ने कहा कि लावारिस मवेशियों के कारण फसलों को नुकसान, सड़कों में हादसे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर तत्काल लावारिस मवेशियों का उचित व्यवस्था और समाधान नहीं होगा तो  28 अगस्त को किसानों के साथ बांकी नगर निगम जोन कार्यालय का माकपा घेराव करेगी।

13-07-2020
भू धसान प्रभावितों को मुआवजा देने माकपा ने सौंपा कलेक्टर, एसईसीएल महाप्रबंधक को ज्ञापन

कोरबा। एसईसीएल बल्गी सुराकछार खदान में डीपिलरिंग के कारण हुए सुराकछार बस्ती में भू धसान से प्रभावितों को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने उचित मुआवजा देने की मांग की है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि डीपिलरिंग के कारण सुराकछार बस्ती के 50 से अधिक किसानों का कृषि योग्य भूमि भू धसान के कारण बुरी तरीके से बर्बाद हो गया। अब इस जमीन में भूधारक कोई कृषि कार्य नहीं कर पा रहे हैं। भूमि में दरारें इतनी गहरी है कि वह पूरी तरह तालाब,झील और खाई में तब्दील हो गया है। यह भू धसान का सिलसिला लगातार बढ़ते हुए अब गांव के नजदीक तक पहुंच गया है। इसके कारण गांव में कभी भी बड़ी दुर्घटना होने की आशंका से गांववासियों में भय का माहौल है।

माकपा प्रतिनिधि मंडल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया प्रतिनिधिमंडल में प्रशांत झा,सुरती कुलदीप, राजकुमारी कंवर शामिल थे। पार्टी नेता ने प्रभावित किसानों को ब्याज सहित लंबित मुआवजा राशि का तत्काल भुगतान करने, भू धसान को रोकने के लिए और प्रभवित किसानों की भूमि को कृषि योग्य बनाने के लिए भूमि समतलीकरण करने और प्रभावितों के जमीन कृषि योग्य नहीं बनने की स्थिति में पुनर्वास नीति के तहत किसानों की भूमि अधिग्रहण करने की मांग करते हुए जिलाधीश,एसईसीएल मुख्य महाप्रबंधक एवं उप क्षेत्रीय प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा है।

 

01-07-2020
कोरबा नगर निगम में एमआईसी बैठक का बहिष्कार करेगी माकपा पार्षद

कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि बिना किसी एजेंडा की सूचना दिए महापौर द्वारा एमआईसी की बैठक बुलाना गलत और एमआईसी सदस्यों के अधिकारों का हनन है। हर एमआईसी बैठक से पूर्व एजेंडे को जानना सदस्यों का अधिकार है, ताकि वे आम जनता के पक्ष में अपनी बात रख सके। चूंकि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया कोरबा महापौर द्वारा नहीं अपनाई जा रही है, आज आहूत एमआईसी बैठक का माकपा पार्षद सुरती कुलदीप बहिष्कार करेगी। माकपा के कोरबा जिला सचिव प्रशांत झा ने यह जानकारी दी। एमआईसी बैठक के बहिष्कार का निर्णय दोनों माकपा पार्षदों राजकुमारी कंवर और सुरती कुलदीप के साथ बैठक करने के बाद और माकपा प्रतिनिधियों के प्रति निगम अधिकारियों और महापौर के रवैये को देखते हुए लिया गया है। माकपा पार्षद सुरती कुलदीप ने कहा कि आज निगम की एमआईसी बैठक का बहिष्कार कर विरोध जताया जा रहा है और आने वाले समय में यदि आम जनता के मुद्दों पर चर्चा नहीं होगी, तो सड़क की लड़ाई लड़ी जाएगी।

18-06-2020
कमर्शियल माइनिंग और कोल ब्लॉक को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में माकपा ने किया प्रदर्शन

 कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कोरोना महामारी के राहत पैकेज के नाम पर फंड जुटाने देश के सार्वजनिक उद्योगों को बेचने का आरोप लगाते हुए एसईसीएल सुराकछार गेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया।मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा की मोदी सरकार देश की सार्वजनिक संपत्तियों को विनिवेशीकरण, निजीकरण करने जा रही है,आज से कोल ब्लाक की नीलामी की प्रक्रिया चालू कर रही है साथ ही कमर्शियल माइनिंग कर निजी मालिकों को कोयला खुले रूप से कोयला बेचने का अधिकार दे दी है,जिससे कोल इंडिया का अस्तित्व खत्म होने वाला है साथ ही श्रम कानूनों में परिवर्तन कर मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश की जा रही है।

माकपा 2 जुलाई से 4 जुलाई तक कोयला उद्योग में होने वाले देशव्यापी हड़ताल का समर्थन भी किया। माकपा पार्षद सुरती कुलदीप ने कहा की कोरबा जिले में भी घने जंगलों को उजाड़ कर आदिवासियों को जल जंगल जमीन से बेदखल करने पर्यावरण को खतम करने की साजिश कर देश को देशी विदेशी पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की प्रक्रिया चालू कर दी है। आज एसईसीएल सुराकछार मेन गेट के सामने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति सीटू ने मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में जनवादी महिला समिति की प्रदेश संयोजक धनबाई कुलदीप,माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर,हुसैन अली, जनकदास,रामचरन चंद्रा,लंबोदर,जवाहर सिंह कंवर, दिलहरण बिंझवार उपस्थित रहे।

 

05-05-2020
माकपा ने सीएम भूपेश से तेलंगाना में फंसे श्रमिकों की सुरक्षित वापसी की मांग की

रायपुर। माकपा की स्टेट कमेटी के सचिव संजय पराते ने सीएम भूपेश बघेल से तेलंगाना राज्य के 15 जिलों में फंसे छत्तीसगढ़ के 489 परिवारों के 1300 मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी का प्रबंध करने की मांग की है। माकपा ने इन सभी प्रवासी मजदूरों के नाम, लोकेशन और मोबाइल नंबरों सहित पूरी सूची नोडल अधिकारी अंबल्गन पी. को व्हाट्सएप से तथा सीएम को मेल के जरिए भेज दी है। माकपा सचिव संजय पराते के मुताबिक इनमें से अधिकांश श्रमिक बस्तर के आदिवासी हैं और इनमें 89 बच्चे तथा 128 महिलाएं भी शामिल हैं। पराते ने कहां है कि छत्तीसगढ़ के 1 लाख 6 हजार मजदूर दूसरे प्रदेशों में फंसे हुए हैं।

 

01-05-2020
Video: बस्ती वासियों की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, तालाब में पानी भराव हुआ माकपा के प्रयास से...

कोरबा। बांकीमोंगरा, मोगरा वार्ड के बाँकी बस्ती में वर्षों से पानी की समस्या बनी हुई थी। गर्मी में पीने के पानी की समस्या के साथ निस्तारी और पशुओं को पानी की समस्या बनी रहती थी। माकपा जिला सचिव प्रशांत झा, माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर ने समस्या के गंभीरता को देखते हुए एस.ई.सी.एल के अधिकारियों से बाँकी खदान से निकलने वाले पानी जो बह कर नाला में चला जाता था उसे कच्ची बांध बना कर पानी तालाब में भरने की मांग की। जिससे लगभग एक हजार लोगों को लाभ मिलेगा और लॉक डाउन के कारण ग्रामीण गांव से बाहर भी नहीं निकल पा रहे हैं। इस गंभीरता से भी एस.ई.सी.एल अधिकारियों को अवगत कराया गया।

जिस पर सूराकछार सबएरिया मैनेजर दिव्यजीवन सी और सिविल इंजीनियर विपिन शर्मा ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्य करवाने का आश्वासन दिया और कच्ची बांध बनवा कर खदान से निकलने वाले पानी से तालाब को भरवाया। इससे हजारों ग्रामीणों को निस्तारी और पशुओं को पीने के लिए पानी का लाभ मिलेगा। लॉक डाउन के कारन कार्य मे आ रही परेशानी को देखते हुए माकपा के युवा कार्यकर्ता जवाहर कंवर, दिलहरण बिंझवार, श्याम सुंदर यादव, भागवत, विजय, चंद्रभूवन, कन्हैया रजक की टीम ने श्रमदान कर कार्य को पूरा करने में विशेष सहयोग किया।

11-01-2020
जेएनयू के छात्रों पर हमले के खिलाफ वामपंथी पार्टियों ने किया प्रदर्शन

रायपुर। जेएनयू के प्रशासन द्वारा की गई भारी फीस वृद्धि के खिलाफ माकपा ने प्रदर्शन किया। माकपा नेता प्रशांत झा ने कहा कि वहां के छात्रसंघ के नेतृत्व में आम छात्रों द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से चलाए जा रहे आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिस प्रशासन, केंद्र सरकार और जेएनयू प्रशासन की सरपरस्ती में नकाबधारी और हथियारबंद संघी गुंडों द्वारा  किये गए हमले के विरोध में आज कोरबा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और भाकपा ने मिलकर ट्रांसपोर्ट नगर चौक पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया और समूची फीस वृद्धि वापस लेने औऱ जेएनयू के कुलपति को हटाने की मांग की और जेएनयू प्रशासन, दिल्ली पुलिस और मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सभा को संबोधित करते हुए माकपा नेता प्रशांत झा ने इस सुनियोजित हमले की तीखी निंदा करते हुए कहा कि हमलावरों को बचाने और हमले के शिकार छात्र-छात्राओं पर ही मुकदमा दर्ज करने की घटिया हरकत इस सरकार को महंगी पड़ेगी। आज देश की समूची जनता और छात्र जगत जेएनयू के साथ है। उन्होंने कहा कि इस सरकार और जेएनयू प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि हथियारबंद गुंडे शिक्षा परिसर में कैसे घुसे और ऐसी हालत में पूरे समय कुलपति सोये क्यों रहे? सभा को माकपा के जनक दास, धनबाई कुलदीप, डॉ. तान्या घोष, गया बैस और माकपा पार्षद श्रुति कुलदीप और राजकुमारी कंवर; भाकपा के हरीनाथ सिंह ,एम एल रजक,आर पी खांडे, संतोष सिंह ने भी संबोधित किया। सभा के बाद महामहिम राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।

19-09-2019
नक्सलियों ने माकपा की 15वीं वर्षगांठ मनाने का किया आह्वान

कांकेर। नक्सल प्रभावित आमाबेड़ा क्षेत्र में बीती रात नक्सलियों ने थाने से महज 1 किमी की दूरी पर भट्ठीपारा चौक एवं धनोरा मार्ग के आसपास भारी मात्रा में बैनर बांधे है। नक्सलियों ने बैनर बांधकर 50वीं वर्षगांठ एवं माकपा की 15वीं वर्षगांठ मनाने का उल्लेख किया है। साथ ही नक्सलियों ने 2 सितम्बर से 8 नवम्बर तक देशभर में क्रांतिकारी दिवस जोश-खरोश से एवं शुद्ध संकल्प के साथ मनाने का आह्वान किया है। उक्त बैनर किसकोड़ो एरिया कमेटी ने जारी किया है जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।

नरेश भीमगज की रिपोर्ट

05-08-2019
माकपा ने लगाया आरोप :  लोकतंत्र और संघीय ढांचे की हत्या की मोदी सरकार ने

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से जुड़े संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने के मोदी सरकार के फैसले को वामदलों ने जनविरोधी बताता है। माकपा ने कहा कि सरकार के इस कदम से लोकतंत्र और संघीय ढांचे की हत्या हुई है। माकपा पोलित ब्यूरो द्वारा सोमवार को जारी बयान के अनुसार मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 खत्म कर लोकतंत्र और संविधान पर कुठाराघात किया है। पार्टी ने कहा कि कश्मीर के लोगों ने इस विश्वास के साथ खुद को भारत के साथ हमेशा एकजुट रखा कि उनके राज्य को मिली स्वायत्तता और विशेष राज्य का दर्जा बरकरार रहेगा। पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार ने इस विश्वास को तोड़कर जम्मू कश्मीर की जनता के साथ विश्वासघात किया है। पोलित ब्यूरो ने सरकार के इस फैसले को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताते हुए कहा कि यह महज जम्मू कश्मीर को ही प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि यह लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और स्वयं संविधान पर हमला है। भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता शुरू से ही सभी प्रकार की विषम परिस्थितियों के बावजूद भारत के साथ एकजुटता से खड़ी रही। जम्मू-कश्मीर का इस प्रकार से बंटवारा करना वहां की जनता पर जालिमाना हमला है। अनजान ने कहा कि जरूरत इस बात की थी कि इतना बड़ा फैसला करने से पहले उपयुक्त माहौल बनाया जाता। इससे यह संदेश गया है कि मोदी सरकार देश के अन्य राज्यों को भी कश्मीर की तर्ज पर कभी भी बांट सकती है। देश की एकता और अखंडता के लिये यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण दिन है।  

 

27-08-2018
Assembly Election : पांच सीटों पर चुनाव लड़ेगी माकपा, गठबंधन से नहीं है एतराज

रायपुर। प्रदेश में 2018 में होनी वाले विधानसभा चुनाव के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी प्रदेश के पांच सीटों में अपने दावेदार पेश करेगी। इससे पहले पार्टी केवल दो से तीन सीटों में ही अपने चुनाव लडती आ रही है। वहीं इस बार अपना पैर पसारते हुए पार्टी सीटों पर बढ़ोत्तरी करते हुए पांच सीटों से चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

जन आधार नहीं होने से केवल पांच सीटों पर लड़ेगी चुनाव

90 सीट से चुनाव ना लड़ने के विषय में पार्टी के राज्य सचिव संजय पराते ने कहा है कि हमारे पास अधिक जन आधार नहीं है इसलिए हम पुरे 90 सीटों से चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं, लेकिन इन पांच सीटों के आलवा जो भी पार्टी काबिल होगा और भाजपा के विरुद्ध हमारी लड़ाई लड़ सकेगा उसे हम उस क्षेत्र में अपना समर्थन देंगे। इस बार हम केवल उन्ही सीटों पर चुनाव लड़ने लड़ रहे हैं, जहां पर हमारे लोगों की अधिकता है।

केवल पांच सीटों में प्रत्याशी उतारकर भाजपा को सत्ता से हटाएगी माकपा!

वैसे तो माकपा केवल पांच सीटों पर ही चुनाव लड़ रही है, लेकिन माकपा का कहना है कि हम भाजपा मुक्त छत्तीसगढ़ देखना चाहती है, इसलिए कांग्रेस और बसपा के प्रत्यशियों को अन्य सीटों पर अपना समर्थन देंगे और अपने तौर पर पूरी तरह से सुनिश्चित करेंगे कि जीत केवल हमारे प्रत्याशियों की ही हो।

माकपा की होगी ये चुनावी रणनीति

चुनावी रणनीति के विषय में संजय पराते ने कहा कि चुनाव को लेकर हमारी बहुत ही स्पष्ट रणनीति है। हम अपनी वाम पंथी लोगों को एक जुट करेंगे और जितनी भी वामपंथी पार्टियां है उसका एक साथ मिलकर समर्थन करेंगे। हमारे कार्यकर्ताओं की संख्या गिन पाना तो कठिन है, लेकिन हम सब एक दुसरे से जुड़े हुए हैं। हम सब अलग-अलग संगठनों के रूप में काम कर रहे हैं।

ये होंगे चुनाव के मुद्दे

संजय पराते ने कहा है कि माकपा शुरू से ही अपने चुनावी मुद्दों को लेकर स्पष्ट रही है। हमेशा से सीपीएम को मुद्दे बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था, मजदूरों से सम्बंधित समस्यों पर आधरित रही है। 15 सालों से भाजपा की सरकार सत्ता में है लेकिन आज तक प्रदेश के युवाओं, किसानों और मजदूरों को केवल छला ही जा रहा है। आज युवा बेरोजगार हैं, किसान आत्महत्या कर रहे हैं, मजदूरों की चिंता भी भाजपा की सरकार को केवल चुनाव के वक्त ही होती है।

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