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24-11-2019
सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया केंद्र, राज्य, फडणवीस और पवार को नोटिस, सोमवार सुबह फिर होगी सुनवाई

नई दिल्ली। शिवसेना,एनसीपी और कांग्रेस ने शनिवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री अजित पवार के शपथग्रहण को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर रविवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस एनवी रमना,जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस खन्ना की बेंच ने कहा कि सोमवार सुबह 10.30 फिर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, महाराष्ट्र सरकार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार को नोटिस जारी किया है। रविवार को हुई सुनवाई में कपिल सिब्बल शिवसेना की तरफ से, अभिषेक मनु सिंघवी एनसीपी की तरफ से और देवदत्त कामत कांग्रेस की तरफ से पेश हुए हैं। केके वेणुगोपाल और तुषार मेहता केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की तरफ से पेश हुए हैं। भाजपा विधायकों की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी पेश हुए हैं।
रोहतगी ने कोर्ट से कहा कि क्या 3 हफ्ते तक तीनों पार्टियां सो रही थीं। उन्होंने कहा कि वह सीएम को नोटिस जारी करें, वह अपना पक्ष रखेंगे। रोहतगी ने कहा कि राज्यपाल अपने विवेक से फैसला लेने को स्वतंत्र हैं। राज्यपाल ने सड़क से किसी को उठाकर शपथ नहीं दिलाई है।

मुकुल रोहतगी की इस दलील पर कि राज्यपाल के फैसले की न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकती, कोर्ट ने कहा कि इसका मतलब यह भी नहीं है कि किसी को भी शपथ दिला दी जाए। सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि एनसीपी के कुल 54 विधायकों में से 41 विधायकों ने गवर्नर को लिखित में जानकारी दी है कि अजित पवार को एनसीपी के विधायक दल के नेता पद से हटाया जा चुका है। कपिल सिब्बल ने रामेश्वर जजमेन्ट का हवाला दिया और कहा कि हमें सरकार बनाने दिया जाए। उन्होंने कहा, 'हमारे पास बहुमत है, हम कल बहुमत साबित करने के लिए तैयार हैं। कोर्ट को देरी नहीं करनी चाहिए, वे अपनी मेजॉरिटी साबित करें।'

तुषार मेहता ने भी महाराष्ट्र मामले में सुनवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता पहले हाईकोर्ट क्यों नहीं गए। कपिल सिब्बल ने कहा,इस मामले में कर्नाटक मामले की तरह मेजॉरिटी का कोई लेटर नहीं है। सिंघवी ने कोर्ट से कहा कि जोड़-तोड़ की राजनीति को रोकना जरूरी है, इसलिए जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट हो। किसी सीनियर विधायक को प्रोटेम स्पीकर बनाने और आज ही फ्लोर टेस्ट की मांग की। सिंघवी ने कोर्ट से जल्द से जल्द बहुमत परीक्षण की मांग की। कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कर्नाटक की तर्ज पर 24 घंटे के भीतर बहुमत परीक्षण कराने का आदेश देने की मांग की। उन्होंने कर्नाटक का हवाला देते हुए कहा कि राज्यपाल ने येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 19 दिनों का वक्त दिया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 24 घंटे में फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था।

23-11-2019
प्रदेश के किसानों का धान का पैसा सीधे किसानों के जेब मे जाएगा : भूपेश बघेल

बीजापुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बीजापुर जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 291 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की जिलेवासियों को सौगात दी।उन्होंने इस अवसर पर नुकनपाल मैं नव निर्मित गोठान का अवलोकन किया।उसके बाद वे नुकनपाल से सड़क मार्ग से जिला चिकित्सालय पंहुचे। जिला चिकित्सालय बीजापुर में सिटी स्कैन मशीन, इकोकार्डियोग्राफी, एक्स-रे और सोनोग्राफी सुविधा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उसूर और गंगालूर के लिए दो नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला अस्पताल से मुख्यमंत्री का कारवां सभास्थल पंहुचा,जंहा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 291 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया।सरपंच व किसान सम्मेलन को सम्बोधित करने के दौरान केंद्र सरकार को आड़े हांथो लेते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, यहाँ के किसानों का हक मारने का प्रयास कर रही है,इसके बावजूद प्रदेश के किसानों को चिंता करने की कोई जरूरत नही उन्हें उनका हक मिल कर रहेगा, कोई माई का लाल इसे नही रोक सकता।

सभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की सरकार ने बीजापुर जिले को सर्वाधिक पिछड़े जिले की श्रेणी में रखा है, मगर आप सभी के सहयोग से हम इस जिले को प्रदेश ही नही देश का नम्बर एक जिला बनाएंगे । हमारी सरकार ने 10 महीने में जो भी किया है, आप सभी के सामने है, मैं आंकड़ो का खेल नही खेलना चाहता हूं, धरातल पर आकर काम करना जनता हूँ । बीजापुर के विधायक विक्रम ने जिले के विकास के लिए 19 मांगे रखा है मैं इन कार्यो को बजट में शामिल करते हुए तत्काल स्वीकृत करने का घोषणा करता हूं, हमारी सरकार विकास की पक्षधर है विनाश का नही,हम गरीबों की चिंता करते है, अब कोटवार से लेकर कलेक्टर तक का राशन कार्ड बनेगा और हर किसी को चांवल मिलेगा, किसी को भूखे पेट सोने की आवश्यकता नही पड़ेगी । महाराष्ट्र सरकार गठन के सवाल पर मुख्यमंत्री  ने कहा कि वहाँ लोकतंत्र के साथ मजाक हुआ है, जनता के साथ धोखा किया गया है।

इस सभा को सम्बोधित करते हुए क्षेत्रीय विधायक विक्रम मण्डवी ने कहा कि प्रदेश की भूपेश सरकार गरीब, आदिवासी और किसानों की सरकार है, इस कारण सभी की चिंता करती है, क्षेत्र के विकास में कोई कमी नही होगी बीजापुर का पूर्ण विकास होगा । बस्तर सांसद दीपक बैज ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि केंद्र की सरकार छत्तीसगढ़ का धान खरीदने से मना कर रही है, यदि केंद्र की सरकार बस्तर और छत्तीसगढ़ का धान नही खरीदेगी तो बस्तर का खनिज भी केंद्र को नही दिया जायेगा । इस दौरान आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि भाजपा की सरकार ने गरीब किसानों को झूठे मामले में फंसा कर जेल में ठूंसने का काम किया, फर्जी मुठभेड़ करवाया, स्कूलों को बंद करवाया। अब हमारी सरकार झूठे मामले में जेल भेजे गए निर्दोषों को रिहा कराने का काम कर रही है, गांव गांव में स्कूल खुलवाने काम कर रही है । मुख्यमंत्री ने अपने प्रवास के दौरान 291 विकास कार्यो का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया । मुख्यमंन्त्री के साथ जिले के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल, मंत्री प्रेमसाय टेकाम, कवासी लखमा , दन्तेवाड़ा विधायक देवती कर्मा भी उपस्थित रहे ।

 

 

21-11-2019
महाराष्ट्र सियासी हलचल: सरकार गठन को लेकर साफ होगी तस्वीर, कांग्रेस-एनसीपी की आज प्रेस कांफ्रेस

मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर अटकलें जारी हैं। यहां रोजाना राजनीतिक गणित पल-पल बदल रहा है। इसी बीच आज कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी संयुक्त प्रेस कांफ्रेस करने वाली है। इसमें सरकार गठन को लेकर चर्चा हो सकती है। यह जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने दी। माना जा रहा है कि कांग्रेस-एनसीपी के नेता शिवसेना नेतृत्व के साथ शुक्रवार को मुंबई में बैठक करेंगे। इसके बाद सरकार गठन को लेकर घोषणा की जा सकती है। चव्हाण ने कहा, 'हमने बातचीत पूरी कर ली है। हमने कई मुद्दों का समाधान कर लिया और शिवसेना नेतृत्व फोन के जरिए हमारे संपर्क में है।' शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि साझा न्यूनतम कार्यक्रम पर बुधवार की बैठक हुई, जो अच्छी रही। आने वाले दिनों में एक मजबूत सरकार देंगे। उन्होंने कहा कि आज मैं शरद पवार से मुलाकात करूंगा, तीनों पार्टियां महाराष्ट्र के हित में सरकार बनाएंगी। राउत ने दावा किया कि एक दिसंबर से पहले मुख्यमंत्री तय हो जाएगा और नई सरकार का गठन हो जाएगा।

31-10-2019
आरबीआई चोर है, चीख-चीख कर नारे लगाते रहे पीएमसी बैंक के जमाकर्ता

मुंबई/रायपुर। आरबीआई चोर है आरबीआई चोर है। ये नारे लगाते रहे पीएमसी बैंक घोटाले के प्रभावित लोग मुंबई में। पीएमसी बैंक घोटाले के प्रभावित लोगों का प्रदर्शन जारी है। फिर इकट्ठा हुए लोग और उनका गुस्सा हट पड़ा आरबीआई पर। उनका कहना था कि आरबीआई का प्रतिबंध पीएमसी बैंक पर से तत्काल हटना चाहिए। उनका अपना जमा किया हुआ पैसा उनको वापस मिलना चाहिये। उनमें से कोई अपनी किडनी बदलवाने के लिए रुपया निकालना चाहता है तो कोई रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने के लिए। पीएमसी बैंक घोटाला महाराष्ट्र सरकार की गले की हड्डी बन गया है। ऊपर से गठबंधन की फांस भी सरकार बनने में रोड़ा बनी हुई है। ऐसे में पीएमसी बैंक के पीड़ितों को तत्काल राहत मिलती हुई दिख नहीं रही है।

02-05-2019
गौतम नवलखा को गिरफ्तारी से अंतरिम छूट का महाराष्ट्र सरकार ने किया विरोध

मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा गौतम नवलखा को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम छूट का महाराष्ट्र सरकार ने विरोध किया है। गुरुवार को गढ़चिरौली नक्सली हमले का हवाला देते हुए सरकार ने कहा कि वह ऐसे ही एक समूह के सदस्य हैं। जस्टिस रंजीत मोरे और जस्टिस भारती डांगरे की एक पीठ ने नवलखा की उस याचिका पर सुनवाई की जिसमें उनके खिलाफ  दर्ज मामले को रद्द करने की मांग की गई थी। एल्गार-परिषद से माओवादी के संबंध होने के मामले में पुणे पुलिस ने उनके खिलाफ  एक मामला दर्ज किया था। पुलिस ने नवलखा और अन्य चार नगारिक अधिकार कार्यकर्ताओं पर नक्सलियों से संबंध रखने का आरोप लगाया था। अदालत ने अक्टूबर 2018 में नवलखा को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था। सरकारी वकील अरुणा कामत पई ने बुधवार को गढ़चिरौली जिले में हुए नक्सली हमले का हवाला देते हुए नवलखा को गिरफ्तारी से मिली छूट को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने गढ़चिरौली में हमला किया, जिसमें 15 पुलिसकर्मियों की जान चली गई। याचिकाकर्ता पर ऐसे ही एक समूह से नाता रखने का आरोप है।  वकील ने कहा कि गिरफ्तारी अंतरिम संरक्षण के कारण पुलिस जांच जारी नहीं रख सकती और उन्हें नवलखा से पूछताछ करने की आवश्यकता है। नवलखा के वकील युग चौधरी ने इसका विरोध करते हुए पूछा कि क्या पुलिस यह दावा कर रही है कि उनका मुवक्किल बुधवार को हुए आईईडी विस्फोट के पीछे था? अदालत ने कहा कि नवलखा को मिला अंतरिम संरक्षण जांच में आड़े नहीं आना चाहिए। जस्टिस मोरे ने कहा कि अंतरिम संरक्षण अक्टूबर 2018 को दिया गया था। एक और महीने का संरक्षण जांच में बाधा नहीं डालेगा। मामले की अगली सुनवाई 12 जून को होगी।

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