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07-09-2019
अमित जोगी का बढ़ा ब्लड प्रेशर, अपोलो में भर्ती

रायपुर। गिरफ्तारी के बाद से अमित जोगी की तबियत लगातार बिगड़ने लगी है। देर रात स्वास्थ ज्यादा खराब होने पर उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोरखपुर उपजेल में स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें सिम्स में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए अपोलो अस्पताल रेफर किया है। उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया। ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण अमित जोगी की तबियत में सुधार नहीं हो पा रहा है। फिलहाल उनका इलाज अपोलो अस्पताल में जारी है। वहीं दूसरी ओर अमित जोगी के पिता पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी भी खराब स्वास्थ्य के चलते दिल्ली के मेदांता अस्पताल में भर्ती है।

06-09-2019
अजीत जोगी पर एक और एफआईआर, समीरा पैकरा ने गौरेला थाने में लिखवाई रिपोर्ट

पेंड्रा। जूनियर जोगी के बाद अब सीनियर जोगी की बारी। जाति मामले को लेकर  जोगी परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जाति छानबीन समिति के निष्कर्ष के बाद बिलासपुर के सिविल लाईन थाने में अमित जोगी के खिलाफ अपराध दर्ज कराया गया था। वहीं अब गौरेला थाना में समीरा पैकरा ने अजीत जोगी के खिलाफ फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने और उसका छलपूर्वक दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए अपराध दर्ज करवाया है। समीरा पैकरा ने यह एफआईआर तत्कालीन तहसीलदार पतरस तिर्की के उस शपथ पत्र के आधार पर की है, जिसमें पतरस तिर्की द्वारा यह दावा किया गया है कि उनके द्वारा जोगी का प्रमाणपत्र कभी जारी नहीं किया गया है। गौरेला थाने में मरवाही विधायक अजीत जोगी के खिलाफ धारा 420, 467, 471 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया हैं। समीरा पैकरा ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने उस फर्जी प्रमाणपत्र का छलपूर्वक लाभ लिया।

05-09-2019
पूर्व विधायक अमित जोगी की बिगड़ी तबीयत

बिलासपुर। जनता कांग्रेस जोगी के नेता और मरवाही के पूर्व विधायक अमित जोगी की गौरला उपजेल में तबीयत बिगड़ गई है। मिल जानकारी के अनुसार बुधवार शाम अमित जोगी ने सांस लेने में तकलीफ और छाती में दवाब की शिकायत की और उन्हें गौरला उप स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य का परीक्षण किया। बता दें कि याचिका खारिज होने के बाद अमित जोगी 14 दिन की न्यायिक रिमांड में है।

 

06-07-2019
​​​​​​​पुर्नवास नीति में हो रही देरी पर सरकार करें श्वेत पत्र जारी: अमित जोगी

रायपुर। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी के अध्यक्ष अमित जोगी ने गोदावरी और इंद्रावती नदी पर बांध बनाए जाने पर पुर्नवास नीति में हो रही देरी पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा जब आंध्रप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम पारित करा गया तो मुख्य रूप से जल को लेकर तीन बांधों के निर्माण को सहमति दी गई थी। आंध्रप्रदेश में गोदावरी नदी पर पोलावरम बाँध को यूपीए की सरकार ने 70000 करोड़ का आवंटन कराके और एनडीए सरकार ने उसे ‘राष्ट्रीय परियोजना’ घोषित कर दिया। इस संबंध में डुबान में आने वाले कोंटा-छिन्दगढ़ क्षेत्र के 47 ग्राम पंचायतों में आज तक न तो भूअर्जन और पुनर्वास अधिनियम के अनिवार्य प्रावधानों के अंतर्गत कोई जन सुनवाई कराई गई और 1980 में गोदावरी वॉटर डिस्प्यूट ट्रायब्यूनल द्वारा निर्धारित 150 फीट की अधिकतम डुबाई स्तर को भी बढ़ाकर 180 फीट कर दिया गया। अमित जोगी ने कहा कि इस संबंध में मैंने विधान सभा से प्रस्ताव पारित किया था किंतु आज तक उसपर भी राज्य शासन ने कोई कार्यवाही नहीं की है।
इसी प्रकार तेलंगाना में इंद्रावती और गोदावरी नदियों के संगम में इचमपल्ली विकास खंड में दो बाँधों के निर्माण को सृजला सृवंती और देव दुल्ला में स्वीकृति दी गई थी। कलेक्टर बीजापुर द्वारा राज्य शासन को सौंपी पर्यावरण-सामाजिक प्रभाव रिपोर्ट के अनुसार इन बाँधों के निर्माण से बीजापुर-भोपालपतनम का 40000 हेक्टर क्षेत्र डुबान में आएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर भी छत्तीसगढ़ शासन ने कोई आपत्ति नहीं की। इस विषय में ये बताना जरूरी है कि जब 2002 में तत्कालीन अविभाजित आन्ध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अजीत जोगी को बाँधों के भूमिपूजन के लिए निमंत्रण दिया था, तब उन्होंने स्पष्ट रूप से यह कहके मना कर दिया था कि मैं आऊंगा जरूर लेकिन भूमिपूजन करने नहीं आमरण अनशन करने। 

 अमित जोगी ने ऐसी स्थिति में दोनों दलों के नेताओं के मुंह का ताला नहीं खुलता है तो उत्तर-मध्य बस्तर भारत का सबसे बड़े रेगिस्तान और दक्षिण बस्तर भारत का सबसे बड़ा बाँध बन कर रह जाएँगे। उन्होंने कहा कि इस विषय पर सरकार को तत्काल श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।

03-07-2019
अमित जोगी ने मुख्यमंत्री को दिया नया नाम 'ठगेश बघेल'- लगाया नंदराज पर्वत बेचने का आरोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 'ठगेश बघेल' कहते हुए आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा 23 दिन पहले बैलाडीला के हिरोली ग्राम पंचायत में दो-दो आदेश जारी किए गए थे जिसमें नंदराज पर्वत में जो पेड़ कटाई हुई थी और  ग्रामसभा में जो खुदाई की बात हुई थी उसकी जांच नहीं हुई है। 11 जून के जो आदेश आया था उस पर राज्य सरकार ने जो कार्यवाही की है उसके बारे में बताते हुए अमित जोगी ने कहा कि जो प्रदेश के मुखिया 'ठगेश बघेल' जनता को ठग रहे हैं यह सबको पता है।

उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि नंदराज पर्वत में जो पेड़ लगे हैं उसको कुछ ही घंटों में काट दिए गए हैं। कनाडा से जो टिंबर मशीन लाई गई थी उसे अडानी ने मंगवाया था। 1000 की संख्या में पेड़ काटे गए हंै। इस पर मुख्यमंत्री वन विभाग और अडानी इंटरप्राइसेस का कोई दोष नहीं मान रहे हैं। अमित जोगी ने आरोप लगाया कि अडानी के दलाल ने रात को बस में जनप्रतिनिधियों को ले जाकर मुख्यमंत्री निवास में मुलाकात करवाई थी। साथ ही हिरोली ग्रामसभा कराने वाले सचिव का पता नहीं लगा पाई है। पुलिस अब तक उस सचिव को नहीं पकड़ पाई है या मुख्यमंत्री सचिव को बचाने में लगे हुए हैं। 

03-07-2019
अमित जोगी आज लेंगे प्रेसवार्ता, करेंगे बड़े खुलासे

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी बुधवार को रायपुर स्थित अनुग्रह अपने कार्यालय में अपनी नियमित प्रेसवार्ता में 4 बजे ख़ुलासे करेंगे। इसमें 15 दिनों में पेड़-कटाई और फ़र्ज़ी ग्रामसभा की जनसुनवाई की जाँच के आदेश के पालन करने की आड़ पर फिर भूपेश बघेल, अड़ानी और वन विभाग के साथ कैसे लीपापोती कर रहे हैं। कैसे अड़ानी के साथ नंदराज पर्वत से हर साल  72 हजार करोड़ लूटने की बंद कमरे में योजना बनी है। कनाडा से मंत्री  किस क़िस्म के वाहन का अध्ययन करके लौटे हैं और क्यों अड़ानीगढ़ कांड की जाँच ईडी और सीबीआई से को करनी चाहिय ? एवं आज के हाई कोर्ट के जारी होने वाले अजीत जोगी के जाति सम्बंधित आदेश पर प्रतिक्रिया देंगे। 

19-06-2019
अंतागढ़ टेपकांड : अजीत व अमित जोगी को वॉइस सैंपल के लिए नोटिस 

रायपुर। लोकसभा चुनाव के बाद अंतागढ़ टेपकांड मामले में फिर से जांच तेज हो गई है। मामले में कथित आरोपियों को आदेश जारी किया गया है। इस मामले में अजीत जोगी, अमित जोगी को एसआईटी ने वॉइस सैंपल के लिए नोटिस जारी किया है। उन्हें 24 जून को एसआईटी ऑफिस तलब किया गया है। इसकी पुष्टि एसएसपी आरिफ  शेख ने की है।

18-06-2019
सीएम बघेल अस्पताल के नाम पर काट रहे मौत की फैक्ट्री का फीता : अमित जोगी 

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी ने आज प्रेसवार्ता ली। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अस्पताल के नाम पर मौत की फैक्ट्री का फीता काट रहे हैं। पत्रकारवार्ता में अमित जोगी ने कहा कि कल 17 जून को मुख्यमंत्री द्वारा बिलासपुर के प्रताप चौक स्थित लाइफ केयर हास्पिटल एवं मेटरनिटी होम और सिद्धि विनायक टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर का फीता काटकर उद्घाटन किया है। मुख्यमंत्री को यह जानकारी होनी चाहिये कि उन्होंने ऐसा अपनी ही सरकार के स्वास्थ्य विभाग के मंत्री के कड़े विरोध के बावजूद और स्वास्थ्य संबंधित सभी नियमों को ताक पर रखते हुए किया। ऐसा करके उन्होने लाइफ केयर हास्पिटल एवं मेटरनिटी होम की जगह डेथ केयर हास्पिटल एवं मरच्यूरी होम का उद्घाटन कर दिया है। अमित जोगी ने बताया कि अस्पताल के उद्घाटन के एक दिन पहले ही उसके द्वारा पंजीयन का आवेदन प्रस्तुत किया जाता है। आवेदन प्रस्तुत होने के 3 दिन पूर्व एक जांच समिति उसकी जांच कर लेती है और चौथे दिन मुख्यमंत्री उस अस्पताल का लोकार्पण कर आते हैं। मुख्यमंत्री ने ये तो साफ तौर पर अपने चहेतों को अनुचित फायदा पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट उपचार गृह तथा रोग उपचार संबंधी स्थापना, अनुशासन, नियम 2013 की धज्जियां उड़ाकर हजारों मासूमों की जान जोखिम में डाल दी है या फिर उन्होंने टाइम मशीन का अविष्कार कर लिया है। जिसके लिए उन्हें नोबल पुरस्कार से नवाजा जाना चाहिए।

13-06-2019
युवाओं के भविष्य वाला लिफाफा खोलें गृहमंत्री : अमित जोगी

 

रायपुर। जिला पुलिस बल 2017-18 भर्ती संवर्ग रिजल्ट नहीं आने से परेशान अभ्यर्थियों ने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ( जोगी) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी से मुलाकात कर अपनी समस्या से अवगत कराया है। अमित जोगी ने मीडिया को बताते हुए कहा कि जो रिजल्ट है उसको 60 दिनों के अंदर घोषित कर प्रवेश दें। नहीं देने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री हाईकोर्ट के नोटिस को अपने टेबल पर देखने के लिए रखे हैं। कांग्रेस लगातार कोर्ट का अवमानना कर रही है। अमित जोगी ने निशाना साधते हुए कहा कि गृह मंत्री नहीं चाहते हैं रिजल्ट घोषित करना, कारण यह है कि वह युवाओं की चिंता नहीं करते हंै। जो बंद लिफाफे में युवाओं के भविष्य बंद है उसको इदगाह भाठा धरना स्थल में पहुंचकर खोलें और नियुक्ति पत्र सभी को दें। बता दें कि कल अमित जोगी के साथ सभी परीक्षार्थियों ने मंत्रालय जाने की बात कह प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है लेकिन मात्र बूढ़ा तालाब के पास जाने की अनुमति दी गई है। 2269 पदों पर भर्ती होनी है।

05-06-2019
सरकारी अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए न बिस्तर है और न दवाइयां : अमित जोगी 

रायपुर। बिलासपुर जिले के मरवाही में मलेरिया और टाइफाइड फैल गया है। इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में मरीजों का न तो बेहतर इलाज हो रहा है और न दवाइयां मिल रही है न ही बिस्तर है। मरवाही की जनता की परेशानी की सूचना पर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के प्रमुख अजीत जोगी ने अपने बेट अमित जोगी को जनता का हालचाल जानने के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा। यहां स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल देखकर अमित जोगी भड़के गए। अमित जोगी ने कहा कि न तो यहां इलाज हो रहा है और न दवाइयां मिल रही है, जनता परेशान हैं। 

मरवाही क्षेत्र में फैले मलेरिया, टाइफाइड बुखार पर शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने और मरवाही की संतोषी गौड़ की मृत्यु जाने के बाद मरवाही के पूर्व विधायक छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के नेता अमित जोगी, लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मरवाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। टायफाइड एवं मलेरिया से पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ने एवं स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के विरोध में 4 घण्टे काली पट्टी बांध कर धरना प्रदर्शन किया। अमित जोगी ने 10 सूत्री मांगों के साथ ज्ञापन सौंपा। इसमें बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ पीड़ित परिवार को 10 लाख  मुआवजे की मांग की। उन्होंने अल्टीमेटम दिया कि 10 दिनों के भीतर मांग पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री निवास के बाहर मरवाही की जनता के साथ प्रदर्शन करेंगे।
इधर मंगलवार को हालत का जायज लेने सीएमएचओ और कलेक्टर भी पहुंचे थे। जिला कलेक्टर ने मरवाही में सभी को मलेरिया, टाइफाइड ना होकर लू पीड़ित होना बता दिया। 

अमित जोगी ने जिला कलेक्टर के मंगलवार को दिए बयान पर हमला करते हुए कहा कि एसी कमरों में बैठकर अधिकारी यहां लू से लोगों के बीमार होने की बात कह रहे हैं। जबकि अस्पताल में एक ही परिवार के तीन—तीन लोग टाइफाइड से ग्रसित हैं। इसका चिकित्सक प्रमाण है, यह पानी जिसे आप दूषित नहीं मानते अगर दूषित नहीं है तो कैसे लोग बीमार हो रहे हैं। मैं हेपेटाइटिस बी से पूर्व में पीड़ित होने के बावजूद इस पानी को पी रहा हूं और अपनी जान जोखिम में डाल रहा हूं और यह पानी मुख्यमंत्री को भी दूंगा। उन्होंने कहा कि न ही ये  फ्लू है ना यह लू है बल्कि भ्रष्टाचार और लापरवाही की बू है। विधायक धर्मजीत सिंह ने साफ कहा कि यदि प्रशासन का कहना है कि मौत मलेरिया, टाइफाइड से ना होकर लू से हुई है तब भी उनका दायित्व है कि उसका इलाज किया जाता, अब मौत हुई है तो यह लड़ाई सदन तक जरूर जाएगी। 

04-06-2019
फर्जी रिपोर्ट तैयार कर वाहवाही लूट रहा पीएचई  विभाग : अमित जोगी

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) अध्यक्ष ने कहा कि मरवाही में मलेरिया, टाईफ़ाइड का एकमात्र और मूल कारण दूषित पेयजल है। उन्होंने कहा कि पीएचई विभाग द्वारा पेयजल की जांच की तथाकथित रिपोर्ट पूरी तरह फ़र्ज़ी है। उन्होंने कहा कि मरवाही में मलेरिया,टाईफ़ाइड की समस्या का समाधान स्वास्थ विभाग के पास ज़रूर हो सकता है लेकिन समस्या का जो मूल कारण लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग की घोर लापरवाही है। महामारी से ग्रसित बस्तियों में जो पानी के सैम्पल टेस्टिंग के लिए स्वास्थ विभाग द्वारा भेजे गए थे। उनकी मंगलवार को प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सब में E. कोलाई नामक बैक्टीरीया की मात्रा मानक स्तर से 10 से 20 गुणा अधिक पाई गई है।
अमित जोगी ने कहा कि ऐसी स्थिति में तत्काल सरकार को इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहिए और मरवाही के सभी प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल आपातकाल घोषित कर युद्ध स्तर पर नागरिकों को स्वच्छ पेयजल देने की व्यवस्था करना चाहिए। अमित जोगी ने स्पेशल फ़ण्ड उपलब्ध कराके विशेषज्ञों की टीम भेजनी की माँग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती है तब तक सभी प्रभावित क्षेत्रों में परिवहन के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

01-06-2019
अमित जोगी ने लिखा महान्यायावादी को पत्र

रायपुर। प्रदेश में छाए महाधिवक्ता मसले पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) अध्यक्ष अमित जोगी ने भारत शासन के महान्यायवादी को पत्र लिखा है। इसमें अमित जोगी ने छत्तीसगढ़ शासन के विधि विभाग द्वारा 31 मई को जारी अधिसूचना क्रमांक 1399/21- ब/छ.ग./ 2019 को तत्काल निरस्त करने की मांग की। उन्होंनें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग करने और न्यायोचित कार्यवाही करने की मांग की है। अमित जोगी ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 165 (1) का प्रयोग सिर्फ़ और सिर्फ़ महाधिवक्ता के रिक्त पद को भरने के लिए किया जा सकता है। उस पद पर कार्यरत व्यक्ति को पदमुक्त करने का उसमें कोई प्रावधान नहीं है।

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