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देश को बचाने के लिए समाज को आगे आना होगा : मोहन भागवत 

रायपुर। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने साइंस कॉलेज मैदान समाज के आए 131 बस्तियों के लोगों से कहा कि देश को बचाने के लिए समाज के लोगों को आगे आना होगा तभी देश बचा रहेगा। अकेल संघ कोई काम नहीं कर सकेगा जब तक समाज नहीं होगा। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सांइस कॉलेज मैदान में बौद्धिक के दौरान कहा कि भारत नहीं रहेगा तो न हम रहेंगे और न आप , इसलिए सबको मिलकर देश को बचाने का प्रयास करना है और इसके लिए देश में रोजना संघ की एक घंटे का शाखा लगती है और इसमें स्वयंसेवक के अलावा बहन भी अपनी जिम्मेदारी से शाखा में जाकर देश के लिए देशहित में काम कर सकते हैं। देश की सुरक्षा के लिए माता और भाई बहन सभी को आगे आना होगा तभी देश की सुरक्षा होगी और हम सब मिलकर भारत माता को बचाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज के लोग अपने-अपने समाज के लिए आपस में लड़ रहे हैं, लेकिन देश के लिए कोई नहीं लड़ रहा है। देश के लिए लड़ने के लिए सभी समाज को एक जैसा सोचना होगा और तभी देश को बचाने में समाज की बड़ी भागीदारी और भूमिका होगा। संघ प्रमुख ने यह भी कहा कि लोग अपने स्वार्थ के लिए नहीं देश के लिए सोचकर काम करें आज समाज के 131 बस्ती की बहन देशहित में काम करने लिए इस सभा में पहुंचे है और हमेशा इसी तरह देश को बचाने के लिए पहुंचे।

नक्सलियों के अत्याचार से आदिवासियों को बचाने मोहन भागवत से निवेदन

रायपुर। सांइस काॅलेज में आयोजित सामाजिक समरसता के तहत आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बौद्धिक कार्यक्रम में आदिवासी गोड समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन सिंह टेकाम ने बताया कि नक्सलियों द्वारा आदिवासियों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मोहन भागवत से निवेदन किया कि नक्सली से आदिवासियों को बचाए, क्योंकि बस्तर में नक्सलियों का कहर है और आदिवासियों को परेशान किया जा रहा है। जिस प्रकार देश में संघ काम कर रहा है ठीक उसी प्रकार नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों से मुक्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलियों की समस्याओं से आदिवासियों को परेशानी हो रही है । कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अलावा महानगर कार्यवाह उमेश अग्रवाल भी मौजूद रहे ।

साइंस काॅलेज में RSS प्रमुख मोहन भागवत की सामाजिक समरसता सभा शुरू

रायपुर। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की साइंस काॅलेज में सभा शुरू हो गई है। इस सभा में न स्वयं सेवकों को मोहन भागवत बौद्धिक देंगे। इस सभा में पहली बार बस्ती के लोगों को शामिल किया गया है। मोहन भागत सामाजिक समरसता को लेकर बौद्धिक देंगे। आपको बता दें कि मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ आए हैं। पहले दिन उन्होंने सभी 106 अनुषांगिक संगठनों की बैठक ली और कामकाज की समीक्षा की। इसके बाद दूसरे दिन सोमवार को उन्होंने भाजपा के नेताओं से मुलाकात की। इसमें राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साय शामिल थे। इसके अलावा आरएसएस संगठन के जुड़े प्रमुखों और कार्यकर्ताओं से भी चुनाव को लेकर बात की है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के साथ प्रांत संघ चालक बिसराराम यादव शामिल है।

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से पूछा सवाल, पढ़े पूरी खबर 

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीगसढ जे. के सस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से सवाल पूछा है। उन्होंने इन सवालों का जवाब भी मांगा है। अजीत जोगी ने पूछा है कि भाजपा आज संघ की शय पर वन्देमातरम् कहने बाबत् हाय् तौबा मचा रही है। लेकिन आजादी के आन्दोलन में  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन के समय राष्ट्रपिता के नेतृत्व में देश भक्त क्रांतिकारी वन्दे मातरम के उदभोष के साथ अंग्रेजी हुकुमत का जब विरोध कर रहें थे उस समय संघ के तत्कालीन  पदाधिकारी एवं स्वयं सेवको ने वन्देमातरम की आवाज क्यो बुलंद नहीं की ? देश की आजादी प्राप्ति तक संघ की कोई सक्रिय भूमिका आजादी के इतिहास में कही नहीं थी संघ एवं भाजपा के पूर्वजो में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्यों नहीं है?  उन्होंने पूछा है कि देश की आजादी के लगभग  70 वर्ष बाद अर्थात गत वर्ष 2017 गणतत्र दिवस पर पहली बार संघ मुख्यालय नागपुर में देश की आन बान व शान का प्रतीक राष्टध्वज सभी गंणतत्र एवं स्वतंत्रता दिवस पर क्यों नहीं फहराया गया ? क्या यह संघ के देश प्रेम या देश भक्ति पर प्रश्न चिन्ह लगाने वाला कृत्य नहीं है।

1. देश के स्वातंत्रता आदोलन में भाजपा के वरिष्ठ नेता दृव श्यामाप्रसाद मुखर्जी एवं दीनदयाल उपाध्याय एवं आजादी के पूर्व के संघ प्रमुख सहित स्वयं सेवको ने अंग्रेजी हुकुमत के खिलाफ आंदोलन प्रदर्शन धरना तथा किसी भी तरह का विरोध दर्ज क्यों नहीं किया ?

2. अंग्रेजो के डिवाईड एंड रूल नीति बाबत् आपकी क्या सोच एवं राय है ? क्या भारत रत्न डाॅ. भीमराव अम्बेडकर रचित धर्मनिरपेक्ष सविधान पर आप या संघ परिवार विश्वास करता है ? 

3. क्या आप देश हित में देश के सेकुलर सविधान को यथावत रखने के पक्षधर है? 

4. क्या आप आरक्षित वर्ग के आरक्षण को यथावत रखने के पक्ष में है ? 

5. आपने बिहार विधानसभा चुनाव के समय आरक्षण की समीक्षा की जायेगी कहा था, उससे आपकी मंशा क्या है ? 

6. केन्द्रीय मंत्री हेगडे के द्वारा गत दिवस सार्वजनिक रूप से घोषणा की गई है कि भाजपा सेकुलर संविधान को बदलने के लिए ही सत्ता में आई है। हेगडे के इस कथन पर आपकी या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नही की गई ? 

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