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21-08-2020
प्रदेश अध्यक्ष साय और नेता प्रतिपक्ष कौशिक अपने विधायक के कृत्य पर माफी मांगे : विकास तिवारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं सचिव विकास तिवारी ने पूर्ववर्ती रमन सरकार के पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के द्वारा ट्विटर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को तंज कसते हुए छत्तीसगढ़ की बहु बेटियों द्वारा मनाया जाने वाला तीजा के त्यौहार के पहले दिन करूं-भात खाने की परंपरा को तंज कसने के लिये उपयोग किया गया। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने पूछा कि क्या पूर्वमंत्री अजय चंद्राकर ने सनातन धर्म और रीति-रिवाजों का माखौल उड़ाना भाजपा कार्यालय में सीखा या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शाखा में सीखा इसका जवाब देना चाहिये और अपने वरिष्ठ विधायक के इस ट्वीट में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक का सहमति है और अगर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी की सहमति नहीं है तो तत्काल प्रदेश की लाखों तिजहारीन बहनों से भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई को हाथ जोड़कर माफी मांगना चाहिये और अगर भाजपा अपने वरिष्ठ विधायक के इस कृत्य पर प्रदेश की लाखों तिहार इन बहनों से माफी नहीं मांगेंगे तो इससे स्पष्ट हो जाएगा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता सनातन धर्म और रीति-रिवाजों का मखौल उड़ाना भाजपा कार्यालय और संघ की शाखा में ही सीखते हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को संघ की शाखाओं में महिला विरोधी होने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भाद्रपद शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि बुधवार को है, जिसे हरितालिका व्रत कहा जाता है। इस तिथि पर सुहागवती महिलाएं और युवतीयां निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव-पार्वती का पूजन करेंगी। सुहागिनें पति की लम्बी उम्र की कामना करेंगी तो युवतीयां अच्छे पति के लिए व्रत करेंगी। इस व्रत के महत्व को देखते हुए लोग इसकी तैयारियों मेें जुट जाते हैं। इसमें महिलाएं तीजा मनाने अपने मायके पहुंच रही हैं। हरितालिका व्रत के लिए  करू भात खाएंगी। इसके दूसरे दिन चौबीस घंटे के निर्जला व्रत करेंगी। सोलह श्रृंगार में भगवान शिव का पूजन कर कथा सुनेंगी। देर शाम तक महिलाएं एक-दूसरे के घर जाकर करू भात की रस्म निभाएंगी। तीज त्यौहार की परंपरा सैकड़ों सालों से निभाई जा रही है लेकिन मुद्दा विहीन और गुटबाजी से संक्रमित भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक द्वारा तीजा त्यौहार की परंपरा करु-भात पर राजनीतिक रूप से तंज कसने की यह नयी परंपरा का शुरुआत किया गया जिससे प्रदेश की लाखों तिजहारिन बहनों ने अपने आप को अपमानित महसूस किया है और कांग्रेस पार्टी पूर्वर्ती रमन सरकार के पूर्व मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर के ट्विटर में दिये गये बयान की घोर निंदा करती है और अजय चंद्राकर के इस ट्वीट पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय और विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक से स्पष्टीकरण की मांग करती है साथ ही कांग्रेस पार्टी का भी मांग करती है कि भाजपा विधायक के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश की तिजहारिन बहनों से हाथ जोड़कर माफी मांगना चाहिए। राजनीति में इतना गिर कर और सनातन धर्म रीति-रिवाजों का अपमान कर कटाक्ष और तंज कसना भाजपा नेता बंद करे। पूर्वर्ती रमन सरकार के पूर्व मंत्री का यह ट्वीट महिला विरोधी मानसिकता का परिचायक भी है।

 

16-08-2020
कौशल्या माता के सालों-साल उपेक्षा पर आरएसएस प्रमुख की चुप्पी राम भक्तों को चुभ रही है : विकास तिवारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं सचिव विकास तिवारी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के छत्तीसगढ़ आगमन पर सवाल पूछते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य माता कौशल्या का मायका और भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम राम का ननिहाल है और माता कौशल्या के जन्मभूमि विवाद पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को राम भक्तों को जवाब देना चाहिये,संघ प्रमुख की चुप्पी समूचे विश्व के राम भक्तों को चुप रही है। प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह और पूर्व धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल जो कि संघ के ही स्वयंसेवक हैं उन्हें बुलाकर क्या वह पूछेंगे कि किन कारणों से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की माता कौशल्या के विश्व के एक मात्र मंदिर के गर्भ गृह में सालों-साल से ताला लगा हुआ रखा था और माता के भक्तों उनका दर्शन नहीं कर पा रहे थे क्या ऐसे कारण थे कि एक ओर पूरे देश में अयोध्या के राम मंदिर पर भाजपा और आरएसएस राजनीति कर रही थी वहीं दूसरी ओर अपने संघ समर्थित और स्वयंसेवक पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की सरकार के तीन कार्यकाल बीत जाने के बाद भी भगवान श्रीराम की माता कौशल्या का मंदिर विवाद नहीं सुलझाया जा सके। कौशल्या माता के मंदिर के गर्भ गृह में इक्कीस वर्षों तक ताला लगाकर रखा गया था क्या इन्हीं कारणों के चलते संघ प्रमुख मोहन भागवत माता कौशल्या के मंदिर चंदखुरी जाने से हिचक रहे हैं।

13-08-2020
Video : किन कारणों से संघ प्रमुख माता कौशल्या के जन्मभूमि विवाद पर खामोश रहे : विकास तिवारी 

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता व सचिव विकास तिवारी ने कहा है कि, आगामी दिनों में संघ प्रमुख मोहन भागवत का दो दिवसीय दौरा छत्तीसगढ़ राज्य में है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जन्मभूमि विवाद और मंदिर निर्माण का श्रेय लेने की होड़ में शामिल संघ प्रमुख डॉक्टर मोहन भागवत, कौशल्या माता के जन्मभूमि विवाद पर पिछले बीस सालों से खामोश क्यों थे? जबकि उनका लगातार दौरा छत्तीसगढ़ राज्य और राजधानी रायपुर में होता था। किन कारणों से भगवान राम की माता कौशल्या के जन्मभूमि में स्थित मंदिर गर्भ-गृह में लगे ताले पर संघ प्रमुख खामोश थे? अब जब वह दो दिवसीय प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं, तो कांग्रेस पार्टी उनसे पूछना चाहती है कि, क्या डॉक्टर मोहन भागवत भगवान माता कौशल्या के मंदिर चंदखुरी दर्शन के लिए जाएंगे? क्या वह यह जानने का प्रयास करेंगे कि, किन कारणों से पिछले बीस सालों से कौशल्या माता के मंदिर के गर्भ गृह में ताला लगा कर रखा गया था? इस विषय पर संघ समर्थित पूर्ववर्ती भाजपा की रमन सरकार,छत्तीसगढ़ राज्य की आरएसएस इकाई और विश्व हिंदू परिषद इकाई खामोश क्यों थी? इस बात की जानकारी क्या हुआ लेना उचित समझेंगे? 

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि, लगातार आरएसएस हिंदुत्व और भगवान राम जन्मभूमि विवाद की बात करती है,पर छत्तीसगढ़ राज्य में माता कौशल्या जन्मभूमि विवाद और राम वन गमन को हाशिए में रखे जाने के विषय पर चुप्पी साधे रखती है। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह खुद एक स्वयंसेवक हैं। लगातार संघ प्रमुख मोहन भागवत के सतत संपर्क में रहते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि, केंद्र की मोदी सरकार ने रामायण कॉरिडोर योजना की घोषणा की है। छत्तीसगढ़ राज्य के जगदलपुर शहर मात्र को ही इस परियोजना में शामिल किया गया है। जबकि यह सर्वविदित है कि,छत्तीसगढ़ राज्य पूर्व में कौशल राज्य था। माता कौशल्या का मायका था,भगवान राम का ननिहाल था। इसी कौशल राज्य के विभिन्न स्थानों से गुजर कर,रुक कर भगवान राम,माता सीता और  लक्ष्मण बहुत से स्थानों पर रुके। वनवास का समय व्यतीत किया, जो कि समूचे विश्व के राम भक्तों के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थल है।

09-08-2020
रमन और बृजमोहन की गुटबाजी के कारण प्रताड़ित हैं भाजपा कार्यकर्ता : विकास तिवारी

रायपुर। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी के अंदर गुटबाजी और पदों पर धनबल वालों की नियुक्ति का आरोप लगाया है। तिवारी ने कहा कि प्रदेश भाजपा में लगातार विधानसभा 2014 के पूर्व से ही गुटबाजी की जंग छिड़ी हुई है। इस कारण डॉ. रमन सिंह और धरमलाल कौशिक के नेतृत्व में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया और वह मात्र चौदह सीटों पर सिमट गई। वहीं दूसरी ओर प्रदेश में नगर निगम, नगर पालिका और पंचायत के चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। विकास ने कहा कि लगातार डॉ. रमन के चेहरे पर हो रही हार से भारतीय जनता पार्टी का एक बहुत बड़ा धड़ा नाराज, परेशान है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह इतनी बड़ी हार के बाद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी और अपने समर्थित विधायक धरमलाल कौशिक को नेता प्रतिपक्ष बनाने में सफल हो गए। 

विकास तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई लगभग खात्मे की कगार पर है। धन-पिशाचों, कमीशनखोरों के द्वारा पार्टी के शीर्ष पदों को उसी प्रकार खरीदा जा रहा है जिस प्रकार भेड़ बकरी की मंडी में व्यापारी से ग्राहक मोटी रकम देकर जानवर खरीदता है। विकास तिवारी ने मांग की है कि भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को जनता के बीच इस बात का स्पष्टीकरण देना चाहिए कि क्या प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष पद में खरीद-फरोख्त का काम हो रहा है और नहीं तो प्रदेश अध्यक्ष बने विष्णुदेव साय अब तक अपनी कार्यकरणी क्यों घोषित नहीं किए हैं? क्या बड़े पदों पर धन पिशाच बड़ी बोली लगाकर अपने समर्थकों को बैठाने की जुगत में है?

31-07-2020
प्रदेश भाजपा मृतप्राय हो गई है और गुटबाजी के भयानक संक्रमण से ग्रसित हो गई है: विकास तिवारी

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं सचिव विकास तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश इकाई को मृतप्राय और गुटबाजी के भयावह संक्रमण से ग्रसित बताया है। उन्होंने कहा कि लगातार 15 सालों के सत्ता सुख भोगने और अरबों खरबों रुपया कमीशन वसूली करने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के बचे खुचे नेता आपस में शीर्ष पद पाने के लिये टकरा रहे हैं,जिसके की कारण उन्हें गुटबाजी का भयावह संक्रमण हो चुका है। वही भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं और लगातार उपेक्षा के कारण वह मानसिक अवसाद से गुजर रहे हैं। जिसका की प्रत्यक्ष प्रमाण सोशल मीडिया और प्रदेश के प्रमुख समाचार पत्रों में पढ़ने को मिलता है कि भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता और कार्यकर्ता अब पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह उनके पूर्व मंत्रीमंडल के सदस्य और पूर्व मंडल आयोग के अध्यक्षों को किसी भी शीर्ष पद पर बैठे नहीं देखना चाह रहे हैं।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि इन नेताओं कारण ही प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया अब वह पुनः भाजपा के संगठन में शीर्ष पदों पर कब्जा करना चाह रहे हैं।विकास तिवारी ने कहा कि एक और जहां राष्ट्र और प्रदेश कोरोना महामारी से जूझ रहा है प्रदेश में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उनका मंत्रिमंडल,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम और उनका पूरा संगठन कोरोना कोविड-19 महामारी से लोगों की सुरक्षा करने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर भाजपा में चाउर चोर बाबा और उनके चालीस कमीशन खोर संगठन के शीर्ष पद में कब्जा जमाने मे समय बीता रहे हैं। इसके कारण भाजपा विपक्ष की भूमिका तक अदा नहीं कर पा रही हैं। आपसी गुटबाजी से संक्रमित भाजपा जनहित के मुद्दे नहीं उठा पा रही है उनके इक्का-दुक्का नेता ही प्रेस विज्ञप्ति जारी कर करने को ही विपक्ष की भूमिका समझ रहे हैं और भाजपा के युवा नेता लगातार अपनी उपेक्षा से कुंठित,चिंतित और मानसिक अवसाद से ग्रसित हो रहे हैं।

29-07-2020
पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान होता था वन्य प्राणियों का अवैध शिकार और गौ वंश की निर्मम हत्या : विकास तिवारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रीय पशु बाघ का अवैध शिकार छत्तीसगढ़ में भाजपा राज में अनवरत चल रहा था। विकास ने कहा कि इसके परिणामों का खुलासा कल दिल्ली से केंद्रीयमंत्री प्रकाश जावड़ेकर और केंद्रीय राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने किया है। राष्ट्रीय बाघ दिवस के एक दिन पूर्व केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 तक राज्य वार बाघों की जनगणना का विवरण प्रस्तुत किया जिसमें बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में 49 घटकर मात्र 19 ही रह गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा के रमन सरकार के संरक्षण में बाघों का अवैध शिकार होता रहा। क्या इसकी खुली छूट बाघ के शिकारियों को थी और राष्ट्रीय पशु बाघ का शिकार उनके खाल, दांत और अन्य अंगों की तस्करी के लिये किया जाता था जिसका मूल्य अंतराष्ट्रीय बाजारों में करोड़ों रु. होता है। 

विकास तिवारी ने कहा कि अप्रैल 2018 में उदंती सीतानदी रिजर्व में एक बाघ की खाल बरामद की गई और तब वह महकमे ने कहा दिया कि उसका शिकार ओडिसा में किया गया था। बाद में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने अपनी जांच में पाया कि बाघ छत्तीसगढ़ के उदंती सीतानंदी रिसर्व का ही था और उसका शिकार इसी इलाके में हुआ था तब के जंगल महकमे को एनटीसीए ने फटकार भी लगाई थी। तिवारी ने कहा कि इसी तरह छत्तीसगढ़ के भोरमदेव इलाके में नवम्बर 2011 में एक बाघिन का शिकार किया गया। इसमें भी तब के वन महकमे ने पूर्व मुख्यमंत्री के ही दबाव में लीपापोती की। तब यह सूचनाएं थीं कि भोरमदेव में बाघिन के शिकारी उनके ही करीबी थे। विकास तिवारी ने कहा कि रमन सरकार के समय प्रदेश के जंगल में अवैध कटाई तेजी से चल रही थी और बाघों का अवैध शिकार भी लगातार हो रहा था। केंद्र सरकार की रिपोर्ट में बताया गया है कि रमन सरकार के तत्कालीन वन अधिकारी 27 से अधिक बाघों की मौत का कारण बताने में अक्षम थे इससे स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ राज्य में राज राष्ट्रीय पशु बाघ की अवैध शिकार कर निर्मम हत्या की जाती थी जिस कारण पूर्ववर्ती सरकार के अधिकारी 27 से अधिक बाघ कैसे मारे गये यह जानकारी केंद्र सरकार को नहीं बता सके। तिवारी ने कहा कि क्यों राष्ट्रीय पशु बाघ का लगातार अवैध शिकार भी प्रदेश सरकार के संरक्षण में हुआ करता था इन सवालों का जवाब प्रदेश की जनता जानना चाहती है।

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