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25-08-2019
छत्तीसगढ़ के दुलारे पाटन के ब्रिगेडियर सुधीर मिश्रा ने पेरिस में किया पीएम मोदी का स्वागत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र और विधानसभा क्षेत्र पाटन के अंतर्गत आने वाले ग्राम धूमा के निवासी ब्रिगेडियर सुधीर मिश्रा ने फ्रांस में पीएम मोदी की यात्रा के दौरान उनकी आगवानी की। पारिवारिक सदस्य विकास तिवारी ने बताया कि ब्रिगेडियर सुधीर मिश्रा की प्रारंभिक शिक्षा छत्तीसगढ़ के पाटन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धूमा में हुई। प्रारंभिक शिक्षा के बाद सुधीर मिश्रा का चयन रीवा स्थित मिलेट्री स्कूल में हुआ। इसके बाद वे सेना में भर्ती हुए। ब्रिगेडियर सुधीर मिश्रा के पिता के नाम अश्वनी मिश्रा और माता का नाम चंपादेवी मिश्रा है। मध्यमवर्गीय कृषक परिवार के सुधीर मिश्रा का लक्ष्य सेना में भर्ती होकर देशसेवा का था। अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र होने के बाद भी वे सेना ज्वाइन किए और उनके इस निर्णय का माता पिता सहित परिजनों ने स्वागत किया। ब्रिगेडियर सुधीर मिश्रा फ्रांस में पदस्थ हैं और पीएम नरेंद्र मोदी की फ्रांस प्रवास के दौरान उन्होंने पीएम मोदी की आगवानी की। यह देश सहित प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है।

06-08-2019
भाजपा शासन में श्मशान घाट में भी घोटाला, जल्द होगा खुलासा : विकास तिवारी

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी एक और बड़ा खुलासा करने जा रहे हैं। प्रदेश में खर्च करके उजाड़ पड़े श्मशान घाट को लेकर उन्होंने विस्तृत जानकारी एकत्र की है, जिसके आधार पर भारतीय जनता पार्टी की रमन सरकार के खिलाफ श्मशान घोटाला के नाम से शीघ्र ही बड़ा खुलासा करने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अनेक घोटाले उजागर हो रहे हैं। अब श्मशान घाट घोटाला लोगों की जिज्ञासा का कारण बनेगा जहां सबको एक ना एक दिन पहुंचना है। उस जगह के नाम पर घोटाला अपने आप में कष्टदायक बात है।

25-07-2019
वेतन भुगतान राशि की हो मय ब्याज वसूली, दोषी अधिकारियों के खिलाफ हो कार्रवाई : विकास तिवारी

रायपुर। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने गुरुवार को कांग्रेस भवन में प्रेस कांफ्रेंस ली। इसमें उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के ओएसडी अरूण बिसेन की पत्नी जागेश्वरी बिसेन की नया रायपुर विकास प्राधिकरण में आईटी कंसलटेन्ट के पद पर नियुक्ति एवं प्रतिमाह लाखों रूपया वेतन भुगतान राशि को मय ब्याज वसूली की जाएं। उन्होंने कहा कि दोषियों पर दंडात्मक कार्यवाही की जाए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा से सवाल किया कि प्रदेश के 25 लाख पंजीकृत बेरोजागारों के साथ अन्याय करके अपने चहेतों को नियम विरुद्ध नियुक्ति क्यों दी गई। पत्रकार वार्ता में विकास तिवारी ने कहा कि जागेश्वरी बिसेन जहां एक ओर नया रायपुर विकास प्राधिकरण में लाखों रूपया वेतन लेकर कार्य करना बता रही थी। जबकि उसी दौरान उन्होंने एमबीए की पढ़ाई भी कर रही थी। इस प्रकार का कार्य पूरे विश्व में कहीं देखने को नहीं मिलता है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि उनके द्वारा की गई शिकायत की जांच कराकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के ओएसडी की पत्नी की फर्जी नियुक्ती द्वारा भुगतान की गई राशि की वसूली कर संबंधित अधिकारियों कर नियमानुसार कड़ी से कड़ी कार्यवाही करें। 

 

30-06-2019
कांग्रेस नेता ने भेजा नगर निगम को नोटिस

रायपुर। कांग्रेस नेता विकास तिवारी ने नगर निगम रायपुर को लीगल नोटिस भेजा है और अपने वकील आनंद ठाकुर, पीयूष भाटिया के मार्फत से कहा है कि ब्राह्मणपारा वार्ड क्रमांक 58 को विलोपित करने के श्रेणी में ही क्यों रखा गया। ब्राह्मणपारा वार्ड में से एक भी इंच जमीन किसी वार्ड में नही जुड़ रहा है बल्कि दो वार्ड का कुछ हिस्सा ब्राह्मणपारा वार्ड में जुड़ रहा है। विकास तिवारी ने अपने वकीलों के माध्यम से निगम अधिकारियों को कहा है कि ब्राह्मणपारा वार्ड को विलोपित न करें अन्यथा उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ेगी।

 

06-06-2019
चिटफंड कंपनी के लूट के पीछे थी भाजपा सरकार शामिल : कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार से चिटफंड कंपनियों पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर सवाल किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने विधानसभा और सार्वजनिक सभाओं में भी बताया था कि चिटफंड कंपनी के लूट के पीछे भाजपा सरकार शामिल हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि अरबों रुपए की जमा पूंजी लूटकर भागने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई प्रारंभ होने से राज्य की जनता में खुशी की लहर है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि विशेष न्यायालय अंबिकापुर के द्वारा एक चिटफंड कंपनी द्वारा ठगे गए व्यक्ति ज्ञानदास निवासी ग्राम सुमेरपुर लुण्ड्रा के आवेदन पर 20 से अधिक अभियुक्तों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच करने का आदेश पुलिस विभाग को दिया गया है। इसमें पूर्व सांसद अभिषेक सिंह और राजनांदगांव के पूर्व महापौर मधुसूदन यादव को आवेदक ज्ञानदास के आवेदन अंतर्गत धारा 153(3) संहिता एवं प्रस्तुत दस्तावेजों को सही मानते हुए सभी अभियुक्तों के ऊपर निवेश कराने के लिए धारा 10,निवेशकों के हित का संरक्षण अधिनियम 2005 अपठित धारा 346,पुरस्कार चिट्स और धन परिसंचरण योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम 1978 की धारा 34, अर्थशोधन विवरण अधिनियम 2002 एवं धारा 420,406,467,468,471 120 बी, 384 भारतीय दंड संहिता के तहत पर्याप्त आधार हो माना गया है न्यायालय द्वारा पुलिस विभाग को इस पर अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए आदेशित भी किया गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि पूर्व में दर्ज चिटफंड प्रकरणों में निर्दोष चिटफंड एजेंटों को तो जेल भेज दिया गया था पर मुख्य आरोपियों को पूर्ववर्ती सरकार द्वारा क्यों संरक्षण दिया जा रहा था।




 

27-05-2019
जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय में नेहरू की पुण्यतिथि व जयंती पर नहीं किया जाता है माल्यार्पण : विकास तिवारी

रायपुर। राजधानी रायपुर में स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में आज भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की 55वी पुण्य तिथि पर महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा पंडित नेहरू की प्रतिमा पर ना तो माल्यार्पण किया गया ना ही दीप प्रज्वलन किया गया। और जिम्मेदार अधिकारी यह कहते पाए गए कि हर साल यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी जब 11:30 बजे वहां पर पहुंचे तो पंडित नेहरू की प्रतिमा पर किसी भी प्रकार का माल्यार्पण नहीं किया गया था।

न ही दीप प्रज्वलित किया गया था प्रवक्ता द्वारा अपने पैसों से पंडित नेहरू की प्रतिमा के लिए माला मंगवाया गया और उन्हें माला पहनाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि 3 वर्ष पूर्व उनके द्वारा ही सूचना के अधिकार के तहत महाविद्यालय प्रबंधन से जानकारी मांगी गई थी कि पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती एवं पुण्यतिथि दिवस पर कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। चौंकाने वाले नतीजे सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त हुए पुण्यतिथि व जयंती पर पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा कभी भी कोई कार्यक्रम नहीं किया गया।

पूर्व में चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं से पूछा गया कि आप के समय में इस प्रकार के कोई आयोजन किया जाता था तो वहां से निकले हुए चिकित्सकों ने भी कहा कि उनके रहते में कभी भी पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में जयंती या पुण्यतिथि कार्यक्रम नहीं मनाया जाता था। प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि उनके द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग की गई है कि चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में पंडित नेहरू की प्रतिमा लगाई जाए जिसके लिए प्रवक्ता की माता सुषमा तिवारी द्वारा 11000 की राशि सरकार को प्रदान की गई है। जिसका उद्देश्य है कि कॉलेज में आने वाले चिकित्सक छात्र-छात्रा पंडित नेहरू की जीवंत प्रतिमा देख प्रेरणा ले सके।

11-05-2019
यास्मीन सिंह के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता की प्रतिक्रिया, कहा-आपके किसी भी मुकदमे की धमकी से भयभीत नही हूं

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं प्रदेश सचिव विकास तिवारी ने भाजपा सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के पूर्व मुख्य सचिव अमन सिंह की पत्नी यास्मीन सिंह के द्वारा सोशल मीडिया और अखबारों में दिए गए खंडन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कि प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि एक महिला होने के नाते यास्मीन सिंह का हमेशा स्वागत और सम्मान रहेगा लेकिन किसी भी तरह के गलत कामों पर,जिससे छत्तीसगढ़ के लाखों बेरोजगार आहत होते हो उस पर लगातार प्रतिवाद भी करते रहेंगे।

प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार यास्मीन सिंह का सम्मान नहीं करती तो प्रारंभिक जांच का आदेश नहीं देती यास्मीन सिंह को इस बात के लिए प्रदेश की भूपेश सरकार का आभारी होना चाहिये कि सरकार एक महिला के खिलाफ जांच के लिए एक महिला अधिकारी की तैनाती की है और तो और जांच का आदेश जारी करने वाली अधिकारी भी एक महिला ही है। यास्मीन सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ शिकायत कांग्रेस पार्टी के एक सदस्य ने की है मैं यास्मीन सिंह से पूछना चाहूंगा कि क्या कांग्रेस पार्टी और उनके सदस्यों को रमन सरकार के समय में हुए किसी भी तरह की अनियमितताओं कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करने का अधिकार नहीं है? क्या सारे अधिकार भारतीय जनता पार्टी के पास ही सुरक्षित हैं ? यास्मीन सिंह ने कहा है कि उनके और उनके परिवार वालों को राजनीतिक विद्वेष के तहत टारगेट किया जा रहा है, प्रवक्ता विकास तिवारी ने पूछा है कि यास्मीन सिंह और उनके पति स्पष्ट करें कि वह किस राजनीतिक दल से सबद्ध थे।

प्रवक्ता विकास तिवारी ने सवाल उठाया कि यदि यास्मीन सिंह और उनके पति छत्तीसगढ़ के हितों का ध्यान रखते तो छत्तीसगढ़ को छोड़कर नहीं जाते प्रदेश में जब भूपेश सरकार बनी तो सरकार ने कहीं भी यह आदेश जारी नहीं किया कि प्रदेश के बाहर से आये हुए लोग नौकरी छोड़ कर भागे या इस्तीफा देकर भागे, जो भ्रष्टाचार में लिप्त थे और रमन सरकार के साथ मिलकर गलत कामों को अंजाम देते थे। यास्मीन सिंह अपनी नियुक्ति का ठीकरा राज्य सरकार के अधिकारियों पर फोड़ा है उनके बयान में यह स्पष्ट है कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के अधिकारियों ने उन्हें नियुक्त किया था यही तो देखने लायक बात है किन-किन अधिकारियों ने आप की नियुक्ति की थी? किस आधार पर नियुक्ति दी गई थी? किस योग्यता और क्षमता को ध्यान में रखा गया था? आप कब कब कहां कहां पदस्थ रही? कितने समय कार्यालय में दिया? और कितना नृत्य कला को समय दिया। विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक समारोह में आपको कुल मिलाकर कितना भुगतान किया गया था? समारोह में जाने के लिए आपने किन विभाग प्रमुख से अनुमति ली थी? और वेतन जो कि 35 हजार था बढ़कर एक लाख कैसे हो गया?

प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि जहां तक मुकदमे का सवाल है तो वह उसका स्वागत करते है यह शिकायत तमाम तरह के दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर ही की गई है अगर सरकार आपसे राजनीतिक विद्वेष रखती तो आप और आपके पति का संपत्ति का जांच का प्रमाण भी जारी कर देती फिलहाल मामला आपके असंवैधानिक ढंग से किए गए नियुक्ति का है और यास्मीन सिंह से आग्रह है कि वह दिल्ली छोड़कर छत्तीसगढ़ में रहे और पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ जांच का सामना करें मैं आपके द्वारा किसी भी प्रकार के मुकदमे की धमकी से भयभीत नहीं हूँ।

10-05-2019
पूर्व सीएम के प्रमुख सचिव रहे अमन सिंह के खिलाफ PCC प्रवक्ता विकास तिवारी ने की शिकायत, जांच की सुगबुगाहट

रायपुर। पिछली सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह के प्रमुख सचिव रहे अमन कुमार सिंह के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद राज्य शासन के जांच के आदेश दिए जाने की बात सामने आ रही है, हालांकि अभी तक कोई अधिकृत जांच पत्र सार्वजनिक नहीं हुआ है। यह मामला आय से अधिक संपत्ति की शिकायत से जुड़ा है। आरोप है कि पद में रहते हुए अमन कुमार सिंह ने बेहिसाब संपत्ति अर्जित की है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के बाद प्रमुख सचिव रेणु पिल्ले को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। यह मामला उस वक्त सामने आया जब कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी ने मुख्य सचिव को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाते हुए बिंदुवार जांच की मांग की थी। मुख्य सचिव को भेजे गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया था कि भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी रहे अमन कुमार सिंह साल 2004 में तात्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के संयुक्त सचिव पद पर नियुक्त थे।

तब वह मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके परिवार के नाम पर कोई बड़ी संपत्ति नहीं थी। आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में अपनी पदस्थापना के दौरान उन्होंने करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई है। मुख्यमंत्री सचिवालय में रहते हुए दिन-ब-दिन शक्तिशाली होते चले गए। रमन सरकार के दौरान कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय उनकी मर्जी के बगैर संभव नहीं था। शिकायत में कहा गया कि तमाम संपत्तियां अमन कुमार सिंह ने अवैध तरीके से बनाई है। इनमें नई दिल्ली के महारानी बाग इलाके में एफ-5 ब्लॉक के फर्स्ट फ्लोर में करीब 12 करोड़ रुपये का मकान शामिल है। इसके अलावा शिमला में एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी के गेस्ट हाउस को करोड़ों रुपये में खरीदी, राजनांदगांव-खैरागढ़ रोड पर पत्नी यास्मीन सिंह के नाम पर पांच सौ एकड़ की बेनामी संपत्ति की खरीदी शामिल है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्होंने अरबो रुपये दुबई की Mashreq Bank, hdfc bank तथा सिटी बैंक में पत्नी के नाम पर जमा किए हैं। इसके अलावा दुबई में ही सैकड़ों बैंक अकाउंट में बेनामी संपत्ति जमा की गई है। विकास तिवारी ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि अमन कुमार सिंह ने जार्डन और सउदी अरब के बीच बन रहे नए शहर एनईओएम सिटी में सेटल होने के लिए दुबई का पासपोर्ट पाने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्य सचिव को भेजी गई शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अमन कुमार सिंह ने धनेली गांव के करीब 22 एकड़ जमीन किसी कंपनी के नाम पर खरीदा है। देवास के किसी कॉलोनी में मकान नंबर 53 सी और भोपाल के औद्योगिक क्षेत्र में 18 हजार स्क्वेयर फीट जमीन की खरीदी की है। उन पर यह भी आरोप लगाया गया है कि शासकीय शराब दुकानों में काम करने वाले व्यक्तियों की सप्लाई करने के लिए EAGLE HUNTER नाम की कंपनी बनाई गई है, जो अवैध शराब बिक्री के काम में भी लिप्त है। शिकायत में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि जनसंपर्क विभाग में सचिव रहते कई बड़ी अनियमितताएं की गई। प्रदेश के बाहर की कंपनियों को बड़ी धनराशि का भुगतान किया गया है। शिकायत में मांग की गई है कि उन तमाम नोटशीट का परीक्षण कर कार्रवाई की जाए। शिकायत में यह भी मांग उठाई गई है कि अमन कुमार सिंह की ओर से पिता की याद में भोपाल में बनाए गए वाइ एन सिंह मेमोरियल फाउंडेशन में आने वाली चैरिटी की भी बारीकी से जांच की जाए।

राज्य शासन को दी गई शिकायत में पत्नी यास्मीन सिंह की पीएचई विभाग में की गई नियुक्तियों पर भी सवाल उठाया गया है। शिकायत पत्र में कहा गया है कि प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए यास्मीन सिंह की नियुक्ति की गई थी। नियुक्ति के दौरान 35 हजार रुपये मानदेय तय किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया। वह 14 सालों तक संविदा अधिकारी के रूप में कार्यरत थी। आरोप यह भी लगाया गया है कि सरकार के विभिन्न आयोजनों में नृत्य प्रस्तुति के लिए उन्हें दिया जाने वाला मानदेय छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कलाकारों को मिलने वाले मानदेय से कहीं ज्यादा होता था। एक-एक कार्यक्रम के लिए डेढ़-दो लाख रुपये तक मानदेय दिया गया। इधर इस मामले में शिकायतकर्ता प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके द्वारा शिकायत की गई है और इस संबंध में सीएम हाउस से जांच के आदेश हुए हैं इस तरह की जानकारी मिली है।

 

 

 

 

 

 

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