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01-07-2020
तमिलनाडु: नवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन में हुआ बॉयलर ब्लास्ट, 6 की मौत 17 घायल

नई दिल्ली। तमिलनाडु के नेवेली में बड़ा हादसा हुआ है। यहां नवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन के बॉयलर में धमाका हुआ है। इस कारण घटना में 6 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं 17 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। आशंका जताई जा रही है कि घायलों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। घटना की सूचना पाकर मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची, जो हालात पर काबू पाने में जुटी हुई है। इस घटना की सूचना पाकर हालात का जायजा लेने जिला प्रशासन की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची है। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।बता दें कि इससे पहले 7 मई को नेवेली पावर प्लांट के बॉयलर में धमाका हुआ था तब 5 लोगों की मौत हो गई थी। 

 

13-06-2020
तीन राज्यों से ही एक दिन में मिले कोरोना के 7612 मरीज

नई दिल्ली। देश में इन दिनों हर रोज कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 11,458 नए मामले सामने आए हैं, जबकि इस दौरान 386 मरीजों की मौत हो गई। यानी मौत का कुल आंकड़ा भी अब 8800 को पार कर गया। वैसे तो देश के लगभग हर कोने से कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन 3 राज्यों ने देश की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे में यहां 66 फीसदी नए केस मिले हैं।कोरोना के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली से आए हैं। पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में 3493 कोरोना के नए मरीज मिले हैं। यहां कुल आकंड़ा अब एक लाख के पार पहुंच गया है। वहीं तमिलनाडु में 1982 नए मरीज सामने आए हैं। जबकि दिल्ली में पिछले 24 घंटे का आंकड़ा 2137 है। यानी अगर इन तीनों राज्यों के आंकड़े को मिला दें तो एक दिन अंदर यहां कोरोना के कुल 7612 नए मरीज मिले हैं, जबकि देश भर में इस दौरान 11,458 नए मामले सामने आए हैं। यानी 66 फीसदी मरीज सिर्फ इन तीन राज्यों से है।पिछले 24 घंटे के दौरान देश भर में कोरोना के 386 मरीजों की मौत हुई है। इनमें से 74 परसेंट मौत तो सिर्फ 3 राज्यों में हुए हैं। सबसे ज्यादा दिल्ली में 129 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद महाराष्ट्र में 127 मरीजों की जान गई। जबकि गुजरात में ये आंकड़ा 30 है। यानी इन राज्यों में पिछले 24 घंटे के दौरान 286 लोगों की मौत हुई है।अगर देश भर में कोरोना के आंकड़ों को ध्यान से देखा जाए तो 63 फीसदी मरीज सिर्फ 15 शहरों में है। महाराष्ट्र के 54.73 फीसदी केस सिर्फ मुंबई से है। तमिलनाडु के 70 प्रतिशत से ज्यादा केस चेन्नई से है। गुजरात में अहमदाबाद से 70.86 परसेंट केस है।

 

13-06-2020
24 घंटों में देश में कोविड-19 के संक्रमितों के रिकॉर्ड 11458 नए केस 

नई दिल्ली। कोरोना वायरस का कहर देश में लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में तो देशभर में कोविड-19 के संक्रमितों के रिकॉर्ड 11458 नए केस सामने आए हैं। वहीं इस बीच 386 लोगों ने जान गंवाई। इस तरह देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 3 लाख के पार हो गया, वहीं इस बीमारी से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में अब तक संक्रमितों की संख्या 308993 हो चुकी हैं। इनमें से 154330 मरीज ठीक होकर घरों को लौट चुके हैं जबकि 145779 सक्रिय मामले हैं। इस महामारी की वजह से देश में अभी तक 8884 लोग जान गंवा चुके हैं।

अच्छी बात यह है कि 49.47 प्रतिशत लोग स्वस्थ्य होकर लौटे हैं। शुक्रवार को भारत में संक्रमितों के 11458 नए मामले सामने आए जो देश में एक दिन की संख्या के हिसाब से रिकॉर्ड है। शुक्रवार को तमिलनाडु में कोरोना वायरस संक्रमण के 1982 नए मामले सामने आए और इस दौरान 18 लोगों ने जान गंवाई। इसके साथ ही राज्य में संक्रमितों की संख्या का आंकड़ा 40 हजार के पार हो गया। अब तक 397 लोगों की जान जा चुकी हैं। गुजरात और दिल्ली में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है

11-06-2020
तमिलनाडु में बाल सुधार गृह में 35 बच्चे कोरोना संक्रमित, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली। देश में कोरोना का कहर लगातार जारी है। महाराष्ट्र, दिल्ली समेत देश के विभिन्न राज्यों में संक्रमितों की संख्या में तेजी देखी जा रही है। इसी बीच तमिलनाडु के बाल सुधार गृह में 35 बच्चों कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद से हंगामा मचा हुआ है। इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। न्यायालय ने सरकार से पूछा है कि बच्चों में सक्रमण को रोकने के लिए क्या उपाए किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के रॉयपुरम स्थित बाल सुधार गृह में 35 बच्चों के कोरोना संक्रमित होने के मामले में स्वत: संज्ञान लिया और गुरुवार को राज्य सरकार से जवाब तलब किया। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति एस रवीन्द्र भट की खंडपीठ ने मामले का स्वत: संज्ञान लेकर की गई सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी किया। न्यायालय ने राज्य सरकार से पूछा कि बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए क्या उपाय किये गए? खंडपीठ ने इस सिलसिले में सरकार से रिपोर्ट मांगी है और सोमवार (15 जून) को मामले की सुनवाई करने का निर्णय लिया है। खंडपीठ ने एक प्रश्नावली तैयार करके भी देश के सभी राज्यों को भेजी है और उनसे बाल सुधार गृहों के संबंध में आंकड़े मांगे हैं।


वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने तमिलनाडु सरकार को फटकार लगाते हुए उसके रवैये पर सवाल उठाए। खंडपीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत ने बाल सुधार गृहों और संरक्षण स्थलों पर रह रहे बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए दिशानिर्देश जारी किये थे, इसके बावजूद इतने सारे बच्चे एक साथ कैसे संक्रमित हो गए? न्यायमूर्ति राव ने कहा, हमें बताया गया है कि बाल सुधार गृह का वार्डन कोरोना पॉजिटिव था। ऐसे में आखिर राज्य सरकार द्वारा सावधानी क्यों नहीं बरती गई? उन्होंने कहा, “देश के विभिन्न राज्यों में बहुत से बाल सुधार गृह एवं संरक्षण स्थल हैं। वहां के क्या हालात हैं? वहां किस तरह के कदम कोरोना संक्रमण रोकने के लिए उठाए गए हैं? क्या वहां पर कोई बच्चा कोरोना पॉजीटिव हुआ है? इस तरह की जानकारियों की एक प्रश्नावली हम राज्य सरकारों को भेज रहे हैं। न्यायालय ने कहा कि देश के सभी उच्च न्यायालयों की किशोर न्याय समितियां (जेजेसी) इस प्रश्नावली का प्रसार अपने-अपने क्षेत्र में करेंगी और संबंधित बाल सुधार गृह या प्रोटेक्शन होम से सारा डाटा एकत्रित करेंगी। ये समितियां सुनिश्चित करेंगी कि सभी राज्य सरकारें मांगी गई जानकारियां उपलब्ध कराएं। यह जानकारी उसके समक्ष छह जुलाई से पहले उपलब्ध करा दी जाए। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि वह छह जुलाई को ग्रीष्मावकाश के बाद न्यायालय खुलने पर देश के सभी राज्यों के बाल सुधार गृहों एवं संरक्षण स्थलों में बच्चों की सुरक्षा संबंधी मसले पर सुनवाई करेगी। गौरतलब है कि रॉयपुरम के बाल सुधार गृह में 35 बच्चे और पांच कर्मचारी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।

11-06-2020
सुप्रीम कोर्ट ने नीट रिजर्वेशन मामले में कहा, आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए आरक्षण को लेकर बड़ी टिप्पणी की। तमिलनाडु में नीट पोस्ट ग्रेजुएशन रिजर्वेशन मामले में अदालत ने कहा कि आरक्षण कोई बुनियादी अधिकार नहीं है। इसी के साथ अदालत ने तमिलनाडु के कई राजनीतिक दलों द्वारा दाखिल की गई एक याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। दरअसल, तमिलनाडु की कई पार्टियों ने सुप्रीम कोर्ट में नीट के तहत मेडिकल कॉलेज में सीटों को लेकर तमिलनाडु में 50 फीसदी ओबीसी आरक्षण के मामले पर याचिका दायर की थी। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में किसका मौलिक अधिकार छीना गया है ?

आपकी दलीलों से लगता है कि आप सिर्फ तमिलनाडु के कुछ लोगों की भलाई बात कर रहे हैं। डीएमके की ओर से अदालत में कहा गया कि हम अदालत से ज्यादा आरक्षण जोड़ने को नहीं कह रहे हैं, बल्कि जो है उसे लागू करवाने को कह रहे हैं। इसी दौरान जस्टिस राव ने कहा कि आरक्षण कोई बुनियादी अधिकार नहीं है, आप सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस लें और हाईकोर्ट में दाखिल करें। हालांकि, इस दौरान टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें खुशी है कि एक मसले पर सभी राजनीतिक दल एक साथ आएं हैं, लेकिन हम इस याचिका को नहीं सुनेंगे। हालांकि, हम इसे खारिज नहीं कर रहे हैं और आपको सुनवाई का मौका हाईकोर्ट के सामने दे रहे हैं।

 

10-06-2020
तमिलनाडु में दसवीं की परीक्षाएं निरस्त, सभी विद्यार्थियों को किया जाएगा प्रमोट

नई दिल्ली। तमिलनाडु के विद्यार्थियों के लिए राज्य के मुख्यमंत्री एडपाडि पलनीस्वामी ने बड़ी घोषणा की है। तमिलनाडु सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं निरस्त करने और सभी विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने मंगलवार को यह घोषणा की है। इसके अलावा कक्षा 11वीं के कुछ विषयों की परीक्षाएं जो पहले नहीं हो सकी थीं, उन्हें भी रद्द कर दिया गया है। सीएम ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों की राय है कि निकट भविष्य में यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में अभिभावकों की स्कूल खुलने को लेकर चिंताओं को देखते हुए 15 जून से होने वाली 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया है। 

अगली क्लास में प्रमोट होंगे छात्र :                                       

ऐसे में 10वीं के सभी विद्यार्थियों को बिना परीक्षा लिए अगली क्लास में प्रमोट किया जाएगा। विद्यार्थियों इंटरनल असेसमेंट के माक्र्स के आधार पर पास किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इससे संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि दसवीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी जाएं और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर सभी छात्रों को माक्र्स दिए जाएं।

ग्यारहवीं के बचे परीक्षाएं भी नहीं होंगे :

इसके अलावा सरकार ने ग्यारहवीं कक्षा की बची हुई परीक्षाओं को भी आयोजित नहीं कराने का आदेश दिया है। सरकार ने कहा कि ग्यारहवीं कक्षा के छात्रों को भी इंटरनल असेसमेंट के आधार पर माक्र्स दिए जाएंगे और इस टर्म में बची हुई परीक्षाएं देने की जरूरत नहीं है।

हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार :

बता दें कि सोमवार को मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा था कि वह नौ लाख से अधिक छात्रों के जीवन को जोखिम में नहीं डाल सकती और राज्य सरकार को प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर परीक्षा को स्थगित करने पर विचार करना चाहिए। हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए कहा कि अगर परीक्षा देने वाले 9 लाख छात्र कोरोना पॉजिटिव पाए गए या उन छात्रों में से एक की मृत्यु हो जाती है, तो सरकार क्या करेगी? मद्रास हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति विनीत कोठारी और न्यायमूर्ति आर. सुरेश कुमार की खंडपीठ ने शिक्षक संघ की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से यह बात कही थी। दरअसल, पहले राज्य सरकार परीक्षा कराने के पक्ष में थी, जिसके खिलाफ शिक्षक संघ ने याचिका दायर की थी।

10-06-2020
तमिलनाडु में कोरोना से डीएमके विधायक अंबाजगन का निधन

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस महामारी का खतरा हर दिन बढ़ता जा रहा है। इसी बीच कोरोना के कारण बुधवार को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के विधायक जे अंबाजगन का निधन हो गया है। वह 2 जून से अस्पताल में भर्ती थे। उन्होंने बुधवार सुबह लगभग सात बजे अंतिम सांस ली। द्रविड़ मुनेत्र अंबाजगन चेन्नई पश्चिम जिले में डीएमके सेक्रेटरी भी थे। डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने अंबाजगन के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। बता दें कि कोरोना वायरस से किसी जन-प्रतिनिधि की मौत का देश में यह पहला मामला है। निजी अस्पताल डॉ. रेला इंस्टीट्यूट ऐंड मेडिकल सेंटर ने एक बयान में कहा कोविड-19 के कारण उन्हें निमोनिया हो गया था, उनकी स्थिति गंभीर थी और उनकी तबियत तेजी से बिगड़ गई। अस्पताल ने बताया कि वेंटिलेटर पर रखे जाने सहित हर प्रकार की चिकित्सकीय सहायता के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

स्टालिन ने लिखी इमोशनल पोस्ट :

डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने अपने विधायक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। एमके स्टालिन ने इमोशनल पोस्ट भी लिखी। स्टालिन ने उन्हें भाई कहते हुए संबोधित किया और कहा कि वह हमेशा लोगों की सेवा के लिए समर्पित थे। लोगों के लिए वह एक जलती हुई मशाल थे। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के दौरान अंबाजगन ने कड़ी मेहनत की। खास तौर पर महामारी के समय लोगों तक डीएमके के अभियानों को लेकर गए। दुर्भाग्यवश वह भी कोरोना संक्रमित हो गए।

3 जून को वेंटिलेटर पर रखा गया था :

डीएमके ने जे अंबाजगन के बलिदान को सलाम किया है और अपने सभी निर्धारित कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है। अंबाजगन किडनी संबंधी गंभीर बीमारी से पहले से ग्रसित थे। उन्हें 3 जून को वेंटिलेटर पर रखा गया था। उनके स्वास्थ्य में कुछ सुधार नजर आ रहा था, लेकिन सोमवार को उनकी तबियत काफी बिगड़ गई थी।

03-06-2020
तमिलनाडु से लौटे मानसिंह और साथियों को मनरेगा से मिला गांव में ही रोजगार

रायपुर। श्रमिक,कामगार आंखों में नये सपने लिए काम की तलाश में हर साल सैकड़ों मील दूर घर छोड़ कर चले जाते हैं। नारायणपुर जिले के धुर नक्सल प्रभावित टेमरूगांव के मानसिंह और उसके दो साथी रामसिंह और कुम्बूलाल भी ऐसे ही सपनों के साथ अपना घर छोड़कर तमिलनाडु राज्य निकल पड़े थे। कम पढे-लिखे लोगों को अच्छा काम मिलने के साथ ही शहरों में रहने-खाने की दिक्कत भी होती है, यह जानते हुए भी वह अच्छी कमाई की आस लिए निकल पड़े। कुछ दिन बीते ही थे कि कोरोना महामारी लॉक डाउन के चलते उनके सामने नया संकट आ खड़ा हुआ, काम-काज बंद हो गया। संकट की घड़ी में उन्हें एहसास हुआ कि घर में हर सहूलियत की चीजें आसानी मिल जाती हैं। मानसिंह और उनके साथियों को राशन खत्म होने से खाने-पीने की भी समस्या होने लगी।

कहीं से कोई मदद की उम्मीद की किरण नजर नहीं आयी। तब छत्तीसगढ़ सरकार से उन्होंने गुहार लगाई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मानसिंह जैसे हजारों प्रवासी श्रमिकों, कामगारों को वापस लाने के लिए अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया। संकट की घड़ी में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों को स्पेशल ट्रेन, बस आदि से सकुशल, सुरक्षित वापस घरों तक लाने का काम किया। मुख्यमंत्री न सिर्फ कामगारों को घर वापस लेकर आए बल्कि उनके रोजगार का प्रबंध भी किया। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां में छूट दी गई जिससे ग्रामीणों को काम मिले और उनकी रोजी-रोटी की समस्या दूर हो। सरकार ने अपने प्रवासी श्रमिकों को उनके निवास स्थल में ही मनरेगा के तहत रोजगार मुहैय्या कराया है।

इससे उनकी रोजी-रोटी की समस्या दूर हो गई है। मानसिंह ने इसके लिए मुख्यमंत्री का शुक्रिया अदा किया है। अब मानसिंग और उनके साथी अपने गांव ही में मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं। मनरेगा के अन्तर्गत छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर काम शुरू किए गए है। इन कार्यो से ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार दने के साथ जल संरक्षण, जल संचय और प्राकृतिक संसाधनों को सहेजने के काम हो रहे हैं। शासन के दिशा-निर्देशों के मुताबिक सभी कार्य स्थलों में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के उपाय किए गए हैं। इसके तहत मास्क या कपड़े से मुंह ढंककर रखने,साबुन से हाथ धुलाई और एक-दूसरे से शारीरिक दूरी बनाकर रखने के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

02-06-2020
दो लाख के करीब पहुंचा कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली अभी भी नियंत्रण से बाहर

दिल्ली/रायपुर। लॉक डाऊन 4 के बाद से कोरोना की रफ्तार और तेज हो गई थी और अब जबकि अनलॉक डाउट शुरू हो चुका है तो भी इसकी रफ्तार कम होती नजर नहीं आ रही है। यह चिंता का बहुत बड़ा कारण है। दिल्ली मैं तो कोरोना की रफ्तार डराने वाली नजर आ रही है। यही हाल महाराष्ट्र तमिलनाडु गुजरात का है। तसल्ली की बात यह है कि रिकवरी रेट हमारा बहुत अच्छा है। लेकिन सिर्फ रिकवरी रेट के भरोसे कोरोना से लड़ाई नहीं जीती जा सकती। यह खुश रहने के लिए ख्याल अच्छा है कि हमारा रिकवरी रेट अच्छा है लेकिन कोरोना के संक्रमण की रफ्तार पर ब्रेक लगाना बहुत जरूरी है। कोरोना का संक्रमण अगर नहीं रुकता तो स्थिति धीरे-धीरे भयानक हो सकती  है। अब अनलॉकडाउन में मिली छूट पता नहीं कोरोना की रफ्तार को कितना नियंत्रित करती है या फिर कोरोना अपनी रफ्तार से आगे बढ़ कर खतरनाक स्थिति की ओर बढ़ता जाएगा।

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से हाहाकार मचा हुआ है। भारत भी कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। देश में जारी लॉक डाउन के बाद भी कोरोना वायरस संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 8,171 नए मामले सामने आए हैं और 204 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद देश भर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 1,98,706 हो गई है, जिनमें से 97,581 सक्रिय मामले हैं, 95,527 लोग ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब तक 5,598 लोगों की मौत हो चुकी है।

08-05-2020
रायपुर में बदला मौसम का मिजाज, तेज हवा के साथ बारिश शुरू

रायपुर। राजधानी में अचानक मौसम ने करवट बदल ली है। देखते ही देखते आंधी-तूफान के साथ बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी कर मौसम का मिजाज जता दिया है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने कहा कि एक द्रोणिका विदर्भ से दक्षिण तमिलनाडु तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। 8 मई को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज चमक के साथ छींटे पड़ेंगे। एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। अधिकतम तापमान में मामूली वृद्धि संभावित है।

07-05-2020
हादसों का गुरुवार, तमिलनाडु में फटा बॉयलर, सात घायल, नासिक में फैक्ट्री में लगी भीषण आग

चेन्‍नै। गुरुवार देश के लिए हादसों का दिन साबित हुआ है। विशाखापट्टनम , रायगढ़ की दुर्भाग्‍यपूर्ण घटनाओं के बाद अब तमिलनाडु के नेवेली में बॉयलर फटने से सात लोग घायल हो गए हैं। राज्‍य के कुड्डालोर जिले में नेवेली लिग्‍नाइट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्‍लांट में यह हादसा हुआ है। घटना की सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़‍ियां मौके पर पहुंच गईं। भयानक विस्‍फोट के बाद लगी आग को बुझाने का काम जारी है। इससे पहले गुरुवार तड़के आंध्रप्रदेश के विशाखापत्‍तनम के पास एक केमिकल फैक्टरी में गैस रिसाव होने के बाद वहां 11 लोगों की मौत हो गई और करीब एक हजार लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। इसके बाद रायगढ़ में एक पेपर मिल में गैस लीक के चलते मजदूरों के बीमार होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 3 की हालत गंभीर है।

 फैक्ट्री में लगी भीषण आग
नासिक में फैक्ट्री में भीषण आग लग गई है। जानकारी के अनुसार यह आग नासिक में सातनपुर इलाके में लगी है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां पहुंच गई है। आग को बुझाने की कोशिश की जा रही है।

 

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