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15-05-2020
एपीएल कार्ड में 10 रुपए किलो में मिलेगा 2 किलो नमक 

रायपुर। शहर में लाॅक डाउन को ध्यान में रखते राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत सामान्य एपीएल राशन कार्डधारियों को आगामी 1 जून से नमक लेने की सुविधा दी गई है। कलेक्टर डॉ.एस भारतीदासन ने बताया कि सामान्य एपीएल राशन कार्डधारी नागरिक 10 रुपए किलो की दर से अधिकतम 2 किलो नमक प्रति राशनकार्ड प्रतिमाह की पात्रता निर्धारित की गई है।

12-05-2020
Video : नमक पर्याप्त मात्रा में,अफवाहों पर ध्यान न देने मंत्री की अपील

रायपुर। प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह भगत ने कहा है कि राज्य में कहीं नमक की कमी नहीं है। सभी जगह पर्याप्त मात्रा में नमक की उपलब्धता है। उन्होंने अपील की है कि नमक के संबंध में फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें। राज्य सरकार की ओर से नमक सहित खाद्य पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता तय की जा रही है। साथ ही इनमें कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है। राज्य सरकार प्रदेश के करीब 56 लाख 56 हजार राशन कार्डधारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से उचित मूल्य की दुकानों से निःशुल्क नमक प्रदान कर रही है।

03-04-2020
सार्वजनिक वितरण प्रणाली: 8 हजार 110 राशन दुकानों से खाद्यान्न वितरण शुरू

रायपुर। राज्य शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्डधारकों को अप्रैल और मई दो माह का चावल एक साथ वितरित करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत दो अप्रैल की स्थिति में 8 हजार 110 उचित मूल्य दुकानों से खाद्यान्न वितरण शुरू हो गया है। इस खाद्यान्न वितरण से 13 लाख 24 हजार 563 राशन कार्डधारी लाभान्वित हुए हैं। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राज्य में कुल 12 हजार 306 राशन दुकाने संचालित है। अब तक 7 हजार 011 दुकानों में दो माह का राशन और 11 हजार 407 दुकानों में एक माह का राशन भण्डारित किया जा चुका है।

राज्य में राशनकार्डों की कुल संख्या 65 लाख 39 हजार 184 है। इनमें अंत्योदय राशनकार्डों की संख्या 13 लाख 95 हजार 635, प्राथमिकता राशनकार्डाें की संख्या 42 लाख 6 हजार 423, एकल निराश्रित राशनकार्डाें की संख्या 38 हजार 302, अन्नपूर्णा राशनकार्डाें की संख्या 6 हजार 163, निःशक्तजन राशनकार्डाें की संख्या 9 हजार 823 और सामान्य (एपीएल) राशनकार्डों की संख्या 8 लाख 82 हजार 838 है।राज्य शासन के निर्देशानुसार राशन दुकानों से राशन सामग्री वितरण के दौरान उचित मूल्य के दुकानदारों द्वारा हितग्राहियों से बायोमेट्रिक्स प्रमाणीकरण नही कराया जाएगा। राशन सामग्री का वितरण आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से न करते हुए टेबलेट में हितग्राहियों का फोटो लेकर अथवा वन टाईम पासवर्ड के माध्यम से किया जाएगा।

 

25-03-2020
कोरोना संकट: अमरजीत भगत ने रामविलास पासवान से खाद्यान वितरण के लिए 2200 करोड़ रुपये की सब्सिडी मांगी

रायपुर। देशव्यापी 21 दिन के लॉकडाउन को देखते हुए प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बेहतर संचालन के लिए और सब्सिडी देने की मांग की है। बता दें कि मंत्री अमरजीत भगत ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान को पत्र प्रेषित कर कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के खाद्य एवं पोषण सुरक्षा एक्ट 2013 के तहत सभी राशन कार्डधारियों को अग्रिम तीन माह का चावल निशुल्क वितरण किए जाने की पहल होनी चाहिए। उन्होंने 10 रूपए किलो प्रति व्यक्ति चावल के हिसाब से राज्य सरकार को 2121 करोड रुपए की सब्सिडी देने की मांग की है। मंत्री भगत ने पत्र में लिखा है कि समस्त राशन कार्ड धारियों को मुफ्त में दो किलो नमक तीन माह के लिए प्रदान करने के लिए राज्य सरकार को 22.36 करोड़ तथा सभी राशन कार्ड धारियों को नि:शुल्क एक किलो शक्कर तीन माह के लिए प्रदान करने के लिए राज्य सरकार के लिए 63 करोड़ सब्सिडी की आवश्यकता महसूस कर राहत दिए जाने की मांग की है। लॉकडाउन का सीधा असर आम आदमी की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है, जिससे निम्न और मध्यम आय वाले परिवार प्रभावित होते हैं। सरकार की इच्छा है कि इस संकट के दौर में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें जिससे खाद्य सामग्री की कमी का डर लोगों के मन से दूर हो सके। आवश्यक खाद्य सामग्री का वितरण ना केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत आने वाले परिवारों को बल्कि सामान्य जनता को भी दिया जाना चाहिए।

कोरोना वायरस के नकारात्मक प्रभाव में सुधार के लिए राज्य सरकार को आवश्यक सहायता की जरूरत है। विशेषकर चावल,दाल,शक्कर,नमक के लिए जनता को पीडीएस के माध्यम से सहायता दी जानी चाहिए। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के प्रबंधन के तहत राहत देने के लिए अंत्योदय, प्राथमिकता, निशक्तजन, एकल, निराश्रित एवं अेपूर्णा श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को अप्रैल तथा मई 2020 का चावल एक मुश्त वितरण करने का निर्णय लिया गया है। निर्णय के तहत चावल निशुल्क वितरण किया जाएगा।

24-03-2020
कोरोना वायरस : संक्रमण रोकने के उपायों के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के राहत भरे फैसले, नहीं होगी परेशानी

रायपुर। राज्य शासन की ओर से कोरोना वाइरस का फैलाव रोकने के लिए युद्धस्तर पर किए जा रहे प्रयासों के साथ आम जनता की सहूलियत का भी पूरी संवेदनशीलता से ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर आम जनता के लिए अनेक कल्याणकारी फैसले लागू किए गए हैं। इन फैसलों से गरीबों, स्कूली बच्चों, आम नागरिकों और व्यापारी वर्ग सहित सभी लोगों को 31 मार्च तक लॉक डाउन के दौरान बड़ी राहत मिलेगी। 

छत्तीसगढ़ सरकार के उठाए गए कल्याणकारी कदम

1- राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशनकार्डधारकों को अप्रैल औऱ मई माह का चावल का एकमुश्त वितरण करने का निर्णय लिया है। इसके लिए खाद्य विभाग की ओर से आबंटन जारी करते हुए अंत्योदय, प्राथमिकता और अन्नपूर्णा श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को माह अप्रैल और मई के चांवल के साथ नमक और शक्कर का भी एकमुश्त वितरण माह अप्रैल में करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

2- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर अवकाश अवधि में स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इस योजना में मध्यान्ह भोजन के लिए 40 दिन का सूखा दाल और चावल बच्चों के पालकों को स्कूल से प्रदाय किया जाएगा। प्राथमिक शाला के प्रत्येक बच्चे को 4 किलोग्राम चावल और 800 ग्राम दाल तथा उच्चतर माध्यमिक शाला के प्रत्येक बच्चे को 6 किलोग्राम चावल और 1200 ग्राम दाल दी जाएगी।

3-आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों के लिए टेक होम राशन वितरण के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों को 31 मार्च तक बंद किया है। राज्य  सरकार ने इस अवधि में 3 से 6 वर्ष आयु के समान्य, मध्यम और गंभीर कुपोषित बच्चों को गर्म भोजन के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में 125 ग्राम रेडी टू ईट प्रतिदिन के मान से 750 ग्राम टेक होम राशन (रेडी टू ईट)का अनिवार्य रूप से वितरण के निर्देश दिए हैं । शेष हितग्राहियों को भी पात्रता अनुसार रेडी-टू-ईट का वितरण यथावत जारी रहेगा। 

4- प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अनुज्ञा, परमिट, लायसेंस इत्यादि नवीनीकरण कराने की समय-सीमा एक माह की वृद्धि की गई है।

5- राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों की पेशी एक अप्रैल या उसके पश्चात रखने के निर्देश दिए गए हैं।

6- वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग ने छत्तीसगढ़ बाजार मूल्य की पुनरीक्षित दरें जो एक अप्रैल से लागू होती है, उसे एक माह बढ़ाकर अब एक मई कर दिया है। पंजीयन कार्यालयों में मार्च के माह में होने वाली भीड़ की समस्या को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय किया गया है।

7-प्रदेश के नगरीय निकायों में सम्पत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च को बढ़ाकर अब 30 अप्रैल तक कर दिया गया है।

8- कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम के उपायों के तहत छत्तीसगढ़ सरकार ने अल्कोहल आधारित हैण्ड सैनिटाईजर (हैण्ड रब साॅल्यूशन) के औद्योगिक निर्माण के लिए दो डिस्टिलरी को लाइसेंस दिया है।

9- कोरोना के उपचार में लगे स्वास्थ्य विभाग के अमले को विशेष भत्ता देने का फैसला।

10- राज्य के सभी निजी संस्थानों, कारखानों, अस्पतालों, मॉल, रेस्टोरेंट आदि के नियोजकों से मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों एवं कर्मचारियों की छंटनी नहीं किए जाने और कोरोना वायरस (कोविड-19) से पीडि़त होने या अन्य कारणों से बीमार होने पर संवैतनिक अवकाश प्रदान करने के साथ ही आवश्यकता पड़ने पर उनसे घरों से भी कार्य लिए जाने के निर्देश दिए हैं।

11-निम्नदाब उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग -बिलिंग पर 31 मार्च तक रोक, ‘हाफ रेट पर बिजली योजना’’ के तहत् मिलेगा एक मुश्त दो माह का लाभ।

15-03-2020
राशन दुकानों में 31 मार्च तक नहीं होगा बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण

रायपुर। शासकीय उचित मूल्य दुकानों में बायोमेट्रिक प्रणाली से हितग्राहियों का प्रमाणीकरण 31 मार्च तक प्रतिबंधित किया गया है। सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न और राशन सामग्री वितरण में आधार प्रमाणी करण को तत्काल प्रभाव से 31 मार्च तक स्थगित किया गया है। 31 मार्च तक उचित मूल्य दुकानदार बायोमेट्रिक्स प्रमाणीकरण नहीं करेंगे। टैबलेट में हितग्राहियों का फोटो लेकर ओटीपी के माध्यम से किया जाएगा। राज्य शासन की ओर से नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के सुरक्षात्मक उपाय के तहत यह आदेश जारी किया गया है।     

 

04-03-2020
अनियमितता बरतने पर राशन दुकान निलंबित, न्यायालय ने 8.42 लाख वसूली के दिए आदेश

रायपुर। शासकीय उचित मूल्य की दुकान ग्राम बकरकुदा को सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश के प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने के कारण निलंबित किया गया है। बिलासपुर जिले के विकासखण्ड मस्तुरी के ग्राम बकरकुदा में शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन वहां के विकास महिला स्व सहायता समूह द्वारा किया जा रहा था। न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मस्तुरी जिला बिलासपुर द्वारा विकास महिला स्व सहायता समूह बकरकुदा के अध्यक्ष, सचिव, विक्रेता से भौतिक सत्यापन के दौरान कम पाये गए सामग्रियों का प्रचलित बाजार मूल्य, आर्थिक लागत दर आठ लाख 42 हजार 666 रूपए 68 पैसे वसूल करने का आदेश पारित किया गया है। विकास महिला स्व सहायता समूह को वसूली की राशि सात दिवस के भीतर संबंधित विभाग के मद में जमा कराने के आदेश दिए गए हैं। बकरकुदा शासकीय उचित मूल्य कीे दुकान में भौतिक सत्यापन के दौरान संग्रहित होने वाले अनिवार्य स्टॉक के विरूद्ध 256.71 क्विंटल चावल, 11.74 क्विंटल शक्कर, 6.64 क्विंटल नमक एवं 58 लीटर मिट्टी तेल कम पाया गया। इसके साथ ही धान खरीदी के लिए 3 हजार 852 पीडीएस बारदाना में से 3 हजार 652 बारदाना जिला विपणन कार्यालय में जमा नहीं कराया गया है।    


 

28-02-2020
शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का फिर से होगा आबंटन, 16 मार्च तक आवेदन पत्र आमंत्रित

कोरिया। जिले के विकासखण्ड खड़गवां के ग्राम पंचायत पैनारी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान में अनियमितता पाये जाने के कारण दुकान को निरस्त कर शासकीय उचित मूल्य दुकान मेण्ड्रा में संलग्न कर दिया गया है। इसी तरह ग्राम पंचायत गिद्धमुड़ी में शासकीय उचित मूल्य दुकान को निरस्त कर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति खड़गवां में, ग्राम पंचायत बरमपुर में दुकान को निरस्त कर ग्राम पंचायत अखराडांड़ में, ग्राम पंचायत बंजारीडांड़ में दुकान को निरस्त कर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति बंजारीडांड़ में एवं ग्राम पंचायत गढ़तर में दुकान को निरस्त कर ग्राम पंचायत ठग्गांव में संलग्न किया गया है। पुनः आबंटन की कार्यवाही के लिए आदिम जाति सहकारी समिति, बहुउद्देशीय सहकारी समिति, महिला स्वयं सहायता समूह, वन सुरक्षा समिति एवं अन्य समितियों से 02 मार्च से 16 मार्च 2020 तक कार्यालयीन समय पर आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है। आवेदन पत्र खड़गवां अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के कार्यालय में प्रस्तुत किये जा सकते है। आवेदन पत्र के साथ दुकान संचालन के लिए पंजीयन प्रमाण-पत्र, बैंक खाते आदि से संबंधित जानकारी देनी होगी।

 

 

17-01-2020
पोटली में खुली सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान

दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा के पोटाली में नए पुलिस कैम्प के पास सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान खुली है, जो कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर आधारित है। दुकान पर आज से चावल, शक्कर, चना, गुड़ और नमक का वितरण शुरू हुआ है। ग्रामीण दुकान पर सामान लेने पहुंच रहे हैं।

13-01-2020
राशन कार्डधारियों को फरवरी और मार्च का एक साथ मिलेगा चावल,आदेश जारी

रायपुर। प्रदेश के राशन कार्डधारी उपभोक्ताओं को फरवरी और मार्च 2020 का चावल एक साथ मिलेगा। खाद्य विभाग की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली से प्रदेश के उचित मूल्य दुकानों से वितरण के लिए फरवरी और मार्च 2020 के लिए चावल का आबंटन एकमुश्त जारी कर दिया गया है। फरवरी और मार्च माह का चावल वितरण फरवरी में चावल उत्सव का आयोजन कर किया जाएगा। राशन कार्डधारी उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार एक ही माह का अथवा दोनों माह का चावल एक साथ उठा सकता है। उपभोक्ता को दो माह का चावल एक साथ लेने की बाध्यता नहीं है। उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार फरवरी माह का चावल फरवरी में और मार्च माह का चावल मार्च माह में उचित मूल्य की दुकानों से उठा सकता है। 

प्रदेश के 56 लाख 48 हजार अंत्योदय, प्राथमिकता, एकता निराश्रित, अन्नपूर्णा और नि:शक्तजन राशन कार्डधारियों को नमक, चना, शक्कर और बस्तर संभाग में वितरण के लिए गुड़ का आबंटन माह फरवरी के लिए जारी किया गया है। इसके अलावा सामान्य (एपीएल) राशनकार्डधारी उपभोक्ताओं के लिए भी माह फरवरी का आबंटन जारी किया गया है। खाद्य विभाग की ओर से मंत्रालय से जारी खाद्यान्न आबंटन आदेश में प्रदेश के प्रत्येक उचित मूल्य की दुकान में एक सप्ताह से 15 दिनों तक के लिए बड़ी मात्रा में चावल रखने के लिए सुरक्षित स्थान की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को दिए गए हैं। उचित मूल्य की दुकानों में नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से  भंडारित खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन निगरानी समिति के माध्यम से खाद्य विभाग के अधिकारियों से पुष्टि कराया जाएगा। 

राशन कार्डधारियों को दो माह का खाद्यान्न एक मुश्त वितरण करने के संबंध में जानकारी सभी उचित मूल्य के दुकानों में सूचना पटल पर प्रदर्शित करने के साथ ही संचार माध्यमों और मुनादी के माध्यम से उपभोक्ताओं को जानकारी देने कहा है। खाद्य विभाग की ओर से प्रदेश के प्रत्येक उचित मूल्य की दुकानों में चावल महोत्सव का आयोजन कर जन प्रतिनिधियों, निगरानी समिति के सदस्यों और कलेक्टर द्वारा नामांकित अधिकारियों के समक्ष राशन का वितरण कराया जाएगा। आदेश में कलेक्टर की ओर से और खाद्य एवं सहकारिता आदि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से भण्डारण और वितरण व्यवस्था सतत निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

31-10-2019
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मिलने के लिए मांगा समय, इस संबंध में करेंगे चर्चा...

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भेजकर उनसे मिलने के लिए समय प्रदान करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री बघेल प्रधानमंत्री से छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान के उपार्जन के संबंध में मिलना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाना है, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा चुकी है। मुख्यमंत्री बघेल ने इस संबंध में बीते 5 जुलाई और 25 अक्टूबर को भेजे गए पत्रों का हवाला देते हुए कहा है कि खरीफ वर्ष 2019-20 में किसानों के हित में समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 2500 रुपए प्रति क्विंटल किए जाने का निवेदन किया गया था और यदि किसी परिस्थिति के कारण भारत सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में इस अनुरूप वृृद्धि किया जाना संभव नहीं हो तो राज्य सरकार को इस मूल्य पर धान उपार्जित करने की सहमति विकेन्द्रीकरण खाद्ययान्न उपार्जन योजना के अंतर्गत दिए जाने का अनुरोध है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि राज्य के किसानों के व्यापक आर्थिक हित को देखते हुए  एमओयू की कंडिका एक की शर्त से शिथिलता प्रदान करते हुए राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली की आवश्यकता के अतिरिक्त उपार्जित होने वाले चावल (आरवा और उसना) को केन्द्रीय पूल में मान्य करने का भी अनुरोध किया है। इस संबंध में खरीफ वर्ष 2019-20 में एफसीआई द्वारा छत्तीसगढ़ से 32 लाख मेट्रिक टन चावल उपार्जन किए जाने की अनुमति प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश अतिशीघ्र संबंधितों को प्रसारित किए जाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने लिखा है कि अत्यंत महत्वपूर्ण विषय होने के कारण मेरे द्वारा पूर्व में 23 और 24 अक्टूबर को आपके कार्यालय में मिलने का समय चाहा गया था ताकि स्वयं इस विषय के सभी पहलुओं पर जानकारी से अवगत करा परंतु आपकी अन्य व्यस्तताओं के कारण मिलने का समय प्राप्त नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने खरीफ वर्ष 2019-20 के लिए छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन के संबंध में चर्चा के लिए शीघ्र समय प्रदान किए जाने का अनुरोध किया है।  

25-10-2019
बघेल ने मोदी को लिखा पत्र, कहा- 2500 रूपए प्रति क्विंटल धान खरीदने की दें सहमति

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर खरीफ वर्ष 2019-20 में किसानों के हित में समर्थन मूल्य को बढ़ाकर रूपए 2500 प्रति क्विंटल करने एवं यदि किसी परिस्थिति के कारण भारत सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में इस अनुरूप वृद्धि किया जाना संभव नहीं हो तो राज्य सरकार को इस मूल्य पर धान उपार्जित करने की सहमति प्रदान करने अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री ने साथ ही एफसीआई में 32 लाख मेट्रिक टन चावल उपार्जन की अनुमति प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधितों को अतिशीघ्र प्रसारित करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य 15 नवम्बर से प्रारंभ किया जाना है, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा चुकी है। गत जुलाई माह में भी पत्र लिखकर खरीफ वर्ष 2019-20 में किसानों के हित में समर्थन मूल्य को बढ़ाकर रूपए 2500 प्रति क्विंटल किए जाने का निवेदन किया गया था एवं यदि किसी परिस्थिति के कारण भारत सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में इस अनुरूप वृद्धि किया जाना संभव नहीं हो तो राज्य सरकार को इस मूल्य पर धान उपार्जित करने की सहमति विकेन्द्रीकृत खाद्यान्न उपार्जन योजना के अंतर्गत दिए जाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही राज्य के किसानों के व्यापक आर्थिक हित को देखते हुए एमओयू की कंडिका एक की शर्त से शिथिलता प्रदान करते हुए राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली की आवश्यकता के अतिरिक्त उपर्जित होने वाले चावल (अरवा एवं उसना) को केन्द्रीय पूल में मान्य करने का निर्देश संबंधितों को प्रसारित करने का अनुरोध किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके द्वारा केन्द्रीय खाद्य मंत्री को भी बीते सितंबर माह में पत्र लिखकर भारतीय खाद्य निगम में खरी्फ वर्ष 2019-20 में सरप्लस 32 एलएमटी चावल उपार्जन किए जाने की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि आपकी जानकारी में यह बात ध्यान में लाना चाहता हूं कि छत्तीसगढ़ के द्वारा पूर्व वर्षाें में भी प्रत्येक खरीफ सीजन में एफसीआई को सरप्लस चावल सेंट्रल पूल में अंतरित किया जाता रहा है। इससे जहां एक ओर प्रदेश के सभी क्षेत्रों विशेषकर दूरस्थ (रिमोट) क्षेत्रों में भी रहने वाले किसानों से धान का समर्थन मूल्य पर उपार्जन संभव हो सका है, वहीं दूसरी ओर उपार्जित धान का कस्टम मिलिंग के माध्यम से निराकरण कर चावल एफसीआई द्वारा उपार्जन किए जाने से एनएफएसए के लिए आवश्यक चावल की पूर्ति में राज्य की महत्वपूर्ण सहभागिता रही है। मुख्यमंत्री ने लिखा कि छत्तीसगढ़ गत खरीफ वर्षों की तरह खरीफ वर्ष 2019-20 में भी एनएफएसए के लिए एफसीआई को सेंट्रल पूल अंतर्गत चावल प्रदान किए जाने हेतु इच्छुक है। प्रदेश में खरीफ वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर 85 एलएमटी धान का उपार्जन होना अनुमानित है, जिससे निर्मित होने वाले कस्टम मिलिंग चावल 57.37 एलएमटी में से राज्य के द्वारा पीडीएस की आवश्यकता हेतु 25.40 एलएमटी चावल उपार्जन किया जाएगा। (सेंट्रल 15.48 एलएमटी, स्टेट पूल 9.92 एलएमटी) एवं सरप्लस चावल लगभग 32 एलएमटी एफसीआई को सेंट्रपूल अंतर्गत उपलब्ध कराया जा सकेगा। एफसीआई में चावल उपार्जन की मात्रा गत वर्ष भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मात्रा 24 एलएमटी की उसना चावल को बढ़ाकर 28 एलएमटी उसना चावल किए जाने एवं 4 एलएमटी अरवा चावल किए जाने का (प्रदेश में दो तिहाई राईस मिल अरवा किस्म की होने के कारण) अनुरोध है। मुख्यमंत्री ने लिखा है कि यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण होने के कारण मेरे द्वारा 23 एवं 24 अक्टूबर को आपके कार्यालय में मिलने का समय चाहा गया ताकि मैं स्वयं आपको इस विषय के सभी पहलुओं पर जानकारी से अवगत करा सकूं। संभवतः आपकी अन्य व्यस्तताओं के कारण मिलने का समय प्राप्त नहीं हुआ। धान खरीदी प्रारम्भ होने में कम समय शेष है। अतः कृपया उपरोक्त विशेष मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए किसानों के हित और एनएफएसए के अंतर्गत चावल की आवश्यकता की पूर्ति हेतु खरीफ वर्ष 2019-20 में एफसीआई में 32 एलएमटी चावल उपार्जन किए जाने की अनुमति प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश अतिशीघ्र संबंधितों को प्रसारित किए जाने का अनुरोध है।

 

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