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18-10-2018
Election Work: शिक्षाकर्मियों की ड्यूटी चुनाव कार्य में, पढ़ाई फिर होगी बाधित 

रायपुर। प्रदेश में जिन शिक्षाकर्मियों का संविलियन नहीं हो पाया है और जिनकी मांगें लंबित हैं, ऐसे शिक्षाकर्मियों का चुनाव कार्य में ड्यूटी लगा दिए जाने से उनमें रोष है। हालांकि वे अपनी नाराजगी खुले तौर पर नहीं जाहिर कर पा रहे हैं। ज्ञात हो कि शिक्षाकर्मी लगातार अपनी मांगों को लेकर तरह-तरह के प्रदर्शन और हड़ताल कर चुके हैं।

राज्य सरकार ने 8 साल तक की सेवा कर चुके शिक्षाकर्मियों का संविलियन कर दिया है।   शिक्षाकर्मियों की ड्यूटी चुनाव कार्य में लगाए जाने से बच्चों की पढ़ाई में बाधा पहुंचेगी और स्कूलों की व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा जाएगी। वैसे भी शिक्षाकर्मियों द्वारा लगातार हड़ताल  किए जाने के कारण शैक्षणिक कैलेंडर के हिसाब से अभी तक कोर्स पूरे नहीं हो पाए हैं। इसके चलते हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के विद्यार्थियों में अपनी पढ़ाई को लेकर चिंता है। 

इस संबंध में छत्तीसगढ़ शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय संघ के प्रांतीय सचिव आयुष कुमार पिल्ले ने कहा कि शिक्षकों को जो जिम्मेदारी दी जाएगी उसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। रही बात आक्रोश की तो वह शिक्षकों की अपनी-अपनी राय है।

18-10-2018
Shikshakarmi: ऑल इंडिया सिविल सर्विस खेल प्रतियोगिता में शिक्षक एलबी को भी मिलेगा जौहर दिखाने का मौका

रायपुर। ऑल इंडिया सिविल सर्विसेस खेल प्रतियोगिता जिसमें शासकीय सेवा में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों को अपनी खेल प्रतिभा का जौहर दिखाने का मौका मिलता है उसमें अब संविलियन प्राप्त शिक्षक को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है। अब तक स्थानीय निकाय का कर्मचारी मानकर शिक्षाकर्मियों को प्रतियोगिता से दूर रखा जाता था जिसे लेकर शिक्षाकर्मी कई बार विरोध प्रदर्शन भी कर चुके थे बावजूद इसके शिक्षाकर्मियों को नियमों के चलते प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका नहीं मिल पाता था लेकिन अब खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक ने अपने पत्र में यह स्पष्ट कर दिया है की शिक्षा विभाग में संविलियन प्राप्त शिक्षक (एलबी) सीधे चयन ट्रायल में भाग ले सकेंगे । ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज तैराकी प्रतियोगिता 2018-19 हेतु छत्तीसगढ़ दल के गठन हेतु चयन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है जो कि गांधीनगर गुजरात में आयोजित होनी है, जिसके लिए ट्रायल 28 अक्टूबर को बिलासपुर में खेल एवं युवा कल्याण परिसर में होना है । चयन ट्रायल में भाग लेने वाले वाले अधिकारी कर्मचारियों को शासन के नियमानुसार शासकीय कार्य पर मानते हुए विशेष अवकाश स्वीकृति दिया जाएगा साथ ही इस अवधि का यात्रा/दैनिक भत्ता भी इनको कार्यालय से देय होगा । 

शिक्षाकर्मियों ने कहा - जौहर दिखाने का मिलेगा मौका

ऑल इंडिया सिविल सर्विसेस खेल प्रतियोगिता में भाग लेना और जीत हासिल करना किसी भी शासकीय कर्मचारी के लिए गौरव का विषय होता है। अभी तक स्थानीय निकाय का कर्मचारी होने के नाते शिक्षाकर्मियों को यह अवसर प्राप्त नहीं हो पाता था । हमने गत वर्ष खेल विभाग के प्रमुख सोनमणि बोरा जी का भी ध्यान इस ओर आकर्षित कराया था बावजूद इसके नियमों का प्रावधान न होने के चलते शिक्षाकर्मियों को इसमें भाग लेने का मौका नहीं मिल पाया था लेकिन अब संविलियन प्राप्त कर चुके प्रदेश के शिक्षक संवर्ग को भी इस प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा जो कि स्वागत योग्य है और निश्चित तौर पर प्रदेश के प्रतिभाशाली शिक्षाकर्मी इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और शिक्षक संवर्ग का नाम रोशन करेंगे ।

विवेक दुबे, प्रदेश मीडिया प्रभारी, छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ 5093

06-10-2018
Cabinet Meeting: आखरी कैबिनेट बैठक से भी शिक्षाकर्मियों के हाथ लगी निराशा... नहीं हो पाई वेतन विसंगति दूर !

रायपुर। आज की कैबिनेट बैठक में भी शिक्षाकर्मियों के विषय में किसी प्रकार का कोई निर्णय नहीं लिया गया और इसके साथ ही यह तय हो गया कि सरकार अब अपने फैसले में किसी भी प्रकार का कोई संशोधन करने को तैयार नहीं है साथ ही लिपिक, आंगनबाड़ी और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी बड़ा झटका लगा है क्योंकि वह भी इस कैबिनेट बैठक पर उम्मीदें जमाए हुए थे । आज दोपहर 3 बजे देश की राजधानी दिल्ली में इलेक्शन कमिशन की महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस होनी है जिसमें सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पांच राज्यों में होने वाले चुनाव की घोषणा की जा सकती है इन राज्यों में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ भी शामिल है और आचार संहिता लगते ही सरकार किसी भी प्रकार की घोषणा करने का निर्णय लेने में असमर्थ हो जाएगी। इस लिहाज से आज की कैबिनेट बैठक को अति महत्वपूर्ण माना जा रहा था लेकिन आज की बैठक में भी ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया जिसे बड़ा या ऐतिहासिक निर्णय कहा जा सके । जिस प्रकार कर्मचारी संगठन नाराज चल रहे हैं उससे यह उम्मीद की जा रही थी कि आज के बैठक में उनके विषय में कोई निर्णय लिया जा सकता है।  

विसंगतियों से नाराज शिक्षाकर्मी सरकार के खिलाफ खुलकर आ रहे है सामने

जिन शिक्षाकर्मियों के वेतन में विसंगति नहीं है और जिन्हें संविलियन की सौगात मिल चुकी है उन्होंने तो चुप्पी की चादर ओढ़ ली है लेकिन वर्षबंधन और वेतन विसंगति के चलते नाराज शिक्षाकर्मी सरकार के खिलाफ खुलकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं और उन्होंने तो इस बार सरकार बदलने की धमकी भी दे रखी है । सरकार को इस बार शिक्षाकर्मियों की अनदेखी भारी भी पड़ सकती है क्योंकि वह सीधे-सीधे अपनी तुलना मध्यप्रदेश से कर रहे हैं जहां बिना किसी वर्ष बंधन के क्रमोन्नति के साथ संविलियन की सौगात मिली है जिसके चलते शिक्षाकर्मी वर्ग 3 के वेतन में वहां किसी प्रकार की कोई विसंगति नहीं है जबकि यहां न तो वेतन विसंगति को दूर की गई और न ही वर्ष बंधन को.... ऐसे में नाराज शिक्षाकर्मियों की संख्या संतुष्ट शिक्षाकर्मियों की संख्या से कई गुना ज्यादा है और वह सरकार का खेल बिगाड़ने के लिए पर्याप्त है ऐसे ही अन्य कर्मचारी संगठनों में भी जबरदस्त नाराजगी है जिसका सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है ।

26-09-2018
Shikshakarmi : कल होने वाली कैबिनेट बैठक पर शिक्षाकर्मियों की निगाहें, सरकार से विसंगतियों को दूर करने की अपील
 

बिलासपुर। कल होने वाली  कैबिनेट बैठक संभवत: वर्तमान सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक होगी इसलिए इस बैठक पर किसानों से लेकर कर्मचारियों तक की निगाहें टिकी हुई है क्योंकि यदि सरकार को उनके पक्ष में कोई फैसला लेना होगा तो इसी बैठक में सरकार इसके लिए प्रस्ताव पास करेगी इसी को देखते हुए कल होने वाली कैबिनेट बैठक का महत्व प्रदेश के उन सभी वर्गों के लिए जो चुनाव के ठीक पहले आंदोलित है बढ़ गया है । शिक्षाकर्मियों के संगठन छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ 5093 के पदाधिकारियों ने भी सरकार से इस अंतिम कैबिनेट बैठक में संविलियन में रह गई विसंगतियों को दूर करने की अपील की है । दरअसल सरकार ने शिक्षाकर्मियों की उम्मीदों को पूरा करते हुए उनका संविलियन तो किया लेकिन संविलियन आधा अधूरा रह गया क्योंकि संविलियन का लाभ उन्हीं शिक्षाकर्मियों को मिला जिनकी 8 वर्ष की सेवाएं पूर्ण हो चुकी थी और इस लिहाज से 40 हजार से भी अधिक शिक्षाकर्मी संविलियन से वंचित रह गए हैं और आज भी वेतन में लेटलतीफी समेत अन्य समस्यों से से जूझ रहे हैं, इसी प्रकार शिक्षाकर्मियों के एक बड़े वर्ग जिसमे सहायक शिक्षक आते हैं उनकी भी वेतन विसंगति को दूर नहीं किया गया है जो कि शिक्षाकर्मियों की एक प्रमुख मांग थी।

22 वर्षों की सेवा के दौरान न तो शिक्षाकर्मियों को पदोन्नति के पर्याप्त अवसर मिले और न ही क्रमोन्नति, जिसके चलते योग्यताधारी होने के बावजूद शिक्षाकर्मी एक ही पद पर मजबूरी में बने रह गए इसलिए प्रदेश का चाहे कोई भी शिक्षाकर्मी क्यों न रहा हो क्रमोन्नति उसकी सबसे प्रमुख मांग रही है और इस दिशा में भी सरकार द्वारा कोई पहल नहीं की गई। इसके अलावा पंचायत विभाग में अव्यवहारिक नियमों के चलते लगभग 3500 शिक्षाकर्मियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं मिल पाया है और जो दर-दर भटकने को मजबूर है को शिथिल कर उन्हें नौकरी देने की मांग भी संघ द्वारा बार-बार उठाई गई है बावजूद इसके सरकार द्वारा इस दिशा में कोई भी पहल नहीं किया गया है।  

संविलियन में रह गई विसंगतियों को लेकर शिक्षक संघ ने कराया ध्यान आकृष्ट संविलियन में रह गई विसंगतियों को लेकर छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ ने प्रदेश के मुखिया डॉक्टर रमन सिंह का ध्यान उनके अटल विकास यात्रा के दौरान बार बार आकृष्ट कराया है। शिक्षाकर्मियों के संगठन ने मुख्यमंत्री के अटल विकास यात्रा के दौरान "जो मिला उसका आभार और जो शेष उसके लिए मांग" की रणनीति के तहत मुख्यमंत्री को आभार व्यक्त करते हुए विसंगतियों से अवगत कराते हुए इस विषय में निर्णय लेने की  अपील की थी और यह  निरंतर जारी भी है। हर जिले में आभार सह मांग सम्मेलन के जरिये भी स्थानीय विधायकों और मंत्रियों को छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ ने आभार व्यक्त करते हुए संविलियन में रह गई विसंगतियों  से अवगत कराया है और उनसे इस विषय में निर्णय लेने की अपील की है।

इधर अटल यात्रा के आज शक्ति पहुंचने पर भी छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ की प्रांतीय महिला प्रतिनिधि श्रीमती कमला दपि गभेल, सक्ति ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र राठौर, मीना मरावी, महेंद्र प्रताप सिंह राठौर, रविंद्र राठौर द्वारा संविलियन के लिए आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री से कल होने वाली महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में शिक्षाकर्मियों के हित में निर्णय लेते हुए संविलियन में रह गई विसंगतियों को दूर करने की अपील की जाएगी। अब विधानसभा चुनाव के ठीक पहले होने वाले इस अंतिम कैबिनेट बैठक से प्रदेश के शिक्षाकर्मियों को भी उम्मीदें हैं क्योंकि विसंगतियों को दूर करने का इस सरकार के पास यह अंतिम मौका है और जो भी प्रस्ताव पास होगा वह इसी बैठक में होगा, इसलिए पूरे प्रदेश भर के शिक्षाकर्मियों की निगाहें कल होने वाली बैठक पर जमी हुई है।

क्या कहना है शिक्षाकर्मी नेताओं का

कल होने वाली कैबिनेट बैठक पर प्रदेश के सभी शिक्षाकर्मियों की निगाहें लगी हुई है हमने अपने संगठन की रणनीति के तहत मिले हुए सविलियन के लिए सरकार का आभार व्यक्त करते हुए संविलियन में रह गई विसंगतियों की ओर सरकार का ध्यान बार-बार आकृष्ट कराया है और शासन द्वारा इस विषय में हमे पहल करने का आश्वासन भी दिया गया, कल होने वाली कैबिनेट बैठक से हमारी उम्मीदें जुड़ी हुई है और हम चाहते हैं कि कल होने वाली बैठक में शिक्षा और शिक्षक हित को ध्यान में रखते हुए संविलियन में रह गई विसंगतियों को दूर किया जाए, वर्ष बंधन समाप्ति, वेतन विसंगति, क्रमोन्नति, पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति जैसे विषयों को लेकर हमने शासन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है और हम चाहते हैं कि कल इस विषय में सरकार द्वारा निर्णय लेकर संविलियन में रह गई विसंगतियों को दूर किया जाए।

संजय शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ 5093

दो दशकों की लंबी लड़ाई के बाद जाकर कहीं हमें संविलियन की सौगात मिल पाई है जिसके लिए हमने सरकार का आभार व्यक्त किया है लेकिन जिस प्रकार के संविलियन की कल्पना हमारे द्वारा की गई थी वह साकार नहीं हो पाई है। 8 वर्ष का बंधन लागू कर सरकार ने 40 हजार से भी अधिक शिक्षाकर्मियों को संविलियन से वंचित कर दिया है, वहीं शिक्षाकर्मी वर्ग 3 की वेतन विसंगति को भी दूर नहीं किया गया है। पूर्व सेवा की गणना कर क्रमोन्नति देने से शिक्षाकर्मियों को बड़ी राहत मिल सकती है जो कि हमारा जायज हक भी है इसके अलावा पंचायत विभाग में शिक्षाकर्मियों के परिजन अनुकंपा नियुक्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी दर-दर भटकने को मजबूर है इन्हीं सब समस्याओं को लेकर हमने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है और सरकार से अपील है की कल होने वाली कैबिनेट बैठक में इन विषयों पर निर्णय लेकर विसंगतियों को दूर करें।

विवेक दुबे, प्रदेश मीडिया प्रभारी छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ 5093।

 
25-09-2018
Shikshakarmi : सीपीएस की राशि खाते में जमा न होने से शिक्षाकर्मियों में गहरा आक्रोश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ बलौदा द्वारा लंबित सी पी एस की राशि प्रान खाते में शीघ्र जमा करने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बलौदा,विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बलौदा एवम् मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जांजगीर के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

ब्लॉक अध्यक्ष नरेश गुरुद्वान ने बताया की माह जनवरी से जून 2018 तक एवम् सर्व शिक्षा अभियान में कार्यरत शिक्षको का जनवरी 2016 से मई 2016 का तथा राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में कार्यरत शिक्षको का माह फ़रवरी मार्च 2016 एवम् माह मार्च अप्रैल 2017 की अंशदायी पेंशन योजना की राशि शिक्षक पंचायतो के प्रान खाते में जमा नही की गई है, इस सम्बंध में शिक्षा सचिव स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 30 सितम्बर तक लम्बित सीपीएस का निराकरण करने आदेश निर्देश जारी किया  है, संघ द्वारा लंबित सीपीएस को प्रान खाते में जमा करने 07 जुलाई 2018 को ज्ञापन सौंपकर लंबित राशि को जमा करने मांग की गई थी लेकिन विभागीय कर्मचारियों की उदासीनता के कारण समस्या का निराकरण नही हो रहा है। संघ ने लंबित सीपीएस की राशि शीघ्र जमा करने की मांग की गई है, शीघ्र जमा नही होने पर बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय की जावेगी।

12-09-2018
Strike: फेडरेशन की अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर उठने लगे गंभीर सवाल

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन ने 15 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है लेकिन अपनी घोषणा के बाद जो प्रारूप फेडरेशन ने शिक्षाकर्मियों के सामने रखा है उसे लेकर अब शिक्षाकर्मी ही सवाल उठाने लगे हैं कि आखिर यह किस प्रकार का अनिश्चितकालीन हड़ताल है और क्या इस प्रकार की लड़ाई से सरकार पर कोई असर पड़ेगा ।  क्या यही वह आर-पार की लड़ाई है जिसकी बात करते हुए फेडरेशन ने शिक्षाकर्मियों से जमकर सहयोग राशि वसूली और उन्हें आश्वस्त किया की संविलियन में रह गई विसंगतियों को उनके द्वारा दूर कराया जाएगा  लेकिन अब जो हड़ताल का प्रारूप सामने आया है उसके अनुसार तो 1-1 संभाग के शिक्षाकर्मी रायपुर आकर एक-एक दिन धरना प्रदर्शन करेंगे और जिस दिन अवकाश रहेगा उस दिन सभी शिक्षाकर्मियों को बुला लिया जाएगा ।

इसके साथ ही आम शिक्षाकर्मियों को यह गणित भी समझाया जा रहा है कि कैसे संभागवार तिथि निर्धारित कर आकस्मिक अवकाश के बल पर हड़ताल को आगे खींचा जाएगा लेकिन शायद उन्हें इस बात का अहसास नहीं है की जिन आम शिक्षाकर्मियों ने उनका साथ दिया है उन्होंने नेतागिरी करने के उद्देश्य से नहीं बल्कि अपनी मांगों की पूर्ति के लिए फेडरेशन का साथ देते हुए अन्य संगठनों को लताड़ा है क्योंकि यदि उन्हें ऐसा ही करना होता तो फिर पुराने संगठन क्या बुरे थे जिन्होंने कम से कम अब तक  कुछ परिणाम तो दिया है। इसके साथ ही शायद हड़ताल करने वाले नेताओं को यह भी नहीं पता है कि जब आकस्मिक अवकाश लेकर वह हड़ताल करने जाएंगे तो ऐसे में शासकीय रिकॉर्ड में उनकी हड़ताल में गिनती ही नहीं होगी.... हड़ताल तो तभी माना जाता है जब किसी संघ/संगठन के आह्वान पर एक साथ शिक्षाकर्मी हड़ताल की पूर्व सूचना देते हुए बिना किसी कार्यवाही से डरे हड़ताल पर जाते हैं और तभी शासन पर दबाव बन पाता है। कुल मिलाकर यह शासन पर दबाव बनाने की कम और अपनी साख बचाने की कोशिश ज्यादा नजर आ रही है और ऐसे में सरकार पर किसी प्रकार का कोई दबाव पड़ेगा और सरकार शिक्षाकर्मियों की कोई और मांग पूरी करेगी इसकी संभावना कम ही नजर आ रही है।

 

09-09-2018
Shikshakarmi : शिक्षाकर्मियों के संविलियन में रह गई कमियां भी होंगी दूर - रामसेवक पैकरा

अम्बिकापुर। सरगुजा में मुख्यमंत्री जी द्वारा शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा निश्चित रूप से ऐतिहासिक था। भले ही देर से घोषणा हुआ पर हमारी सरकार ने ही इस पुण्य कार्य को किया।सरगुजा का भविष्य गढ़ने की जिम्मेंदारी अब आपकी है । हमने आपकी मांगो को पूरा किया है अब आप की बारी है। अपने दायित्व निर्वहन में कोई कमी कसर नही रहनी चाहिये । सरगुजा का नाम शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल स्थान पर हो उक्त बातें छत्तीसगढ़ शासन के गृहमंत्री व सरगुजा के प्रभारी मंत्री रामसेवक पैंकरा ने शिक्षकों के संविलियन सह आभार कार्यक्रम में बोला।

इस दौरान रामसेवक पैंकरा ने अपनी पुरानी यादों को रखते हुए कि बताया कि एक समय ऐसा था जब चार पांच गाँवों के बीच मै ही अकेला मैट्रिक पास था , स्कूल कम थी , लोंगो का पढाई के प्रति रुझान कम था । हमारी सरकार  शिक्षा गुणवत्ता बढाने के लिए लगातार प्रयत्नशील है अब आपकी बारी है।  छत्तीसगढ़ पँचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ सरगुजा द्वारा राजमोहनी देवी भवन अम्बिकापुर में संविलियन आभार सह मांग कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।इस दौरान गृहमंत्री रामसेवक पैंकरा व अन्य अतिथियों के पहुचने पर ढोल ,नगाड़े व जबर्दस्त आतिशबाजी के साथ सभी का स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के द्वारा माँ सरस्वती के छाया चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

इसके बाद श्रीमती रेखा घोष, पूजा शाक्य,सुरजकांति गुप्ता ने सरस्वती वंदना का गान किया गया साथ ही इनके द्वारा स्वागत गीत से भी अतिथियों का स्वागत किया गया। संगठन के पदाधिकारियों द्वारा समस्त अतिथियों का पुष्पहार से स्वागत किया गया। स्वागत भाषण देते हुए सरगुजा संगठन के जिला अध्यक्ष मनोज वर्मा ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा- संविलियन हम शिक्षाकर्मियों का एक सपना था जिसे प्रदेश सरकार ने बिलकुल सहजता के साथ पूर्ण किया। संविलियन के लिए हर एक शिक्षाकर्मी सरकार का आभारी है। इसके साथ ही मनोज वर्मा ने कहा कि संविलियन में कुछ खामियां रह गई हैं अगर वे भी पूर्ण हो जाएं तो संविलियन सही मायनों में सार्थक होगी। मनोज वर्मा ने इस दौरान मांग की कि शिक्षाकर्मियों को क्रमोन्नति व पदोन्नति दिया जाए।

साथ ही संविलियन के लिए वर्ष बन्धन दूर करते हुए सहायक शिक्षकों के वेतन विसगतिं दूर किया जाए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह ने कहा कि हमारे वर्षों के संघर्ष का फल है संविलियन जो दशकों दशकों तक यादगार रहेगा। सरकार का यह बड़ा निर्णय निश्चित ही आने वाले समय में शिक्षा गुणवत्ता के क्षेत्र में दूरगामी सार्थक परिणाम लायेगा। विशिष्ट अतिथि के आसंदी से जिला पंचायत अध्यक्ष फुलेश्वरी पैंकरा ने कहा कि मैं सदैव आपके साथ हूँ। जब आप शिक्षाकर्मी थे तब भी आपके हितों के लिए सदैव प्रयत्नशील रही अब जब भी जरूरत होगी आगे भी मैं आपके साथ हूँ। भाजपा जिला अध्यक्ष अखिलेश सोनी ने कहा कि मैं भी शिक्षक का बेटा हूँ शिक्षकों के दर्द को अच्छे से समझता हूँ । मेरे अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान सरगुजा से ही शिक्षाकर्मियों के संविलियन के घोषणा से खुद को भी गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। सफल मंच संचालन सुशील मिश्रा,कंचनलता,नर्मदा मिश्रा,एवं संजय मानिकपुरी ने किया 

जिला सचिव नीतू सिंह ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में समस्त अतिथियों को संगठन की ओर से स्मृति चिन्ह भी दिया गया।ईस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए  जिला पंचायत अध्यक्ष फुलेश्वरी पैंकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रभात खलखो , पूर्व महापौर प्रबोध मिंज , रामकिशुन सिंह , भाजपा जिला अध्यक्ष अखिलेश सोनी , जिला उपाध्यक्ष अम्बिकेश केशरी, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया, भाजपा जिला महामंत्री राम लखन पैंकरा , भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष मनोज गुप्ता , भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मंजूषा भगत सहित अन्य भाजपा नेता उपस्थित रहे। साथ ही संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह , प्रदेश महामंत्री रंजय सिंह, प्रदेश सह सचिव ऋषिकेश उपाध्याय , सूरजपुर संगठन के जिंला अध्यक्ष अजय सिंह , बलरामपुर जिंला अध्यक्ष पवन सिंह , विनीता सिंह ,मुकेश मुदालियार जिला संयोजक सूरजपुर अतिथि के रूप उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सरगुजा संगठन के जिला अध्यक्ष मनोज वर्मा,भरत सिंह अमित सिंह, अरविन्द सिंह , काजेश घोष ,रोहिताश शर्मा, रामबिहारी गुप्ता , राजेश गुप्ता , लव गुप्ता , अनिल तिग्गा , प्रदीप राय , विक्रम श्रीवास्तव ,नाजिम खान, नीतू सिंह ,कुमुदिनी मिंज , कंचनलता श्रीवास्तव,प्रतिमा नामदेव,भूपेंद्र सिंह , रामकुमार रवि,राकेश दुबे , संजय चौबे , सुरित राजवाड़े , प्रभाकर सिंह, अजय वरदान, प्रशांत चतुर्वेदी , विशाल गुप्ता , डुमेश वर्मा, जगजीवन कैवर्त्य,लखन राजवाड़े, रमेश यागिक,राकेश पांडेय, रणबीर सिंह चौहान, अजय मिश्रा ,अमित सोनी,जवाहर खलखो,सुशिल मिश्रा,महेश यादव , सत्यप्रकाश गुप्ता, उजित मानिकपुरी , रामचंद्र सोनी, नागेंद्र सिंह , चंद्रदेव चक्रधारी, सविता सिंह,संगीता सिंह,अनिता तिवारी,हिना रिजवी, का सक्रिय योगदान रहा । साथ ही जिले के सातों विकासखण्ड के हजारों शिक्षाकर्मी कार्यक्रम में शिरकत किये।

यह रहे कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण

अतिथियों के आगमन के पश्चात सर्वप्रथम राजमोहनी देवी सभागार के बाहर मुख्य अतिथि रामसेवक पैंकरा व अन्य अतिथियों के द्वारा संविलियन गुब्बारे छोड़े गए। हरेंद्र सिंह ने बताया कि हम संविलियन के लिए दिल से आभारी है और दूर तलक यह संदेश भी देना चाहते हैं कि संविलियन से शिक्षाकर्मियों में ख़ुशी भी है।

शिक्षाकर्मियों ने गृहमंत्री का अभूतपूर्व स्वागत किया । ढोल नगाड़े आतिशबाजी के साथ जिस गर्मजोशी से स्वागत किया निश्चित ही संविलियन का परिणाम दूर तलक दिखने वाला है। साथ ही कार्यक्रम के दौरान बीच बीच में रमन सिंह जिंदाबाद के नारे भी लगे।

कार्यक्रम के दौरान संविलियन में रह गई खामियों को दूर करने मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र गृह मंत्री को सौंपा गया। प्रमुख मांगे रही समस्त पंचायत ननि एवं एल बी संवर्ग के शिक्षकों को भूतलक्षी प्रभाव से क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान करते हुए वर्तमान पद पर वेतन निर्धारण किया जावे  ,प्रधान पाठक प्राथमिक शाला, प्रधान पाठक माध्यमिक शाला, उच्च श्रेणी शिक्षक, ब्याख्याता एवं प्राचार्य के रिक्त पदों की पूर्ति अविलंब एल बी संवर्ग के शिक्षकों से किया जावे,ब्याख्याता (पंचायत नगरी निकाय) एवं शिक्षक (पंचायत नगरी निकाय) के वेतन के अंतर के आधार पर सहायक शिक्षक (पंचायत नगरी निकाय) के लिए समानुपातिक वेतनमान संरचना निर्मित कर वेतनमान का लाभ दिया जाए।संविलियन के लिए 8 वर्ष के बंधन को समाप्त करते हुए संविलियन से वंचित हुए शिक्षक (पंचायत नगरीय निकाय) संवर्ग का पूर्ण संविलियन किया जाए। साथ ही पंचायत शिक्षक संवर्ग एवं एल बी संवर्ग के लिए अनुकंपा के लंबित प्रकरणों में निहित तकनीकी जटिलताओं को दूर / शिथिल करते हुए तत्काल निराकृत किया जावे।

गृह मंत्री ने शिक्षकों को संविलियन आदेश देकर शुभकामनाएं दीं-गृह मंत्री जी ने सरगुजा जिले के टीएलबी और इएलबी संवर्ग के शिक्षको के संविलियन आदेश भी प्रद…


 

01-09-2018
Shikshakarmi : शिक्षाकर्मियों के धरना प्रदर्शन के दौरान नियमों का उल्लंघन करना पड़ा भारी

कवर्धा। सहायक शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले 28 अगस्त को किए गए एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के दौरान नियमों का उल्लंघन जिले के 6 शिक्षाकर्मी नेतृत्वकर्ताओं को भारी पड़ गया है ।  वीरेंद्र चंद्रवंशी, प्रेमनारायण शर्मा, तुलाराम सागर, दुर्गेश मेहरा, सुरेश सिंह ठाकुर और दिनेश जायसवाल ये वह शिक्षक है जिन्हें कलेक्टर ने धारा 144 के उल्लंघन में तीन दिवस के भीतर कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 3 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है । पत्र में लिखा गया है कि आप लोगों के द्वारा दिनांक को सामूहिक रुप से अवकाश लेकर जिला मुख्यालय कवर्धा में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया तथा भारत माता चौक से कलेक्टर कार्यालय परिसर तक रैली निकाला गया आपके द्वारा 50-60 लोगों की संख्या में अपने विभिन्न मांगों को लेकर दिनांक 28 अगस्त 2018 को जिला कार्यालय कबीरधाम के मेन गेट से जिला कार्यालय परिसर में प्रवेश कर शासन के विरुद्ध नारेबाजी और प्रदर्शन कर कार्यालय की शांति व्यवस्था को भंग किया गया जिसके कारण निर्वाचन तथा अन्य महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों में अत्यंत बाधा उत्पन्न हुआ जो कि आप लोगों के कदाचरण का प्रतीक है। इसके अतिरिक्त जिला कार्यालय कबीरधाम परिसर में तथा जिला कार्यालय के सौ मीटर की परिधि में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144(1) प्रभावशील होने के बावजूद भी आप लोगों के द्वारा 50-60 की संख्या में सामूहिक रूप से उपस्थित होकर शासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया. इस प्रकार आप लोगों का छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1965 के नियमों के विपरीत है। अतः आप तीन दिवस के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर उक्त कारण की क्यों ना आपके विरुद्ध कदाचरण एवं शासन विरुद्ध किए गए नारे बाजी तदनुसार वैधानिक धारा 144 दंड प्रक्रिया संहिता के उल्लंघन के कारण कार्यवाही किया जाए। नोटिस का जवाब समय अवधि में प्राप्त न होने अथवा आपके द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषप्रद न होने पर प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही की जाएगी जिसकी समस्त जवाबदारी आपकी होगी ।


शीर्ष नेतृत्व का अति उत्साह भारी पड़ गया जिले के शिक्षकों पर

ऐसा नहीं है कि इससे पहले शिक्षक संवर्ग या अन्य कर्मचारी संवर्ग ने ऐसा प्रदर्शन नहीं किया हौ लेकिन इस बार फेडरेशन के नेतृत्वकर्ताओं ने अतिउत्साह में कई गलतियां कर दी जिसके चलते यह परिस्थितियां बनी है। आंदोलन से पूर्व ही कई व्हाट्सप्प ग्रुप में जहां जिले के शीर्ष अधिकारी स्वयं मौजूद है फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक के नाम से ऐसे कई मैसेज डाले गए जिसमें किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत आने पर संवैधानिक मदद देने की बात लिखी गई थी साथ ही किसी भी प्रकार की कार्यवाही होने पर कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना देने की बात लिखी गई, कुल मिलाकर यह अधिकारियों को चुनौती देने जैसा था कि हम तो नियम का उल्लंघन करेंगे और यदि आप किसी भी प्रकार का कोई कार्यवाही करते हैं तो फिर आप के कार्यालय का तब तक अनिश्चितकालीन घेराव किया जाएगा जब तक आप वह आदेश वापस न ले ले और इसी प्रकार के मैसेज ने शासन/प्रशासन के गुस्से में घी डालने का काम किया है। बस इसी प्रकार के मैसेज ने पूरे मामले को बिगाड़ दिया और अब  जिले के शीर्ष अधिकारी ने नियमानुसार 6 शिक्षाकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है अब देखना होगा की फेडरेशन जिस के आव्हान पर यह हड़ताल किया गया था वह अपने साथियों को बचाने के लिए किस प्रकार आगे आता है या फिर यह शिक्षक स्वयं माफी मांग कर खुद को कार्रवाई से बचाते हैं।

29-08-2018
Shikshakarmi  : रायपुर दुर्ग और बिलासपुर में शिक्षा विभाग के संभागीय कार्यालय को मिली सहमति, पद भी हुए स्वीकृत

बिलासपुर। शिक्षाकर्मियों के शिक्षा विभाग में संविलियन के बाद शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की संख्या में भारी इजाफा हो गया है करीब 1 लाख नए कर्मचारियों को की संख्या को देखते हुए नए संभागीय कार्यालय की जरूरत महसूस की जा रही थी पूर्व सेट अप के अनुसार जहां बस्तर और सरगुजा में संभागीय कार्यालय खोला जा चुका है वही अब रायपुर दुर्ग एवं बिलासपुर में भी संभागीय कार्यालय को ले जाने को शासन द्वारा हरी झंडी दिखा दी गई है । स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने संभागीय कार्यालय प्रारंभ करने के लिए आज आदेश जारी कर दिया है इसके अनुसार पूरक बजट 2018 19 के प्रावधान के अनुसार रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर में संयुक्त संचालक शिक्षा संभागीय कार्यालय की स्थापना के लिए सहमति प्रदान कर दिया है। उपरोक्त कार्यालय के लिए 171 पद के लिए सेटअप की स्वीकृति भी प्रदान कर दिया है।

सभी संभागीय कार्यालयों में संयुक्त संचालक के 1, उपसंचालक के 1, सहायक संचालक के 2,सहायक संचालक योजना के 1,सहायक संचालक क्रीड़ा के 1, लेख अधिकारी के एक, स्टेनो ग्रेड-2 के 1, सहायक प्रोग्रामर के 1, सांख्यिकी अन्वेषक के 1, संभागीय समन्वयक के 1, स्टेनो ग्रेड 3 के 1 ,वरिष्ठ लेखा परीक्षक के 2, मुख्य लिपिक के 1, सहायक ग्रेड-3 के 3, कनिष्ठ लेखा परीक्षक के दो, लेखापाल के तीन,सहायक ग्रेड - 2 के 6, डाटा एंट्री ऑपरेटर के 6, स्टेनो टाइपिस्ट के 1, सहायक ग्रेड 3 के 10,वाहन चालक के 1, दफ्तरी के एक और भृत्य के एक पद के सहित कलेक्टर दर पर स्वीपर का एक पद स्वीकृत किया गया है ।



29-08-2018
Careless Teacher : शिक्षक की मनमानी, समय पर नहीं आते स्कूल, मैदान में खेलते दिखे बच्चे

कोटा। रतनपुर के भीम चौक स्थित शासकीय बालक प्राथमिक शाला में आज कोई शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए नहीं पहुंचा था। जिसकी जानकारी लगते ही पालर्कों ने इस मामले की जानकारी नगर के मीडिया कर्मियों को दी। जब वह मौके पर पहुंचे तो स्कूल दोपहर तक बंद रहा। इस बीच बच्चें मैदान में खेलते नजर आए उन्होंने जब बच्चों से जानकारी ली तो बताया गया कि आज कोई शिक्षक नहीं आया है जिसके चलते हम लोग मैदान में खेल रहे हैं। इस संबंध में बच्चों के पालकों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि नगर के भीम चौक में स्थित शासकीय बालक प्राथमिक शाला है। जहां आज कोई शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए नहीं पहुंचा है। जिसके चलते दोपहर 12 बजे तक स्कूल बंद है। बच्चे  मैदान में खेलते दिखे। वहीं स्कूल बंद मिला, जिसके चलते बच्चों के पालक  काफी नाराज है।

जब इस मामले में स्कूल के समन्वय बलराम पाण्डे से बात की गई तो उन्होंने बताया कि शिक्षाकर्मियों की हड़ताल है। दो शिक्षाकर्मी हड़ताल में चले गए हैं और एक मैडम है वह छुट्टी में है, लेकिन उनको जानकारी दे दी गई है। वह अभी स्कूल आ रही हैं। वही स्कूल के छात्र इस बीच बाहर मैदान में खेल रहे थे। मैदान में बालकों से पूछने पर बताया गया कि सुबह 10 बजे स्कूल खुलता है मगर अभी दो पहर 12 बज गए हैं । अभी तक शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचा  हैं। जब इस संबंध में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कोटा से जानकारी लिया गया तो उन्होंने बताया कि मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। हमें अभी आपसे इसकी जानकारी मिली है मैं तुरंत इसकी जांच करवाती हूं।

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